रविवार, 4 जून 2023

गर्म खीर से स्नान कर शंभूभगत ने किया कराहा पूजन


Varanasi (dil india live). वाराणसी 3 जून हरहुआ के काजी सराय गांव में कराहा पूजन का आयोजन शनिवार को किया गया। कराहा पूजन में शंभू भगत ने गरम खीर से स्नान किया। इस मौके पर पंडित अशोक दुबे द्वारा हवन पूजन संपन्न कराया। पूजा के संयोजक पराऊ पाल ने बताया कि कराहा पूजा पशुओं की बीमारी, किसानों की अच्छी फसल के लिए किया गया। इस मौके पर संतोष पहलवान , वीरेंद्र धर्मेंद्र , प्यारेलाल , नीरज पहलवान , शमशेर इत्यादि लोग मौजूद थे

शनिवार, 3 जून 2023

Lic Orissa Train Accident पीड़ितों को देगी राहत

ओडिशा ट्रेन हादसा पीड़ितों को जल्दी मिलेगी बीमे की रकम


Orissa (dil india live ). देश की सबसे बड़ी बीमा कंपनी Lic का कहना है कि दावों का तेजी से निपटारा किया जाएगा ताकि पीड़ित परिवारों को जल्दी से जल्दी वित्तीय राहत मिल सके। वे रजिस्टर्ड डेथ सर्टिफिकेट के बजाय रेलवे, पुलिस या किसी भी स्टेट या केंद्रीय एजेंसी द्वारा पब्लिश मृतकों की लिस्ट दिखाकर बीमे की राशि का दावा कर सकते हैं। इसे ही प्रूफ ऑफ डेथ माना जाएगा। साथ ही बीमे की रकम के दावों से जुड़े सवालों के लिए डिविजनल और ब्रांच लेवल पर स्पेशल हेल्प डेस्क स्थापित किया गया है। ये डेस्क दावेदारों को मदद भी मुहैया करेंगी।

एलआईसी के चेयरमैन सिद्धार्थ मोहंती ने आज एक बयान में ये घोषणाएं की। उन्होंने कहा कि मुसीबत में एलआईसी पॉलिसीज और प्रधानमंत्री जीवन ज्योति योजना के दावेदारों के लिए ये राहत दी गई है। इस बात के भी प्रयास किए जा रहे हैं कि प्रभावित परिवारों के दावों को जल्दी से जल्दी सेटल किया जा सके। दावेदार समीप के ब्रांच, डिविजन या कस्टमर जोन्स में संपर्क कर सकते हैं। साथ ही वे मदद के लिए कंपनी के कॉल सेंटर में भी संपर्क कर सकते हैं जिसका नंबर 02268276827 है।

कहना ग़लत नहीं है कि मुसीबत की इस घड़ी में एलआईसी कि यह पहल काबिले तारीफ है।

All india muslim पर्सनल लॉ बोर्ड को मिला नया अध्यक्ष

मौलाना खालिद सैफुल्लाह रहमानी नए अध्यक्ष बने 


Indoor (dil india live). मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के अध्यक्ष मौलाना राबे हसन नदवी के इंतकाल के बाद बोर्ड अध्यक्ष का खाली पद अब भर गया है। इंदौर में मुस्लिम पर्सनल ला बोर्ड कि बैठक में नया सदर चुना गया। इंदौर के मऊ में इस पद के चुनाव के लिए सम्मेलन आयोजित किया गया था। सम्मेलन में मौलाना खालिद सैफुल्लाह रहमानी नए अध्यक्ष चुने गए।

शुक्रवार, 2 जून 2023

Justics for sakshi: Delhi कि घटना से Kashi में शोक, न्याय कि मांग

शमां जलाकर दी गई दिल्ली कि sakshi को श्रद्धांजलि 



Varanasi (dil india live)। दिल्ली के शाहबाद में मृत बिटिया sakshi को न्याय दिलाने व उसकी आत्मा कि शांति के लिए काशी में भी आवाज़ बुलंद हो रही है। इसी क्रम में कांग्रेस कि ओर से आजाद पार्क लहुराबीर में श्रद्धांजलि सभा कर दोषी के खिलाफ सख्त कार्यवाही का मांग किया गया।

श्रद्धांजलि सभा कार्यक्रम का संयोजन महानगर अध्यक्ष राघवेंद्र चौबे ने किया। बिटिया को नम आंखों से श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए प्रदेश प्रांतीय अध्यक्ष,पूर्व मंत्री अजय राय ने कहा की यह खौफनाक हत्या देख कर रूह कांप उठी। मैं दिल्ली के उपराज्यपाल व देश के गृहमंत्री अमित शाह से कहना चाहता हूँ की संविधान ने उन्हें दिल्ली के लोगों की सुरक्षा की जिम्मेदारी दी है। दिल्ली की बहन-बेटियों की सुरक्षा पर ध्यान दें। आज दिल्ली में महिलाएं बिलकुल भी सुरक्षित नहीं हैं।दिल्ली में खुलेआम एक नाबालिग बच्ची की बेरहमी से हत्या कर दी जाती है। ये बेहद दुखद और दुर्भाग्यपूर्ण है। हम मांग करते है की मृत बिटिया के आश्रितों को एक सरकारी नौकरी व 1 करोड़ रुपये मुआवजा मिले साथ ही दोषी को कड़ी से कड़ी सजा मिले जो भी फांसी से कम न हो।

कार्यक्रम में जिलाध्यक्ष राजेश्वर पटेल, प्रजानाथ शर्मा, दुर्गा प्रसाद गुप्ता, फ़साहत हुसैन बाबू, डॉ राजेश गुप्ता, गुलशन अली, राजीव राम, शफक रिजवी, मनीष मरोलिया, रमजान अली, अशोक सिंह, हसन मेहदी कब्बन, प्रमोद वर्मा, अरविन्द कुमार, लोकेश सिंह, राजा खां, सतीश कशेरा, मजहबी बेगम, हाजी मो इस्लाम, पारसनाथ यादव, आशिष गुप्ता, श्रवण गुप्ता, विनय जायसवाल, मनोज यादव,चक्रवर्ती पटेल, गोपाल जी चौबे, राकेश राय, अनुभव राय, रोहित दुबे, परवेज खान, किशन यादव, गोवर्धन सिंह, कैलाश पटेल, कीर्ति प्रकाश पाण्डेय, मो मंजूर पप्पू, अब्दुल कयूम, सिदार्थ शुक्ला, रामजी गुप्ता, इम्तियाज अहमद, मो. उज्जैर, अनिल पटेल, नसीम अहमद, सुभाष चन्द्र सेठ, इरफान समेत दर्जनो कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

ओडिशा के बालासोर में भीषण ट्रेन हादसा

पौने दो सौ से ज्यादा घायल, मौत का ठीक आंकड़ा नहीं 

ओडिशा (दिल इंडिया लाइव)। बालासोर में शुक्रवार शाम को बड़ा ट्रेन हादसा हो गया, यहां बहनागा स्टेशन के पास कोरोमंडल एक्सप्रेस (12841) और मालगाड़ी आपस में टकरा गई। हादसे में कोरोमंडल एक्सप्रेस पटरी से जहां उतर गई वहीं ट्रेन के कई डिब्बे मालगाड़ी पर चढ़ गए।

जानकारी के मुताबिक कोरोमंडल की 4 बोगियां पटरी से उतर गई हैं। 30 से ज्यादा लोगों के मरने की आशंका जताई जा रही है, हालांकि अभी मौत का सही आंकड़ा रेलवे प्रशासन के पास नहीं है। वहीं 179 लोगों के जख्मी होने सूचना है। हादसा शाम करीब 6:51 बजे हुआ, वहीं कई यात्रियों के ट्रेन के पलटे डिब्बों में फंसे होने की बात सामने आ रही है। फिलहाल इस रूट की सभी ट्रेनों को रोक दिया गया है।  विशेष राहत आयुक्त कार्यालय ने जानकारी दी कि हादसे वाली जगह पर तलाशी और बचाव अभियान के लिए टीमें मौके पर पहुंच गई हैं, वहीं बालासोर कलेक्टर को भी सभी जरूरी व्यवस्था करने के लिए मौके पर पहुंचने और राज्य स्तर से किसी भी अतिरिक्त मदद की आवश्यकता होने पर एसआरसी को भी सूचना दे दी गई है। इसके अलावा ट्रैक को खाली कराने का भी काम शुरू कर दिया गया है। डीजीपी फायर सर्विसेज डॉ. सुधांशु सारंगी भी दुर्घटनास्थल के लिए मुख्यालय से रवाना हो चुके हैं। वहीं राज्य सरकार बचाव कार्यों के लिए मौके पर जनरेटर और रोशनी की व्यवस्था कर रही है। मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने मंत्री प्रमिला मल्लिक और विशेष राहत आयुक्त को दुर्घटनास्थल पर तत्काल पहुंचने का निर्देश दिया।

गुरुवार, 1 जून 2023

Vikas के नाम पर गरीबों का विनाश कब तक : मनीष शर्मा

किला कोहना के 250 घरों को गिराये जाने के खिलाफ आंदोलन तेज करेगा कम्युनिस्ट फ्रंट
Varanasi (dil india live) कम्युनिस्ट फ्रंट ने एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा है कि 31 मई को राजघाट स्थित किला कोहना बस्ती के 250 घरों को जमींदोज कर दिया जो बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है।

कम्युनिस्ट फ्रंट ने प्रेस रिलीज जारी कर कहा कि योगी मोदी सरकार गरीबी मिटाने की नहीं बल्कि गरीबों को ही मिटा देने वाली कहावत को पूरा कर रही, और पूरी तरीके से भू-माफिया वाली भूमिका निभाया जा रहा है। जिस किला कोहना की जमीन पर  रेलवे दावा कर रही की जमीन उसकी है असल में वह जमीन वक्फ बोर्ड और आबादी की है जो कि माननीय न्यायालय में विचाराधीन है, लेकिन योगी मोदी सरकार न्यायलय को भी नहीं मानती और पुलिस के बल पर 250 घरों को तोड़ देती है, जिसका कम्युनिस्ट फ्रंट घोर निंदा व विरोध करता है।

 कम्युनिस्ट फ्रंट के मनीष शर्मा ने कहा कि आखिर योगी सरकार किसका विकास करना चाहती है, जाहिर सी बात है कि योगी सरकार अदानी अंबानी जैसे कारपोरेट घरानों का विकास गरीबों के विनाश से करना चाहती है।

 मनीष शर्मा ने सरकार से पूछा कि जो 250 परिवारों के साथ अन्याय हुआ है जिन्हें बिना किसी वैकल्पिक व्यवस्था के सड़क पर भूखों मरने के लिए छोड़ दिया गया है, आखिर उसका जिम्मेदार कौन है? उन्होंने आगे कहा कि कम्युनिस्ट फ्रंट इस भयंकर विनाश पर चुप नहीं बैठेगी और अपने आंदोलन को और तेज करेगी।

Medical news: गर्भवती में यह लक्षण दिखते ही करायें उपचार

गर्भावस्था में ‘जेस्टेशनल डायबिटीज’ का खतरा ज्यादा 

 • अनदेखी से गर्भवती व गर्भस्थ को भी हो सकता है नुकसान 


Varanasi (dil india live). केस-1 गर्भावस्था के सातवें महीने में सेनपुरा की रहने वाली शालिनी को घरेलू कामकाज के दौरान चक्कर आया। उसने अपने आप को संभालने का बहुत प्रयास किया पर बिस्तर पर गिर कर वह बेहोश हो गयी। हालांकि कुछ पल बाद ही उसे होश आ गया पर उसकी यह हालत देख परिवार के लोग घबरा गये।  डाक्टर को दिखाया और जांच कराया तो पचा चला कि वह गर्भावस्था के दौरान होने वाले जेस्टेशनल डायबिटीज (गर्भावस्था के दौरान होने वाले शुगर की बीमारी ) से अब पीड़ित हो चुकी है।

 केस-2 रमाकांत नगर कालोनी की रहने वाली रागिनी पहली बार मां बनने वाली है। गर्भावस्था के छठे माह में उसे अत्यधिक प्यास लगने और बार-बार पेशाब होने की शिकायत हुई। शुरू में रागिनी से इसे सामान्य रूप में लिया पर इस समस्या के कारण जब उसे पूरी रात जगना पड़ने लगा तो वह चिकित्सक के पास पहुंची। उसका हाल जानने के बाद जब चिकित्सक ने उसके खून की जांच करायी तो पता चला कि उसे भी जेस्टेशनल डायबिटीज हो चुका है।

रागिनी और शालिनी ने गर्भ ठहरने के पहले माह में अपने खून की जांच करायी थी तब उनकी रिपोर्टं ठीक आई थी। हालांकि रिपोर्ट में शुगर होने का जिक्र नहीं था लेकिन शुगर ने उन्हें कब जकड़ लिया पता ही नहीं चला।


पंडित दीनदयाल चिकित्सालय स्थित एमसीएच विंग की स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ डॉ. आरती दिव्या बताती हैं कि गर्भावस्था के दौरान महिलाओं को कई हार्मोनल असंतुलन के दौर से गुजरना पड़ता है। ऐसे ही हार्मोनल असंतुलन से ही कुछ ऐसी गर्भवतियों में ब्लड शुगर काफी बढ़ जाता है, जिन्हें गर्भधारण करने से पहले शुगर नहीं होती है। गर्भधारण के बाद होने वाली शुगर को ही गर्भकालीन मधुमेह या जेस्टेशनल डायबिटीज कहा जाता है। अधिकांश को गर्भावस्था के 24-28 सप्ताह के बीच चलता है। आजकल ओपीडी में हर माह दो-तीन जेस्टेशनल डायबिटीज के मामले आते हैं।

 गर्भावस्था में डायबिटीज के खतरे

गर्भावस्था के दौरान डायबिटीज का होना मां और शिशु दोनों के लिए खतरनाक होता है। इसके कारण बच्चे में जन्मगत विकार की आशंका अधिक रहती है। साथ ही प्रसव के समय मां के साथ-साथ शिशु के जान को भी खतरा रहता है। गर्भावस्था के दौरान ब्लड शुगर अधिक बढ़ा होने पर गर्भवती को हाई ब्लड प्रेशर का भी खतरा हो सकता है। इतना ही नहीं गर्भपात अथवा समय से पूर्व प्रसव की भी आशंका बढ़ जाती है। डॉ. आरती बताती हैं कि आमतौर पर जेस्टेशनल डायबिटीज गर्भावस्था के बाद अपने आप ठीक हो जाती है लेकिन कुछ मामलों में गर्भवती को प्रसव के बाद आगे चलकर डायबिटीज होने का खतरा बन जा जाता है। इतना ही नहीं समय से उपचार न होने पर यह बीमारी होने वाले शिशु के लिए भी खतरनाक हो सकती है उसे भी भविष्य में  डायबिटीज होने की आशंका रहती है। 

 गर्भावस्था में डायबिटीज के लक्षण

 डॉ. आरती बताती है कि वैसे तो सभी महिलाओं में गर्भकालीन मधुमेह के लक्षण दिखाई नहीं देते हैं, लेकिन लक्षण ऐसे जरूर होते हैं जिनके दिखते ही उन्हें इस दिशा में सतर्क हो जाना चाहिए। किसी गर्भवती को बार-बार पेशाब आना,अत्यधिक प्यास लगना, थकान, जी मिचलाना, धुंधला दिखना, मूत्राशय और त्वचा का संक्रमण जैसी परेशानियां जेस्टेशनल डायबिटीज के लक्षण हो सकते है। लिहाजा  ऐसे लक्षण नजर आते ही गर्भवती को तत्काल किसी चिकित्सक से सम्पर्क करना चाहिए,  ताकि समय रहते उपचार से इस बीमारी के बड़े खतरे से बचा जा सकता है।

 उपलब्ध है जांच की सुविधा

डॉ.आरती के अनुसार पं.दीनदयाल उपाध्याय चिकित्सालय स्थित एमसीएच विंग के अलावा जिले के सभी सरकारी अस्पतालों, सामुदायिक व प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों पर जेस्टेशनल डायबिटीज से सम्बन्धित जांच व उपचार की सुविधा उपलब्ध है। इसके अलावा प्रत्येक माह की एक, नौ 16 व 24 तारीख को स्वास्थ्य केन्द्रों पर आयोजित होने वाले प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान दिवस पर भी मिलने वाली सुविधाओं का लाभ गर्भवती ले सकती हैं।