बुधवार, 6 अगस्त 2025

Dog Babu ही नहीं बल्कि Bihar में रहते हैं अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प

बिहार में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प का बना निवास प्रमाण-पत्र तो मचा हड़कंप 

Samastipur (dil India live). डांग बाबू बिहार में रहते हैं ये तो समझ में आता है पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प भी यहां के निवासी हैं। इस बात का जिसे भी पता चल रहा है वो अनायास ही दांत निपोर दे रहा है। दरअसल किसी ने बिहार में डोनाल्ड ट्रम्प का निवास प्रमाण पत्र जारी करा दिया है। लोग कह रहे हैं की ये बिहार है और यहां कुछ भी हो सकता है। 

बिहार में किसी भी नाम पर किसी भी तरह का प्रमाण पत्र बन सकता है। पिछले दिनों डाॅग बाबू का निवास प्रमाण पत्र बना था। अब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प का निवास प्रमाण-पत्र भी बन गया है। बेचारे अधिकारी चुप हैं। हालांकि इस मामले में जितनी मुंह उतनी बातें की जा रही हैं। अब  समस्तीपुर के मोहीउद्दीननगर प्रखंड में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प का बना निवास प्रमाण पत्र चर्चा का विषय बना हुआ है।

क्या है पूरा मामला, यहां जानिए 

बताया जा रहा है कि किसी ने डोनाल्ड ट्रम्प के नाम से आवासीय प्रमाण पत्र के लिए आवेदन कर दिया। आरटीपीएस काउंटर बजाप्ता BRCCO/2025/17989735 नंबर  29 जुलाई 2025 को एलाॅट कर प्रमाण-पत्र बनाने का प्रक्रिया पूरी कर दी गई। ट्रंप के बिहार के निवास होते ही सियासी गलियारों में हड़कंप मच गया। दरअसल बिहार में चुनाव होने वाला है। ऐसे में ट्रम्प का निवास प्रमाण पत्र सियासी मुद्दा भी बन सकता है।

हाल ही में डाॅग बाबू का बना निवास प्रमाण पत्र का मुद्दा अभी ठंढ़ा भी नहीं हुआ कि अब समस्तीपुर में सामने आए इस मामले ने सभी को हैरानी में डाल दिया है। बाकायदा आवासीय प्रमाण बनाकर जारी कर दिया गया है, जो पूर्णरूपेण जांच का विषय है।

सियासी साजिश तो नहीं निवास प्रमाण पत्र

इस प्रकरण से साफ है कि चुनाव आयोग के द्वारा जिस निवास प्रमाण पत्र को वैध दस्तावेज माना गया, अब उसका इस तरह से मजाक बनाना कहीं किसी सियासी साजिश का हिस्सा तो नहीं है। हालांकि इस तरह की खामियों से जनता को ही दुश्वारियां उठानी पड़ती है। इस पूरे मामले की जांच कर प्रमाण-पत्र निर्गत मामले में शामिल तमाम अधिकारियों पर कार्रवाई करने की मांग उठने लगी है। गत बार डॉग बाबू मामले में शासन ने कार्रवाई की थी। भाकपा माले जिला स्थाई समिति सदस्य सुरेंद्र प्रसाद सिंह ने मामले पर आश्चर्य व्यक्त करते हुए कहा कि चुनाव आयोग जिस आवासीय प्रमाण पत्र को वैध दस्तावेज मान रही है, उसे मज़ाक का पात्र बना दिया गया है।

मंगलवार, 5 अगस्त 2025

UP: Varanasi Main जनाबे सकीना की ताबूत की ज़ियारत को उमड़ा हुजूम

मजलिस में, या सकीना या अब्बास... की गूंजी सदाएं आंसुओं का पेश हुआ नजराना

Mohd Rizwan 

Varanasi (dil India live). आज ५ अगस्त (१० सफ़र १४४७ हिजरी) को शहीदाने कर्बला इमाम हुसैन की ४ साल की बेटी जनाबे सकीना का ग़म मनाते हुए उनकी शहादत को याद किया। दरगाहे फातमान में मातमी अंजुमन जव्वादिया के जेरे इंतजाम सौ साल से भी पुराना ताबूत का जुलूस निकाला गया। ताबूत की जियारत करने के लिए मर्द व खवातीन का हुजूम उमड़ा हुआ था। या सकीना या अब्बास की सदाओं से फिज़ा गमगीन हो गई। नोहा और मातम के साथ लोगों ने खेराजे अकीदत पेश किया। ऐसी ही कदीमी ताबूत अर्दली बाजार में नाजिम अकबर रिज़वी के अज़ाखाने पर उठाया गया। अंजुमन हैदरी चौक ने दर्द भरा नोहा पेश किया। काली महाल रिज़वी हाउस में इमरोज़ फातमा के संयोजन में बीबी सकीना का ताबूत उठाने के लिए शहर भर की औरतें कालीमहल पहुंची। यहां ज़ाकिरा कनीज जेहरा रिज़वी मुंबई ने मजलिस को खिताब किया। इस मौके पर नम आंखों से लोगो ने ताबूत की जियारत की। शहर भर में सभी अंजुमनों के साथ खवातीन ने भी इमामबाड़ों में जनाबे सकीना का ग़म मनाते हुए नोहा ख्वानी व मातम किया। 


औसानगंज नवाब की देवढी में मेंहदी बख्त के निवास पर भी खवातीन ने मजलिस का आयोजन किया। शिया जामा मस्जिद के प्रवक्ता हाजी फरमान हैदर ने बताया कि यजीदी जुल्म को सहते सहते 1400 साल पहले 10 सफर को जनाबे सकीना ने इस दुनिया को अलविदा कह दिया था। उनकी शहादत से जो इंकलाब बरपा, उसको सारी दुनिया आज भी याद करती है। फरमान हैदर ने बताया कि बुधवार एक सफर से इमाम हुसैन के चालीसवे के सिलसिले से मजलिसों का आगाज हो जाएगा जो स्वतंत्रता दिवस तक जारी रहेगा। वहीं 11 अगस्त सोमवार को काली महल में खवातीन इमाम रज़ा का अंगूरों वाला ताबूत दोपहर एक बजे दिन में उठाएंगी।


Varanasi Main JKP ने किया कवि सम्मेलन एवं सम्मान समारोह

पंडित विजय शंकर पाण्डेय का मनाया गया जन्म दिवस

F Faruqui Babu 

Varanasi (dil India live). जन कल्याण परिषद के तत्वाधान में पंडित विजय शंकर पाण्डेय के 78 वे जन्मदिवस पर कवि सम्मेलन एवं सम्मान समारोह का आयोजन अन्नपूर्णा सभागार रामकटोरा में उल्लासपूर्ण माहौल में किया गया। संस्था के प्रदेश अध्यक्ष गंगा सहाय पाण्डेय ने उनके दीर्घ जीवन की कामना करते हुए उनके व्यक्तित्व और कृतित्व पर प्रकाश डाला।

वरिष्ठ समाजसेवी पंडित विजय शंकर पाण्डेय ने उपस्थित लोगों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए शिक्षा, चिकित्सा, समाजसेवा, साहित्य, संगीत आदि क्षेत्रों में सराहनीय कार्य करने वालों महानुभाव को सम्मानित किया। इस अवसर पर पाण्डेय ने कहा कि जीवन पर्यंत समाजसेवा का कार्य करता रहूंगा ।

   इस अवसर पर आयोजित कजरी काव्य का भी सस्वर पाठ किया गया, सर्व प्रथम सिद्धनाथ शर्मा सिद्ध ने पढ़ा - जवन मज़ा बाटे सईंया रोटी दाल में, नाहीं बा सिरमाल में ना। आनन्द कृष्ण मासूम ने -अरे सईंया मोरे झुलुवा झुलाया द, लड़का खेलाया दा, विमल बिहारी ने - बालम भूल गईला बाहर जाती के, गवना कराय के ना । दिनेश दत्त पाठक ने - चला सखी गंगा सहाय आईं, पियरी चढ़ाया आईं ना । 

इसी मौके पर अखलाक खान भारतीय, दीपक दबंग, दिनेश दत्त पाठक, कुमार महेंद्र, देवेन्द्र पाण्डेय, भुलक्कड़ बनारसी, जय शंकर जय, रामजतन पाल, अमित कुमार मिश्रा, आनन्द कृष्ण मासूम, डा० सुशील पांडेय, अरुण  मिश्रा, एस पी श्रीवास्तव, शमशुल आरफीन आदि लोग प्रमुख रूप से उपस्थित रहे। कार्यक्रम का सफल संचालन सिद्धनाथ शर्मा ने व धन्यवाद ज्ञापन डा. अंजनी कुमार मिश्रा ने किया।

सोमवार, 4 अगस्त 2025

UP: Varanasi Main Bijli कर्मियों ने निजीकरण का किया विरोध

बिजली कर्मचारियों की मांग बिना संसाधन काम न कराया जाएं व उत्पीड़न की कार्रवाई रुके

Sarfaraz Ahmad 

Varanasi (dil India live)। विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति ने सोमवार को बिजली के निजीकरण का विरोध किया। वहीं बिना संसाधन उपलब्ध कराये फेसिअल अटेंडेंस को बाध्यकारी बनाकर वेतन रोकने के विरोध में प्रबन्ध निदेशक कार्यालय भिखारीपुर पर सभा कर विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान गुस्साएं विद्युत कर्मचारियों ने कहा कि निजीकरण और उत्पीड़नात्मक कार्रवाइयों के वापस होने तक बिजलीकर्मियों का संघर्ष जारी रहेगा।

सभा में वक्ताओं ने बताया कि बनारस के समस्त मुख्य अभियंता, अधीक्षण अभियंता एवं अधिशासी अभियंता कार्यालय पर बिजलीकर्मी शाम पांच बजे एक साथ बिजली के निजीकरण और उत्पीड़नात्मक कार्यवाहियों के विरोध में विरोध प्रदर्शन करेंगे। संघर्ष समिति ने बताया कि प्रबन्ध निदेशक को भ्रम है कि बिजलीकर्मी फेसिअल अटेंडेंस का विरोध कर रहे हैं। क्योंकि बिजलीकर्मी अपने कार्यालयों में समय से जा ही रहे हैंं। उसका विरोध नहीं कर रहे हैं बल्कि उसके संचालन के लिए संसाधन जैसे फेसियल अटेंडेंस लगाने हेतु मोबाईल या कैमरायुक्त कम्प्यूटर कार्यालयों में लगाने की मांग कर रहे हैं, क्या संसाधन की व्यवस्था करना प्रबन्धन की जिम्मेदारी नही है? साथ ही प्रबन्धन से पूछ रहे हैं कि क्या फील्ड में कार्यरत बिजलीकर्मी सुबह-दस बजे से पांच बजे तक का फेसिअल अटेंडेंस लगा दें तो शाम पांच बजे के बाद बन्द होने वाली लाइन का अनुरक्षण कौन करेगा।

वक्ताओं ने बताया कि 20 जून को प्रबन्ध निदेशक पुर्वांचल से संघर्ष समिति वाराणासी के पदाधिकारियों की वार्ता में यह तय हुआ था कि जब तक विद्युत कार्यालयों और उपकेंद्रों पर संसाधन उपलब्ध नही कराया जाता तब तक फेसियल अटेंडेंस को बाध्यकारी नहीं बनाया जाएगा फिर भी वेतन रोकना कतई उचित नही हैं।

सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि शीर्ष प्रबन्धन की निजी घरानों के साथ मिलीभगत है और आठ माह से निजीकरण न कर पाने के कारण हताश प्रबंधन बिजली कर्मियों का लगातार उत्पीड़न कर रहा है। संघर्ष समिति ने कहा कि उत्पीड़न का उद्देश्य बिजली कर्मियों का मनोबल तोड़ना है किंतु बिजली कर्मी किसी कीमत पर निजीकरण स्वीकार नहीं करेंगे।

उत्पीड़नात्मक कार्यवाहियां समाप्त कराने के लिए संघर्ष समिति की मांग है कि मार्च 2023 की हड़ताल के बाद ऊर्जा मंत्री द्वारा समस्त उत्पीड़नात्मक कार्यवाहियों के वापस लिये जाने के निर्देश के अनुपालन में समस्त उत्पीड़नात्मक कार्यवाहियां वापस ली जाएं। निजीकरण के नाम पर 55 साल की उम्र और डाउन साइजिंग के नाम पर हटाये गये सभी संविदा कर्मी बहाल किया जाय। उत्पीड़न की दृष्टि से बिजली कर्मियों के किये गये सभी ट्रांसफर निरस्त किये जाय।

फेसियल अटेंडेंस के नाम पर जून और जुलाई माह का रोका गया वेतन तत्काल बिजली कर्मियों को दिया जाय। उत्पीड़न के नाम पर स्टेट विजिलेंस की जांच कराकर शीर्ष पदाधिकारियों के विरुद्ध की गई फर्जी एफ आई आर वापस ली जाए। रियायती बिजली की सुविधा समाप्त करने की दृष्टि से धमकी देकर जोर जबरदस्ती से स्मार्ट मीटर लगाने की कार्यवाही तत्काल बन्द की जाय।

सभा की अध्यक्षता ईआरबी यादव ने एवं संचालन अंकुर पाण्डेय ने किया। सभा को राजेन्द्र सिंह,  एसके सिंह, पंकज जायसवाल, वेदप्रकाश राय, रविन्द्र यादव, रामकुमार झा, राजेश सिंह, हेमंत श्रीवास्तव, संदीप सिंह, प्रदीप कुमार, पंकज जायसवाल, दीपक गुप्ता, मनोज यादव, मनोज जायसवाल, अनिल कुमार, प्रमोद कुमार, उमेश यादव, पंकज, उदयभान दुबे आदि ने संबोधित किया।

UP K Varanasi Main School closed

12 वीं तक के सभी स्कूल 6 अगस्त तक रहेंगे बंद 

जिला विद्यालय निरीक्षक का आया आदेश 


Mohd Rizwan 

Varanasi (dil India live)। लगातार हो रही भारी बारिश और बाढ़ की स्थिति को देखते हुए Varanasi k जिला विद्यालय निरीक्षक ने इंटर तक के सभी स्कूलों को बंद करने का निर्देश दिया है। इसके अनुसार जिले के सभी बोर्ड मान्यता प्राप्त प्राथमिक, उच्च प्राथमिक, माध्यमिक और उच्च माध्यमिक विद्यालयों (सभी बोर्ड, जैसे सीबीएसई, आईसीएसई, और राज्य बोर्ड) में 5 से 6 अगस्त तक अवकाश घोषित किया गया है। यह निर्णय छात्रों और शिक्षकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।

जारी आदेश के अनुसार, बाढ़ और बारिश के कारण निचले इलाकों में स्कूलों तक पहुंचना मुश्किल हो रहा है, जिससे यह कदम उठाया गया। जिला विद्यालय निरीक्षक ने सभी प्रबंधन समितियों, प्रधानाचार्यों, और शिक्षकों को इस अवधि के दौरान ऑनलाइन शिक्षा या अन्य सुरक्षित विकल्पों पर विचार करने की सलाह दी है। साथ ही, यह भी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं कि स्कूल परिसर में किसी भी प्रकार का नुकसान न हो।

यह अवकाश जनपद वाराणसी के सभी बोर्डों से संबद्ध विद्यालयों पर लागू होगा, जिसमें निजी और सरकारी दोनों स्कूल शामिल हैं। जिला प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे मौसम की स्थिति को देखते हुए सतर्क रहें और बच्चों की सुरक्षा का विशेष ध्यान रखें।

UP : Varanasi K Dalmandi में लगा निः शुल्क नेत्र परीक्षण शिविर

आंखें रब की दी हुई अनमोल नेमत

Mohd Rizwan 

Varanasi (dil India live). मानवाधिकार संरक्षण मिशन द्वारा मुसाफिरखाना, दालमंडी, वाराणसी में निः शुल्क नेत्र परीक्षण शिविर का आयोजन किया गया। यह शिविर समाजसेवी रवि कुमार के सौजन्य से आयोजित किया गया। इस आई कैंप में सैकड़ों जरूरतमंद लोगों ने अपनी आँखों की जाँच करवाई। शिविर का उद्घाटन मुसाफिरखाना अध्यक्ष मासूम रज़ा और सचिव ग्यादुद्दीन खान ने किया। इस दौरान वक्ताओं ने कहा कि आंखें रब की दी हुई अनमोल नेमत है मगर हमारी अनदेखी और खराब खान-पान से कई बार आंखों की रौशनी कम हो जाती है। वक्त रहते अगर आंखों की जांच कर ली जाए तो आंखों की कम होती रौशनी को दवा, चश्मे से रोका जा सकता है।



इस अवसर पर अब्दुल सलाम, अशफाक अली, रगुद्दीन, संजय यादव (राष्ट्रीय उपाध्यक्ष), राहुल प्रजापति (जिला उपाध्यक्ष), अनुराग अग्रवाल, अवनीश मौर्य और रोशन कुमार बरनवाल (राष्ट्रीय अध्यक्ष), महिमा चौरसिया, मोहम्मद रिजवान, विपिन मिश्रा आदि विशेष रूप से उपस्थित रहे। नेत्र विशेषज्ञों की टीम ने नेत्र परीक्षण किया और निःशुल्क चश्मा वितरित किया गया। इस जनकल्याणकारी पहल की लोगों ने खूब सराहना की। 

BHU: IMS निदेशक ने तथ्यों को छिपाते हुए ली नियुक्ति

IMS निदेशक शंखवार लोकायुक्त जांच के दायरे में

SN Singh

Varanasi (dil India live). इस समय बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी का चिकित्सा विज्ञान संस्थान और सर सुंदर लाल अस्पताल खासा चर्चा में है, यह चर्चा उसकी चिकित्सकीय या अकादमिक उपलब्धि के लिए नहीं हो रही है, बल्कि आपसी गुटबाजी और भ्रष्टाचार के कई बड़े मामलों को लेकर है। सिटी स्कैन और एमआरआई सेंटर की टेंडर प्रक्रिया में फर्जी जीएसटी नंबर के माध्यम टेंडर हासिल करने के चक्कर में आईएमएस बीएचयू व एसएसएल अस्पताल के बड़े अधिकारी न्यायालय के आदेश पर एफआईआर एवं  पुलिसिया जांच के दायरे में हैं। इलाहाबाद हाई कोर्ट का चक्कर लगाने के बाद भी गिरफ्तारी पर रोक नहीं लगी है, पुलिस द्वारा गिरफ्तारी का डर सता रहा है। बीएचयू प्रशासन द्वारा गठित जांच समिति ने भी भ्रष्टाचार के आरोपों को सही पाया और कार्यवाही की संस्तुति की है।

परन्तु आईएमएस के निदेशक डॉ एस एन सँखवार इन मामलो कार्यवाही करने के बजाय दोषियों के मददगार बने हुए हैं, और उन्हें बचा रहे हैं, जिस मामले में निदेशक की भूमिका अंपायर की होनी चाहिए उसमें वे खुद पार्टी बनकर भ्रष्टाचारियों के पक्ष में बैटिंग करते हुए नजर आ रहे हैं। इससे इस मामले में शंखवार की भूमिका संदिग्ध  प्रतीत होती है।

भ्रष्टाचार और विवादों से पुराना नाता

बीएचयू अस्पताल में अव्यवस्था और भ्रष्टाचार के कई मामलों को उजागर करने वाले शोध छात्र एस.एन. सिंह निदेशक सँखवार के खिलाफ सिलसिलेवार कई मामलों के साक्ष्य प्रस्तुत करते हुए कहते हैं कि भ्रष्टाचार और एसएन सँखवार का चोली दामन का संबंध है। केजीएमयू में चिकित्सा अधीक्षक रहते हुए इन्होंने नियुक्तियों में भ्रष्टाचार को अंजाम दिया है, जिसमें शासन द्वारा जांच में दोषी भी पाए गए हैं, उत्तर प्रदेश के लोकायुक्त के यहां भी इनके ऊपर जांच लंबित है।लोकायुक्त की जांच लंबित होने के बाद भी इन्हें कैसे आईएमएस बीएचयू के पद पर नियुक्ति दी गई।

शोध छात्र शिवम सोनकर कहते हैं कि केजीएमयू में चिकित्सा अध्यक्ष रहने के दौरान जब एसएन शंखवार ने सुनियोजितभ्रष्टाचार को अंजाम दिया, भ्रष्टाचार के मामले लंबित होते हुए लोकायुक्त की जांच लंबित होते हुए इन्हें आईएमएस में नियुक्ति हेतु विजिलेंस की तरफ से अनापत्ति कैसे प्रदान की गई है। यह एक सवालिया निशान है।

छात्र नेता दिव्यांशु त्रिपाठी कहते हैं कि एसएन शंखवार इस समय भ्रष्टारियों के संरक्षक ही नहीं बल्कि खुद भ्रष्टाचार में शामिल हैं, और बीएचयू अस्पताल में अव्यवस्था के जनक भी हैं।

(लेखक शोध छात्र व स्वतंत्र पत्रकार हैं)