सोमवार, 9 जून 2025

जानिए क्या है Government of India का विकसित कृषि संकल्प अभियान 2025

किसानों को ड्रोन तकनीक पर दिया गया प्रशिक्षण 


Sarfaraz Ahmad 

Varanasi (dil India live). कृषि मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा किसान कल्याण हेतु चलाये जा रहे देश-व्यापी कार्यक्रम 'विकसित कृषि संकल्प अभियान 2025" में भारतीय सब्जी अनुसंधान संस्थान वाराणसी के तत्वावधान में संचालित कार्यक्रमों के बारे में जानकारी प्रदान करते हुए निदेशक डॉक्टर राजेश कुमार ने बताया कि  संस्थान ने गत 11 दिनों (29 मई से 8 जून) में उत्तर प्रदेश के 6 जिलों में अभूतपूर्व सफलता हासिल की है। अभियान के दौरान आइआइ‌वीआर के 50+ वैज्ञानिकों की 18 विशेषज्ञ टीमों ने कृषि विज्ञान केंद्र के विशेषज्ञों एवं राज्य सरकार के कृषि विभाग के अधिकारियों के साथ मिलकर वाराणसी, चंदौली, मिर्जापुर, सोनभद्र, संत रविदासनगर और कुशीनगर जिलों के 44,000+ किसानों से प्रत्यक्ष संवाद स्थापित किया। प्रतिदिन औसतन 4,400+ किसानों तक पहुंच के साथ यह अभियान कृषि विस्तार के क्षेत्र में एक नया मानदंड स्थापित कर रहा है।


अभियान में 36% महिला सहभागिता विशेष रूप से उल्लेखनीय है, जो ग्रामीण महिलाओं के कृषि क्षेत्र में बढ़ते योगदान को दर्शाती है। प्रतिदिन 54 किसान संवाद कार्यक्रमों के माध्यम से 15+ ब्लॉक के 65+ गांवों में धान की सीधी बुआई (DSR), IIVR की उच्च उत्पादन किस्में, एकीकृत कीट प्रबंधन, प्राकृतिक खेती, नैनो उर्वरक तकनीक, संरक्षित खेती, मूल्य संवर्धन, किचन गार्डनिंग, मशरूम खेती, मधुमक्खी पालन और ड्रोन तकनीक पर व्यापक प्रशिक्षण दिया गया। राष्ट्रीय प्राकृतिक कृषि मिशन के साथ तालमेल बिठाते हुए जैविक कीट नियंत्रण और रासायनिक निर्भरता कम करने पर विशेष जोर दिया गया।


जानिए क्या है मुख्य चुनौतियां 

मुख्य चुनौतियों में नीलगाय सहित वन्यजीवों से फसल सुरक्षा, जल संकट, सफेद मक्खी एवं जैसिड जैसे कीटों का प्रबंधन, बाजार पहुंच की कमी, गुणवत्तापूर्ण बीज की देर से आपूर्ति और सरकारी योजनाओं की जानकारी का अभाव प्रमुख है। इन समस्याओं के तत्काल समाधान हेतु अल्पकालिक योजना में जैविक कीट नियंत्रण, फेरोमोन टैप का व्यापक प्रयोग, ड्रिप एवं स्प्रिंकलर सिंचाई को बढ़ावा, और प्रत्येक जिले में किसान उत्पादक संगठन (FPO) गठन शामिल है। मध्यकालिक योजना में सभी 6 जिलों में क्षेत्रीय उत्कृष्टता केंद्र स्थापना, मोबाइल मिट्टी परीक्षण प्रयोगशाला और 1000+ प्रगतिशील किसानों को कृषि उद्यमी बनाने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

युवाओं के लिए रोजगार के अवसर 

यह अभियान  कृषि मंत्री की किसान आय दोगुनी करने, टिकाऊ कृषि, महिला सशक्तिकरण, तकनीक हस्तांतरण और जलवायु लचीली कृषि की दृष्टि के पूर्णतः अनुरूप है। 


IIVR की दीर्घकालिक प्रतिबद्धता में राज्य सरकार के सहयोग से खाद्य प्रसंस्करण उद्योग समूह स्थापित करना, 10,000+ ग्रामीण युवाओं के लिए रोजगार के अवसर सृजित करना और कार्बन-तटस्थ कृषि की दिशा में कार्य करना शामिल है। यह समृद्ध कृषक समुदाय निर्माण की दिशा में निरंतर वैज्ञानिक सहयोग प्रदान करने का संकल्प लेकर राष्ट्रीय कृषि विकास लक्ष्यों के साथ पूर्ण तालमेल बिठाता है।

बिजली के निजीकरण के खिलाफ हुई संघर्ष समिति की online meeting

बिजली कर्मचारियों की 22 जून को होगी महापंचायत

प्रबन्ध निदेशक कार्यालय पर कल होने वाला पूर्वांचल के बिजलीकर्मियों का विरोध स्थगित 


  • Sarfaraz Ahmad 

Varanasi (dil India live). बिजली के निजीकरण के विरोध में विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के बैनर तले कल भी आंदोलन जारी रहेगा। हालांकि कर्मचारियों ने भिखारीपुर स्थित प्रबन्ध निदेशक कार्यालय के घेराव की घोषणा की थी। लेकिन प्रबंध निदेशक से आश्वासन मिलने के बाद कर्मचारियों ने फिलहाल घेराव स्थगित कर दिया है। उधर, रविवार को संघर्ष समिति के केंद्रीय पदाधिकारियों की ऑनलाइन हुई प्रांतस्तरीय बैठक में 22 जून को लखनऊ में होने वाली बिजली महापंचायत की तैयारी की समीक्षा की गई। इस दौरान महापंचायत में रखे जाने वाले प्रस्ताव पर चर्चा हुई। उत्तर प्रदेश के बिजलीकर्मियों के समर्थन में आंदोलन का निर्णय लेने के लिए नेशनल कोऑर्डिनेशन कमेटी ऑफ इलेक्ट्रिसिटी इंप्लाइज एंड इंजीनियर्स की कोर कमेटी की 09 जून को दिल्ली में महत्वपूर्ण बैठक होगी। संघर्ष समिति ने निजीकरण को लेकर पॉवर कार्पोरेशन प्रबंधन से आज 05 और सवाल पूछे।

बिजली कर्मचारियों और अभियंताओं की राष्ट्रीय समन्वय समिति नेशनल कोऑर्डिनेशन कमिटी आफ इलेक्ट्रिसिटी इंप्लाइज एंड इंजीनियर्स की कोर कमेटी की 09 जून को दिल्ली में होनेवाली बैठक से पहले 06 महीने से उत्तर प्रदेश में चल रहे आंदोलन की समीक्षा की जाएगी। इसके बाद राष्ट्रीय स्तर पर आंदोलन के कार्यक्रम तय किए जाएंगे। कोऑर्डिनेशन कमेटी की बैठक में ऑल इंडिया पावर इंजीनियर्स फेडरेशन, ऑल इंडिया पावर डिप्लोमा इंजीनियर्स फेडरेशन, ऑल इंडिया फेडरेशन ऑफ़ इलेक्ट्रिसिटी इंप्लाइज (एटक), इलेक्ट्रिसिटी इंप्लाइज फेडरेशन ऑफ़ इंडिया (सीटू), इंडियन नेशनल इलेक्ट्रिसिटी वर्कर्स फेडरेशन (इंटक),  ऑल इंडिया पावर मेंस फेडरेशन और कुछ अन्य बिजली कर्मचारी संगठनों के राष्ट्रीय पदाधिकारी सम्मिलित होंगे। 

जानिए क्या है बैठक का मुख्य एजेंडा 

बैठक का मुख्य एजेंडा उत्तर प्रदेश में बिजली के निजीकरण के विरोध में चल रहे आंदोलन को राष्ट्रव्यापी आन्दोलन बनाना और समर्थन देना है। विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के प्रांतीय पदाधिकारियों की रविवार को ऑनलाइन मीटिंग हुई। इसमें निजीकरण के विरोध में विगत छह माह से चल रहे आंदोलन की समीक्षा की गई और आगामी 22 जून को लखनऊ में होने वाली किसानों, उपभोक्ताओं और बिजलीकर्मियों की महापंचायत की तैयारी और महापंचायत में रखे जाने वाले प्रस्तावों पर चर्चा की गई। इसमें सभी पदाधिकारियों ने एक स्वर से संकल्प व्यक्त लिया कि छह माह तो कुछ भी नहीं है, निजीकरण के विरोध में आंदोलन फैसला होने तक चलता रहेगा। जब तक सरकार निजीकरण का फैसला पूरी तरह वापस नहीं लेती आंदोलन से पीछे हटने का सवाल ही नही उठता है। 

पावर कार्पोरेशन प्रबंधन से पूछे गए ये सवाल 

प्रत्येक सप्ताह के शनिवार और रविवार को निजीकरण पर पावर कार्पोरेशन प्रबंधन से पूछे जाने वाले पांच प्रश्नों के क्रम में संघर्ष समिति ने प्रश्न पूछे हैं। प्रश्न यह है कि क्या निजी कॉरपोरेट घरानों की सहूलियत की दृष्टि से निजीकरण के पहले ही बड़े पैमाने पर लगभग 45 प्रतिशत संविदाकर्मियों को हटाया जा रहा है या हटा दिया गया है ? भीषण गर्मी में अनुभवी संविदाकर्मियों को हटाए जाने से क्या बिजली आपूर्ति प्रभावित नहीं हो रही है? क्या प्रबन्धन बिजली व्यवस्था बिगाड़ कर निजीकरण थोपना चाहता है? पूछा गया कि निजीकरण पर पॉवर कारपोरेशन द्वारा जारी frequently asked questions frequently asked questions प्रपत्र में लिखा है कि पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम एवं दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम का निजीकरण नहीं हो रहा है। अपितु पी पी पी मॉडल पर सुधार हेतु निजी क्षेत्र की भागीदारी  सुनिश्चित की जा रही है, जिसमें निजी क्षेत्र की 51प्रतिशत और सरकारी क्षेत्र की 49 प्रतिशत भागीदारी होगी जो लगभग बराबर ही है। प्रश्न यह है कि जिसकी 51प्रतिशत भागीदारी होती है उसका मालिकाना हक नहीं होता ? निजी क्षेत्र की 51प्रतिशत भागीदारी ग्रेटर नोएडा में है। क्या ग्रेटर नोएडा की कंपनी नोएडा पावर कंपनी लिमिटेड निजी कंपनी नहीं है? इसके अलावा यह भी पूछा गया कि-पॉवर कारपोरेशन कह रहा है कि निजीकरण इसलिए किया जा रहा है क्योंकि घाटा बढ़ता जा रहा है। घाटे की भरपाई के लिए सरकार को सब्सिडी एवं लास फंड देना पड़ रहा है। यह बढ़ता ही जा रहा है और इस बोझ को अब आगे सरकार वहन नहीं कर सकती। लेकिन यह सही नही है, क्योंकि सब्सिडी को घाटा बताना और घाटे में जोड़ना एक बहुत गंभीर मामला है।

भारतीय जनता पार्टी ने 2017 में जारी किए गए अपने संकल्प पत्र में लिखा था कि गरीबी की रेखा के नीचे रहने वालों को मात्र 03 रुपए प्रति यूनिट की दर पर बिजली दी जाएगी। इसकी सब्सिडी देना सरकार की बाध्यता है। सवाल है कि पॉवर कारपोरेशन स्पष्ट करे कि क्या निजीकरण के बाद सरकार सब्सिडी की धनराशि नहीं देगी ? यदि निजीकरण के बाद सरकार सब्सिडी की धनराशि देगी तो सरकारी क्षेत्र को यह धनराशि देना बोझ कैसे है? 51प्रतिशत हिस्सेदारी बेचकर निजीकरण करने से सुधार की क्या गारंटी है ? उड़ीसा में 1999 में चार विद्युत वितरण कंपनियां बनाकर निजी क्षेत्र को 51 प्रतिशत हिस्सेदारी दी गई थी। एक निजी कंपनी अमेरिका की ए ई एस कम्पनी ने चक्रवात में ध्वस्त हुए बिजली के नेटवर्क को बनाने से इनकार कर दिया और यह कंपनी एक साल बाद ही भाग गई। 16 साल बाद फरवरी 2015 में उड़ीसा विद्युत नियामक आयोग ने सुधार में पूर्णतया विफल रहने के कारण अन्य तीनों विद्युत वितरण कंपनियों का लाइसेंस निरस्त कर दिया था। क्या गारंटी है कि जो उड़ीसा में हुआ वह निजीकरण के बाद उत्तर प्रदेश में नहीं होगा ?  यह कि ऊर्जा मंत्री अरविंद कुमार शर्मा ने ट्वीट किया है कि 2017 में 41प्रतिशत ए टी एंड सी हानियों से घटकर 2024 में ए टी एंड सी हानियां 

16.5 प्रतिशत रह गई हैं। यह उत्तर प्रदेश में बिजली सेक्टर में योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में बहुत बड़ा सुधार है। सवाल है कि ऊर्जा मंत्री इतने बड़े सुधार का दावा कर रहे हैं जो आंकड़ों की दृष्टि से सही भी है तो उत्तर प्रदेश के 42 जनपदों का एकसाथ निजीकरण क्यों किया जा रहा है ?

रविवार, 8 जून 2025

UP K Lucknow Mein Priya saroj-Rinku singh कि रिंग सेरेमनी में जुटे दिग्गज




Lucknow (dil India live). लखनऊ में क्रिकेटर रिंकू सिंह और सपा सांसद प्रिया सरोज की रिंग सेरेमनी में सपा मुखिया अखिलेश यादव समेत तमाम दिग्गज पहुंचे हुए हैं। लखनऊ के 'द सेंट्रम' होटल में रिंग सेरेमनी शुरू हो गई है। रिंकू और प्रिया एक-दूसरे का हाथ पकड़कर हॉल में पहुंचे। स्टेज पर चढ़ते ही प्रिया सरोज की आंखें भर आईं। प्रिया ने पिंक लहंगा पहना है, जबकि रिंकू ऑफ व्हाइट शेरवानी में हैं। इससे पहले, होटल के लॉन में ही दोनों ने फोटो शूट करवाया। प्रिया के पिता तूफानी सरोज सभी गेस्ट्स का वेलकम कर रहे हैं। इस रिंग सेरेमनी में पहुंचने वाले सियासी दिग्गजों में सपा के राज्यसभा सांसद रामगोपाल यादव सबसे पहले दिखे। वह दोपहर करीब साढ़े 12 बजे होटल पहुंचे। उसके बाद पूर्व सांसद सुशीला सरोज भी पहुंची। समारोह में शामिल होने के लिए सपा के वरिष्ठ नेता शिवपाल सिंह यादव के अलावा सपा के मुखिया अखिलेश यादव अपनी सांसद पत्नी डिंपल यादव के साथ पहुंचे। इनके अलावा इस रिंग सेरेमनी में शामिल होने के लिए सपा सांसद जया बच्चन, बीसीसीआई के उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला भी शामिल हुए। इस दौरान अखिलेश यादव, डिंपल यादव, राजीव शुक्ला, शिवपाल यादव, राजेन्द्र चौधरी, इकरा हसन, जया बच्चन, इमरान मसूद समेत सपा के तकरीबन सभी छोटे बड़े नेताओं का होटल में जमावड़ा लगा हुआ है। समाचार लिखे जाने तक आयोजन सादगी के साथ चल रहा है। कार्यक्रम में कई केंद्रीय मंत्रियों के भी शामिल होने की खबर है। 







प्रिया संग रिंकू की शाही अंदाज में एंट्री

क्रिकेटर रिंकू सिंह व सपा सांसद प्रिया सरोज की रिंग सेरेमनी में शामिल होने के लिए मेहमानों का पहुंचना दोपहर होते ही शुरू हो गया था। मेहमानों के पहुंचने पर आवभगत के बाद शाही अंदाज में इस रिंग सेरमनी में सांसद प्रिया सरोज का हाथ थाम क्रिकेटर रिंंकू सिंह की शाही अ्ंदाज में एंट्री हुई। इस दौरान बैकग्राउंड में अरिजीत सिंह के गाना 'ओह माही... ' बजता रहा।



Priya saroj-Rinku singh ki Ring सेरेमनी आज शाम जुटेंगे दिग्गज

लखनऊ में रिंग सेरेमनी तो वाराणसी में होगी हाइटेक शादी 

अखिलेश, डिंपल, इकरा समेत शामिल होगा बच्चन परिवार व अन्य हस्तियां

 

  • Sarfaraz/Rizwan 

Jaunpur (dil India live). UP के जौनपुर जिले के मछली शहर लोकसभा सीट से सपा सांसद प्रिया सरोज की आज रविवार को मशहूर क्रिकेटर रिंकू सिंह के साथ लखनऊ में रिंग सेरेमनी होने जा रही है। इसकी तैयारियां पूरी कर ली गई है। दोनों के परिवार यूपी की राजधानी लखनऊ पहुंच चुके हैं और शाम को रिंग सेरेमनी कार्यक्रम लखनऊ में ही होगा। कार्यक्रम में पहुंचने वाले अतिथियों के आवभगत की तैयारियां चल रही हैं। सपा सांसद के परिवार से बताया गया कि राजधानी लखनऊ के फाइव स्टार होटल सेंट्रम में रविवार को हो रहे क्रिकेटर रिंकू सिंह और सांसद प्रिया सरोज की रिंग सेरेमनी में 300 से अधिक वीवीआईपी शामिल होंगे। देश और प्रदेश की कई बड़ी हस्तियों को न्योता भेजा गया है। 


रविवार को लखनऊ में हो रहे इस रिंग सेरेमनी के बाद शादी का कार्यक्रम 18 नवंबर को होना तय है। दोनों कि शादी वाराणसी के होटल ताज से होगी। उसमें भी क्रिकेट के सितारे, फिल्म जगत की हस्तियों और उद्योगपतियों व राजनीतिक हस्तियों का जमवाड़ा रहेगा। 

Priya saroj

अखिलेश, डिंपल जया समेत जुटेंगे दिग्गज 

रिंग सेरेमनी में आज लखनऊ में सपा मुखिया अखिलेश यादव, सांसद डिंपल यादव और जया बच्चन जैसे बड़े नाम शामिल होंगे। उनको न्योता भेजा गया है। इसके अलावा सांसद इकरा हसन और कई केंद्रीय मंत्रियों के भी शामिल होने की खबर है। 

बताया गया है कि आज होने वाली सगाई से पहले ही रिंकू का परिवार अलीगढ़ के महुआ खेड़ा स्थित साढ़े तीन करोड़ रुपये के बंगले में आ गया है। इस बंगले को रिंकू सिंह ने खरीदा था। बंगले में माता-पिता, बहन के अलावा भाई भी रह रहे हैं। शादी के बाद सांसद प्रिया सरोज इसी आलीशान बंगले में आएंगी।

ऐ दिल-ए-नादान आरज़ू क्या है, जुस्तजू क्या है

जानिए कौन थें जां निसार अख्तर, जावेद अख्तर से उनका क्या है रिश्ता 


dil India live (Desk). 

आँखें जो उठाए तो मोहब्बत का गुमाँ हो

नज़रों को झुकाए तो शिकायत सी लगे है...

अशआर मिरे यूँ तो ज़माने के लिए हैं।।

कुछ शेर फ़क़त उन को सुनाने के लिए हैं...

यह अशरार कभी लिखा था प्रगतिशील लेखक व शायर जान निसार अख्तर ने। आप शायद नहीं जानते होंगे प्रसिद्ध गीतकार और शायर जावेद अख्तर के  वो वालिद थे। "मरहूम जाँ  निसार अख्तर" एक महत्वपूर्ण उर्दू शायर, गीतकार और कवि थे। वे प्रगतिशील लेखक आंदोलन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा थे। उन्होंने हिंदी फिल्मों में "ऐ दिल-ए-नादान, ऐ दिल-ए-नादान आरज़ू क्या है, जुस्तजू क्या है" , " आजा रे, आजा रे, ओ मेरे दिलवर आजा दिल की प्यास बुझा जा रे " के लिए भी गाने लिखे। जो बेमिसाल है। आज पेश है उनकी याद में एक ग़ज़ल, देखें...

"कौन कहता है तुझे मैंने भुला रक्खा है 

तेरी यादों को कलेजे से लगा रक्खा है 

लब पे आहें भी नहीं आँख में आँसू भी नहीं 

दिल ने हर राज़ मुहब्बत का छुपा रक्खा है 

तूने जो दिल के अंधेरे में जलाया था कभी 

वो दिया आज भी सीने में जला रक्खा है 

देख जा आ के महकते हुये ज़ख़्मों की बहार 

मैंने अब तक तेरे गुलशन को सजा रक्खा है।"

       ( जां  निसार अख्तर)

House full -5 ने बक़रीद पर किया 30 करोड़ से ज्यादा का धमाकेदार कलेक्शन

पहले दिन किया था 24 करोड़ का कारोबार, बक़रीद ने दी और हवा 

संडे से भी हाउस फुल को है खासी उम्मीद

dil India live (Desk). ‘हाउसफुल’ सीरीज की पांचवीं फिल्म ‘हाउसफुल 5’ ने बॉक्स ऑफिस पर अच्छी खासी शुरुआत की है। बीते 6 जून को रिलीज हुई इस मल्टीस्टारर फिल्म ने पहले ही दिन करीब 24 करोड़ रुपये का धमाकेदार कलेक्शन किया और अब दूसरे दिन की कमाई ने भी फिल्म को मजबूती दी है।

आज शनिवार यानी 7 जून को बक़रीद का त्योहार था और इसका सीधा असर सिनेमाघरों की भीड़ पर देखने को मिला। शाम तक फिल्म ने लगभग 30 करोड़ रुपये का कलेक्शन कर लिया था, जिससे महज दो दिनों में फिल्म का कुल कलेक्शन 54 करोड़ रुपये तक पहुंच गया।

रविवार की छुट्टी से भी फिल्म को है उम्मीद

दूसरे दिन के कलेक्शन में अभी और बढ़ोतरी देखने को मिलेगी। माना जा रहा है कि रविवार की छुट्टी से फिल्म को और भी मजबूती मिलेगी। ‘हाउसफुल 5’ को क्रिटिक्स से मिली-जुली प्रतिक्रिया मिली है।

कुछ प्रमुख थिएटर्स में टिकट की कीमतों में इजाफा किया गया है, जिससे फिल्म की कमाई पर सकारात्मक असर पड़ा है। वहीं, वीकेंड पर दर्शकों की भारी आमद और वर्ड ऑफ माउथ के चलते यह ट्रेंड रविवार को भी जारी रहने की उम्मीद है।

दक्षिण भारत में फिल्म को कमल हासन की ‘ठग लाइफ’ से कड़ी टक्कर मिल रही है। मणिरत्नम के निर्देशन में बनी इस फिल्म ने दो दिन में लगभग 23 करोड़ रुपये का कारोबार किया है, जिसमें तमिल वर्जन की कमाई हिंदी से काफी ज्यादा है।

ग्लैमरस चेहरों और स्टार कलाकारों की कतार

फिल्म में अक्षय कुमार, रितेश देशमुख, अभिषेक बच्चन, संजय दत्त, नाना पाटेकर, जैकी श्रॉफ जैसे धुरंधर सितारे नजर आ रहे हैं। इसके अलावा, जैकलीन फर्नांडिस, सोनम बाजवा और नरगिस फाखरी जैसे ग्लैमरस चेहरों ने फिल्म की स्टार पावर को और मजबूत किया है। अलग-अलग क्लाइमेक्स के साथ फिल्म के दो वर्जन भी दर्शकों की जिज्ञासा का केंद्र बने हुए हैं।

कुछ ने इसे ‘फैमिली एंटरटेनर’ बताया तो कुछ ने इसकी स्क्रिप्ट और ह्यूमर पर सवाल उठाए। बावजूद इसके, दर्शकों की भीड़ इस बात की गवाह है कि फिल्म को भरपूर मनोरंजन के लिए पसंद किया जा रहा है।

शनिवार, 7 जून 2025

Soniya gandhi की तबीयत अचानक बिगड़ी

शिमला में प्रियंका के घर मनाने गई थी छुट्टी 

इंदिरा गांधी मेडिकल कालेज चिकित्सालय में कराया गया भर्ती
सोनिया गांधी का फाइल फोटो 

Shimla (dil India live). हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में अपनी बेटी प्रियंका के घर छुट्टियां मनाने पहुंचीं कांग्रेस संसदीय बोर्ड की चेयरपर्सन सोनिया गांधी की तबीयत शनिवार तीसरे पहर अचानक बिगड़ गई है। इसके बाद उन्हें तुरंत आईजीएमसी (इंदिरा गांधी मेडिकल कालेज एवं अस्पताल) में भर्ती कराया गया है। 

मिली जानकारी के मुताबिक, कांग्रेस संसदीय बोर्ड की चेयरपर्सन सोनिया गांधी बीते रविवार को शिमला में अपनी बेटी प्रियंका गांधी के घर छुट्टियां मनाने पहुंची थीं। शनिवार को उनकी अचानक तबीयत खराब हुई। उसके बाद उन्हें उपचार के लिए आईजीएमसी लाया गया। चिकित्सकों ने उनका एमआरआई सहित अन्य टेस्ट करवाए हैं। विस्तृत मेडिकल रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।

ऊना दौरा छोड़ सोनिया के पास पहुंचे सीएम

कांग्रेस संसदीय बोर्ड के चेयरपर्सन की तबीयत बिगड़ने की सूचना मिलते ही हिमाचल प्रदेश के मुख्मयंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू तीसरे पहर ऊना से शिमला के लिए रवाना हुए। वह ऊना जिला के दौरे पर थे। पार्टी की पूर्व अध्यक्ष की तबीयत की जानकारी मिलते ही वह अपना ऊना दौरा छोड़ कर वापस शिमला लौट आए हैं।

मिली जानकारी के मुताबिक, हिमाचल प्रदेश के सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू हेलीकॉप्टर से सायं 6.30 बजे शिमला के अनाडेल हेलीपेड पहुंचे। वहां से सीधे वह आईजीएमसी पहुंचे और अस्पताल में पहुंचकर कांग्रेस नेत्री सोनिया गांधी का हालचाल जाना एवं देखरेख में जुटी चिकित्सकीय टीम से जरूरी सलाह-मशविरा भी लगातार कर रहे हैं। 

शिमला में प्रियंका के घर छुट्टियां मनाती हैं सोनिया गांधी

पूर्व कांग्रेस अध्यक्षा सोनिया गांधी अक्सर शिमला में छुट्टियां मनाने आती हैं। हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला शहर से करीब 12 किमी दूर छराबड़ा में वह अपनी बेटी प्रियंका वाड्रा के घर पर रुकती हैं और इस बार भी वहीं ठहरी हुई थीं। बताया जा रहा है कि प्रियंका वाड्रा व राहुल गांधी का भी शिमला आने का कार्यक्रम था जो स्थगित हो गया था। बताया जा रहा है कि शिमला में प्रियंका के आवास पर सोनिया गांधी की तबीयत बिगड़ने की सूचना मिलते ही शिमला में मौजूद प्रदेश के मंत्रियों और कांग्रेस के नेता में आनन-फानन में आईजीएमस की ओर चल पड़े हैं। उधर कांग्रेस के नेता और कार्यकर्ताओं द्वारा देश भर में दुआओ और सोनिया गांधी की सेहत व स्वास्थ्य के लिए प्रार्थना का दौर भी शुरू हो गया है।