शुक्रवार, 3 जनवरी 2025
Free eye check up शिविर में 150 ने कराया परीक्षण
Varanasi (dil India live)। ठठेरी बाजार स्थित शेर वाली कोठी में शुक्रवार को 150 से अधिक मरीजों ने नेत्र परीक्षण कराया। श्री ठाकुर राधामाधव लाल ट्रस्ट एवं हिन्दू सेवा सदन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित निःशुल्क मोतियाबिंद ऑपरेशन (लेंस प्रत्यारोपण) एवं नेत्र परीक्षण शिविर में भारी भीड़ उमड़ी। शिविर में नेत्र चिकित्सक डॉ. सुनील कुमार ने मरीजों का नेत्र परीक्षण किया, जिसमे से लगभग 90 मरीजों को लेंस सहित चश्मा प्रदान किया गया, वहीं दो दर्जन मरीजों का मोतियाबिंद के ऑपरेशन के लिए पंजीकरण किया गया, सोमवार को इन्हें पुनः जाँच के लिए बुलाया गया है, जिसके बाद मंगलवार को इनका निःशुल्क ऑपरेशन किया जाएगा। इसके अलावा आधा दर्जन मरीजों में रेटिना की समस्या भी आई जिनके उपचार के लिए भी दवाइयां और अन्य उपचार भी चिकित्सकों द्वारा उपलब्ध कराया गया। कार्यक्रम के संयोजक एवं ट्रस्ट के अध्यक्ष शचि कुमार साह ने बताया कि प्रतिवर्ष इस तरह का शिविर आयोजित किया जाता है जिसमे सैकड़ो की संख्या में लोग लाभ उठाते है।
इसके पूर्व निःशुल्क शिविर का शुभारंभ श्रीधाम वृंदावन के राधारमण मंदिर के महाराज आलोक कृष्ण गोस्वामी की द्वारा किया गया। इस मौके पर हिंदू सेवा सदन के प्रधानमंत्री राजेन्द्र मोहन साह, जय प्रकाश मूंदड़ा, अनिल रस्तोगी, वीरेंद्र भुराड़िया, राहुल साह, कौस्तुभ साह आदि प्रमुख रूप से उपस्थित रहे। नेत्र परीक्षण दल में मोहम्मद शाहिद, गिरधर मल्होत्रा, संतोष श्रीवास्तव, राजकुमार वाही आदि रहें।
Khwaja Garib Nawaz का उर्स होगा live
कहीं से भी देख सकेंगे ख़्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती के उर्स की रस्में
पीएम मोदी की चादर संग मंत्री किरेन रिजिजू लॉन्च करेंगे एप और पोर्टल
@Mohd Rizwan
Ajmer (dil India live). सूफी संत Hazrat Khwaja Moinuddin हसन चिश्ती की दरगाह अब लाइव होने जा रही है। ख्वाजा के 813 वें सालाना उर्स पर सभी रस्म एप और पोर्टल के माध्यम से लाइव दिखाई जाएगी। रजब माह की छठी तारीख को ख्वाजा गरीब नवाज का सालाना पूरी अकीदत के साथ उर्स मनाया जाएगा।
दरगाह में इस्लामिक परंपराओं के अनुरूप ख्वाजा के उर्स की रस्में शुरू हो चुकी है। 813 साल के इतिहास में संभवत: यह पहला अवसर है जब वेब पोर्टल और एप के माध्यम से दरगाह की रस्मों को लाइव दिखाने की सुविधा उपलब्ध करवाई जा रही है। इस वेब पोर्टल और एप की लॉन्चिंग 4 जनवरी को केंद्रीय अल्पसंख्यक मंत्रालय के मंत्री किरेन रिजिजू अजमेर में करने आ रहे हैं।
अजमेर की दरगाह के वेब पोर्टल और एप का जिम्मा केंद्र सरकार के अधीन काम करने वाली दरगाह कमेटी का है। चूंकि दरगाह कमेटी अल्पसंख्यक मंत्रालय के अधीन काम करती है, इसलिए केंद्रीय मंत्री रिजिजू के अजमेर आने को बहुत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। रिजिजू न केवल वेब पोर्टल और एप की लॉन्चिंग करेंगे, बल्कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा उर्स में भेजी गई चादर को ख्वाजा साहब की मजार पर सूफी परंपरा के अनुरूप पेश करेंगे।
पीएम मोदी ने 11वीं बार ख्वाजा से दिखाई अकीदत
देश के प्रधानमंत्री की ओर से प्रतिवर्ष उर्स में चादर भेजने की जो परंपरा 1947 से चली आ रही है, उसे मौजूदा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी गत 11 वर्षों से निभा रहे हैं। इस दौरान रिजिजू जो वेब पोर्टल और एप लॉन्च करेंगे उसके माध्यम से ख्वाजा मोइनुद्दीन हसन चिश्ती रहमतुल्लाह अलैह के जीवन और उनके द्वारा दी गई शिक्षाओं की जानकारी भी देश दुनिया के लोग कहीं से भी ले सकेंगे। दरगाह कमेटी ने दरगाह से जुड़े मुस्लिम विद्वानों से जानकारी एकत्रित कर वेब पोर्टल को तैयार किया है। गौरतलब हो कि ख्वाजा मोइनुद्दीन हसन चिश्ती रहमतुल्लाह अलैह की दरगाह में खादिम समुदाय और दरगाह के दीवान की भी महत्वपूर्ण भूमिका है। छह दिवसीय उर्स के दौरान होने वाली धार्मिक महफिल की सदारत दरगाह दीवान जैनुअल आबेदीन ही करते हैं। दरगाह कमेटी ने ख्वाजा मोइनुद्दीन हसन चिश्ती रहमतुल्लाह अलैह ग़रीब नवाज़ और उनकी शिक्षाओं की जानकारी वेब पोर्टल पर दर्ज करने से पहले दरगाह से जुड़े सभी पक्षों से विमर्श भी किया। ताकि लॉन्चिंग के बाद कोई विवाद न हो। दरगाह के अंदर जायरीन को सुविधाएं उपलब्ध करवाने की जिम्मेदारी भी कमेटी की है। एप लॉन्चिंग के बाद दरगाह में तैयार होने वाली कमेटी के गेस्ट हाउस के कमरों की बुकिंग भी ऑनलाइन हो सकेगी।
चिराग पासवान की चादर हुई पेश
हज़रत ख़्वाजा मोईनुद्दीन चिश्ती रहमतुल्लाह अलैह गरीब नवाज़ की दरगाह में अकीदत के पुष्प व चादर पेश करने का सिलसिला शुरू हो गया। केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान की ओर से जनशक्ति पार्टी के राष्ट्रीय नेता महासचिव मोहम्मद साबिर खान ने चादर पेश की। वहीं, बॉलीवुड की ओर से अभिनेता सुबोध गुलाटी, सुमेर व शालीन मल्होत्रा चादर लेकर पहुंचे। वे दरगाह के निजाम गेट से जुलूस के साथ चादर को लेकर गए।
अपर पुलिस आयुक्त कानून एवं व्यवस्था ने जुमे की नमाज से पहले किया पैदल गश्त
देखी व्यवस्था, बेतरतीब खड़े वाहनों को कराया दुरुस्त, जाम से दिलाईं निजात
मोहम्मद रिजवान
सावित्रीबाई फुले की जयंती पर निकाली गई रैली
नारी शिक्षा की अग्रदूत व देश की पहली शिक्षिका सावित्री बाई फुले
Varanasi (dil India live). राजातालाब तहसील क्षेत्र के गौर और परमंदापुर गांव में आशा विश्वास ट्रस्ट, समता किशोरी युवा मंच की ओर से शुक्रवार को नारी शिक्षा की अग्रदूत व प्रथम शिक्षिका सावित्रीबाई फुले की जयंती धूमधाम से मनाई गई। इस अवसर पर यहाँ रैली भी निकाली गईं। इसमें सैकड़ों की संख्या में लोग शामिल थे। मनरेगा मज़दूर यूनियन के संयोजक सुरेश राठौर ने भी कार्यक्रम में पहुंचकर सावित्रीबाई फुले के जीवन पर प्रकाश डाला।
यहाँ नारी शिक्षा की अग्रदूत प्रथम शिक्षिका सावित्रीबाई फुले की जयंती मनाई गई। इस अवसर पर रैली का भी आयोजन किया गया, जिसमें सैकड़ों लोगों ने भाग लिया। यूनियन के संयोजक सुरेश राठौर ने भी पहुंचकर कार्यक्रम में भाग लिया। उन्होंने कहा कि माता सावित्रीबाई फुले भारत की पहली महिला शिक्षिका, कवियत्री व समाजसेविका थी, जिनका लक्ष्य बालिकाओं को शिक्षित करना रहा। सावित्रीबाई फुले का जन्म तीन जनवरी 1831 को महाराष्ट्र के एक सैनी परिवार में हुआ था। मात्र नौ साल की आयु में उनकी शादी क्रांतिकारी महात्मा ज्योतिबा फुले से हुई थी। उस वक्त ज्योतिबा फुले मात्र 13 साल के थे। माता सावित्रीबाई फुले को बालिकाओं को शिक्षित करने के लिए समाज का बड़ा विरोध झेलना पड़ा था। 18 वीं सदी की बात करें तो उस समय महिलाओं का स्कूल जाना भी पाप समझा जाता था। ऐसे समय में सावित्रीबाई फुले ने जो कर दिखाया, वह कोई साधारण उपलब्धि नहीं थी। उन्होंने अपने पति के साथ मिलकर 1848 में बालिकाओं के लिए प्रथम विद्यालय की स्थापना की।
कार्यक्रम का संचालन सपना ने किया। इस मौके पर ने किया इस मौक़े रेनू, सरोज, अनिल, सुरेश राठौर, गुड़िया, रोशनी, कोमल, सपना, काजल, सविता, रेशमा, सपना, रेखा, सगीता, दीक्षा सहित सैकड़ों लोग उपस्थित थे।
गुरुवार, 2 जनवरी 2025
Pakistani जायरीन का जत्था 6 Rajab को पहुंचेगा अजमेर
ख्वाजा के पहले कुल शरीफ में उमड़ा ज़ायरीन का मजमा
Mohd Rizwan
Ajmer (dil India live). सुल्तानुल हिंद, सरकार ख्वाजा मोइनुद्दीन हसन चिश्ती रहमतुल्लाह अलैह (ग़रीब नवाज़) का उर्स अजमेर में शुरू हो चुका है। ख्वाजा के उर्स पर देश दुनिया के जायरीन जुटना शुरू हो गये हैं। पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान के जायरीन का जत्था 6 रजब को चादर चढ़ाने अजमेर दरगाह पहुंचेगा। दरगाह में पहला कुल शरीफ आज मध्यरात्रि सम्पन्न हो गया। कुल शरीफ में लोगों का मजमा उमड़ा हुआ था।
इससे पहले उर्स के खास मौके पर हजारों किलोमीटर नंगे पैर पैदल चल कर आए कलंदरों का जत्था भी ख्वाजा गरीब नवाज की दरगाह पहुंचा। गेगल टोल प्लाजा के पास सर्वधर्म एकता समिति के अध्यक्ष सैय्यद खुश्तर चिश्ती ने कलंदरों का स्वागत किया। कलंदर घूघरा स्थित रोशन अली शाह पीर की दरगाह होते हुए गरीब नवाज के चिल्ले पर पहुंचे। इस दौरान कलंदरों ने हैरतअंगेज कारनामे दिखाए। उर्स के मौके पर छड़ियों का जुलूस बैंड बाजे ढोल ढमाकों के साथ निकला। इसमें देश के कई राज्यों से मलंग कलंदर और जायरीन पैदल दरगाह पहुंचे। दोपहर 3 बजे गंज स्थित उस्मानी चिल्ला से जुलूस रवाना होकर सूफी सेन्ट स्कूल के सामने से होकर ऋषि घाटी पहुंचे। यहां से उस्मानी मोइनुद्दीन गुदड़ी शाह खानकाह के सज्जादानशीन हजरत इमाम हसन गुदड़ी शाह बाबा पंचम की अध्यक्षता में दरगाह शरीफ में प्रवेश किया। दिल्ली के महरौली में इकट्ठा होकर आए कलंदरों ने अजमेर में जुलूस के दौरान एक से बढ़कर एक करतब दिखाए।
अपने हाथों निकाल दी अपनी आंखें तो लोग चौंके
किसी कलंदर ने चाकू से अपनी आंख का हिस्सा बाहर निकाला तो किसी ने अपनी जीभ के आर पार लोहे का सरिया कर दिया। कोई छाती पर तलवार घुसाते हुए नजर आया तो किसी ने गले के अंदर लोहे का सरिया आर पार कर दिया। यह सभी हैरत अंगेज करतब देख तमाम लोग चौंक पड़े। यहां देश के कोने-कोने से मलंगों, बाबाओं की ओर से लाई हुई छड़िया व झंडे आस्ताना के दरवाजे पर लगाए गए। छड़ी के जुलूस के दौरान दरगाह और दिल्ली गेट के आसपास के व्यापारियों ने अपने स्तर पर मलंगों और जरिए का माला पहनकर स्वागत किया। किसी ने चाय कॉफी की व्यवस्था की तो किसी ने नाश्ते की व्यवस्था कलंदरों के लिए की।
कोलकाता से आए सकावत अली ने बताया कि कई साल पहले एक अग्निकांड में उनके दोनों हाथ झुलस गए थे। चिकित्सकों ने उपचार के दौरान हाथों में जहर फैलने के कारण उसके दोनों हाथों की कलाई काट दी थी। उसके बाद से ही वह बॉम्बे की लोकल ट्रेन में खाने पीने का सामान बेच कर परिवार का भरण पोषण करते हैं और घर में बीवी बच्चे सभी हैं। वह पिछले 14 साल से इसी तरीके से मोटरसाइकिल चला कर करीब 2000 किलोमीटर बाइक चलाते हुए ख्वाजा गरीब नवाज के सालाना उर्स में कलंदरों के साथ आते हैं।
सभी board के 8 वीं Class तक की इतने दिन रहेगी छुट्टी
ठंड को देखते हुए बीएसए ने जारी किया स्कूलों के लिए छुट्टी का आदेश
- सरफराज अहमद














