मंगलवार, 14 जनवरी 2025

अटल बिहारी वाजपेयी का महाकुंभ से था गहरा नाता

राजकीय पुस्तकालय में अटल बिहारी वाजपेयी की जन्मशती पर संगोष्ठी 


Varanasi (dil India live)। उत्तर प्रदेश भाषा संस्थान एवं राजकीय जिला पुस्तकालय के संयुक्त तत्व अवधान में  भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती पर एक संगोष्ठी का आयोजन किया गया। संगोष्ठी की अध्यक्षता राजकीय पुस्तकालय के अध्यक्ष कंचन सिंह परिहार ने की। मुख्य वक्ता नवगीतकार डॉक्टर अशोक सिंह रहे।

वक्ताओं ने अटल बिहारी वाजपेयी के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर विस्तार पूर्वक विचार विमर्श किया। काशी में उनके व्यतीत किए गए दिनों को याद करते हुए वक्ताओं ने उनकी पत्रकारिता एवं साहित्य की सेवा को विशेष रूप से याद किया। वरिष्ठ साहित्यकार डॉक्टर छाया शुक्ला ने कहा कि अटल जी जैसे व्यक्तित्व बार-बार जन्म नहीं लिया करते। उन्होंने अपने पीछे न सिर्फ राजनीतिक बल्कि साहित्य की भी एक समृद्ध परंपरा छोड़ी है जिसका अनुपालन करना हम वर्तमान पीढ़ी के साहित्यकारों का नैतिक दायित्व है। 


मुख्य वक्ता डॉक्टर अशोक सिंह ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी का महाकुंभ से गहरा नाता थ। वह कुंभ को भारतीय संस्कृति का ऐसा स्वरूप मानते थे जिसमें सनातन की समस्त अवधारणाएं मूर्त रूप ले लेती हैं। डॉ जयशंकर जय ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी भारतीय राजनीति के सलाका पुरुष  थे महापुरुषों की श्रेणी में उनकी गणना होती हैं जो अपने पीछे सिद्धांतों की विशाल फेहरिश्त छोड़ गए हैं। यदि वर्तमान में हम उन सिद्धांतों का अनुपालन करें तो राजनीति से बेहतर कुछ हो ही नहीं सकता।

अध्यक्षीय संबोधन में राजकीय पुस्तकालय के अध्यक्ष कंचन सिंह परिहार ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेई ने भारतीय राजनीति को नई दिशा दी। उनकी मेधा और विराट व्यक्तित्व का ही परिणाम था कि विपक्ष में रहने के बावजूद तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने उन्हें भारत से विदेश जाने वाले प्रतिनिधि मंडल का नेतृत्व सौंप था। कार्यक्रम का संचालन करते हुए डॉक्टर अशोक अज्ञान ने कहा कि जब तक लोकतंत्र का विधान रहेगा तब तक अटल बिहारी वाजपेई जी का स्मरण किया जाता रहेगा उनका व्यक्तित्व हम सब के लिए सदा सदा प्रेरक का कार्य करता रहेगा। धन्यवाद ज्ञापन वरिष्ठ पत्रकार अरविंद मिश्र 'हर्ष' ने किया।

भीषण ठंड के बीच कल से खुल रहा स्कूल

अभिभावकों की चिंता, कैसे भीषण ठंड में स्कूल जाएगा बच्चा 

फाइल फोटो दिल इंडिया लाइव 

Varanasi (dil India live). हाड़ मास कपा देने वाली भीषण ठंड व कोहरे के बीच ठंड की छुट्टियां आज संपन्न हो रही है। इसी के साथ कल से सभी स्कूल कॉलेज खुल सकता है। ऐसे में दो दिन सामान्य ठंड के बाद आज अचानक तेज ठंड ने अभिभावकों की चिंता बढ़ा दी है। खास कर जिनके बच्चे केजी से आठवीं कक्षा में शिक्षा ले रहे हैं वो ज्यादा चिंतित हैं। लोगों का कहना है कि जिस तरह से ठंड लौटी है उससे सभी का चिंतित होना स्वाभाविक है। ऐसे में सभी को डीएम साहब से उम्मीद है कि वो छुट्टियां आगे बढ़ा दें। अब देखना यह है कि क्या जिला प्रशासन या बेसिक शिक्षा अधिकारी इस ओर ध्यान देते हैं या वास्तव में कल से स्कूल खुल जाएगा।

सोमवार, 13 जनवरी 2025

All India Teacher's Association मदारिसे अरबिया ने वेतन भुगतान के लिए की डीएम ओ से मुलाकात

दो दिन में मदरसाकर्मियों का रुका वेतन भुगतान का मिला आश्वासन 



Varanasi (dil India live). ऑल इंडिया टीचर्स एसोसिएशन मदारिस अरबिया वाराणसी जनपद का एक प्रतिनिधि मंडल जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी से राज्यानुदानित मदरसों के शिक्षक/ कर्मचारियों के माह दिसंबर 2024 के रुके हुए वेतन के संबंध में मिला। वेतन भुगतान न होने के कारण शिक्षक कर्मचारी की परेशानियों से उन्हें अवगत कराया। जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी ने तत्काल एक्शन लेते हुए कार्यालय में मदरसों की जमा वेतन रजिस्टर पर वेतन पारित करने हेतु कार्यवाही संपन्न कराई। 13 और 14 जनवरी को कार्यालय एवं ट्रेजरी बंद होने की वजह से वेतन पारित करने में कठिनाई हुई, इसलिए जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी ने प्रतिनिधि मंडल को आश्वत कराया कि 15 जनवरी तक वेतन सभी शिक्षक/कर्मचारियों के अकाउंट में पहुंच जाएगा।

इस अवसर पर एसोसिएशन के पदाधिकारी ने जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी को एसोसिएशन की ओर से मदरसों के अवकाश के संबंध में छपवाई गई किताब, अवकाश नियम संग्रह पुस्तक भी भेंट स्वरूप प्रदान की। प्रतिनिधि मंडल में वहीदुल्लाह खान सईदी (राष्ट्रीय महामंत्री ऑल इंडिया टीचर्स एसोसिएशन मदारिस अरबिया), हाजी मोहम्मद शाहिद सदस्य प्रदेश कार्यकारिणी, मौलाना ज़ैद अहमद अंसारी जिला अध्यक्ष, कारी मुनव्वर अली जिला उपाध्यक्ष, महफूज़ खान जिला महामंत्री, ज़ैद अहमद फारुकी, ज़िला मंत्री, मौलाना इरफान उल्लाह कादरी जिला कोषाध्यक्ष, अब्दुल्लाह खान, असरार खान, ज़्याउर्ररहमान खान, मोहम्मद हारुन, मोहम्मद तारिक, असरार खान, नसीमुद्दीन खान, रईसुल हसन, मोहम्मद कमरुल इस्लाम, मेराज सिद्दीकी, मौलाना मोहम्मद अफ़जल खान, अरशद ज़्या, मौलाना अबुल कासिम, मास्टर मोहम्मद साबिर, अनवारुल हसन, मास्टर अज़हरुद्दीन, मास्टर असरारू उल हक, इत्यादि लोग मौजूद थे।

Bhaiya Dekho बोट पर अंकल के साथ राक्षस

सपा ने गंगा के पार दफनाया 'चाइनीज मांझा' रुपी राक्षस 

नमो घाट से अस्सी घाट तक मोटर बोट पर राक्षस लेकर किया अनोखा विरोध

  • Mohd Rizwan 

Varanasi (dil India live). वाराणसी में गंगा की लहरों पर अचानक मोटर बोट में राक्षस रुपी पुतला दिखा तो बच्चे चिल्ला उठें भैय्या वो देखो वोट पर अंकल राक्षस लेकर जा रहे हैं। इस दौरान लोगों में कौतूहल मच गया। मोटर बोट पर यह राक्षस रुपी पुतला 'चाइनीज मांझा' का प्रतीक था। जिसे सपा नेता किशन दीक्षित और सपा कार्यकर्ताओं ने बनवाया था। 21 फिट ऊंचे इस पुतले को गंगा में सराय मोहना घाट से बोट पर सवार किया गया और नमो घाट होते हुए यह राक्षस का पुतला दशाश्वमेध घाट, अस्सी घाट गया। जहां गंगा उस पार रेत में दफन किया गया।

सपा का बड़ा आरोप 

 सपा नेता किशन दीक्षित ने कहा कि चाइनीज मांझा का आतंक देशभर में फैला हुआ है। यह मांझा न केवल पक्षियों की जान ले रहा है, बल्कि इंसानों की भी जान ले रहा है। आए दिन चाइनीज मांझा के कारण लोगों की मौत की खबरें सुनने को मिलती हैं। फिर भी यह मौत का सामान बाजार में खुलेआम बिक रहा है।

संदीप मिश्रा ने कहा कि यह सवाल उठता है कि जब चाइनीज मांझा पर प्रतिबंध है, तो फिर यह बाजार में कैसे बिक रहा है? इसका जवाब है सत्ता और प्रशासन की नाकामी। सरकार और प्रशासन की लापरवाही के कारण यह मौत का सामान बाजार में बिक रहा है। इसके अलावा, लोगों को भी जागरूक किया जाना चाहिए कि चाइनीज मांझा का उपयोग न करें।

पूर्व पार्षद मनोज यादव ने कहा कि चाइनीज मांझा के कारण होने वाली मौतों की संख्या दिनों-दिन बढ़ती जा रही है। यह एक गंभीर समस्या है, जिसका समाधान जल्दी से जल्दी निकाला जाना चाहिए। सरकार और प्रशासन को चाइनीज मांझा की बिक्री पर सख्ती से रोक लगानी चाहिए। 

कौतूहल बना 21 फिट का मांझा राक्षस

21 फीट का चाइनीज राक्षस का पुतला गंगा घाट किनारे लोगों के कौतूहल का विषय बना रहा। पर्यटकों के साथ ही काशीवासी पुतले संग सेल्फी लेते दिखे। विरोध यात्रा में शामिल होने वाले लोगों ने कहा कि वे चाइनीज मांझे के विरोध में हैं और सरकार से इसके खिलाफ कार्रवाई करने की मांग कर रहे थे। इसके अलावा जमकर सत्ता और शासन के खिलाफ नारेबाजी करते चल रहे थे।

Hazrat Ali jayanti पर निकलेगा जुलूस

दरगाहे फातमान में होगा सेमीनार, संकटमोचन मंदिर के महंत होंगे मुख्य अतिथि

Varanasi (dil India live). शिया मुसलामानों के इमाम और पैगम्बर हजरत मोहम्मद साहब के दामाद हजरत अली की जयंती 14 जनवरी को मनाई जाएगी। जयंती पर अली समिति टाउनहाल मैदान से जुलूस निकालेगी। इसमें दोषीपुरा से उठने वाला जुलूस भी शामिल होगा। जुलूस अपने कदीमी रास्तों से होता हुआ दरगाहे फातमान पर समाप्त होगा। जहां एक कांफ्रेंस होगी। जिसमें सभी धर्मों के धर्मगुरु मौजूद रहेंगे। इस संगोष्ठी में संकटमोचन मंदिर के महंत मुख्य अतिथि होंगे।

इस संबंध में अली समिति के प्रवक्ता हाजी फरमान हैदर ने बताया कि पिछले 15 वर्षों से अली समिति हजरत अली जयंती पर विभिन्न आयोजन कर रही है। जिसमें टाउनहाल मैदान से एक जुलूस निकाला जाएगा। जिसमें सैकड़ों की संख्या में शिया समुदाय के लोग शामिल होंगे और हजरत अली की शान में नातिया कलाम पेश करते हुए चलेंगे। साथ ही उनकी शान में नारे भी लगाएंगे। यह जुलूस मैदागिन होते हुए नीचीबाग गुरुद्वारा पहुंचेगा जहां गुरुद्वारा प्रबंध समिति जुलूस में शामिल लोगों का स्वागत करेगी और उनका सत्कार करेगी।

उन्होंने बताया जुलूस चौक थाने के बगल से दालमंडी पहुंचेगा। जहां शिया समुदाय के लोग जुलूस का भव्य स्वागत करेंगे। जगह-जगह लोग खाने-पीने का इंतजाम करेंगे। जुलूस दालमंडी से नईसड़क, शेखसलीम फाटक, कालीमहल, पितरकुंडा होते हुए लल्लापुरा स्थित दरगाहे फातमान पहुंच कर सम्पन्न होगा।

हाजी फरमान हैदर ने बताया कि दरगाह फातमान में जुलूस के बाद एक नेशनल कांफ्रेंस का आयोजन होगा। इसमें सभी धर्म के लोग उपस्थित होंगे। जिसमें संकटमोचन मन्दिर के महंत डा. विश्वम्भरनाथ मिश्रा, बिशप यूजीन जोसफ भाई धर्मवीर सिंह सहित कई अन्य धर्मगुरु मौजूद रहेंगे। जो मौला अली की जिंदगी और उसके अमन के बताए मार्ग पर प्रकाश डालेंगे। इस दौरान शिया समुदाय के लिए कार्य करने वाले लोगों और संस्थाओं को इनामात दिए जाएंगे।

रविवार, 12 जनवरी 2025

हज़रत अमानुल्लाह शाह के उर्स पर जुटे अकीदतमंद

अमानुल्लाह शाह के उर्स पर हुई कुरानख्वानी चला लंगर

  • मोहम्मद रिजवान 

Varanasi (dil India live). ईद मिलादुन्नबी का अजीमुश्शान जलसा व हज़रत अमानुल्लाह शाह बाबा रहमतुल्लाह अलैह (हंकार टोला बगीचा) का उर्स इतवार की देर रात शुरू हुआ। इस दौरान हज़रत के दर पर फातेहा, गुस्ल और कुरानख्वानी के साथ ही कुल शरीफ की रस्म अदा की गई। इस दौरान बाबा के दर पर लोगो का हुजूम उमड़ा हुआ था। आयोजन में शाहिद कुरेशी, कासिम कुरेशी, बब्लू कुरेशी, शमीम अहमद, डलली खान, चीन बादशाह आदि मौजूद थे। कय्यूम कुरैशी ( गुड्डू ) वह करीम खान (भोले) उर्स में आए लोगों का खैरमकदम कर रहे थे।

इस मौके पर मदरसा गरीब नवाज नई सड़क पर लंगरे आम का भी इस दौरान आयोजन किया गया। समाचार लिखे जाने तक नात शरीफ की गूंज सुनाई दे रही थी। सोमवार बाद नमाज़े असर चादर व गागर और बाद नमाज़े इशा महफिले समां का आयोजन किया गया है।  

लोहड़ी कल, गिद्दा और भांगड़ा पर झूमेगा सिख समाज

लोहड़ी मनाने को दिख रही काशी बेताब

गुरुद्वारे में भी होगी लोहड़ी, जुटेंगी संगत, होगा धमाल 
फाइल फोटो लोहड़ी पर्व पर नृत्य करती महिलाएं 

Varanasi (dil India live)। लोहड़ी देश दुनिया के साथ ही अपने शहर बनारस में भी 13 जनवरी को मनाई जाएगी। सिख, खत्री व पंजाबी समाज में इसे लेकर उत्सव की तैयारी अब अंतिम दौर में है। जगह-जगह लोहड़ी सजाई जाएगी। गुरुद्वारे से लेकर घर तक में उत्सव का माहौल रहेगा। भांगड़ा और गिद्दा नृत्य से शाम से उठेगी। दरअसल लोहड़ी उनकी होती है जिनकी नयी नयी शादी हुई हो या जिसके घर में नया मेहमान यानी बच्चे का जन्म हुआ हो। इसी लिए नवविवाहित जोड़ों में इसे लेकर अलग ही उत्साह रहेगा। यही वजह है कि शादी के बाद पहली बार यह पर्व मनाने कोई सऊदी अरब से तो कोई पेरिस से काशी पहुंचा है। 

लोहड़ी पर्व का सामाजिक संगठनों और गुरुद्वारों में सामूहिक आयोजन होगा। खत्री हितकारिणी सभा की ओर से एक दिन पहले रविवार को रात में लोहड़ी धमाल उत्सव छावनी में मनाया जा रहा है। मुंबई की बैंड पार्टी और गायिका पिंकी मैदासानी के गीतों पर सब झूम रहे हैं। 

सभा के अध्यक्ष दीपक बहल ने बताया कि शहर के पांच हजार से अधिक खत्री व पंजाबी परिवार के लोग इसमें शामिल हैं। मुख्य अतिथि ब्रिगेडियर अनिबर्न दत्ता है। उधर चांदपुर इंडस्ट्रीयल एरिया में भी लोहड़ी का आयोजन होगा। इसमें पंजाबी बैंड पर लोहड़ी का उल्लास छाया रहेगा। उधर, गुरुद्वारा गुरुबाग व नीचीबाग में सामूहिक लोहड़ी सजाई जाएगी।

सारनाथ के संचित सेठ पेरिस में एक बैंक के फाइनेंस मैनेजर हैं, पिछले माह ही श्रेया सेठ से शादी हुई है। इसलिए वे काशी में लोहड़ी मनाने के लिए रुके हैं। उन्होंने बताया कि बहुत खुशी हो रही है। परिवार और अपनों के साथ लोहड़ी मनाने का मौका मिलेगा। 

महमूरगंज के शिवांक मेहरोत्रा व सृष्टि मेहरोत्रा भी पहली लोहड़ी काशी में मनाएंगे। पिछले साल दोनों की शादी हुई है। दोनों सऊदी अरब से बनारस आ रहे हैं। वहां साॅफ्टवेयर कंपनी में फाइनेंस अधिकारी के पद पर कार्यरत हैं। परिवार के लोग उनका इंतजार कर रहे हैं। कल फिज़ा में एक साथ गूंजेगा दे माई लोहड़ी तेरी जीने जोड़ी...। सोशल मीडिया पर हैप्पी लोहड़ी अभी से ही वायरल होने लगा है।