बुधवार, 16 जुलाई 2025

India Post : भारतीय डाक कर्मचारी महासंघ के आह्वान पर Varanasi के डाककर्मियों ने कराया विरोध दर्ज

40 सूत्रीय मांगों को लेकर बाहों पर बांधी काला पट्टी और जनहित में किया काम


Varanasi (dil India live).भारतीय डाक कर्मचारी महासंघ के आह्वान पर वाराणसी परिक्षेत्र के सभी वर्गों के संघ के वरिष्ठ पदाधिकारीयों सहित डाक कर्मियों ने आज अपनी 40 सूत्रीय मांगों के मांग को पूरी करने हेतु काला फीता बाँध कर कार्य करते हुए विरोध दर्ज कराया है  l इन  मांगों की सुनवाई नहीं होने पर मंडल स्तर पर दिनांक 22 जुलाई को कार्यालय अवधि के बाद धरना प्रदर्शन करेंगे तथा 31 जुलाई को सांकेतिक हड़ताल करेंगे  उसके बाद सुनवाई नही हुई तो दिनांक 18 अगस्त से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाएंगे आज वाराणसी परिक्षेत्र के जिन डाक कर्मियों ने ब्लैक बैज में भाग लिया है उनके नाम प्रमुख रूप से प्रकार है। राम रतन पांडेय प्रांत अध्यक्ष, जगदीश शादेजा राष्ट्रीय उपाध्यक्ष, सदानंद मंडल सचिव, कुल भूषण तिवारी, मृत्युंजय कुशवाहा मंडल सचिव वाराणसी पश्चिम, चंद्र भान, राकेश किरन, कुलदीप तिवारी, जौनपुर, राजीव द्विवेदी, के एन सिंह, मिर्जापुर, विकास राय, अभिषेक पांडेय, अभिनव राय, सन्नी गुप्ता, रवि रंजन, हरिशंकर, प्रदीप यादव, अतुल मौर्य, संजय मौर्य, अमित यादव, संतोष मिश्र, दिवस पटेल, मनीष पांडेय, दिनेश तिवारी, नीतीश पांडेय सहित बड़ी संख्या में डाक कर्मी भी शामिल रहेI 

ब्लैक बैज डे के समापन के पश्चात राष्ट्रीय उपाध्यक्ष जगदीश चंद्र शादेजा सभी का आभार प्रकट किया और राम रतन प्रांत अध्यक्ष ने आश्वासन दिया कि कर्मचारियों के हित के लिये हमेशा संघर्ष करेंगे।

मंगलवार, 15 जुलाई 2025

UP: Varanasi Main हज जायरीन का हुआ खैरमकदम

हाजी साहेबान को पहनाया गया अरबी रुमाल 

Varanasi (dil India live). हज बैतुल्लाह से सरफराज होकर हाजियों के अपने मुल्क वापसी पर इसरा (ISSRA) वाराणसी यूपी द्वारा खजुरी स्थित "ड्रीम पैलेस मैरेज लॉन" में हाजियों के खैरमकदम एवं अभिनंदन समारोह' का आयोजन मौलाना अब्दुल हादी खां हबीबी की सदारत व मौलाना हसीन अहमद हबीबी की निजामत में आयोजित किया गया। जिसमें हाजियों व हज्जिनों को अरबी रूमाल पहनाने के बाद माल्यार्पण कर उनका खैरमकदम किया गया। 


इंडोनेशिया के बाद सबसे ज्यादा हाजी भारत से 

इस दौरान इसरा के जनरल सेक्रेटरी हाजी फारुख खां ने बताया कि वर्ष 2025 में सम्पूर्ण भारत से जाने वाले हज जायरीन की संख्या पूरे विश्व में दूसरे नम्बर पर थी। जिसमें प्रथम स्थान पर इण्डोनेशिया के हज यात्री थे। भारत के सबसे बड़े प्रान्त उत्तर प्रदेश से हज यात्री दूसरे प्रान्तों की अपेक्षा सबसे अधिक थे। इसरा (ISSRA) के द्वारा लगाये गये हज ट्रेनिंग कैम्प में हज जायरीन को हज से मुत्तालिक पूरी जानकारी दी गई। जिससे हज जायरीनों को हज के अरकानों को मुकम्मल करने में आसानी हुई। 


नबी के रौज़े पर जारी हो गया आंसू

हज बैतुल्लाह से सरफराज होकर तथा हुजूर सल्लाहो अलैहे वसल्लम के रौज-ए-अकदस की जियारत से सकुशल वापस आने पर वाराणसी से हाजी रियाज अहमद, बदरूद्दीन, शमशेर अली, मो. आलम का कहना था कि हम सब लोग खुशकिस्मत थे कि हमारी रवानगी मदीना मुनव्वरा के लिए हुई। हमने यह दिल में सोचा था कि जब रौज-ए-अकदस (स.) आंखों के सामने होगा तो अपने दिल का हाल बयान करूंगा व दिल से तमाम दुआएँ मागूंगा लेकिन जब रौज-ए-अकदस (स.) गुम्बदे खजरा व रौज-ए-अकदस निगाहों के सामने आया तो आंखों से सिर्फ आसूं ही जारी हो गये और हम सब सिर्फ हाथ उठाकर रोते रहे न तो दिल की बातें याद रही और न ही दुआएं याद रही।


गाजीपुर से आये हाजी नफीस अंसारी 'बिस्मिल्लाह का कहना था कि इसरा (ISSRA) द्वारा हज टेनिंग कैम्प में मिली जानकारी और संस्था द्वारा बांटे गये पर्चे से हम लोगों को हज के अरकानों को पूरा करने में काफी सुविधा हुई और अरकानों और दुआओं को बार-चार रटना नहीं पड़ा।

बलिया से आये हाजी मुन्नवर हुसैन का कहना था कि वाकई काबा शरीफ तथा मस्जिद नबवी (स.) में अल्लाह तआला की रहमत बरसती है और चौबीसों घण्टे नूर की बारिश होती रहती है और अल्लाह तआला गैब से अपने मेहमानों की मदद फरमाता है। ऐसे ही रामनगर से आये हाजी अनवारूल, हाजी अली बख्श, हाजी अफजाल व  अनीस अहमद का कहना था कि अल्लाह तआला अपने हाजियो को पूरी दुनियां से हज बैतुल्लाह से सरफराज करने के लिए बुलाता है और अपने मेहमानों के लिए इस पाक सरजमीं पर फरिश्तों को भेजकर उनकी मदद मेहमाननवाजी फरमाता है, और उसकी रहमों करन से हाजी हज के मुश्किल अरकानों को पूरा कर पाता है। वाकई एक ही दिन में उमराह और कई-कई तवाफ करने के बाद जम-जम पीकर अल्लाहतआला की बारगाह में जब सेहत की दुआ की जाती है तो सारी थकान दूर हो जाती है। अल्लाह तआला फिर से ऐसी कूबत अता करता है कि बार-बार तवाफ और उमराह किया जाता था। 

ऐसे ही चन्दौली से आये मसीउद्दीन खॉ, हाजी नियामत उल्ला ने बताया कि इबादत में 40 दिन बीत गये पता ही नहीं चला और अभी खुदा की इबादत से अभी दिल भरा ही नहीं था कि वापस जाने की बारी आ गई और तवाफे विदा करने की बारी आई तो ऐसा लगा कि रूह जिस्म से निकल जायेगी। 6. सोनभद्र से आये मो० आरिफ खों मदीना में हुजूर स० के रौजए अकदस के सामने अदब के साथ खड़े होकर जब हमने रो-रो कर अपने और सभी हाजियों के हज के अरकानों या बखैरियत पूरा होने और हज के मुश्किल अरकानों को आसानी से पूरा होने के लिए दुआ की तो अल्लाह ने हम सभी को हज बैतुल्लाह से सरफराज किया और हम लोग अल्लाहतआला करम से अपने अपने मुल्कों में बखैरियत पहुँच गये। प्रोग्राम के अंत में सभी ओलमा व हाजी साहबानों ने मिलकर यह दुआ कि जो लोग इस साल 2025 हज में किन्हीं वजहों से हज पर नहीं जा पाये हैं या जिनकी तमन्ना 2026 में हज पर जाने की है उन्हें अल्लाह अपने रहम व करम से इस साल हज 2026 में सरफराज फरमाये।

इनकी रही खास मौजूदगी 

औरतों में लेडीज हज ट्रेनर सबीहा खातून, समन खां, निकहत फातमा, अनम फातमा सहित हज्जिन बहीदुन, चांद, अफसाना, खूश्बू बानो, दरख्शा, खालिदा बेगम, कमरुन्निसा, खैरून्निशा, जरीना बेगम, सुबस्ता खान, सफिया बेगम, नफीसा बेगम, सुल्ताना बीबी, जरीना बीबी आदि मौजूद थी। इस मौके पर उलेमा में मौलाना अब्दुल हादी खां हबीबी, मौलाना निजामुद्दीन चतुर्वेदी, हाफिज गुलाम रसूल, मौलाना मुबारक ने जलसे को खेताब किया। हाफिज हबीबुर्रहमान, कारी शहाबुद्दीन, हाजी सैय्यद असफर अली बनारसी, डाक्टर हम्ज़ा तथा इसरा (ISSRA) के पदाधिकारी एवं सदस्यगण मौजूद थे।

19 Muharram: Varanasi Main मनाया गया इमाम हुसैन और शहीदाने कर्बला का 10 वां

पूर्व संध्या पर हुई घरों में मजलिसे, 18 जुलाई को निकलेगा जुलूस

Mohd Rizwan 

Varanasi (dil India live). 19 मोहर्रम, मंगलवार को कर्बला के 72 शहीदों का दसवां पर्व संध्या पर पूरी अकीदत के साथ मनाया गया। इस दौरान पूर्व संध्या पर मजलिसों का एहतमाम शहर के विभिन्न हिस्सों में किया गया। मजलिसों में नोहाख्वानी व मातम के दौरान लोगों की आंखें अश्कबार हो गई।

शिया जामा मस्जिद के प्रवक्ता सैयद फरमान हैदर ने काली महल की शिया मस्जिद में मजलिस को खिताब करते हुए कहा कि १४०० साल पहले इमाम हुसैन और उनके साथियों का दसवां मनाने वाला कोई न था। जो थे भी वो कैद में थे लेकिन आज उनका परचम सारी दुनिया में लहरा रहा है और इमाम हुसैन का किरदार सर चढ़ कर बोल रहा है। बनारस की सभी २८ अंजुमनों ने अपने अपने इलाके में मजलिस व नोहाख्वानी व मातम के साथ इमाम हुसैन समेत कर्बला के शहीदों व असीरो को खिराजे अकीदत पेश किया। 


कालीमहल के आज़ाखाना इमदाद व फुरकान के पांच दिवसीय मजलिस के अंतिम दिन बड़ी संख्या में खवातीन ने शिरकत कर नोहाख्वानी व मातम किया। मजलिस को बतूल फातमा ने खिताब किया। नुजहत फातमा के संयोजन में नौशीन फातमा और आनया फातमा ने दर्द भरे नोहे पेश किए। फरमान हैदर ने बताया कि बुधवार और गुरुवार को भी मजलिस और ताबूत का आयोजन होगा। वहीं दसवें का जुलूस अठारह जुलाई शुक्रवार को अंजुमन हैदरी चौक के जेरे इंतजाम दालमंडी चाहममा से रात नौ बजे निकाला जाएगा। अलम और ताबूत का ये कदीमी जुलूस अपने कदीमी रास्तों से होता हुआ दरगाहे फातमान पर समाप्त होगा।

UP: Varanasi Main गलत बिल के सुधार के लिए जानिए कब लगेगा कैंप

पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम द्वारा 17 से 19 तक बिल रिवीजन मेगा कैम्प

मेगा कैम्प में नये संयोजन, भार वृद्धि, खराब मीटर, बिल संशोधन, विधा परिवर्तन, बिल जमा इत्यादि की शिकायतों का होगा निस्तारण

शिकायतों के निस्तारण के लिए प्रातः 10:00 से 05:00 तक लगेगा मेगा कैम्प

Sarfaraz Ahmad 

Varanasi (dil India live)। उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन लिमिटेड समस्त उपभोक्ताओं को समय पर सही बिल उपलब्ध कराने के लिए सहयोगी विद्युत वितरण निगमों में उपभोक्ताओं के हितों को ध्यान में रखते हुए 17, 18 एवं 19 जुलाई को 2025 को प्रातः 10:00 बजे से सायं 05:00 बजे तक नये संयोजन, भार वृद्धि, खराब मीटर, बिल संशोधन, विधा परिवर्तन, बिल जमा करने एवं अन्य सम्बन्धित कार्यों की शिकायतों का निस्तारण करने के लिए प्रत्येक खण्ड स्तर पर मेगा कैम्पों का आयोजन करने जा रहा है।

मेगा कैम्प में प्रत्येक शिकायत का पंजीकरण 1912 हेल्पडेस्क पर सुनिश्चित किया जायेगा एवं शिकायतकर्ता / आवेदनकर्ता का सही विवरण अंकित किया जायेगा। उपभोक्ता मेगा कैम्प पर पहुचकर अपनी शिकायत / विवरण 1912 हेल्पडेस्क पर सीधे अंकित करा सकेगा एवं मौके पर ही 1912 की शिकायत की रसीद उपभोक्ताओं को उपलब्ध कराई जायेगी।

प्राप्त शिकायतों के सापेक्ष बिल रिवीजन एंव अन्य पर कार्यवाही प्रत्यके अवस्था में एक सप्ताह के अन्दर पूर्ण करना सुनिश्चित किया जायेगा । प्रत्येक शिकायत को संज्ञान में लेकर यदि आवश्यक हो तो मौके पर जाकर मीटर सही, परन्तु गलत रीडिंग अथवा मीटर खराब इत्यादि की स्पष्ट आख्या निर्धारित प्रारूप में प्राप्त की जायेगी एवं आख्या के आधार पर बिल रिवीजन एवं अन्य शिकायतों का निस्तारण किया जायेगा। बिल रिवीजन के उपरान्त एक बिल रिवीजन मेमो ( BRIM) RMS से स्वतः जनरेट होगा, जिसे प्रत्येक उपभोक्ता अपने Online account में देख सकेगा।

विद्युत बिल सुधार एवं अन्य शिकायतों का निस्तारण एवं उपभोक्ताओं के हितों का विशेष ध्यान रखने के उद्देश्य से उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन एवं सहयोगी डिस्कॉम स्तर के अधिकारियों को जनपद/खण्ड आवंटित किये जायेंगे। इन अधिकारियों से प्रत्येक दिवस कैम्प से संबंधित आख्या प्राप्त की जायेगी तथा यदि कैम्प की कोई कमियां / त्रुटि दृष्टिगोचर होती है उसका निस्तारण करना सुनिश्चित किया जायेगा।

अधिशासी अभियन्ता (वितरण), उपखण्ड अधिकारी एवं सहायक अभियन्ता मीटर अपने अधीनस्थों सहित कैम्प में उपस्थित रहेंगे तथा उपभोक्ताओं को कोई असुविधा न हो इसके लिए कैम्प द्वारा उपभोक्ताओं के बैठन व पानी पीने की समुचित व्यवस्था करेगा। यह अभियान उपभोक्ताओं के विश्वास को सुदृढ़ करने एवं पारदर्शी सेवाएं प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। सभी उपभोक्ताओं से अनुरोध है कि वे इस अवसर का लाभ उठाकर अपनी समस्याओं का समाधान करायें।

सोमवार, 14 जुलाई 2025

UP: बाढ़ के खतरे को देख Varanasi Main बाढ़ कंट्रोल रूम खोला गया

02 सेंटीमीटर प्रति घंटे की दर से बढ़ रहा गंगा का जलस्तर
ऊपर गलियों में शुरू हुआ शवदाह, नीचे उफ़ान पर गंगा 

Sarfaraz Ahmad 

Varanasi (dil India live). वाराणसी में गंगा नदी बढाव की ओर है। 14 जुलाई 2025 को सायं 4:00 बजे केंद्रीय जल आयोग के अनुसार जनपद वाराणसी में गंगा नदी का जलस्तर 67.94 है जिसमें 02 सेंटीमीटर प्रति घंटा की दर से वृद्धि हो रही है। 

संभावित बाढ़ के दृष्टिगत आम जनमानस शिकायत एवं समस्याओं के निस्तारण के लिए 24X7 जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, कलेक्ट्रेट वाराणसी में बाढ़ कंट्रोल रूम खोला गया है। कण्ट्रोल रूम में शिफ्टवार अधिकारी एवं कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है, कंट्रोल रूम का दूरभाष संख्या 0542-2508550, 2504170 एवं व्हाट्सप्प नम्बर 9140037137 है। यह जानकारी जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, वाराणसी ने दी है। उधर बाढ़ को देखते हुए शवदाह अब गलियों और ऊपर के हिस्सों में किया जा रहा है। 

UP Tourism: Varanasi के 84 घाटों के लिए जीपीएस युक्त ऑडियो बुक विकसित

मोबाईल पर मिलेगा काशी के घाटों का इतिहास- जयवीर सिंह

महत्ता एवं पौराणिकता की भी मिलेगी एप पर जानकारी

Varanasi (dil India live). उत्तर प्रदेश सरकार पर्यटन (UP Tourism) विभाग वाराणसी आने वाले पर्यटकों के अनुभव को और अधिक समृद्ध बनाने के उद्देश्य से एक अभिनव डिजिटल पहल कर रहा है। इस योजना के अंतर्गत काशी के 84 प्रतिष्ठित घाटों के लिए एक जीपीएस युक्त ऑडियो बुक विकसित की जा रही है। ऑडियो बुक के माध्यम से पर्यटकों को नवीनतम् जानकारी प्राप्त होगी।

यह जानकारी उ0प्र0 के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने दी। उन्होंने बताया कि पर्यटन विभाग वाराणसी के आध्यात्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन स्थलों और उससे जुड़ी जानकारियों को डिजिटल रूप में पेश करेगा। जीपीएस युक्त ऑडियो बुक के माध्यम से अब पर्यटक काशी के सभी घाटों की ऐतिहासिक, धार्मिक और पौराणिक महत्ता को चलते-फिरते सुन सकेंगे। पर्यटकों को जानकारी हिंदी और अंग्रेजी के साथ-साथ विभिन्न भारतीय भाषाओं में प्रदान की जाएगी।


पर्यटन मंत्री ने बताया कि यह ऑडियो बुक उत्तर प्रदेश पर्यटन के मौजूदा मोबाइल एप्लिकेशन में एकीकृत होगी। उपयोगकर्ताओं को किसी क्यूआर कोड या अलग से ऐप डाउनलोड करने की आवश्यकता नहीं होगी। चाहे पर्यटक घाटों पर पैदल चल रहे हों, गंगा में नौका विहार कर रहे हों या दूर बैठे वर्चुअली अनुभव ले रहे हों, वे जीपीएस के ज़रिए या मैनुअल चयन से स्थान-विशेष की ऑडियो जानकारी सुन सकेंगे। यह सुविधा ऑफलाइन मोड में भी उपलब्ध रहेगी, जिससे तीर्थयात्रियों, पर्यटकों, नाव यात्रियों और घर से काशी की सैर कर रहे लोगों को भी लाभ मिलेगा।


वाराणसी के प्रत्येक घाट को ऑडियो बुक में एक अध्याय के रूप में प्रस्तुत किया जाएगा, जिसमें शीर्षक दृश्य, विषयानुकूल पृष्ठभूमि से संबंधित संगीत और श्रवण बाधित व्यक्तियों के लिए लिखित सामग्री भी शामिल होगी। पेशेवर वॉयस आर्टिस्ट और कथावाचक इन कहानियों को जीवंत स्वरूप देंगे। साथ ही, इस डिजिटल ऑडियो बुक में उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग का लोगो युक्त विशेष रूप से डिजाइन किया गया कवर पेज भी होगा।

उत्तर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि वाराणसी के सभी 84 घाट केवल धार्मिक स्थल नहीं हैं, बल्कि हमारी समृद्ध सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत का जीवंत स्वरूप पेश करते हैं। इस जीपीएस युक्त ऑडियो बुक के माध्यम से हम जानकारियों को एक ऐसे अनुभव में प्रस्तुत कर रहे हैं, जो भाषा और स्थान की सीमाओं से परे है। चाहे गंगा किनारे चलना हो, नौका विहार करना हो या दूर बैठे सुनना हो, यह पहल काशी की अमर विरासत से जुड़ाव को और भी गहरा करेगी।

UP: karbala k 72 vir शहीदों का Varanasi में उठा ताबूत

बहत्तर ताबूत की जियारत को उमड़ा जनसैलाब 

जियारत कर आँखें हुई अश्क बार, अलम की भी हुई जियारत, ख्वातीन ने की मजलिस

मोहम्मद रिजवान 

Varanasi (dil India live). १७ मोहर्रम को सदर इमामबाड़ा लाट सरैया में ११ वें साल भी बहत्तर ताबूत का जुलूस निकाला गया। शिया जामा मस्जिद के प्रवक्ता हाजी फरमान हैदर ने बताया कि अंजुमन आबिदिया के जेरे इंतजाम तथा शहर की २७ अन्य अंजुमनों के सहयोग से ये बहत्तर ताबूत का अज़ीमो शान जुलूस उठाया गया। इस मौके पर कारी आबिद इमाम की तिलावत से प्रोग्राम का आगाज हुआ। शायरों ने कलाम पेश किए। सलीम बलरामपुरी, कैसे सुल्तानपुरी, रजब अली बनारसी, आदि ने इमाम की शान में कलाम पेश किया। मौलाना गुलज़ार हुसैन जाफरी अजमेरी ने मजलिस को खिताब करते हुए इमाम हुसैन, वाक्याते कुर्बला और उनके जीवन पर प्रकाश डाला। शहादत का तस्कीरा सुनकर लोगों की आँखें नम हुई। अंजुमन अज़ाये हुसैन दोषीपुरा ने दर्द भरा नोहा पेश किया। शामिल रिज़वी, वसीम अल्वी, वजीर हसन और इमामबाड़े के मुतवल्ली सज्जाद अली गुज्जन ने लोगो का इस्तेकबाल किया। पूरे प्रोग्राम का संचालन डॉ शफीक हैदर ने कर रहे थे। 

इस अवसर पर 72 ताबूत का तार्रुफ (परिचय) जाने माने एंकर जीशान आजमी ने कराया। 6 महीने के शहीद अली असगर का तजकिरा सुनकर लोगों की आंखों से आंसुओं की बरसात होने लगी। बनारस के अलावा आसपास के शहरों से भी 72 ताबूत के लिए लोग सदर इमामबाड़े पहुंचे हुए थे। प्रोग्राम में लोगों ने इमाम हुसैन की विजय का नारा भी लगाया। दूसरी ओर हाड़ा सराय में आबिद हुसैन उर्फी के संयोजन में अलम निकाला गया। मौलाना तौसीफ अली ने मजलिस को खिताब किया। काली महल में हाजी बाबू के अजाखाने में मौलाना जमीर हसन रिज़वी, अर्दली बाजार में मौलाना यूसुफ mashhadi ने मौलाना फुरकान हैदर और मौलाना एजाज ग़दीरी की बरसी की मजलिस को खिताब किया। अंजुमन इमामिया ने नोहा ख्वानी व मातम किया। वहीं कालीमहल के आज़ाखाना इमदाद व फुरकान में खवातीन की मजलिस को बुतूल फातिमा, माहे तलत फातिमा, कनीज फातमा, नुजहत फातेमा मजलिस को खिताब किया।