निजीकरण के खिलाफ बिजलीकर्मियों ने दिखाई एकजुटता
Varanasi (dil India live)। विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति, उप्र के आह्वान पर आज बनारस में भी 3 घंटे का जोरदार विरोध प्रदर्शन हुआ जिसमें अभियंता, अवर अभियंता, तकनीशियन, कार्यालय सहायक, कुशल श्रमिक, श्रमिक सहित तमाम बिजलीकर्मी सम्मिलित होकर बिजली के निजीकरण के विरोध में ऊर्जा प्रबन्धन के खिलाफ आक्रोशित होकर नारे लगाते हुए विरोध प्रदर्शन किया साथ ही नौकरी जाने और भुखमरी के डर से परेशान अधिकारी और कर्मचारियों के कारण राजस्व वसूली घटा और प्रबन्धन पूछ रहा क्यों घट रही वसूली जबकि प्रबन्धन बिजलिकर्मियो को निजीकरण के चक्कर मे इतना उलझा रखा है कि स्वस्थ मानसिकता से वो काम ही नही कर पा रहे है उधर परिवार के लोग भी अपने बच्चों और पतियों के इस आंदोलन में कूदने रो रहे है मजबूर। संघर्ष समिति के साथ जॉइंट रूप से सम्मिलित होकर राज्य विधुत परिषद जूनियर इंजीनियर संगठन के नेता ई0 नीरज बिंद द्वारा विरोध सभा को संबोधित करते हुए पॉवर कारपोरेशन के चेयरमैन और प्रबंधन पर आरोप लगाया कि वे अवैध ढंग से नियुक्त कंसलटेंट ग्रांट थॉर्टन को बचाने की साजिश कर रहे हैं और बैक डेटिंग कर फर्जीवाड़ा करने वाले कंसल्टेंट को दोषमुक्त करने में लगे हैं। इस हेतु निदेशक वित्त, निधि नारंग को कार्यकाल पूरा होने के बावजूद एक और सेवा विस्तार देने की तैयारी है।
ई0 नरेंद्र वर्मा ने बताया कि पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम एवं दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम के निजीकरण के विरोध में चल रहे आंदोलन के कार्यक्रम के तहत आज से बिजली कर्मचारियों ने पूरे प्रदेश में अपराह्न 2ः00 बजे से शाम 5ः00 बजे तक 3 घंटे का विरोध प्रदर्शन कार्यक्रम प्रारंभ किया। प्रदेश के समस्त जनपदों, परियोजनाओं और राजधानी लखनऊ में विभिन्न दफ्तरों में काम करने वाले बिजली कर्मचारियों का गुस्सा आज फूट पड़ा और वे अपराह्न 02 बजे कार्यालयों के बाहर आ गये और जोरदार विरोध प्रदर्शन तीन घण्टे तक किया। विजय सिंह सभा को संबोधित करते हुये बताया कि कि पावर कारपोरेशन के चेयरमैन और प्रबन्धन अवैध ढंग से नियुक्त किये गये ट्रांजैक्शन कंसल्टेंट ग्रांट थॉर्टन को बचाने की साजिश कर रहे हैं। इस हेतु निदेशक वित्त, निधि नारंग का कार्यकाल दूसरी बार बढ़ाने की तैयारी है। यह पता चला है कि नये नियुक्त किये गये निदेशक वित्त, पुरूषोत्तम अग्रवाल ने ग्रांट थॉर्टन को झूठा शपथ पत्र देने और अमेरिका में लगी पेनेल्टी के मामले में क्लीन चिट देने से मना कर दिया है और उन्होंने निदेशक वित्त का कार्यभार ग्रहण करने से मना कर दिया है। इसके बाद मौजूदा निदेशक वित्त, निधि नारंग का कार्यकाल दूसरी बार बढ़ाया जाने वाला है क्योंकि वे ग्रांट थॉर्टन को फर्जीवाड़ा के बावजूद बैक डेट में क्लीन चिट देने के लिए तैयार हो गये हैं।
उल्लेखनीय है कि इंजीनियर ऑफ दी कॉन्ट्रैक्ट ने फाइल पर यह सिफारिश की है कि ग्रांट थॉर्टन झूठा शपथ पत्र देने और अमेरिका में पेनाल्टी लगने के मामले में दोषी पाये जाने के बाद ग्रांट थॉर्टन का नियुक्त पत्र रद्द कर दिया जाये। इस स्थिति में पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम एवं दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम के निजीकरण के ग्रांट थॉर्टन द्वारा तैयार किये गये बिडिंग डॉक्यूमेंट पर विद्युत नियामक आयोग सुनवाई करने से मना कर चुका है। संघर्ष समिति ने कहा कि पॉवर कारपोरेशन के चेयरमैन और प्रबन्धन की इस साजिश के खुलासा हो जाने के बाद यदि दागी कम्पनी ग्रांट थॉर्टन को क्लीन चिट दी गयी तो संघर्ष समिति इस मामले को सभी जन प्रतिनिधियों तक ले जायेगी। सभा की अध्यक्षता ई0 मनीष राय ने एवं संचालन वेदप्रकाश राय ने किया।
सभा को सर्वश्री ई0 नवदीप सिंह, ई0 सौरभ कटेरिया, ई0 मायाशंकर तिवारी, ई0 नीरज बिंद, ई0 प्रमोद कुमार, संदीप कुमार, प्रशांत कुमार, विजय सिंह, राजेन्द्र सिंह, मो0हारिश, विकास कुशवाहा, राजेश सिंह, ई0 मनोज गुप्ता, रामजी भारद्वाज, ज्योति भास्कर आदि ने संबोधित किया।
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