मंगलवार, 3 जून 2025

19 विभूतियां काशीरत्न एवं शान-ए-काशी अलंकरण से किया गया अलंकृत

विकसित भारत के निर्माण में मीडिया की भूमिका महत्वपूर्ण 

एफ फारुकी बाबू 

Varanasi (dil India live)। विकसित भारत के निर्माण में मीडिया की भूमिका महत्वपूर्ण है। मीडिया का कार्य लोगों के विचारों को जन जन तक पहुंचाना है। यह बातें मंगलवार को सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय के पाणिनि सभागार में सामाजिक विज्ञान विभाग और इण्डियन एसोसिएशन ऑफ जर्नलिस्ट के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित 30 वां राष्ट्रीय अलंकरण काशीरत्न एवं शान-ए-काशी 2025 और विकसित भारत के विकास में मीडिया की भूमिका विषयक राष्ट्रीय संगोष्ठी के मुख्य अतिथि पद्मश्री पं गणेश्वर शास्त्री द्राविड़ ने कही। उन्होंने आयुर्वेद की चर्चा करते हुए कहा कि पवित्र भारत, निरोग भारत और शक्तिशाली भारत ही विकसित भारत है। इसमें मीडिया की भूमिका बहुत महत्वपूर्ण है। अध्यक्षता करते हुए सं.सं.विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. बिहारी लाल शर्मा ने कहा कि मीडिया शासक एवं जनता के बीच की सेतु है। सिर्फ भौतिक विकास ही भारत के विकास की परिकाष्ठा नहीं हो सकती है। विकसित भारत के निर्माण के लिए स्वस्थ भारत का होना आवश्यक है। इसके लिए प्रत्येक व्यक्ति को स्वस्थ रखना होगा। उन्होंने मीडिया को लोकतंत्र का चौथा स्तम्भ बताते हुए कहा कि मीडिया शासन की बातों को किस किस तरह दुनिया के समक्ष देश की सकारात्मक छवि बन सके। उन्होंने पश्चिमी देशों के मशीनों के महारथ पर चर्चा को हुए कहा कि पश्चिम के देश मशीन के अधीन मनुष्य को रखते हैं लेकिन भारत देश मनुष्य के अधीन मशीन को रखते हैं। उन्होने कहा कि विकास यह होता है जिसमें हम भी सुखी रहे और हमारी आने वाली पीडिया भी सुखी से रह सके। कहा कि आध्यामिक एवं आदि देवीय विकास ही स्थायित्व होता है। 


विशिष्ट अतिथि आकाशवाणी एवं दूरदर्शन के निदेशक राजेश गौतम ने कहा कि मीडिया एक सचेतक की भूमिका निभाता है और समाज को गति देने का काम करता है। सामारोह का शुभारंभ पूजा पण्ड्या द्वारा मंगलाचरण एवं आगंतुक अतिथियों द्वारा माँ सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन कर किया गया। अतिथियों का स्वागत पूर्व विभागाध्यक्ष (साामाजिक विज्ञान विभाग) प्रो. राजनाथ और विषय प्रवर्तन विभागाध्यक्ष प्रो. शैलेश कुमार मिश्र ने किया। इस अवसर पर दृष्टि पत्रिका का विमोचन अतिथियों द्वारा किया गया। समारोह में वाचस्पति डॉ. दिव्य चेतन ब्रम्हचारी, शम्भू शरण श्रीवास्तव, राधा सिंह, प्रभात वर्मा, प्रकाश कुमार श्रीवास्तव, पं. सुखदेव मिश्र, डॉ. विमल कुमार त्रिपाठी, अपर्णा सिंह एवं कृष्ण कुमार श्रीवास्तव (एडवोकेट) को काशीरत्न अलंकरण और अशोक कुमार पाण्डेय, डॉ. श्याम बिहारी मिश्र, आशुतोष शास्त्री, माधुरी मिश्रा, रश्मि त्रिपाठी, पूजा पण्ड्या, डॉ. अंशु शुक्ला को शान-ए-काशी अलंकरण और डॉ. ओम प्रकाश शर्मा और डॉ. शुबाष चंद्र को आईएजे लाइव टाइम अचीवमेंट अवार्ड और इंजिनियर रामनरेश 'नरेश' का अभिनन्दन और विक्रम कुमार को नाइजिरिया द्वारा डॉक्टरेट उपाधि 2025 अलंकरण से अतिथियों ने अंगवस्त्रम, पगड़ी प्रमाण-पत्र एवं स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया।


अतिथियों का आईएजे परिवार द्वारा माल्यार्पण, अंगवस्त्रम एवं स्मृति चिन्ह से सम्मानित किया गया। संचालन अनुपम गुप्ता, धन्यवाद ज्ञापन डॉ कैलाश सिंह विकास ने किया। इस अवसर पर डॉ नितेश कुमार गुप्ता, डॉ. राहुल सिंह, सत्य नारायण द्विवेदी, हृदय नारायण द्विवेदी, विजयता सचदेवा, गीता राय, अर्जुन सिंह, आशीर्वाद सिंह, मुहम्मद दाउद, आनन्द कुमार सिंह, जफरूद्दीन फारूकी, विनय कुमार श्रीवास्तव, विक्की वर्मा, राजू वर्मा, अमित कुमार पाण्डेय, मोती लाल गुप्ता, राधा सेठ, तेजस कुमार सिंह, ज्योति सिंह आदि थे।

Shankarachaarya Swami अविमुक्तेश्वरानंद ने वृन्दावन में बांके बिहारी मन्दिर को सरकार द्वारा अधिग्रहण किए जाने का किया कड़ा प्रतिकार

बोलें सरकार द्वारा धर्मस्थानों का अधिग्रहण अनुचित

हिन्दुस्तान धर्मनिरपेक्ष, लेकिन कम से कम मन्दिर तो धार्मिक बना रहे

किया सवाल-गोरखनाथ मन्दिर का अधिग्रहण हो जाए तो कैसा लगेगा?

Varanasi (dil India live). काशी में इन दिनों प्रवास कर मनुस्मृति पर व्याख्यान दे रहे ज्योतिष्पीठाधीश्वर जगदगुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने वृन्दावन में बांके बिहारी मन्दिर को सरकार द्वारा अधिग्रहण किए जाने का कड़ा प्रतिकार किया है और साथ ही उन्होंने वृन्दावन के धर्माचार्यों से आह्वान किया कि वे किसी भी कीमत पर बांके बिहारी मन्दिर को अधिगृहीत न होने दें।

शङ्कराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने एक वीडियो सन्देश के माध्यम से कहा हमें बड़ा आश्चर्य हो रहा है कि एक तरफ सनातन धर्म के धर्माचार्य पूरे देश में मुहिम चलाए हुए हैं कि सरकार ने जिन-जिन मन्दिरों व धर्मस्थानों का सरकार ने अधिग्रहण कर लिया है उनको वापस लिया जाए और सनातन धर्म बोर्ड बनाकर धर्माचार्यों के द्वारा उसका सञ्चालन किया जाए। इस मुहिम को सबसे अधिक आगे बढ़ाने वाले देवकीनन्दन ठाकुर के ही वृन्दावन में जो बांके बिहारी मन्दिर परम्परा से सेवायतों और पुजारियों के हाथों में था उसको सरकार दिनदहाड़े ट्रस्ट बनाकर अधिगृहित कर ले रही है और कोई कुछ नही बोल रहा है। जब सरकार मन्दिर को अधिगृहित करके वहाँ सरकारी अधिकारी बैठा देगी तो भविष्य में फिर वहाँ धर्म की क्या व्यवस्था देखने को मिलेगी? 

आगे कहा कि आश्चर्य है कि बातें अलग कहीं जा रही हैं और व्यवहार अलग तरह का किया जा रहा है। धर्मनिरपेक्ष सरकार को परम्परा से चले आ रहे सनातनी मन्दिरों को अधगृहीत करने का क्या अधिकार है? बांके बिहारी मन्दिर में जो हमारे गोस्वामियों की परम्परा है उस परम्परा का हमें पोषण करना है। यदि बांके बिहारी मन्दिर में कोई कमी या कोई गड़बड़ी भी हो रही है तब भी उस पर विचार कर उसको ठीक किया जाना चाहिए, न कि गड़बड़ी के नाम पर धर्मस्थान को धर्मनिरपेक्ष सरकार द्वारा अधिगृहित कर लेना चाहिए। यदि ऐसा हुआ तो यह धर्मस्थान कहाँ रह जायेगा? 

बताया कि धर्मस्थान और धर्मनिर्पेक्षस्थान में बड़ा अन्तर है।हिन्दुस्तान जब से धर्मनिरपेक्ष हुआ तब से वह धर्मनिर्पेक्षस्थान हो गया। इसलिए कम से कम हिन्दुस्तान के धर्मस्थान को तो धर्मस्थान रहने दीजिए उसे धर्मनिर्पेक्षस्थान मत बनाइए।

शङ्कराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने स्मरण कराते हुए कहा कि विगत 1982 में काशी विश्वनाथ मन्दिर में हुई चोरी के नाम पर सरकार ने अधिगृहित कर लिया था जबकि आज तक उस चोरी को सुप्रीम कोर्ट तक में साबित नही किया जा सका है। जबकि अधिग्रहण के बाद से विश्वनाथ मन्दिर में अनेक चोरियाँ हुईं लेकिन कहीं कोई दिक्कत नही है क्योंकि वह सरकार के नियन्त्रण में है।

शङ्कराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने कहा कि जब सब लोग अधिग्रहण के लिए ही तत्पर हैं तो गोरखपुर का गोरखनाथ मन्दिर में भी सरकार का अधिग्रहण हो जाए। यदि ऐसा हो जाए तो योगी जी को कैसा लगेगा? जब आप बांके बिहारी मन्दिर को ट्रस्ट बनाकर वहाँ के सेवायतों महन्तों को आप अलग करना चाहते हैं तो आपके गोरखनाथ मन्दिर को भी साथ में ट्रस्ट बनाकर सरकारी अधिग्रहण कर लिया जाए और आपके मन्दिर ट्रस्ट के रुपए से सार्वजनिक स्थान बन जाए जनता की सुविधा के लिए। क्या ये विचारणीय होगा? विचार करिए। उक्त जानकारी शङ्कराचार्य के मीडिया प्रभारी संजय पाण्डेय ने दी है।

Varanasi main मौसम विभाग ने जारी किया आरेंज एलर्ट

50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से चल सकती हवाएं 

UP का सबसे गर्म शहर बांदा और बनारस

Sarfaraz Ahmad 

Varanasi (dil India live). मौसम विभाग ने आज (मंगलवार) के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इस अलर्ट में आम नागरिकों को चेतावनी दी गई है कि हवाएं 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से चल सकती हैं। साथ ही आकाशीय बिजली, गर्जन और बारिश की भी संभावना जताई जा रही है। इसलिए जरूरी न हो तो घरों में रहें सेफ रहें।

बीएचयू के मौसम विशेषज्ञ प्रो. मनोज कुमार श्रीवास्तव का कहना है कि जब तक मानसून नहीं आता, तब तक गर्मी और तीखी हो सकती है। तापमान में 2 से 3 डिग्री की और वृद्धि हो सकती है। प्रदेश भर में धूल भरी आंधी, लू के थपेड़े और रात में भी गर्मी बढ़ने के प्रबल आसार हैं। 

दरअसल वाराणसी में गर्मी का कहर लगातार जारी है। सोमवार को एक बार फिर बनारस उत्तर प्रदेश का दूसरा सबसे गर्म शहर रहा। बांदा में जहां तापमान 44 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ, वहीं बनारस का अधिकतम तापमान 0.9 डिग्री की बढ़त के साथ 42.1 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया।

दिन की चिलचिलाती धूप के साथ रात भी तपिश भरी रही। न्यूनतम तापमान भी 2.7 डिग्री की बढ़त के साथ 29.9 डिग्री तक जा पहुंचा। दोपहर में गर्म और धूल भरी हवाएं 32 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलीं, जिससे लोग बेहाल हो उठे। हालांकि उमस में थोड़ी राहत जरूर महसूस की गई, लेकिन तेज धूप ने लोगों को झुलसा दिया। 


क्या कह रहे हैं चिकित्सक 


तल्ख मौसम और हिट वेव को देखते हुए चिकित्सकों का स्पष्ट कहना है कि स्कूल बंद है, गर्मी की छुट्टियां चल रही है। ऐसे में रिस्क न लें तो बेहतर होगा। बहुत जरूरी हो तभी घर से बाहर निकले। वरिष्ठ चिकित्सक डा. आरवी दुबे ने प्रमुख पोर्टल dil India से कहा कि सुबह 10.30 से शाम 4 बजे तक बहुत जरूरी न हो तो घर में ही रहें। भर पेट पानी का सेवन‌ करें, बाहर से आएं तो नींबू पानी, नमक चीनी का शर्बत या मेडिकल से खरीदा ओआरएस का प्रयोग करें। आंखों में जलन महसूस हो तो ठंडे पानी से आंखें और चेहरे को धोएं। कोई भी मेडिसिन बिना चिकित्सकों के परामर्श के न लें।

सोमवार, 2 जून 2025

Kashi Patrakar Sangh के अरुण मिश्र अध्यक्ष, जितेन्द्र श्रीवास्तव महामंत्री निर्वाचित

प्रेस क्लब चुनाव में चंदन रुपानी का अध्यक्ष पद पर कब्जा, मंत्री बने विनय शंकर सिंह


Varanasi (dil India live). काशी पत्रकार संघ व काशी प्रेस क्लब के लिए हुए चुनाव की पराड़कर स्मृति भवन के गर्दे सभागार में सोमवार को मतगणना हुई। मतगणना के उपरांत निर्वाचन अधिकारी कृष्णदेव नारायण राय ने परिणामों की घोषणा की। इसमें अध्यक्ष पद पर अरुण मिश्र (101) ने अत्रि भारद्वाज (81) को 20 मतों से पराजित किया। इस पद के अन्य प्रत्याशियों में बी. बी. यादव को 52 व सुरेश चन्द्र मिश्र को 25 मत मिले। उपाध्यक्ष के तीन पदों पर सुरेन्द्र नारायण तिवारी (119), सुनील शुक्ला (117) व पुरुषोत्तम चतुर्वेदी (112) विजयी घोेषित किये गये। इस पद के दो अन्य प्रत्याशियों में दिनेश कुमार सिंह को 103 व राजेश यादव को 76 मत मिले। 


महामंत्री पद पर जितेन्द्र कुमार श्रीवास्तव (121) ने अखिलेश मिश्र (93) को 28 मतों से हराया। इस पद के एक अन्य प्रत्याशी रामात्मा श्रीवास्तव को 38 मत मिले। मंत्री के दो पदों पर अश्वनी कुमार श्रीवास्तव (93) व आलोक मालवीय (87) विजयी घोषित किये गये। इस पद के अन्य प्रत्याशियों में मोहम्मद अशफाक सिद्दीकी को 78, आलोक कुमार श्रीवास्तव को 71, रवीन्द्र प्रकाश त्रिपाठी को 43 व दिलीप कुमार को 32 मत मिले। कोषाध्यक्ष पद पर जयप्रकाश श्रीवास्तव (135) ने पंकज त्रिपाठी (117) को 18 मतों से हराया। 


कार्यसमिति सदस्य 

कार्यसमिति के दस पदों के लिए कैलाश यादव (180), विनय कुमार सिंह (170), उमेश गुप्ता (148), सुरेश गांधी (133), विजय शंकर गुप्ता ‘बच्चा’ (130) छवि किशोर मिश्र (125), राकेश सिंह (123) एमडी जावेद (107), अरुण कुमार सिंह (99) व आनन्द कुमार मौर्य (99) विजेता घोषित किये गये। इस पद के एक अन्य प्रत्याशी राजेश राय को 94 मत मिले। संघ के कुल 286 सदस्यों में से 258 सदस्यों ने मताधिकार का प्रयोग किया। 

काशी प्रेस क्लब: चंदन रूपानी अध्यक्ष 

वाराणसी प्रेस क्लब के अध्यक्ष पद पर चन्दन रूपानी (140) ने सुशील कुमार मिश्र (76) को 64 मतों से हराया। उपाध्यक्ष पद पर देवकुमार केशरी (144) ने राजू सिंह ‘दुआ’ (71) को 73 मतों से परास्त किया। मंत्री पद पर विनय शंकर सिंह (158) ने मुन्ना लाल साहनी (53) को 105 मतों से हराया। संयुक्त मंत्री पद पर अभिषेक सिंह (113) ने अमित शर्मा (49) को 64 मतों से परास्त किया। इस पद के एक अन्य प्रत्याशी हरिबाबू श्रीवास्तव को 45 मत मिले। प्रबन्ध समिति के पांच पदों पर अरविन्द कुमार, दिनेश सिंह, मनोज कुमार राय, रौशन जायसवाल व संजय गुप्त निर्विरोध निर्वाचित घोषित किये गये। क्लब के कुल 235 सदस्यों में से 220 सदस्यों ने मताधिकार का प्रयोग किया।

VKM Varanasi news: work Shop में समस्याओं को कम समय में सुलझाने की युक्तियाँ और तकनीकें की गई साझा

संस्थान की प्रगति में नॉन-टीचिंग स्टाफ की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण- प्रो. रचना श्रीवास्तव

Varanasi (dil India live). VKM (वसंत कन्या महाविद्यालय) में आंतरिक गुणवत्ता एवं आश्वासन प्रकोष्ठ (IQAC) की ओर से गैर-शैक्षणिक कर्मचारियों के लिए ‘सिर्फ 30 मिनट में करें अपनी सबसे बड़ी चुनौती का समाधान, व्यावहारिक उपकरणों के साथ’ (“Solve Your Biggest Challenge in Just 30 Minutes with Practical Tools”) विषयक एक कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का उद्देश्य कार्यस्थल पर आने वाली व्यावहारिक समस्याओं को कम समय में सुलझाने की युक्तियाँ और तकनीकें साझा करना था। कार्यक्रम का प्रारम्भ VKM की प्राचार्या प्रो. रचना श्रीवास्तव के स्वागत भाषण से हुआ, जिसमें उन्होंने कहा कि संस्थान की प्रगति में नॉन-टीचिंग स्टाफ की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने इस प्रकार के वर्कशॉप को कर्मचारियों के व्यावसायिक विकास के लिए आवश्यक बताया। 


वर्कशॉप का संचालन यंग स्किल्ड इंडिया के संस्थापक व मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं जी.ए.एन. इंडिया के अध्यक्ष नीरज श्रीवास्तव ने किया। उन्होंने गैर शैक्षणिक कर्मचरियों को कार्यस्थल पर सरल लेकिन प्रभावशाली उपकरणों और रणनीतियों के प्रयोग से अधिक उत्पादकता प्राप्त करने की विधियों से परिचित कराया, जिनकी मदद से वे जटिल तकनीकी चुनौतियों को मात्र 30 मिनट में हल कर सकते हैं।


सत्र के अंत में कर्मचारियों को समूहों में बाँटकर रियल-टाइम समस्या समाधान गतिविधियाँ करवाई गईं, जिससे उन्हें सीखने के साथ-साथ समस्याओं को मिलकर हल करने का अनुभव भी मिला। सभी प्रतिभागियों ने इस कार्यशाला को बेहद उपयोगी और प्रेरणादायक बताया।

कार्यक्रम का समापन धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ, जिसमें आयोजकों ने प्रतिभागियों की सक्रिय भागीदारी के लिए सराहना व्यक्त की। इस अवसर पर IQAC के सदस्य उपस्थित रहे।

घायल ने BHU ट्रामा सेंटर में तोड़ा दम तो Ramnagar में हुआ Road जाम

गोलाघाट के मुकेश पर 10 मई की रात हुआ था हमला

घायल तभी से था ट्रामा सेंटर में भर्ती पुलिस के आश्वासन पर समाप्त हुआ जाम, अपराधियों की बदलेगी धाराएं, दर्ज होगा अब हत्या का मुकदमा 


Mohd Rizwan 

Varanasi (dil India live). रामनगर थाना क्षेत्र के गोलाघाट निवासी मुकेश चौहान पर 10 मई की रात हमला हुआ था जिसमें उसे गंभीर चोटें आईं थीं। हमला तब हुआ जब वो अपनी मां का दवा लेने निकले थे। परिजनों ने आरोप लगाया था कि पुरानी रंजिश के चलते नंदलाल यादव ने अपनी पत्नी और बेटे के साथ मिलकर मुकेश चौहान को लाठी-डंडे से बुरी तरह मारपीट कर अधमरा कर दिया। तब से उसका इलाज ट्रामा सेंटर में चल रहा था लेकिन मुकेश चौहान की आज सोमवार की सुबह इलाज के दौरान ट्रामा सेंटर में मौत हो गई। मौत की जानकारी मिलते ही परिवार में जहां कोहराम मच गया। वहीं, मोहल्ले के लोग आक्रोशित होकर  रामनगर चौराहे को जाम कर दिया। सूचना मिलते ही मौके पर प्रभारी निरीक्षक रामनगर राजू सिंह व एसीपी दशाश्वमेध अतुल अंजान त्रिपाठी ने समझाने-बुझाने का प्रयास किया, लेकिन आक्रोशित लोग मानने को तैयार नहीं हुए। बाद में डीसीपी काशी जोन गौरव वंशवाल पहुंचे।


सूचना मिलने के बाद पहुंचे डीसीपी काशी जोन गौरव वंशवाल ने आक्रोशित लोगों से वार्ता कर न्याय दिलाने का भरपूर आश्वासन दिया। उसके बाद लोग सड़क से किनारे हुए और ट्रैफिक को सामान्य किया जा सका। इस दौरान लोग फंसे रहे। आक्रोशित जनता बार-बार न्याय की मांग करती रही। आक्रोशित लोगों की मांग थी कि घटना में शामिल दो अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार किया जाए। आरोपियों को फांसी हो और उनके मकान पर बुलडोजर चलाया जाए। 

इस पूरे प्रकरण में घायल मुकेश के भाई सूरज चौहान ने 15 मई को रामनगर थाने में केस रजिस्टर्ड करवाया था। पुलिस ने धारा 109, 352, 351 (2) के तहत मुकदमा पंजीकृत कर नन्दलाल उर्फ पप्पू को अरेस्ट कर 18 मई को जेल भेज दिया था। पुलिस ने परिजनों को आश्वस्त किया है कि दर्ज केस में लगाई गई धाराएं हत्या की धाराओं में तब्दील कर दी जायेगी।

Crime News: सिरफिरे आशिक ने माशूका के Papa को भारी गोली

मौके पर ही तोड़ दिया दम, हत्यारा फरार, पुलिस कर रही तलाश 

  • आशिकी से हत्या तक की जानिए पूरी स्टोरी सरफराज अहमद से 


Madhya Pradesh (dil India live). मध्य प्रदेश के मैहर जिले में एक सिरफिरे आशिक ने लड़की के पिता की गोली मार कर हत्या कर दी। गोली लगने से घटनास्थल पर ही जब  उनकी मौत हो गई तो आशिक आराम से फरार हो गया। पूरा मामला रामनगर थाना क्षेत्र के रामचुआ गांव का बताया जा रहा है। देर रात पुलिस ने आरोपियों पर हत्या का मुकदमा दर्ज कर तलाश शुरू कर दी थी मगर समाचार लिखे जाने तक आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई थी। घटना के बाद से गांव में सन्नाटा पसरा हुआ है। 

जानिए आशिकी और मौत की पूरी कहानी

महेंद्र सिंह की पुत्री रीवा में रहकर पढ़ाई करती थी। इसी दौरान उसके मोबाइल पर अनजान नंबर से मिस्ड कॉल आया। जब उसने कॉल बैक किया तो उसकी बात ध्रुव से हुई। ये छोटी सी बातचीत अब हमेशा होने लगी और अच्छी दोस्ती हो गई। इसके बाद कब दोस्ती प्यार में बदल गई दोनों को पता ही नहीं चला। साल 2023 में दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ीं, एक-दूसरे से मेल मुलाकात होती रहीं। कभी-कभार आरोपी उसके गांव भी मिलने आता रहा, लेकिन पिता ने इस रिश्ते का विरोध किया, जिसका खामियाजा उसे बीती रात अपनी जान से हाथ धो कर भुगतना पड़ा।


जिस ध्रुव ने महेंद्र सिंह को गोली मारी है वह उनकी बेटी से विवाह करना चाहता था, लेकिन उन्हें यह रिश्ता बिल्कुल पसंद नहीं था। लिहाजा उन्होंने कई बार मना किया, फिर भी वह उसका पीछा नहीं छोड़ रहा था। बार-बार परेशान करने पर गुस्से में आकर महेंद्र सिंह ने ध्रुव कुमार की पिछले दिनों पिटाई कर दी थी, जिससे वह उनसे रंजिश मानकर मौके की तलाश कर रहा था, ताकि वह उन्हें रास्ते से हटा सके। बीती रात वह अपने बाइक सवार दोस्त के साथ पहुंचा और महेंद्र को लक्ष्य करके सीने में गोली मार दी और मौके पर ही महेंद्र ने जब दम तोड़ दिया तो फरार हो गया। 

तो इनकी रुह को पहुंची होगी तकलीफ़ 

सिरफिरे आशिक के इस कारनामे ने न सिर्फ अपनी मोहब्बत को कलंकित किया बल्कि लैला मजनू, शीरी फरहाद और रोमियो जूलियट जैसे सच्चे आशिकों की रूह को भी तकलीफ़ दी है। जैसा की सभी जानते हैं कि कानून के हाथ लंबे होते हैं। पुलिस आज नहीं तो कल इस कथित आशिक को गिरफ्तार कर जेल की सलाखों के पीछे डाल ही देगी।