एक्सपर्ट ने बताया छात्राओं को MSME के महत्व, स्वरोजगार तथा उद्यमिता के लिए किया प्रेरित
Varanasi (dil India live)। वसंत कन्या महाविद्यालय, कमच्छा, वाराणसी की छात्र परामर्श एवं अनुशासन समिति द्वारा, आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ (IQAC) के तत्वावधान एवं द स्मॉल इंडस्ट्रीज एसोसिएशन (औद्योगिक क्षेत्र, चांदपुर, वाराणसी) के सहयोग से “उच्च शिक्षा में कौशल संवर्धन” विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस अवसर पर महाविद्यालय एवं स्मॉल इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के मध्य आपसी सहयोग के लिए एक सहमति पत्र (MoU) पर भी हस्ताक्षर किए गए। कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को समकालीन औद्योगिक आवश्यकताओं, कौशल विकास एवं रोजगारोन्मुखी शिक्षा की दिशा में मार्गदर्शन प्रदान करना था। कार्यक्रम का शुभारंभ महाविद्यालय की प्राचार्या प्रोफेसर रचना श्रीवास्तव के स्वागत भाषण से हुआ। उन्होंने अतिथियों का अभिनंदन करते हुए छात्राओं को एमएसएमई (MSME) क्षेत्र के महत्व से अवगत कराया एवं स्वरोजगार तथा उद्यमिता के लिए उन्हें प्रेरित किया। डॉ. शांता चटर्जी (संस्कृत विभाग) ने एमएसएमई की सामाजिक एवं आर्थिक भूमिका पर प्रकाश डालते हुए छात्राओं को आत्मनिर्भर बनने की प्रेरणा दी। मुख्य अतिथि राजेश कुमार चौधरी, सहायक निदेशक, एमएसएमई विकास कार्यालय, वाराणसी ने एमएसएमई क्षेत्र की महत्ता पर विस्तार से चर्चा करते हुए बताया कि यह क्षेत्र छात्रों को कौशल विकास तथा रोजगार के अनेक अवसर प्रदान करता है। साथ ही उन्होंने एमएसएमई से संबंधित विभिन्न योजनाओं, नियमों एवं लाभकारी पहलुओं की जानकारी देकर विद्यार्थियों को इस क्षेत्र में आगे बढ़ने हेतु जागरूक किया। अमित कुमार गुप्ता, (सीईओ, डॉल्फिन इंडस्ट्रीज़, चाँदपुर एवं पी.ओ., औद्योगिक क्षेत्र, वाराणसी) ने उद्योग एवं शिक्षा के बीच सहयोग की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि इससे छात्राओं को व्यावसायिक रूप से सक्षम बनाया जा सकता है, जिससे वे प्रतिस्पर्धी वैश्विक वातावरण में अपनी उपयोगिता सिद्ध कर सकें। राजेश भाटिया, (अध्यक्ष, स्मॉल इंडस्ट्रीज़ एसोसिएशन, वाराणसी) ने लघु उद्योगों की भारतीय अर्थव्यवस्था में भूमिका पर प्रकाश डाला एवं विद्यार्थियों को उद्यमिता की ओर प्रेरित किया। कार्यक्रम का संचालन डॉ. मंजू ने किया, जबकि प्रोफेसर पूनम पांडे द्वारा धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया गया। उन्होंने सभी अतिथियों, वक्ताओं, शिक्षकों एवं प्रतिभागियों के प्रति आभार प्रकट किया। रिपोर्टिंग का दायित्व सिमरन सेठ ने निभाया। इस अवसर पर महाविद्यालय की संकाय सदस्य प्रो. ममता, डॉ. अखिलेश कुमार राय, डॉ. कल्पना आनंद, डॉ नैरंजना श्रीवास्तव, डॉ. शशिकला, डॉ. आरती कुमारी, डॉ. राजलक्ष्मी, डॉ. प्रियंका एवं रणनीति की गरिमामयी उपस्थिति रही, जिन्होंने छात्राओं को मार्गदर्शन एवं प्रोत्साहन प्रदान किया। दावा किया गया कि यह कार्यशाला विद्यार्थियों के लिए उद्योग जगत से जुड़ने एवं व्यावहारिक ज्ञान प्राप्त करने का एक प्रभावी मंच सिद्ध हुआ, इससे उनकी कौशल क्षमता एवं रोजगार योग्यता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।
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