शुक्रवार, 21 मार्च 2025

Ramzan का दूसरा अशरा 'मगफिरत' मुकम्मल, मुक़द्दस रमज़ान पहुंचा अंतिम दौर में

मुक़द्दस रमजान का तीसरा अशरा 'जहन्नुम से आजादी'  शुरू 

Varanasi (dil India live)। मस्जिदों से जैसे ही अज़ान कि सदाएं, अल्लाह हो, अकबर, अल्लाहो अकबर...फिज़ा में गूंजी। रोज़दारों ने खजूर और पानी से रमज़ान का 20 वां रोज़ा जुमे को मुकम्मल हो गया। इसी के साथ अब रमज़ान का दूसरा अशरा मगफिरत पूरा हो गया। शनिवार को रोज़ेदार सहरी करके इक्कीसवां रोज़ा रखेंगे। इसी के साथ मगफिरत का तीसरा और आखिरी अशरा जुमे की शाम से शुरु गया। 

इससे पहले जुमे को इफ्तार के दस्तरखान पर तमाम लज़ीज़ पकवान सजाएं गये थे। इफ्तारी में चने की घुघनी, पकौड़ी के अलावा अलग-अलग घरों में तरह-तरह की इफ्तारियां सजायी गयी थी। गर्मी से निजात के लिए खरबूजा, तरबूज, रुह आफ्ज़ा, नीबू का शर्बत आदि का भी लोगों ने लुत्फ लिया। रोज़ेदारों ने इन इफ्तारियों का लुत्फ लेने के बाद नमाज़े मगरिब अदा की। इस दौरान रब की बारगाह में सभी ने हाथ फैलाकर तमाम परेशानियों और बीमारियों के खात्मे के लिए दुआएं की। शहर के दालमंडी, नईसड़क, मदनपुरा, रेवड़ीतालाब, गौरीगंज, शिवाला, बजरडीहा, कश्मीरीगंज, कोयला बाज़ार, पठानी टोला, चौहट्टा लाल खां, जलालीपुरा, सरैया, पीलीकोठी, कच्चीबाग, बड़ी बाज़ार, अर्दली बाज़ार, पक्की बाज़ार, रसूलपुरा, नदेसर, लल्लापुरा आदि इलाकों में रमज़ान की खास चहल पहल दिखाई दी। इस दौरान मुस्लिम इलाकों में असर की नमाज़ के बाद और मगरिब के बाद लोग खरीदारी करने उमड़े हुए थे।

Varanasi main COVID जैसे लक्षण मिलने से स्वास्थ्य विभाग हुआ सतर्क

फ्लू से बिगड़ रहा बीपी, मुंह का स्वाद भी हुआ खराब

Varanasi (dil India live)। मुंह में खाने का स्वाद नहीं समझ में आ रहा है। चार-पांच दिन से बुखार और खांसी भी हो रही है। दवा खाने के बाद भी बहुत राहत नहीं मिल पा रही है। बीपी अनियंत्रण की वजह से घबराहट हो रही है। 

इन दिनों इस तरह की समस्या अस्पतालों में आने वाले ज्यादातर मरीजों में मिलने से स्वास्थ्य विभाग चौकन्ना हो गया है। मरीजों की स्क्रीनिंग में जिस तरह से डॉक्टर को लोग लक्षण बता रहे हैं, डॉक्टरों का कहना है कि इन लोगों में कोविड जैसे लक्षण दिखने लगे हैं। ऐसे में लोगों से सेहत के प्रति सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है।

कोरोना काल में जिस तरह की समस्या लोगों में थी, पिछले करीब एक महीने से उसी तरह की समस्या लेकर मरीज अस्पताल पहुंच रहे हैं। खास बात यह है कि इसमें केवल बुजुर्ग और बच्चे, महिलाएं ही नहीं बल्कि युवा भी आ रहे हैं। आईएमएस बीएचयू हृदय रोग विभाग के प्रो. ओमशंकर का कहना है कि पिछले एक महीने से रोज ओपीडी में ऐसे 20 से अधिक मरीज आ रहे हैं। बीमारी के बारे में पूछताछ करने के बाद यह भी पता चल रहा है कि इन लोगों को पहले भी कोरोना का संक्रमण हो चुका है। 

प्रो. ओमशंकर का कहना है कि यह बात सही है कि कोरोना संक्रमण की जांच इन दिनों नहीं हो रही है, लेकिन जिस तरह के लक्षण लोगों में दिख रहे हैं, वो कोविड वाले ही हैं, ऐसे में सभी को सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है। किसी तरह की समस्या पर बिना डॉक्टर की सलाह के कोई दवा न लेने को कहा जा रहा है। अगर कोई पहले से बीमार है तो नियमित जांच, दवा लेते रहना चाहिए।

बच्चों में सर्दी, खांसी की समस्या, सतर्कता जरूरी

बीएचयू बाल रोग विभाग के प्रो. सुनील राव का कहना है कि ओपीडी में इन दिनों सर्दी, खांसी, जुकाम के साथ ही बुखार से परेशान कुछ बच्चों को लेकर लोग आ रहे हैं। पिछले महीने इन्फ्लूएंजा से ग्रसित बच्चे भी आए थे। ध्यान देने वाली बात यह है कि अगर घर में किसी को बुखार, सर्दी की समस्या हो तो बच्चों को दूर रखना चाहिए। साथ ही बाहर निकलने पर धूल से भी बचाना चाहिए।

सीएमओ डाॅ. संदीप चाैधरी कहते हैं कि माैसम में तेजी से हो रहे बदलाव की वजह से इन दिनों फ्लू के मामले बढ़ जाते हैं। इससे सभी अस्पतालों में सर्दी, खांसी और बुखार के मरीज बढ़ गए हैं। सभी अस्पतालों को जांच और इलाज का बेहतर इंतजाम करने का निर्देश दिया गया है।

mukhtar के विधायक बेटे abbas ansari को सुप्रीम कोर्ट से मिली जमानत

अब्बास अंसारी के घर छायी रमज़ान में ही ईद की खुशियां 

मोहम्मद रिजवान 

New Delhi (dil India live). मऊ से सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (SBSP) के विधायक और बाहुबली मुख्तार अंसारी के बेटे अब्बास अंसारी आखिरकार 2 साल 8 महीने की कैद के बाद जेल से बाहर आ गए हैं। गैंगस्टर एक्ट के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने 7 मार्च 2025 को उन्हें जमानत दी थी, जिसके बाद शुक्रवार को उनकी रिहाई हो सकी। इस घटना ने उत्तर प्रदेश के सियासी गलियारों में नई चर्चा छेड़ दी है। वहीं मुख्तार अंसारी के रमज़ान के पहले ही ईद की खुशियां छाई गई है।

चित्रकूट कोर्ट ने दी हरी झंडी

सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद चित्रकूट कोर्ट ने अब्बास की रिहाई के लिए औपचारिक आदेश जारी किया। कोर्ट ने दो जमानतदारों से 2-2 लाख रुपये की जमानत मंजूर की और जेल प्रशासन को रिहाई के निर्देश दिए। इसके बाद चित्रकूट जेल में जरूरी कागजी कार्रवाई पूरी हुई और अब्बास को आजाद कर दिया गया।

दरअसल अब्बास अंसारी को नवंबर 2022 में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने हिरासत में लिया था। उन पर मनी लॉन्ड्रिंग और गैंगस्टर एक्ट के तहत गंभीर आरोप लगे थे। गिरफ्तारी के तुरंत बाद उन्हें चित्रकूट जेल भेज दिया गया, जहां वह बीते ढाई साल से बंद थे। ED की जांच में अब्बास पर अवैध तरीके से धन जुटाने और आपराधिक गतिविधियों में शामिल होने का शक जताया गया था।

सुप्रीम कोर्ट ने दिखाई राह

लंबे समय तक जेल की सलाखों के पीछे रहने के बाद अब्बास ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था. उनकी जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए शीर्ष अदालत ने 7 मार्च 2025 को राहत दी। इस फैसले के बाद कानूनी प्रक्रिया तेज हुई और आखिरकार उनकी रिहाई का दिन आ गया।

अब्बास की रिहाई ने यूपी की राजनीति में हलचल पैदा कर दी है। SBSP के समर्थक इसे बड़ी जीत मान रहे हैं और जश्न की तैयारी में जुट गए हैं। वहीं, विपक्षी दलों के लिए यह सरकार की कानून व्यवस्था पर सवाल उठाने का मौका बन सकता है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि जेल से बाहर आने के बाद अब्बास अंसारी अपने राजनीतिक करियर को किस दिशा में ले जाएंगे। क्या वह  पिता मुख्तार अंसारी की विरासत को आगे बढ़ाएंगे या नई राह चुनेंगे? यह तो आने वाला वक्त ही बताएगा।

शबे कद्र आज रात, पूरी रात जो चाहो मांग लो आज

पूरी रात होगी इबादत, मांगी जायेगी दुआएं

Varanasi (dil India live)। आज शबे कद्र की रात है, आज पूरी रात इबादत होगी, रोज़ेदार पूरी रात जागकर इबादत में मशगूल रहेंगे। दरअसल माहे रमजान के आखिरी दस दिनों की पांच रातों में से कोई एक रात शबे कद्र की रात होती है। इस रात में लोग जागकर रब की इबादत करते हैं। इस्लाम में इस रात को हजार रातों से अफजल बताया गया है। इसलिए रोजेदार ही नहीं बल्कि हर कोई इस रात में इबादत कर अल्लाह से खुसूसी दुआ मांगता है।

हज़ार रातों से अफज़ल है शबे कद्र की रात

रमज़ान महीने के आखरी अशरे के दस दिनों में पांच रातें ऐसी होती हैं जिन्हें ताक रातें कहा जाता है। ये हैं रमज़ान की 21, 23, 25, 27, 29 की शब। इममें से कोई एक शबेकद्र की रात होती है। यह रात हजार महीनों से बेहतर मानी जाती है। इस रात में मुस्लिम मस्जिदों व घरों में अल्लाह की कसरत से इबादत करते हैं। इसमें महिलाएं और बच्चे भी घरों में इबादत करते दिखाई देते हैं। मौलाना निज़ामुददीन चतुर्वेदी कहते हैं कि कुरान में बताया गया है कि तुम्हारे लिए एक महीना रमजान का है, जिसमें एक रात है जो हजार महीनों से अफजल है। जो शख्स इस रात से महरूम रह गया वो भलाई और खैर से दूर रह गया। जो शख्स इस रात में जागकर ईमान और सवाब की नीयत से इबादत करता है तो उसके पिछले सभी गुनाह माफ कर दिए जाते हैं। उन्होंने कहा कि यह रात बड़ी बरकतों वाली रात होती है। यह रात बड़ी ही चमकदार होती है व सुबह सूरज बिना किरणों के ही निकलता है। इस रात को मांगी गई दुआ हर हाल में कुबूल होती है।

दो अशरा हुआ पूरा

मौलाना साकीबुल कादरी कहते हैं कि रमज़ान महीने को तीन अशरों में बांटा गया है। पहले अशरा रहमत, दूसरे को मगफिरत व तीसरे अशरे को जहन्नुम से आजादी का अशरा कहा जाता है। प्रत्येक अशरा दस दिन का होता है। आज 20 रोज़ा पूरा होने के साथ ही दूसरा अशरा मगफ़िरत का भी मुकम्मल हो जाएगा और तीसरा अशरा जहन्नुम से आज़ादी का शुरु होगा।

police Commissioner Varanasi से मिलीं डिप्टी जेलर की बेटी नेहा

जेल अधीक्षक उमेश सिंह पर FIR दर्ज करने की मांग

Mohd Rizwan 

Varanasi (dil India live). वाराणसी के जिला जेल में डिप्टी जेलर के पद पर पूर्व में कार्यरत मीना कन्नौजिया की बेटी नेहा शाह ने शुक्रवार को सीपी मोहित अग्रवाल से मुलाकात की। इस दौरान उनके अधिवक्ता भी साथ रहे। नेहा ने पिछले दिनों अपनी मां के साथ किए गए उत्पीड़न और शोषण के विरोध में लालपुर-पांडेयपुर थाने में मुकदमा दर्ज करने की Application दी।

सीपी से मुलाकात के बाद नेहा शाह ने कहा- सीपी ने कहा कि विभागीय कार्रवाई है। विभाग जब तक हमें रिपोर्ट नहीं सौंपता है हम कोई कार्रवाई नहीं कर सकते हैं। हमारी एप्लिकेशन एसीपी कैंट विदुष सक्सेना को फारवर्ड कर दिया है। इस दौरान एक बार फिर डिप्टी जेलर पर नेहा शाह ने गंभीर आरोप लगाए हैं। पुलिस द्वारा FIR दर्ज करने की मांग के साथ पहुंची नेहा नेहा शाह ने लालपुर-पांडेयपुर थाने में 19 मार्च को उमेश सिंह पर FIR दर्ज करने के लिए एप्लिकेशन दी थी। इस पर पुलिस ने उच्चाधिकारियों को बताकर कार्रवाई करने की बात कही थी। इस संबंध में आज पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल से मिलकर डिप्टी जेलर मीना कन्नौजिया की बेटी नेहा शाह ने जेल अधीक्षक उमेश सिंह पर FIR दर्ज करने का अनुरोध किया है। इसपर पुलिस कमिश्नर ने इसमें डिपार्टमेंटल जांच की बाद ही कुछ कर पाने की बात कही है। 

इस दौरान सीपी को प्रार्थना पत्र देते हुए नेहा शाह ने एक बार फिर जेल अधीक्षक उमेश सिंह पर गंभीर आरोप लगाए और कहा कि उमेश सिंह मेरी मां को जेल में अश्लील इशारे भी करते थे। साथ ही बार बार ऑफिस से घर आने का दबाव दिया गया। जिसे मेरी मां ने नकार दिया तो उन्हें प्रताड़ित किया गया। इस दौरान मेरी मां को कहा गया कि वो बंदी महिलाओं को उनके पास यौन शोषण के लिए ले जाएं। इसपर मां ने मना किया तो कहा गया कि तुम्हरा करियर चौपट कर देंगे। और प्रताड़ित करने लगे। उन्हें ड्यूटी के दौरान अपने ऑफिस में बुला कर अपमानित किया तथा जाति सूचक शब्दों का प्रयोग किया और गंदी-गंदी गालियों दीं।

नेहा ने अपने लेटर में लिखा है कि उमेश सिंह बहुत ही खतरनाक किस्म का व्यक्ति है, पहले भी ये इंसान रतन प्रिया उप जेलर जो की इसी जेल पर थी उनके साथ भी ऐसा सलूक कर चुका है। इनकी तरफ से यह भी कहा गया कि कहीं भी जाओ, मेरा कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता है, मैं 2027 में चुनाव लड़कर जेल मंत्री बनूंगा और तुम्हें तुम्हारी औकात समझा दूंगा, तुम्हें कहीं का नहीं छोडूंगा।

नेहा शाह ने बताया उमेश सिंह के द्वारा अपने पद का दुरुपयोग करके जेल के अंदर बहुत बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार किया जा रहा है। उमेश सिंह ने मेरी मां पर उसका भी चार्ज लेने का दबाव बनाया था। जेल में मोबाइल फोन भी पैसे लेकर चलवाया जाता था। जिसके बारे में मेरी मां खुद गवाह है। इस सबके अलावा, जेल में नशे का सामान बिकवाया जाता था, और इसका हाल ही में एक वीडियो वायरल हुआ था। वह वीडियो पूरी तरह से सही था और उस वीडियो में नशे का सामान बिकते हुए साफ दिखाई दे रहा था। लेकिन उमेश सिंह के दबाव के कारण कोई भी कार्रवाई संभव नहीं हो सकी।

गुरुवार, 20 मार्च 2025

VKM Varanasi main खेल प्रतियोगिता के चौथे दिन प्रतिभाओं ने दिखाया दम





रेस में महिमा कुमारी ने प्रथम स्थान प्राप्त किया तो बैडमिंटन में अदिति मिश्रा प्रथम स्थान पर रही, ऐसे ही ताइक्वांडो (under 50 kg ) में शालिनी यादव परचम लहराया और ताइक्वांडो (Above 50 kg) में राखी तोमर ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। छात्राओं की सक्रिय भागीदारी ने यह सिद्ध किया कि वे अपनी शैक्षणिक गतिविधियों के साथ-साथ खेलों में भी संतुलन बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध हैं। 

Varanasi (dil India live)। वसंत कन्या महाविद्यालय, कमच्छा में आयोजित सप्ताहिक  वार्षिक खेल प्रतियोगिता के चौथे दिन आयोजन अत्यंत उत्साह और प्रतिस्पर्धात्मक भावना के साथ किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत महाविद्यालय की प्राचार्या प्रो. रचना श्रीवास्तव के प्रेरणादायी उद्बोधन से हुई। उन्होंने विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ खेलों में सक्रिय रूप से भाग लेने के लिए प्रेरित किया।

इस दिन विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया, जिनमें 200 मीटर दौड़, लंबी कूद, ऊँची कूद, खो-खो और ताइक्वांडो प्रमुख थे। इसके अलावा, बैडमिंटन का फाइनल मुकाबला भी संपन्न हुआ, जिसमें प्रतिभागियों के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिला।

इस खेल महोत्सव में स्नातक और स्नातकोत्तर स्तर की लगभग 300 छात्राओ ने भाग लिया। जो उनकी लगन, समर्पण और खेल भावना का परिचायक है। 200 मीटर रेस में महिमा कुमारी (बी ए द्वितीय वर्ष) ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। बैडमिंटन में अदिति मिश्रा (बी ए द्वितीय वर्ष) ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। ताइक्वांडो ( under 50 kg ) में शालिनी यादव (बी ए प्रथम वर्ष) ने प्रथम स्थान प्राप्त किया व ताइक्वांडो ( Above 50 kg) में राखी तोमर (बी ए तृतीय वर्ष) ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। छात्राओं की सक्रिय भागीदारी ने यह सिद्ध किया कि वे अपनी शैक्षणिक गतिविधियों के साथ-साथ खेलों में भी संतुलन बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध हैं। यह वार्षिक खेल प्रतियोगिता छात्रोंओ के बीच टीमवर्क, अनुशासन और शारीरिक सशक्तिकरण की भावना को बढ़ावा देती है। इस अवसर पर खेल समिति के सदस्य डॉक्टर विजय कुमार, डॉ आर पी सोनकर, डॉक्टर आशीष कुमार सोनकर, डॉ अखिलेश कुमार राय, डॉक्टर सुप्रिया, डॉ. पूर्णिमा, डॉ शशिकेश कुमार गोंड, डॉ. शशि प्रभा कश्यप, डॉ. सिमरन सेठ, विकास त्रिपाठी आदि उपस्थित रहे।

Ramzan mubarak (19)-रमजान नेकियों का मौसम-ए-बहार

जल्दी करें कहीं रमजान की दौलत से महरूम न रह जाएं

Varanasi (dil india live)। बंदे को हर बुराई से दूर रखकर अल्लाह के नजदीक लाने का मौका देने वाला मुक़द्दस रमज़ान का दूसरा अशरा पूरा होने वाला है। इस मुकद्दस महीने की रूहानी चमक से दुनिया रोशन है, और फिजा में घुलती अजान और दुआओं में उठते हाथ खुदा से मुहब्बत के जज्बे कि मिसाल पेश कर रहे हैं। दौड़-भाग और खुदगर्जी भरी जिंदगी के बीच इंसान को अपने अंदर झांकने और खुद को अल्लाह की राह पर ले जाने का रास्ता दिखाने वाला माहे रमजान में भूख-प्यास समेत तमाम शारीरिक इच्छाओं तथा झूठ बोलने, चुगली करने, खुदगर्जी आदि सभी बुराइयों पर लगाम लगाने की कोशिश रोजेदार को अल्लाह के बेहद नजदीक पहुंचा देती है। माहे रमजान में रोजेदार अल्लाह के नजदीक आने की कोशिश के लिए भूख-प्यास समेत तमाम इच्छाओं को रोकता है। बदले में अल्लाह अपने उस इबादत गुजार रोजेदार बंदे के बेहद करीब आकर उसे अपनी रहमतों और बरकतों से नवाजता है। इसके बावजूद भी बहुत से लोग इस माहे मुबारक की खूबियों से अब भी दूर हैं। उनसे यही कहना है कि जल्दी करें कहीं रमजान की दौलत से महरूम न रह जाएं।

इस्लाम की पांच बुनियादों में रोजा भी शामिल है और इस पर अमल के लिए ही अल्लाह ने रमजान का महीना मुकर्रर किया है। खुद अल्लाह ने कुरान शरीफ में इस महीने का जिक्र किया है। रमजान इंसान के अंदर जिस्म और रूह है। आम दिनों में उसका पूरा ध्यान खाना-पीना और दीगर जिस्मानी जरूरतों पर रहता है लेकिन असल चीज उसकी रूह है। इसी की तरबीयत और पाकीजगी के लिए अल्लाह ने रमजान बनाया है रमजान में की गई हर नेकी का सवाब कई गुना बढ़ जाता है। इस महीने में एक रकात नमाज अदा करने का सवाब 70 गुना हो जाता है। साथ ही इस माह में दोजख के दरवाजे भी बंद कर दिए जाते हैं, जन्नत के दरवाज़े खोल दिये जाते है।

अमूमन 30 दिनों के रमजान माह को 10-10 दिन केे तीन अशरों में बांटा गया है। पहला अशरा ‘रहमत’ का है। इसमें अल्लाह अपने बंदों पर रहमत की दौलत लुटाता है। दूसरा अशरा ‘मगफिरत’ का है। इस अशरे में अल्लाह अपने बंदों को गुनाहों से पाक कर देता है। जबकि तीसरा अशरा 'जहन्नुम से आजादी' का है। इस आखिरी अशरे में रब रोज़ा रखने वाले को जहन्नुम से आजाद कर देता है।

नेकियों और इबादत का महीना रमज़ान 

महीने भर के रोज़े  रखना, रात में तरावीह की नमाज़ पढना, क़ुरान की तिलावत करना, एतेकाफ़ में बैठना, अल्लाह से दुआ मांगना, ज़कात देना, अल्लाह का शुक्र अदा करना। इसीलिये इस माह को नेकियों और इबादतों का महीना माना जाता है। तरावीह की नमाज़ में महीना भर कुरान पढना। जिससे क़ुरान पढना न आने वालों को भी क़ुरान सुनने का सबाब ज़रूर मिलता है। रमजान को नेकियों का मौसम-ए-बहार कहा गया है। रमजान को नेकियों का मौसम भी कहा जाता है। इस महीने में मुसलमान अल्लाह की इबादत ज्यादा करता है। अपने अल्लाह को खुश करने के लिए रोजो के साथ, कुरआन की तेलावत, जकात, फितरा, खैरात, सदका निकालता है। यह महीना समाज के गरीब और जरूरतमंद बंदों के साथ हमदर्दी का है। इसलिए उनकी भरपूर मदद की जाती है। या अल्लाह हर मुुसलमान को रोज़ा रखने कि तौफीक देेे…आमीन।

  • हाजी फारुख खां 
(जनरल सेक्रेटरी इसरा, वाराणसी )