बुधवार, 10 सितंबर 2025

Education: VKM Varanasi Main Sanskrit Diwas उल्लास संग मनाया गया

संस्कृत विभाग व श्री तुलसीदास मठ बरेली ने संयुक्त किया आयोजन 

Varanasi (dil india live). वसन्त कन्या महाविद्यालय, संस्कृत विभाग और श्री तुलसीदास मठगद्दीस्थल , बरेली के संयुक्त तत्वावधान में संस्कृत दिवस के उपलक्ष्य में  विविध साहित्यिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इन कार्यक्रमों का उद्देश्य छात्रों में संस्कृत भाषा एवं साहित्य के प्रति रुचि जागृत करना और इसके शाश्वत ज्ञान की परम्पराओं को संरक्षित एवं प्रसारित करना है।

कार्यक्रमों की श्रृंखला में संस्कृत  क्विज प्रतियोगिता, सूक्ति पोस्टर प्रतियोगिता, श्लोक-पाठ प्रतियोगिता तथा काव्य शास्त्रीय विषयों पर आधारित छात्र-सेमिनार का आयोजन किया गया।क्विज़ प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने संस्कृत साहित्य, व्याकरण, दर्शन एवं भारतीय सांस्कृतिक धरोहर से संबंधित प्रश्नों में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। श्लोक-पाठ प्रतियोगिता में प्रतिभागियों ने काव्य एवं महाकाव्यों से चयनित श्लोकों का सुशोधित उच्चारण एवं भावपूर्ण प्रस्तुतीकरण कर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध किया। "काव्यशास्त्र" विषयक छात्र-संगोष्ठी में विद्यार्थियों ने संस्कृत काव्यशास्त्र की विविध अवधारणाओं जैसे , काव्यलक्षण,अलंकार, रस एवं छन्द पर अपने विचार और शोध प्रस्तुत किए। इन प्रतियोगिताओं एवं सेमिनार का उद्देश्य छात्रों में संस्कृत की शास्त्रीय परम्परा के प्रति गहन अध्ययन भाव उत्पन्न करना और उन्हें सृजनात्मक एवं विवेचनात्मक मंच उपलब्ध कराना रहा। निर्णायकों  की भूमिका में  विभागाध्यक्ष  डॉ.शान्ता चटर्जी, डॉ.. मंजू कुमारी, डॉ. प्रियंका पाठक तथा सुधा चौबे ने प्रतिभागियों का मूल्यांकन  किया। 


संस्कृत भाषा नहीं, ज्ञान परम्परा की आत्मा

इस अवसर पर प्राचार्या प्रो. रचना श्रीवास्तव ने बधाई देते हुए कहा कि संस्कृत केवल भाषा नहीं, बल्कि भारतीय ज्ञान परम्परा की आत्मा है। इस प्रकार के आयोजन छात्रों में आत्मविश्वास, वाक्शक्ति एवं सांस्कृतिक चेतना को प्रबल करते हैं। मुख्य अतिथि आचार्य ब्रह्मस्वरूप  शर्मा ने कहा कि संस्कृत शास्त्रों में निहित ज्ञान परम्परा को समाज तक पहुंचा कर सभ्य समाज का निर्माण सहजता से करना सम्भव है। अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में डॉ.कमला पाण्डेय,  अध्यक्ष , संस्कृतमातृमण्डलम् ने छात्राओं को आशीर्वाद देते हुए संस्कृत की उत्तरोत्तर प्रगति पर संतोष व्यक्त किया।

सुश्री प्रतिष्ठा त्रिपाठी  ने 'श्रीरामचन्द्रस्तुति' पर भावपूर्ण मंगल नृत्य प्रस्तुत कर सबको मुग्ध किया। कार्यक्रम का संचालन विभागीय छात्र परिषद् 'वाग्वर्द्धिनी सभा'की प्रतिनिधियों नव्या पाण्डेय एवं तेजस्विनी पाण्डेय तथा धन्यवाद ज्ञापन अनुष्का कल्याण शेट्टी ने किया। कार्यक्रम में डॉ .शान्ता चटर्जी, डॉ.मंजू कुमारी, डॉ. प्रियंका पाठक तथा सुधा चौबे प्रेरक तथा डॉ. प्रीति विश्वकर्मा एवं डा.आरती कुमारी दर्शक की भूमिका में रहीं।

मंगलवार, 9 सितंबर 2025

Education: Varanasi K DAV PG College में स्वरचित काव्य पाठ प्रतियोगिता सम्पन्न

भावों का रस हिन्दी वाला और माँ का प्यार निराला...

Varanasi (dil india live)। डीएवी पीजी कॉलेज में हिन्दी विभाग के तत्वावधान में चल रहे हिन्दी सप्ताह के दूसरे दिन मंगलवार को स्वरचित काव्य पाठ प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। नदी (प्रकृति), देश और समाज, पारिवारिक रिश्ते और हिन्दी का महत्त्व जैसे विषयो पर 50 से अधिक नवांकुरों ने काव्य पाठ किया। अभय राज पाण्डेय ने 'एक हमसफ़र को होती है कंधे रूपी सहारे की जरूरत', शुभम पाण्डेय ने 'भावों का रस हिन्दी वाला और माँ का प्यार निराला', आदर्श कुमार ने 'माँ की ममता ठंडी छाया, बाबू का गुस्सा' सुनाया। खुशहाल ने 'देख इस बहती गंगा को', रोहित चौधरी ने 'नदी के तट पर बड़ी देर तक, बैठा रहा में निश्छल शांत', आदित्य शुक्ला ने 'मैंने फुटपाथ किनारे बैठे लड़को को देखा' सुनाकर खूब वाहवाही लूटी। 


धर्मराज ठाकुर ने 'बचपन ना रहा', अनिमेष कुमार प्रवीण ने 'हाँ हिन्दी मातृ भाषा हिन्दी, तू संस्कृत से जन्मी है', रिया सिंह ने 'वृद्धावस्था में देखकर जिस भाषा मे बुलाया माँ, हिन्दी ही है वह', नेहा यादव ने 'मेरे अजीज मन', सुहानी कक्कड़ ने 'पर्वतों की पाप धुलती, चलती निस्वार्थ तरंगिणी'  सुनाया।

 इसके अलावा जयंत शुक्ला, विश्वास तिवारी, युवराज कुमार, गोविन्द नारायण वैभव, गरिमा तिवारी, आकाश, स्वाति, चारु शर्मा, शिवम आदि ने काव्यपाठ किया।

अध्यक्षता प्रो. राकेश कुमार राम, संयोजन डॉ. अस्मिता तिवारी एवं विषय प्रवर्तन प्रो. राकेश कुमार द्विवेदी ने किया। निर्णायक मण्डल में  डॉ. ओमप्रकाश कुमार, डॉ. नीलम सिंह एवं डॉ. श्वेता मिश्रा रही। स्वागत डॉ. विजय यादव ने किया। संचालन विश्वास तिवारी एवं धन्यवाद आकांक्षा चौबे ने दिया। कार्यक्रम में 80 से अधिक विद्यार्थी शामिल हुए।




UP K Varanasi Main मुख्य सचिव व DGP पहुंचे

पीएम के कार्यक्रम स्थल सहित अन्य स्थानों का किया निरीक्षण

मंडलायुक्त व पुलिस कमिश्नर ने दी तैयारियों के संबंध में विस्तृत जानकारी

Sarfaraz Ahmad 

Varanasi (dil india live)। मॉरीशस के प्रधानमंत्री और भारत के प्रधानमंत्री के प्रस्तावित कार्यक्रम के दृष्टिगत प्रभारी मुख्य सचिव / अपर मुख्य सचिव दीपक कुमार और डीजीपी राजीव कृष्ण ने बाबतपुर एयरपोर्ट हैलीपैड व्यवस्था, द्विपक्षीय वार्ता स्थल होटल ताज और पुलिस लाइन हैलीपैड का स्थलीय निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायज़ा लिया और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिये। एयरपोर्ट पर उन्होंने टर्मिनल भवन, एप्रन और रनवे टर्न पैड का अवलोकन किया। ताज होटल में सभी अंतिम तैयारियों के संबंध में मंडलायुक्त एस राजलिंगम और पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल ने अधिकारी द्वय के समक्ष विस्तृत जानकारी दी। 


मुख्य सचिव व डीजीपी द्वारा रिजर्व पुलिस लाइन में डीजी शूट हाउस का फीता काटकर उद्घाटन भी किया गया। उन्होंने रिजर्व पुलिस लाइन में बने हेलीपैड का भी जायजा लिया। इसके बाद दोनों अधिकारियों ने पुलिस लाइन सभागार में बैठक कर प्रमुख बिंदुओं पर चर्चा की। उन्होंने सभी मुख्य बिंदुओं पर अधिकारियों को ब्रीफ करते हुए कार्यों को समय से पूरा कराने के निर्देश दिए तथा सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिये।

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार, एडीजी जोन पीयूष मोर्डिया, अपर पुलिस आयुक्त शिवहरि मीणा सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।



सोमवार, 8 सितंबर 2025

Jain Community K 23th Tirthankar पार्श्वनाथ की जन्मस्थली पर मना क्षमावाणी पर्व

क्षमा वीरों का आभूषण है-महापौर अशोक तिवारी 



 Varanasi (dil india live). जैन समाज द्वारा पार्श्व नाथ की जन्मस्थली भेलपुर दिगंबर जैन मंदिर में आज क्षमावर्णी का महान पर्व मनाया गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथ महापौर अशोक तिवारी ने क्षमा को वीरों का आभूषण बताया। श्री तिवारी ने कहा की क्षमा एक ऐसा हथियार है जिससे पूरे विश्व को जीता जा सकता है। क्षमा करना अपने आप में एक बहुत बड़ी महान बात है। आज पूरे विश्व में जब हथियारों की होड़ लगी हुई है एक दूसरे को नीचा दिखाने की होड़ लगी है एक दूसरे की जमीनों पर कब्जा करने की होड लगी है, तो क्षमा एक ऐसी चीज है जो इंसान के दिल दिमाग में परिवर्तन डालती है। और इंसान की सोच बदल जाती है। वो अपनी गलतियों को सुधार लेता है जिस दिन इंसान ने क्षमा करना सीख लिया उस दिन उसका मनुष्य जन्म सफल हो जाएगा।

इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि के रूप में पधारे मंडल रेल प्रबंधक आशीष जैन ने क्षमावर्णी पर्व को महान पर्व  बताते हुए  जैन धर्म पर भी प्रकाश डाला। श्री जैन ने कहा की जैन तीर्थंकरों ने अपने इंद्रियों पर विजय पाते हुए सारे जग पर विजय हासिल किया हैं। जैन धर्म का सार इंद्रियों को बस में करना और विश्व कल्याण की कामना है। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए समाज के अध्यक्ष आरसी जैन ने अतिथियों का स्वागत करते हुए काशी में स्थित चारों जन्म स्थली पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम का कुशल संचालन करते हुए समाज के उपाध्यक्ष राकेश जैन ने महापौर से जैन धर्म के 23 वें तीर्थंकर भगवान पार्श्वनाथ की जन्मस्थली के विकास की मांग करते हुए भेलूपुर को भगवान पार्श्वनाथ पथ के रूप में विकसित करने की मांग की। श्री जैन ने कहा कि पूरे विश्व से भगवान पार्श्वनाथ की जन्मस्थली का दर्शन करने जैन श्रद्धालु आते हैं। बनारस रेलवे स्टेशन पर भी जैन तीर्थंकरों का चिन्ह होना चाहिए और रथ यात्रा से भेलूपुर वाली सड़क भगवान पार्श्वनाथ की जन्मस्थली के रूप में विकसित होनी चाहिए। इस अवसर पर भेलूपुर जन्मस्थली की के अध्यक्ष संजय जैन ने भेलपुर जन्मस्थली पर चल रहे विकास कार्यों से अतिथियों को अवगत कराया। मंगलाचरण नीति जैन, आशु जैन, शालिनी जैन, प्रमिला जैन द्वारा किया गया। अतिथियों को स्मृति चिन्ह समाज के प्रधानमंत्री प्रदीप चंद जैन व समाज मंत्री विनोद जैन द्वारा दिया गया।

इस अवसर पर तीर्थ यात्रियों की सुविधा हेतु मुख्य अतिथि और विशिष्ट अतिथि द्वारा लिफ्ट के निमार्ण का भी शिलान्यास किया गया। धन्यवाद  ज्ञापन मंदिर के मंत्री पवन जैन और राहुल जैन द्वारा दिया गया। इस अवसर पर सुधीर कुमार पोद्दार, डॉक्टर के के जैन, दीपक जैन, विनय जैन, आलोक जैन, अजीत जैन, कोषाध्यक्ष सौरभ जैन, किशोर जैन, प्रोफेसर कमलेश जैन, इत्यादि प्रमुख लोग उपस्थित थे।

Education: VKM Varanasi Main डॉ. प्राची विराट सोनटके का व्याख्यान

पुरातत्व, मिथक व वैज्ञानिक पद्धतियों पर डाली रौशनी

Varanasi (dil India live). वसंत कन्या महाविद्यालय, कमच्छा वाराणसी में प्राचीन भारतीय इतिहास संस्कृति और पुरातत्व विभाग के क्लब एंटीक्विटी द्वारा 'वार्ता में' कार्यक्रम के तहत डॉ. प्राची विराट सोनटके का व्याख्यान संपन्न हुआ। व्याख्यान का विषय पुरातत्त्व, मिथक और वैज्ञानिक पद्धतियां' था। मुख्य वक्ता ने मिथकों और पुरातत्व के बीच के अंतर्संबंधों को विस्तार के साथ प्रस्तुत किया और इस बात पर बल दिया कि पुरातत्त्व से ज्ञात ऐतिहासिक तथ्यों का मिथकों या पारंपरिक ज्ञान के साथ मिश्रण, वैज्ञानिक चिंतन और गवेषणात्मक पद्धतियों का मुख्य चिंतन बिंदु होना चाहिए।

उन्होंने वैश्विक और भारतीय संदर्भों में मिथकों और आख्यानों के पुरातात्त्विक आधार का विश्लेषणात्मक और तथ्य-पूर्ण विवरण देते हुए ऐसे उदाहरणों को प्रस्तुत किया जिनके माध्यम से इतिहास के अनसुलझे या छुपे रहस्यों को प्रकाशित किया जाना संभव है। कु. महिमा और कु. ताविशी ने मंच संचालन किया। एंटीक्विटी क्लब की समन्वयक कुमारी प्राची और कुमारी आद्रिका अग्रवाल ने मुख्य अतिथि को सम्मान चिन्ह देकर सम्मानित किया।कार्यक्रम में प्राचीन भारतीय इतिहास विभाग के प्राध्यापकों की उपस्थिति रही। प्राचार्या ने अपने शुभकामना संदेश में क्लब एंटीक्विटी के प्रयासों की सराहना की और अंतर्विषयी मुद्दों पर कार्यक्रम आयोजित करने के इस प्रयास को सार्थक पहल बताया।।

मनाया गया अंतरराष्ट्रीय साक्षरता दिवस 

“कृत्रिम बुद्धिमत्ता : वैश्विक साक्षरता के लिए वरदान या अभिशाप” पर हुई चर्चा 
वसंत कन्या महाविद्यालय, कमच्छा में “कृत्रिम बुद्धिमत्ता : वैश्विक साक्षरता के लिए वरदान या अभिशाप” विषय पर अंतरराष्ट्रीय साक्षरता दिवस मनाया गया। यह कार्यक्रम समाजशास्त्र विभाग द्वारा उसके सामाजिक-सांस्कृतिक एवं अकादमिक मंच “ओशन शेल” के अंतर्गत आयोजित किया गया। इस अवसर पर प्राचार्या प्रो. रचना श्रीवास्तव ने छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता के युग में साक्षरता के लिए आलोचनात्मक जागरूकता और संतुलित समझ अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने छात्राओं को ऐसे सार्थक विमर्शों में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित किया जो एक जागरूक और जिम्मेदार समाज के निर्माण में सहायक हों। समाजशास्त्र विभागाध्यक्ष डाॅ. कल्पना आनंद ने प्रतिभागियों एवं निर्णायकों का स्वागत करते हुए कहा कि इस प्रकार के अकादमिक मंच विद्यार्थियों को वैश्विक मुद्दों पर अपने विचार प्रस्तुत करने का मूल्यवान अवसर प्रदान करते हैं।
कार्यक्रम के अंतर्गत दिए गए विषय पर वाद-विवाद प्रतियोगिता आयोजित की गई। इस प्रतियोगिता का मूल्यांकन विशिष्ट निर्णायक मण्डल द्वारा किया गया, जिसमें प्रो. इन्दु उपाध्याय, प्रोफेसर, अर्थशास्त्र विभाग, डाॅ. अंशु शुक्ला, एसोसिएट प्रोफेसर, गृह विज्ञान विभाग, डाॅ. पूर्णिमा सिंह, सहायक प्रोफेसर, अंग्रेज़ी विभाग शामिल थी। 
इन्हें किया गया पुरस्कृत 
कार्यक्रम का संचालन स्निग्धा यादव एवं सत्या शुभम (बी.ए. अंतिम वर्ष) द्वारा किया गया। धन्यवाद ज्ञापन डाॅ. अखिलेश कुमार राय द्वारा दिया गया। इस अवसर पर समाजशास्त्र विभाग की प्राध्यापिकाएँ डाॅ. सिमरन सेठ, डाॅ. अनुराधा बापुली एवं डाॅ. दिविशा राय सहित अन्य विभागों के शिक्षकगण भी प्रतिभागियों को प्रोत्साहित करने के लिए उपस्थित थी।

मृणालजीत (एम.ए. अंतिम वर्ष, समाजशास्त्र ऑनर्स) ने प्रथम स्थान प्राप्त किया; जीना जुब्लिकर डटनैन (बी.ए. प्रथम वर्ष, राजनीति विज्ञान ऑनर्स) ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया; तथा सौम्या त्रिपाठी (बी.ए. द्वितीय वर्ष, इतिहास ऑनर्स) ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। सांत्‍वना पुरस्कार क्रमशः काव्यांजलि चौरेसिया (बी.ए. द्वितीय वर्ष, भूगोल ऑनर्स), वैष्णवी दुबे (एम.ए. प्रथम वर्ष, समाजशास्त्र ऑनर्स) एवं जीत मोहिनी कुक्रेजा (बी.ए. द्वितीय वर्ष, इतिहास ऑनर्स) को प्रदान किए गए।

Varanasi Main Global group का कार्यालय खुला

नेता प्रतिपक्ष लाल बिहारी यादव ने किया कार्यालय का उद्घाटन 




Varanasi (dil India live). ग्लोबल ग्रुप डेवलपर प्राइवेट लिमिटेड कम्पनी का कार्यालय पीसीएफ प्लाजा में सोमवार को खोला गया। इस कार्यालय का उद्घाटन समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता व नेता प्रतिपक्ष लाल बिहारी यादव ने फीता काट कर किया। इस दौरान कम्पनी के डायरेक्टर गुड्डू खां ने आए हुए सभी अतिथियों का जोरदार स्वागत किया। गुड्डू खां ने कहा कि संस्था ईमानदारी और सच्चाई के साथ बिल्डिंग प्रोजेक्ट पूरा करेगी। काम इस तरह से किया जाएगा किसी को भी तकलीफ़ न हो और न ही किसी के साथ धोका हो। मार्केट में ग्लोबल ग्रुप एक सिंबल है उसकी एक पहचान है जो हमेशा कायम रहेगी। 

इस दौरान विधायक उदयलाल मौर्य, के टीवी के डायरेक्टर व एमएलसी उम्मीदवार पंकज सिंह (डब्लू राय), काशी वार्ता के संपादक सुनील सिंह, पत्रकार जावेद खान, जावेद सिद्दीकी, अतिक सिद्दीकी, जुनैद, निखिल सिंह, तौसीफ़, हरीश आदि मौजूद थे।



Medical: स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं को कहें बाय-बाय

ऐसे बढ़ाएं रोग प्रतिरोधक क्षमता, खुद को बीमार होने से बचाएं


Dr Rashmi Singh 

Varanasi (dil India live). वर्तमान समय में लोगों को स्वास्थ्य संबंधी बहुत सारी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। जिसका मुख्य कारण वातावरण में पनप रहे अनगिनत बैक्टीरिया, वायरस व फंगस हैं। जैसे ही हमारी रोग प्रतिरोधक क्षमता में कमी आती है, इनका प्रकोप हमें प्रभावित कर देता है परिणाम स्वरूप सिर दर्द, बदन दर्द, सर्दी, जुकाम, खाँसी, बुखार या वायरल फीवर आदि समस्याओं से हमें जूझना पड़ता है। अगर इन्हें तुरन्त नहीं रोका गया तो आगे बहुत सी जटिल स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं पनपने का खतरा मंडराता रहता है। 

इस मौसम में हरे साग भी हैं खतरनाक

बीमारियों से बचने के लिये रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने की आम इंसान को अत्यन्त आवश्यकता होती है। ऐसे में लोग बाग का प्रयोग करने लगते हैं जबकि हरे साग के प्रयोग से बचना चाहिये, क्योंकि कीटों के अंडे पत्ते के पीछे की तरफ छुपे रह सकते है, साथ ही इन साग को कीटों से बचाने के लिये अत्यधिक मात्रा में कीट नाशक का प्रयोग होता है जो कि स्वास्थ्य के लिये बहुत ही हानिकारक होता है। 

प्रतिदिन कुछ न कुछ कसरत, व्यायाम, जुंबा अवश्य करें क्योंकि कसरत से शरीर की आक्सीजन धारण क्षमता बढ़ती है, हड्डियाँ मजबूत रहती है व स्वास्थ्य संबंधी बहुत से लाभ होते है। 15 मिनट का प्राणायाम - 15 से 20 मिनट योग व स्ट्रेचिंग तथा शारिरिक क्षमता अनुमति 15-25 मिनट टहलना पर्याप्त होता है। इस प्रकार से थोड़ी सी सावधनी से हम इस मौसम में अपनी स्वास्थ्य रक्षा कर सकते है।

विटामिन सी युक्त फल-सब्जियों का करें सेवन

इस मौसम में विटामिन सी युक्त फल एवं सब्जियों जैसे नीबू मौसम्मी, कुंदरू, शिमला मिर्च, ऑवले से बने पदार्थ अत्यन्त लाभकारी होते है। विटामिन सी के साथ-साथ ये फाइबर, अन्य विटामिन एवं खनिज लवण व एन्टी आक्सीडेन्ट के सघन स्रोत होते है जो विभिन्न बिमारियों से हमारी रक्षा करते हैं। इस मौसम में गैस, अपच, कब्ज आदि सामान्य रूप से पाये जाते है। इसलिए ये ध्यान रखना अत्यन्त आवश्यक है कि भोजन हल्के, ताजा व सुपाच्य होना चाहिए। दालों में चना उड़द, अरहर की जगह अगर मूंग दाल, मसूर दाल का प्रयोग हो तो ज्यादा अच्छा है। इस मौसम में पानी के प्रयोग में अत्यन्त सावधनी रखना चाहिये, क्यों कि जल जनित रोग जैसे टायफायड आदि के जीवाणु वातावरण में सक्रिय रहते है। संभव हो तो जल को उबाल कर प्रयोग किया जाये। घर के आसपास सफाई रखना जरूरी है। ध्यान रहे घर के आस पास पानी न जमा हो। क्योंकि यही समय है जब डेगू, मलेरिया आदि के मच्छर तेजी से पनप रहे होते है।


प्रतिदिन कुछ न कुछ कसरत, व्यायाम, जुंबा अवश्य करें क्योंकि कसरत से शरीर की आक्सीजन धारण क्षमता बढ़ती है, हड्डियाँ मजबूत रहती है व स्वास्थ्य संबंधी बहुत से लाभ होते है। 15 मिनट का प्राणायाम - 15 से 20 मिनट योग व स्ट्रेचिंग तथा शारिरिक क्षमता अनुमति 15-25 मिनट टहलना पर्याप्त होता है। इस प्रकार से थोड़ी सी सावधनी से हम इस मौसम में अपनी स्वास्थ्य रक्षा कर सकते है।

(लेखक, आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय अयोध्या में विषय विशेषज्ञ हैं)