गुरुवार, 2 जनवरी 2025
Girl friend से नाराज़ Aashik ने पेइंग गेस्ट हाउस पर झोका फायर
बुधवार, 1 जनवरी 2025
new year 2025: बनारसियों ने नये साल पर की खूब मस्ती
वी विश यू ए हैप्पी न्यू ईयर...
वाराणसी। साल 2025 का देश दुनिया के तमाम लोगों से इतर बनारसियों ने ज़ोरदार स्वागत किया। नये साल के पहली सुबह चर्चेज से लेकर धर्म की नगरी काशी के देवालयों तक में लोगों का मजमा नज़र आया। सेंट मेरीज़ महागिरजा में बिशप यूज़ीन जोसेफ की अगुवाई में फादर अगस्टिन ने आराधना करायी तो सीएनआई चर्च तेलियाबाग में पादरी आदित्य कुमार, सेंट पॉल चर्च सिगरा में पादरी सैम जोशुआ सिंह, चर्च ऑफ बनारस में पास्टर बेनजान, लालचर्च में पादरी इकबाल मसीह, सेंट बेटल फुल गॉस्पल चर्च में पास्टर एंड्रू थामस, विजेता प्रेयर मिनिस्ट्रीज में पास्टर अजय कुमार, सेंट जांस महरौली में फादर सुसाई राज, सेंट जांस लेढूपुर में फादर हेनरी, यीशु माता चर्च शिवपुर में फादर रोज़लीन ने नववर्ष पर आराधना करायी और लोगों की भलाई व पेरोपकार के लिए प्रभु यीशु से प्रार्थना की। सेंट जोसफ चर्च लोहता, फातेमा चर्च मवैया, सेंट फ्रांसिस आफ असीसी चर्च में भी नववर्ष पर प्रभु यीशु का धन्यवाद दिया। चर्चेज़ में गीत, वी विश यूं ए हैप्पी न्यू ईयर... गूंज उठा।
वहीं मंदिरों में प्रार्थना के साथ ही गंगा घाट पर भी देखने लायक भीड़ उमड़ी। सारनाथ स्थित पुरातत्विक महत्व के बौद्ध मंदिरों में भी पिकनिक मानाने वालों का जमावड़ा लगा रहा। बाबा विश्वनाथ, काल भैरव, संकटमोचन, बड़ा गणेश, दुर्गाकुंड, बटुक भैरव, बीएचयू विश्वनाथ मंदिर सहित समस्त देवालयों में बनारस और आस पास के श्रद्धालुओं का हुजुम नव वर्ष की तमाम मनोकामना लिए पहुँचा हुआ था। इस दौरान बनारसी गंगा घाट और गंगा के उस पार मस्ती में डूबे नज़र आये। वाराणसी और आस पास के जनपदों के लोग नव वर्ष का सेलीब्रेशन करने वाराणसी के गंगा तट पर पहुंचे हुए थे। राजघाट से दशाश्वमेध घाट और वहां से अस्सी घाट तक सैलानियों की कतार दिखाई दे रही थी। गंगा में नाव भी खूब चल रही थी। इसके अलावा गंगा उसपार रेती पर पिकनिक मानाने वालों का जमावड़ा लगा हुआ था। भीड़ इतनी ही थी की कई बार जाम की स्थिति उतपन्न हो गयी। इसके अलावा लोग सारनाथ स्थित पुरातात्विक खंडहर परिसर में भी नए साल का जश्न मानाने के लिए पहुँच रहे थे। लोगों ने नए वर्ष की मस्ती पुरातत्विक खंडहर परिसर में पिकनिक मानाने पहुंचे। कुछ समय के लिए यहां भी जाम की स्थिति रही।
jannati Darwaza khula, ख़्वाजा के दर पर जायरीन का उमड़ने लगा मजमा
रजब के चांद के दीदार संग ख़्वाजा मोईनुद्दीन चिश्ती रहमतुल्लाह अलैह के उर्स का आगाज़
इधर, मंगलवार रात को मजार शरीफ की खिदमत के वक्त संदल उतारा गया। इस संदल को अंजुमन के उर्स कंवीनर सैयद हसन हाशमी, सैयद कुतुबुद्दीन सखी आदि खादिमों ने मौके पर मौजूद जायरीन को तकसीम किया। तनवीर सैयद हसन हाशमी ने बताया कि चांद की 29 तारीख को तड़के 4:30 बजे दरगाह में जन्नती दरवाजा खोल दिया गया। यह दरवाजा अब छठी तक खुला रहेगा। इसी के साथ ख्वाजा के उर्स की शुरुआत हो गई और जायरीन कबीर तादाद में देश दुनिया से अजमेर शरीफ दरगाह पहुंचने शुरू हो गये। गौरतलब हो कि अजमेर में ख्वाजा के उर्स से बड़ा कोई दूसरा पर्व त्योहार नहीं है और देश दुनिया में ख्वाजा गरीब नवाज के उर्स से बड़ा कोई दूसरा उर्स नहीं है जिसमें इतनी भीड़ और विभिन्न देशों के लोग शामिल होते हैं।
Samajwadi party के दफ्तर का माहौल हुआ नूरानी
ख़्वाजा के उर्स में सपा ने भेजा चादर
मुल्क में अमन व खुशहाली के लिए अखिलेश यादव संग मांगी गई दुआएं
- मोहम्मद रिजवान
Lucknow (dil India live). समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने आज समाजवादी पार्टी के राज्य मुख्यालय लखनऊ में महान सूफी संत हजरत ख्वाजा मोइनुद्दीन-चिश्ती (र.अ.) के 813 वें सालाना उर्स के मौके पर मुल्क में अमन और खुशहाली, भाईचारा तथा उत्तर प्रदेश की तरक्की की कामना के साथ हजरत पीर बरकत मियां हाशमी नियाजी मदारी कौमी सदर, चिश्तिया कमेटी उत्तर प्रदेश को चादर सौंपी। यह पवित्र चादर दरबार ख्वाजा साहब में सैयद नजर हुसैन चिश्ती गद्दीनशीन अजमेर शरीफ की सरपरस्ती में 07 जनवरी 2025 को सालाना उर्स के मौके पर पेश होगी।
इस मौके पर नेता प्रतिपक्ष श्री माता प्रसाद पाण्डेय, राष्ट्रीय सचिव श्री राजेन्द्र चौधरी, प्रदेश अध्यक्ष श्री श्यामलाल पाल, राष्ट्रीय प्रवक्ता मोहम्मद आजम खान, प्रदेश उपाध्यक्ष मुजीब खां, हाफिज एजाज शाह, शमशाद फारूकी, डॉ0 राजेश सिंह, संजय यादव, राशिद अली, अजहर जमाल, कामरान अहमद सोनू, इरफान अहमद पिन्टू, विजय नारायण यादव मौजूद रहे।
Nidar को याद कर भावुक हुए लोग, दी गई श्रद्धांजलि
Varanasi (dil India live). स्वतंत्रता संग्राम सेनानी योगिराज डा. ब्रजमोहन सिंह निडर की २१ वी पुण्यतिथि हीरापुरा जालपा देवी रोड स्थित एवीके चिल्ड्रेन एकेडमी के सभागार में मनाई गई। कार्यक्रम का शुभारंभ वरिष्ठ अधिवक्ता फौजदारी विजय बहादुर सिंह ने उनके चित्र पर माल्यार्पण व द्वीप प्रज्वलित कर किया।अपने संबोधन में उनके पुत्र महेंद्र बहादुर सिंह ने उनको युग पुरुष की संज्ञा दी तथा उपस्थित लोगों को उनके द्वारा बताए गए मार्ग पर चलने का संकल्प दिलाया।
उक्त अवसर पर उपस्थित लोगों ने स्व. निडर के द्वारा बताए गए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया और उनके चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर अपनी भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।उक्त अवसर पर विराज सिंह एडवोकेट, मोती लाल सिंह एडवोकेट, पूनम श्रीवास्तव एडवोकेट, विभांशु सिंह, सौरभ सिंह, हृदय मोहन सिंह, डा. अजीत सिंह, मन्नन सिंह, प्रियंका सिंह,आकांक्षा सिंह, रानी वर्मा, श्वेता यादव, आशिता केशरी, शिवांगी मिश्रा, आयुषी केशरी, मनस्वी केशरी इत्यादि लोगों ने अपनी श्रद्धांजलि दी।
Happy new year...2025...
रात 12 बजते ही एक साथ बज उठे चर्चेज के घंटे, फिज़ा में गूंजा हैप्पी न्यू ईयर...
ईसाई नववर्ष का हुआ आग़ाज़, होटल, क्लबों, कालोनियों व छतों पर पुराने साल को कहा अलविदा, नये साल का इस्तेक़बाल
Varanasi (dil india live )। जैसे ही घड़ी की सुई ने रात 12 बजे का निशान बनाया चर्चेज़ के घंटे एक साथ गूंज उठे, फिज़ा में चारो हैप्पी न्यू ईयर...की गूंज रहा था। नववर्ष की आगवानी व पुराने साल को अलविदा कहने के लिए वर्ष 2024 की अंतिम रात्रि सेंट मेरीज़ महागिरजा, तेलियाबाग चर्च, लाल गिरजाघर, सेंट बेटलफुल गास्पल चर्च समेत तमाम चर्चो में प्रार्थना सभा का आयेजन किया गया। घड़ी की सुई ने जैसे ही 12 बजे का निशान बनाया फिज़ा में... हैप्पी न्यू ईयर, 2025 गूंज उठा। शहर के गिरजाघर व चर्च सजधज कर पहले से ही तैयार थे। इस दौरान केक काटे गये और कैरोल सिंगिंग की गूंज फ़िजा में बुलंद हो उठी।
केवल गिरजाघर ही नहीं बल्कि समूचा देश नये साल के स्वागत में जुटा हुआ था। देश-दुनिया भर में घरों व कालोनियों में लोगों ने खूब धमाल किया। खास कर बनारस में जगह जगह नये साल की होण्डिग लगाई गई थी लोगों ने कई जगह सड़को पर हैप्पी न्यू ईयर लिख दिया था। शाम से देर रात्रि तक बुके, फूल और चाकलेट व गिफ्ट की खूब धूम थी।
शहर के गिरजाघरो में शाम से ही आराधना शुरु हो गई। वहीं गंगा घाटो पर आरती हुई'। नव वर्ष की पूर्व संध्या पर बुराईयों का प्रतीक पुतला भी जलाया गया। सेंट मेरीज़ महागिरजा में बिशप ने फादर अगस्टिन के संचालान में आराधना करायी तो सीएनआई चर्च तेलियाबाग में पादरी आदित्य कुमार, सेंट पॉल चर्च सिगरा में पादरी सैम जोशुआ सिंह, चर्च ऑफ बनारस में पास्टर बेनजान, लालचर्च में पादरी इकबाल मसीह, मुगलसराय चर्च में पादरी संजय दान, सेंट बेटल फुल गॉस्पल चर्च में पास्टर एंड्रू थामस, विजेता प्रेयर मिनिस्ट्रीज में पास्टर अजय कुमार, सेंट जांस महरौली में फादर सुसाई राज, सेंट जांस लेढूपुर में फादर हेनरी, यीशु माता चर्च शिवपुर में फादर राजा ने नववर्ष पर आराधना करायी और लोगों की भलाई व पेरोपकार के लिए प्रभु यीशु से प्रार्थना की। सेंट जोसफ चर्च लोहता, फातेमा चर्च मवैया, सेंट फ्रांसिस आफ असीसी चर्च नगवां में भी नववर्ष का ज़ोरदार स्वागत किया गया। इस मौके पर डेयर संस्था के बच्चो ने भी खूब धमाल किया। जैसे जैसे शाम ढलती गई और रात होती गई, रात में सभी आयोजनों की धूम मच गई, घरों, होटल, क्लबों में थीम पार्टियां नये साल पर हुई। बनारस क्लब, पीएनयू क्लब में भी धमाल हुआ, हालांकि वहां दो गुटों में मारपीट होने से कुछ रंग में भंग भी होता दिखाई दिया। देर रात तक सोशल मीडिया पर भी लोग एक दूसरे को मैसेज कर बधाई संदेशों का आदान-प्रदान करते रहे। समाचार लिखे जाने तक न्यू ईयर पार्टी अपने शबाब पर थी।
, मगर लोगों के जोश में कोइ कमी नहीं दिखी। देर रात से सुबह तक फिज़ा में हैप्पी न्यू ईयर की जहाँ गूंज सुनाई दे रही थी वहीं दूसरी ओर मैसेज का आदान प्रदान सोशल मीडिया पर अपने शबाब पर था।
मंगलवार, 31 दिसंबर 2024
Ek Sham Urdu Sahitya K Naam अजीमुश्शान मुशायरा व कवि सम्मेलन में जुटे लोग
शायरों को दिया गया फरोगे उर्दू अवार्ड
सब ये कहते हैं कि उर्दू है बड़ी शीरीं ज़बान, हम यह कहते हैं इसे फिर आप पीते क्यों नहीं...- Mohd Rizwan
- Mohd Rizwan
Varanasi (dil India live)। अदबी तंजीम " बज़्म चिराग ए नव " वाराणसी की ओर से बजरडीहा स्थित हमीदा हाल में एक अजीमुश्शान मुशायरा व कवि सम्मेलन का आयोजन उस्ताद शायर अहमद हनीफी बनारसी की अध्यक्षता व मशहूर शायर जमजम रामनगरी के संचालन में देर रात संपन्न हुआ। इस अवसर पर शायरों व कवियों को " फ़रोगे उर्दू अवार्ड " से सम्मानित भी किया गया। मुशायरे की शुरुआत रहीमुल्लाह अंसारी ने नाते पाक से किया। अतिथियों का इस्तकबाल संस्था बज़्म चिराग ए नव वाराणसी के संरक्षक आमिर शौकी ने व धन्यवाद ज्ञापन अध्यक्ष जमाल वारसी उर्फ महतो ने किया।
कार्यक्रम में कोने-कोने से आए मशहूर शायरों और कवियों ने अपने कलाम और गीतों से लोगों को देर रात तक बांधे रखा। इस अवसर पर मुख्य अतिथि डॉक्टर शाहिद मलिक असिस्टेंट प्रोफेसर बद्री विशाल डिग्री कॉलेज फर्रुखाबाद ने शिक्षा पर विशेष बल दिया और अध्यक्षीय संबोधन में उस्ताद शायर अहमद हनफी बनारसी ने दिलों को जोड़ने तथा आपसी सौहार्द की बात कही। देर रात तक चलने वाले अजीमुशान मुशायरा में भारी संख्या में लोग जमे रहे और शायरी का लुत्फ उठाते दिखाई दिए।
नाजिम ए मुशायरा ज़म ज़म रामनगरी ने कहा कि एक मुद्दत से तड़पती फिर रही है ये ज़बान, आप उसका दामन सद चाक सीते क्यों नहीं। सब यह कहते हैं कि उर्दू है बड़ी शीरीन ज़बान, हम यह कहते है कि इसे फिर आप पीते क्यों नहीं...।
सिराजुल आरिफ़ीन ने सुनाया कि, लुकम ए तर की तलब गर्दिश ए अय्याम में है, बुझते सूरज से सहर ख़ेज़ी ए तनवीर न मांग। इसके अलावा जमाल बनारसी उर्फ महतो ने कहा कि हुस्न का ध्यान कूजा गर रखना, जब भी मिट्टी को चाक पर रखना। बेहतरीन अंदाज में सुनाया।
नौशाद अमान सोज़ की शायरी पर सामइन झूम उठे कहा कि 'देखा है जिंदगी में यह मंजर कभी कभी, शीशे से टूट जाता है पत्थर कभी कभी'। के साथ आमिर शौकी ने फरमाया कि ज़ुल्मत ली ज़द में आ गये, उफ़ कैसे वह चिराग रखते थे जो हमेशा उजाला समेट कर। उनके कलाम ने खूब वाहवाही लूटी।कार्यक्रम में प्रस्तुत करने वाले रचनाकार और साहित्यकारों के नाम हैं डॉक्टर शाहिद मलिक (प्रोफेसर बद्री विशाल डिग्री कालेज फर्रुखाबाद), सिराजुल आरफीन, कुंवर सिंह कुंवर, प्रशांत सिंह, ज़म ज़म रामनगरी, सैयद इलिया गाजीपुरी, शम्स खालिद, नौशाद अमान सोज़, जमाल बनारसी, युनुस फैज़ी, सफा अमरी इत्यादि शायर ने अपनी ग़ज़लों गीतों से लोगों के दिलों पर राज किया।
इसके अतिरिक्त सामाजिक संस्था सुल्तान क्लब के अध्यक्ष डॉ एहतेशामुल हक, शमीम रियाज़, समाज सेवी परवेज़ कादिर खां, रोशन जमील, पूजा यादव, इरफान अंसारी पार्षद, पूर्व पार्षद उमेश चंद्र यादव इत्यादि भारी संख्या में शामिल थे।

















