मस्जिद "उल्फत बीबी" काशी विद्यापीठ में तरावीह मुकम्मल
Mohd Rizwan
Varanasi (dil India live). पूरे Ramzan भर मोमिन को चाहिए कि वो तरावीह की नमाज़ अदा करें। मस्जिदों में 5 दिन, 7, दिन, 10 दिन व 15 दिन वगैरह की जो तरावीह मुकम्मल करायी जाती है। उसमें एक कुरान मुकम्मल होता है। उसके बाद भी पूरे महीने सूरे तरावीह होती है जिसका अदा किया जाना जरूरी है। यह बातें 11 रमज़ान उल मुबारक को मस्जिद उल्फत बीबी काशी विद्यापीठ में ख़त्मे तरावीह के मौके़ पर बयान करते हुए सदर मुफ्ती बोर्ड बनारस मौलाना अब्दुल हादी खान हबीबी ने अपनी तकदीर में कही। उन्होंने रमज़ान की नेमतों, इबादतों पर भी रौशनी डाली। उन्होंने हाफ़िज़ शादाब को तरा़वीह मुकम्मल करने पर मुबारकबाद दी।
इस मौके पर सदर क़ाज़ी ए शहर बनारस मौलाना हसीन अहमद हबीबी और दिगर उल्लेमा ए केराम ने ज़िम्मेदार हज़रात की मौजूदगी में पूरे वताने अज़ीज़ मुल्के हिंदुस्तान के लिए अमनो-सलामती की दुआएं की। सलातो सलाम और फातिहा संग एखतेताम हुआ। इस मौके पर तमाम लोगों ने हाफ़िज़ मोहम्मद शादाब को फूल मालाओं से लाद दिया।
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें