सोमवार, 15 सितंबर 2025

Varanasi K चिरईगांव में पांच दिवसीय FLN एवं New NCERT Books पर प्रशिक्षण

प्रशिक्षण के दौरान शिक्षकों में दिखा उत्साह, रही सक्रिय भागीदारी

Varanasi (dil india live). वाराणसी के चिरईगांव ब्लॉक रिसोर्स सेंटर पर खंड शिक्षा अधिकारी  प्रीति सिंह के निर्देशन में पांच दिवसीय FLN एवं नई NCERT पुस्तकों पर आधारित प्रशिक्षण का सातवां बैच सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ। यह प्रशिक्षण प्रतिदिन प्रातः 9:30 बजे से सायं 5 बजे तक आयोजित किया गया था।

इससे पहले प्रशिक्षण की शुरुआत प्रार्थना सभा से हुई, जिसमें संस्कृत वंदना, प्रतिज्ञा, समाचार, आज का विचार, प्रेरक कहानी और राष्ट्रगान शामिल रहे। संदर्भदाता रश्मि त्रिपाठी ने प्रार्थना सभा का संचालन किया। अन्य संदर्भदाता रविन्द्र कुमार यादव, श्रीनिवास सिंह और उमेश त्रिपाठी ने दो प्रशिक्षण हॉलों में 50-50 शिक्षकों के बैच को प्रशिक्षण प्रदान किया।

प्रशिक्षण में कब-कब क्या हुआ 

पहले दिन वीणा-1 और गणित मेला का परिचय हुआ। वीणा-1 हिंदी की पाठय पुस्तक को NCERT ने रोचक ढंग से लिखा है जो थीम आधारित है ताकि हम एक थीम को समय के साथ बच्चों में विकसित कर सके। पर्यावरण, मित्र, खेल, काम, हमारा देश के प्रति, अपने भारतीय ज्ञान परंपरा के प्रति बच्चों में एक चेतना विकसित की जा रही है। वही गणित मेला जो गणित की पाठ्य पुस्तक है बेहद रोचक ढंग से परिवेश, परिचित संदर्भों, त्योहारों आदि को दैनिक जीवन से लेते हुए अमूर्त अवधारणाओं को मूर्त और रोचक बनाती है। ये इन पुस्तकों की बहुत खास बात है। दूसरे दिन भाषा शिक्षण में ग्रेजुअल रिलीज ऑफ रिस्पांसिबिलिटी, जिम्मेदारियों का क्रमिक हस्तांतरण और 4 Block रणनीति पर कार्य किया गया। तीसरे दिन गणित के तीनों कालांश की रणनीतियों और जोड़-घटाव व स्थानीय मान पर समूह गतिविधियाँ, प्रस्तुतीकरण, रोल प्ले हुए। नए कहानी पोस्टर्स पर प्रस्तुतीकरण हुआ। चौथे दिन कक्षा 4-5 की संदर्शिका, 42 दिन की उपचारात्मक और पुनरावृत्यात्मक शिक्षण योजना, पाठों का दिवसवार विभाजन जो अन्य खिड़की दरवाजों को भी समझ के लिए खोल देता है। संतूर अंग्रेज़ी पुस्तक पर सबने समझ बनाई, प्रस्तुतीकरण, रोल प्ले पर कार्य हुआ। पाँचवें दिन Indian Knowledge System, Interdisciplinary एवं Multidisciplinary Approach की समझ विकसित की गई।



सक्रिय सहभागिता, समूह गतिविधियों और प्रेरक सेशनों ने इस प्रशिक्षण को अत्यंत उपयोगी और प्रेरणादायी बना दिया। निश्चित रूप से इन बातों के साथ हम अपनी गुणवत्ता बढ़ाएंगे। बच्चों को इन बातों के साथ हम बेहतर आउटकम, परफॉर्मेंस और उपलब्धियों की उम्मीद कर सकते है। हालांकि टीचर्स के लिए टीईटी की परीक्षा कंपलसरी जैसी खबरों ने उन्हें मायूस जरुर कर दिया है। जिसका हल जल्दी निकलना चाहिए। अन्यथा की स्थिति में टीचर्स घोर निराशा और अवसाद की स्थिति में है।


इन्होंने की प्रशिक्षण में सहभागिता 

प्रशिक्षण लेने वालों में चित्र लेखा सिंह,अनीता सिंह, एहतेशामुल हक, गुरु प्रसाद, छाया देवी, हामिदा बेगम, आरती मौर्या, सतीश सिंह, धारणा आर्या, प्रीति गुप्ता, अर्चना, हेमंत कुमार मौर्य, अनुराधा भार्गव, बीनू चौहान, शीला, गोविंद प्रसाद, अर्चना यादव, गणेश प्रसाद, दिलीप कुमार इत्यादि शामिल थे।

UP K Varanasi Main October में दिया जाएगा Nari शक्ति आइकन Award

विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिलाओं को दिया जाता है नारी शक्ति आइकन अवार्ड
फाइल फोटो dil India live 

Varanasi (dil india live). महिला सशक्तिकरण सेवा समिति द्वारा इस वर्ष नारी शक्ति आइकन आवर्ड का आयोजन 05 अक्टूबर दिन रविवार को वाराणसी में होने जा रहा है। इस संदर्भ में दिल इंडिया लाइव से खास बातचीत में संस्था के प्रबंधक व मोटीवेटर ट्रेनर शरद गोस्वामी एवं अध्यक्ष ममता सिंह ने बताया कि यह आयोजन वाराणसी के रोहनिया में होने जा रहा है।

उत्कृष्ट कार्य वाली महिलाओं का सम्मान 

दोनों ने बताया कि प्रत्येक वर्ष समाज में उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिलाओं को नारी शक्ति आईकान अवार्ड दिया जाता है। इसमें संस्था की कोशिश होती है कि समाज के हर वर्ग फ़ैशन, खेल, स्वास्थ, आविष्कार आदि के क्षेत्र में विशेष कार्य करने वाली या  अहम भूमिका निभाएं जाने के लिए पिछले तीन वर्षों से नारी शक्ति आइकन आवर्ड प्रदान किया जा रहा है।

दोनों ने बताया कि इस आयोजन में पूर्वांचल के जिलों से लगभग 100 महिलाओं बच्चियों का नाम चयनित होता है। जिसमें पूर्वांचल जिले की सैकड़ों बच्चियां, महिलाएं एकत्र होती है। जिसमें बच्चियों महिलाओं को, सिलाई कढ़ाई, ब्यूटीशियन हस्तशिल्प कला इत्यादि विभिन्न विषयों पर जागरूक किया जाता है। विगत 10 वर्षों से प्रयासरत संस्था के प्रबंधक शरद गोस्वामी एक कुशल मोटीवेटर ट्रेनर है एवं अध्यक्ष ममता सिंह ब्यूटीशियन व बुटिक वर्क में दक्ष हैं। 

असहाय व दिव्यांग को मुफ्त प्रशिक्षण 

प्रबंधक शरद गोस्वामी व अध्यक्ष ममता सिंह का कहना है कि दिव्यांग व असहाय बच्चियों, महिलाओं को संस्था पूरी तरह से निःशुल्क प्रशिक्षण प्रदान करती आ रही है। ग्रामीण क्षेत्र जहां बहुत अभाव है, संसाधनों की कमी है वहां विभिन्न प्रकार के हुनर से प्रशिक्षण देकर सभी को जागरूक करके स्वावलंबी बनाने का मिशन संस्था ने छेड़ रखा है। विगत 10 वर्षों में संस्था ने लगभग 4 हजार से भी ज्यादा सिलाई कढ़ाई के क्षेत्र में 3 हजार से ज्यादा ब्यूटीशियन एवं 20 हजार से ज्यादा बच्चियों महिलाओं को हस्तशिल्प कला में प्रशिक्षण देकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाया है। 

BLW Main जीवित्पुत्रिका पूजनोत्सव में उमड़ी आस्था की भीड़

बरेका में हर्षोल्लास के साथ संपन्न हुआ पर्व 

F. Farouqi (Babu)

Varanasi (dil India live). वाराणसी बनारस रेल इंजन कारखाना (बरेका) के सूर्य सरोवर प्रांगण में आज दिनांक 14 सितम्बर 2025, रविवार को पारंपरिक श्रद्धा और उल्लास के बीच जीवित्पुत्रिका पूजनोत्सव का भव्य आयोजन किया गया। संतान की दीर्घायु, स्वास्थ्य और सुख-समृद्धि की मंगलकामना के लिए माताओं द्वारा व्रत रखकर किए जाने वाले इस पावन पर्व ने पूरे परिसर में आस्था और भक्ति का अद्भुत वातावरण निर्मित किया।


कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रमुख मुख्य विद्युत इंजीनियर एस.के. श्रीवास्तव तथा विशिष्ट अतिथि प्रमुख मुख्य यांत्रिक इंजीनियर एवं जीवित्पुत्रिका पूजनोत्सव समिति के अध्यक्ष रामजन्म चौबे ने हवन एवं पूजन विधि-विधान के साथ संपन्न कर उत्सव का शुभारंभ किया। सूर्य सरोवर प्रांगण को रंग-बिरंगी झालरों, फूलों और आकर्षक सजावट से सुसज्जित किया गया था। व्रती माताओं एवं श्रद्धालुओं के लिए सुव्यवस्थित बैठने, पूजन सामग्री और प्रसाद की समुचित व्यवस्था की गई, जिससे समूचा वातावरण आध्यात्मिकता और सकारात्मक ऊर्जा से ओत-प्रोत दिखा।

इस अवसर पर जीवित्पुत्रिका पूजा समिति द्वारा आयोजित सामान्य ज्ञान प्रतियोगिता ने कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई। इसमें बरेका कर्मचारियों के बच्चों के साथ-साथ आसपास के गाँवों के 500 से अधिक छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्रतियोगिता के विजेताओं को स्मृति-चिन्ह एवं मेडल प्रदान कर सम्मानित किया गया, जिससे बच्चों में उत्साह और आत्म विश्वास का संचार देखने को मिला। पूजनोत्सव में भोजपुरी लोक गायिका सुमन अग्रहरी एवं उनकी टीम द्वारा प्रस्तुत भक्ति गीत-संगीत और सांस्कृतिक कार्यक्रम ने वातावरण को भक्तिमय बना दिया। उनके मधुर भजनों और लोकगीतों ने व्रती माताओं एवं उपस्थित श्रद्धालुओं को झूमने पर विवश कर दिया और समूचा परिसर मंत्रमुग्ध हो उठा।


इनकी रही खास मौजूदगी 
कार्यक्रम में मुख्य रूप से महानिरीक्षक सह प्रधान मुख्य सुरक्षा आयुक्त देवराज कुमार मौर्य, मुख्य यांत्रिक इंजीनियर (सर्विस इंजीनियर) नीरज जैन, जनसंपर्क अधिकारी राजेश कुमार, आर.एन. सिंह, उपाध्यक्ष पंकज कुमार श्रीवास्तव, कोषाध्यक्ष अमित कुमार, प्रिंस कुमार, दिनेश सिंह एवं संस्थापक सदस्य हरि शंकर यादव सहित पूजा समिति के पदाधिकारी उपस्थिति थे।

पूजा समिति के महामंत्री ऋतुराज सिंह यादव ने सभी अतिथियों, अधिकारियों, कर्मचारियों, माताओं-बहनों एवं विभिन्न प्रिंट एवं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के प्रतिनिधियों का हार्दिक स्वागत किया। कार्यक्रम का कुशल संचालन अमलेश श्रीवास्तव द्वारा किया गया। यह आयोजन न केवल मातृत्व की आस्था और समर्पण का सजीव उदाहरण रहा, बल्कि बरेका परिवार में धार्मिक एवं सांस्कृतिक मूल्यों के संरक्षण और प्रोत्साहन का भी प्रेरणादायक संदेश प्रदान करता है।

रविवार, 14 सितंबर 2025

नबी ने हमेशा प्यार और मोहब्बत का पैग़ाम दिया -Mo Nadim Asgar

अंजुमन हैदरी ने ईद मिलादुन्नबी पर सजायी महफ़िल

महफ़िल में नबी की शान में पढ़े गए क़सीदे

Sarfaraz Ahmad 

Varanasi (dil india live). दालमंडी स्थित शब्बीर व सफ़दर के इमामबाड़े में अंजुमन हैदरी, चौक, बनारस के तत्वाधान में जश्ने रहमतुल्लिल आलमीन का जश्न मनाया गया। अंजुमन हैदरी के ऑफिस सेक्रेटरी ज़ुल्फ़िक़ार ज़ैदी ने बताया कि जनरल सेक्रेटरी नायब रज़ा की देखरेख में आयोजित इस महफ़िल का आग़ाज़ मौलाना इबनुल हसन ने तिलावत से किया। 

इस दौरान मौलाना नदीम असग़र ने महफ़िल को ख़िताब करते हुए कहा कि आज नबी की सीरत को पढ़ने, समझने और उस पर अमल करने की ज़रूरत है। इसी में इंसान की भलाई है। नबी ने हमेशा प्यार मोहब्बत का पैग़ाम दिया और इसी पैग़ाम को उनकी आल ने आगे बढ़ाया। अगर इंसान नबी और उनकी आले पाक की सीरत पर अमल करे तो आज दुनिया में हर तरफ़ अमन और शान्ति की फ़िज़ा बन सकती है। 


तक़रीर के बाद नज़्म का सिलसिला शुरू हुआ। हिंदुस्तान के मशहूर शोअरा ए केराम जैसे मोहिब मोरानवी, शबरोज़ कानपुरी, मौलाना शम्स तबरेज़, मौलाना फ़ाज़िल जरेल्वी, इब्राहीम ख़लील जलालपुरी, अली जाफ़र व हसन जाफ़र उतरौलवी ने अपने कलाम से ऐसा समां बांधा कि लोग मंत्रमुग्ध हो गए। साथ ही मोकामी शोअरा जैसे प्रोफेसर अज़ीज़ हैदर, रेहान बनारसी, मौलाना दिलकश ग़ाज़ीपुरी, अतश बनारसी, मौलाना बाक़र बलयावी ने बेहतरीन कलाम पेश किए। जलसे की सदारत मौलाना सैय्यद मुहम्मद अक़ील हुसैनी ने की और संचालन मौलाना किरतास करबलाई ने किया। महफ़िल रात 9 बजे शुरू होकर सुबह खत्म हुई। इस  अवसर पर पूरे बनारस से सैकड़ों की तादाद में लोग शरीक हुए। ज्ञात हो इस वर्ष नबी की विलादत को 1500 साल पूरे हो रहे हैं इसलिए इस साल पूरी दुनिया में आपकी विलादत का जश्न और भी जोश ओ खरोश के साथ मनाया जा रहा है। अंजुमन हैदरी के सद्र सैय्यद अब्बास मुर्तुज़ा शम्सी ने महफ़िल में आए हुए सभी लोगों शुक्रिया अदा किया।


UP K BLW में हुई अखिल भारतीय निबंध प्रतियोगिता

महिला कल्याण संगठन ने बाल निकेतन में किया आयोजन 

F. Faruqui (Babu) 

Varanasi (dil india live). बनारस रेल इंजन कारखाना में बरेका महिला कल्याण संगठन द्वारा आज दिनांक 14 सितंबर 2025, रविवार को अखिल भारतीय निबंध प्रतियोगिता का सफल आयोजन किया गया। यह प्रतियोगिता बरेका कर्मचारियों के 6 से 15 वर्ष तक के बच्चों के लिए बाल निकेतन विद्यालय में प्रातः 10:30 बजे से 12:30 बजे तक तीन अलग-अलग आयु वर्गों में आयोजित हुई।

प्रतियोगिता के विषयों की घोषणा बरेका महिला कल्याण संगठन की उपाध्यक्षा गौरी श्रीवास्तव एवं सचिव श्वेता सिंह द्वारा केंद्रीय रेलवे महिला कल्याण संगठन द्वारा भेजे गए सीलबंद लिफाफे को प्रातः 10:30 बजे ऑन स्पॉट खोलकर किया। ग्रुप I के लिए विषय:- मेरी पसंदीदा डिश या मेरे दादा-दादी के घर एक मजेदार दिन था तो ग्रुप II के लिए विषय : मैं अपना रविवार कैसे बिताता / बिताती हूँ या मेरा पसंदीदा त्यौहार। ऐसे ही ग्रुप III के लिए विषय : क्या AI भविष्य के लिए खतरा बनेगा या लाभदायक होगा? या 2047 के भारत के बारे में मेरा दृष्टिकोण था।


यह प्रतियोगिता भारतीय रेल के सभी क्षेत्रीय रेलवे एवं उत्पादन ईकाइयों में एक साथ आयोजित की गई, जिससे इसका महत्व और भी बढ़ गया। बरेका महिला कल्याण संगठन द्वारा संचालित बाल निकेतन विद्यालय में कुल 245 बच्चों ने उत्साहपूर्वक प्रतियोगिता में भाग लिया और अपने विचारों की सार्थक अभिव्यक्ति की लेखनी से सभी को प्रभावित किया। प्रतिभागियों को बरेका महिला कल्याण संगठन की ओर से उपहार भी वितरित किए गए। 


कार्यक्रम में बरेका महिला कल्याण संगठन की प्रमुख सदस्यों—उपाध्यक्ष गौरी श्रीवास्तव, गुरमीत कौर, प्राची मित्तल, सचिव श्वेता सिंह, कोषाध्यक्ष श्वेता श्रीवास्तव, प्रियंका प्रसाद, शिखा जैन, रश्मि सिंह, हंसा धर्मेंद्र कुमार, राखी गुप्ता, आदिश्री गुप्ता एवं मीनाक्षी सिंह आदि मौजूद थी। यह आयोजन बच्चों की सृजनात्मकता और अभिव्यक्ति क्षमता को प्रोत्साहित करने के साथ-साथ महिला कल्याण संगठन के सांस्कृतिक एवं शैक्षिक योगदान का भी उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत करता है।


UP K Varanasi Main TET के विरोध में बना Teachers का टेट मुक्ति संयुक्त मोर्चा

समस्त शिक्षक संगठनों के पदाधिकारी हुए एकजुट, किया संघर्ष का ऐलान

Varanasi (dil india live). वाराणसीमें रविवार को टेट की अनिवार्यता के मुद्दे पर समस्त शिक्षक संगठनों के पदाधिकारी एकजुट हुए, और इस मुद्दे पर संघर्ष का न सिर्फ ऐलान किया बल्कि "टेट मुक्ति संयुक्त मोर्चा" का भी गठन किया गया। 

इससे पहले कंपोजिट स्कूल अर्दली बाजार में टेट (TET) अनिवार्यता लागू होने से पूर्व के नियुक्त शिक्षकों को टेट से मुक्ति के संदर्भ में एक विशाल ज्ञापन / चरणबद्ध आंदोलन के लिए बैठक कर रणनीति तैयार की गई। बैठक में आम सहमति से यह निर्णय लिया गया कि टेट की अनिवार्यता सम्बन्धी काले क़ानून के खिलाफ उक्त मोर्चा के नेतृत्व में निर्णायक संघर्ष होगा। इस क्रम में आंदोलन के प्रथम चरण में आगामी 20 सितंबर को समय 2.30 बजे वाराणसी जनपद के समस्त शिक्षक/ शिक्षिकायें जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय वाराणसी परिसर में एकत्र होकर वहां से एक भारी जलूस के रूप में प्रधानमंत्री व मानव संसाधन विकास मंत्री भारत साकार को संबोधित ज्ञापन जिला अधिकारी वाराणसी को सौंपेंगे।      


बैठक में दावा किया गया की किन्ही कारणों से उपस्थित न हो सकने वाले संगठनों के जनपदीय अध्यक्ष /मंत्री यथा, उ प्र महिला शिक्षक संघ, विशिष्ठ बी टी सी शिक्षक वेलफेयर शिक्षक संघ, राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ सहित अन्य संगठनों ने अपनी सहमति व्यक्त की है तथा मोर्चा के साथ इस संघर्ष में तन -मन -धन से आंदोलन को अंजाम तक पहुंचाने का संकल्प दुहराया है और प्रधानमंत्री का संसदीय क्षेत्र होने के कारण जनपद की भूमिका अहम् होने की सभी ने संकल्प लिया l 

   


 बैठक में जिला अध्यक्ष उत्तर प्रदेशीय पूर्व माध्यमिक शिक्षक संघ विनोद कुमार उपाध्याय, जिला अध्यक्ष उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ सकलदेव सिंह, जिला महामंत्री मंत्री उत्तर प्रदेशीय जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ रविंद्र नाथ यादव, जिला मंत्री उ प्र प्राथमिक शिक्षक संघ डा. शैलेन्द्र बिक्रम सिंह, मंडल महामंत्री आनंद कुमार सिंह, जिला उपाध्यक्ष प्राथमिक शिक्षक संघ विनोद कुमार सिंह, बी एन यादव (जिलामंत्री  अटेंवा),  सुरेश कुमार सिंह (जिलाध्यक्ष t s c t), एहतेशामुल हक (जिलाध्यक्ष उर्दू बीटीसी शिक्षक संघ), राजीव सिंह (जिला संयुक्त मंत्री), शिवजतन यादव (जिला मंत्री), संतोष कुमार सिंह (अध्यक्ष सेवापुरी), शशिकांत दुबे (मंत्री सेवापुरी), राजेश कुमार सिंह (जिला कोषाध्यक्ष), डा. राजेश्वर सिंह (अध्यक्ष हरहुआ), संजय कुमार श्रीवास्तव (अध्यक्ष पूर्व माध्यमिक शिक्षक संघ हरहुआ), अजय कुमार श्रीवास्तव (उपाध्यक्ष),  बृजेश कुमार यादव (t s c t), अमित कुमार सिंह (t s c t),  अनन्त प्रकाश रस्तोगी (t s c t),  मोहनलाल (मंत्री बड़ागांव),  शैलेन्द्र कुमार पांडे (संयुक्त मंत्री), प्रशांत कुमार उपाध्याय उपाध्यक्ष (चिरईगांव),  श्रीपति राम (संयुक्त मंत्री), जितेंद्र कुमार सिंह (अध्यक्ष चोलापुर), बाबूलाल (नगर अध्यक्ष) आदि पदाधिकारी उपस्थित रहे। बैठक की अध्यक्षता सकलदेव सिंह तथा संचालन रविन्द्र नाथ यादव ने की।

शनिवार, 13 सितंबर 2025

UP K Varanasi Main Hazrat Bahadur शहीद बाबा का उर्स अकीदत के साथ मना

हज़रत बहादुर शहीद के दर से फ़ैज़ उठाकर लौटें जायरीन 

फिर आएंगे अगली बार, तब तक अलविदा बहादुर शहीद बाबा...






Mohd Rizwan 
Varanasi (dil India live). किसी शायर ने क्या खूब लिखा है ''कोई हिंदू न मुसलमां न ईसाई है, गुलशन-ए-हिंद में मिलजुल कर बहार आई है...'' शायर के अशरार की तस्दीक हुई हज़रत बाबा बहादुर शहीद रहमतुल्लाह अलैह के उर्स में के दौरान। हजरत सैयद बाबा बहादुर शहीद रहमतुल्लाह अलैह के कैंटोनमेंट स्थित आस्ताने पर उर्स के दौरान धर्म और मजहब की दीवारे टूटती दिखाई दी। क्या हिंदू क्या मुस्लिम, सभी मजहब के लोग बाबा के दर पर मन्नते और मुराद मांगते दिखाई दिए। दो दिनी उर्स में पहले रोज़ उलेमाओं ने नबी की जिंदगी और औलिया-ए- कराम के करामत पर रोशनी डाली, बाबा का दर नज़्म और हमदो सना से गूंज रहा था, नातिया शायर कलाम पेश करते नजर आए. इस दौरान चादर गागर का नजराना पेश किया गया। शाम में मगरिब की नमाज के बाद समीउल्लाह बाबू भाई के आवास से सरकारी चादर का जुलूस निकला जो अपने परम्परागत रास्तों से होते हुए बाबा के दर पर पहुंचा, जहां लोगों ने अकीदत और एहतराम के साथ बाबा की चादरपोशी की। इस दौरान दोनों मज़हब के लोग इस तरह घुले मिले थे कि यह पहचान करना मुश्किल था कि कौन हिन्दू है और कौन मुसलमान? शनिवार को उर्स सम्पन्न होने का ऐलान अम्न और सौहार्द की सदाओं के साथ हुआ। इस दौरान तमाम जायरीन अलविदा हज़रत बहादुर शहीद...कहकर अपने घरों को लौट गए।

फैज और सुकुन पाने आते हैं अकीदतमंद

छावनी स्थित हजरत बाबा बहादुर शहीद रहमतुल्लाह अलैह का दर लोगों की अकीदत का मरकज है। यह दर लोगों की बिगड़ी बनाने के लिए मशहूर है। जो परेशानहाल है या फिर भूत प्रेत ने जिन्हें घेर रखा है, या फिर जिसे औलाद नहीं हो रही है ऐसे लोग बाबा के सद्भावना पार्क स्थित आस्ताने पर दस्तक देते हैं और यहां से फैज और सुकुन पाकर वापस लौटते हैं। 

गद्दीनशी मो. सग़ोरुल्लाह खां बाबू व समीउल्लाह खां दावा करते हैं कि यह आस्ताना मिल्लत का मरकज है यहां सभी मजहब के लोग बिना किसी भेदभाव के हाजिरी लगाने उमड़ते हैं।