गुरुवार, 12 दिसंबर 2024

बेनियाबाग में मुशायरा 15 को, शबीना अदीब संग कई नामचीन शायर करेंगे शायरी

मशहूर शायरों संग बनारस के शायरों को भी मिलेगा मंच


  • Mohd Rizwan 
Varanasi (dil India live). बेनियाबाग कभी इंडो-पाक मुशायरे के लिए जाना जाता था। कुछ वर्षों से इंडो-पाक मुशायरा स्थगित चल रहा है। इस दौरान बनारस मुशायरा का आयोजन बेनियाबाग मैदान में 15 दिसंबर की शाम 6:30 बजे से होने जा रहा है। यह मुशायरा कुछ हद तक इंडो-पाक मुशायरे की कमी पूरी करने की कोशिश होगी। हालांकि यह मुशायरा विगत 6 वर्षों से होता चला आ रहा है। इस मुशायरे में नामचीन शायरों के साथ ही स्थानीय चेहरों को भी स्टेज पर परफॉर्म करने का मौका दिया जाएगा। उक्त जानकारी देते हुए मीडिया प्रभारी द्वय सुधांशु श्रीवास्तव एवं शिव यादव ने बताया कि बनारस के भी कई शायर इसमें शिरकत करेंगे। मुशायरे की जीनत मशहूर शायरा शबीना अदीब, मोहन मुंतजिर, इस्माईल नज़र, गुल ए सबा, धर्मराज उपाध्याय व बनारस के  सलीम शिवालवी व डॉ. प्रशांत सिंह होंगे। पं. सुदामा तिवारी उर्फ सांड बनारसी, अनिल यादव ‘बंटी’ के साथ ही अरमान अह्मद, एडवोकेट विवेक शंकर तिवारी, हाजी अनवर अहमद, वसीम रज़ा आदि के सहभागिता से यह आयोजन सम्पन्न होगा। मुशायरे की निजामत इस्माईल नज़र, सदारत सांड बनारसी की होगी। विशेष उपस्थिति श्यामलाल यादव अध्यक्ष शनिवार गोष्ठी समिति आयोजक के तौर पर शायरों का स्वागत सम्मान भी करेंगे। खैरमकदम अध्यक्ष अनिल यादव ‘बंटी’ करेंगे। पत्रकार वार्ता में तनुप्रिया श्रीवास्तव, जबीर सिद्दीकी, अरुण सोनी, प्रमोद शर्मा, रवि अग्रहरि, विजेन्द्र कुमार मिश्र दमदार बनारसी शफकत सलीम, सुनील सिंह आदि लोग शामिल रहे।

बुधवार, 11 दिसंबर 2024

Hazrat Rahim Shah बाबा के दर पर उमड़े अकीदतमंद

रहीम शाह बाबा के तीन दिनी उर्स में चढ़ी अकीदत की चादरें 
Varanasi (dil India live). हजरत रहीम शाह बाबा रहमतुल्लाह अलैह का तीन दिनी सालाना उर्स अकीदत और एहतराम बाबा के बेनिया स्थित आस्ताने पर मनाया जा रहा है। उर्स के मौके पर दूसरे दिन हज़रत रहीम शाह बाबा के दर पर अकीदतमंदों का हुजूम उमड़ा हुआ था। उर्स में अकीदतमंदों ने मन्नती चादरें जहां पेश की वहीं बाबा के आस्ताने पर फातिहा पढ़ने दूर-दराज़ से अकीदतमंद पहुंचे हुए थे। इससे पहले तीन दिनी उर्स की शुरुआत मंगलवार को हजरत रहीम शाह बाबा के दर पर पाक कुरान की तेलावत से हुई। जोहर की नमाज के बाद महफिल-ए-समां का आयोजन किया गया। शाम को चादरपोशी और मगरिब की नमाज के बाद मीलाद शरीफ हुआ। मीलाद शरीफ में बड़ी तादाद में अकीदतमंद शामिल हुए थे। उर्स के मौके पर तकरीर और लंगर का भी दौर चला। सुबह से शाम तक बाबा के दर पर फातिहा पढ़ने जायरीन पहुंचे। आने वालों का खैरमखदम सज्जादानशीन मोहम्मद सैफ रहीमी कर रहे थे। उर्स को देखते हुए दरगाह को सजाया गया है, तथा आसपास भी सजावट की गई।

आज दूसरे दिन फज्र के बाद कुरआनख्वानी, बाद नमाज असर ग़ुस्ल मजार शरीफ, बाद नमाज मगरिब सरकारी चादर पोशी हुई व मिलाद शरी में लोगों का हुजूम उमड़ा हुआ था। बाद नमाज इशा लंगर व महफिले समा का आयोजन किया गया। कल तीसरे दिन फज्र में कुरआन ख्वानी के बाद 10:30 बजे कुल शरीफ व बादहु रंग महफ़िल, लंगर  फिर बाद नमाज मगरिब महफिले समां होगा। आखिर में अमन और मिल्लत की दुआएं मांगी जाएगी।

MG Kashi Vidyapeeth के छात्रनेता रघुकुल यथार्थ बने प्रदेश उपाध्यक्ष


  • Mohd Rizwan 
Varanasi (dil India live). महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के छात्रनेता रघुकुल यथार्थ के लगतार छात्रों हित संघर्ष को देखते हुए राज्यसभा सांसद संजय सिंह और आम आदमी पार्टी के छात्र इकाई छात्र युवा संघर्ष समिति के प्रदेश प्रभारी वंशराज दुबे व प्रदेश अध्यक्ष अरुण वर्मा की अनुशंसा से आम आदमी पार्टी के छात्र इकाई (छात्र युवा संघर्ष समिति) का पुनः प्रदेश उपाध्यक्ष बनाया गया। रघुकुल यथार्थ मुल रूप से डोभी, जौनपुर के निवासी है और वो निरंतर छात्र हित के लिए संघर्षरत है। इसके पूर्व में वो छात्र युवा संघर्ष समिति के महानगर अध्यक्ष, जिला अध्यक्ष और प्रदेश सचिव के दायित्व का निर्वहन कर चुके है। 

रघुकुल यथार्थ ने कहा कि मुझे यह महत्वपूर्ण जिम्मेदारी देनें के लिए संगठन के शीर्ष नेताओं का बहुत-बहुत आभार। मैं पूरी ईमानदारी से इस दायित्व का निर्वहन करूंगा और ये उपलब्धी केवल मेरी नहीं है ये उपलब्धी मुझसे जुड़े हर व्यक्ति की है जो हमेशा मेरे हर संघर्ष मे कंधे से कंधा मिलाकर चलते है और मुझे मजबूती प्रदान करते है। उक्त जानकारी प्रदेश प्रवक्ता मुकेश सिंह ने दी है।

मंगलवार, 10 दिसंबर 2024

Khwaja Garib Nawaz की दरगाह के समर्थन में निकला जुलूस, याचिका वापस लेने की मांग

देश दुनिया के लाखों करोड़ों लोगों की आस्था का केन्द्र है अजमेर

राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री को भेजा पत्रक 


Bilaspur (dil India live)। ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती रहमतुल्लाह अलैह सरकार गरीब नवाज की दरगाह के खिलाफ दी गई याचिका के विरोध में एक शांतिपूर्ण मौन जुलूस निकाला गया। जुलूस में ख़्वाजा ग़रीब नवाज़ में आस्था रखने वाले सभी धर्म के लोग शामिल हुए। जुलूस में शामिल लोगों ने जुलूस के बाद एक पत्रक राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री आदि को भेजकर याचिका वापस लेने की पुरजोर मांग की।
इस दौरान वक्ताओं ने कहा कि ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती की दरगाह भारतीय उपमहाद्वीप में सूफी संस्कृति और धार्मिक सौहार्द का प्रतीक है। लगभग 813 वर्षों से यह दरगाह लाखों-करोड़ों लोगों की आस्था का केंद्र है, जहां न केवल भारत से, बल्कि विदेशों से भी श्रद्धालु अपनी श्रद्धा व्यक्त करने आते हैं। दरगाह पर सभी धर्मों के लोग आते हैं और यहां की संस्कृति विविधता और एकता को प्रकट करती है। यह शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन बिलासपुर में भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा से प्रारंभ हुआ, जो संविधान के आदर्शों का पालन करते हुए सांप्रदायिक सौहार्द का प्रतीक था। मौन जुलूस के माध्यम से, समुदाय ने यह संदेश दिया कि ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती की दरगाह के खिलाफ याचिका दायर करना न केवल धार्मिक आस्थाओं का अपमान है, बल्कि राष्ट्रीय एकता और सांप्रदायिक सौहार्द के खिलाफ भी है। आशिकाने गरीब नवाज कमेटी द्वारा सौंपे गए ज्ञापन में राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री से अपील की गई कि याचिका को तुरंत वापस लिया जाए, जिससे सांप्रदायिक सौहार्द बिगड़ने से बचाया जा सके।

महिला हिंसा, यौन उत्पीड़न के खिलाफ बेटियों ने बुलंद की आवाज

बोले वक्ता समाज में मिलना चाहिए सभी को बराबर का अधिकार 



Mirzapur (dil India live). कन्या भ्रूण हत्या, यौन उत्पीड़न, दहेज और बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ अहरौरा के अधवार गाँव  स्थित सर्वोदय इंटर कॉलेज की छात्राओं ने आवाज़ बुलंद की। मंगलवार को आयोजित कार्यक्रम में शामिल छात्राओं ने घरेलू महिला हिंसा बंद करो, भ्रूण हत्या पर रोक लगाओ, बाल विवाह बंद करो, भीख नहीं अधिकार चाहिए, जीने का सम्मान चाहिए, यौन हिंसा पर रोक लगाओ आदि नारे लगाये। हस्ताक्षर करके इसे जड़ से मिटाने का संकल्प लिया है। घरेलू महिला हिंसा विरोधी पखवाड़ा 25 नवंबर से 10 दिसंबर अंतराष्ट्रीय मानवाधिकार दिवस तक के तहत सहयोग लखनऊ और उम्मीद फाउंडेशन के संयुक्त तत्वाधान किया गया।

उम्मीद फाउंडेशन के प्रमुख महेंद्र राठौर ने कहा कि आज भी समाज में लड़कियों और महिलाओं के साथ भेदभाव किया जा रहा है। जबकि संवैधानिक व्यवस्था ने सबको समान अधिकार दिये हैं। सामाजिक व्यवस्था के कारण महिलाओं और लड़कियों को बराबरी का अधिकार नहीं प्राप्त हो पा रहा है। इसलिए समाजिक व्यवस्था में बदलाव लाना जरूरी है। सामाजिक कार्यकर्ता राजकुमार गुप्ता ने कहा कि भारत में हिंसा कई रूप में होती है। 70 प्रतिशत महिलाएं अपने जीवन में किसी न किसी रूप में हिंसा का सामना करती हैं। कोरोना महामारी के बाद लैंगिक हिंसा का दर बढ़ कर पहले से अधिक हो गया हैं। सभी लोग एकजुट होकर हिंसा मुक्त जीवन के लिए संघर्ष करें। कालेज के प्रवक्ता आनंद किशोर सिंह ने ग्रामीणों से लड़कियों को ज्यादा से ज्यादा पढा़ने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की अपील की है।


अतिथियों का स्वागत प्रधानाचार्य शैलेन्द्र पाठक और संचालन नंदनी धन्यवाद ज्ञापन सीमा देवी ने किया। कार्यक्रम में मुख्य रूप महेंद्र राठौर, राजकुमार गुप्ता, नंदनी, सीमा, शैलेंद्र पाठक, आनंद किशोर सिंह कालेज के समस्त स्टाफ़ शामिल थे।

सोमवार, 9 दिसंबर 2024

सांसद खेल प्रतियोगिता में डॉ देवेश को गोल्ड मेडल

राइफल शूटिंग में अचूक निशानेबाज देवेश चैम्पियन 



Varanasi (dil India live). श्री मालवीय महाविद्यालय इण्टर कालेज, शाहंशाहपुर, वाराणसी के खेल शिक्षक डा. देवेश कुमार ने काशी सांसद खेल प्रतियोगिता के अंतर्गत 40+ आयु वर्ग के राइफल शूटिंग में गोल्ड मेडल प्राप्त किया। बनारस क्लब, कचहरी, वाराणसी में कई दिग्गज इस प्रतियोगिता में अपनी किस्मत आजमा रहे थे। डा. देवेश को गोल्ड मेडल प्राप्त होने पर विद्यालय के समस्त शिक्षकों और छात्र/ छात्राओं में उत्साह है। गोल्ड मेडल प्राप्त करने पर प्रधानाचार्य मुसर्रत इस्लाम ने जहां उन्हें बधाई दी है, वहीं सामाजिक कार्यकर्ता व सुल्तान क्लब के अध्यक्ष डाक्टर एहतेशामुल हक़ ने भी हर्ष जताया।

Hazrat Rahim Shah बाबा रहमतुल्लाह अलैह के उर्स में जानिए क्या क्या होगा इस बार

हज़रत रहीम शाह बाबा का तीन दिनी उर्स कल से 

  • Mohd Rizwan 
Varanasi (dil India live)। हजरत रहीम शाह बाबा रहमतुल्लाह अलैह का तीन दिनी सालाना उर्स अकीदत और एहतराम के साथ बाबा के बेनिया स्थित आस्ताने में कल से मनाया जाएगा। इस दौरान बाबा के आस्ताने पर फातिहा पढ़ने और मन्नतों की चादर चढ़ाने के लिए अकीदतमंदों का हुजूम उमड़ेगा। दूरदराज़ से आए अकीदतमंदों के लिए यहां खास इंतज़ाम किए जा रहे हैं। बाबा के दर पर हाजिरी के साथ ही तकरीर और नात-ए-पाक का नजराना भी बाबा की शान में पेश किया जायेगा। तीन दिनी उर्स की शुरुआत मंगलवार को हजरत रहीम शाह बाबा के दर पर पाक कुरान की तेलावत से होगी। जोहर की नमाज के बाद महफिल-ए-शमां का आयोजन किया जायेगा। शाम को चादरपोशी और मगरिब की नमाज के बाद मीलाद शरीफ होगा। मीलाद शरीफ में बड़ी तादाद में अकीदतमंद शामिल होते हैं। उर्स के मौके पर तकरीर और लंगर का भी दौर चलेगा। सुबह से शाम तक बाबा के दर पर फातिहा पढ़ने वाले आयेगे। आने वालों का खैरमखदम सज्जादानशीन मोहम्मद सैफ रहीमी करेंगे। उर्स को देखते हुए दरगाह को सजाया गया है, तथा आसपास भी सजावट की गई।
 यह है उर्स की रवायत

पहले दिन फज्र के बाद कुरआन ख्वानी, जोहर के बाद महफिले समां, असर बाद चादर पोशी, मगरिब बाद मिलाद शरीफ, ईशा बाद तकरीर व लंगर चलेगा। ऐसे ही दूसरे दिन फज्र के बाद कुरआनख्वानी, बाद नमाज असर ग़ुस्ल मजार शरीफ, बाद नमाज मगरिब सरकारी चादर पोशी व मिलाद शरीफ, बाद नमाज ईशा लंगर व महफिले समा का आयोजन किया जाएगा फिर तीसरे दिन फज्र में कुरआन ख्वानी के बाद 10:30 बजे कुल शरीफ व बादहु रंग महफ़िल, लंगर फिर बाद नमाज मगरिब महफिले समां होगा। आखिर में अमन और मिल्लत की दुआएं मांगी जाएगी।