मंगलवार, 25 मार्च 2025

Allama kosar nadvi का उर्स अक़ीदत के साथ मनाया गया

आस्ताने पर हुई इश्तेमाई रोज़ा इफ्तार दावत 


Mohd Rizwan 

Varanasi (dil India live)। ख़ानक़ाह क़ादिरिया सिराजिया में हज़रत अल्लामा कौसर बाबा नदवी रहमतुल्लाह अलैह का ३३ वां सालाना उर्स अक़ीदत व मुहब्बत के साथ मनाया गया। सुबह से ही बाबा के मुरीदों और शागिर्दाें की आमद का सिलसिला शुरू हो गया था। सब लोग पहले हज़रत के आसताने पर हाज़िर हो कर फातिहा पढते, फिर क़ुरान शरीफ‌ की तिलावत की महफ़िल में शरीक होते।

ज़ुहर की नमाज़ के बाद के बाद 1:35 बजे क़ुल शरीफ हुआ। जिस में मौलाना नसीर अहमद सिराजी, मौलाना लतीफ अहमद सिराजी और मौलाना रियाज़ अहमद क़ादरी सिराजी ने क़ुरान शरीफ की सूरतों की तिलावत की। आख़िर में मौलाना इक़बाल अहमद सिराजी (सज्जादानशीन) ने ख़त्म पढा और शजरा शरीफ पढ कर अल्लाह रब्बुल- इज़्ज़त की बारगाह में रिक़्क़त आमेज़ दुआएं मांगी। शाम को मग़रिब की अज़ान के वक़्त इजतिमाई इफतार का प्रोग्राम हुआ, जिसमें बड़ी तादाद में लोगों ने शिरकत की। इफतार के बाद नमाज़ पढी गई और प्रोग्राम ख़त्म हो गया।

सोमवार, 24 मार्च 2025

Varanasi फिजियोथिरैपिस्ट एसोसिएशन का Work Shop

चिकित्सा के क्षेत्र में वर्टिगो रिहैबिलिटेशन पर हुई चर्चा 



Varanasi (dil India live). चिकित्सा के क्षेत्र में वर्टिगो रिहैबिलिटेशन (चक्कर पुनर्वास) पर वर्कशाप का आयोजन Varanasi फिजियोथिरैपिस्ट एसोसिएशन की ओर से होटल टेम्पल टाऊन कैंटोंमेंट में किया गया था। मुख्य वक्ता के रूप में डॉ शैलेन्द्र कुमार (पीटी) मेदांता हॉस्पिटल लखनऊ ने चक्कर रूपी समस्या की पहचान और फिजियोथिरैपी के द्वारा पुनर्वास पर बारिकी से रोशनी डाली। कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ अमितेश कुमार गिरी (पीटी) अध्यक्ष वीपीए, कार्यक्रम संचालन डॉ अवनीश कुमार (पीटी) सचिव वीपीए, कार्यक्रम प्रबंधन डॉ सूरज तिवारी (पीटी) और कार्यकारिणी समिति के सदस्यों द्वारा किया गया।

समिति की सदस्य डॉ सोनी पांडे (पीटी), डॉ मेघा गुप्ता (पीटी), डॉ नीरज यादव (पीटी), डॉ मनीष सिंह (पीटी), डॉ अक्षय दीक्षित (पीटी) इत्यादि ने किया। इससे पहले मुख्य अतिथि का स्वागत पुष्पगुच्छ देकर डॉ मयंक सिंह (पीटी) ने किया। आयोजन में सहयोगी संस्था सत्कार इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ साइंस के लोग भी उपस्थित थे।

गैस सिलेंडर के गोदाम में आग से दहल उठा बरेली

आग से 400 सिलेंडर धमाके के साथ फटे, मचा हड़कंप 

मोहम्मद रिजवान 

Barely (dil India live). बरेली में सोमवार दोपहर महालक्ष्मी गैस एजेंसी में सिलेंडर फटने से आग लग गई। पल भर में आग ने विकराल रूप ले लिया। 3 मिनट में करीब 400 सिलेंडर में धमाके हुए। आग ने पूरे गोदाम को अपनी चपेट में ले लिया।धमाका इतना भीषण था कि फटे सिलेंडरों के टुकड़े 500 मीटर दूर जाकर खेतों में जाकर गिरे, जिससे पूरे इलाके में दहशत फैल गई। धमाके की आवाज 3 किमी दूर तक सुनाई दी। सूचना पर पहुंची पुलिस ने आसपास के घरों को खाली कराया।

फायर ब्रिगेड के साथ पुलिस ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया है। समाचार लिखे जाने तक किसी कि भी जनहानि का कोई समाचार प्राप्त नहीं हुआ था। घटना थाना बिथुरी चैनपुर क्षेत्र में रजऊ परसपुर की है। सुरक्षा के लिहाज से भारी पुलिस फोर्स मौके पर तैनात है। आस-पास के रास्ते बंद कर दिए गए हैं।

निःशुल्क नेत्र जांच शिविर में जुटे लोग, हुई जांच

समाज के प्रत्येक व्यक्ति हमेशा रहे स्वस्थ्य, भाजपा का संकल्प-नीलकंठ तिवारी


 

  • मोहम्मद रिजवान 

Varanasi (dil India live). वाराणसी शहर दक्षिणी विधानसभा के विधायक व पूर्व राज्यमंत्री. डा नीलकंठ तिवारी की अगुवाई में वेद भवन पियरी में आर.जे.शंकर नेत्रालय द्वारा आयोजित एक दिवसीय निःशुल्क मोतियाबिंद एवं नेत्र परीक्षण शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में लगभग 130 से अधिक मरीजों का नेत्र परीक्षण किया गया। इसमें कई लोगों को आपरेशन के लिए अस्पताल भी भेजा गया। इस मौके पर विधायक नीलकंठ तिवारी ने कहा कि समाज के हर व्यक्ति को स्वास्थ्य लाभ मिले, सभी स्वस्थ रहें यही भाजपा का संकल्प है।

इस अवसर पर पूर्व मंडल अध्यक्ष गोपाल गुप्ता, मंडल अध्यक्ष द्वय राजीव सिंह, बंटी गुप्ता, बबलू सेठ, पार्षद द्वय अमरेश गुप्ता, इंद्रेश सिंह, मनीष गुप्ता, श्रवण गुप्ता, संजय केशरी सहित क्षेत्रीय जनता व भाजपा कार्यकर्ताओ की मौजूदगी थी।‌।

Ramzan mubarak (23)- jannat का एक दरवाजा है 'Rayyan' जिसमें से रोज़ादार होंगे जन्नत में दाखिल

जिसने पूरे महीने रोज़ा रखा उसे नहीं खा पाएगी जहन्नुम की आग

Varanasi (dil India live). रमजान मुबारक कितनी अजमत, कितनी रहमत और कितनी बरकत वाला महीना है इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि रमज़ान का आगाज़ होते ही शैतान गिरफ्तार कर लिया जाता है। जन्नत के दरवाजे खोल दिए जाते हैं और जहन्नुम के दरवाजे बंद कर दिए जाते हैं। हर तरफ नूर ही नूर की बारिश हो रही होती है।

रमजान के तीन अशरों की हर दस दिन की अलग ही अहमियत है। रब ने रमज़ान को तीन अशरों (10-10 दिनों के तीन हिस्सों) में बांटा है। इसमें पहला अशरा रहमत का होता है। अशरा दस दिन को कहते हैं। पहले दस दिन तक रोज़ा रखने वाले पर रब की रहमत बरसती है। रमजान का रहमत का सफर पूरा होने के बाद दूसरा अशरा मगफिरत का आता है। दूसरे आशरे में रब बंदों की मगफिरत कर देता है। यानी तमाम गुनाह माफ कर देता है ये दोनों अशरे बीत चुके हैं। और तीसरा अशरा जहन्नुम से आजादी का चल रहा है। इस आखिरी अशरे में अल्लाह रोज़ेदारों को जहन्नुम से आज़ाद कर देता है।

इस्लामिक ग्रंथों में आया है कि जन्नत में यूं तो कई दरवाजे हैं मगर एक खास दरवाजा जिसका नाम बांबे रय्यान है। उस दरवाजे से जन्नत में केवल रोज़ादार ही दाखिल होंगे। रमजान की आहट से ही जन्नत सजायी जाने लगती है। यानी रमज़ान में रब के पास जाने वाला जन्नत का हकदार होता है। और वो रोजेदार बांबे रय्यान से ही जन्नत में दाखिल होंगे। इसलिए कहा जाता है कि रोजेदारों को जहन्नुम की आग नहीं खा पाएगी। इस महीने की सबसे बड़ी खासियत यह भी है कि इस मुक़द्दस महीने को रब ने अपना महीना कहा है। रब कहता है ग्यारह महीना बंदा अपने हिसाब से गुज़ारता है। रमजान का एक महीना मेरे लिए जो गुजारेगा उसका बदला उसे में दुनिया और आखिरत दोनों में दूंगा। ऐ मेरे रब तू अपने हबीब के सदके में रमज़ान की दौलतों से मालामाल कर दें। और जो लोग रोज़ा नहीं रख रहे हैं उन्हें रोज़ा रखने की तौफीक अता फरमा (आमीन).

  • डाक्टर एहतेशामुल हक 
सदर सुल्तान क्लब वाराणसी।


रविवार, 23 मार्च 2025

Roza iftar दावतों का दौर हुआ तेज़

मस्जिद कम्मू खां, हाजी इमरान व दालमंडी समेत कई जगहों पर इफ्तार दावत 



Varanasi (dil india live). मुकद्दस रमजान जैसे जैसे अपनी रुखसती की ओर है वैसे ही इफतार दावतों का दौर भी अपने शबाब पर है। इसी क्रम में आज भी कई जगहों पर रोज़ा इफ्तार दावत का आयोजन किया गया। दालमंडी अर्शी कटरे में रोज़ा इफ्तार में व्यापारियों व स्थानीय लोगों का हुजूम उमड़ा।इस दौरान जैसे ही मस्जिद से अजान की सदाएं, अल्लाह हो अकबर, अल्लाह... फिज़ा में बुलंद हुई तमाम रोजेदारों ने रमजान का 22 वां रोजा खोला। सभी ने खजूर और पानी से इफ्तार दावत का आगाज़ किया। इस दौरान तमाम लजीज इफ्तारी का लोगों ने लुफ्त उठाया। इतवार को बड़ी मस्जिद कम्मू खां, डिडोरी में इफ्तार दावत हुई। इफ्तार दावत में आए हुए तमाम लोगों का खैरमकदम अखलाक अहमद टीटी अपने साथियों के साथ कर रहे थे। यहां लोगों का हुजूम इफ्तार के दौरान उमड़ा हुआ था। उधर राईन गार्डन के ओनर व प्रमुख समाजसेवी हाजी इमरान अहमद के संयोजन में रोज़ा इफ्तार दावत का आयोजन मकबूल आलम रोड स्थित प्लाट पर किया गया। इफ्तार पार्टी में सैकड़ों लोगों ने खजूर, शर्बत, नमकीन कोल्ड ड्रिंक के साथ ही लजीज बिरयानी का लुफ्त उठाया। इस दौरान वहां नमाज का भी एहतमाम किया गया जिसमें उलेमाओं की टीम ने मुल्क में अमन और मिल्लत, कारोबार में बेहतरी की दुआएं मांगी। ऐसे ही शहर में विभिन्न स्थानों पर रोज़ा इफ्तार दावत का आयोजन किया गया था। 

Ramzan mubarak (22) अफसोस, रमज़ान चंद दिनों का मेहमान

रमज़ान की रुखसती पर तड़पते हैं खुदा के नेक बंदे 

मुकद्द्स रमज़ान जैसे-जैसे रुखसत होने लगता है। रातों की इबादतें बढ़ जाती है। खुदा के नेक बंदे उन इबादतों में तड़प उठते हैं। कि काश रमज़ान कुछ दिन और होता तो इबादत का और मौका मिल जाता। पता नहीं अगले रमज़ान में इसका मौका मिले या न मिले। एक तरफ ईद की तैयारियां चल रही होती है। लोग बाज़ारों का रुख करते हैं मगर खुदा के नेक बंदे रब से यही दुआ करते हैं कि काश मेरे रब जिंदगी में रमज़ान की नेयमत और मिल जाती तो इबादत का और मौका मिलता। दुआ करते-करते वो बेज़ार होकर रो पड़ते हैं। दिल इण्डिया की एक रिपोर्ट..।

Varanasi (dil India live)। रमज़ान जैसे-जैसे रुखसत होने लगता है। रातों की इबादतें बढ़ जाती है। खुदा के नेक बंदे उन इबादतों में तड़प उठते हैं। कि काश रमज़ान कुछ दिन और रुक जाता तो थोड़ा और इबादत का मौका मिल जाता। पता नहीं अगले रमज़ान में इबादत का मौका मिले या न मिले। हम हयात में हों न हो। एक तरफ ईद की तैयारियां चल रही है। लोग बाज़ारों का रुख कर रहे हैं। बंदा पूरे महीने कामयाबी से रोज़ा रखने के बाद अपनी कामयाबी की उनमें खुशी तलाश रहा है, वहीं कुछ ऐसे भी खुदा के नेक बंदे हैं जो इन दुनियावी मरहले से दूर होकर अपने रब से रमज़ान के आखिरी वक्त तक दुआएं मांगता है। लोगों की मगफिरत के लिए पूरी-पूरी रात जागकर इबादत करता है। इस्लामी मामलों के जानकार मौलाना अमरुलहुदा कहते हैं रमज़ान का आखिरी अशरा रोज़ेदारों के लिए खासी अहमीयत रखता है। इसमें ताक रातों में खूब इबादत मोमिनीन करते है ताकि उनकी मगफिरत तो हो ही साथ ही जो लोग दीन से भटक गये हैं, जो रोज़े और नमाज़ की अहमीयत नहीं समझ सके वो नादान भी सही राह पर आ जायें।

रोने-गिड़गिड़ाने वाला खुदा को बेहद पसंद 

छोटी मस्ज़िद औरंगाबाद के इमाम मौलाना निज़ामुद्दीन चतुर्वेदी कहते हैं कि खूब इबादत के बाद भी खुदा के नेक बंदे सिर सजदे में और हाथ इबादत में उठाये खुदा से यही दुआ करते हैं कि इस बार इबादत ज्यादा नहीं कर पाया ऐ मेरे रब जिंदगी में रमज़ान की नेयमत और मिल जाये ताकि और इबादत का मौका मिले। वो बताते हैं कि दुआओं के दौरान ज़ार-ज़ार रोने और गिड़गिड़ाने वाला खुदा के नज़दीक बेहद पसंद किया जाता है। इसलिए खुदा के नेक बंदे रमज़ान की रुखसती पर दुआ के वक्त रो पड़ते हैं।

रोज़ा न रखने वालो पर नाज़िल होगा अज़ाब

मदरसा फारुकिया के कारी शाहबुददीन कहते हैं हममें से कई ऐसे भी बंदे हैं जो रमज़ान महीने की अहमीयत नहीं समझ पाये, रात की इबादत तो दूर दिन में ही वो चाय खाने और पान की दुकानों को आबाद किये रहते हैं। हदीस और कुरान में आया है कि ऐसे लोगों पर खुदा का अज़ाब नाज़िल होगा। हाफिज तहसीन रज़ा (ग़ालिब) कहते है कि जिन लोगों ने रब के महीने की अहमीयत नहीं समझी। जो दिन रोज़े व रात इबादत में गुज़रनी चाहिए उसे ज़ाया किया। शर्म आती है ऐसे लोगों पर जो खुद को मुसलमान तो कहते हैं मगर उनमें मोमिन की कोई पहचान नहीं नज़र आती। रमज़ान में मोमिनीन ऐसे लोगों के लिए भी दुआएं करते हैं। उधर शिया जामा मस्ज़िद के प्रवक्ता सैयद फरमान हैदर रोज़दारों को सुझाव देते हैं कि जो कुछ भी नेकिया रमज़ान में कमाया है उसे ईद में लूटा न दें, क्यों कि रमज़ान की नेकियां ही साल भर इंसान को बुरे कामों और बुराईयों से बचाती हैं। रमज़ान में कमाई नेकियों को संजो कर रखे।