शनिवार, 28 मार्च 2026

Varanasi K Mother Halima Central School में वार्षिक परिणाम दिवस उत्साह और गरिमा के साथ मनाया गया

बेहतर प्रदर्शन करने वाले स्टूडेंट्स के चेहरे पर मुस्कान थी खास



dil india live (Varanasi). मदर हलीमा सेंट्रल स्कूल  (Mother Halima Central School) ज़ेरेगुलर में वार्षिक परिणाम दिवस बड़े उत्साह और गरिमा के साथ मनाया गया। इस अवसर पर अपनी-अपनी कक्षाओं में प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को विद्यालय के निदेशक नोमान हसन ख़ान तथा व्याख्याता इमरान हसन द्वारा प्रमाण- चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया गया।

जैसे ही विद्यार्थियों को वर्षभर की मेहनत का प्रतिफल प्राप्त हुआ, उनके चेहरों पर खुशी साफ झलक उठी। कक्षा में स्थान प्राप्त करने वाले छात्र-छात्राओं में विशेष उत्साह और उल्लास देखने को मिला। सभी विद्यार्थी विद्यालय के निदेशक के साथ स्मृति-चित्र खिंचवाने के लिए अत्यंत उत्सुक नजर आए।

विद्यालय के निदेशक नोमान हसन ख़ान ने सभी सफल विद्यार्थियों को हार्दिक बधाई दी। साथ ही, जो विद्यार्थी कुछ अंकों से स्थान प्राप्त करने से वंचित रह गए, उन्हें उन्होंने सकारात्मक मार्गदर्शन देते हुए और अधिक परिश्रम, एकाग्रता तथा लगन के साथ अध्ययन करने के लिए प्रेरित किया।

इस अवसर पर अभिभावकों की भी भारी उपस्थिति रही, जिससे कार्यक्रम की गरिमा और बढ़ गई। आयोजन को सफल बनाने में अंजना गुप्ता, इस्मत जहां, फ़रह जमाल एवं अबूज़र सिद्दीक़ी ने विशेष भूमिका निभाई। समग्र रूप से यह कार्यक्रम विद्यार्थियों के उत्साहवर्धन एवं उनकी उपलब्धियों के सम्मान का एक प्रेरणादायक अवसर सिद्ध हुआ।

Varanasi K VKM ki शोधार्थी आभा ने रचा इतिहास

डॉ. पूर्णिमा की शोधार्थी आभा शर्मा का प्रतिष्ठित फुलब्राइट FLTA कार्यक्रम के लिए चयन



dil india live (Varanasi). वाराणसी के VKM की मेधावी शोधार्थी आभा शर्मा, जो डॉ. पूर्णिमा, (अँग्रेजी विभाग, वसंत कन्या महाविद्यालय) की शोधार्थी हैं, उनका चयन विश्व-प्रसिद्ध  फुलब्राईट FLTA फेलोशिप के लिए फाइनलिस्ट के रूप में हुआ है। यह एक प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक प्रोग्राम है, जिसका उद्देश्य विभिन्न देशों के प्रतिभाशाली शिक्षकों को अमेरिका के विश्वविद्यालयों में भाषा एवं संस्कृति के आदान-प्रदान का अवसर प्रदान करना है। फाइनलिस्ट के रूप में चयनित होने के पश्चात अब उन्हें अमेरिका के विभिन्न प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों में से अपनी प्राथमिकताएं निर्धारित करनी होंगी, जिसके आधार पर अंतिम चयन किया जाएगा। इस उपलब्धि पर शिक्षाजगत में हर्ष की लहर है।


VKM के लिए भी गौरव का विषय

आभा शर्मा वर्तमान में स्त्री- विमर्श के क्षेत्र में सक्रिय हैं तथा भाषा और साहित्य के क्षेत्र में उनकी विशेष रुचि है। उनके इस चयन से न केवल उनके व्यक्तिगत प्रयासों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता मिली है, बल्कि यह वसंत कन्या महाविद्यालय के लिए भी गौरव का विषय है। डॉ. पूर्णिमा ने अपनी शोधार्थी की इस सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि आभा की यह उपलब्धि उनके समर्पण, परिश्रम और अकादमिक प्रतिबद्धता का परिणाम है।

आभा शर्मा ने अपनी इस सफलता के लिए महाविद्यालय की प्राचार्या प्रो. रचना श्रीवास्तव, विभागाध्यक्ष प्रो. निहारिका लाल, तथा मार्गदर्शक शिक्षकों प्रो. वनश्री और डॉ. विवेक सिंह के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त किया। साथ ही, उन्होंने अपनी मित्र अनन्या के निरंतर सहयोग और प्रोत्साहन के लिए भी विशेष धन्यवाद दिया। यह उपलब्धि निश्चित रूप से युवाओं को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपने कौशल को विकसित करने के लिए प्रेरित करेगी।

Nabi ki Beti जनाबे सैय्यदा Fatema का रौज़ा तोड़े जाने का हुआ काशी में विरोध

हाए जेहरा की सदाओं के साथ निकला जुलूस, उमड़ा हज़ारों का हुजूम



मोहम्मद रिजवान 

dil india live (Varanasi). वाराणसी में अंजुमन हैदरी चौक के तत्वावधान में शहर की मातमी अंजुमनों ने शनिवार को काली महल स्थित शिया मस्जिद से एहतेजाजी अलम का जुलूस निकाला। जुलूस अपने पारम्परिक रास्तों नई सड़क, दालमंडी, चौक, बुलानाला, मैदागिन, विशेश्वरगंज होता हुआ शिया जामा मस्जिद, दारानगर पहुंचकर जलसे में परिवर्तित हो गया। अंजुमन हैदरी के प्रेसिडेंट सैय्यद अब्बास मुर्तुज़ा शम्सी के निर्देशन एवं जनरल सेक्रेटरी नायब रज़ा के संयोजन में चल रहे इस जुलूस में बनारस की सभी मातमी अंजुमनों ने शिरकत की। जुलूस निकलने से पहले काली महल मस्जिद में शाद सीवानी और ज़ैन बनारसी ने अपने कलाम पेश किए। आयोजन में तक़रीर करते हुए मौलाना तौसीफ़ अली ने कहा कि जब रसूल के इस दुनिया से पर्दा फ़रमाने के बाद उनकी इकलौती बेटी जनाबे सैय्यदा फातेमा को इतना सताया गया कि उनको मर्सिया पढ़ना पड़ा और आज से 103 साल पहले मदीना स्थित उनके मक़बरे को ज़मींदोज़ कर दिया गया। आज हम उसी ज़ुल्म के ख़िलाफ़ अपनी आवाज़ बुलंद कर रहे हैं।



    ज्ञात हो कि आज से 103 वर्ष पूर्व इस्लामी माह शव्वाल की 8 तारीख को सऊदी अरब की तत्कालीन हुकूमत ने पैग़म्बर मुहम्मद (स.) की इकलौती बेटी जनाबे सैय्यदा फातेमा और 4 इमामों की क़ब्रों पर बने आलीशान रौज़ों को बुलडोज़र चला कर गिरा दिया था जिससे पूरी दुनिया में मुहम्मद (स.) के परिवार से आस्था रखने वालों में ग़म और गुस्से की लहर दौड़ गई थी। उसी दौर से आज तक बनारस में अंजुमन हैदरी के तत्वाधान में विरोध स्वरूप यह जुलूस उठाया जाता है और सऊदी सरकार से उन रौज़ों के पुनर्निर्माण की मांग की जाती है। इस मौके पर राष्ट्रपति के नाम हस्ताक्षरित मेमोरेंडम भेजा जाता है कि महामहिम यूनाइटेड नेशन्स के माध्यम से सऊदी अरब की सरकार पर दबाव बनवा कर उन रौज़ों के पुनर्निर्माण का रास्ता सशक्त करें।

    जुलूस में चल रहे हज़ारों अकीदतमंद "आले सऊद होश में आओ.. जेहरा का रौज़ा जल्द बनाओ" की आवाज़ बुलंद कर रहे थे। बनारस के उलेमा की क़यादत में चलने वाला ये जुलूस शिया जामा मस्जिद, दारानगर पहुंच कर जलसे में परिवर्तित हो गया। यहां प्रो. अज़ीज़ हैदर ने अपना कलाम पेश किया। मौलाना सैय्यद हैदर अब्बास, मौलाना तौसीफ़ अली ने तक़रीर करते हुए मदीना में मौजूद जन्नतुल बक़ी नामी क़ब्रिस्तान के एतेहासिक महत्व पर प्रकाश डाला एवं भारत सरकार से मांग किया कि वो उनकी आस्था का मान रखते हुए सऊदी सरकार पर दबाव बनाए और उनकी मांग को पूरा करने की कोशिश करे।

जलसे के बाद मजलिस को ख़िताब करते हुए मौलाना सैय्यद अमीन हैदर हुसैनी ने कहा कि रसूल और उनके घर वाले ही हमारे लिए सब कुछ हैं। हम उनके ऊपर किसी तरह का ज़ुल्म बर्दाश्त नहीं कर सकते यही वजह है कि आज 100 साल से ज़्यादा हो गए हम इस जुलूस को निकालकर दुनिया को बताते हैं कि हम ज़ालिम के साथ नहीं बल्कि मज़लूमों के साथ हैं। जलसे का संचालन सैय्यद अब्बास मुर्तज़ा शम्सी ने किया। जुलूस में शहर बनारस की सभी मातमी अंजुमनों समेत अंजुमन हैदरी के सभी पदाधिकारी एवं शहर के मोमिनीन हज़ारों की संख्या में मौजूद थे।

शुक्रवार, 27 मार्च 2026

Varanasi K सृजन सिंह ने किया बेहतरीन खेल कौशल का प्रदर्शन

जूनियर राष्ट्रीय नेटबाल प्रतियोगिता में उत्तर प्रदेश को मिला स्वर्ण पदक

    




dil india live (Varanasi). 38 वीं जूनियर राष्ट्रीय नेटबॉल प्रतियोगिता उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में आयोजित किया गया था जिसमें उत्तर प्रदेश टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए गोल्ड मेडल अपने नाम किया। उत्तर प्रदेश के बालक टीम मे वाराणसी जनपद के सृजन सिंह ने भी प्रतिभाग किया जिनके अच्छे खेल कौशल के बदौलत उत्तर प्रदेश की टीम ने फाइनल में हरियाणा को हराकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। टीम की इस उपलब्धि पर वाराणसी नेटबाल संघ में खुशी का महौल है और इस उपलब्धि पर वाराणसी नेटबॉल संघ के अध्यक्ष डाॅ. निशांत सिंह, महासचिव रणविजय यादव एवं सभी सदस्यों ने सृजन सिंह को हार्दिक बधाई दी एवं उनके उज्जवल भविष्य की कामना की।

VKM Varanasi की छात्राओं ने जाना ग्रीक कला के वर्गीकरण, उसके विकासक्रम का विस्तृत विवेचन

बताया “पश्चिमी कला में भौतिक सौंदर्य ही ले जाता है आध्यात्मिक सौंदर्य की ओर” 



dil india live (Varanasi). कमच्छा स्थित वसंत कन्या महाविद्यालय में चित्रकला विभाग द्वारा 26 मार्च 2026 को दोपहर 12 बजे “Foundation of Western Art: In Special Reference of Greece and Rome” विषय पर एक व्याख्यान का आयोजन किया गया, जिसके मुख्य वक्ता डॉ. अवधेश कुमार सिंह, निदेशक, आइफा रहे। इस व्याख्यान में पश्चिमी कला की आधारभूत अवधारणाओं, विशेषतः ग्रीक एवं रोमन कला की परंपराओं के माध्यम से कला और दर्शन के गहन अंतर्संबंधों पर सारगर्भित चर्चा की गई। 

मुख्य वक्ता डॉ. सिंह ने अपने व्याख्यान की शुरुआत पश्चिमी कला के परिचय से की। उन्होंने ग्रीक और रोमन कला की विशेषताओं पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए बताया कि पश्चिमी कला में यथार्थवाद के साथ-साथ भौतिकता का भी महत्वपूर्ण स्थान है। उन्होंने कहा कि “पश्चिमी कला में भौतिक सौंदर्य ही आध्यात्मिक सौंदर्य की ओर ले जाता है,” जो कला की गहनता और उसके दार्शनिक पक्ष को स्पष्ट करता है। साथ ही उन्होंने ग्रीक कला के वर्गीकरण से लेकर उसके विकासक्रम तक का विस्तृत विवेचन प्रस्तुत किया। व्याख्यान के दौरान छात्राओं को पश्चिमी कला की संरचना, सौंदर्य-बोध तथा उसके दार्शनिक आधारों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त हुई। 

कला और दर्शन एक-दूसरे के पूरक 
महाविद्यालय की प्राचार्या प्रो. रचना श्रीवास्तव ने शिक्षाविद् एनी बेसेंट के चित्र पर माल्यार्पण कर कार्यक्रम का औपचारिक उद्घाटन किया। अपने संबोधन में उन्होंने शिक्षा के समग्र स्वरूप पर प्रकाश डालते हुए कहा कि एनी बेसेंट की शिक्षा-व्यवस्था केवल ज्ञान तक सीमित नहीं थी, बल्कि वह व्यक्ति के सर्वांगीण विकास की पक्षधर थी। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि कला और दर्शन एक-दूसरे के पूरक हैं- उन्होंने कौटिल्य के भारतीय चिंतन के साथ-साथ प्लेटो और अरस्तू जैसे पाश्चात्य दार्शनिकों केे भी चिंतन का उल्लेख किया।

इससे पहले कार्यक्रम का शुभारंभ चित्रकला विभाग की अध्यक्ष डॉ. दीक्षा जायसवाल द्वारा स्वागत भाषण के साथ हुआ। उन्होंने अतिथियों एवं उपस्थित छात्राओं का जोरदार स्वागत किया। कार्यक्रम के अंत में डॉ. वर्षा सिंह ने धन्यवाद ज्ञापन एवं समापन भाषण की प्रस्तुति की। इस अवसर पर डॉ. सुनीता दीक्षित, डॉ. नेहा वर्मा, अन्य शिक्षकगण एवं चित्रकला विभाग के बी.ए. तथा बी.एफ. ए. की सभी छात्राएं भी उपस्थित रही।


UP K Varanasi Main आज मनाई जाएगी 'Choti Eid' की खुशियां

ईद के दूसरे रोज़ से मोमिन रखतें हैं '6 रोज़ा' फिर आती है छोटी "ईद" की खुशियां

जुमा होने से खुशियां हुई दोहरी 

हज़रत शाह तैय्यब बनारसी के आस्ताने पर जुटे अकीदतमंद (फाइल फोटो)


Varanasi (dil India live)। केवल बनारस में ही मनाई जाती है पूरी दुनिया में Choti Eid (छोटी ईद)। बनारस में ईद की खुशियां मनाने के बाद दूसरे दिन से फिर छह नफिल रोज़ा रखा जाता हैं और ईद के सातवें दिन फिर छोटी ईद की खुशियां मनाई जाती है। इस दौरान शहर के औरंगाबाद और मंडुवाडीह में choti Eid का मेला भी लगता है। आज लोगों ने ईद के छठवें दिन नफिल रोज़ा रखा है शाम में अज़ान की सदाओं पर खजूर और पानी से रोज़ा खोला जाएगा इसी के साथ choti Eid की खुशियों का दौर शुरू हो जाएगा। तमाम लोग एक दूसरे से गले मिलकर उन्हें choti Eid की मुबारकबाद देंगे। मौलाना इरशाद रब्बानी ने बताया कि इस बार जुमा होने से छोटी ईद की खुशियां दुगनी हो गई है। क्यों कि जुमा अपने आप में मोमिन की ईद है।

छोटी ईद और हज़रत शाह तैय्यब बनारसी का उर्स

मंडुवाडीह स्थित कुतुबे बनारस हज़रत शाह तैयब बनारसी रहमतुल्लाह अलैह का सालाना उर्स 'choti Eid' के रूप में मनाया जाता है। उर्स के मौके पर आस्ताना परिसर में दिन भर मेला लगा रहता है। मेले में विभिन्न व्यंजनों का लोग जहां लुत्फ लेते हैं वहीं बच्चे खूब मस्ती करते हैं। choti Eid के मौके पर हजरत शाह तैयब बनारसी के आस्ताने पर हाजिरी देने के लिए देश के कोने-कोने से अकीदतमंदों की जुटान होती है। शाम होते ही आस्ताने पर पैर रखने की भी जगह नहीं बचती। बाबा की मजार पर गुलपोशी व चादरपोशी कर फातेहा पढ़ने वालों का सिलसिला देर रात तक चलता रहता है। इस दौरान फज्र की नमाज के बाद कुरआनख्वानी के साथ ही उर्स शुरू होता है। वहीं इशा की नमाज के बाद कुल शरीफ में अकीदतमंद शामिल होते हैं। इस मौके पर देश में अमन व खुशहाली के लिए दुआएं मांगी जाती है। वर्षो से चले आ रहे दस्तूर के मुताबिक choti Eid शानों-शौकत के साथ मनाई जाती है। मदरसा दारुल उलूम तैयबिया मोइनिया दरगाह शरीफ मंडुवाडीह के प्रिंसिपल मोहम्मद अब्दुस्सलाम रशीदी ने बताया कि उर्स ईद के सातवें दिन मनाया जाता है। आयोजन को लेकर क्षेत्र ही नहीं बल्कि दूर दराज से आने वालों में काफी उत्साह रहता है। लोग एक-दूसरे को choti Eid कि मुबारकबाद देते हैं। हर कोई खुशी से लबरेज नजर आता है। 

औरंगाबाद में भी लगता है मेला

choti eid पर औरंगाबाद में भी मेला लगता है। इस मौके पर हज़रत हवा शाह वह हज़रत हिम्मत शाह का अकीदत के साथ उर्स मनाया जाता है। उर्स के दौरान लोगों का हुजूम उमड़ता है। गुस्ल, फातिहा और चादर पोशी का दौर देर रात तक उर्स में चलता है। यहां भी choti Eid कि मुबारकबाद देने और खुशियां मनाने दूर दराज से लोग जुटते हैं।


गुरुवार, 26 मार्च 2026

VKM Varanasi की छात्राओं ने किया एनजीओ विजिट, जानी कार्यप्रणाली

छात्राओं को ‘यूथ कार्यशाला’ के माध्यम से मिला मार्गदर्शन


dil india live (Varanasi). वाराणसी के वसंत कन्या महाविद्यालय कमच्छा की लगभग 25 छात्राओं के एक दल ने आज प्रसिद्ध स्वयंसेवी संस्था वेस इंडिया के कार्यालय का शैक्षणिक भ्रमण (NGO Visit) किया और संस्था की कार्यप्रणाली को निकट से समझा। इस दल का नेतृत्व डॉ. प्रियंका एवं प्रो. कल्पना आनंद द्वारा किया गया। 

इस मौके पर वसंत कन्या महाविद्यालय की प्राचार्या प्रोफेसर रचना श्रीवास्तव ने कहा कि इस तरह के सामुदायिक मेल-जोल छात्राओं के शैक्षणिक एवं व्यक्तित्व विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। गृह विज्ञान विभाग की विभागाध्यक्षा प्रोफेसर संगीता देवड़िया ने छात्राओं को भविष्य में सामाजिक सेवाओं के लिए अभिप्रेरित किया। कार्यक्रम संयोजन में प्रोफेसर अंशु शुक्ला ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। प्रतिभागी छात्राएं गृह विज्ञान एवं समाजशास्त्र विभाग से थीं।

इस अवसर पर वेस इंडिया द्वारा एक ‘यूथ कार्यशाला’ का आयोजन किया गया, जिसमें छात्राओं को उनके जीवन, करियर और सामाजिक दायित्वों से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर जागरूक किया गया। कार्यशाला के दौरान विशेषज्ञों ने बाल श्रम, बाल तस्करी, POSH अधिनियम, रोजगार एवं उद्यमिता, करियर निर्माण हेतु व्यावहारिक तैयारियां, पर्यावरण संरक्षण एवं सतत विकास में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन (Solid Waste Management) जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा की। साथ ही छात्राओं की जिज्ञासाओं का समाधान भी किया गया।

कार्यशाला में प्रमुख विशेषज्ञ के रूप में कैकर टेक्नोलॉजी की सीईओ डॉ० सुनीता सिंघल जालान, पर्यावरणविद एवं समाजसेवी सीए जमुना शुक्ला, बेंगलुरु से टैलेंट एक्विजिशन लीड सुश्री सोनल वर्मा तथा सामाजिक कार्यकर्ता एवं कम्युनिटी लीडर श्री संतोष पांडेय उपस्थित रहे।

कार्यक्रम के आरंभ में वेस इंडिया के निदेशक एवं समाजसेवी डॉ. राजेश कुमार श्रीवास्तव ने संस्था (एनजीओ) गठन के उद्देश्यों एवं कार्यप्रणाली पर प्रकाश डालते हुए महिला सशक्तिकरण एवं सुरक्षा से संबंधित विभिन्न कानूनों एवं हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी प्रदान की। एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. प्रियंका ने इस विजिट के उद्देश्यों को स्पष्ट किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन प्रो. कल्पना आनंद ने दिया।