गुरुवार, 14 अगस्त 2025

Education: VKM Varanasi Main Film ' टेबल 21' का Students के समक्ष प्रदर्शन

एंटी- रैगिंग जागरूकता सप्ताह 

दूसरे दिन रैगिंग के दुष्प्रभावों की से विद्यार्थियों को कराया अवगत 

Varanasi (dil India live). एंटी- रैगिंग जागरूकता सप्ताह के अंतर्गत दूसरे दिन वसंत कन्या महाविद्यालय, कमच्छा, वाराणसी द्वारा आदित्य दत्त द्वारा निर्देशित फीचर फिल्म ' टेबल 21' का विद्यार्थियों के समक्ष प्रदर्शन किया गया। इस फिल्म के माध्यम से रैगिंग के दुष्प्रभावों की विभीषिका से विद्यार्थियों को अवगत  कराया गया। यह फिल्म इस बात की तरफ इशारा करती है कि रैगिंग मजाक नहीं बल्कि एक  संज्ञेय अपराध है । इसके कारण मजाक- मजाक में किसी विद्यार्थी का पूरा जीवन ही बर्बाद हो सकता है और लंबे समय तक इसका नकारात्मक प्रभाव व्यक्ति एवं समाज को प्रभावित करता रहता है।


 फिल्म प्रदर्शन से संबंधित कार्यक्रम का संयोजन डॉ. प्रियंका के द्वारा किया गया। कार्यक्रम के दौरान डॉ. सपना भूषण, डॉ. शशिकला, डॉ. आर पी सोनकर, डॉ. अखिलेश कुमार राय, डॉ. नैरंजना श्रीवास्तव, डॉ. मंजू कुमारी, डॉ. सरोज उपाध्याय,  डॉ. अनु सिंह, डॉ. आरती कुमारी, डॉ. शशि प्रभा, डॉ प्रतिमा, डॉ. राजलक्ष्मी इत्यादि उपस्थित रहीं।

बुधवार, 13 अगस्त 2025

UP K Bareilly Sharif से उर्स के पहले हुआ ख़ास ऐलान

फिजुल खर्ची पर दरगाह आला हजरत ने लगाई रोक 

ना डीजे, ना जुलूस, बीमार लोगों पर खर्च करो पैसा


Mohd Rizwan 

Bareilly (dil India live). अकीदत और खिदमते खल्क (समाज सेवा) जब एक साथ चले तो समाज को नई राह मिलती है। कुछ ऐसी ही पहल बरेली शरीफ की दरगाह आला हजरत से देखने को मिल रहा है। दरगाह के सज्जादानशीन मुफ्ती अहसन मियां ने परंपरा में बदलाव कर डीजे, चादर और जुलूस पर खर्च होने वाले पैसे को बीमार और जरूरतमंद लोगों की दवा के लिए देने का ऐलान किया है। इस नई सोच का आगाज़ इस बार दरगाह आला हजरत ने करके सभी का ध्यान अपनी ओर खींचा है। हर साल आला हजरत के उर्स में बड़ी संख्या में लोग चादर और जुलूस के साथ आकर अकीदत पेश करते हैं।

इस बार दरगाह के सज्जादानशीन ने अपील जारी कर कहा है कि शोर नहीं, सुकून दो और दवा की जरूरत है, दिखावे की नहीं। उन्होंने समाज के हर वर्ग से इसका पालन करने के लिए कहा है। उन्होंने कहा कि केवल उर्स ही नहीं बल्कि पैगंबरे इस्लाम के जुलूस ए मोहम्मदी व जश्न में भी इसे लागू किया जाए। सज्जादानशीन ने अंजुमन कमेटियों से कहा कि जुलूस में लगने वाला डीजे, बैनर और फूलों का खर्च उन लोगों की मदद में लगाया जाए जो बीमारी से जूझ रहे हैं और खर्च नहीं उठा पा रहे हैं। इस फैसले को देश दुनिया के लोगों से समर्थन मिल रहा है।

सज्जादानशीन ने यह पहल की तो तमाम लोगों ने खुद आगे बढ़कर इलाज में मदद के लिए आर्थिक सहयोग करने का वादा किया है। कुछ लोगों ने अपने या अपने बच्चों के जन्मदिन पर चादर चढ़ाने की जगह, उस दिन किसी जरूरतमंद की मदद करने की बात कही।

दरगाह से जुड़े नासिर कुरैशी ने बताया कि धार्मिक आस्था का सबसे सुंदर रूप इंसान की मदद है। अगर हर आयोजन में थोड़ा-थोड़ा हिस्सा भी जरूरतमंदों को समर्पित कर दिया जाए तो समाज से बहुत सारी तकलीफें खुद-ब-खुद कम हो जाएंगी। इस नेक पहल ने न सिर्फ धर्म को एक नई दिशा दी है बल्कि सेवा भावना को मजबूत किया है। बरेली की दरगाह ने एक मिसाल दी है जिस पर अमल की उम्मीद बाकी से भी है।

UP: युवक ने शरीर पर गुदवाए 559 freedom fighters के नाम

देशभक्ति का जुनून या फेमस होने का स्टंट

Rizwan Ahmad 

Hapur ( dil India live)। देश की आजादी के लिए अपनी जान न्यौछावर करने वाले वीर शहीदों को श्रद्धांजलि देने के लिए यहां अभिषेक गौतम ने देशभक्ति का गजब का जुनून और जज़्बा दिखाया है। अमित ने अपनी पीठ पर एक-दो नहीं बल्कि पूरे 559 शहीदों के नाम गुदवा कर एक रिकॉर्ड कायम किया है। यही नहीं कई महापुरुषों की उन्होंने तस्वीरें भी बनवाई हैं।

अभिषेक गौतम ने अपने शरीर पर कारगिल के अमर शहीद जवानों और पुलवामा में शहीद हुए जवानों के नाम गुदवाए हैं। इसके साथ ही देश के वीर महापुरूषों के टेटू भी बनवाए हैं। अभिषेक के अनुसार वह रोजाना सीमा पर शहीद हो रहे जवानों की शहादत से व्याकुल थे। इस लिए निर्णय लिया कि वह शहीदों को याद रखनें के लिये अपने शरीर पर उनका नाम गुदवाऐंगे। अभिषेक ने अपनी पीठ पर न सिर्फ शहीदों के नाम गुदवाए हैं, बल्कि उन्होंने अपनी पीठ पर कई महापुरुषों की तस्वीरें भी बनवाई हुई हैं। इसमें शहीद भगतसिंह, चंद्रशेखर आजाद, गांधीजी, रानी लक्ष्मीबाई, चाणक्य और शिवाजी जैसे महापुरुषों के टैटू कमर पर बनवाए हुए हैं। इसके अलवा कमर के बीचो बीच इंडिया गेट का टैटू बनवाया हैं।


अभिषेक गौतम ने बताया कि मेरे शरीर पर अंकित नाम उन 559 वीर जवानों के हैं,जिन्होंने कारगिल में देश की रक्षा करते हुए अपने प्राणों की आहुति दी। 11 महापुरुषों की तस्वीरें हैं,जिनकी कहानियां हम बचपन से किताबों में पढ़ते आ रहे हैं, जिनमें चंद्रशेखर आजाद, भगत सिंह, सुभाष चंद्र बोस, गुरु गोविंद सिंह, महारानी लक्ष्मीबाई, चाणक्य और महात्मा गांधी शामिल हैं। मैंने इंडिया गेट और शहीद स्मारक की सभी तस्वीरें अपने शरीर पर अंकित करवाई हैं। अमित ने कहा कि मैं सभी देशवासियों को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं देना चाहता हूं। बहरहाल इसे देशभक्ति का जुनून कहें या फिर फेमस होने का स्टंट, पर अभिषेक ने जो भी कर दिखाया है वो हिम्मत और साहस का दूसरा नाम भी कहा जा सकता है। यही वजह है कि आज अभिषेक की चर्चा चारों ओर हो रही है।

Club: Varanasi Main smail Muniya ने दो मुनियों को दी रफ्तार की ताकत

जरुरतमंद बच्ची की जिंदगी में मुस्कान बिखेर सकती है छोटी सी मदद

Varanasi (dil India live). स्माइल मुनिया संस्था के तत्वाधान में बुधवार को वाराणसी के दुर्गाकुंड में दो मुनियां (किशोरियों) को स्कूल जाने के लिए रफ्तार की ताकत (साइकिल) प्रदान की। साइकिल पाकर दोनों मुनियां खुशी से झूम उठीं। स्माइल मुनियां संस्था की अध्यक्ष एवं संस्थापिका अंजलि अग्रवाल ने इस अवसर पर सभी को आगामी तीज पर्व की बधाई देते सामाजिक कार्यों को करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि हम सभी की छोटी-छोटी बचत और उससे किसी की मदद समाज की जरुरतमंद बच्चियों की जिंदगी में मुस्कान बिखेर सकती है।



इस मौके पर कार्यक्रम संयोजन निशा अग्रवाल व संचालन चंद्रा शर्मा ने बेहद खूबसूरती से किया। आयोजन के अंत में धन्यवाद ज्ञापन सुषमा अग्रवाल ने दिया। इससे पहले सदस्यों ने गणेश स्तुति संग कजरी गीतों से समा बांध दिया। जयंती, प्रीति, रेखा, सलोनी, शालिनी, गीता, ममता, शाइस्ता इत्यादि अनेक सदस्य मौजूद थी।

International: UP K Bareilly Mainउर्स-ए-रज़वी की तैयारियां हुई तेज़

देश दुनिया से बरेली में जुटते हैं आला हजरत के दीवाने 

तीन दिवसीय उर्स-ए-रज़वी 18 से, आरएसी ने की बैठक 

Sarfaraz Ahmad 

Bareilly (dil India live)। उर्स-ए-रज़वी 18 से 20 अगस्त तक बरेली के साथ ही देश दुनिया में मनाया जाएगा। हालांकि मुख्य आयोजन बरेली शरीफ़ में होगा जिसमें देश-विदेश से भी आला हजरत के चाहने वाले जुटते हैं। उर्स की तैयारियों के सिलसिले में पिछले दिनों आयोजित ऑल इंडिया रज़ा एक्शन कमेटी (आरएसी) के मुख्यालय 'बैतुर्रजा' पर एक बैठक की गई। इस बैठक की सदारत नबीरा-ए-आला हज़रत व आरएसी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना अदनान रजा कादरी ने की। बताया गया कि उर्स-ए-रज़वी 18 से 20 अगस्त तक मनाया जाएगा। इसकी तैयारियों के सिलसिले में आयोजित बैठक में नबीरा-ए-आला हजरत मौलाना अदनान रजा कादरी ने आरएसी पदाधिकारियों तथा कार्यकर्ताओं को उर्स कि तैयारियों में जुटने के लिए कहा। उर्स के तीनों दिन के प्रोग्राम के लिए उलेमा, मशाइख, नातखां हज़रात से खुद नबीरा-ए-आला हज़रत बात करेंगे। जायरीन को बरेली जंक्शन और बस अड्डों से लेकर उर्स स्थल तथा दरगाह आला हज़रत तक पहुँचाने के लिए फी ऑटो सेवा व अकीदतमंदों के लिए हेल्पलाइन, ठहरने और लंगर से लेकर मेडिकल कैम्प लगाने तक का पिछली बार से बेहतर इंतजाम करने का निर्णय लिया गया।

इस मौके पर मुफ्ती उमर रजा, हाफिज इमरान रजा, मौलाना सलीम रज़ा, मौलाना सय्यद सफदर रजा, मौलाना कमरुज्जमा, मौलाना सय्यद तहसीन रजा, मौलाना रफी रजा, मौलाना इंदाज़ रजा, मौलाना लइक रज़ा, मौलाना आरिफ रजा, मौलाना लियाकत रज़ा, मौलाना ताज रज़ा, मौलाना अज़हर रज़ा, मौलाना गुलाम रहमानी, मौलाना तालिब रज़ा, मौलाना अब्दुल कादिर, मौलाना अज़हर रजा, अब्दुल लतीफ कुरैशी, राजू बाबा, हनीफ अजहरी, सय्यद मुशर्रफ हुसैन, सईद सिब्तेनी, मोहम्मद जुनैद, मुजफ्फर अली, चांद रज़ा, अमिक रजा, गुलहसन रजा, शाहबाज रज़ा, साजिद रजा, काशिफ रज़ा, उवैस खान, समीर बेग, सलमान रज़ा, मोहसिन रजा, साहिल रज़ा, यूसुफ रज़ा, अनवर हुसैन, इश्तियाक हुसैन, इशरत रज़ा, इस्लाम डायरेक्टर, अनीस रज़ा, रिज़वान रजा, अब्दुल मोइद रजा, काशिफ रजा, इब्ने हसन, फुरकान रज़ा, शोएब रज़ा, नूर मोहम्मद, अफजल रजा, गौस मोहम्मद, मोहम्मद अहमद, मोहम्मद रज़ा, मोहम्मद ताहिर, फुरकान हुसैन, मोहसिन रजा, शाहनवाज़ रज़ा, सहित बड़ी तादाद उलमा आर ए सी पदाधिकारी व कार्यकर्ता मौजूद थे।


बैठक के बाद नबीरा-ए-आला हज़रत की क़यादत में तमाम लोग दरगाह अमीन-ए- शरीअत पहुँचे और कुल की फातिहा में शिरकत की। गौरतलब हो कि आला हजरत से अकीदत रखने वाले देश दुनिया में करोड़ों मुस्लिम है। उर्स के दौरान किस देश से कहा से कौन आ जाएं यह कोई नहीं जानता। इसलिए उर्स में बड़े पैमाने पर तैयारियां की जाती है।

मंगलवार, 12 अगस्त 2025

Education: VKM Varanasi Main एंटी रैगिंग जागरूकता सप्ताह की शुरुआत

छात्राओं को एंटी रैगिंग के महत्व व दुष्प्रभावों को लेकर  किया जागरूक

 Varanasi (dil India live). वसंत कन्या महाविद्यालय, कमच्छा, वाराणसी के तत्वाधान में एंटी रैगिंग जागरूकता सप्ताह की शुरुआत की गई । सप्ताह के प्रथम दिन एंटी रैगिंग  के महत्व एवं इसके दुष्प्रभावों के संदर्भ में छात्राओं को जागरूक करने के लिए उन्मुखीकरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ महाविद्यालय की प्राचार्या प्रोफेसर रचना श्रीवास्तव के उद्बोधन से हुआ। प्राचार्या रचना श्रीवास्तव ने  इस बात पर बल दिया कि रैगिंग एक संज्ञेय अपराध है और सभी विद्यार्थियों को इसका बोध होना चाहिए।महाविद्यालय के शैक्षणिक पर्यावरण को समरस बनाए रखने पर भी उन्होंने जोर दिया और कहा कि किसी भी प्रकार कि रैगिंग मानवता के खिलाफ ही होती है । 

कार्यक्रम का संचालन डॉ आर पी सोनकर ने किया तथा धन्यवाद ज्ञापन डॉ सुनीता दीक्षित ने किया। कार्यक्रम के दौरान डॉ सुमन सिंह, डॉ शशिकला,  डॉ नैरंजना श्रीवास्तव, डॉ आशीष सोनकर,  डॉ मंजू कुमारी,  डॉ अखिलेश कुमार राय, डॉ अंशु शुक्ला,  डॉ सरोज , डॉ अनु, डॉ पूर्णिया, डॉ आरती आदि उपस्थित थी।

UP : Varanasi Main Bijli कर्मियों ने निजीकरण को आमजन के साथ बताया छलावा

निजीकरण की प्रक्रिया का विरोध, निजीकरण की प्रक्रिया हो निरस्त

Sarfaraz Ahmad 

Varanasi (dil India live)। विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति, उत्तर प्रदेश के बैनर तले बिजली के निजीकरण के विरोध में आज आंदोलन के 258 दिन भी बनारस के सभी बिजलिकर्मियो ने किया विरोध प्रदर्शन।

इस दौरान वक्ताओ ने बताया कि बनारस के बिजलिकर्मियो सहित प्रदेश के समस्त बिजलीकर्मी के साथ जनप्रतिनिधियों और आमजनमानस ने एक बार पुनः प्रदेश के मुख्यमंत्री से अपील की है कि तमाम घोटालों से भरे निजीकरण की सारी प्रक्रिया बहुत ही संदेहास्पद है और यह व्यापक जनविरोधी निर्णय है जिसके पक्ष में कोई नही है।

वक्ताओ ने पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम एवं दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम के निजीकरण की सारी प्रक्रिया पर सवाल उठाया है। संघर्ष समिति ने कहा है कि निजीकरण के पहले सरकार यह बताए कि स्टैंडर्ड बिडिंग डॉक्यूमेंट के अनुसार निजीकरण के बाद निजी घरानों को कितने वर्ष तक और  कितनी आर्थिक मदद करेगी सरकार। संघर्ष समिति ने कहा कि जिन शर्तों पर निजीकरण किया जा रहा है वही शर्तें सरकारी विद्युत वितरण निगमों पर लागू कर दी जाए तो सरकारी विद्युत वितरण निगमों का कायाकल्प हो जाएगा।

                विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति, उत्तर प्रदेश के केन्द्रीय पदाधिकारियों ने आज यहां बताया कि भारत सरकार के विद्युत मंत्रालय द्वारा सितंबर 2020 में जारी ड्राफ्ट स्टैंडर्ड बिडिंग डॉक्यूमेंट की धारा 2.2 (बी) में लिखा है कि जिस विद्युत वितरण निगम का निजीकरण किया जा रहा है अगर वहां औसत बिजली विक्रय मूल्य और औसत राजस्व वसूली में अधिक अन्तर है तो निजीकरण के बाद सरकार निजी विद्युत कम्पनी को सब्सिडाइज्ड बल्क पॉवर परचेज कॉस्ट के आधार पर बिजली आपूर्ति तब तक सुनिश्चित करेगी जब तक निजी कम्पनी मुनाफे में नहीं आ जाती। 

         संघर्ष समिति ने कहा कि बिडिंग डॉक्यूमेंट की उक्त धारा के अनुसार सरकार यह स्पष्ट करे कि निजी कम्पनी को सब्सिडाइज्ड बल्क पॉवर परचेज कॉस्ट के आधार पर सरकार  कितने वर्ष बिजली आपूर्ति कराएगी और इस पर सरकार को कितने अरब रुपए की धनराशि खर्च करनी पड़ेगी।

        संघर्ष समिति ने कहा कि उत्तर प्रदेश के सरकारी विद्युत वितरण निगमों के घाटे का सबसे बड़ा कारण बहुत महंगी दरों पर निजी विद्युत उत्पादन घरों से बिजली खरीद के करार है। यहां तक कि ऐसे करार भी हैं जिनसे बिना बिजली खरीदे प्रति वर्ष 6761 करोड रुपए फिक्स चार्ज देना पड़ रहा है। 

         संघर्ष समिति ने कहा कि निजीकरण के ड्राफ्ट स्टैंडर्ड बिडिंग डॉक्यूमेंट के अनुसार सरकार निजीकरण के बाद निजी घरानों को महंगे पावर परचेज एग्रीमेंट के एवज में सब्सिडाइज्ड बल्क पावर सप्लाई करेगी और इसका  खर्चा सरकार उठायेगी। संघर्ष समिति ने कहा कि सरकार को यह स्पष्ट करना चाहिए कि सब्सिडाइज्ड बल्क सप्लाई का प्रतिवर्ष कितना खर्चा आएगा और यह कितने वर्ष तक जारी रखा जाएगा । 

          इसके अतिरिक्त सरकार निजी घरानों को किसानों, बुनकरों आदि को मिलने वाली सब्सिडी की धनराशि भी देगी और सरकारी विभागों का बिजली राजस्व का बकाया भी देगी जो अभी सरकारी विद्युत वितरण निगमों को नहीं दे रही है।   

      संघर्ष समिति ने कहा कि इसके अलावा स्टैंडर्ड बिडिंग डॉक्यूमेंट की धारा 1.1 (ई) के अनुसार निजी कंपनियों को क्लीन बैलेंस शीट दी जाएगी और घाटे तथा  देनदारियों का सारा उत्तरदायित्व भी सरकार लेगी। 

       संघर्ष समिति ने कहा कि बिडिंग डॉक्यूमेंट की धारा 1.1 (एफ)  के अनुसार सरकार 05 से 07 वर्ष तक या और अधिक समय तक निजी घरानों को वित्तीय सहायता भी सरकार  देगी  और यह सहायता तब तक देती रहेगी जब तक निजी कंपनियां आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर न हो जाए और मुनाफा न कमाने लगे। संघर्ष समिति ने कहा कि बिडिंग डॉक्यूमेंट के अनुसार 42 जनपदों की सारी जमीन मात्र ₹1 प्रतिवर्ष की लीज पर दी जाएगी। वाराणसी, आगरा, गोरखपुर, प्रयागराज, कानपुर और अन्य स्थानों पर जिनका निजीकरण किया जा रहा है जमीन बेशक कीमती है उसे मात्र ₹1 की लिस्ट पर दिए दिया जाना कौन सा रिफॉर्म है ?

       संघर्ष समिति ने कहा कि यदि यही सब करना है तो  सरकारी क्षेत्र के विद्युत वितरण निगमों को लगातार सुधार के बाद कौड़ियों के मोल बेचने की जरूरत क्या है ?

    सभा को सर्वश्री ई. रामाशीष, ई. प्रदीप कुमार, अंकुर पाण्डेय, सरोज भूषण, पंकज यादव, मो. सलाम, उमेश यादव, लालू, बृजेश यादव, पंकज यादव, धनपाल सिंगज, भैयालाल, रामजी भरद्वाज, मनोज यादव, रोहित कुमार, अजय तिवारी, अनुनय पाण्डेय, विनोद सिंह आदि ने संबोधित किया।