शुक्रवार, 17 जनवरी 2025

Birju Maharaj को तृतीय पुण्यतिथि पर कथक यज्ञ से दी गई श्रद्धांजलि

वरिष्ठ शिष्या संगीता सिन्हा ने देश के 20 से अधिक कलाकारों के जरिए किया अनोखा गुरु प्रणाम



पंडित बिरजू महाराज की याद में पिछले दिनों कथक यज्ञ का आयोजन कर बिरजू महाराज को श्रद्धांजलि अर्पित करने का यह एक खास आयोजन था जिसने सभी कलाप्रेमियों का ध्यान अपनी ओर खींचा। अपने गुरु को समर्पित इस अनोखे गुरु प्रणामी कार्यक्रम में शहर, प्रदेश एवं देश भर के 20 से अधिक कथक कलाकारों ने प्रस्तुति दी, अमन की एक रिपोर्ट...। 

Varanasi (dil India live). कथक सम्राट पद्म विभूषण पंडित बिरजू महाराज की तीसरी पुण्यतिथि पर उनकी वरिष्ठ शिष्या, नटराज संगीत अकादमी की निदेशिका संगीता सिन्हा ने कथक यज्ञ का आयोजन कर बिरजू महाराज को श्रद्धांजलि अर्पित की। अपने गुरु को समर्पित इस अनोखे गुरु प्रणामी कार्यक्रम में शहर, प्रदेश एवं देश भर के 20 से अधिक कथक कलाकारों को उन्होंने आमंत्रित किया था। दुर्गाकुंड स्थित हनुमान प्रसाद पोद्दार अंध विद्यालय में सम्पन्न हुए इस कार्यक्रम का आगाज़ सनबीम शिक्षण समूह के अध्यक्ष डॉ दीपक मधोक, उद्यमी एवं कला संस्कृति सेवी भगीरथ जालान, पंडित बिरजू महाराज की वरिष्ठ शिष्या उर्मिला, रेनु एवं कार्यक्रम संयोजिका संगीता सिन्हा ने समवेत रूप से किया।

उक्त सभी लोगों ने महाराज के साथ जुड़ी अपनी यादें साँझा की और उन्हें याद किया। बनारस में संगीता सिन्हा के नटराज संगीत अकादमी द्वारा आयोजित कथक महोत्सव और कथक नृत्य कार्यशाला में पंडित बिरजू महाराज सदैव आते थे। अब इस लोक से उनके परलोक जाने के बाद भी बनारस में उन्हें याद किया जाता है। संगीता सिन्हा ने कहा कि जब तक संगीत रहेगी और कद्रदान रहेंगे पंडित बिरजू महाराज हमेशा याद किये जाते रहेंगे।

वक्तव्य सत्र के बाद नृत्य का कार्यक्रम आरम्भ हुआ जिसमें युवा से लेकर वरिष्ठ कलाकारों ने अपनी प्रस्तुति के जरिए पंडित बिरजू महाराज को याद किया। बता दें कि बनारस में अब तक का नृत्य का अनवरत 6 घंटे तक चलने वाला यह सबसे अनोखा आयोजन था। कलाकारों को तबले पर पंडित किशोर कुमार मिश्र एवं गायन पर श्री आनंद किशोर मिश्र ने संगत प्रदान किया तो कार्यक्रम का संचालन एवं संपादन सौरभ चक्रवर्ती ने किया।अतिथियों एवं कलाकारों को धन्यवाद, कार्यक्रम संयोजिका संगीता सिन्हा ने दिया।

इस खास आयोजन में अल्मोड़ा से नीरज सिंह बिष्ट, और हर्ष टम्टा, दिल्ली से नम्रता श्री माली, वाराणसी से अभिजीत चक्रवर्ती, विशाल सिंह, शिप्रा घोष, रीता दवे, वृन्दावन से आशीष सिंह, माता प्रसाद की शिष्या आलि प्रकाश आदि दो दर्जन से ज्यादा कलाकारों ने हिस्सा लिया। 

देखिए खास तस्वीरें 













मंगलवार, 14 जनवरी 2025

हजरत अली की जयंती पर निकला जुलूस, उमड़ा हुजूम

सेमिनार में हुई सर्वधर्म समभाव की बातें, जगह-जगह सजी महफ़िलें 

मोहम्मद रिजवान 
Varanasi (dil India live). 13 रजब 1446 हिजरी मंगलवार को देश और दुनिया के साथ ही अपने शहर बनारस में भी नबी के दामाद, मुश्किलकुशा हज़रत अली की 1469 वी जयंती पूरी अकीदत और एहतराम के साथ मनाई गई। इस मौके पर शहर में जश्न का माहौल था। सुबह मैदागिन स्थित टाउन हॉल मैदान से हजरत अली समिति द्वारा आलीशान जुलूस उठाया गया। जुलूस जैसे ही मैदागिन चौराहे पर पहुंचा, दोषीपूरा से निकला एक अन्य जुलूस भी इस जुलूस में आकर शामिल हो गया। जुलूस में हजारों की तादाद में लोग मुबारक हो मुबारक हो अली वालो मुबारक हो...के नारे लगा रहे थे और सभी ने अपने हाथ में खुशी का प्रतीक लाल झंडा ले रखा था जिस पर अली लिखा हुआ था। रास्ते भर जुलूस नारे हैदरी या अली की सदाएं लगता हुआ एवं मौला अली की शान में कसीदा पढ़ता हुआ मैदागिन से नीची बाग स्थित गुरुद्वारा पहुंचा तो सिख समाज ने जुलूस का स्वागत किया एवं ओलमा कलाम को माला पहनकर उनका इस्तकबाल किया। चौक पर जब यह जुलूस पहुंचा तो सैय्यद फरमान हैदर ने तकरीर करते हुए कहा कि यह काशी नगरी है यहां का दिया हुआ पैग़ाम सारी दुनिया में पहुंचता है। मौला अली का यह पैगाम था सबके साथ न्याय होना चाहिए और सबको उसका हक मिलना चाहिए और मौला अली के यह पैगाम देने के लिए हम सब यह जुलूस लेकर निकले हैं। जब यह जुलूस दालमंडी पहुंचा तो लोगों ने इस जुलूस का स्वागत किया। जुलूस नई सड़क चौराहे पर पहुंचा तो वहां मौलाना फिरोज लखनऊवी ने मौला अली की शान में संक्षिप्त तकरीर की जुलूस अपनी रिवायत के मुताबिक काली महल, पीतरकुंडा, लल्लापुरा होता हुआ दरगाह फातमान पहुंचा। 
इस दौरान भाई धर्मवीर सिंह वरिष्ठ ग्रंथी गुरुद्वारा नीचीबाग, फादर फिलिप्स डेनिस (डायरेक्टर मैत्री भवन) ने शिरकत करते हुए गंगा जमुना तहजीब की मिसाल पेश की। इस अवसर पर बड़ी तादाद में ओलमा काराम मौजूद थे। इस जुलूस की अगुवाई मौलाना शमीमुल हसन साहब के साथ बहुत सारे ओलमा कराम कर रहे थे। रास्ते भर कई शायरों ने जुलूस में अपने कलाम के जरिए  मौला अली कि शान में कसीदे पढ़े। 
इस अवसर पर सेमिनार में सर्वधर्म समभाव पर वक्ताओं ने जोर दिया। सेमिनार में बाबुल हवाएज अवार्ड दुर्र-ए-नजफ़ अवार्ड और विलायते अली अवार्ड जिसमें हाजी इरशाद मदनपुर, जिन्होंने हाथों के जरिए कुरान लिखी और अंजुमन मुहाफिज अज़ा विलायत अली अवार्ड  और तीन बच्चियों को बेटी पढ़ाओ बेटी बचाओ के लिए इनाम से नवाजा गया। जुलूस का संचालन मौलाना नदीम असगर और धन्यवाद ज्ञापन डॉ शफीक हैदर ने किया।
कमेटी के सदस्य में प्रोफेसर जहीर हैदर, अब्बास मुर्तजा शमसी, शफ़क़ रिजवी, सैयद फिरोज हुसैन, अमीन रिजवी, वसीम रिजवी, दोषीपुरा से मौलाना जायर हुसैन, मौलाना इकबाल हैदर, मौलाना गुलजार आदि मौजूद थे। श्री हैदर ने बताया कि 13 रजब को 1469 साल पहले हजरत अली काबे में पैदा हुए उनकी मां का नाम विनते असद था और उनके पिता का नाम अबू तालिब था मौला अली ने जिंदगी भर इंसाफ के लिए काम किया

अटल बिहारी वाजपेयी का महाकुंभ से था गहरा नाता

राजकीय पुस्तकालय में अटल बिहारी वाजपेयी की जन्मशती पर संगोष्ठी 


Varanasi (dil India live)। उत्तर प्रदेश भाषा संस्थान एवं राजकीय जिला पुस्तकालय के संयुक्त तत्व अवधान में  भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती पर एक संगोष्ठी का आयोजन किया गया। संगोष्ठी की अध्यक्षता राजकीय पुस्तकालय के अध्यक्ष कंचन सिंह परिहार ने की। मुख्य वक्ता नवगीतकार डॉक्टर अशोक सिंह रहे।

वक्ताओं ने अटल बिहारी वाजपेयी के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर विस्तार पूर्वक विचार विमर्श किया। काशी में उनके व्यतीत किए गए दिनों को याद करते हुए वक्ताओं ने उनकी पत्रकारिता एवं साहित्य की सेवा को विशेष रूप से याद किया। वरिष्ठ साहित्यकार डॉक्टर छाया शुक्ला ने कहा कि अटल जी जैसे व्यक्तित्व बार-बार जन्म नहीं लिया करते। उन्होंने अपने पीछे न सिर्फ राजनीतिक बल्कि साहित्य की भी एक समृद्ध परंपरा छोड़ी है जिसका अनुपालन करना हम वर्तमान पीढ़ी के साहित्यकारों का नैतिक दायित्व है। 


मुख्य वक्ता डॉक्टर अशोक सिंह ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी का महाकुंभ से गहरा नाता थ। वह कुंभ को भारतीय संस्कृति का ऐसा स्वरूप मानते थे जिसमें सनातन की समस्त अवधारणाएं मूर्त रूप ले लेती हैं। डॉ जयशंकर जय ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी भारतीय राजनीति के सलाका पुरुष  थे महापुरुषों की श्रेणी में उनकी गणना होती हैं जो अपने पीछे सिद्धांतों की विशाल फेहरिश्त छोड़ गए हैं। यदि वर्तमान में हम उन सिद्धांतों का अनुपालन करें तो राजनीति से बेहतर कुछ हो ही नहीं सकता।

अध्यक्षीय संबोधन में राजकीय पुस्तकालय के अध्यक्ष कंचन सिंह परिहार ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेई ने भारतीय राजनीति को नई दिशा दी। उनकी मेधा और विराट व्यक्तित्व का ही परिणाम था कि विपक्ष में रहने के बावजूद तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने उन्हें भारत से विदेश जाने वाले प्रतिनिधि मंडल का नेतृत्व सौंप था। कार्यक्रम का संचालन करते हुए डॉक्टर अशोक अज्ञान ने कहा कि जब तक लोकतंत्र का विधान रहेगा तब तक अटल बिहारी वाजपेई जी का स्मरण किया जाता रहेगा उनका व्यक्तित्व हम सब के लिए सदा सदा प्रेरक का कार्य करता रहेगा। धन्यवाद ज्ञापन वरिष्ठ पत्रकार अरविंद मिश्र 'हर्ष' ने किया।

भीषण ठंड के बीच कल से खुल रहा स्कूल

अभिभावकों की चिंता, कैसे भीषण ठंड में स्कूल जाएगा बच्चा 

फाइल फोटो दिल इंडिया लाइव 

Varanasi (dil India live). हाड़ मास कपा देने वाली भीषण ठंड व कोहरे के बीच ठंड की छुट्टियां आज संपन्न हो रही है। इसी के साथ कल से सभी स्कूल कॉलेज खुल सकता है। ऐसे में दो दिन सामान्य ठंड के बाद आज अचानक तेज ठंड ने अभिभावकों की चिंता बढ़ा दी है। खास कर जिनके बच्चे केजी से आठवीं कक्षा में शिक्षा ले रहे हैं वो ज्यादा चिंतित हैं। लोगों का कहना है कि जिस तरह से ठंड लौटी है उससे सभी का चिंतित होना स्वाभाविक है। ऐसे में सभी को डीएम साहब से उम्मीद है कि वो छुट्टियां आगे बढ़ा दें। अब देखना यह है कि क्या जिला प्रशासन या बेसिक शिक्षा अधिकारी इस ओर ध्यान देते हैं या वास्तव में कल से स्कूल खुल जाएगा।

सोमवार, 13 जनवरी 2025

All India Teacher's Association मदारिसे अरबिया ने वेतन भुगतान के लिए की डीएम ओ से मुलाकात

दो दिन में मदरसाकर्मियों का रुका वेतन भुगतान का मिला आश्वासन 



Varanasi (dil India live). ऑल इंडिया टीचर्स एसोसिएशन मदारिस अरबिया वाराणसी जनपद का एक प्रतिनिधि मंडल जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी से राज्यानुदानित मदरसों के शिक्षक/ कर्मचारियों के माह दिसंबर 2024 के रुके हुए वेतन के संबंध में मिला। वेतन भुगतान न होने के कारण शिक्षक कर्मचारी की परेशानियों से उन्हें अवगत कराया। जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी ने तत्काल एक्शन लेते हुए कार्यालय में मदरसों की जमा वेतन रजिस्टर पर वेतन पारित करने हेतु कार्यवाही संपन्न कराई। 13 और 14 जनवरी को कार्यालय एवं ट्रेजरी बंद होने की वजह से वेतन पारित करने में कठिनाई हुई, इसलिए जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी ने प्रतिनिधि मंडल को आश्वत कराया कि 15 जनवरी तक वेतन सभी शिक्षक/कर्मचारियों के अकाउंट में पहुंच जाएगा।

इस अवसर पर एसोसिएशन के पदाधिकारी ने जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी को एसोसिएशन की ओर से मदरसों के अवकाश के संबंध में छपवाई गई किताब, अवकाश नियम संग्रह पुस्तक भी भेंट स्वरूप प्रदान की। प्रतिनिधि मंडल में वहीदुल्लाह खान सईदी (राष्ट्रीय महामंत्री ऑल इंडिया टीचर्स एसोसिएशन मदारिस अरबिया), हाजी मोहम्मद शाहिद सदस्य प्रदेश कार्यकारिणी, मौलाना ज़ैद अहमद अंसारी जिला अध्यक्ष, कारी मुनव्वर अली जिला उपाध्यक्ष, महफूज़ खान जिला महामंत्री, ज़ैद अहमद फारुकी, ज़िला मंत्री, मौलाना इरफान उल्लाह कादरी जिला कोषाध्यक्ष, अब्दुल्लाह खान, असरार खान, ज़्याउर्ररहमान खान, मोहम्मद हारुन, मोहम्मद तारिक, असरार खान, नसीमुद्दीन खान, रईसुल हसन, मोहम्मद कमरुल इस्लाम, मेराज सिद्दीकी, मौलाना मोहम्मद अफ़जल खान, अरशद ज़्या, मौलाना अबुल कासिम, मास्टर मोहम्मद साबिर, अनवारुल हसन, मास्टर अज़हरुद्दीन, मास्टर असरारू उल हक, इत्यादि लोग मौजूद थे।

Bhaiya Dekho बोट पर अंकल के साथ राक्षस

सपा ने गंगा के पार दफनाया 'चाइनीज मांझा' रुपी राक्षस 

नमो घाट से अस्सी घाट तक मोटर बोट पर राक्षस लेकर किया अनोखा विरोध

  • Mohd Rizwan 

Varanasi (dil India live). वाराणसी में गंगा की लहरों पर अचानक मोटर बोट में राक्षस रुपी पुतला दिखा तो बच्चे चिल्ला उठें भैय्या वो देखो वोट पर अंकल राक्षस लेकर जा रहे हैं। इस दौरान लोगों में कौतूहल मच गया। मोटर बोट पर यह राक्षस रुपी पुतला 'चाइनीज मांझा' का प्रतीक था। जिसे सपा नेता किशन दीक्षित और सपा कार्यकर्ताओं ने बनवाया था। 21 फिट ऊंचे इस पुतले को गंगा में सराय मोहना घाट से बोट पर सवार किया गया और नमो घाट होते हुए यह राक्षस का पुतला दशाश्वमेध घाट, अस्सी घाट गया। जहां गंगा उस पार रेत में दफन किया गया।

सपा का बड़ा आरोप 

 सपा नेता किशन दीक्षित ने कहा कि चाइनीज मांझा का आतंक देशभर में फैला हुआ है। यह मांझा न केवल पक्षियों की जान ले रहा है, बल्कि इंसानों की भी जान ले रहा है। आए दिन चाइनीज मांझा के कारण लोगों की मौत की खबरें सुनने को मिलती हैं। फिर भी यह मौत का सामान बाजार में खुलेआम बिक रहा है।

संदीप मिश्रा ने कहा कि यह सवाल उठता है कि जब चाइनीज मांझा पर प्रतिबंध है, तो फिर यह बाजार में कैसे बिक रहा है? इसका जवाब है सत्ता और प्रशासन की नाकामी। सरकार और प्रशासन की लापरवाही के कारण यह मौत का सामान बाजार में बिक रहा है। इसके अलावा, लोगों को भी जागरूक किया जाना चाहिए कि चाइनीज मांझा का उपयोग न करें।

पूर्व पार्षद मनोज यादव ने कहा कि चाइनीज मांझा के कारण होने वाली मौतों की संख्या दिनों-दिन बढ़ती जा रही है। यह एक गंभीर समस्या है, जिसका समाधान जल्दी से जल्दी निकाला जाना चाहिए। सरकार और प्रशासन को चाइनीज मांझा की बिक्री पर सख्ती से रोक लगानी चाहिए। 

कौतूहल बना 21 फिट का मांझा राक्षस

21 फीट का चाइनीज राक्षस का पुतला गंगा घाट किनारे लोगों के कौतूहल का विषय बना रहा। पर्यटकों के साथ ही काशीवासी पुतले संग सेल्फी लेते दिखे। विरोध यात्रा में शामिल होने वाले लोगों ने कहा कि वे चाइनीज मांझे के विरोध में हैं और सरकार से इसके खिलाफ कार्रवाई करने की मांग कर रहे थे। इसके अलावा जमकर सत्ता और शासन के खिलाफ नारेबाजी करते चल रहे थे।

Hazrat Ali jayanti पर निकलेगा जुलूस

दरगाहे फातमान में होगा सेमीनार, संकटमोचन मंदिर के महंत होंगे मुख्य अतिथि

Varanasi (dil India live). शिया मुसलामानों के इमाम और पैगम्बर हजरत मोहम्मद साहब के दामाद हजरत अली की जयंती 14 जनवरी को मनाई जाएगी। जयंती पर अली समिति टाउनहाल मैदान से जुलूस निकालेगी। इसमें दोषीपुरा से उठने वाला जुलूस भी शामिल होगा। जुलूस अपने कदीमी रास्तों से होता हुआ दरगाहे फातमान पर समाप्त होगा। जहां एक कांफ्रेंस होगी। जिसमें सभी धर्मों के धर्मगुरु मौजूद रहेंगे। इस संगोष्ठी में संकटमोचन मंदिर के महंत मुख्य अतिथि होंगे।

इस संबंध में अली समिति के प्रवक्ता हाजी फरमान हैदर ने बताया कि पिछले 15 वर्षों से अली समिति हजरत अली जयंती पर विभिन्न आयोजन कर रही है। जिसमें टाउनहाल मैदान से एक जुलूस निकाला जाएगा। जिसमें सैकड़ों की संख्या में शिया समुदाय के लोग शामिल होंगे और हजरत अली की शान में नातिया कलाम पेश करते हुए चलेंगे। साथ ही उनकी शान में नारे भी लगाएंगे। यह जुलूस मैदागिन होते हुए नीचीबाग गुरुद्वारा पहुंचेगा जहां गुरुद्वारा प्रबंध समिति जुलूस में शामिल लोगों का स्वागत करेगी और उनका सत्कार करेगी।

उन्होंने बताया जुलूस चौक थाने के बगल से दालमंडी पहुंचेगा। जहां शिया समुदाय के लोग जुलूस का भव्य स्वागत करेंगे। जगह-जगह लोग खाने-पीने का इंतजाम करेंगे। जुलूस दालमंडी से नईसड़क, शेखसलीम फाटक, कालीमहल, पितरकुंडा होते हुए लल्लापुरा स्थित दरगाहे फातमान पहुंच कर सम्पन्न होगा।

हाजी फरमान हैदर ने बताया कि दरगाह फातमान में जुलूस के बाद एक नेशनल कांफ्रेंस का आयोजन होगा। इसमें सभी धर्म के लोग उपस्थित होंगे। जिसमें संकटमोचन मन्दिर के महंत डा. विश्वम्भरनाथ मिश्रा, बिशप यूजीन जोसफ भाई धर्मवीर सिंह सहित कई अन्य धर्मगुरु मौजूद रहेंगे। जो मौला अली की जिंदगी और उसके अमन के बताए मार्ग पर प्रकाश डालेंगे। इस दौरान शिया समुदाय के लिए कार्य करने वाले लोगों और संस्थाओं को इनामात दिए जाएंगे।