बुधवार, 25 मार्च 2026

Sonbhadra Cricket Stadium Main अंडर-16 क्रिकेट टूर्नामेंट का सफलतापूर्वक आयोजन

सूरज को मिला ‘मैन ऑफ द मैच’ व ‘मैन ऑफ द सीरीज’ पुरस्कार

टूर्नामेंट में 17 गांवों की टीमों ने लिया उत्साह से भाग 




dil india live (Sonbhadra). सोनभद्र क्रिकेट स्टेडियम में 18 मार्च से 25 मार्च तक चतरा ब्लॉक प्रीमियर लीग के अंतर्गत बालक वर्ग अंडर-16 क्रिकेट टूर्नामेंट का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। इस प्रतियोगिता में कुल 17 गांवों की टीमों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। सभी खिलाड़ियों का चयन उनके-अपने ग्राम प्रधानों द्वारा किया गया था। टूर्नामेंट में भाग लेने वाले प्रमुख गांवों में दुबौलिया, डुमरिया, रामगढ़, नेवारी, दुर्गेश्वर, भूसौलिया, जगदीशपुर, करवनिया, करौंदिया, पटना, सिल्थम, शिवगढ़, गिरिया एवं पड़रीकला सहित अन्य गांव शामिल थे।

24 मार्च (मंगलवार) को खेले गए सेमीफाइनल मुकाबलों में पहले मैच में पड़रीकला ने रामगढ़ को 6 विकेट से पराजित कर फाइनल में स्थान बनाया। वहीं दूसरे सेमीफाइनल में करवनिया ने करौंदिया को 11 रनों से हराकर फाइनल में प्रवेश किया।


25 मार्च (बुधवार) को खेले गए फाइनल मुकाबले में करवनिया और पड़रीकला की टीमें आमने-सामने रहीं। करवनिया ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए 10 ओवर में 81 रन बनाए। लक्ष्य का पीछा करते हुए पड़रीकला की टीम ने 3 विकेट खोकर मात्र 8 ओवर में 82 रन बनाकर शानदार जीत दर्ज की और खिताब अपने नाम किया।

फाइनल मैच में पड़रीकला के कप्तान सूरज यादव ने बेहतरीन ऑलराउंड प्रदर्शन करते हुए मात्र 8 गेंदों में 35 रन बनाए तथा गेंदबाजी में 4 विकेट हासिल किए। उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए उन्हें ‘मैन ऑफ द मैच’ एवं ‘मैन ऑफ द सीरीज’ के पुरस्कार से सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि धर्मवीर सिंह ने विजेता टीम को ट्रॉफी एवं मेडल प्रदान किए तथा खिलाड़ियों को भविष्य में उत्तर प्रदेश क्रिकेट के अंडर-16 चयन में भाग लेने हेतु प्रेरित किया। उपविजेता टीम को सेंट पॉल स्कूल के प्रिंसिपल द्वारा मेडल एवं पुरस्कार प्रदान किए गए।

‘मैन ऑफ द मैच’ एवं ‘मैन ऑफ द सीरीज’ के पुरस्कार सोनभद्र क्रिकेट एकेडमी के मुख्य कोच ऐशर जोन द्वारा प्रदान किए गए। उन्होंने खिलाड़ियों को अंडर-16 चयन के लिए आवश्यक कौशल एवं गुणों के बारे में महत्वपूर्ण मार्गदर्शन भी दिया। टूर्नामेंट के सफल आयोजन में विकास मिश्रा, राम सुंदर, अंपायर लवकुश एवं रोहित, कमेंटेटर रोशन पांडे एवं संदीप सहित सभी सहयोगियों का सराहनीय योगदान रहा।

Aarya Mahila PG College Main सितार वादन पर विशेष कार्यशाला

डॉ. विकास भारद्वाज ने किया सितार की बारीकियों को छात्राओं से साझा




dil india live (Varanasi). आर्य महिला पी जी कॉलेज में बुधवार को सितार वादन पर विशेष कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस मौके पर सितार की बारीकियों को छात्राओं से साझा करने मुंबई से पधारे सितार वादक व उत्कृष्ट कलाकार डॉ. विकास भारद्वाज ने सितारवादन के जरिए प्रशिक्षुओं व संगीत प्रेमियों से संवाद किया। छात्राओं की सितारवादन से जुड़ी जिज्ञासाओं को भी पूरा किया।

 यह कार्यशाला वसंत महिला महाविद्यालय, राजघाट, वसंत कन्या महाविद्यालय, कमच्छा और आर्य महिला पी जी कालेज, चेत गंज के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित हुई, जिसमें तीनों महाविद्यालय के संगीत-गायन व वादन विभाग के सभी शिक्षक गणों के साथ साथ छात्राओं की बहू संख्या में उपस्थिति रही। इस मौके पर तबले पर संगत डॉक्टर श्रीकांत मिश्रा ने किया। 

इनकी रही खास मौजूदगी

वसंत महिला महाविद्यालय राजघाट से गायन विभाग के हनुमान प्रसाद गुप्ता, डॉ जयाशाही, वादन विभाग से प्रोफेसर संजय कुमार वर्मा, डॉक्टर अमनदीप कौर, दिनेश मिश्र, प्रीतम मिश्र, वसंत कन्या महाविद्यालय से प्रोफेसर मीनू पाठक, डॉक्टर सुमन सिंह, डॉक्टर अमित ईश्वर, आर्य महिला पीजी कॉलेज से प्रोफेसर अनामिका दीक्षित, डॉक्टर शैल कुमारी, डॉक्टर शुचि, डॉक्टर जया कुमारी, ध्रुपद गायक डाक्टर राजेश सेंध व पखावज वादक डाक्टर आदित्य दीप उपस्थित थे।

मंगलवार, 24 मार्च 2026

DAV PG College Main वाराणसी के सांस्कृतिक गलियारे पर दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी

परम्परायें ही हमे जड़ो से जोड़ती है - प्रो.धनजंय सिंह



dil india live (Varanasi).वाराणसी के डीएवी पीजी कॉलेज में अंग्रेजी विभाग के तत्वावधान में मंगलवार को आईसीएसएसआर के सहयोग से आयोजित 'वाराणसी के सांस्कृतिक गलियारे की कला, शिल्प और लोक परंपरा में संरक्षित पवित्र भूमि और विरासत' विषयक दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का शुभारंभ हुआ। संगोष्ठी के मुख्य वक्ता आईसीएसएसआर, नई दिल्ली के सदस्य सचिव प्रो.धनंजय सिंह ने कहा कि हमारी संस्कृति, हमारी परम्परा ही हमें हमारी जड़ो से जोड़ती है, हमें अपनी संस्कृति और परंपराओं को जानना होगा। काशी विश्वनाथ कॉरिडोर एक मॉडल प्रतिमान के रूप में उभर कर सामने आया है, हमारे पास ऐसी अनगिनत स्वरूप है जो हमारे संस्कृति के साथ साथ अर्थतंत्र को भी मजबूती प्रदान करते है। 


 विशिष्ट वक्ता नागरी प्रचारिणी सभा, काशी के प्रधानमंत्री व्योमेश शुक्ल ने कहा कि काशी को सिर्फ हेरिटेज शहर कह कर काम नही चलाया जा सकता, प्राचीनता, पुरातनता तो काशी के कण कण में व्याप्त है। काशी गंगा की तरह प्रवाहमान होकर विकसित होने वाला शहर है। आईआईटी बीएचयू की विजिटिंग प्रोफेसर डॉ. अमिता सिन्हा ने मणिकर्णिका घाट पर आधारित पावर पॉइंट प्रेजेंटेशन दिया। अध्यक्षता करते हुए काशी हिन्दू विश्वविद्यालय के वरिष्ठ प्रोफेसर संजय कुमार ने कहा कि बनारस स्थिर रहने वाला शहर नही है, इतिहास में ना जाने कितनी बार इसका विंध्वस हुआ और उतनी ही बार इसका विकास हुआ। इस शहर को कोई नियंत्रित नही कर सकता, यह स्वयं से संचालित होता है। इसके पूर्व संगोष्ठी का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन एवं माँ सरस्वती के चित्र पर माल्यापर्ण से हुआ। 

स्वागत कॉलेज के का. प्राचार्य प्रो.मिश्रिलाल, विषय स्थापना डॉ. महिमा सिंह एवं धन्यवाद ज्ञापन डॉ. इंद्रजीत मिश्रा ने दिया। विभिन्न सत्रों में प्रो. आरती निर्मल, डॉ. विनीता चंद्रा, डॉ. जसविंदर कौर, भानुमति मिश्रा आदि विद्वानों ने भी विचार रखे। इस अवसर पर विभाग के डॉ. नजमुल हसन, डॉ. प्रज्ञा अग्रवाल, डॉ. आराधना सिंह, खितेश विराट शर्मा, शुभम कुमार, शीयुक्ता बासनेट, अनुजा रंजन सहित अन्य विभागों के प्राध्यापक उपस्थित रहे।

VKM Varanasi Main पन्द्रह दिवसीय छन्दोऽभ्यास कार्यशाला सम्पन्न

संस्कृत मातृमण्डलम्' में दिखा साहित्य संगीत और कला  की त्रिवेणी का अद्भुत संगम



dil india live (Varanasi). वसन्त कन्या महाविद्यालय, कमच्छा, वाराणसी में  संस्कृत विभाग द्वारा संस्कृतमातृमण्डलम् के अन्तर्गत आयोजित  पन्द्रह दिवसीय छन्दोऽभ्यास कार्यशाला  (दिनांक 10.03.26-24.03.26) सम्पन्न हुई। समापन समारोह भारतीय जनमानस के  त्रिकालाबाधित पुरोधा पुरुषोत्तम श्रीराम को समर्पित रहा। इस सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक कार्यक्रम  का शुभारम्भ मङ्गलाचरण के रूप में ‘राम रतन धन पायो’ भजन की अत्यन्त भावपूर्ण एवं नादात्मक प्रस्तुति से हुआ, जिसे प्रो. मीनू पाठक, विभागाध्यक्षा, वाद्य संगीत विभाग द्वारा प्रस्तुत किया गया। उनकी मधुर स्वर लहरियों ने उपस्थित जनसमुदाय को भक्तिरस में सराबोर कर दिया। तत्पश्चात् स्वागत वक्तव्य डॉ. शान्ता चटर्जी, विभागाध्यक्षा, संस्कृत विभाग द्वारा प्रस्तुत किया गया। उन्होंने सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों का हार्दिक अभिनन्दन करते हुए कार्यक्रम की रूपरेखा एवं उसके महत्व पर प्रकाश डाला।इसके पश्चात् शास्त्रीय नृत्य की आकर्षक प्रस्तुति स्नातकोत्तर प्रथम वर्ष की छात्रा प्रतिष्ठा द्वारा दी गई, जिसने अपनी अभिव्यक्ति, ताल एवं लय के माध्यम से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।कार्यक्रम का अगला आकर्षण ‘श्रीराम स्तुति’ रहा, संस्कृतमातृमण्डलम् की अध्यक्षा डॉ. कमला पाण्डेय के निर्देशन में प्रशिक्षित छात्राओं द्वारा सामूहिक रूप से सभी गेय छन्दों में प्रस्तुत किया गया। इस प्रस्तुति में कार्यशाला की संयोजिका डॉ. मञ्जू कुमारी, सहायक आचार्या ने सूत्रधार की भूमिका निभाते हुए पूरे कार्यक्रम को सुसंगठित एवं प्रभावी ढंग से संचालित किया।

इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में डॉ. तुलसी कुमार जोशी, सहायक आचार्य, वसन्त महिला महाविद्यालय, राजघाट, वाराणसी उपस्थित रहे। उन्होंने अपने उद्बोधन में  गुरुमुख से प्राप्त शिक्षा को प्रभावकारी बताते हुए उसकी महत्ता पर बल दिया। कार्यक्रम की अध्यक्षता विदुषी प्रो. मञ्जु सुन्दरम, पूर्व विभागाध्यक्षा, संगीत विभाग द्वारा की गई। अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में उन्होंने विद्यार्थियों के प्रयासों की सराहना करते हुए  छन्दों को जीवन में मति, अभिव्यक्ति और गति देकर जीवन को सार्थक बनाने का साधन बताया। कार्यक्रम का संचालन सुधा चौबे तथा धन्यवाद ज्ञापन डॉ. प्रियंका पाठक ने किया। कार्यक्रम में सभी शिक्षिकाओं सहित लगभग पचास छात्राओं की उपस्थिति रही ।

History dipartment व 'इतिवृत्त क्लब' द्वारा शोध विधियों' पर दस दिवसीय कार्यशाला का शुरू

व्याख्यान में वीकेएम की छात्राओं ने जाना क्यों जरूरी है इतिहास लेखन



dil india live (Varanasi). वसन्त कन्या महाविद्यालय, कमच्छा , वाराणसी में 23 मार्च से 30 मार्च 2026 तक ' इतिहास विभाग' और 'इतिवृत्त क्लब' के संयुक्त तत्वावधान में ' ऐतिहासिक शोध विधियों' पर दस दिवसीय कार्यशाला का आयोजन ' हिस्टोरिका संस्थान' द्वारा प्रयोजित किया गया।कार्यशाला के उद्घाटन का शुभारम्भ महाविद्यालय की प्राचार्या प्रो. रचना श्रीवास्तव के आशीर्वचनों से हुआ। कार्यक्रम में महाविद्यालय की वरिष्ठ सदस्या डॉ शांता चैटर्जी ने इतिहास की किस प्रकार पुनरावृत्ति होनी चाहिए पर विद्वत वक्तव्य देते हुए ऐतिहासिक शोध विधियों पर चर्चा की। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि विष्णु शर्मा एवं बसन्त ने इतिहास लेखन क्यों जरूरी है पर विस्तृत व्याख्यान दिया। अतिथियों का स्वागत डॉ शशिकेश कुमार गोंड द्वारा और कार्यशाला विषय की प्रस्तावना प्रोफेसर पूनम पांडेय द्वारा किया गया। 

कार्यशाला में कुल दस व्याख्यानों का आयोजन किया जाएगा। जिसमें प्रथम दिवस का व्याख्यान डॉ श्वेता सिंह (इतिहास विभाग) द्वारा ऐतिहासिक स्रोतों एवं उसके प्रकृति एवं वर्गीकरण पर व्याख्यान दिया जाएगा। द्वितीय दिवस 24 मार्च 2026 का व्याख्यान प्रोफेसर कल्पना आनंद (समाजशास्त्र विभाग) द्वारा थीसिस राइटिंग और रेफरेंसिंग पर तथा डॉ. प्रिया सिंह (अर्थशास्त्र विभाग) द्वारा 'क्वालिटेटिव एंड क्वांनिटेटिव मेथड ' पर व्याख्यान देंगी। तृतीय दिवस 25 मार्च 2026 का व्याख्यान डॉ सिमरन सेठ (समाजशास्त्र विभाग) द्वारा ' तुलनात्मक, नृजातीय और पर्यावरणीय इतिहास' और डॉ.आरती चौधरी द्वारा (प्राचीन इतिहास एवं संस्कृति पुरातत्व विभाग)  ' नया पुरातत्व' विषय पर व्याख्यान प्रस्तुत किया जाएगा।



चतुर्थ दिवस दिनांक 26 मार्च 2026 को डॉ.आरती कुमारी (ए.आई .एच .सी विभाग) द्वारा ' पुरातत्व और भौतिक संस्कृति ' और डॉ.विपिन सोलंकी (भूगोल विभाग) द्वारा ' जनसांख्यिकी, स्थानिक तकनीकें और संगणनात्मक' विषय पर व्याख्यान दिया गया। पंचम दिवस डॉ आनंद कुमार त्रिपाठी (इतिहास विभाग)विषय' इतिहास: पद्धतिगत बहसें और परिप्रेक्ष्य' पर अपनी व्याख्यान प्रस्तुत करेंगे। डॉ. कल्पना सिंह ( इतिहास विभाग ) द्वारा ' ऐतिहासिक स्रोतों और साक्ष्यों की व्याख्या' प्रस्तुत की जाएगी।अन्तिम व्याख्यान डॉ.विनीता सिंह (शिक्षा शास्त्र संकाय विभाग) ' सामाजिक विज्ञान अनुसंधान में साहित्यिक चोरी को समझना: अवधारणाएँ, कारण और परिणाम' विषय पर व्याख्यान प्रस्तुत किया जाएगा। इसी क्रम में ' शहीद दिवस' मनाते हुए 23 मार्च को देश के शहीद वीरों भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव को श्रद्धांजलि दी गई। कार्यक्रम में डॉ. मालविका डॉ.अनुजा त्रिपाठी एवं रणनीति राय सहित समस्त शिक्षकगण एवं इतिवृत्त क्लब मेंबर मानविका, मनीषा, ऐंदवी, प्राची श्रद्धा एवं सुगंधा, श्रुति, अनुक्ता एवं अमीषा के साथ समस्त छात्राएं उपस्थित रहीं।

jan kalyan parishad: eid मिलन में हुई दुआएं, दुनिया में भारत एक मिसाल कायम करें... आमीन

काव्य पाठ संग हर्षोल्लास से मना ईद मिलन समारोह



 F. farouqi Babu 

dil india live (Varanasi). जन कल्याण परिषद् उत्तर प्रदेश के तत्वावधन में ईद मिलन , कवि सम्मेलन व सम्मान समारोह का आयोजन अन्नपूर्णा सभागार राम कटोरा में  किया गया , जिसकी अध्यक्षता संस्था के प्रदेश अध्यक्ष गंगा सहाय पाण्डेय ने व मुख्य अतिथि ई० शमशुल आरफीन जी रहे। सहायक पुलिस आयुक्त यातायात सोमवीर सिंह तिरोही ने अभिनन्दन के प्रति आभार प्रकट करते हुए कहा कि यातायात नियंत्रण में नागरिकों का सहयोग अपेक्षित है।






      इस अवसर पर शहर के जाने- मानें कवि शायर उपस्थित होकर सभी ने एक दूसरे का मुंह मीठा करा कर व गले मिलकर दूसरे को ईद की बधाई दी। अध्यक्षता कर रहे गंगा सहाय पाण्डेय ने अपने उद्बोधन में कहा कि ईद प्रेम व मिलाप का पावन पर्व है , प्रेम किसी सभी धर्मों का अंग है जो सभी को आपस में जोड़ कर रखता है जिससे देश में अमन चैन रहता है और देश का गौरव बढ़ाता ।

   मुख्य अतिथि ई. शमशुल आरफीन ने कहा ईद हो या होली दोनों ही बड़ा पावन पर्व है इसमें हम सब आपस में गले मिल कर भाईचारे का पैगाम दुनिया की फलक पर देते हैं, मैं ख़ुदा से यही कहता हूं हम सब का प्यार इसी तरह बढ़ता रहे और दुनिया में भारत एक मिसाल कायम करें सभी को ईद की बहुत बहुत बधाई ।

   इस अवसर पर निम्नलिखित रचनाकारों ने काव्य पाठ किया सर्व श्री देवेन्द्र पाण्डेय, जमाल बनारसी, जितेन्द्र श्रीवास्तव टोपी,  बुद्धदेव तिवारी , प्रदीप कुमार, गणेश  सिंह प्रहरी, भुलक्कड़ बनारसी, जितेन्द्र श्रीवास्तव टोपी, बनारसी, सुबोध कुमार, आनन्द कृष्ण मासूम ने काव्य पाठ कर खूब वाहवाही बटोरी व एडवोकेट महफूज़ आलम मुन्ना, डा. अंजनी कुमार मिश्रा, जमाल अहमद अंसारी, जमाल ख़ान, सतीश कसेरा, डा. मोईन अहमद अंसारी, डा. नईम कादरी, डा. अंजनी कुमार मिश्रा आदि लोग प्रमुख रूप से उपस्थित थे।

  कार्यक्रम का सफल संचालन कवि सिद्धनाथ शर्मा सिद्ध ने व धन्यवाद ज्ञापन संस्था के वरिष्ठ उपाध्यक्ष डा. अंजनी कुमार मिश्रा ने किया ।

सोमवार, 23 मार्च 2026

VKM Varanasi Main छह दिवसीय लिंग-संवेदनशीलता अनुसंधान कार्यक्रम का पांचवां दिन

किसी व्यक्ति की सामाजिक स्थिति उसके जेंडर से नहीं  बल्कि जाति, वर्ग, धर्म व लैंगिकता भी महत्वपूर्ण-प्रो. पद्मिनी


dil india live (Varanasi). वसंत कन्या महाविद्यालय में महिला अध्ययन प्रकोष्ठ एवं युवा समिति के संयुक्त तत्वावधान में संचालित छह दिवसीय लिंग-संवेदनशीलता अनुसंधान कार्यक्रम के अंतर्गत पांचवे दिन, सोमवार को दो सत्रों में कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के पहले सत्र का विषय "मीडिया और लैंगिक संवेदनशीलता" एवं दूसरे सत्र का विषय "भारतीय संदर्भ में अंतर्संबंधता की समझ: जाति, वर्ग, धर्म एवं लैंगिकता" का आयोजन किया गया। कार्यशाला के सफल आयोजन के लिए प्राचार्या प्रोफेसर रचना श्रीवास्तव ने शुभकामनाएं दी। प्रथम सत्र में मुख्य वक्ता के रूप में अशोक कुमार पाण्डे (सहायक निर्देशक, आकाशवाणी) उपस्थित थे। 



मुख्य वक्ता का स्वागत अनुराधा बापुली द्वारा किया गया। इन्होंने मीडिया के विभिन्न माध्यमों में लैंगिक संवेदनशीलता के महत्व पर चर्चा की। सत्र के दौरान वक्ता ने मुख्य रूप से इस बात पर जोर दिया कि मीडिया समाज का दर्पण है, इसलिए समाचारों की रिपोर्टिंग और विज्ञापनों में 'जेंडर न्यूट्रलिटी' (लैंगिक निष्पक्षता) का होना अनिवार्य है। उन्होंने विभिन्न उदाहरणों के माध्यम से छात्राओं को यह समझाया कि किस प्रकार जिम्मेदार पत्रकारिता समाज में सकारात्मक परिवर्तन ला सकती है।

द्वितीय सत्र में मुख्य वक्ता के रूप में प्रो. पद्मिनी रवींद्रनाथ (अर्थशास्त्र विभाग, महिला महाविद्यालय बीएचयू) ने अपने व्याख्यान में भारतीय समाज की विविधताओं पर प्रकाश डालते हुए बताया कि किसी भी व्यक्ति की सामाजिक स्थिति केवल उसके जेंडर से निर्धारित नहीं होती, बल्कि उसकी जाति, वर्ग, धर्म एवं लैंगिकता भी उसमें महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने छात्राओं को सामाजिक भेदभाव के प्रति सजग रहने तथा समानता और सम्मान की भावना को अपनाने के लिए प्रेरित किया।

दोनों सत्र अत्यंत ज्ञानवर्धक एवं प्रभावशाली रहे। छात्राओं ने पूरे उत्साह के साथ सहभागिता की तथा प्रश्न-उत्तर सत्र में अपनी जिज्ञासाएं भी व्यक्त कीं। कार्यशाला का सफलतापूर्वक संयोजन डॉ अनुराधा बापुली तथा संचालन अनन्या पाण्डे ( स्नातक प्रथम वर्ष) द्वारा किया गया। इस अवसर पर कार्यशाला के आयोजन समिति के सदस्य जिनमें डॉ. मालविका, डॉ. प्रियंका, डाॅ. पूर्णिमा सिंह, डॉ. शुभांगी श्रीवास्तव, डॉ. प्रतिमा सिंह आदि उपस्थित रहे।