दर्द भरे नोहा की बोल पर हुआ मातम, मनाया गया ग़म
मोहम्मद रिजवान
Varanasi (dil India live). मंगलवार को शहर के शिया वर्ग ने नौवें इमाम हज़रत मुहम्मद तक़ी की शहादत का ग़म मनाया। शिया जामा मस्जिद के प्रवक्ता हाजी फरमान हैदर ने बताया कि १२२६ साल पहले इमाम को धोखे से ज़हर देकर शहीद किया गया था। इस सिलसिले से पठानीटोला के मस्जिद मुजीब में अज़ीज़ हैदर के संयोजन में मजलिस का आयोजन हुआ। मौलाना अकील हुसैनी ने मस्जिद को खिताब किया, लईक हैदर ने मर्सिया ख्वानी की, अंजुमन सज्जादिया ने नोहाख्वानी व मातम पेश किया। ऐसे ही काली महल शिया मस्जिद में तकरीर करते हुए फरमान हैदर ने बताया कि इमाम मुहम्मद तक़ी ने २५ साल के छोटे से जीवन में सब्र के साथ इबादत करना और लोगों के साथ नेकी से काम आने का पैगाम दिया। इमाम का नूरानी रौजा इराक के शहर काज़मैन में है। इमाम अपने पिता इमाम अली रज़ा की तरह ही सक़ी और साबिर थे।
इस मौके पर शहर की सभी २८ अंजुमनों ने शिवपुर, अर्दली बाजार, दोषीपुरा, कच्चीबाग, चौहट्टा , मुकीमगंज, प्रह्लादघाट, पड़ाव , रामनगर , बाजरडीहा, मदनपुरा, दालमंडी, चौक , कालीमहल , लल्लापुरा आदि स्थानों पर मजलिसे आयोजित हुई। बुधवार २८ मई को भी मजलिसे आयोजित होंगी।
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