रविवार, 18 मई 2025

Varanasi main Ghazi miya के आस्ताने पर उमड़ा हुजूम

सैकड़ों साल से निभाई जा रही मिल्लत की रवायत हिंदू-मुस्लिम दोनों चढ़ा रहे चादर


मोहम्मद रिजवान 

Varanasi (dil India live). मज़हबी शहर बनारस में सैकड़ों साल से चली आ रही मिल्लत की रवायत इस साल भी बरकरार है। बड़ी बाजार के सलारपुरा स्थित सैयद सालार मसूद Ghazi miya की मजार पर जेठ के पहले रविवार को उर्स मनाया गया। उर्स के दौरान हिंदू मुस्लिम दोनों वर्गों के लोगों ने न सिर्फ शिरकत की बल्कि चादरें चढ़ाई और मन्नतें व मुराद मांगी। इससे पूरा माहौल नूरानी नज़र आने लगा।

इससे पहले मेले में सुबह मजार का गुस्ल शरीफ और संदलपोशी की गई। इसके बाद चादरपोशी हुई। सुबह से ही अकीदतमंद यहां पहुंच रहे हैं और दरगाह पर जियारत कर फ़ैज़ उठा रहे हैं। गाजी मियां दरगाह, सलारपुरा के मुतवल्ली सेराजुद्दीन ने बताया की यह मेला गंगा जमुनी तहजीब की मिसाल है। 1000 साल से यहां हिंदू-मुस्लिम सभी अकीदत के साथ जेठ के पहले रविवार को गाजी मियां की दरगाह पर जियारत करने और चादरपोशी करने आते हैं। यहां कौमी एकता का पैगाम पिछले 1022 सालों से दिया जा रहा है। इसमें लाखों की तादात में जायरीन उमड़ते हैं। इसलिए इसे लक्खा भी कहा जाता है।


कुष्ठ रोग से मिलती है मुक्ति, आंखों की रोशनी आती है वापस मुतवल्ली सेराजुद्दीन ने बताया- वर्षों से इस दरगाह का चमत्कार है कि यहां कुष्ठ रोगी, आंखों की रोशनी से परेशान और हाथ टूटने के मरीजों की मुरादें पूरी होती है। उन्हें इस दर से शिफा (राहत) मिलती है। लोग इसमें अकीदत रखते हैं और यहां आते हैं।





समाचार लिखे जाने तक दरगाह पर इस समय मेले जैसा माहौल है। जैतपुरा थानाक्षेत्र में आने वाली दरगाह पर सुरक्षा के मुकम्मल इंतजाम किए गए हैं। पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगाईं गई है। वहीं दरगाह पर हिंदू-मुस्लिम जायरीन पहुंच रहे हैं और अकीदत की चादर चढ़ा रहे हैं। हालांकि इस बार भीषण गर्मी के चलते भीड़ कम ही है।



सामाजिक संस्था " सुल्तान क्लब " द्वारा एक निशुल्क चिकित्सा शिविर का उद्घाटन रविवार को बड़ी बाजार में संस्था अध्यक्ष डॉक्टर एहतेशामुल हक ने फीता काट कर किया। महासचिव एच हसन नन्हे के संचालन में चिकित्सा शिविर में बच्चे, पुरुष एवं महिलाओं को स्वास्थ्य की जांच कर निशुल्क दवाई वितरित की गई एवं हीट स्ट्रोक से बचाव के लिए जागरूक किया गया। 

इससे पहले शिविर का उद्घाटन प्रातः 8 बजे डॉ एहतेशामुल हक ने करते हुए कहा कि दोपहर 12:00 से शाम 4:00 के बीच बाहर निकलने से बचें, बाहर निकलते समय शरीर को पूरा ढककर हल्के रंग के कपड़े पहन कर निकले तथा समय-समय पर नींबू पानी ओआरएस इत्यादि का घोल का अधिक सेवन करें। फास्ट फूड से परहेज करें, नियमित व्यायाम करें। स्वास्थ्य शिविर में अधिक संख्या में पेट के मरीज पाए गए। शिविर से 45 लोगों ने लाभ उठाया। 

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