गुरुवार, 29 जनवरी 2026

VKM Varanasi: NSS टीम ने तीसरे दिन पढ़िए क्या किया, क्या जाना!

मासिक धर्म के समय शारीरिक समस्याओं से निपटने के उपाय पर हुई चर्चा

स्वयं सेविकाओं ने जाना समाचार पत्रों का इतिहास 





dil india live (Varanasi). 29 जनवरी 2026 को पूर्वाह्न 10:00 बजे राष्ट्रीय सेवा योजना की चतुर्थ इकाई की कार्यक्रम अधिकारी डॉ शुभांगी श्रीवास्तव द्वारा कंपोजिट विद्यालय शिवपुर में सप्त दिवसीय शिविर के तीसरे दिन  की शुरुआत राष्ट्रीय सेवा योजना की तालियों एवं लक्ष्य गीत के सामूहिक गायन के साथ हुई, जिससे स्वयंसेवकों में उत्साह, अनुशासन एवं एकता की भावना का संचार हुआ।

प्रातःकालीन सत्र में सखी फाउंडेशन की ओर से अध्यक्ष स्वप्ना कपूर, संस्थापक सुनीता भार्गव तथा सचिव पूजा श्रीवास्तव उपस्थित रहीं। उन्होंने स्वयंसेवकों को मासिक धर्म से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की। इस दौरान मासिक धर्म के समय होने वाली शारीरिक समस्याओं, विशेष रूप से दर्द एवं ऐंठन, उनके कारणों तथा उनसे निपटने के उपायों पर विस्तार से चर्चा की गई। उन्होंने मासिक धर्म को एक प्राकृतिक प्रक्रिया बताते हुए इसके प्रति जागरूकता एवं सकारात्मक सोच अपनाने पर बल दिया।

इसके पश्चात् सखी फाउंडेशन की टीम द्वारा स्वयंसेवकों को योगाभ्यास कराया गया, जिससे शरीर एवं मन को स्वस्थ रखा जा सके। योग सत्र में शरीर के संतुलन एवं ऊर्जा केंद्रों को सक्रिय करने के उद्देश्य से ताड़ासन तथा देवी आसन का अभ्यास कराया गया और उनके लाभों के बारे में जानकारी दी गई।

इसके पश्चात् अपराह्न सत्र का आयोजन किया गया। अपराह्न सत्र की शुरुआत में कार्यक्रम अधिकारी डॉ. शुभांगी श्रीवास्तव ने भारतीय समाचार पत्र दिवस के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने समाचार पत्रों के इतिहास, समाज में उनकी भूमिका तथा लोकतंत्र को सशक्त बनाने में उनके योगदान के बारे में विस्तार से जानकारी दी।

डॉ. शुभांगी श्रीवास्तव के संबोधन के उपरांत भारतीय समाचार पत्र दिवस के अवसर पर भाषण प्रतियोगिता आयोजित की गई। इस प्रतियोगिता में अनेक स्वयंसेवकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और समाचार पत्रों के महत्व, निष्पक्ष पत्रकारिता एवं सामाजिक जागरूकता पर अपने विचार प्रस्तुत किए। प्रतियोगिता से स्वयंसेवकों के वक्तव्य कौशल का विकास हुआ।




कार्यक्रम के अंत में कार्यक्रम अधिकारी डॉ. शुभांगी श्रीवास्तव द्वारा समापन भाषण दिया गया। उन्होंने पूरे दिन की गतिविधियों की सराहना करते हुए स्वयंसेवकों के उत्साह, अनुशासन एवं सक्रिय सहभागिता की प्रशंसा की। उनके प्रेरणादायक उद्बोधन के साथ इस दिवस का कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।

Varanasi Tourist गिल्ड निकालेगी पंचकोशी देव यात्रा

धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने आगे आया टूरिज्म गिल्ड एवं इण्डिया टूरिज्म




dil india live (Varanasi)। वाराणसी में धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने एवं पर्यटकों की यात्रा को एक और दिन तक बढ़ाने के उद्देश्य से वाराणसी टूरिज्म गिल्ड, इण्डिया टूरिज्म के सहयोग से काशी की अतिप्राचीन धार्मिक पंचकोशी यात्रा पर ध्यान केन्द्रित करेगा। गुरुवार को छावनी क्षेत्र स्थित होटल क्लार्क्स में आयोजित प्रेसवार्ता में इण्डिया टूरिज्म के सहायक निर्देशक पावस प्रसून, वाराणसी टूरिज्म गिल्ड के अध्यक्ष सुभाष कपूर, सचिव सौरभ पाण्डेय ने पत्रकारों से बातचीत में बताया की काशी पूरे विश्व में धार्मिक पर्यटन का केन्द्र बन चुका है, यहाँ पर की जाने वाली पंचकोशी यात्रा का धार्मिक महत्व बहुत ज्यादा है, ऐसे में पर्यटकों को इस यात्रा से जोड़ना आवश्यक है।

इस कड़ी में वाराणसी टूरिज्म गिल्ड के सदस्यों द्वारा कल शुक्रवार को सुबह 8 बजे से एक दिवसीय पंचकोशी देव यात्रा निकाली जायेगी। यात्रा का शुभारंभ वाराणसी मण्डल के कमिश्नर एस. राजलिंगम हरी झण्डी दिखाकर करेंगे। यात्रा अस्सी से प्रारम्भ होकर कंदवा स्थित कर्दमेश्वर महादेव होते हुए सभी पड़ाव के बाद जौ विनायक पर पहुँच कर सम्पन्न होगी। संस्था के अध्यक्ष सुभाष कपूर ने कहा कि वाराणसी टूरिज्म गिल्ड इसके माध्यम से ना सिर्फ पर्यटन को बढ़ावा देगा अपितु संस्था इन पौराणिक महत्व के स्थानों को संरक्षण के लिए काम करेगी। हमारा प्रयास है कि पंचकोशी मार्ग में पड़ने वाले ऐसे धार्मिक स्थलों का संरक्षण किया जाये। सचिव सौरभ पाण्डेय ने कहा कि इस यात्रा के बाद निश्चित रूप से काशी में पर्यटन का स्वरूप बदलेगा और उनका शहर में एक दिन का ठहराव भी बढ़ेगा। प्रेस वार्ता में संरक्षक उपेंद्र गुप्ता, उपाध्यक्ष ब्रजेश सिंह, कोषाध्यक्ष रंजीत श्रीवास्तव, सहसचिव जैनेन्द्र राय, प्रमोद सिंह, गजेंद्र चौबे आदि जन उपस्थित रहे।

बुधवार, 28 जनवरी 2026

Varanasi K इस युवा समाजसेवी पर भाजपा ने जताया भरोसा दी नई जिम्मेदारी

धर्मेंद्र पांडेय बनें भाजपा जनकल्याण मंच के प्रदेश प्रवक्ता



dil india live (Varanasi). संगठन को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए बीजेपी जन कल्याण मंच ने नई नियुक्तियां की गईं। भाजपा जन कल्याण मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष व संस्थापक दर्शन आर शाह द्वारा लखनऊ में आयोजित एक भव्य समारोह में इन नियुक्तियों की घोषणा की गई। राष्ट्रीय प्रचार मंत्री सियाराम तिवारी के अनुमोदन पर प्रदेश अध्यक्ष संजय सिंह चौहान के द्वारा प्रदेश प्रवक्ता के पद पर नियुक्ति मिली,  धर्मेंद्र पांडेय को  प्रदेश प्रवक्ता (उत्तर प्रदेश) की जिम्मेदारी सौंपी गई।

 इस कार्यक्रम में नवनियुक्त पदाधिकारियों का स्वागत एवं सम्मान qकिया गया। इस अवसर पर संगठन के कई वरिष्ठ पदाधिकारी औरभाजपा कार्यकर्ता भी उपस्थित रहे।

प्रदेश अध्यक्ष ने अपने संबोधन में कहा कि नई नियुक्तियों से संगठन को नई ऊर्जा मिलेगी और सभी  वर्गों की आवाज को राष्ट्रीय एवं प्रदेश स्तर पर और मजबूती से उठाया जाएगा। नवनियुक्त पदाधिकारियों ने संगठन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए पूरी निष्ठा और समर्पण से कार्य करने का संकल्प लिया।

UP K Varanasi Main 20 हजार की रिश्वत लेते चौकी इंचार्ज गिरफ्तार

एंटी करप्शन टीम ने चौकी इंचार्ज व सिपाही को किया गिरफ्तार

सिगरा थाने की विद्यापीठ चौकी में एंटी करप्शन के छापे से मचा हड़कंप




सरफराज अहमद 

dil india live (Varanasi). वाराणसी में भ्रष्टाचार के खिलाफ एंटी करप्शन टीम के सख्त कदम से हड़कंप मच गया है। सिगरा थाना क्षेत्र की काशी विद्यापीठ चौकी के इंचार्ज दरोगा शिवाकर मिश्रा को 20 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। इस कार्रवाई में सिपाही गौरव कुमार भी एंटी करप्शन टीम के हत्थे चढ़ गया। टीम ने यह कार्रवाई पूरी गोपनीयता और तकनीकी निगरानी के साथ अंजाम दी।

समाचार में बताया गया है कि एक आपराधिक मामले में नामजद युवक का नाम केस से हटाने के एवज में दरोगा शिवाकर मिश्रा द्वारा 20 हजार रुपये की रिश्वत की मांग की जा रही थी। पीड़ित का आरोप है कि दरोगा बीते कई दिनों से लगातार दबाव बना रहा था और रुपये न देने की स्थिति में चार्जशीट में नाम जोड़ने, गिरफ्तारी कराने और जेल भेजने की धमकी दे रहा था। इससे परेशान होकर पीड़ित ने एंटी करप्शन टीम से संपर्क किया और पूरे मामले की शिकायत दर्ज कराई।

शिकायत के सत्यापन के बाद एंटी करप्शन टीम ने जाल बिछाया और तय योजना के तहत रिश्वत की रकम लेते समय दरोगा शिवाकर मिश्रा और उसके सहयोगी सिपाही गौरव कुमार को पकड़ लिया। गिरफ्तारी के बाद दोनों को लालपुर थाने लाया गया, जहां आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। टीम द्वारा रिश्वत की रकम भी बरामद कर ली गई है।

गौरतलब है कि कुछ ही दिन पहले शिवाकर मिश्रा को सिगरा थाने की काशी विद्यापीठ चौकी का इंचार्ज बनाया गया था। नई तैनाती के बावजूद उस पर लगे गंभीर आरोप और एंटी करप्शन टीम की कार्रवाई ने पुलिस विभाग की कार्यप्रणाली पर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं। 

NSS के विशेष शिविर में आपातकालीन चिकित्सा सहायता पर व्यावहारिक प्रशिक्षण

सीपीआर प्रशिक्षण से स्वयंसेविकाएं बनीं जीवन रक्षक कौशल में दक्ष



dil india live (Varanasi). VKM Varanasi राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) की चतुर्थ इकाई के सप्त-दिवसीय विशेष शिविर के द्वितीय दिवस पर आज शिवपुर- कम्पोज़िट विद्यालय में पूर्वाह्न 10:00 बजे एक उपयोगी एवं जनहितकारी प्रशिक्षण सत्र का आयोजन किया गया। यह सत्र कार्यक्रम अधिकारी डॉ. शुभांगी श्रीवास्तव के नेतृत्व में संपन्न हुआ। शिविर का मुख्य विषय “आपातकालीन चिकित्सा सहायता” था।

मुख्य अतिथि एवं प्रशिक्षण सत्र

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में डॉ. शिव शक्ति प्रसाद द्विवेदी (राजकीय चिकित्सा अधिकारी) उपस्थित रहे। उन्होंने स्वयंसेविकाओं को संबोधित करते हुए कहा कि आपातकालीन स्थिति में सही समय पर दी गई प्राथमिक चिकित्सा किसी भी व्यक्ति के जीवन को बचा सकती है।

सीपीआर (CPR) का व्यावहारिक प्रशिक्षण


डॉ. द्विवेदी ने स्वयंसेविकाओं को कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन (CPR) की तकनीक का प्रायोगिक प्रदर्शन (Practical Demo) करके विस्तार से समझाया। उन्होंने बताया कि हृदय गति रुकने या सांस न आने की स्थिति में किस प्रकार सही दबाव, गति और तालमेल के साथ सीपीआर दिया जाता है। इस दौरान स्वयंसेविकाओं ने भी सक्रिय सहभागिता करते हुए सीपीआर का अभ्यास किया, जिससे वे भविष्य में किसी भी आपात स्थिति में त्वरित एवं प्रभावी सहायता प्रदान कर सकें।

वरिष्ठ मार्गदर्शन एवं प्रेरणा

इस कार्यक्रम के सफल आयोजन हेतु काशी हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) की कार्यक्रम समन्वयक डॉ. स्वप्ना मीणा एवं वसंत कन्या महाविद्यालय की प्राचार्य प्रोफेसर रचना श्रीवास्तव ने अपनी अनुमति एवं मार्गदर्शक सहमति प्रदान की। उन्होंने अपने संदेश के माध्यम से स्वयंसेविकाओं को समाज सेवा के प्रति निरंतर समर्पित रहने का आह्वान किया तथा आयोजन की सफलता हेतु अपना आशीर्वचन एवं शुभकामनाएँ प्रेषित कीं।

सार्थक एवं प्रेरणादायी आयोजन

शिविर का द्वितीय दिवस स्वयंसेविकाओं के लिए जीवन रक्षक कौशल सीखने की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण एवं प्रेरणादायी सिद्ध हुआ। कार्यक्रम के अंत में कार्यक्रम अधिकारी डॉ. शुभांगी श्रीवास्तव द्वारा मुख्य अतिथि एवं समस्त मार्गदर्शकों के प्रति आभार व्यक्त किया गया।

Varanasi K Pitar kunda में वर्षों की इस समस्या का अब हो रहा पूर्ण समाधान

सीवर समस्या से वार्ड नंबर 86 की जनता को मिलेगा निजात




dil india live (Varanasi). शहर दक्षिणी के विधायक पूर्व राज्य मंत्री डा. नीलकंठ तिवारी एवं महापौर अशोक तिवारी के मार्गदर्शन में वार्ड नंबर 86 (पितृकुंड) में सभी सीवर लाइन ठीक कराई जा चुकी है और अब एक मात्र बची हुई सीवर की सबसे बड़ी समस्या का भी स्थायी समाधान किया जा रहा है। वार्ड 86 के भाजपा पार्षद अमरेश गुप्ता ने इस मौके पर बताया कि 

लहंगपुरा और औरंगाबाद मुख्य रोड़ पर नये सीवर लाईन में पाईप डालने का कार्य जलकल के  अधिकारियों की  अगुवाई में प्रारम्भ हो गया है। जल्द ही उनके वार्ड की सबसे बड़ी समस्या से आम जनता को सदा के लिए निजात मिल जाएगी। उन्होंने कहा कि इसके लिए विधायक नीलकंठ तिवारी और महापौर का मैं आभारी हूं। यह सब उनके ही प्रयास से हुआ।

मंगलवार, 27 जनवरी 2026

Azfar Banarasi के नवीन काव्य-संग्रह "प्यासी ज़मीन" का लोकार्पण

हुआ मुशायरा व कवि सम्मेलन

अजफर बनारसी ने बोलचाल की भाषा में जो कहा है, उसमें सच्चाई - आबिद सलीमपुरी



dil india live (Varanasi). वाराणसी के प्रसिद्ध जनकवि अज़फ़र अली बनारसी के नवीन काव्य-संग्रह प्यासी ज़मीन का लोकार्पण गत दिनों कचहरी स्थित निवास पर खुशनुमा माहौल में संपन्न हुआ। यह एक अर्थपूर्ण और स्मरणीय साहित्यिक आयोजन था, जिसमें नगर के प्रतिष्ठित कवि, लेखक, साहित्य-प्रेमी बुद्धिजीवी तथा सामाजिक क्षेत्र की विशिष्ट हस्तियों की बड़ी उपस्थिति रही। इन सबकी सहभागिता ने कार्यक्रम की गरिमा को और ऊंचा किया।
इस लोकार्पण समारोह की अध्यक्षता प्रख्यात शिक्षक, वरिष्ठ कवि, आलोचक आबिद हाशमी सलीमपुरी (पूर्व प्रधानाचार्य, मुस्लिम स्कूल लल्लापुरा) ने की। मुख्य वक्ता इतिहासकार, शोधकर्ता व शांति के लिए काम करने वाले डॉ. मोहम्मद आरिफ थे। कार्यक्रम में विशेष अतिथि प्रसिद्ध सामाजिक कार्यकर्ता एन. बी. सिंह तथा विशिष्ट अतिथि हैदराबाद से पधारे शेख़ मजीद की उपस्थिति ने आयोजन को वैचारिक गरिमा और सांस्कृतिक ऊंचाई प्रदान की।

आयोजन में अध्यक्षीय वक्तव्य में आबिद सलीमपुरी ने अज़फ़र अली बनारसी के काव्य-कर्म और व्यक्तित्व पर विचार करते हुए कहा कि “अज़फ़र अली बड़े कवि हैं या नहीं, इस बहस से अलग यह एक निर्विवाद सत्य है कि उन्होंने आम बोलचाल की भाषा में जो कहा है, उसमें सच्चाई की ताक़त पूरी तरह मौजूद है। बनावट और कृत्रिमता से मुक्त, ईमानदारी और सच्चे भाव से कही गई बात में अपने-आप प्रभाव और आकर्षण पैदा हो जाता है। मुझे पूरा विश्वास है कि जब पाठक प्यासी ज़मीन पढ़ेंगे, तो इस कविता की सादगी, ईमानदारी और संवेदनशीलता उन्हें अवश्य प्रभावित करेगी।”
मुख्य वक्ता डॉ. मोहम्मद आरिफ ने अपने वक्तव्य में अज़फ़र अली बनारसी की कविता को जनकाव्य की परंपरा से जोड़ते हुए कहा कि
“अज़फ़र अली की कविता को सुनते या पढ़ते समय यह एहसास होता है कि हम एक सफल जनकवि से संवाद कर रहे हैं। मुझे यह कहने में कोई संकोच नहीं कि इस तरह की कविता की परंपरा नज़ीर अकबराबादी से शुरू होकर नज़ीर बनारसी तक आती है और आज अज़फ़र अली तक पहुंचती है।”
उन्होंने आगे कहा कि अज़फ़र अली की कविता में सामाजिक परिवर्तन, समकालीन राजनीति की धुंध, राष्ट्रीय एकता, सांप्रदायिकता के विरुद्ध स्पष्ट प्रतिरोध, देशभक्ति, वर्तमान राष्ट्रीय परिस्थितियों की चिंता, मीडिया की बेईमानी, माता-पिता और बुज़ुर्गों के सम्मान तथा टूटते-बिखरते रिश्तों की रक्षा जैसे विषय अत्यंत गहरी संवेदनशीलता के साथ उपस्थित हैं। उनका कहना था कि प्यासी ज़मीन जिस भी पाठक के हाथ लगेगी, वह इस मूल्यांकन से असहमत नहीं हो सकेगा।
इस अवसर पर अब्दुल्लाह बिन ग़फ़्फ़ार ने भी अपने विचार रखते हुए अज़फ़र अली बनारसी की कविता और व्यक्तित्व पर सारगर्भित वक्तव्य दिया। उन्होंने कहा कि
“अज़फ़र अली की कविता बिल्कुल वैसी ही है जैसा उनका व्यक्तित्व है। यह कोई साधारण बात नहीं कि किसी व्यक्ति का बाहरी और भीतरी रूप एक-सा हो। यह गुण और यह स्तर ईश्वर किसी-किसी को ही देता है। अज़फ़र अली भीतर से जैसे हैं, बाहर से भी वैसे ही दिखाई देते हैं। यही सच्चाई और यही संतुलन उन्हें इस नगर में सम्मान और प्रतिष्ठा प्रदान करता है।”

विशेष अतिथि एनबी सिंह ने अपने वक्तव्य में कहा कि
“अज़फ़र अली एक अच्छे कवि होने से पहले एक अच्छे इंसान हैं। मेरा मानना है कि सच्चा कलाकार वही हो सकता है जो पहले अच्छा मनुष्य हो। यही कारण है कि उनकी कविता में मानवता, भाईचारा और राष्ट्रीय एकता साफ़ दिखाई देती है, जिससे उनकी रचनाएं सीधे आम लोगों के दिलों तक पहुंचती हैं।”

इस अवसर पर प्रसिद्ध कवि और लेखक ज़मज़म राम नगरी ने प्यासी ज़मीन में शामिल अज़फ़र अली बनारसी द्वारा लिखित आत्मकथात्मक लेख को विशेष प्रभाव के साथ श्रोताओं के सामने पढ़कर सुनाया, जिसे उपस्थित जनसमूह ने भरपूर सराहना दी।
इससे पहले कार्यक्रम के प्रारंभ में मेज़बान कवि अज़फ़र बनारसी ने सभी अतिथियों और प्रतिभागियों का शॉल ओढ़ाकर और पुष्प-गुच्छ भेंट कर आत्मीय स्वागत किया। इस मौके पर कवि-सम्मेलन आयोजित किया गया, जिसका संचालन प्रसिद्ध मंच संचालक समर ग़ाज़ीपुरी ने अत्यंत कुशलता और संतुलन के साथ किया। इस कवि-सम्मेलन में नगर तथा नगर के बाहर से आए अनेक प्रतिष्ठित कवियों ने भाग लिया। उनकी सहभागिता अज़फ़र बनारसी के प्रति स्नेह, सम्मान और साहित्यिक स्वीकार्यता का स्पष्ट प्रमाण थी। जिन कवियों ने इस अवसर पर अपनी रचनाएं प्रस्तुत कीं, उनमें प्रमुख रूप से
काविश बनारसी, ज़मज़म राम नगरी, आलम बनारसी, शमीम ग़ाज़ीपुरी, निज़ाम बनारसी, ख़लील राही, हबीब बनारसी, अहमद आज़मी, डॉ. बख़्तियार नवाज़, गौहर बनारसी, आशिक़ बनारसी, कुनवर सिंह, शारिक़ फूलपुरी, अनिल प्रोकथा स्तवान, डॉ. इशरत जहां, मंजरी पांडे, झरना मुखर्जी और रेशमा खातून शामिल थे। इन सभी ने अपने काव्य-पाठ से इस साहित्यिक संध्या को यादगार बना दिया। कार्यक्रम में मुख्यरूप से सर सैयद सोसाइटी के हाजी इश्तियाक अंसारी, मानव रक्त फाउंडेशन से अबू हाशिम , सुल्तान क्लब के अध्यक्ष डॉ एहतेशामुल हक़, शमीम रियाज इत्यादि थे। कार्यक्रम के समापन पर अज़फ़र बनारसी और उनके परिवार की ओर से सभी अतिथियों को स्मृति-चिह्न भेंट कर आभार व्यक्त किया गया और इस प्रकार यह गरिमामय साहित्यिक आयोजन सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ।

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