सोमवार, 17 जुलाई 2023

Benaras me moharram or julus


Varanasi (dil India live)। इस्लामिक कैलेण्डर का पहला महीना मोहर्रम आगामी 19 या 20 जुलाई से (चंद्र दर्शन के अनुसार) शुरू होगा। हिजरी सन का पहला महीना गम का है। इस महीने में शिया मुसलमान गमगीन रहते हैं क्योंकि इसी माह की दस तारीख को पैगम्बर मोहम्मद साहब के नवासे हजरत इमाम हुसैन को दुनिया के पहले आतंकवादी यजीद ने ईराक के कर्बला शहर में तीन दिन का भूखा और प्यासा शहीद कर दिया था। इन शहीदों में 6 माह के अली असगर भी थे। ऐसे में शहर बनारस में भी गौरीगंज, शिवाला, दालमंडी, मदनपुरा, बजरडीहा, दोषीपुरा, चौहट्टा, मुकीमगंज, प्रहलाद घाट, सरैया, अर्दली बाजार, कोयला बाजार आदि इलाकों में मजलिसों और जुलूसों का दौर शुरू हो जाता है। Dil India live के संपादक aman से इस सम्बन्ध में शिवाला स्थित कुम्हार के इमामबाड़े के संरक्षक सैयद आलिम हुसैन रिजवी, हजरत अली समिति के प्रवक्ता सैयद फरमान हैदर ने विस्तार से बातचीत की। 

बताया कि हिजरी सन 1445 का आगाज माहे मोहर्रम से होगा है, जो इस वर्ष 19 या 20 जुलाई 2023 से चांद के दर्शन के हिसाब से मोहर्रम शुरु होगा। इस दौरान शिया दो महीना आठ दिन तक ग़म का अययाम मनाते हैं। काला लिवास धारण करते हैं। इस दौरान शहर में तकरीबन 60 से ऊपर जुलूस एक से 13 मोहर्रम तक उठाये जायेंगे। इस्तकबाले अजा की मजलिसे 19 जुलाई से शुरु हो जायेगी। इमाम हुसैन और उनके 71 साथियों की याद में विभिन्न इलाकों में जुलूस उठेंगे।

पहली मोहर्रम

पहली मोहर्रम शहर भर के विभिन्न इलाकों में प्रातः सात बजे से मजलिसों का कार्यक्रम शुरु हो जायेगा। दिन में तीन बजे सदर इमामबाड़ा लाट सरैया में कैम्पस के अन्दर ही अलम और दुलदुल ताबुत का जुलूस उठाया जायेगा। अन्जुमन नौहा और मातम करेंगी। मोमनीन शिरकत करेंगे। 

दूसरी मोहर्रम

शिवपुर में अंजुमने पंजतनी के तत्वावधान में अलम व दुलदुल का जुलूस रात 8 बजे उठाया जायेगा। बनारस के अलावा दूसरे शहरों की अंजुमनें भी शिरकत करेंगी। भारत रत्न उस्ताद बिस्मिल्लाह खाँ के मकान पर दिन में 2 बजे कदीमी मजलिस का आयोजन होगा।

तीसरी मोहर्रम

अलम व दुलदुल का कदीमी जुलूस औसानगंज नवाब की ड्योढ़ी से सायं 5 बजे उठाया जायेगा। अंजुमन जव्वादिया जुलूस के साथ-साथ रहेगी। वहीँ शिवाला स्थित आलीम हुसैन रिजवी के निवास से भी एक जुलूस उठाया जायेगा, जो हरिश्चन्द्र घाट के पास कुम्हार के इमामबाड़े पर समाप्त होगा। तीन मोहर्रम को ही रामनगर में बारीगढ़ी स्थित सगीर साहब के मकान से अलम का जुलूस उठाया जायेगा ।

चार मोहर्रम

ताजिये का जुलूस शिवाले में आलीम हुसैन रिजवी के निवास से गौरीगंज स्थित काजिम रिजवी के इमामबाड़े पर समाप्त होगा। चार मोहर्रम को ही चौहट्टा में इम्तेयाज हुसैन के मकान से 2 बजे दिन में जुलूस उठकर इमामबाड़ा तक जायेगा। चौथी मुहर्रम को ही तीसरा जुलूस अलम व दुलदुल का चौहट्टा लाल खाँ इमामबाड़ा से रात 8 बजे उठकर अपने कदीमी रास्तों से होता हुआ सदर इमामबाड़ा पहुंचकर समाप्त होगा।

पांचवीं मोहर्रम

वक्फ मस्जिद व इमामबाड़ा मौलाना मीर इमाम अली, छत्तातला, गोविंदपुरा से अलम का जुलूस उठया जाएगा, जिसमें मुजफ्फरपुर के मर्सिया ख्वां वज्जन खां के बेटे सवारी पढ़ेंगे। इसके अलावा जुलूस में भारत रत्न उस्ताद बिस्मिल्लाह खां के परिजन शहनाई पर मातमी धुन पेश करेंगे।

छठवीं मोहर्रम

इस दिन विश्व प्रसिद्द 40 घंटे तक चलने वाले दुलदुल का जुलूस कच्ची सराय (दालमंडी) इमामबाड़े से शाम 5 बजे उठेगा। इस जुलूस में हाथी, घोड़ा, ऊंट के साथ कई मश्शूर बैंड भी मौजूद रहते हैं जो मातमी धुन बजाते हैं। यह जुलूस कच्चीसराय से उठकर लल्लापुरा स्थित दरगाह फातमान जाता है। उसके बाद वापस आकर चौक होता हुआ मुकीमगंज, प्रह्लादघाट, कोयला बाजार, चौहट्टा होते हुए लाट सरैया जाता है और फिर वहां से 8 मोहर्रम की सुबह वापस आकर कच्ची सराय के इमामबाड़े में ही समाप्त होता है। यह जुलूस लगातार 6 से 8 मोहर्रम तक चलता रहता है।   

मेहंदी का जुलूस

चौहट्टा लाल खां इलाके से मोहर्रम के सातवें रोज़ छोटी मेहंदी व बड़ी मेहंदी के दो कदीमी जुलूस निकाला जाता है। इसमें बड़ी मेहंदी का जुलूस सदर इमामबाड़ा जाकर देर रात सम्पन्न होता है।

आठवीं मुहर्रम

अलम व तुर्बत का जुलूस ख्वाजा नब्बू साहब के चहमामा स्थित इमामबाडा से कार्यक्रम संयोजक सयेद मुनाजिर हुसैन मंजू के संयोजन मे रात 8:30 बजे उठेगा जुलूस उठने पर शराफत अली खां साहब, लियाकत अली साहब व साथी सवारी पढेंगे। जुलूस दालमंडी पहुचने पर अंजुमन हैदरी चौक नौहा ख्वानी व मातम शुरू करेगी। जुलूस अपने कदीमी रास्तों से होकर फातमान पहुंचेगा और पुनः वापस अपने कदीमी रास्तों से होते हुए चहमामा स्थित इमामबाडे  मे आकर एक्तेदाम पदीर होगा। जुलूस में पूरे रास्ते उस्ताद फतेह अली खा व साथी शहनाई पर मातमी धुन पेश करेंगे।

नवीं मोहर्रम 

शहर भर के तमाम इमामबाड़ों में तथा इमाम चौक पर जातिया रखी जाती है जो सैकड़ों की तादाद में होती है। कई इलाकों में गश्तीअलम का जुलूस उठाया जाता है जो अपने इलाकों में भ्रमण करता है। लोग नौहा मातम करते चलते हैं। अंजुमन हैदरी चौक गश्ती अलम लेकर फातमान पहुंचती है वहां 4 बजे भोर में अंगारों पर चलकर मातम किया जाता है। 9 मोहर्रम को ही अपनी नवैयत का खास दुल्हा का जुलूस शिवाला से उठाया जाता है। जिसमें हजारों लोग शिरकत करते हैं ये जुलूस बनारस की अलग पहचान रखता है। लोग शहर भर के इमामबाड़ों में जाकर नौहा मातम करते हैं ताजीये पर मन्नते मांगते हैं। 9 मोहर्रम को ही हड़हा सराय में सायं 3 बजे से हजरत अली असगर के झूले का जुलूस उठता है जो दालमण्डी, नईसड़क, कोदई चौकी होता हुआ छत्तातले पर समाप्त होता है।

दसवीं मोहर्रम यौमे आशूरा 

आज से 1378 साल पहले सन् 61 हिजरी (जुमा) में 10 वीं मोहर्रम को ही (शुक्रवार) के दिन इमाम हुसैन ने अजीम कारनामा कर दिखाया था। अपने साथ साथ अपने 71 साथियों जिसमें 18 परिवार के सदस्य भी थे। जिनमें 32 वर्ष का भाई अब्बास, 18 वर्ष का बेटा अली अकबर, 13 साल का भतीजा कासीम, 9 व 10 साल के भांजे औन तथा मोहम्मद के अलावा 6 महीने का उनका सबसे छोटा बच्चा अली असगर समेत शहादत दे दिया था। इसी अजीम शहादत कि याद में 10 वीं मोहर्रम को पूरे शहर भर में सुबह से जुलूसों का सिलसिला शुरू रहता है। शहर की तकरीबन 26 अंजुमने अलम व तुरबत व दुलदुल को जुलूस सुबह से शाम तक उठाती रहती है। जिसमें जंजीर व कमा (खंजर) का मातम होता है लोग आंसुओं के साथ-साथ खून का नजराना भी पेश करते हैं ये जुलूस विभिन्न इलाकों में उठते हैं और सदर इमामबाड़ा लाट सरैया और दरगाहे फातमान लल्लापुरा तथा शिवाले घाट पर शाम तक समाप्त होते हैं। शिया हजरात 10 मोहर्रम को जुलूस के बाद विभिन्न स्थानों पर शामे गरीबों की मजलिस करते हैं।

लुटा हुआ काफिला

ग्यारहवीं मोहर्रम को स्व. डा. नाजीम जाफरी के निवास से डा. मुज्तबा जाफरी के संयोजन में लुटे हुए काफिले का जुलूस 11 बजे दिन में उठाया जाता है इस जुलूस को चुप का डंका भी कहते हैं। रास्ते भर लोग नातिया कलाम पढ़ते हैं जो फातमान जाकर समाप्त होता है।  

तीजे का जुलूस

 शहर भर के इमामबाड़ों वर फातिहा दिलाई जाती है सुबह से ही इमाम के फूल की मजलिसें शुरू हो हैं दोपहर बाद आलम व अखाड़े का जुलूस उठाया जाता है। जो अपने रास्तों से होकर दरगाहे फातमान लल्लापुरा तथा सदर इमामबाड़ा लाटा पर शाम को समाप्त होता है।

तेरहवीं मोहर्रम

सदर इमामबाड़े में दुलदुल का जुलूस शाम 4 बजे कैम्पस में ही उठाया जाता है। शहर की कई अंजुमने नौहा मातम करती हैं।

रविवार, 16 जुलाई 2023

...अपनी नज़रों से पिलाओ तो कोई बात बने

एक शाम 'अदब' के नाम में पेश हुए कलाम




Varanasi (dil India live)। न्यू सेन्ट्रल पब्लिक स्कूल रामनगर कैम्पस में एक शाम अदब के नाम  मुशायरा एवं कवि सम्मलेन का आयोजन व्योवृद्ध शायर व कवि (सीबीएसई उत्तर प्रदेश जोन के पूर्व निदेशक) अनिल सिंह की अध्यक्षता में किया गया। मुख्य अतिथि डा. कमालुद्दीन थे। स्कूल के मैनेजर मुख़्तार अहमद ने गुलदस्ता पेश कर मेहमानों का खैरमखदम किया तो संचालन समर गाजीपुरी ने किया।

मुख्य अतिथि डा. कमालुद्दीन ने अपने व्याख्यान में कहा की डा. इशरत जहां की स्व. रचित कविताओं का संग्रह नादानियां की वो ग़ज़लें जो सामाजिक ताने बनें से बुनी गयी हैं चौंका देती हैं साथ ही  उनकी शायरी में घर आँगन के खुबसूरत घटनाओं के साथ-साथ  रूमानियत की भी मौजूदगी देखी जा सकती है। डा. इशरत जहां नें अपने ख्यालात का इज़हार करते हुए कहा की शायरी जिसने हर ज़माने के बुरे वक्तों में दुनिया की रहबरी व मानवता का नेतृत्व किया है अब वक़्त आ गया है कि एक बार फिर हम इस तरह की महफ़िलें आरास्ता कर के इस तबाह होती दुनिया में इंसानियत भाईचारगी और इल्मो अमल के चिराग रौशन करें। 

इस मौके पर चंदौली की प्रतिनिधि शायरा डा. इशरत जहां का नवीन कविताओं का संग्रह  ‘नादानियां’ का  विमोचन हुआ। इस मौके पर मुशायरे में डा. कमाल जौनपूरी ने कलाम पेश किया...अहले गुलशन के जख्मी बदन हो गये, अच्छे मौसम भी अब बदचलन हो गये तो, अहमद आज़मी ने सुनाया, दोस्ती के परदे में दुश्मनी भी देखी है, आस्तीन में खंज़र देर तक नहीं रहता...। वहीं ज़मज़म रामनगरी ने सुनाया, वो बेवफा है मगर उससे दिल लगाना है, नमक से ज़ख्म का रिश्ता बहुत पुराना है। आलम बनारसी का कलाम, शायद तुमको लज्जते गम का अब एहसास हुआ है जो हमसे किस्सा पूछ रहे हो जो फुरक़त के एक–एक पल का...। ऐसे ही शमीम गाज़ीपुरी ने सुनाया, सबके चेहरे की रौनक पलट आएगी, मुस्कुराने में क्या आपका जायेगा...,  डा. इशरत जहां का कलाम, दयारे गैर में कैसे तुझे सदा देते, तू मिल भी जाता तो आखिर तुझे गवां देते...भी पसंद किया गया। अजफर अली ने सुनाया, अदब से बात करो और एहतेराम करो, जो घर से निकलो तो माँ बाप को सलाम करो...। झरना मुखर्जी ने, ज़िन्दगी एक बहता पानी है, चार दिन की ये जिंदगानी है व समर गाज़ीपुरी ने सुनाया, यकीन बिछड़ने का खुद को दिला सका भी नहीं, निशानी अहदे वफ़ा की मिटा सका भी नहीं...पसंद किया गया। नेज़ाम बनारसी ने पेश किया, जामो मीना या सुराही की ज़रुरत क्या है, अपनी नज़रों से पिलाओ तो कोई बात बने...। इसके अतिरिक्त डा० नसीमा जहाँ और डा० सविता सौरभ ने अपनी गज़लें पेश की।

शनिवार, 15 जुलाई 2023

Old Pension Scheme कि लड़ाई को धार देंगी सारिका दुबे

सारिका के कंधे पर अटेवा का बनारस ज़िले का भार 



Varanasi (dil India live)। अटेवा पेंशन बचाओ मंच वाराणसी की एक आवश्यक बैठक वरुणापुल स्थित पीडब्लूडी कार्यालय में ज़िला संयोजक चंद्र प्रकाश गुप्त की अध्यक्षता और जिला महामंत्री बीएन यादव के संचालन में आयोजित किया गया। बैठक में सर्वसम्मति से वाराणसी जिले की कमान अध्यापिका सारिका दूबे को दिया गया। ज़िला संयोजिका सारिका दूबे ने कहा कि मुझे इतनी बड़ी जिम्मेदारी दी गई है मैं इत्मीनान दिलाती हूं कि निष्ठा पूर्वक अपने कर्तव्य का निर्वहन करूंगी।

       बैठक में शामिल जिला संरक्षक रामचंद्र गुप्त ने कहा कि आगामी 30 जुलाई को लखनऊ में अटेवा महिला विंग के पुरानी पेंशन बहाली के लिए होने वाले कार्यक्रम में अधिक से अधिक संख्या में महिलाओं को प्रतिभाग करने के लिए प्रेरित किया जाए। अर्धसैनिक बलों को पुरानी पेंशन न देना कौनसा राष्ट्रवाद है, सांसद विधायक को चार चार पेंशन और 35 से 40 वर्ष सेवा करने वाले कर्मचारी को एक भी नहीं। पूर्व ज़िला संयोजक विनोद यादव ने कहा कि 1 अगस्त से 9 अगस्त के बीच पूरे देश के सांसद के आवास पर घंटी बजाओ कार्यक्रम को सफल बनाएं, और 1 अक्तूबर को रामलीला मैदान में होने वाली पेंशन महारैली में लाखों की संख्या में शिक्षक कर्मचारी अधिकारी समस्त विभाग के एन पी एस वाले भाग लेंगे। अटेवा की बैठक में ज़िला संरक्षक रामचंद्र गुप्त, जिला संयोजक चंद्र प्रकाश गुप्त, जिला महामंत्री बीएन यादव, ज़िला कोषाध्यक्ष गुलाबचंद कुशवाहा, जिला उपाध्यक्ष डॉक्टर एहतेशामुल हक, जिला सहसंयोजक प्रमोद कुमार पटेल, जिला मंत्री ज़फ़र अंसारी, जिला आय व्यय निरीक्षक शकील अहमद अंसारी, जिला मंत्री अंजनी सिंह, अजय यादव, बेबी फातिमा, राना परवीन, अनीता पांडेय, संध्या सिंह, रुक्मिणी मेरी, सुरेंद्र सिंह, मिथलेश पटेल, विजय लक्ष्मी सिंह, बीएन ठाकुर, राजेशपति आदि मौजूद थे।

Mayor से मिले Nai sadak के व्यापारी

मेयर को बताई समस्याएं, कहा कभी भी बैठ सकते हैं दर्जनों मकान 




Varanasi (dil India live). नई सड़क के कारोबारियों ने आज महापौर से नगर निगम वाराणसी में अपनी समस्याओं के निराकरण के लिए मुलाकात की। व्यापारियों ने उन्हें पत्रक देकर बताया कि क्षेत्र में तकरीबन 30 सालों से नाली नहीं बनाई गई, जिससे वहां बड़े-बड़े गड्ढे हो गए हैं। दोनों तरफ वार्ड नंबर 82 व वार्ड नंबर 86 कि सड़क किनारे के दर्जनों मकान में पानी घुस जा रहा है, जिससे दोनों तरफ के दर्जनों मकान जर्जर होते हुए जमीन मैं धंसने के कगार पर हैं, क्षेत्र के सभी मकान मालिक किसी बड़ी अनहोनी घटना होने से डरे हुए हैं। लिहाजा इस समस्या का निराकरण किया जाए ताकि सभी रातों को चैन से सो सके और दिन में अपना कारोबार कर सकें। इस दौरान नई सड़क के कारोबारियों से प्रार्थना पत्र लेकर महापौर ने आश्वासन दिया है कि जल्द से जल्द इस समस्या का समाधान निकाला जाएगा। उनके आश्वासन के बाद कारोबारियों का प्रतिनिधि मंडल मुत्मइन होकर लौटा।

इस मौके पर पहुंची जावेद अहमद, शमशेर अहमद, आफताब अहमद, अशोक, अनिल, सुनील चौरसिया, अशोक चौरसिया, सौरभ नगीना, संजय प्रजापति, मुस्तकीम, नौशाद अहमद, आजाद, नियाज अहमद, हाजी परवेज अहमद, अहमद हसन, बाबा, बाबू भाई, शेरू, सैयद एजाज हुसैन, रईस अहमद, सलीम अहमद, इकराम अहमद, मुस्ताक अहमद, आसियान वगैरह मौजूद थे।

India post payment बैंक कर रहा है10 लाख का बीमा

₹299 में होगा अब 10 लाख का दुर्घटना बीमा


Varanasi (dil India live). महंगे प्रीमियम पर बीमा करवाने में असमर्थ लोगों के लिए डाक विभाग का इण्डिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक एक विशेष सामूहिक दुर्घटना सुरक्षा बीमा लेकर आया है, जिसमें वर्ष में महज 299 और 399 रुपए के प्रीमियम के साथ लाभार्थी का 10 लाख रुपए का बीमा होगा। एक साल खत्म होने के बाद अगले साल यह बीमा रिन्यू करवाना होगा। इसके लिए इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक में लाभार्थी का खाता होना अनिवार्य है। उक्त जानकारी वाराणसी परिक्षेत्र के पोस्टमास्टर जनरल श्री कृष्ण कुमार यादव ने दी। 

पोस्टमास्टर जनरल श्री कृष्ण कुमार यादव ने बताया कि इण्डिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक और टाटा ए.आई.जी के मध्य हुए एक एग्रीमेंट के तहत 18 से 65 वर्ष आयु  के लोगों को यह सामूहिक दुर्घटना बीमा सुरक्षा मिलेगी। इसके तहत, दोनों प्रकार के बीमा कवर में दुर्घटना से मृत्यु, स्थाई या आंशिक पूर्ण अपंगता, अंग विच्छेद या पैरालाइज्ड होने पर 10 लाख रुपए का कवर मिलेगा। साथ ही साथ इस बीमा में दुर्घटना से हॉस्पिटल में भर्ती रहने के दौरान इलाज हेतु  60,000 रुपए तक का आई.पी.डी खर्च और ओ.पी.डी में 30,000 रुपए तक का क्लेम मिलेगा। वहीं, 399 रुपए के प्रीमियम बीमा में उपरोक्त सभी लाभों के अलावा दो बच्चों की पढ़ाई के लिए एक लाख तक का खर्च, दस दिन अस्पताल में रोजाना का एक हजार खर्च, किसी अन्य शहर में रह रहे परिवार हेतु ट्रांसपोर्ट का 25,000 रूपए तक का खर्च और मृत्यु होने पर अंतिम संस्कार के लिए 5,000 तक का खर्च मिलेगा।

वाराणसी पूर्वी मंडल के प्रवर डाक अधीक्षक राजन राव ने बताया कि इस सामूहिक दुर्घटना बीमा सुविधा में पंजीकरण के लिए लोग अपने नजदीकी डाकघर में संपर्क कर सकते हैं।

शुक्रवार, 14 जुलाई 2023

SP minority के जिलाध्यक्ष डा. दिलशाद का स्वागत


Varanasi (dil India live)। समाजवादी पार्टी अल्पसंख्यक सभा के नवनियुक्त जिलाध्यक्ष डा. दिलशाद अहमद का समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता जनाब अतहर जमाल लारी ने जोरदार स्वागत किया। इस दौरान अल्पसंख्यक सभा का उन्हें जिला अध्यक्ष बनाए जाने पर मुबारकबाद देते हुए उम्मीद जाहिर की कि उनके नेतृत्व में समाजवादी पार्टी और अल्पसंख्यक सभा बहुत ही आगे बढ़ेगी। वर्ष २०२४ में होने वाला चुनाव सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव  बडा कमाल करेंगे। इस मौके पर शमीम अंसारी, रितेश केसरी आदि मौजूद थे।

Vishal Krishna के कत्थक नृत्य मोर की गत पर झूमें श्रोता

Benaras घराने के शास्त्रीय संगीत से रुबरु हुए विद्यार्थी 

Varanasi (dil India live). बनारस घराने के शास्त्रीय संगीत विधा से विद्यार्थियों को जागरूक करने के लिए सिडबी एवं स्पिक मैके वाराणसी के विभिन्न स्कूल कॉलेजों में कार्यशालाओं के माध्यम से छात्र छात्राओं को प्रशिक्षित करने का बीड़ा उठाया है। इसी कड़ी में सिडबी और स्पिक मैके के संयुक्त तत्वाधान में संत अतुलानन्द कान्वेंट स्कूल कोइराजपुर में पांच दिवसीय कार्यशाला के अंतिम दिन बनारस घराने के कत्थक नृत्य के कलाकार विशाल कृष्ण के एकल शास्त्रीय नृत्य का आयोजन किया गया. कार्यक्रम का शुभारम्भ संस्था सचिव राहुल सिंह, निदेशक डॉ वंदना सिंह तथा प्रधानाचार्य डॉ. नीलम सिंह ने शमां रौशन करके किया.

कार्यक्रम का आरम्भ सावन के महीने में तेवरा ताल में निबद्ध डमरू पाणी शूल पाणी हे नटराजन नमो नमः से हुआ. अंतर्राष्ट्रीय ख्यातिप्राप्त विशाल कृष्ण ने तीन ताल की जुगलबंदी में तबले और घुंघरु के साथ जबाब और सवाल किए तथा, गिनतियों की तिहाई के साथ सावन के महीने में मोर की गत पर नृत्य किया, जिससे सभी का मन मयूर नृत्यशील हो उठा ।उन्होंने कजरी बरसन लागी सावन बुदिया राजा तोरे बिना लागे जिया...गीत पर नृत्य कर खूब तालियां बटोरी।

इस कार्यशाला में प्रशिक्षणरत विद्यालय की नृत्य कला वर्ग की छात्राओ ने भी अपनी मनमोहक प्रस्तुति से सभी का मन मोह लिया। इस कार्यक्रम में तबले पर श्री उदय शंकर मिश्रा एवं हारमोनियम पर शक्ति मिश्रा ने संगत किया। इस अवसर पर विद्यालय के पूर्व छात्र तथा भरतनाट्यम के ख्यातिप्राप्त कलाकार श्री सौरभ त्रिपाठी ने उपस्थित होकर विद्यार्थियों का मनोबल बढ़ाया ।

 संचालन कक्षा 12 कला वर्ग की छात्रा इफरा शाहीन ने एवं धन्यवाद ज्ञापन साक्षी केसरी व प्रमोद विश्वकर्मा नें दिया। उक्त अवसर पर संगीत विभाग की शिक्षिका सुनीता पाण्डेय, माधुरी मिश्रा, विनोद मिश्र व पवन सिंह उपस्थित रहें ।