रविवार, 31 अगस्त 2025

Eid Miladunnabi Main Bihar Government के कैबिनेट मंत्री ज़मा खान होंगे मुख्य अतिथि

नबी की पैदाइश का जश्न मनाने को मरकज़ी यौमुन्नबी कमेटी ने झोंकी ताकत 

निकलेगा जुलूस, 35 डायसों पर 60 अंजुमने पेश करेंगी कलाम 


Sarfaraz Ahmad 

Varanasi (dil India live). दालमंडी स्थित मुस्लिम मुसाफिर खाने में sunday को मरकजी यौमुन्नबी कमेटी के सदर व सेक्रेटरी ने पत्रकारों से बातचीत की। प्रेसवार्ता में नबी की पैदाइश का जश्न मनाने और जुलूस निकालने का पूरा शिड्यूल मीडिया से साझा किया गया। इस दौरान जहां सभी धर्मों के लोगों को साथ लेकर नबी की पैदाइश का जश्न मनाने का ऐलान किया गया वहीं दालमंडी, चौक व बेनियाबाग इलाकों के जुलूस मार्ग की मरम्मत न होने पर चिंता जताई गई। 

इसके बाद ईद मिदुन्नबी (स.) मनाने को लेकर शहर के प्रशासनिक अधिकारियों और पुलिस व नगर निगम के अधिकारियों के साथ बैठक हुई। बैठक में मरकजी यौमुन्नबी कमेटी के सदर (पूर्व चेयरमैन अल्पसंख्यक आयोग उ०प्र० सरकार) हाजी सैय्यद शकील अहमद बबलू व सेक्रेटरी हाजी महमूद खान ने 4 व 5 सितम्बर को जश्ने ईद मिलादुन्नबी (स.) के मौके पर होने वाले कार्यक्रमों के बारे में जानकारी दी। बताया कि 4 सितम्बर की शाम कमेटी की तरफ से जुलूस जश्न ए ईद मिलादुन्नबी निकाला जाता है जो बेनियाबाग के पूर्वी छोर हड़हा मैदान से उठता है और सराय हड़हा, छत्तातले, नारियल बाजार, दालमंडी, नई सड़क, मस्जिद खुदा बख्श जायसी (लंगड़े हाफिज), फरान होटल, नई सड़क चौराहा, कुरैशाबाद, फाटक शेख सलीम आस्ताना रहीम शाह बाबा, भारत रत्न उस्ताद बिस्मिल्लाह खॉ मार्ग से होता हुआ नवाब युसूफ के कुएँ के पास (बेनियाबाग) मरकस के डायज पर पहुँच कर समाप्त होगा। जिसके बाद सरपरस्त मौलाना सूफी मोहम्मद ज़कीउल्लाह असदुल कादरी की तकरीर होगी। तकरीर के बाद नातिया मुकाबला होगा जिसमें बनारस व दीगर शहरों की अंजुमने हिस्सा लेंगी। मरकज़ी यौमुन्नबी कमेटी के अधिन मुकतलीफ नामों से सभी 35 डाइजो पर अंजुमने नातिया कलाम पढ़ेंगी। जिसके बाद बारहवीं रबीउल अव्वल 5 सितम्बर की शाम मरकजी यौमुन्नबी कमेटी के संरक्षक और पदाधिकारीगण मरकज की दालमंडी स्थित नश्रगाह (ताज होटल) से अंजुमनों को ईनाम तकसीम करके उनकी हौसला अफजाई करेंगे।


अधिकारियों के साथ हुई बैठक 

 ईद मिदुन्नबी (स.) मनाने को लेकर शहर के प्रशासनिक अधिकारियों और पुलिस व नगर निगम के अधिकारियों के साथ बैठक हुई। बैठक में कमेटी के सदर ने प्रशासनिक अधिकारियों से निवेदन किया कि कार्यक्रम से पूर्व क्षेत्र की साफ सफाई, सड़कों की मरम्मत व बिजली सम्बन्धित समस्याओं को हल किया जाये तथा कार्यक्रम के दिन ट्रैफिक व्यवस्था का भी पूरा ध्यान रखा जाये। 


सारी दुनिया के लिए रहमत बनकर आएं प्यारे नबी

कमेटी के सेक्रटरी हाजी महमूद खान ने बताया कि इस्लाम धर्म के अंतिम पैगम्बर हजरत मोहम्मद (स.) सारी दुनिया के लिये रहमत बनकर आये और मोहब्बत का पैगाम दिया। हम सब ने भी बनारस की गंगा जमुनी तहजीब को कायम रखते हुए हिन्दू, मुस्लिम, सिख, ईसाई सभी धर्मो के लोगों के साथ मिलकर इस यादगार जश्न को शानदार व खुबसूरत बनायेंगे। हम सभी से इस जश्न में शामिल होने की अपील करते हैं व साथ ही बताया कि इस जश्न में (4 सितम्बर को) कैबिनेट मंत्री बिहार सरकार ज़मा खान मुख्य अतिथि होंगे। अधिकारीगण ने सभी समस्याओं का निवारण करने का भरोसा दिया। 

ये संभालेंगे व्यवस्था 

प्रेसवार्ता में बताया गया कि कार्यक्रम की व्यवस्था मो. अबरार खान, मो. इमरान खान, शकील अहमद सिद्दीकी, आगा कमाल, रेयाज अहमद नूर, दिलशाद अहमद, वारिस बब्लू, हाजी समर खान, हाजी राशीद सिददीकी, राशिद सिद्दीकी, हाजी यासीन गुड्डू, हाजी एकबाल, सोहराब आलम, तौकीर अहमद, साजिद गुड्डू, फुरकान खान, अजहर अज्जू, जमाल जफर, मारुफ अली, सऊद खान, इम्तियाज अहमद, अली अख्तर, अशरफ अहमद (एड.), अब्दुल मन्नान, एस. जावेद, रजब अख्तर, खालिद सिद्दीकी, शकील अहमद जादूगर, हाजी जावेद, रेयाज छोटू बाबू नकाब, राशीद मार्शल व कमेटी के जिम्मेदार आदि लोग संभालेंगे।

शनिवार, 30 अगस्त 2025

UP K Varanasi Main बिजली कर्मियों को तीन माह से वेतन नहीं मिलने से आक्रोश

जब तक निजीकरण निरस्त नहीं होता बिजली कर्मियों का आंदोलन रहेगा जारी 

समस्त उत्पीड़नात्मक कार्यवाहियां हो वापस

सरफराज अहमद 

Varanasi (dil India live). बिजली कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति, उत्तर प्रदेश के बैनर तले संघर्ष समिति के आह्वान पर आज लगातार 276 वें दिन भी बनारस के बिजली कर्मियों ने प्रदेश के समस्त जनपदों और परियोजनाओं की भांति व्यापक विरोध प्रदर्शन जारी रखा।

 कहा  कि निजीकरण किये जाने के लिए बिजली कर्मचारियों पर बड़े पैमाने पर की गई उत्पीड़नात्मक कार्यवाहियों के वापस न लिये जाने से बिजली कर्मियों में भारी गुस्सा व्याप्त है। संघर्ष समिति ने कहा कि कई हजार बिजली कर्मियों को 3 माह से वेतन नहीं दिया गया है जो पूरी तरह अमानवीय है। यह बिजली कर्मी तीन माह से वेतन न मिलने पर भी अपनी ड्यूटी कर रहे हैं फिर भी उन्हें वेतन न देना उत्पीड़न की पराकाष्ठा है। विगत 9 माह से निजीकरण के विरोध में चल रहे बिजली कर्मियों के आंदोलन से खीझा हुआ प्रबंधन बड़े पैमाने पर उत्पीड़नात्मक कार्यवाहियां कर दमन पर उतर आया है। 

 


 वक्ताओ ने बताया कि हजारो  बिजली कर्मियों के तीन माह से वेतन रोकने के उपरांत भी बिजली के निजीकरण के विरुद्ध बिजलिकर्मियो का जोरदार विरोध प्रदर्शन जारी है साथ ही ये भी कहा कि उत्पीड़नात्मतक कार्यवाहिओ से निजीकरण स्वीकार नही करेगा बिजलीकर्मी।

      वक्ताओ ने कहा कि बिजली कर्मियों का आंदोलन तब तक जारी रहेगा जब तक निजीकरण का निर्णय निरस्त नहीं किया जाता और समस्त उत्पीड़नात्मक कार्यवाहियां वापस नहीं होती।

           विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति, उत्तर प्रदेश के केंद्रीय पदाधिकारियों ने बताया कि फेसियल अटेंडेंस के नाम पर कई हजार बिजली कर्मचारियों को जून और जुलाई माह का वेतन अभी तक नहीं दिया गया है। अगस्त का महीना भी समाप्त हो रहा है और यदि इन बिजली कर्मचारियों को लगातार तीन माह तक वेतन नहीं दिया जाता तो यह बहुत ही गंभीर उत्पीड़नात्मक कार्यवाही है और पूरी तरह अमानवीय है। 

     


वक्ताओ ने कहा कि निजीकरण के नाम पर मई के महीने में अत्यंत अल्प वेतनभोगी संविदा कर्मचारियों की बड़े पैमाने पर छटनी की गई थी। कई हजार संविदा कर्मी 55 वर्ष की आयु के नाम पर निकाले गए और कई हजार संविदा कर्मियों को डाउन साइजिंग करके हटा दिया गया। ध्यान रहे की संविदा कर्मियों को बड़े पैमाने पर हटाए जाने से विभिन्न जनपदों में प्रदेश की बिजली व्यवस्था पर इसका विपरीत प्रभाव पड़ रहा है।

       


उत्पीड़न के नाम पर कई हजार बिजली कर्मचारियों को सर्वोच्च न्यायालय की गाइड लाइन के विपरीत दूरस्थ स्थानों पर ट्रांसफर किया गया। यहां तक कि महिला कर्मियों को मात्र इसलिए दूरस्थ स्थानों पर ट्रांसफर किया गया कि वे संघर्ष समिति की कार्यालय समय के उपरान्त होने वाली मीटिंगों में आ रही थीं।

      सभा को सर्वश्री ई. मायाशंकर तिवारी, ई. एस.के. सिंह, ई. नीरज बिंद, अंकुर पाण्डेय, सतेंद्र सुमन, अरुण गुप्ता, नन्हे कुमार, सुशांत गौतम, एस.के. भूषण,योगेंद्र कुमार, बृजेश यादव, पंकज यादव, रंजीत कुमार, अनिल यादव, रमाकांत पटेल आदि ने संबोधित किया।

Education: VKM Varanasi Main ‘दुख‘ के प्रकार, कारण तथा प्रबंधन पर मनोवैज्ञानिक ने की चर्चा

छात्राओं ने प्रस्तुत किया लघु नाट्य 

ख्यातिलब्ध मनोवैज्ञानिक डाॅ. लक्ष्मण का हुआ व्याख्यान


Varanasi (dil India live). वसन्त कन्या महाविद्यालय, कमच्छा, वाराणसी में शनिवार को मनोविज्ञान विभाग एवं मनस्विनी क्लब के द्वारा दुख से विकास तक विषय पर एक कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का मुख्य आकर्षण छात्राओं द्वारा किया गया लघुनाटक तथा वाराणसी के ख्यातिलब्ध मनोवैज्ञानिक डाॅ. लक्ष्मण यादव का व्याख्यान था। डाॅ. लक्ष्मण यादव ने अपने व्याख्यान में ‘दुख‘ के प्रकार, कारण तथा उसके प्रबंधन के विषय पर चर्चा की। उपयुक्त उदाहरणों के द्वारा दुख के वास्तविक एवं कल्पित कारणों को पहचानने और विभिन्न तकनीकों के द्वारा उनका प्रबंधन करने का व्यावहारिक प्रदर्शन एवं शिक्षण किया गया। सत्र का आरंभ महाविद्यालय की प्राचार्या प्रो. रचना श्रीवास्तव द्वारा विषय प्रवर्तन से किया गया। अपने सारगर्भित वक्तव्य में प्राचार्या ने समाज में बढ़ती मानसिक समस्याओं के प्रति चिंता व्यक्त की तथा इनके प्रति जागरूकता फैलाने पर बल दिया। सत्र के अंत में धन्यवाद ज्ञापन डाॅ. शुभ्रा सिंहा ने किया। कार्यशाला में मनोविज्ञान विभाग से डाॅ. अंजूलता सिंह तथा डाॅ. राम प्रसाद सोनकर आदि उपस्थित थे। 



खेल दिवस का प्रतियोगिताओं संग समापन 

वसंत कन्या महाविद्यालय, कमच्छा में तीन दिवसीय राष्ट्रीय खेल दिवस का समापन 30 अगस्त को हुआ। समापन दिवस पर नींबू दौड़ का फाइनल राउंड, शतरंज तथा कैरम प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर खेल भावना और प्रतिस्पर्धात्मक कौशल का प्रदर्शन किया। इस अवसर पर प्राचार्या प्रो. रचना श्रीवास्तव ने छात्राओं को बधाई देते हुए कहा कि ऐसे आयोजन विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए आवश्यक हैं और खेल जीवन में अनुशासन तथा टीम भावना का संचार करते हैं। यह आयोजन खेल समिति प्रभारी डॉ. विजय कुमार के निर्देशन में सम्पन्न हुआ, जिसमें समिति के अन्य सदस्यों डॉ. आशीष, डॉ. मनोज, डॉ आर पी सोनकर, डॉ. अखिलेश, डॉ. शशिकेश, डॉ. पूर्णिमा, डॉ. सुप्रिया, डॉ. दीक्षा एवं डॉ. सिमरन का भी सक्रिय सहयोग रहा।

Hazrat Muhammad ने Duniya में अपने अखलाख से Islam फैलाया


जुलुसे मोहम्मदी को लेकर बैठक इतवार को

जुलूस ए मोहम्मदी में उमड़े लोग (फाइल फोटो)

Varanasi (dil India live). मरकजी दावते इस्लामी जुलूस-ए मोहम्मदी कमेटी की बैठक मगरिब की नमाज के बाद इतवार को खजूर वाली मस्जिद नयी सड़क में होने वाली है। कमेटी ने इस जुलूस को अमन और शांति के साथ निकालने के लिए विभिन्न मुहल्लों के उलेमा, जुलूस के ओहदेदारों और सामाजिक कार्यकर्ताओं को आमंत्रित किया है।

उस दौर में न तो इंटरनेट था और न ही बुलेट ट्रेन और प्लेन, फिर भी नबी ने दुनिया के हर कोने में इस्लाम पहुंचा दिया। उस पैग़म्बरे इस्लाम की यौमे पैदाइश की आज खुशियां पूरी दुनिया मनाने जा रहा है।

गौरतलब हो कि पैग़म्बरे इस्लाम हज़रत मुहम्मद मुस्तफा (स.) की यौमे पैदाइश (जन्मदिन) पर यह जुलूस परम्पराओं के साथ नबी के जश्न में नात, सलाम और कलाम पेश करते हुए तकरीबन तीन दशक से निकलता चला आ रहा है। जुलूस के संबंध में मौलाना हसीन अहमद हबीबी ने बताया कि यह जुलूस दुनिया में अमन का पैग़ाम देने का जरिया है। जुलूस यह बताता है कि अरब की सरजमीं पर जब गुमराहियत आम थी, आदमी आदमी का दुश्मन था, लड़की की पैदाइश पर जिंदा लड़कियों को जमीन के सुपुर्द कर दिया जाता था, चारों ओर बुराई ही बुराई थी। ऐसे दौर में सुबह सादिक के वक्त अरब की सरजमीं पर आमीना बीबी के घर प्यारे नबी की पैदाइश हुई। 

नबी ने अरब ही नहीं समूची दुनिया में अपने अखलाख से इस्लाम फैलाया। उस दौर में न तो इंटरनेट था और न ही बुलेट ट्रेन और प्लेन फिर भी नबी ने दुनिया के हर कोने में इस्लाम पहुंचा दिया। उस पैग़म्बरे इस्लाम की यौमे पैदाइश की आज खुशियां पूरी दुनिया मनाएं जाने की तैयारियां शुरू हो चुकी है। रबीउल अव्वल का चांद निकलने के बाद से ही मोमिनीन ने इस्लामी झंडा लगा दिया है। यह संकेत है कि आमीना बीबी के लाल हज़रत मुहम्मद (से.) की पैदाइश का दिन 12 रबीउल अव्वल का दिन नजदीक है।

Sport: मेजर ध्यानचंद महान खिलाड़ी ही नहीं बल्कि अनुशासन और देशभक्ति के प्रतीक थे

मेजर ध्यानचंद की स्मृति में गुरुनानक इंग्लिश स्कूल में रोमांचक खेलों का प्रदर्शन 

Varanasi (dil India live). हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद की जयंती और राष्ट्रीय खेल दिवस के उपलक्ष्य में गुरुनानक इंग्लिश स्कूल प्रांगण में आज उत्साहपूर्ण बास्केटबॉल मैच और बॉलीबॉल मैच का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों में खेल के प्रति भावना को बढ़ावा देना और मेजर ध्यानचंद के अतुलनीय योगदान को याद करना था।

मैच का शुभारंभ विद्यालय की  निदेशक महोदय एवं प्रधानाचार्य द्वारा मेजर ध्यानचंद के चित्र पर माल्यार्पण करके किया गया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा, "मेजर ध्यानचंद न केवल एक महान खिलाड़ी थे, बल्कि वे अनुशासन, लगन और देशभक्ति के भी प्रतीक थे। हमारा प्रयास है कि हम अपने विद्यार्थियों को उनके जीवन से प्रेरणा लेने के लिए प्रोत्साहित करें और खेल को शिक्षा का एक अभिन्न अंग बनाएं।"इंटर हाउस मैचों में सीनियर्स में बास्केटबॉल  मैच का फ़ाइनल विद्यालय की दो प्रमुख टीमों, '[टीम नेताजी ]' और '[टीम रमन]', के बीच खेलागया। दोनों ही टीमों ने शानदार खेल का प्रदर्शन किया, कड़े मुकाबले के बाद, '[टीम नेताजी]' ने [स्कोर] से मैच में जीत हासिल की।  सब जूनियर  में- फ़ाइनल मैच रमन  और टैगोर टीम के बीच  हुआ जिसमें  रमन टीम ने जीत हासिल की । विजेता टीम को प्रधानाचार्य द्वारा पुरस्कृत किया गया। इस अवसर पर विद्यालय के सभी शिक्षक और विद्यार्थी उपस्थित थे, जिन्होंने खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया।



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शुक्रवार, 29 अगस्त 2025

Education: VKM Varanasi Main हॉकी के महान खिलाड़ी मेजर ध्यानचंद, तुलसीदास एवं नंददास जयंती की धूम

बहुत बड़ा है भारतीय ज्ञान परंपरा का कैनवास -प्रो. अनुराग कुमार

Varanasi (dil India live). वसंत कन्या महाविद्यालय में राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर हॉकी के महान खिलाड़ी मेजर ध्यानचंद की जयंती मनाई गई। इस अवसर पर 28 से 30 अगस्त 2025 तक तीन दिवसीय राष्ट्रीय खेल दिवस समारोह तथा हिन्दी विभाग द्वारा तुलसीदास एवं नंददास जयंती के भी VKM में धूम रही। इस दौरान ‘रामचरित मानसः एक सांस्कृतिक धरोहर भारतीय ज्ञान परंपरा के संदर्भ में एवं अष्टछाप में नंददासः एक अनूठी पहचान’ विषय पर एक भव्य संगोष्ठी का आयोजन किया गया।

हिंदी विभाग द्वारा आयोजित संगोष्ठी का शुभारम्भ दीप-प्रज्वलन एवं पुष्पांजलि अर्पण से हुआ। तत्पश्चात् संगीत विभाग की अध्यक्ष प्रो० सीमा वर्मा के निर्देशन में संगीत विभाग की छात्राओं द्वारा कुलगीत गाया गया। इसके उपरान्त महाविद्यालय की प्राचार्या और हिन्दी विभागाध्यक्ष ने मुख्य अतिथि वक्ता प्रो. अनुराग कुमार (संकायप्रमुख, कला संकाय, आचार्य, हिन्दी विभाग, महात्मा गाँधी काशी विद्यापीठ) एवं प्रो.गोरखनाथ पाण्डेय (अध्यक्ष, हिन्दी विभाग, यूपी कॉलेज) को उत्तरीय और पौधा देकर सम्मानित किया।


महाविद्यालय की प्राचार्या प्रो. रचना श्रीवास्तव ने स्वागत भाषण देते हुए कहा कि हिन्दी साहित्य इतना समृद्ध औैर सरस है कि प्रत्येक व्यक्ति इस साहित्य के प्रति आकर्षित होता है। इस आयोजन की सराहना करते हुए पुस्तक लेखिका प्रो. आशा यादव एवं डाॅ. शशिकला व राजलक्ष्मी को उनके पुस्तक लोकार्पण पर उन्हें बधाई देते हुए निरंतर इसी प्रकार प्रयत्नशील रहने के लिये प्रेरित किया। इस दौरान संगीत विभाग की अध्यक्ष प्रो. सीमा वर्मा के निर्देशन में संगीत विभाग की छात्राओं द्वारा तुलसी दास प्रशस्ति गीत-बोल ‘बन राम रसायन की रसिका’ कवि अयोध्या सिंह उपाध्याय हरिऔध द्वारा रचित तथा कवि नंद दास की रचना ‘कान्ह कुंवर के कर पल्लव पर’ पद का सुंदर गायन किया गया। नंददास का यह सुंदर पद संगीत और साहित्य का सुंदर अंतः संबंध प्रस्तुत करता है संगीत और साहित्य का इतना कर्णप्रिय, सुरम्य मिलन इससें पहले कभी सुनने को न मिला जिसका श्रेय प्रो.सीमा वर्मा को जाता है। जिसमें संगीत विभाग की वैष्णवी पाण्डेय, वैदेही नीमगांवकर, संजना गुप्ता, जयंतिका दे, अनुषा चक्रवर्ती, आस्था मौर्या व दृष्टि मुखर्जी आदि छात्राओं ने सहभागिता की। तबले पर संगत सौम्यकान्त मुखर्जी ने की।

इस अवसर पर हिन्दी विभाग की अध्यक्ष प्रो. आशा यादव द्वारा लिखित पुस्तक ‘रामचरितमानसः इतिहास संस्कृति और भारतीय ज्ञान-परम्परा’ तथा डॉ.शशिकला और राजलक्ष्मी द्वारा सम्पादित पुस्तक ‘हिन्दी कथा साहित्य में मध्यवर्गीय स्त्रियांँ दशा एवं दिशा’ का मुख्य अतिथि एवं प्राचार्या के कर कमलो से लोकार्पण किया गया। लेखकीय वक्तव्य देते हुए प्रो. आशा यादव ने कहा कि रामचरितमानस जो उत्कृष्ट आदर्श, नैतिक मूल्यो, सामाजिक संस्कृति को उद्घाटित करता है। प्रलोभनो का त्याग करते हुए कत्र्तव्यनिष्ठा और मानवीय मूल्यों को अपनाने का संदेश देती है। वर्तमान परिदृश्य में टूटते हुए जीवन मूल्यों को देखते हुए फिर से भारतीय ज्ञान परंपरा की ओर लौटने की आवश्यकता है। इस पुस्तक के माध्यम से भक्ति के परिप्रेक्ष्य में यही प्रयास किया गया है।

आज की संगोष्ठी के मुख्य वक्ता प्रो०अनुराग कुमार ने नंददास पर अपने सारगर्भित वक्तव्य में कहा कि मनुष्यता के मूल्यो का निरंतर क्षरण हो रहा है। भारतीय ज्ञान परंपरा का कैनवास बहुत बड़ा है। संवाद और शास्त्रार्थ दो शैलियो में भारतीय ज्ञान परंपरा के कवि सबको अवसर प्रदान करते है। हवेली संगीत में नंददास और तुलसीदास के पदों को गाये जाने की परंपरा प्रारंभ से ही रही। अष्टछाप के कवियों की स्थिरता केवल भक्ति में लीन होना नही अपितु उसकी उपयोगिता को प्रचारित करना भी है। अष्टछाप के कवियों के पदों का संगीत साहित्य-सृजन का मार्ग प्रशस्त करता है। तदुपरांत मुख्य वक्ता प्रो.गोरखनाथ पाण्डेय ने तुलसीदास पर अपना महत्वपूर्ण वक्तव्य देते हुए कहा कि रामचरितमानस को हम भक्ति और आध्यात्म की आवरण में देखते है। जिसकी संस्कृति मानवीय चेतना को पुष्ठ करती है। हिन्दी प्रदेश में मीरा, सूर, तुलसीदास, नंददास, सुंदरदास आदि कवियों की भक्ति का स्वरूप राष्ट्रीय है जो पूरे हिन्दुस्तान की चेतना का मंथन करता है। रामचरितमानस भारतीय संस्कृति सभ्यता का एक ऐसा धरोहर है जिसे भारतीय समाज से पृथक नही किया जा सकता। दिनांक 28 अगस्त 2025 को डॉ. प्रीति विश्वकर्मा एवं राजलक्ष्मी के निर्देशन में आयोजित तुलसीदास एवं नंददास पर आधारित प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता के प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय तीन विजेता समूह को पुरस्कार वितरित किया गया स्नातक तृतीय वर्ष की छात्रा तनु मिश्रा ने  नंददास एवं परास्नातक द्वितीय वर्ष की छात्रा अनन्या सृष्टि ने तुलसीदास का अत्यंत संक्षिप्त एवं सुंदर जीवन परिचय प्रस्तुत किया। कार्यक्रम का सुंदर व सुगठित संचालन डॉ. प्रीति विश्वकर्मा के द्वारा किया गया। कार्यक्रम के अंत में कार्यक्रम संयोजिका सहअध्यापिका डा.शशिकला ने धन्यवाद ज्ञापन किया। इस अवसर पर गाजीपुर गल्र्स पी.जी. काॅलेज से पूर्व प्राचार्या डाॅ0 सविता भारद्वाज, प्रो. मीनू पाठक, डाॅ0 नैरंजना श्रीवास्तव हिन्दी विभाग से सहअध्यापिका डॉ.सपना भूषण ,डॉ. शुभांगी श्रीवास्तव एवं सुश्री राजलक्ष्मी सहित महाविद्यालय के समस्त प्राध्यापकगण एवं छात्राओं की उपस्थिति ने कार्यक्रम को सफल बनाया।


खेल बौद्धिक विकास में सहायक

महाविद्यालय की प्राचार्या प्रो. रचना श्रीवास्तव ने छात्राओं को खेलकूद गतिविधियों में सक्रिय रूप से भाग लेने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन केवल शारीरिक तंदुरुस्ती ही नहीं बल्कि बौद्धिक विकास में भी सहायक होते हैं। साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि नियमित रूप से खेलों में भागीदारी आत्म-अनुशासन को विकसित करती है और विद्यार्थियों को तनाव तथा चिंता से मुक्त करती है। कार्यक्रम के पहले दिन (28 अगस्त) पोस्टर मेकिंग, क्विज और निबंध लेखन प्रतियोगिता का आयोजन किया गया, जिनका मुख्य विषय मेजर ध्यानचंद रहा।





छात्राओं ने उत्साहपूर्वक बड़ी संख्या में प्रतिभाग किया और अपनी रचनात्मकता का प्रदर्शन किया। दूसरे दिन (29 अगस्त) महाविद्यालय में विश्वविद्यालय अनुदान आयोग  के निर्देशानुसार विभिन्न शारीरिक गतिविधियों का आयोजन किया गया, जिसकी शुरुआत खेल शपथ से हुई। इसके अंतर्गत 50 मीटर दौड़, रस्साकशी, स्किपिंग रोप और नींबू दौड़ जैसी प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। 100 से अधिक छात्राओं ने इन खेलों में भाग लेकर उत्साह और खेल भावना का परिचय दिया, जिससे पूरा आयोजन जीवंत और ऊर्जा से भरपूर रहा। यह राष्ट्रीय खेल दिवस डॉ. विजय कुमार (इंचार्ज, खेल समिति) के निर्देशन में सम्पन्न हुआ। साथ ही खेल समिति के अन्य सदस्य डॉ. आशीष, डॉ. मनोज, डॉ. अखिलेश, डॉ आर पी सोनकर, डॉ. शशिकेश, डॉ. पूर्णिमा, डॉ. सुप्रिया, डॉ. दीक्षा तथा डॉ. सिमरन सेठ ने भी इस कार्यक्रम को सफल बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।

UP K Varanasi Main बिजलीकर्मियो ने निजीकरण के विरुद्ध 274 वें दिन किया जोरदार प्रदर्शन

बिना उपभोक्ताओं की सहमति के पोस्टपेड को प्रीपेड में बदलने विरोध 

कहा कि जनता के अधिकारों के साथ नहीं होने देंगे खिलवाड़ 

सरफराज अहमद 

Varanasi (dil India live). विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति उ0प्र0 के बैनर तले आज 274 वें दिन भी बनारस के बिजलीकर्मियो ने बिजली के निजीकरण और बेतहाशा बिजली दरो में बढ़ोतरी का जोरदार विरोध किया है, साथ ही उपभोक्ताओं के बिना सहमति उनके पोस्टपेड कनेक्शन को प्रीपेड में बदलने को नियम विरुद्ध बताया है।

   वक्ताओ ने बताया कि आज बिजलीकर्मियो ने जहां एक ओर बिजली के निजीकरण का विरोध किया वही दूसरी ओर उपभोक्ता देवो भव: कहे जाने वाली आमजनता के अधिकारों का हनन करते हुए पुर्वांचल डिस्कॉम द्वारा 2 लाख से ज्यादा उपभोक्ताओं के यहाँ जबरन स्मार्ट मीटर लगाकर उनको पोस्टपेड से प्रीपेड में बदल दिया जबकि उपभोक्ता कनेक्शन लेने हेतु झटपट पोर्टल या निवेशमित्र पोर्टल पर अवेदम करता है तो उसके पास ये अधिकार होता है कि वो पोस्टपेड कनेक्शन के लिए आवेदन करें या प्रीपेड कनेक्शन के लिए आवेदन करें किन्तु हद तो तब हो जाती है जब पोस्टपेड कनेक्शन लेने वाले 2 लाख से ज्यादा उपभोक्ताओं के कनेक्शन जबरन प्रीपेड में बदल दिए गये जबकि उपभोक्ताओ से सहमति भी नहीं ली गयी, जो उपभोक्ताओं के अधिकारों का घोर हनन है जिसका यह संघर्ष समिति निंदा करते हुए पुरजोर विरोध करती है।

 



 वक्ताओ ने बताया कि संघर्ष समिति पुर्वांचल कमेटी जल्द ही इसको लेकर प्रबन्ध निदेशक पुर्वांचल को पत्र लिखेगी और उनसे मुलाकात कर तत्काल बिना सहमति पोस्टपेड से प्रीपेड किये गए कनेक्शनों को पोस्टपेड में बदलने का आग्रह करेगी अन्यथा बिजली के निजीकरण के साथ ही उपभोक्ताओं के साथ किये गए नियमविरुद्ध आदेश को लेकर भी विरोध करेगी।

    वक्ताओ ने कहा कि वर्तमान में भीषण आपदा जो बाढ़ के रूप में आई है उसको लेकर उपभोक्ताओं की सेवा हेतु संघर्ष समिति ने अपने आंदोलनों में ढील दी है किंतु यह आपदा के समाप्त होते ही संघर्ष समिति पुर्वांचल कमेटी अपना आंदोलन तेज करेगी और यदि पूर्वान्चल विधुत निगम के निजीकरण का प्रस्ताव निरस्त न हुआ तो बनारस में माननीय मुख्यमंत्री जी के आगमन के दौरान कभी भी संघर्ष समिति पुर्वांचल कमेटी उनसे मिलकर विभिन्न समस्याओं जैसे पुर्वांचल विधुत निगम का निजीकरण, उपभोक्ताओं के अधिकारों का हनन करने  सहित बिजलिकर्मियो के बिना संसाधन उपलब्ध कराये फेसिअल अटेंडेन्स के नाम पर वेतन काटने आदि को लेकर ज्ञापन देगी।

   


वक्ताओ ने बताया कि निजीकरण के लिए लालायित प्रबंधन के आला अधिकारी कितनी बेशर्मी पर उतर आए हैं इसका सबूत है कि सोसाइटी एक्ट में रजिस्टर्ड निजी संस्था  देश भर के विद्युत वितरण निगमों से उगाही कर रही है। इन सब के बावजूद शासन और सरकार चुप है।  

      सभा को सर्वश्री ई. राजेन्द्र सिंह, ई. एस0के. सिंह, अंकुर पाण्डेय, रामाशीष कुमार, आजाद बाबू, आशुतोष राय, नागेंद्र कुमार, छोटेलाल, दिनेश सिंह, कृष्णा सिंह, बंशीलाल, सरोज भूषण, योगेंद्र कुमार, सुशांत गौतम, विशाल कुमार आदि ने संबोधित किया।