रब के करिश्मे ने कराया नबी के रौज़े व काबा का दीदार
- Mohd Rizwan
Varanasi (dil India live). लीबिया निवासी आमिर अल मेहदी मंसूर अल गद्दाफी की हज यात्रा एक अविश्वसनीय कहानी बन गई है। कहते हैं कि काबा वही जाता है जिसकी रुह लब्बैक बोलती है। गद्दाफी की हज के लिए रवाना होते समय, एयरपोर्ट पर सुरक्षा जांच के कारण फ्लाइट छूट गई। इधर इनकी जांच चल रही थी उधर जहाज ने उड़ान भर दिया। मगर इसी को कहते हैं जिससे रब राजी हो तो उसको कोई हज पर जाने से रोक नहीं सकता। इसके बाद उनके विमान में दो बार तकनीकी खराबी आई और उड़ान रद्द हो गई। हालांकि, तीसरे प्रयास में वे सफलतापूर्वक मक्का पहुंच गए।
दूसरी लैंडिंग के बाद पायलट ने कहा कि वह आमिर के बिना दोबारा उड़ान नहीं भरेगा। इस घटना के बाद से, आमिर का विश्वास और अल्लाह पर उनका भरोसा और मज़बूत हुआ है। आमीर की यह कहानी सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हो रही है। लोग लाइक, शेयर कर रहे हैं। अब आप पीछे क्यों रहें।
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