गुरुवार, 28 नवंबर 2024

63000UP के निजी स्कूलों की छह लाख सीटों पर RTE के तहत होगा प्रवेश


Lucknow (dil India live)। उत्तर प्रदेश में शिक्षा के अधिकार अधिनियम (आरटीई) के तहत आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के बच्चों के निजी स्कूलों में दाखिले की प्रक्रिया एक दिसंबर से शुरू होगी। इस बार स्कूलों व सीटों की संख्या बढ़ी है। 2025-26 में 62871 हजार निजी स्कूलों की छह लाख सीटों पर प्रवेश होंगे।

बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से निजी स्कूलों का पुराना बकाया भुगतान होने के बाद इसमें निजी स्कूल भी रुचि ले रहे हैं। यही वजह है कि नए सत्र में आरटीई के लिए विभाग की ओर से 62871 स्कूल मैप किए जा चुके हैं। वहीं इसमें से 62829 स्कूलों ने अपना रजिस्ट्रेशन कराया है। इसी तरह कक्षा एक में 391130 व प्री प्राइमरी में 211935 सीट पर प्रवेश लिए जाएंगे। पिछले साल लगभग 3.57 लाख आवेदन हुए थे। इस बार विभाग पांच गुना आवेदन करने का लक्ष्य लेकर काम कर रहा है। उप शिक्षा निदेशक डॉ. मुकेश कुमार सिंह ने बताया कि इस बार आवेदन के लिए प्रदेश भर में ब्लॉक स्तर पर शिक्षा विभाग के कार्यालयों में हेल्प डेस्क भी बनाई जाएगी। अगर किसी अभिभावक को आवेदन करने में किसी तरह की दिक्कत आ रही है तो वह यहां आवेदन नि:शुल्क करवा सकेंगे। उन्होंने बताया कि इस बार दिसंबर से ही प्रवेश प्रक्रिया शुरू की जा रही है जो चार चरणों में मार्च तक पूरी कर ली जाएगी।

पता हो की कक्षा एक में आगरा में सर्वाधिक 12608, जौनपुर में 12295, आजमगढ़ में 11795, बरेली में 10689, प्रयागराज में 9629, फिरोजाबाद में 9007, मुजफ्फरनगर में 9096, गाजीपुर में 8652, गोंडा में 8279 सीटें हैं। वहीं प्री प्राइमरी में लखनऊ में सर्वाधिक 23889, गोरखपुर में 9853, गाजियाबाद में 8333, वाराणसी में 8259, गौतमबुद्ध नगर में 8176, कानपुर नगर में 7429 सीटें हैं।

बुधवार, 27 नवंबर 2024

अब देश दुनिया की निगाहें अजमेर शरीफ दरगाह पर

-ख़्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती की दरगाह को कोर्ट में मंदिर होने का दावा, याचिका स्वीकार


Ajmer (dil India live)। उत्तर प्रदेश के संभल में जामा मस्जिद के सर्वे का विवाद अभी थमा भी नहीं है कि दुनिया भर के सूफिज्म का मरकज कहे जाने वाले राजस्थान के अजमेर शरीफ दरगाह को शिव मंदिर बताने वाली याचिका को निचली अदालत ने स्वीकार कर लिया है। ये वही ख़्वाजा मुईनुद्दीन हसन चिश्ती सरकार गरीब नवाज है जहां परम्परा रही है कि उर्स के मौके पर खुद प्रधानमंत्री की चादर चढ़ाई जाती है। दुनिया के कोने-कोने से जायरीन अमन और सुकुन की तालाश में ख़्वाजा के दर पर पहुंचते। उसी अजमेर दरगाह पर कोर्ट ने हिंदू सेना की ओर से याचिका स्वीकार कर ली है। 

याचिका में महादेव का मंदिर होने का दावा किया गया है। ख्वाजा गरीब नवाज हसन चिश्ती की दरगाह में शिव मंदिर होने के दावे से जुड़ी याचिका पर बुधवार को अजमेर पश्चिम सिविल जज सीनियर डिविजन की कोर्ट ने सुनवाई करते हुए अहम फैसला सुनाया। जज ने दरगाह कमेटी, अल्पसंख्यक मामला, कार्यालय भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण धरहर भवन नई दिल्ली को समन नोटिस जारी करने के निर्देश दिए हैं। याचिका में कहा गया है कि अजमेर शरीफ दरगाह को भगवान महादेव विराजमान मंदिर घोषित किया जाए। साथ ही दरगाह समिति के अनाधिकृत कब्जे को हटाया जाए।
गौरतलब हो कि संभल में जामा मस्जिद को शिव मंदिर साबित करने के लिए सर्वे टीम कोर्ट के आदेश के बाद पहुंची थी। सर्वे के लिए पहुंची टीम के साथ झड़प में पथराव व फायरिंग में कई लोगों की जान चली गई थी। इस बीच अजमेर शरीफ दरगाह को लेकर इस नए विवाद से लोगों की चिंता बढ़ गई है। अजमेर शरीफ दरगाह मामले की अगली सुनवाई 20 दिसंबर को होगी। यह मामला अजमेर ख्वाजा मोइनुद्दीन हसन चिश्ती की दरगाह में शिव मंदिर होने के दावे से जुड़ा होने की वजह से पूरी दुनिया की इस पर निगाह होगी।

Aghani Juma की ऐतिहासिक नमाज 29 को, मुर्री बंद रखेंगे बुनकर

केवल बनारस में पढ़ी जाती अगहनी जुमे की नमाज 


Varanasi (dil India live)। बुनकर बिरादराना तंजीम की ओर से मुल्क की खुशहाली, कारोबार में बरकत और अमन- चैन दुआ के लिए ऐतिहासिक अगहनी जुमे की नमाज 29 नवम्बर, शुक्रवार को अलग अलग इबादतगाहों में पढ़ी जाएगी। इस मौके पर बुनकरों द्वारा जुमे को मुर्री बंद रखी जायेगी। अगहनी जुमे की मुख्य नमाज पारम्पारिक रूप से लगभग 450 सालों से पुराना पुल, पुल कोहना स्थित ईदगाह और चौकाघाट में अदा की जाती है। इस मौके पर बुनकर बिरादराना तंजीम बावनी पंचायत के सदर हाजी मुख्तार महतो की तरफ से मुर्री बंद का ऐलान किया गया है। अगहनी जुमे की नमाज पढ़ने के लिए शहर भर के बुनकर बिरादराना तंजीम के लोग ईदगाह में जुटते है और इशतेमाई  दुआख्वानी करते है। 

450 सालों से चली आ रही है रवायत

बनारस के बुनकरों द्वारा अगहनी जुमे पर नमाज और मुर्री बंद की यह रवायत लगभग साढ़े चार सौ साल पुरानी है। इस बाबत बुनकर बिरादराना तंजीम बावनी के सदर हाजी मुख्तार महतो ने बताया कि यह नमाज सिर्फ बनारस में ही पढ़ी जाती है। लगभग साढ़े चार सौ साल पहले देश मे भयंकर अकाल पड़ा था, बारिश ना होने से हाहाकार मचा हुआ था, जिसकी वजह से बेहाल किसान खेती नही कर पा रहे थे। खेती ना होने के कारण बाजार में जबरदस्त मंदी आ गयी और उसकी चपेट में बुनकर भी आ गए। ना किसान खेती कर पा रहा था और ना ही बुनकरों के कपड़े बिक रहे थे। हर ओर भुखमरी का आलम छा गया। बुनकरों ने इस हालात को ठीक करने के लिए अल्लाह ताला से दुआ मांगने के लिए अगहन महीने के जुमे के दिन ईदगाह में इकट्ठे हुए नमाज अदा की और बारिश के लिए दुआएं मांगी। अल्लाह के रहमो करम से खूब बारिश हुई, किसानों और बुनकरों दोनों के कारोबार चलने लगे तो मुल्क में फिर से खुशहाली छा गई। तब से यह परम्परा हर साल अगहन के जुमे के दिन बनारस के बुनकर बिरादरी की तरफ से मुर्री बंद कर निभाई जाती है। नमाज के दौरान किसान अपनी नई फसल का गन्ना बेचने यहां पहुंचते हैं। 


मंगलवार, 26 नवंबर 2024

संविधान से छेड़छाड़ पूर्वजों संग विश्वासघात एवं देश के साथ दुश्मनी-हाफ़िज़ ओबैदुल्लाह

संविधान अनुपालन में ही देश का वास्तविक विकास निहित-मुहम्मद रिज़वान

जमीयत यूथ क्लब से जुड़े विभिन्न स्कूलों में मना राष्ट्रीय संविधान दिवस


Varanasi (dil India live)। राष्ट्रीय संविधान दिवस पर जमीयत यूथ क्लब भारत स्काउट्स एंड गाइड्स से संबंधित विभिन्न स्कूलों में संविधान दिवस समारोह आयोजित किए गए।सबसे पहले प्रातः 8 बजे गुलिस्तां पब्लिक स्कूल क़ाज़ीपुरा में स्कूल के प्रधानाचार्य एवं जमीयत यूथ क्लब बनारस के स्काउट काउंसलर मुहम्मद शाहिद ने संविधान के महत्व और जीवन में उसके प्रभाव पर प्रकाश डाला। जमीयत यूथ क्लब बनारस के सचिव मुहम्मद रिज़वान ने संविधान निर्माण और उसके कार्यान्वयन पर संक्षिप्त प्रकाश डाला और कहा कि हमारे पूर्वजों ने देश को जो संविधान सौंपा है उसके अनुपालन में ही देश का वास्तविक विकास निहित है। तत्पश्चात मुहम्मद रिज़वान साहब के नेतृत्व में उपस्थित सभी बच्चों एवं अध्यापकों ने सामूहिक रूप से भारत के संविधान की प्रस्तावना को दोहराकर उसके सुरक्षा की शपथ ली। इसके बाद बाग ए नूर एकेडमी बाक़राबाद में कार्यक्रम आयोजित हुआ।यहां पर प्रधानाचार्य इमामुद्दीन, स्काउट टीचर अब्दुल माजिद एवं अन्य अध्यापकों की उपस्थिति में मुफ्ती वसीम ने संविधान के निर्माण एवं महत्व पर प्रकाश डाला तत्पश्चात जमीयत यूथ क्लब बनारस के रोवर काउंसलर मास्टर अब्दुल करीम के नेतृत्व में उपस्थित सभी बच्चों एवं अध्यापकों ने सामूहिक रूप से संविधान की प्रस्तावना को दोहराकर उसके सुरक्षा की शपथ ली। इसके उपरांत अलमानार ब्वॉयज स्कूल रेवड़ी तालाब में 10 बजे कार्यक्रम का आयोजन हुआ। स्काउट के सभी बच्चों को एकत्रित करके प्रधानाचार्य तबरेज़ जहांगीर एवं सेक्रेटरी मुहम्मद रिज़वान ने संबोधित किया एवं संविधान की महत्ता पर प्रकाश डाला जबकि रोवर काउंसलर अब्दुल करीम एवं अन्य अध्यापकों की उपस्थिति में स्काउट टीचर मुहम्मद राशिद के नेतृत्व में उपस्थित सभी लोगों ने सामूहिक रूप से संविधान की प्रस्तावना को दोहराकर उसके सुरक्षा की शपथ ली।

इस अवसर पर जमीयत यूथ क्लब बनारस के अध्यक्ष हाफ़िज़ ओबैदुल्लाह ने अपने संदेश में कहा कि भारत का संविधान इस प्रकार से बनाया गया है कि इसमें भारत के सभी नागरिकों को बिना किसी धार्मिक, जातीय, भाषा, क्षेत्र के भेदभाव के सामन अवसर एवं अधिकार दिए गए हैं। एक रिक्शे चलने वाले और एक अरबपति व्यक्ति को भी बतौर नागरिक समान अधिकार हैं। यदि कोई इसके मूल रूप से छेड़छाड़ की कल्पना भी करता है तो उसका ये कृत्य न सिर्फ हमारे पूर्वजों के साथ विश्वासघात है बल्कि वो देश के साथ दुश्मनी भी है।

राष्ट्रीय संविधान दिवस पर प्राथमिक विद्यालय गौराकलां में हुई गोष्ठी

हर्षोल्लास के साथ मनाया गया राष्ट्रीय संविधान दिवस

Varanasi (dil India live)। विकासखंड चिरईगांव के प्राथमिक विद्यालय गौराकलां में संविधान दिवस प्रिंसिपल आरती देवी की अध्यक्षता में हर्षोल्लास संग मनाया गया।

इस अवसर पर आरती देवी ने संविधान निर्माता डॉ. भीमराव आंबेडकर के चित्र पर माल्यार्पण कर छात्र-छात्राओं को भारत के संविधान के बारे में जानकारियां दी। साथ ही संविधान की प्रस्तावना का वाचन करते हुए शिक्षकों एवं छात्र-छात्राओं को शपथ दिलवाई गई।

इस अवसर पर अटेवा के ज़िला उपाध्यक्ष डॉ. एहतेशामुल हक ने भारतीय संविधान पर अपने विचार रखते हुए कहा कि प्रत्येक भारतीय के लिए 26 नवम्बर का दिन अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि वर्ष 1949 में इसी दिन संविधान सभा ने वर्तमान संविधान को विधिवत रूप से स्वीकार किया था। उन्होंने कहा कि इसी दिन को राष्ट्रीय कानून दिवस के रूप में भी मनाते हैं। इस दिवस को मनाने का उद्देश्य नागरिकों द्वारा संविधान के प्रति निष्ठा तथा सम्मान रखना है। वरिष्ठ अध्यापिका रेखा उपाध्याय ने कहा कि बीआर अंबेडकर भारतीय संविधान के निर्माता है। भारत सरकार ने 26 नवंबर को संविधान दिवस के रूप में घोषित किया है। इस दिन 1949 में भारत की संविधान सभा ने भारत के संविधान को अपनाया, और यह 26 जनवरी 1950 को लागू हुआ। प्रिंसिपल आरती देवी, अटेवा के ज़िला उपाध्यक्ष डॉ. एहतेशामुल हक, रेखा उपाध्याय, सादिया तबस्सुम, अनीता सिंह, शशिकला, प्रमिला सिंह, ज्योति कुमारी, शक्ति कुमारी, त्रिलोकी प्रसाद सहित छात्र एवं छात्राएं उपस्थित थे।

कांग्रेस ने सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश को भेजा पत्रक

संभल मस्जिद प्रकरण पर उठाएं कई सवाल 


Varanasi (dil India live)। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के राष्ट्रीय सचिव, उत्तर प्रदेश कांग्रेस अल्पसंख्यक विभाग के प्रदेश अध्यक्ष शाहनवाज आलम के निर्देश पर आज वाराणसी में कांग्रेस अल्पसंख्यक विभाग के जिला/ महानगर अध्यक्ष डॉ. मुनीर सिद्दीकी, अब्दुल हमीद टुडे के नेतृत्व में संभल की ऐतिहासिक जामा मस्जिद को महज मंदिर बताने वाले दावे को जिला अदालत द्वारा स्वीकार करने के विरोध में सर्वोच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश को पत्र भेजकर हस्तक्षेप की मांग की है। 

प्रतिनिधि मंडल ने यह पत्र अपर नगर मजिस्ट्रेट तृतीय आनंद मोहन को सौंपा। इस मौके पर उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रदेश सचिव हसन मेहंदी कब्बन ने अपने संबोधन में कहा कि संभल कि ऐतिहासिक जामा मस्जिद को मंदिर बताने वाले दावे को जिला अदालत द्वारा स्वीकार किया जाना पूजा स्थल अधिनियम 1991 का खुला उल्लंघन है। इस अधिनियम में स्पष्ट तौर पर कहा गया है कि 15 अगस्त 1947 तक धार्मिक स्थलों का जो भी चरित्र था वह यथावत रहेगा। उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी अल्पसंख्यक विभाग के प्रदेश महासचिव हसन मेहंदी कब्बन ने कहा कि जिस दिन जिला अदालत में याचिका दायर की गई उसी दिन जिला अदालत ने याचिका स्वीकार भी कर लिया और कुछ ही घंटे बाद मस्जिद का सर्वे कराना भी प्रारंभ कर दिया गया। आखिर अदालत को इतनी जल्दी क्यों थी? जब कानून स्पष्ट तौर पर कहता है कि इस तरह की कोई याचिका किसी कोर्ट में स्वीकार ही नहीं हो सकती तो संभल के जिला अदालत में ऐसी याचिका कैसे स्वीकार कर ली गई।                 ‌‌ 


मौके पर प्रतिनिधिमंडल में शामिल लोगों ने कहा कि मुख्य न्यायाधीश  निचली अदालतों के जजों के लिए कार्रवाई सुनिश्चित करें उनसे अनुरोध किया गया है।              प्रतिनिधिमंडल में उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रदेश सचिव फसाहत हुसैन बाबू, अल्पसंख्यक कांग्रेस के प्रदेश महासचिव हसन मेहंदी कब्बन, मुनीर सिद्दीकी, तौफीक़ कुरैशी, अशोक सिंह एडवोकेट, लक्ष्मेश्वर नाथ शर्मा, बद्रे आलम, आरिफ जमाल, अंश यादव, इरशाद अहमद, शमशेर आलम, रईस अहमद, समीर हैदर, अफसर अहमद सहित काफी लोग उपस्थित थे।

सोमवार, 25 नवंबर 2024

Shahar kazi jaunpur मौलाना हसनैन सिद्दीकी का इंतकाल

जौनपुर शाही बड़ी मस्जिद के थे इमामे जुमा 

मगरिब की नमाज के बाद मुल्ला टोला कब्रिस्तान में होंगे सुपुर्द-ए-खाक 


जौनपुर। शहर काजी जौनपुर, शाही बड़ी मस्जिद के इमाम अल्लामा मौलाना हसनैन अहमद सिद्दीकी का इंतकाल हो गया है। उनके इंतकाल की खबर से जौनपुर के मुल्ला टोला सिथत उनके दौलतखाने पर लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा। उन्हें आज मगरिब की नमाज के बाद मुल्ला टोला सिथत आबाई कब्रिस्तान में सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा। 

इससे पहले उनके इंतकाल की खबर से जौनपुर अफसोस और ग़म में डूब गया है। रिश्ते-नातेदारों के साथ ही तमाम अजीज उनके दौलतखाने पर उमड़ पड़े। तमाम लोगों को अपने हर दिल अजीज शहर काजी का जाना रुला गया। सभी उनकी बातें व तकरीर पर एक दूसरे से चर्चा करते दिखाई दिए।