शुक्रवार, 3 अक्टूबर 2025

Hazrat Maulana Shah Baba का उर्स अकीदत के साथ शुरू

सज गया मौलाना शाह बाबा का दर, रौशनी से नहा उठा आस्ताना

अस्थाई दुकाने सजी, हाजिरी लगाने उमड़ा हुजूम 


Wasim Hashmi 

Varanasi (dil india live)। हजरत मौलाना शाह सैय्यद मोहम्मद वारिस रसूलेनुमा (मौलाना शाह बाबा) का सालाना उर्स पूरी अक़ीदत के साथ आज शुरू हो गया। उर्स में सभी मज़हब के लोग उमड़ते हैं। मौलाना शाह बाबा को रसुलेनुमा कहा जाता है। माना जाता है कि बाबा के दर पर जो आता है वो अपनी झोली भर के जाता है। पहले ही रोज़ बाबा का दर अक़ीदतमंदों से गुलज़ार हो गया। बाबा के दर पर अस्थाई दुकाने सज गयी। आस्ताने के प्रबंधक अब्दुल हामिद ने बताया कि उर्स में फुलवारी शरीफ के सज्जादानशीं भी 14 रबी-उस्सानी को आएंगे। उर्स में काफी लोग उनकी दुआएं लेने उमड़ते हैं।

दिखा गंगा जमुनी तहज़ीब का नज़ारा 

कोयला बाज़ार के सुग्गा गड़ही स्थित बाबा का दर गंगा जमुनी तहज़ीब का मरकज़ है। उर्स में जुमे की नमाज़ के पहले लोगों का हुजुम फातेहा पढ़ता दिखाई दिया। इस दौरान सभी मज़हब के लोग पहुंच कर उर्स में हाज़िरी लगाते दिखाई दिये। बाबा के चाहने वाले फातेहा पढ़ने के साथ ही वहां लगी अस्थाई दुकाने से खरीददारी करके उर्स से वापस लौटते हैं। 


सूफिज़्म का है मरकज़
मौलाना शाह बाबा ने दुनिया को सूफिज्म का सीधा सच्चा रास्ता दिखाया था। यही वजह है कि धर्म और मज़हब के झगड़ों से दूर यहां सभी अपनी परेशानी दूर करने के लिए पहुंचते हैं। सभी मज़हब की हाज़िरी इस बात की दलील है कि बाबा किसी एक के नहीं बल्कि सभी के हैं।

लोकप्रिय है मौलाना शाह बाबा 

हजरत मौलाना शाह सैय्यद मोहम्मद वारिस रसूलनुमा (1087-1166 हिजरी) की मजार है, मज़ार स्थल और आसपास के इलाक़े को 'मौलवी जी का बाड़ा' के नाम से जाना जाता है। जो आदमपुरा वार्ड में कोयला बाजार के घनी आबादी वाले मुहल्ले में है। यह बाड़ा अपनी पुरानी परंपराओं और प्रथाओं के लिए भी प्रसिद्ध है। मौलवी जी का बड़े में कुतुब शाह सैय्यद रहमतुल्लाह अलैह की वर्षगांठ समारोह 12 से 14 वीं रबी-उसानी को आयोजित किया जाता है और इसे शानदार पैमाने पर मनाया जाता है। इसमें फुलवारी शरीफ पटना के सज्जादानशीन खासतौर से शिरकत करते हैं। उर्स के दौरान यहां चादर और गागर लेकर तमाम लोग आते हैं। मगरिब की नमाज के बाद तबरुक (प्रसाद) के साथ गागर पेश करते हुए वे अपनी मन्नत पूरी करने की दुआएं मांगते हैं। रवायत के तहत खुशबू, गुलाब-जल और चंदन के साथ बाबा का गुस्ल किया है और चादर पोशी की जाती है। 

गुरुवार, 2 अक्टूबर 2025

Bapu Ki Life और विचार स्वच्छता, अहिंसा व सेवा भाव का प्रतीक

विश्व में सर्वाधिक डाक टिकट महात्मा गांधी पर हुए जारी- पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव

गाँधी जयंती पर डाक विभाग द्वारा स्वच्छता अभियान व  श्रम दान

पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव ने सफाई कर्मियों को किया सम्मानित




Ahmedabad (dil india live). महात्मा गांधी न केवल भारत के स्वतंत्रता संग्राम के नायक थे, बल्कि एक सच्चे समाजसेवी और सेवा के आदर्श भी थे। उनका जीवन और विचार स्वच्छता, अहिंसा और सेवा भाव का प्रतीक रहा। उन्होंने सेवा को केवल व्यक्तिगत कार्य नहीं, बल्कि समाज सुधार का माध्यम माना और लोगों को भी इसके लिए प्रेरित किया। सामाजिक बुराइयों और असमानताओं के उन्मूलन में गांधीजी की भूमिका अनमोल रही है। उक्त उद्गार उत्तर गुजरात परिक्षेत्र, अहमदाबाद के पोस्टमास्टर जनरल श्री कृष्ण कुमार यादव ने 'महात्मा गांधी जयंती' एवं 'स्वच्छता पखवाड़ा' समापन के अवसर पर व्यक्त किये। 

क्षेत्रीय कार्यालय में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के चित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रध्दा सुमन अर्पित किये गए। पोस्टमास्टर जनरल ने स्वच्छता में सफाई मित्रों की भूमिका की सराहना करते हुए उन्हें भी सम्मानित किया। अहमदाबाद के नवरंगपुरा स्थित मूक बधिर स्कूल एवं अंधशाला में डाक विभाग द्वारा स्वच्छता ड्राइव का आयोजन किया गया। इस अवसर पर अहमदाबाद सिटी मंडल, क्षेत्रीय कार्यालय अहमदाबाद तथा परिमंडल कार्यालय के सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने पूरे उत्साह के साथ भाग लिया और स्वच्छता का संदेश दिया।

पोस्टमास्टर जनरल श्री कृष्ण कुमार यादव ने कहा कि महात्मा गांधी स्वच्छता और सेवा के सच्चे अनुयायी थे। उन्होंने सेवा भाव को न केवल अपने जीवन में अपनाया बल्कि समाज को भी इसके लिए प्रेरित किया। गाँधी जी के विचारों को मूर्त रूप देते हुए भारत सरकार के 'स्वच्छ भारत मिशन' के तहत डाक विभाग द्वारा 17 सितंबर से 2 अक्टूबर, 2025 तक 'स्वच्छता पखवाड़ा' मनाया गया। स्वच्छता पखवाड़ा महात्मा गांधी के विचारों को जन-जन तक पहुँचाने और हर नागरिक में स्वच्छता का भाव जागृत करने का अवसर है। महात्मा गांधी के आदर्शों को ध्यान में रखते हुए, डाक विभाग ने स्वच्छता पखवाड़ा के माध्यम से जनता में स्वच्छता और सेवा की भावना को बढ़ावा दिया। 

पोस्टमास्टर जनरल श्री कृष्ण कुमार यादव ने कहा कि आज पूरी दुनिया गांधीजी के दिखाए मार्ग पर चलना चाहती है। यही कारण है कि विश्व में सर्वाधिक डाक टिकट महात्मा गांधी पर ही जारी किए गए हैं, जो उनके विचारों और संदेशों का वैश्विक प्रचार करते हैं। 

सहायक निदेशक वी एम वहोरा ने बताया कि ‘स्वच्छता पखवाड़ा’ के दौरान लोगों को स्वच्छता व पर्यावरण के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से कई कदम उठाए गए। इसके अंतर्गत स्वच्छता शपथ समारोह एवं स्वच्छता पर निबंध लेखन और क्विज प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। साथ ही राष्ट्रव्यापी श्रमदान गतिविधि के अंतर्गत ‘एक दिन – एक घंटा – एक साथ’ अभियान के तहत मुख्यालय क्षेत्र, अहमदाबाद परिसर में सामूहिक श्रमदान कार्यक्रम भी आयोजित किया गया, जिसमें अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और स्वच्छता एवं जनजागरूकता का संदेश दिया। इसके अतिरिक्त ‘एक पेड़ माँ के नाम’ पहल के तहत पौधारोपण भी किया गया।

इस कार्यक्रम में सहायक निदेशक एम एम शेख, रितुल गांधी, वी एम वहोरा, वरिष्ठ लेखाधिकारी पूजा राठोर, सहायक लेखाधिकारी चेतन सेन, सहायक अधीक्षक जीनेश पटेल, रमेश पटेल, डाक निरीक्षक योगेन्द्र राठोड, सहित तमाम अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।

बुधवार, 1 अक्टूबर 2025

BLW Varanasi Main निकली स्वच्छता जागरूकता रैली

स्वच्छता ही सेवा अभियान 2025” के तहत बरेका में हुआ भव्य आयोजन

F. Farouqi Babu 

Varanasi (dil india live). रेल मंत्रालय, भारत सरकार के निर्देशानुसार एवं बरेका महाप्रबंधक श्री नरेश पाल सिंह के प्रेरणादायी मार्गदर्शन में बनारस रेल इंजन कारखाना (बरेका) में आज दिनांक 01अक्टूबर 2025 को “स्वच्छता ही सेवा अभियान- 2025” के अंतर्गत एक विशाल स्वच्छता जागरूकता रैली का आयोजन किया गया।

रैली का शुभारंभ कुंदन के पास मुख्य संरक्षा अधिकारी, श्री राम जन्म चौबे द्वारा हरी झंडी दिखाकर किया गया। यह रैली कुंदन तिराहे से प्रारंभ होकर सूर्य सरोवर, मां काली मंदिर एवं नाथूपुर गेट से होते हुए पुनः कुंदन तिराहे पर आकर समाप्त हुई।

स्वच्छता रैली के दौरान स्वच्छता संदेश से युक्त आकर्षक पोस्टर एवं बैनर सभी लोगों का ध्यान आकर्षित कर रहे थे जबकि “स्वच्छ भारत – स्वस्थ भारत” और “स्वच्छ बरेका, स्वस्थ बरेका" जैसे स्वच्छता से प्रेरित गगनभेदी नारों से संपूर्ण बरेका परिसर गूंज उठा और संपूर्ण बरेका परिसर स्वच्छता के संदेश से सराबोर हो उठा।


इनकी रही खास मौजूदगी 
इस रैली में उप मुख्य संरक्षा अधिकारी ए.के. धुसिया, उप मुख्य यांत्रिक इंजीनियर (प्लांट), ए.के. सिंह सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारीगण, आरपीएफ के जवान, सिविल डिफेंस, नागरिक सुरक्षा संगठन एवं बरेका सेंट जॉन्स एंबुलेंस ब्रिगेड के सदस्य तथा बड़ी संख्या में कर्मचारी एवं स्थानीय नागरिकों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। इस स्वच्छता जागरूकता रैली का मुख्य उद्देश्य अधिकारियों, कर्मचारियों एवं आमजन  में स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा स्वच्छ और स्वस्थ समाज के निर्माण के लिए प्रेरित करना था।


 

Bareilly: पुलिस कार्रवाई पर खानदाने आला हजरत ने किया गुस्से का इजहार

बरेली लाठीचार्ज को बताया साजिश, निर्दोषों को फंसा रही पुलिस, तत्काल पुलिस कार्रवाई रोकने की मांग

किया ऐलान: मांगें पूरी नहीं हुईं तो उठाएंगे ठोस कदम

दरगाह प्रमुख सुब्हानी मियां, काजी-ए-हिंदुस्तान असजद मियां समेत आला हजरत खानदान के लोगों ने जताया विरोध


सरफराज अहमद 

Bareilly (dil india live). आई लव मोहम्मद के मुद्दे पर बरेली में 26 सितंबर के दिन हुए लाठीचार्ज के बाद बने हालात पर दुनिया भर के सूफिज्म का प्रमुख केन्द्र खानदाने आला हजरत (बरेली शरीफ) के लोगों ने चिंता जताई है। पुलिस की ओर से की जा रही कार्रवाई पर असंतोष जताते हुए कहा गया है कि उनकी शासन-प्रशासन कोई नहीं सुन रहा है। यदि उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो वह लोग कोई ठोस निर्णय लेंगे। यह बयान खानकाह आलिया रजविया, खानकाह ताजुश्शरिया और परिवार के सभी सदस्यों की ओर से संयुक्त रूप से जारी किया गया है। 

आला हजरत दरगाह के प्रमुख मौलाना सुब्हान रजा खां की ओर से नबीरे आला हजरत मौलाना तौसीफ रजा खां ने प्रेस को संबोधित करते हुए कहा कि बरेली दुनिया के सुन्नी मुसलमानों का मरकज है। यहां से आई लव मोहम्मद के मुद्दे पर ज्ञापन देने की बात कही गई थी। पुलिस-प्रशासन के लोग तौकीर मियां को जाने देते। वह कुछ लोगों के साथ ज्ञापन ही तो देना चाहते थे। जो लोग साथ जा रहे थे, वह लाठी-लंडा लेकर नहीं जा रहे थे।
मौलाना तौसीफ ने कहा कि बरेली शरीफ में मुसलमान को मुसलमान होने की सामूहिक सजा दी जा रही है। बेगुनाह मुसलमानों पर तमंचे, पेट्रोल बम और तेजाब की बोतलों से हमले का झूठा इल्जाम पुलिस लगा रही है। उन्होंने कहा कि इंदिरा मार्केट के पास का एक वीडियो वायरल हुआ है, जिसमें एक बिल्डिंग की छत से कुछ लोग मुसलमानों और पुलिस पर पथराव करते नजर आ रहे हैं। इससे स्पष्ट है कि मुसलमान और पुलिस पर पथराव एक साजिश के तहत किया गया। उन्होंने कहा कि बरेली में बेगुनाह मुसलमानों को गिरफ्तार किया जा रहा है। मारपीट की जा रही है, खाने-पीने को नहीं दिया जा रहा है। बेगुनाह मुसलमानों के घरों पर बुलडोजर खड़े कर दिए गए है। तोड़फोड़ की अवैध कार्रवाई की जा रही है। दबिश के दौरान महिलाओं पर जुल्म किए जा रहे हैं। बच्चों से मारपीट किया जा रहा है। मस्जिद के इमामों का उत्पीड़न किया जा रहा है।
मौलाना तौसीफ ने पत्रकारों के सवाल पर कहा कि बेगुनाह लोगों की गिरफ्तारी पर रोक लगाई जाए। बेगुनाहों पर दर्ज मुकदमे वापस लेकर उन्हें रिहा किया जाए। बुलडोजर कार्रवाई रोकी जाए।


आला हजरत खानदान एक साथ आया

बरेली में लाठीचार्ज और पुलिस कार्रवाई को लेकर आला हजरत खानदान एकसाथ आ गया है। इसमें खानदान के बुजुर्ग दरगाह प्रमुख मौलाना सुब्हान रजा खां, काजी-ए-हिंदुस्तान मुफ्ती असजद रजा खां कादरी, सज्जादानशीन मुफ्ती अहसन रजा खां कादरी, बुजुर्ग मौलाना मन्नान रजा खां, मौलाना अंजुम रजा खां, मौलाना सिराज मियां, मौलाना अदनान रजा कादरी, मौलाना अब्दुल्ला रजा कादरी, मौलाना हन्नान रजा खां, इरफान रजा खां ने जारी बयान के पक्ष में हस्ताक्षर किए। मौके पर सभी मौजूद थे।

मंगलवार, 30 सितंबर 2025

Delhi: Maulana तौकीर रजा के समर्थन में उतरा All India Muslim पर्सनल लॉ बोर्ड

मौलाना की गिरफ्तारी व पुलिस कार्रवाई को बताया गलत, रिहाई की मांग


सरफराज अहमद 
New Delhi (dil india live). ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने मौलाना तौकीर रजा खान की गिरफ्तारी और उनके साथ अन्य लोगों के खिलाफ की गई कार्रवाई की कड़ी निंदा की है। बोर्ड ने कहा है कि यूपी के मुख्यमंत्री द्वारा दिए गए धमकी भरे बयानों और पुलिस के रवैये से यह साफ होता है कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन को दबाने की कोशिश की जा रही है. बोर्ड ने तत्काल और बिना शर्त सभी गिरफ्तार लोगों की रिहाई की मांग की है।


बोर्ड के प्रवक्ता डॉ. एस. क्यू. आर. इलियास ने प्रेस विज्ञप्ति में कहा कि कानपुर की घटना के विरोध में मुस्लिम समाज का शांतिपूर्ण प्रदर्शन अपराध नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस ने आक्रामक और गैरजिम्मेदाराना रवैया अपनाते हुए शक्ति का दुरुपयोग किया और निर्दोष लोगों के साथ अत्याचार किया।


उनका कहना है कि आई लव मोहम्मद लिखे नारे या बैनर दिखाना न तो गैरकानूनी है और न ही असंवैधानिक। भारत में अन्य धर्मों को मानने वाले लोग भी अपने व्यक्तित्व के प्रति इसी प्रकार की श्रद्धा व्यक्त करते हैं, लेकिन उन पर कभी कार्रवाई नहीं होती. ऐसे में कानपुर की घटना पर एफआईआर दर्ज करना भेदभावपूर्ण और निंदनीय है।


डॉ.इलियास ने यह भी कहा कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री का मौलाना तौकीर रजा खान और बरेली के शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों के खिलाफ अहंकारी और सख्त भाषा प्रयोग करना मुख्यमंत्री के पद की गरिमा के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री किसी एक समुदाय के नेता नहीं, बल्कि पूरे प्रदेश के संवैधानिक प्रतिनिधि हैं, और उन्हें पक्षपातपूर्ण या साम्प्रदायिक भाषा से बचना चाहिए।



प्रवक्ता ने स्पष्ट किया कि मौलाना तौकीर रजा खान समुदाय के एक सम्मानित और जिम्मेदार नेता हैं, जिन्होंने केवल शांतिपूर्ण विरोध का आह्वान किया था। यह संविधान और लोकतांत्रिक अधिकारों के तहत पूरी तरह जायज है। सरकार की किसी भी कार्रवाई का विरोध करना हर नागरिक का मौलिक अधिकार है। ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने मांग की कि मौलाना तौकीर रजा खान और शांतिपूर्ण प्रदर्शन में गिरफ्तार सभी लोगों को तुरंत रिहा किया जाए और उनके खिलाफ दर्ज किए गए मुकदमों को बिना देरी वापस लिया जाए।

Tourism: "Varanasi की महिलाएँ पर्यटकों के लिए बनाएंगी हर्बल कॉस्मेटिक्स और परफ्यूमरी"

पर्यटन से आत्मनिर्भर बनेंगी महिलाएं और युवा"

"महिलाओं की आजीविका बढ़ाने को साईं इंस्टिट्यूट की पहल"


Varanasi (dil India live). Kashi आज विश्वभर में अपनी सांस्कृतिक धरोहर, आध्यात्मिक पर्यटन और परंपरागत हस्तकला के लिए जानी जाती है।, अब Kashi ग्रामीण महिलाओं और युवाओं की आत्मनिर्भरता का केंद्र भी बनने जा रही है। साईं इंस्टीट्यूट ऑफ रूरल डेवलपमेंट, वाराणसी की ओर से जरूरतमंद, स्टार्टअप लगाने के इच्छुक तथा SC/ST वर्ग की महिलाओं और युवाओं को पर्यटन से सीधे जोड़ने और उनकी आजीविका बढ़ाने के उद्देश्य से एक विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किया जा रहा है।

संस्थान के निदेशक अजय कुमार सिंह ने बताया कि वाराणसी में हर वर्ष लाखों देशी-विदेशी पर्यटक आते हैं, जिनकी बढ़ती मांग केवल धार्मिक या सांस्कृतिक उत्पादों तक सीमित नहीं है, बल्कि हर्बल कॉस्मेटिक्स, परफ्यूमरी और प्राकृतिक वेलनेस उत्पादों की ओर भी बढ़ रही है। यही मांग ग्रामीण और शहरी सीमा की महिलाओं के लिए आजीविका और आत्मनिर्भरता का नया मार्ग प्रशस्त कर सकती है।


45 दिवसीय नि:शुल्क उद्यमिता 

साईं इंस्टीट्यूट 6 नवम्बर 2025 से 20 दिसम्बर 2025 तक 45 दिवसीय नि:शुल्क उद्यमिता कौशल विकास प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने जा रहा है। इस प्रशिक्षण में प्रतिभागियों को—
फूलों और प्राकृतिक पदार्थों से हर्बल कॉस्मेटिक्स व परफ्यूमरी बनाने की तकनीक
आयुर्वेदिक व स्थानीय जड़ी-बूटियों का उपयोग
पैकेजिंग, ब्रांडिंग और मार्केटिंग के उद्यमिता कौशल
पर्यटकों की मांग के अनुरूप गिफ्ट हैंपर, सॉवेनियर और वेलनेस उत्पादों की तैयारी की जानकारी व व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा।


युवाओं, महिलाओं को सक्षम बनाना लक्ष्य 

इस कार्यक्रम का उद्देश्य महिलाओं और युवाओं को न केवल रोज़गार योग्य कौशल प्रदान करना है, बल्कि उन्हें स्वयं का उद्यम (स्टार्टअप) स्थापित करने में सक्षम बनाना भी है। प्रशिक्षित प्रतिभागियों को पर्यटकों और स्थानीय बाजारों की जरूरतों के अनुसार उत्पाद तैयार कर स्थायी आजीविका और आत्मनिर्भरता की ओर अग्रसर किया जाएगा।

निदेशक अजय कुमार सिंह ने कहा कि "यह पहल जरूरतमंद और विशेषकर SC/ST वर्ग की महिलाओं व युवाओं को पर्यटन आधारित अर्थव्यवस्था से जोड़ने का एक सुनियोजित प्रयास है। नि:शुल्क प्रशिक्षण के माध्यम से वे अपने स्टार्टअप शुरू कर सकेंगी, आत्मनिर्भर बनेंगी और समाज के लिए प्रेरणास्रोत साबित होंगी।"

पवित्र हिन्दू शास्त्रों में आद्याशक्ति महामाया का महत्व

श्रीश्री चण्डी ग्रंथ में आद्याशक्ति का सुंदर एवं सुसंगठित वर्णन

सुदीप चंद्र हालदार

Varanasi (dil india live). आद्याशक्ति हिन्दू धर्म की एक प्रमुख आधारशिला और अत्यंत महत्वपूर्ण तत्त्व हैं। पवित्र ऋग्वेद के दसवें मंडल, दसवें अनुर्वाक और १२५ वें सूक्त में देवीसूक्तम् नाम से आठ अति महत्त्वपूर्ण मंत्र उपलब्ध हैं, जिनकी मंत्रद्रष्टा महान ऋषिका वाक् हैं। विशेष रूप से, तीसरे श्लोक में आद्याशक्ति को जगत् की परम ईश्वरी शक्ति कहा गया है; अन्य श्लोकों में उन्हें ब्रह्मस्वरूपा बताया गया है तथा उन्हें सर्वश्रेष्ठ माना गया है।

अर्गला स्तोत्रम् के २० वें एवं २१ वें श्लोकों में आद्याशक्ति की स्तुति ब्रह्मा और विष्णु के द्वारा की गई है। अष्टादश महापुराणों में से एक, मार्कण्डेय पुराण के १३७ अध्यायों में से ८१ से ९३ वें अध्यायों तक के १३ अध्यायों में सम्मिलित ७०० श्लोकों में विरचित श्रीश्री चण्डी ग्रंथ में आद्याशक्ति का सुंदर एवं सुसंगठित वर्णन प्राप्त होता है।

आद्याशक्ति का उल्लेख केवल वेदों में ही नहीं है, अपितु यदि स्मृतिशास्त्रों में उनका उल्लेख न भी होता, तब भी उनकी महिमा में कोई कमी नहीं आती। यद्यपि, स्मृतिशास्त्रों में भी उनका वर्णन उपलब्ध है। महर्षि वेदव्यास द्वारा रचित १८ महापुराणों में से मार्कण्डेय पुराण अत्यंत महत्वपूर्ण है, जहाँ मातृशक्ति का विस्तारपूर्वक, सुंदर रूप में निरूपण हुआ है। अब आइए देखें, मार्कण्डेय पुराण के अंतर्गत चण्डी में क्या वर्णित है— चण्डी का प्रथम अध्याय है मधुकैटभ वध। इसमें उल्लेख है कि यह घटना स्वयंभू मनु के द्वितीय मन्वंतर, जिसे स्वरोचिष मन्वंतर कहा गया है, उनके समयकाल में घटी थी। इस अध्याय के ५२वें श्लोक में महामाया को ब्रह्मा, विष्णु आदि समस्त देवताओं की अधीश्वरी कहा गया है। इसके बाद, द्वितीय अध्याय में महिषासुर-सैन्य वध की कथा आती है, जो प्रथम मन्वंतर की घटना है।

यहाँ यह विशेष उल्लेखनीय है कि ब्रह्मा के एक दिन (१२ घंटों) में १००० चतुर्युग होते हैं और उस दिन में कुल १४ मनु राज करते हैं। वर्तमान में सप्तम मनु अर्थात वैवस्वत मनु का काल चल रहा है। हिन्दू शास्त्रों में काल-गणना इतनी सूक्ष्म है कि क्षण और सेकंड के अंश तक का वर्णन उपलब्ध है। इसके अतिरिक्त, देवीभागवत पुराण में भी आद्याशक्ति की गहन व्याख्या प्राप्त होती है।

दुर्भाग्यवश, बहुतों को यह ज्ञात नहीं है कि मात्र आद्याशक्ति (महामाया) ही एकमात्र ऐसी देवी हैं जिन्हें समस्त हिन्दू समाज—चाहे वह किसी भी संप्रदाय अथवा परंपरा का हो—सार्वभौमिक रूप से पूजता है, यद्यपि उनके नाम और उपासना-पद्धति में विविधता है। कोई उन्हें दुर्गा, कोई वसन्ती, कोई नवरात्रि की ९ देवी, तो कोई किसी अन्य स्वरूप में पूजता है; किन्तु, वास्तव में सबकी उपासना महामाया की ही होती है—केवल रूप व विधि भिन्न होती है।

हिन्दू शास्त्रों में आद्याशक्ति का जो महत्व यहाँ संक्षेप में प्रस्तुत किया गया है, वास्तविकता में उनका महत्त्व इससे कहीं अधिक व्यापक, गूढ़ और गम्भीर है। नवरात्रि के इस पावन अवसर पर माँ आद्याशक्ति समस्त प्राणियों का कल्याण करें।

(लेखक कवि, गवेषक तथा फैकल्टी ऑफ़ लॉ काशी हिन्दु विश्वविद्यालय में शोध छात्र हैं)