मंगलवार, 10 जून 2025

Varanasi main Sant Kabir प्राकट्य महोत्सव में जुटे कबीर के अनुयायी

आज के युग में भी कबीर प्रासंगिक 

कबीर प्राकट्य महोत्सव का असम के राज्यपाल लक्ष्मण आचार्य ने किया उद्घाटन


Varanasi (dil India live). प्राचीन संत कबीर प्राकट्य स्थली Lahartara में प्राकट्य महोत्सव में संत कबीर के अनुयायियों का रेला उमड़ पड़ा है। देश के कोने कोने से कबीर पंथी कबीर साहेब के प्राकट्य स्थल पर पहुंच कर धन्य हो उठें हैं। इससे पहले कार्यक्रम का उद्घाटन सोमवार को असम के राज्यपाल लक्ष्मण प्रसाद आचार्य ने किया। इस दौरान उन्होंने आम का पेड़ लगाकर इस पवित्र भूमि को पर्यावरण को बचाने का भी संदेश दिया। 


आज के युग में भी कबीर प्रासंगिक 

प्रत्येक वर्ष की भांति इस वर्ष भी कबीर प्रकट महोत्सव का आयोजन प्राचीन संत कबीर प्राकट्य (जन्म) स्थली में भव्य आयोजन विशेष रहा। उन्होंने कहा कि आज कबीर जैसे व्यक्ति की जरूरत है हमे ढाई अखर प्रेम की जरूरत है। यदि प्रेम की भाषा को समझ जाए तो कोई विवाद ही नहीं होगा, यदि कबीर साहब का विचार हम सभी मान जाएं तो एक विकसित  भारत बन जाएगा। इस मौके पर महामहिम लक्ष्मण प्रसाद आचार्य राज्यपाल असम, स्वामी विवेकनाथ महाराज, (भगवान वाल्मीकी मंदिर चाणक्य पुरी दिल्ली), आयुष मंत्री दया शंकर दयालु, प्रोफेसर राजनीश शुक्ल, अन्य महामंडलेश्वर, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता विजय शंकर पाण्डेय, अमरीश सिंह भोला, सभासद  संजू सरोज के साथ अन्य गणमान्य अतिथि ने अपने विचार व्यक्त किया। 





सच के रास्ते पर चलने की जरूरत

इस महोत्सव में तीन दिन तक भजन, सत्संग संगोष्ठी आयोजित की जाएगी। कबीर प्रकट स्थल के महंतेश्वर महंत गोविंद शास्त्री ने बताया कि हमे सच की जरूरत है सच के रास्ते पर चल कर हम एक अच्छे इंसान बन सकते है। प्रथम दिन के उद्घाटन कार्यक्रम में असम के राज्यपाल ने धर्म क्या है उस पर बोलते हुए कहा कबीर दास ने जो कहा वह आज भी उनकी वही प्रासंगिकता है। कार्यक्रम में प्रथम दिवस का कार्यक्रम का उद्घाटन शाम को 7:00 बजे से संगोष्ठी का आयोजन किया गया है इस कार्यक्रम में कबीर अमृत चेतना पत्रिका का भी विमोचन हुआ। कार्यक्रम में कई महामंडलेश्वर ने अपने विचार व्यक्त किया। समाचार लिखे जाने तक दूसरे दिन का कार्यक्रम जारी था। लहरतारा दूर दराज से लोग पहुंचे हुए थे।

Hardoi news: मैं ससुराल नहीं जाऊंगी डोली रख दो कहार...

दूल्हे की दाढ़ी का बहाना कर दूल्हन ने किया फिल्मी स्टाइल में शादी से इंकार 


  • सरफराज अहमद 
Hardoi (dil India live). मैं ससुराल नहीं जाऊंगी डोली रख दो कहार..., यह गीत कभी शोखी में किसी फिल्म में गाया गया था, मगर हरदोई के मिहीपुर गांव में जो कुछ भी हुआ वो संजीदा तरीके से किसी फिल्मी नज़ारे को भी मात देता नज़र आया। यहां ससुराल जाने से इंकार तो दूर यहां दुल्हन ने छोटी सी बात पर लड़के से शादी करने से ही मना कर दिया। लड़की लड़का पक्ष का लाखों खर्च और बेइज्जती एक के साथ एक मुफ्त अलग से मिली। 

जानिए क्या है पूरी कहानी 

मिहीपुर गांव का एक युवक पिछले दिनों शाम में अपनी बारात लेकर नाचते गाते धूमधाम से अनीता के घर पहुंचा। घरातियों ने बारातियों का भव्य स्वागत किया। शादी की शानदार तैयारी थी, जनवासा, भोजन, डीजे और गिफ्ट की पूरी व्यवस्था थी। लेकिन जैसे ही द्वारपूजा और जयमाला का वक्त आया, माहौल पूरी तरह बदल गया। 

स्टेज पर पहुंची दुल्हन ने शादी से किया इंकार

स्टेज पर पहुंचते ही दुल्हन अनीता ने साफ शब्दों में शादी करने से इनकार कर दिया। जब सभी ने इसकी वजह पूछी तो उसने कहा। ‘मैं दाढ़ी वाले लड़के से शादी नहीं करूंगी, मुझे क्लीन शेव लड़का चाहिए। यह सुनकर घरातियों और बारातियों में खलबली मच गई। दोनों पक्षों के बड़े-बुज़ुर्गों ने समझाने की कोशिश की कि शादी के बाद दूल्हा दाढ़ी बनवा सकता है, पर अनीता ने एक न सुनी। उधर दूल्हा भी अपनी इस तरह की गई बेइज्जती से काफी दुखी हो गया। शादी की खुशियां काफूर हो गई। हालांकि दूल्हे ने भी कहा मैं दाढ़ी बनवा दूंगा पर दूल्हन तैयार नहीं हुई। इस बारात और घटना की चर्चा चारों ओर हो रही है।

सोमवार, 9 जून 2025

Mirzapur main Varanasi के चार युवक डूबे, दो लापता

औरंगाबाद के है रहने वाले, दो को बचाया गया, रेती पर माैज-मस्ती पड़ गई भारी

सरफराज/रिजवान 

Mirzapur (dil India live). चुनार थाना क्षेत्र के बहरामगंज स्थित कोल्हुआं घाट पर सोमवार शाम गंगा में नहा रहे छह साथियों में चार गंगा में डूबने लगे। दो को उनके साथ आए मित्रों ने बचा लिया पर दो गंगा में डूब गए। मौके पर गोताखोर व पुलिस डूबे युवकों की तलाश कर रही है। 

वाराणसी के लल्लापुरा इलाके के चार दोस्त शनि (28), शहबाज (19), साजिद (19) और छोटू (20) चुनार घूमने आए थे। शाम को ये चारों चुनार के दरगाह शरीफ के रहने वाले अपने मित्र विक्की चौरसिया व बहरामगंज के राकेश के साथ नहाने के लिए कोल्हुआ घाट गए। जहां सभी नाव से गंगा के बीच में पड़ी रेती पर चले गए वहां पहुंच कर गंगा में नहाने लगे। 

नहाने के दौरान पानी की गहराई का अंदाजा न होने के कारण चारों डूबने लगे। इनमें से साजिद व छोटू को किसी तरह विक्की व राकेश ने बचा लिया, लेकिन शनि और शहबाज गहरे पानी में जाने से डूब गए। घटना की जानकारी होते ही आसपास के लोग इकट्ठा हो गए और सूचना पुलिस को दिया। 

मौके पर कोतवाल रवींद्र भूषण मौर्य, हल्का इंचार्ज राजेश रमण राय के साथ पहुंच गए और उन्होंने इसकी सूचना डूबे युवकों के परिजनों को दी। इसके साथ ही मौके पर स्थानीय गोताखोरों को भी पुलिस द्वारा बुलवाया गया है। दो युवकों की तलाश चल रही है। चारों युवक दो बाइक से आए थे।

Varanasi Nagar Nigam अधिकारियों ने तैयार किया सफाई के लिए अनोखा प्लान

सड़क पर कूड़ा कोई फेंकें आप फोटो भेजकर पाएं रुपये 500 इनाम

Sarfaraz Ahmad/Mohd Rizwan 

Varanasi (dil India live). यूपी के वाराणसी जिले में सफाई को लेकर नगर निगम ने एक अनोखा प्लान तैयार किया है। इस प्लान के तहत वाराणसी नगर निगम लोगों को सुधारने के लिए आम नागरिकों की ही मदद की ओर एक कदम बढ़ाया है। कार्यकारिणी की बैठक में आए प्रस्ताव को मंजूरी मिलने के बाद जल्द ही इस 'स्मार्ट काशी ऐप' के जरिए इंप्लीमेंट करने की तैयारी की जा रही है। इसके योजना के तहत गंदगी फैलाने वाले, कूड़ा फेंकने वाले और साफ-सुथरी सड़कों को गंदा करने वालों पर पब्लिक का ही मदद ली जाएगी। बदले में नगर निगम के मददगार को कैश इनाम दिया जाएगा। 

नगर निगम वाराणसी के जनसंपर्क अधिकारी संदीप श्रीवास्तव ने बताया कि पिछली कार्यकारिणी की बैठक में पार्षद श्याम आश्रय मौर्य की तरफ से एक प्रस्ताव लाया गया था। यह प्रस्ताव था 'फोटो भेजो और इनाम पाओ'। इसको लेकर अधिकारियों ने पूरा प्लान तैयार कर लिया है। जिसके बाद वाराणसी नगर निगम के स्मार्ट काशी ऐप के जरिए इसको लिंक किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि यदि कोई व्यक्ति मोहल्ले में गंदगी करने वाले, कचरा फेंकने वाले, इधर-उधर थूकने वाले या फिर खुले में शौच या अन्य किसी भी तरह की गंदगी फैलाने वाले की तस्वीर स्मार्ट काशी ऐप पर अपलोड करता है तो उसका नाम पता गुप्त रखते हुए उसके यूपीआईडी नंबर पर 500 रुपये का इनाम भेजा जाएगा।

उन्होंने बताया कि इनाम मिलने के बाद जो व्यक्ति गंदगी करता हुआ कमरे में कैद होगा उसके खिलाफ कार्रवाई करते हुए स्थानीय सुपरवाइजर की मदद से उसका चालान भी किया जाएगा। जिसके एवज में उसे 100 रुपये से लेकर ढाई हजार रुपये तक के चालान की राशि का भुगतान करना पड़ेगा।

दरअसल यह अलग-अलग मद में डिसाइड है कि किस नियम की अनदेखी पर किस तरह का चालान होगा। ऐसे में यह प्रक्रिया आम नागरिकों को जोड़ते हुए जनता की मदद से ही सुधार की दिशा में आगे बढ़ाई जाएगी। यह कार्य पहले इंदौर व अन्य कई शहरों में लागू किया गया, जिसका अच्छा रिस्पांस भी मिला।

Varanasi में प्रबन्ध निदेशक Office पर बिजली के निजीकरण के विरोध में जोरदार प्रदर्शन

बनारस के बिजली कर्मचारी कल जनजागरण के द्वितीय चरण में पन्नालाल पार्क पर करेंगे सभा 

बिजली कर्मचारियों का ऐलान

उत्तर प्रदेश में बिजली के निजीकरण का टेंडर होते ही पूरे देश के 27 लाख बिजली कर्मी एक दिन की सांकेतिक हड़ताल करेंगे: 02 जुलाई को उत्तर प्रदेश के बिजली कर्मियों के समर्थन में देश के सभी जनपदों में व्यापक विरोध प्रदर्शन होंगे : 09 जुलाई को देश के बिजली कर्मी उप्र में निजीकरण के विरोध में राष्ट्र व्यापी हड़ताल करेंगे।

  • sarfaraz Ahmad 

Varanasi (dil India live)।  विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति, उत्तर प्रदेश के बैनर तले आज भिखारीपुर स्थित प्रबन्ध निदेशक कार्यालय पर दोपहर-2 बजे से 5 बजे तक बनारस के बिजलीकर्मियो ने बिजली के निजीकरण के विरोध में जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। कल से जनजागरण सभा बनारस के अलग-अलग क्षेत्रो में किये जाने के तारतम्य में कल 33 / 11 के.वी. विद्युत उपकेंद्र पन्नालाल पार्क पर जनजागरण सभा किया जाएगा। यह सभा शाम 3 बजे से जनजागरण सभा किया जाएगा जिसमें उस क्षेत्र के जनप्रतिनिधि एवं व्यापार संगठन के पदाधिकारियों एवं अन्य को सम्मिलित किया जाएगा।

 

अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन करते बिजली कर्मचारी 

 वक्ताओ ने बताया कि वर्तमान में चर्चा का विषय है कि बिजली के फाल्ट समय से दूर नही हो रहे है और जनता को परेशानी हो रही लेकिन इसका मुख्य कारण हमारे पुर्वांचल के पूर्व निदेशक कार्मिक थे जिन्होंने पूरे पुर्वांचल के सभी वितरण खंडों में संविदाकर्मियों की संख्या को कम कर दिया था जिसके कारण फील्ड के अधिकारी राजस्व वसूली  को प्राथमिकता देते हुए राजस्व वसूली में कर्मचारियों को लगा दिए है किंतु स्थिति ये है कि 10 हजार उपभोक्ताओं को प्रत्येक शिफ्ट में 6-9संविदाकर्मियों द्वारा राजस्व वसूली के साथ लाइन अनुरक्षण का कार्य संपादित किया जा रहा है जिससे बनारस जैसे माननीय प्रधानमंत्री जी के क्षेत्र में ही वर्तमान में पूर्व के साल से लगभग 400-500संविदाकर्मियों को निकाल दिया गया है जिसके कारण बिजली के मरम्मत होने में काफी समय ल जा रहा है। 

   वक्ताओ ने बताया कि प्रबन्ध निदेशक पुर्वांचल को संघर्ष समिति पुर्वांचल कमेटी द्वारा पत्र के माध्यम से 5 सूत्रीय मांग पत्र लगभग 2 महीने से दिया गया है किंतु उनके द्वारा समस्याओं का समाधान तो दूर की बात बल्कि संघर्ष समिति से द्विपक्षीय वार्ता हेतु भी आज तक पत्र नही जारी किया गया। जिसके कारण कर्मचारियों में लगातार नाराजगी बढ़ती जा रही है और एक दिन बड़े आंदोलन होने की संभावना से इनकार भी नही किया जा सकता है।

  वक्ताओ ने बताया कि आज  नेशनल कोऑर्डिनेशन कमिटी आफ इलेक्ट्रिसिटी इंप्लाइज एंड इंजीनियर्स की बैठक में  निजीकरण के विरोध में 194 दिन से लगातार  उत्तर प्रदेश के बिजली कर्मियों द्वारा चलाए जा रहे आंदोलन की सराहना की गयी और पावर कार्पोरेशन प्रबंधन द्वारा कर्मचारियों, संविदा कर्मियों, जूनियर इंजीनियरों और अभियंताओं के दमन की निंदा की। यह भी चेतावनी दी गई कि यदि बिजली कर्मियों का दमन न रुका तो देश के तमाम 27 लाख बिजली कर्मी मूक दर्शक नहीं रहेंगे और लोकतांत्रिक ढंग से इसके विरोध में आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे जिसकी सारी जिम्मेदारी उत्तर प्रदेश सरकार की होगी साथ ही कोऑर्डिनेशन कमिटी ने यह भी निर्णय लिया कि उत्तर प्रदेश में चल रहे बिजली के निजीकरण के विरोध में आगामी 02 जुलाई को पूरे देश में व्यापक विरोध प्रदर्शन किया जाएगा।  

       कोऑर्डिनेशन कमेटी ने यह भी निर्णय लिया कि  पूरे देश में खासकर उप्र में चल रही बिजली की निजीकरण की प्रक्रिया के विरोध में आगामी 09 जुलाई को देशभर के तमाम  बिजली कर्मी  निजीकरण के विरोध में राष्ट्रव्यापी हड़ताल करेंगे।

     वक्ताओ ने बताया कि आज नेशनल कोऑर्डिनेशन कमेटी ऑफ़ इलेक्ट्रिसिटी इंप्लाइज एंड इंजीनियर्स ने केंद्र सरकार से मांग की है कि किसानों, आम घरेलू उपभोक्ताओं और गरीब उपभोक्ताओं के व्यापक हित में केंद्र सरकार तत्काल हस्तक्षेप कर उत्तर प्रदेश में चल रही बिजली की निजीकरण की प्रक्रिया को निरस्त कराए।

   सभा की अध्यक्षता ई. नरेंद्र वर्मा ने एवं संचालन सौरभ श्रीवास्तव ने किया। सभा को सर्वश्री ई. मायाशंकर तिवारी, ई. के.के. ओझा, ई. प्रीति यादव, ई. रुचि कुमारी, अलका कुमारी, प्रमोद कुमार, अंकुर पाण्डेय, संदीप कुमार, रंजीत पटेल, विजय नारायण हिटलर, सुनील कुमार, मनोज यादव, हेमंत श्रीवास्तव आदि ने संबोधित किया।

Varanasi main NSUI का तीन दिवसीय प्रशिक्षण शिविर 'Buniyad' का हुआ आगाज़

नेतृत्व निर्माण की नींव रखता एनएसयूआई का "बुनियाद" प्रशिक्षण शिविर




Varanasi (dil India live). वाराणसी में आज एनएसयूआई यूपी ईस्ट द्वारा आयोजित तीन दिवसीय नेतृत्व निर्माण शिविर “बुनियाद” का आगाज़ हुआ। इस प्रशिक्षण शिविर का उद्देश्य युवाओं में वैचारिक स्पष्टता, संगठन कौशल और सामाजिक जिम्मेदारियों के प्रति सजगता का विकास करना है।

शिविर की शुरुआत सेवादल टीम द्वारा ध्वजारोहण के साथ हुई, जिसके बाद दिवाकर सिंह द्वारा प्रशिक्षण विषय और सदस्यों का परिचय सत्र आयोजित किया गया। इस सत्र में सदस्यों ने शिक्षा, राजनीति, रुचियों और पारिवारिक पृष्ठभूमि के बारे में परिचय देकर आपसी संवाद को मजबूत किया। वैचारिक सत्र में डॉ. सौरभ बाजपेयी ने “गांधी और नेहरू के ‘आइडिया ऑफ इंडिया’” पर खुला संवाद आयोजित किया, जहां कांग्रेस की विचारधारा और आज के भारत में उसकी संभावनाओं पर चर्चा हुई।


इसके बाद पत्रकार और लेखक पियूष बबेले ने 'गाँधी, भगत, अम्बेडकर, सरदार पटेल, सुभाष चंद्र बोस और नेहरू' पर हो रहे भ्रामक प्रचारों के विरुद्ध तथ्यात्मक समझ प्रस्तुत की। सामाजिक न्याय और संगठन निर्माण पर मनीष शर्मा ने संवाद किया, जबकि संतोष ने नई शिक्षा नीति की आलोचनात्मक समीक्षा की। शिविर के अंतर्गत आरटीआई, आरटीई, मनरेगा, खाद्य सुरक्षा और भूमि अधिग्रहण विधेयक जैसे कानूनों पर भी जानकारी दी गई, जिसमें बल्लभ ने सटीक और सरल व्याख्या की।


शाम के सत्र में इंदु और टीम द्वारा लैंगिक मुद्दों पर एक फिल्म प्रदर्शन और विमर्श आयोजित किया गया, जिसने प्रतिभागियों को संवेदनशील और समावेशी दृष्टिकोण से सोचने के लिए प्रेरित किया। प्रशिक्षण शिविर के दौरान पूर्व एमएलसी दीपक सिंह, उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमिटी के उपाध्यक्ष विश्व विजय सिंह, ज़िलाध्यक्ष राजेश्वर सिंह पटेल, कांग्रेस पार्षद प्रिंस राय खगोलन, शिक्षक नेता संजय राय प्रियदर्शी ने किया। कार्यक्रम का संचालन डॉ. विकास सिंह और धन्यवाद ज्ञापन भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन के उत्तर प्रदेश पूर्वी अध्यक्ष ऋषभ पाण्डेय ने किया।

Varanasi main Sports City व टाउनशिप को लेकर विरोध

सड़क चौड़ीकरण में मनमानी के विरोध में तीसरे दिन भी आंदोलन जारी 

ग्रामीणो ने किया प्रदर्शन, अधिकारियों पर मनमानी का लगाया आरोप

  • Mohd Rizwan

Varanasi (dil India live). अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम गंजारी और आसपास के गाँवों में प्रस्तावित सड़क चौड़ीकरण व स्पोर्ट सिटी और टाउनशिप में भूमि अधिग्रहण में हो रही कथित मनमानी के खिलाफ तीसरे दिन सोमवार को भी ग्रामीणों ने यहाँ के एक बाग में जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। पूर्व जिला पंचायत सदस्य प्रतिनिधि व पूर्वांचल किसान यूनियन के अध्यक्ष योगीराज सिंह पटेल के नेतृत्व में हुए इस प्रदर्शन में नागरिकों ने शासन प्रशासन का खिलाफत करने हुए नारेबाज़ी कर अपनी नाराजगी जताई।


प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि विभाग सड़क चौड़ीकरण और स्पोर्ट् सिटी व टाउनशिप के लिए जमीन अधिग्रहण में मनमानी कर रहा है। दस मीटर की निर्धारित चौड़ाई के स्थान पर कही तेरह मीटर, कहीं चौबीस मीटर कहीं तीस मीटर तक जमीन ली जा रही है। इतना ही नहीं, चौड़ाई के मापदंडों में भी भेदभाव हो रहा है—कहीं सड़क ज्यादा चौड़ी बनाई जा रही है तो कहीं कम। इस मनमाने अधिग्रहण से यहां के कई गांव उजाड़ दिए जाएँगे।


अधिग्रहण लेकर अधिकारियों पर नाराजगी

नागरिकों का कहना है कि अधिग्रहण में पारदर्शिता का पूरी तरह अभाव है। प्रदर्शनकारियों के अनुसार, कोई भी अधिकारी या कर्मचारी इस मुद्दे पर संवाद के लिए तैयार नहीं है, जिससे लोगों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है।

अधिग्रहण पारदर्शी और निष्पक्ष हो

प्रदर्शनकारियों ने मांग किया है कि अधिग्रहण पारदर्शी और निष्पक्ष तरीके से किया जाए। सड़क चौड़ीकरण के लिए निर्धारित दस व पन्द्रह मीटर के मानकों का सख्ती से पालन हो। बिना सहमति से अधिग्रहण न किया जाए अधिकारियों द्वारा नागरिकों की समस्याओं को सुना जाए और समाधान के प्रयास किए जाएं।

ज़िम्मेदारों की ओर से अब तक इस मुद्दे पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। आंदोलनकारी नागरिकों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों को जल्द पूरा नहीं किया गया, तो प्रदर्शन को और तेज किया जाएगा। आंदोलन के दौरान राजातालाब एसडीएम शान्तून कुमार ने प्रदर्शनकारियों को तहसील बुलाकर ज्ञापन लिया और ठोस कार्रवाई करने का आश्वासन दिया। 

अपना दल कमेरावादी ने दिया समर्थन

प्रदर्शन की अध्यक्षता हरसोस ग्राम प्रधान ओमप्रकाश सिंह पटेल व संचालन राजकुमार गुप्ता ने किया इस दौरान अपना दल कमेरावादी पार्टी ने प्रदर्शन का समर्थन किया। प्रदर्शन में योगीराज सिंह पटेल, राजकुमार गुप्ता, ओमप्रकाश सिंह पटेल, गगन प्रकाश यादव, दीलिप पटेल, राजेश पटेल, संजय पटेल, पारस नाथ, विनय कुमार, शशि कुमार, प्रदीप कुमार, लालजी, संजय, मनोज, विरेंद्र आदि सहित सैकड़ों लोग शामिल थे।