मंगलवार, 25 मार्च 2025

VKM Varanasi main ‘Ecotalks’ के तहत् द्वि-दिवसीय युवा महोत्सव ‘अर्थोत्सव’ का हुआ आगाज़

एनीबेसेण्ट मेमोरियल पारंपरिक वाद-विवाद प्रतियोगिता में स्टूडेंट्स ने सांझा किया ज्ञान 

Varanasi (dil India live). वसन्त कन्या महाविद्यालय, कमच्छा, वाराणसी में आज अर्थशास्त्र विभाग के अकादमिक मंच ‘Ecotalks’ के तहत् द्वि-दिवसीय युवा महोत्सव ‘अर्थोत्सव’ का आगाज़ हुआ। कार्यक्रम में महाविद्यालय के छात्राओं के अतिरिक्त बी.एच.यू, आर्य महिला पी.जी. काॅलेज एवं डी.ए.वी.पी.जी. काॅलेज, वाराणसी के छात्र/छात्राओं ने प्रतिभागिता की। कार्यक्रम के प्रारंभ में महाविद्यालय की प्राचार्या प्रो. रचना श्रीवास्तव ने युवा महोत्सव के सिद्धान्तों एवं टीम वर्क के महत्व पर प्रकाश डालने के साथ ही इस कार्यक्रम में प्रतिभाग करने वाले छात्र/छा़त्राओं का उत्साहवर्द्धन किया। कार्यक्रम के प्रथम दिन 25.03.2025 को एनीबेसेण्ट मेमोरियल पारंपरिक वाद-विवाद प्रतियोगिता आयोजित की गयी जिसका शीर्षक ‘मृत्युदंड अपराध के लिए प्रभावी निवारक नहीं है’ रहा। इस विषय पर पक्ष एवं विपक्ष पर वसन्त कन्या महाविद्यालय के छात्राओं के साथ ही विभिन्न महाविद्यालयों के छात्र/छात्राओं ने भी अत्यधिक रोचक ढ़ंग से अपने विचार व्यक्त किये। इस प्रतियोगिता में कुल 20 प्रतिभागियों ने प्रतिभागिता की। निर्णायक मंडल में प्रो. इन्दु उपाध्याय, विभागाध्यक्षा, अर्थशास्त्र विभाग, व.क.म., डाॅ. विजय कुमार, असिस्टेण्ट प्रोफेसर, अर्थशास्त्र विभाग, व.क.म., कुमारी आस्था अरोरा, फाॅर्मर प्रेसीडेंट, डिबेटिंग सोसायटी, अंकिता मिश्रा, सदस्य, डिबेटिंग सोसायटी, रहे। प्रतियोगिता के प्रथम राउण्ड में जीते हुए प्रतिभागियों को द्वितीय राउण्ड में 4 टीमों में वर्गीकृत किया गया। प्रत्येक टीम में 2 सदस्य थे। इन 4 टीमों के बीच पार्लियामेण्ट्री डिबेट का सेमीफाइनल आयोजित किया गया जिसमें से 2 टीम फाइनल में पहुँची। इस अवसर पर अर्थशास्त्र विभाग से डाॅ॰ रितेश यादव, सुश्री सबा परवीन एवं सुश्री अनीता प्रजापति, दिव्यांशी, जया, दीक्षा, श्वेता, संज्ञा, सेजल ने अपनी सक्रिय सहभागिता से कार्यक्रम को सफल बनाया। कार्यक्रम का सुचारू रूप से सुगठित संचालन महाविद्यालय की छात्रा सुश्री मधुमिता एवं वैष्णवी ने किया।

NSS स्वस्थ समाज के निर्माण में निभाता है महत्वपूर्ण भूमिका- प्रो. सीमा

संगीत के माध्यम से वैश्विक स्तर पर हम एक दूसरे के नज़दीक-प्रो. रचना श्रीवास्तव


Varanasi (dil India live)। आज 25.03.2025 को वसंत कन्या महाविद्यालय की राष्ट्रीय सेवा योजना के एक दिवसीय कार्यक्रम में इकाई-3 (014C) की कार्यक्रम अधिकारी डॉ.पूनम वर्मा के द्वारा संगीत एवं मानसिक स्वास्थ विषय पर व्याख्यान का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत महाविद्यालय की प्राचार्या प्रोफेसर रचना श्रीवास्तव ने स्वयं सेविकाओ को आशीर्वचन दिए एवं संगीत की महत्ता को मानव जीवन से संबद्ध करते हुए बताया कि संगीत ही वह माध्यम है जिसके द्वारा हम वैश्विक स्तर पर एक दूसरे से न केवल जुड पाते हैं अपितु आपसी सामंजस्य को भी स्थापित कर पाते है।  कार्यक्रम की मुख्य अतिथि प्रोफेसर सीमा वर्मा ने स्वयं सेविकाओं के कर्तव्य बोध करते हुए बताया कि राष्ट्रीय सेवा योजना केवल प्रमाणपत्र प्राप्त करने और प्रसिद्धि का माध्यम नहीं है बल्कि ये समाज के प्रति हमारे वास्तविक उत्तरदायित्व को भी परिभाषित करता है जो हमें न केवल जिम्मेदार नागरिक बनाता है बल्कि एक स्वस्थ समाज के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका भी निभाता है।

वहीं प्रोफेसर सीमा वर्मा ने विभिन्न प्रकार के गीतों के माध्यम से भी छात्राओं को स्वास्थ्य मानसिकता को विकसित करने पर बल दिया साथ  बताया कि  संगीत के द्वारा  सरल, सहज ही  हम अपने हृदयागत क्लेशों से बड़ी आसानी से मुक्त हो सकते है। वहीं साथी कलाकार सौम्य कांति मुखर्जी ने भी एकाग्रता एवं स्वांस की तारतम्यता का मानसिक स्वास्थ से संबंध जोड़ते हुए महत्वपूर्ण उदाहरण प्रस्तुत किए। कार्यक्रम के अंत में स्वयं सेविकाओं ने अपने महत्वपूर्ण अनुभव भी साझा किए। इस अवसर पर महाविद्यालय की 100 से अधिक छात्राएं एवं शिक्षिकाएं उपस्थित रहीं।

Allama kosar nadvi का उर्स अक़ीदत के साथ मनाया गया

आस्ताने पर हुई इश्तेमाई रोज़ा इफ्तार दावत 


Mohd Rizwan 

Varanasi (dil India live)। ख़ानक़ाह क़ादिरिया सिराजिया में हज़रत अल्लामा कौसर बाबा नदवी रहमतुल्लाह अलैह का ३३ वां सालाना उर्स अक़ीदत व मुहब्बत के साथ मनाया गया। सुबह से ही बाबा के मुरीदों और शागिर्दाें की आमद का सिलसिला शुरू हो गया था। सब लोग पहले हज़रत के आसताने पर हाज़िर हो कर फातिहा पढते, फिर क़ुरान शरीफ‌ की तिलावत की महफ़िल में शरीक होते।

ज़ुहर की नमाज़ के बाद के बाद 1:35 बजे क़ुल शरीफ हुआ। जिस में मौलाना नसीर अहमद सिराजी, मौलाना लतीफ अहमद सिराजी और मौलाना रियाज़ अहमद क़ादरी सिराजी ने क़ुरान शरीफ की सूरतों की तिलावत की। आख़िर में मौलाना इक़बाल अहमद सिराजी (सज्जादानशीन) ने ख़त्म पढा और शजरा शरीफ पढ कर अल्लाह रब्बुल- इज़्ज़त की बारगाह में रिक़्क़त आमेज़ दुआएं मांगी। शाम को मग़रिब की अज़ान के वक़्त इजतिमाई इफतार का प्रोग्राम हुआ, जिसमें बड़ी तादाद में लोगों ने शिरकत की। इफतार के बाद नमाज़ पढी गई और प्रोग्राम ख़त्म हो गया।

सोमवार, 24 मार्च 2025

Varanasi फिजियोथिरैपिस्ट एसोसिएशन का Work Shop

चिकित्सा के क्षेत्र में वर्टिगो रिहैबिलिटेशन पर हुई चर्चा 



Varanasi (dil India live). चिकित्सा के क्षेत्र में वर्टिगो रिहैबिलिटेशन (चक्कर पुनर्वास) पर वर्कशाप का आयोजन Varanasi फिजियोथिरैपिस्ट एसोसिएशन की ओर से होटल टेम्पल टाऊन कैंटोंमेंट में किया गया था। मुख्य वक्ता के रूप में डॉ शैलेन्द्र कुमार (पीटी) मेदांता हॉस्पिटल लखनऊ ने चक्कर रूपी समस्या की पहचान और फिजियोथिरैपी के द्वारा पुनर्वास पर बारिकी से रोशनी डाली। कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ अमितेश कुमार गिरी (पीटी) अध्यक्ष वीपीए, कार्यक्रम संचालन डॉ अवनीश कुमार (पीटी) सचिव वीपीए, कार्यक्रम प्रबंधन डॉ सूरज तिवारी (पीटी) और कार्यकारिणी समिति के सदस्यों द्वारा किया गया।

समिति की सदस्य डॉ सोनी पांडे (पीटी), डॉ मेघा गुप्ता (पीटी), डॉ नीरज यादव (पीटी), डॉ मनीष सिंह (पीटी), डॉ अक्षय दीक्षित (पीटी) इत्यादि ने किया। इससे पहले मुख्य अतिथि का स्वागत पुष्पगुच्छ देकर डॉ मयंक सिंह (पीटी) ने किया। आयोजन में सहयोगी संस्था सत्कार इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ साइंस के लोग भी उपस्थित थे।

गैस सिलेंडर के गोदाम में आग से दहल उठा बरेली

आग से 400 सिलेंडर धमाके के साथ फटे, मचा हड़कंप 

मोहम्मद रिजवान 

Barely (dil India live). बरेली में सोमवार दोपहर महालक्ष्मी गैस एजेंसी में सिलेंडर फटने से आग लग गई। पल भर में आग ने विकराल रूप ले लिया। 3 मिनट में करीब 400 सिलेंडर में धमाके हुए। आग ने पूरे गोदाम को अपनी चपेट में ले लिया।धमाका इतना भीषण था कि फटे सिलेंडरों के टुकड़े 500 मीटर दूर जाकर खेतों में जाकर गिरे, जिससे पूरे इलाके में दहशत फैल गई। धमाके की आवाज 3 किमी दूर तक सुनाई दी। सूचना पर पहुंची पुलिस ने आसपास के घरों को खाली कराया।

फायर ब्रिगेड के साथ पुलिस ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया है। समाचार लिखे जाने तक किसी कि भी जनहानि का कोई समाचार प्राप्त नहीं हुआ था। घटना थाना बिथुरी चैनपुर क्षेत्र में रजऊ परसपुर की है। सुरक्षा के लिहाज से भारी पुलिस फोर्स मौके पर तैनात है। आस-पास के रास्ते बंद कर दिए गए हैं।

निःशुल्क नेत्र जांच शिविर में जुटे लोग, हुई जांच

समाज के प्रत्येक व्यक्ति हमेशा रहे स्वस्थ्य, भाजपा का संकल्प-नीलकंठ तिवारी


 

  • मोहम्मद रिजवान 

Varanasi (dil India live). वाराणसी शहर दक्षिणी विधानसभा के विधायक व पूर्व राज्यमंत्री. डा नीलकंठ तिवारी की अगुवाई में वेद भवन पियरी में आर.जे.शंकर नेत्रालय द्वारा आयोजित एक दिवसीय निःशुल्क मोतियाबिंद एवं नेत्र परीक्षण शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में लगभग 130 से अधिक मरीजों का नेत्र परीक्षण किया गया। इसमें कई लोगों को आपरेशन के लिए अस्पताल भी भेजा गया। इस मौके पर विधायक नीलकंठ तिवारी ने कहा कि समाज के हर व्यक्ति को स्वास्थ्य लाभ मिले, सभी स्वस्थ रहें यही भाजपा का संकल्प है।

इस अवसर पर पूर्व मंडल अध्यक्ष गोपाल गुप्ता, मंडल अध्यक्ष द्वय राजीव सिंह, बंटी गुप्ता, बबलू सेठ, पार्षद द्वय अमरेश गुप्ता, इंद्रेश सिंह, मनीष गुप्ता, श्रवण गुप्ता, संजय केशरी सहित क्षेत्रीय जनता व भाजपा कार्यकर्ताओ की मौजूदगी थी।‌।

Ramzan mubarak (23)- jannat का एक दरवाजा है 'Rayyan' जिसमें से रोज़ादार होंगे जन्नत में दाखिल

जिसने पूरे महीने रोज़ा रखा उसे नहीं खा पाएगी जहन्नुम की आग

Varanasi (dil India live). रमजान मुबारक कितनी अजमत, कितनी रहमत और कितनी बरकत वाला महीना है इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि रमज़ान का आगाज़ होते ही शैतान गिरफ्तार कर लिया जाता है। जन्नत के दरवाजे खोल दिए जाते हैं और जहन्नुम के दरवाजे बंद कर दिए जाते हैं। हर तरफ नूर ही नूर की बारिश हो रही होती है।

रमजान के तीन अशरों की हर दस दिन की अलग ही अहमियत है। रब ने रमज़ान को तीन अशरों (10-10 दिनों के तीन हिस्सों) में बांटा है। इसमें पहला अशरा रहमत का होता है। अशरा दस दिन को कहते हैं। पहले दस दिन तक रोज़ा रखने वाले पर रब की रहमत बरसती है। रमजान का रहमत का सफर पूरा होने के बाद दूसरा अशरा मगफिरत का आता है। दूसरे आशरे में रब बंदों की मगफिरत कर देता है। यानी तमाम गुनाह माफ कर देता है ये दोनों अशरे बीत चुके हैं। और तीसरा अशरा जहन्नुम से आजादी का चल रहा है। इस आखिरी अशरे में अल्लाह रोज़ेदारों को जहन्नुम से आज़ाद कर देता है।

इस्लामिक ग्रंथों में आया है कि जन्नत में यूं तो कई दरवाजे हैं मगर एक खास दरवाजा जिसका नाम बांबे रय्यान है। उस दरवाजे से जन्नत में केवल रोज़ादार ही दाखिल होंगे। रमजान की आहट से ही जन्नत सजायी जाने लगती है। यानी रमज़ान में रब के पास जाने वाला जन्नत का हकदार होता है। और वो रोजेदार बांबे रय्यान से ही जन्नत में दाखिल होंगे। इसलिए कहा जाता है कि रोजेदारों को जहन्नुम की आग नहीं खा पाएगी। इस महीने की सबसे बड़ी खासियत यह भी है कि इस मुक़द्दस महीने को रब ने अपना महीना कहा है। रब कहता है ग्यारह महीना बंदा अपने हिसाब से गुज़ारता है। रमजान का एक महीना मेरे लिए जो गुजारेगा उसका बदला उसे में दुनिया और आखिरत दोनों में दूंगा। ऐ मेरे रब तू अपने हबीब के सदके में रमज़ान की दौलतों से मालामाल कर दें। और जो लोग रोज़ा नहीं रख रहे हैं उन्हें रोज़ा रखने की तौफीक अता फरमा (आमीन).

  • डाक्टर एहतेशामुल हक 
सदर सुल्तान क्लब वाराणसी।