शनिवार, 12 अप्रैल 2025

Bharat main Human right के अग्रदूत थे महात्मा ज्योतिबा फुले- डॉ चहल

DAV के इतिहास विभाग में छात्र फोरम विरासत के तहत संगोष्ठी


महात्मा ज्योतिबा राव फुले: मानवाधिकार के अग्रदूत विषयक संगोष्ठी में जुटे लोग 


Mohd Rizwan 

Varanasi (dil India live)। डीएवी पीजी कॉलेज के इतिहास विभाग के छात्र फोरम विरासत के तहत शनिवार को महात्मा ज्योतिबाराव फुले: भारत मे मानवाधिकार के अग्रदूत विषय पर संगोष्ठी का आयोजन किया गया। मुख्य वक्ता कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय, हरियाणा से आये डॉ. एस.के. चहल ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि पेशे से माली परिवार में जन्मे महात्मा फुले ने अपना सम्पूर्ण जीवन समाज के सबसे निचले तबके के गरीबों को समर्पित कर दिया था। वें पहले सामाजिक क्रांतिकारी थे जिन्हें महात्मा कहा गया। उन्होंने कहा कि अंग्रेजी हुकूमत के दौरान जब भरतीय समाज तमाम कुप्रथाओ से जूझ रहा था उस दौर में सामान्य नागरिकों के अधिकार की बात करने वाले पहले अग्रदूत महात्मा ज्योतिबा राव फुले ही थे। उस दौर मे मानवाधिकार की सोच ही असंभव थी। उन्होंने यह भी कहा कि फुले को लेकर जो भ्रांतियां फैलाई गई जिसमें उनका हिन्दूधर्म के खिलाफ होना कहा गया यह सर्वथा अनुचित है। वें सच्चे धर्म के संवाहक थे, उनका मानना था कि मानव धर्म।ही श्रेष्ठ धर्म है। धर्म के नाम पर होने वाले पाखण्ड का उन्होंने आजीवन विरोध किया। 

अध्यक्षता विभागध्यक्ष प्रो.विनोद कुमार चौधरी ने किया। संचालन फोरम के समन्वयक डॉ. शोभनाथ पाठक, स्वागत डॉ. शिवनारायण एवं धन्यवाद ज्ञापन डॉ. प्रतिभा मिश्रा ने दिया। इस मौके पर मुख्य रुप से डॉ. शशिकांत यादवा, डॉ. लक्ष्मीकांत सिंह, डॉ. कुलदीप शर्मा, आशुतोष सिंह, अमरीष त्रिपाठी सहित बड़ी संख्या में छात्र - छात्राएं शामिल रहे।

शुक्रवार, 11 अप्रैल 2025

Sangit की किसी भी विद्या में आपकी रुचि हो रियाज़ करना जरूरी-Ramshankar

VKM Varanasi main संगीत कार्यशाला के पांचवें दिन 'कल्पना की उड़ान' पर जोर

Varanasi (dil India live). बसंत कन्या महाविद्यालय  के तत्वावधान में संगीत गायन विभाग द्वारा आयोजित कार्यशाला के पांचवें दिन गुरु वंदन से कार्यक्रम का आगाज़ हुआ। गुरु शिष्य परंपरा की विशेषताएं बताते हुए कलाकार रामशंकर ने विद्यार्थियों को अपने गाने में अपनी कल्पना की उड़ान पर जोर दिया। साथ ही गुरु मुख की तालीम कहां और क्यों  जरूरी है? इस ओर ध्यान आकृष्ट कराया। वक्ता ने ध्रुवपद, खयाल, ठुमरी गायन शैली कि विशेषताओं को बताते हुए रियाज़ पर बल दिया।


 कार्यक्रम में प्रश्नों के माध्यम से कार्यशाला में सीखी बातों का पुनरावलोकन कर कलाकार ने मंच पर ध्यान रखने योग्य बातों को भी समझाया और सा के अभ्यास में ही मधुर कंठ की बारीकियां समाहित है ,सभी को नियमित अभ्यास आवश्यक है चाहे संगीत की किसी भी विद्या में आप रुचि रखते हो। कार्यक्रम में संयोजक प्रोफेसर सीमा वर्मा द्वारा प्रेरक उद्बोधन के माध्यम से मंच प्रस्तुति के विविध आयाम की चर्चा की। आज के कार्यक्रम में महाविद्यालय के डॉ सुमन सिंह, डॉ  निरंजना श्रीवास्तव, डॉ सपना भूषण, डॉ अमित ईश्वर, डॉ आशीष सोनकर आदि शिक्षक शिक्षिकाओं की  उपस्थिति थी। शनिवार को समापन सत्र का आयोजन किया जाएगा जिसमें प्रमाण पत्र वितरण के साथ मशहूर संगीतकार डॉ. रामशंकर का गायन का कार्यक्रम होगा।

गुरुवार, 10 अप्रैल 2025

Gold loan के नाम पर Varanasi में 40 लाख की ठगी

5 जालसाजों पर दर्ज हुआ भेलूपुर में मुकदमा 

SBI लाइफ इंश्योरेंस एजेंट बनकर मकान मालिक को किरायेदार ने ठगा

Mohd Rizwan 

Varanasi (dil India live). वाराणसी में एक पूर्व किरायेदार ने SBI लाइफ इंश्योरेंस लिमिटेड का एजेंट बनकर मकान मालिक से 29.90 लाख रुपये और 11 लाख के आभूषण ठग दिया। इस संबंध में सोनारपुरा निवासी मिठाई व्यवसायी बच्चे लाल यादव ने पुलिस कमिश्नर से शिकायत की थी। जिस पर संज्ञान लेते हुए पुलिस कमिश्नर के आदेश पर भेलूपुर पुलिस ने ठगी का मुकदमा दर्ज कर लिया है।

पीड़ित बच्चे लाल यादव के अनुसार अभियुक्त पूजा सेन उसके यहां पूर्व में किरायदार रही है। ऐसे में उसकी बातों पर विश्वास कर लाइफ इंश्योरेंस के नाम पर पैसे दिए और गोल्ड लोन के नाम पर 11 लाख के गहने भी दिए।

पीड़ित बच्चे लाल यादव ने बताया मैं मिठाई की दुकान चलाकर अपना परिवार चलाता हूं। मेरे मकान में पूजा सेन और उसके पिता शम्भुनाथ सेन कई सालों से किरायदार थे। जो कुछ वर्ष से कहीं और रहने लगे हैं। उसके बावजूद हमारे घर से उनका आना जाना बना हुआ था। इसी क्रम में साल 2023 में पूजा सेन खुद को एसबीआई लाइफ इंश्योरेंस लिमिटेड का एजेंट बताते हुए मिली। साथ में एक अन्य व्यक्ति दिलीप डे को इसी कंपनी का मैनेजर भी बताया था।

पूजा ने लाभ कह 29.90 लाख कराया जमा 

पीड़ित बच्चे लाल यादव ने बताया कि पूजा ने मुझे भरोसा दिलाया कि लाफ इंश्योरेंस में पैसा लगाने से बहुत मुनाफा होगा। इस पर विश्वास करते हुए सबसे पहले 11 मार्च 2023 को 90 हजार रुपए नकद दिए। इसके बाद 24 अक्टूबर 2023 को 10 लाख नकद और 24 दिसंबर 2023 को 10 लाख का चेक दिया। इसके एवज में उसने SBI लाइफ इंश्योरेंस लिमिटेड रसीद भी दी गई।

दो बार में ले गई 11 लाख का गोल्ड

बच्चेलाल यादव ने बताया कि इसके अलावा पूजा सेन 25 मई 2024 को मेरे घर आयी और गोल्ड लोन दिलाने के नाम पर 6 लाख 50 हजार का सोने का आभूषण ले लिया। उसकी रसीद भी दी। इसके बाद 24 जुलाई 2024 को 6 लाख के स्वर्ण आभूषण लिए और लोन की बात कही पर उसकी रसीद आज तक नहीं दी।

फोन किया बंद, हुआ शक, खुला राज

पीड़ित बच्चे लाल यादव ने अपनी तहरीर में कहा है कि इसके बाद कुछ महीने बीतने पर पूजा सेन को फोन किया तो उसने पहले फोन नहीं उठाया। उसके बाद उसने फोन उठाया तो खुद को बीजी बताया। फिर कुछ दिन बाद फोन रिसीव होना बंद हो गया। इस पर मुझे शक हुआ तो मैं सभी कागजात लेकर सिगरा स्थित एसबीआई लाइफ इंश्योरेंस लिमिटेड पहुंचा जहां बताया गया सभी दस्तावेज फेक हैं। कोई भी सही नहीं है और हमारे यहां कोई पैसा नहीं जमा है और न ही सोना जमा है। अलबत्ता पीड़ित बच्चे लाल यादव को ऑफिस के लोगों ने बताया की पूजा सेन को धोखाधड़ी के मामले में दो साल पहले ही निकाल दिया गया था। साथ ही किसी दिलीप डे को भी हम नहीं जानते क्योंकि ऐसा कोई एम्पलाई हमारे यहां उस वक्त भी नहीं था। इस पूरे प्रकरण में पुलिस कमिश्नर को शिकायती पत्र दिया गया था। जिसकी शिकायत पर भेलूपुर थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है।

दर्ज हुआ मुकदमा, जांच शुरू 

इस संबंध में थाना प्रभारी गोपाल जी कुशवाहा ने बताया-मामले में बीएनएस की धारा 319 (2), 318(4), 338, 336(3), 340(2), 316, 352, और 351 (2) नामजद मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। इसमें पूजा सेन, दिलीप डे, शंभूनाथ सेन, सौरभ और पूजा सेन की माता का नाम है। पीड़ित से पूछताछ के बाद अग्रिम कार्रवाई की जा रही है।

Homoeopathy के जनक डॉ. सैमुअल हैनिमैन की 270 वीं जयंती मनी

बीएचयू में होमियोपैथी ओपीडी शुरू कराने का लिया जाएगा संकल्प 

कोविड-19 के बाद हृदय, लीवर, कोलेस्ट्राल एवं किडनी के मरीजों की संख्या बढ़ने के क्या कारण हैं? इसके निवारण में होमियोपैथ की क्या भूमिका है। इस मुद्दे पर डॉ. अर्पिता चटर्जी, (पूर्व चिकित्साधिकारी काशी हिन्दू विश्वविद्यालय) 13 अप्रैल को देंगी खास व्याख्यान। व्याख्यान में जुटेंगे डेढ़ हजार लोग।

Varanasi (dil India live). होमियोपैथ के जनक डॉ. सैमुअल हैनिमैन की 270 वीं जयंती पर डाक्टर हैनिमैन के चित्र पर माल्यापर्ण कर काशी पत्रकार संघ के पराड़कर भवन में मनाई गई। आयोजन के दौरान होमियोपैथी डीलर्स एसोसिएशन के सभी पदाधिकारी मौजूद थे। इस दौरान आयोजित पत्रकारवार्ता में एसोसिएशन के अध्यक्ष, महामंत्री व कोषाध्यक्ष ने बताया कि हैनिमैन जयंती का मुख्य आयोजन 13 अप्रैल रविवार को सुबह 11 से शाम 6 बजे तक स्वतंत्रता भवन बीएचयू में होगा। हैनिमैन जयंती समारोह के अवसर पर स्वतन्त्रता भवन काशी हिन्दू विश्वविद्यालय के सभागार में उपस्थित समस्त होमियोपैथिक डीलर्स एवं चिकित्सक मानवता के कल्याण के लिये सर सुन्दर लाल चिकित्सालय में होमियोपैथ की ओपीडी खोलवाने के लिये सामूहिक रूप से संकल्प लेगें। यह कार्यक्रम होमियोपैथ के क्षेत्र में गैर संस्था द्वारा आयोजित सबसे बड़ा इतिहास लिखेगा क्यों कि इस कार्यक्रम में डेढ़ हजार होमियोपैथिक डीलर्स एवं चिकित्सक उपस्थित रहेगें। 

डाक्टर हैनिमैन जयंती पर उनकी तस्वीर पर पुष्प अर्पित करते लोग

पत्रकारों के सवाल का जवाब देते हुए पदाधिकारियों ने बताया कि दूसरे सत्र में कोविड-19 के बाद हृदय, लीवर, कोलेस्ट्राल एवं किडनी के मरीजों की संख्या बढ़ने के क्या कारण हैं? इसके निवारण में होमियोपैथ की क्या भूमिका है। इस पर डॉ० अर्पिता चटर्जी, पूर्व चिकित्साधिकारी काशी हिन्दू विश्वविद्यालय व्याख्यान देगी।

होमियोपैथ के लिए कार्य वालों का होगा सम्मान 

होमियोपैथ के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वाले डीलरों एवं होमियोपैथ चिकित्सकों को वाराणसी होमियोपैथक डीलर्स ऐशोसिएशन वाराणसी एवं चन्दौली सम्मानित भी करेगा। उक्त कार्यक्रम का उद्घाटन भारत के प्रसिद्ध होमियोपैथ चिकित्सक डॉ. आरके भाटिया करेंगे, मुख्य अतिथि दयाशंकर मिश्र "दयालु" (आयुष मंत्री स्वतन्त्र प्रभार उ.प्र.) अपने विचार को प्रकट करेंगे तथा अध्यक्षता प्रो. ओमशंकर (प्रख्यात हृदय रोग विशेषज्ञ, चिकित्सा विज्ञान संस्थान, काशी हिन्दू विश्वविद्यालय) एवं विशिष्ट अतिथि प्रो. अंजली वाजपेई, (संकाय प्रमुख, शिक्षा संकाय, काशी हिन्दू विश्वविद्यालय) तथा वक्ताओं में डॉ. कृष्णकान्त शुक्ला (उ०प्र० गौरव सम्मान प्राप्त) एवं डॉ. अर्पिता चटर्जी विचार व्यक्त करेंगी। कार्यक्रम के संयोजक डॉ. प्रीतम सिंह (आईआईटी, काशी हिन्दू विश्वविद्यालय) मंच पर उपस्थित रहेगें।

 कार्यक्रम का संचालन वाराणसी होमियोपैथ डीलर्स ऐसोशियन वाराणसी एवं चन्दौली के अध्यक्ष गोपाल यादव करेगें। उक्त कार्यक्रम में मुख्यरूप से डॉ. एके वर्मा, शशी प्रकाश वाष्र्णेय, हीरक मुख्यर्जी (ईस्टर्न होमियो एजेंसी), विवेक जायसवाल, डॉ. अमित कुमार, डॉ. सौरभ गुप्ता, धनश्याम गुप्ता, संजय ओझा, सुमित दूबे, डॉ. मनोज कुमार गुप्ता, वृजेश कसेरा, डॉ. पंकज गुप्ता एवं डॉ. ऋषि गांधी (आरोग्य होमियो) एवं रामबाबू रस्तोगी सहित करीब हजारों की संख्या में होनियोपैथ डीलर्स एवं चिकित्सक उपस्थित रहेंगे।                            

BHU में HOMOEOPATHY OPD शुरू न होना दुखद

13 को बीएचयू में हैनिमैन जयंती, जुटेंगे होमियोपैथिक चिकित्सा जगत के दिग्गज
हीरक मुखर्जी 
गोपाल यादव 


Varanasi (dil India live). डा. क्रिश्चियन फ्रेडरिक सैमुअल हैनिमैन की 270 वीं जयंती समारोह वाराणसी होमियोपैथिक डीलर्स एसोसिएशन (वाराणसी एवं चन्दौली) द्वारा 13 अप्रैल रविवार को मनाया जाएगा। यह आयोजन सुबह 10.00 बजे से शाम 6.00 बजे तक बीएचयू के स्वतंत्रता भवन में समारोहपूर्वक चलेगा। वाराणसी होमियोपैथिक डीलर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष गोपाल यादव, महामंत्री विवेक जायसवाल व कोषाध्यक्ष हीरक मुखर्जी ने एक खास बातचीत में कहा कि आजादी के सात दशक बाद भी बीएचयू में होमियोपैथी ओपीडी न शुरू होना दुखद है। कहा कि इतनी अच्छी और सस्ती होमियोपैथी के साथ तब तक न्याय नहीं हो सकता जब तक इसे बीएचयू जैसी मेडिकल हब में शुरू नहीं किया जा सकता। तीनों ने बताया कि कोविड काल में भी होमियोपैथी ने अभूतपूर्व योगदान दिया जिसे सब ने सराहा।इस दौरान आयोजन में वैज्ञानिक सत्र भी होगा जिसमें एक्सपर्ट अपने उद्गार साझा करेंगे। समारोह का उद्घाटन प्रसिद्ध होमियोपैथ चिकित्सक प्रो. आर. के. भाटिया, मुख्य अतिथि उत्तर प्रदेश सरकार के आयुष मंत्री दया शंकर मिश्र दयालु , विशिष्ट अतिथि प्रो. अंजली वाजपेयी, (संकाय प्रमुख, शिक्षा संकाय, काशी हिन्दू विश्वविद्यालय, वाराणसी) होंगे तो अध्यक्षता प्रो. ओम शंकर, (हृदय रोग विशेषज्ञ, चिकित्सा विज्ञान संस्थान, बी.एच.यू.) के साथ ही डा. के.के. शुक्ला, उ.प्र. गौरव पुरस्कार सम्मान प्राप्त डा. अर्पिता चटर्जी, पूर्व होमियोपैथिक चिकित्साधिकारी, बी.एच.यू., वाराणसी संयोजक प्रो. प्रीतम सिंह, (भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, बी.एच.यू. वाराणसी) बतौर वक्ता अपने उद्गारों को लोगों से साझा करेंगे।   हीरक मुखर्जी ने बताया कि आयोजन की व्यवस्था गोपाल यादव, शशिप्रकाश वाष्र्णेय, घनश्याम गुप्ता, विवेक जायसवाल, डा. अमित कुमार व डा. सौरभ गुप्ता आदि संभाले रहेंगे।

जानिए होमियोपैथी के जनक डा. हैनीमैन को

डॉ. सैमुअल क्रिश्चियन फ़्रेडरिक हैनीमैन (1755-1843) होम्योपैथी के संस्थापक थे। वे एक एलोपैथिक चिकित्सक थे जिन्होंने बाद में होम्योपैथी की ओर रुख किया। उनके अथक प्रयोगों और मूल सोच ने होम्योपैथी को जन्म दिया।

जन्म और प्रारंभिक जीवन

डॉ. सैमुअल क्रिश्चियन फ़्रेडरिक हैनीमैन का जन्म 10 अप्रैल, 1755 को जर्मनी के मीसेन शहर में हुआ था। वे एक एमडी योग्यता वाले चिकित्सक थे। उन्होंने अपनी आजीविका के लिए एलोपैथिक चिकित्सा छोड़ दी और अनुवाद का काम करने लगे।

होम्योपैथी चिकित्सा के सिद्धांत

उन्होंने 'जैसे इलाज वैसे ही' और शक्तिकरण के सिद्धांतों पर आधारित होम्योपैथी को जन्म दिया। उन्होंने न्यूनतम खुराक और एकल उपाय का सिद्धांत पूरी दुनिया को दिया। उन्होंने कहा कि मानव जीवन शक्ति में वांछित बदलाव लाने के लिए, दवा की मात्रा (खुराक) की ज़रूरत न्यूनतम संभव है।

आज समूची दुनिया कर रही याद

उन्होंने 1812 से 1821 तक लीपज़िक विश्वविद्यालय में होम्योपैथी पर एक चेयर की स्थापना की। 2 जुलाई, 1843 को पेरिस में 89 साल की उम्र में उनका निधन हो गया। उनके नाम पर वाशिंगटन, डीसी में एक स्मारक भी बना है। आज डॉ. सैमुअल क्रिश्चियन फ़्रेडरिक हैनीमैन भले ही हम लोगों के बीच नहीं हैं पर समूची दुनिया उन्हें जाति, धर्म, संप्रदाय, रंग भेद से इतर उन्हें याद कर रही है और उन्हें सच्ची श्रद्धांजलि दे रही है। क्यों की आज ही के दिन वो पैदा हुए और अपने अभूतपूर्व योगदान के बाद दुनिया में छा गए।

बुधवार, 9 अप्रैल 2025

Varanasi की pooja बनी प्रथम वर्ल्ड कप किकबॉक्सिंग की उपविजेता

बनारस पहुंचने पर होगा पूजा पटेल का जोरदार स्वागत 

Varanasi (dil India live)। थाईलैंड में सात से बारह अप्रैल तक चलने वाली पहली थाईलैंड किकबॉक्सिंग वर्ल्ड कप प्रतियोगिता के 50 किलो वर्ग के फाइनल में उज़्बेकिस्तान की किक बॉक्सर दिलडोरा से हुई कड़ी प्रतिस्पर्धा में भारत का नेतृत्व करते हुए पूजा पटेल ने उपविजेता रहते हुए रजत पदक प्राप्त किया। पूजा पटेल बनारस के आशा बॉक्सिंग अकैडमी की खिलाड़ी रही है। पूजा के कोच गोपाल बहादुर शाही ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि "पूजा की कड़ी मेहनत रंग लाई है।आज पूजा ने देश के साथ बनारस का भी नाम रोशन कर दिया है। यह हम सभी के लिए बहुत गर्व का विषय है".रजत पदक प्राप्त करने की सूचना मिलने के बाद वाराणसी के खेल जगत में हर्ष व्याप्त है।बनारस का नाम पूरे विश्व में रोशन करने वाली पूजा का भव्य स्वागत होगा। उपरोक्त जानकारी आशा बॉक्सिंग अकादमी के उपाध्यक्ष हिमांशु राज ने दी।

Varanasi k Dalmandi का सेटेलाइट इमेज के जरिए विकास का खाका खींचने की तैयारी

हटाया तिरपाल तो दालमंडी की दिखी अलग तस्वीर 

भारी फोर्स की अगुवाई में नगर निगम ने हटाया अतिक्रमण, बैरंग लौटें बाहरी व्यापारी 

मोहम्मद रिजवान 

Varanasi (dil India live)। मुस्लिम बाहुल्य दालमंडी की अतिव्यस्त गलियों में लगे तिरपाल को पुलिस फोर्स की मौजूदगी में नगर निगम की टीम ने बुधवार को हटा दिया। 650 मीटर लंबी गली तिरपाल से ढंकी रहती थी जिससे ग्राहकों को भीषण गर्मी में काफी राहत रहती थी मगर तिरपाल के कारण इलाके की सेटेलाइट इमेज के जरिए विकास कार्यों का खाका सरकारी अमला खींच नहीं पा रहा था। सड़क चौड़ीकरण अभियान के तहत प्रथम चरण में तिरपाल हटाया गया है। डेढ़ सौ से अधिक दुकानदारों ने तिरपाल लगा रखा था। तिरपाल के हटने से कुछ कुछ अतिक्रमण भी ऊपर से नजर आने लगा।


तो 220 करोड़ से 17 मीटर चौड़ी होगी सड़क

काशी विश्वनाथ कॉरिडोर तक श्रद्धालुओं की राह आसान करने के लिए सरकार ने 220 करोड़ का बजट पास किया है। दालमंडी बाजार की कुल लंबाई (नई सड़क से चौक तक) 650 मीटर है।

इस सड़क को 17 मीटर चौड़ा करने का मसौदा पास हो चुका है। इसके लिए वित्तीय वर्ष 2024-25 के अंतिम दिन 220 करोड़ का बजट स्वीकृत हुआ। इस रकम को मुआवजा, सड़क चौड़ीकरण, सीवर, विद्युत पर खर्च किया जाएगा। 22 करोड़ रुपए रिलीज भी कर दिए गए। जिसके बाद पीडब्ल्यूडी की टीम दालमंडी में भवन की लंबाई, चौड़ाई और ऊंचाई यानि कितने मंजिल बना है, कहां कितनी सड़क चौड़ी है। कौन सा मकान कितनी जद में आ रहा है उसकी नापी शुरू कर दी है। अभी तक 150 से अधिक घर, दुकान की नापी हो चुकी है। जल्दी ही यहां बुलडोजर चलाने की तैयारी है।


कैमरे पर क्या बोलें, जनाब…

दालमंडी की सड़क को चौड़ी करने को लेकर चल रहे अभियान के चलते मुस्लिम बाहुल्य इलाके में बेचैनी है। स्थानीय कारोबारी, निवासी कैमरे पर बोलने से कुछ भी कतरा रहे हैं लेकिन मन की कसक ऑफ कैमरा कह रहे। स्थानीय लोगों का कहना है कि ” जनाब ये कोई सड़क नहीं गली है, क्या गली इतनी चौड़ी होती है। सामने जो सड़क (नई सड़क और चौक) को देख रहे वो प्रमुख मार्ग है, वो भी इतनी चौड़ी नहीं जितनी दालमंडी को करने की तैयारी है। आजादी से पहले ही भी इतनी ही सड़क चौड़ी थी। पहले कहा गया 23 फीट तक सड़क चौड़ी होगी, हमने मान भी लिया लेकिन अब सड़क 17 मीटर तक करने की बात सामने आई है। ऐसे में तो दालमंडी का अस्तित्व ही समाप्त है जाएगा। हम किसी से फरियाद भी नहीं कर सकते। बस, चुपचाप पुलिस प्रशासन की मनमानी देख रहे है। छोटे कारोबारियों का भविष्य अंधेरे में है।

उजाले से उजड़ी लग रही दालमंडी


तिरपाल के हटते ही भले ही दालमंडी में उजाला हो गया हो मगर ये उजाला वहां के लोगों को दालमंडी के उजड़ने का आगाज़ जैसा लग रहा है। अभी तक जो बिजली के तार तिरपाल के चलते नही दिखते थे, नजर आने लगे। इससे कुछ अतिक्रमण भी दिख रहा है। जो दालमंडी बाजार पूरे दिन ग्राहकों की भीड़ से ठसाठस रहती, आज उसकी रौनक गायब थी। कारोबारियों के चेहरे भी उदास दिख रहे थे। बाहर से आने वाले व्यापारी बैरंग लौटते दिखें।