शनिवार, 28 दिसंबर 2024

सारनाथ में किसने मौत को लगाया गले जानिए आखिर युवती ने क्यों उठाया सख्त कदम

पुलिस पहुंची तो घर में फंदे से लटक रही थी युवती की लाश

  • Mohd Rizwan 


Varanasi (dil India live)। सारनाथ में एक युवती ने मौत को गले लगाकर अपनी जान दे दी जिससे वहां सनसनी फ़ैल गई। आखिर युवती ने क्यों उठाया यह सख्त कदम? पुलिस इस मामले के तहत में जाकर छानबीन कर रही है।

समाचार के संबंध में बताया गया है कि सारनाथ के छाहीं गांव में कमरे में फंदा लगाकर युवती ने आत्महत्या कर ली। घटना से परिजनों में कोहराम मच गया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। बता दें कि घटना शनिवार की सुबह लगभग करीब नाै बजे की है। छाहीं गांव में सारनाथ स्थित महाबोधि इंटर कॉलेज के कर्मचारी स्वर्गीय गोपाल वाल्मीकि की पुत्री छाया (24 साल) ने अपने कमरे में पंखे पर गमछा और दुपट्टे का फंदा लगा आत्महत्या कर ली। मृतका के भाई कृष्ण वाल्मीकि ने पुलिस को बताया कि मैं अपने फुफेरे भाई सत्यम को सुबह लगभग पाैने आठ बजे बीएचयू छोड़ने गया था। उससे पहले छाया दीदी ने हम लोग के लिए नाश्ता बनाया था। साथ में नाश्ता खाया भी था। नाश्ता करने के बाद मैं और कृष्णा घर से निकल गए थे। घर पर दीदी व छोटा भाई शांतनु था।

शांतनु ने बताया कि सुबह चाय पीने के बाद दीदी ने मुझे छत पर नहाने के लिए भेज दिया और खुद बोली कि मैं नीचे वाले बाथरूम में नहाऊंगी। लगभग 15 मिनट के बाद जब मैं नीचे आया तो दीदी को पुकार लगाने लगा लेकिन वह किसी कमरे में नहीं मिली। सामने वाले कमरे में खिड़की से देखा तो दीदी फंदे से लटकी हुई थी। दरवाजे का कुंडी बाहर से बंद थी। मैं कुंडी खोलकर कमरे में गया। उसके बाद अपने भाइयों को इस घटना की सूचना दी। आखिर युवती ने आत्महत्या क्यों की यह एक रहस्य बना हुआ है जिसकी जांच में पुलिस लगी हुई है।

मनमोहन सिंह को श्रद्धांजलि दे याद आयी उनकी उपलब्धि



Chandoli (dil India live). स्थानीय रिक्शा स्टैंड मुगलसराय चंदौली में हुई बैठक में पूर्व प्रधानमंत्री डॉ मनमोहन सिंह को श्रद्धांजलि दी गई। बैठक में सभी दलों के नेताओं ने उनके चित्र पर माल्यार्पण कर दो मिनट मौन धारण किया। इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा की स्वर्गीय मनमोहन सिंह के पांच फैसले बहुत महत्वपूर्ण लिए थे जो सदैव याद रखा जाएगा। शिक्षा का अधिकार कानून 2009 में, सूचना का अधिकार 2005 में, मनरेगा 2005, राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा कानून 2013 व भूमि अधिग्रहण कानून 2013। वक्ताओं ने कहा कि बहुत ही सरल व ईमानदार, कम बोलने वाले प्रधानमंत्री के रूप में सदैव वो याद किए जाएंगे।


इस अवसर पर मुख्य रूप से पूर्व जिला परिषद सदस्य अरविंद सिंह, मुगलसराय नगर पालिका अध्यक्ष सोनू किन्नर, पूर्व अध्यक्ष मुसाफिर चौहान, किसान न्याय मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष महेंद्र प्रसाद एडवोकेट, प्रदेश अध्यक्ष शमीम अहमद मिल्की, अकील अहमद बाबू, गुरु पुराण पटेल, तिलकधारी बिंद, मेवा लाल गुप्ता, सियाराम तिवारी, वंशलोचन सिंह, दाताराम बिंद, अंजू चौहान, बिजेंदर राम, दिलीप एडवोकेट, धर्मदेव कुशवाहा एडवोकेट, सुशील कुमार, पंकज यादव,कयामुद्दीन अंसारी, वंशलोचन, लक्ष्मण चौहान, सुरेंद्र चौरसियाआदि लोग उपस्थित थे।

Khwaja k Urs की शुरुआत आज झंडा की रस्म के साथ

अजमेर में झंडे की रस्म निभाएगा गौरी का परिवार

मोहम्मद रिजवान 
Ajmer (dil India live). अजमेर शरीफ में ख्वाजा गरीब नवाज के 813 वें सालाना उर्स के लिए 'झंडे की धार्मिक रस्म' निभाने भीलवाड़ा के लाल मोहम्मद गौरी का परिवार दो दिन से पहुंचा हुआ है। झंडे की रस्म लाल मोहम्मद गौरी के पोते फखरुद्दीन गौरी एवं सैय्यद मारूफ अहमद आज शाम निभाएंगे।

अजमेर दरगाह कमेटी के गरीब नवाज गेस्ट हाऊस में ठहरे गौरी परिवार के पास अजमेर में ही तैयार कराया गया झंडा पहुंच गया है, जिसे आज 28 दिसंबर को असर की नमाज के बाद जुलूस की शक्ल में ले जाकर दरगाह के बुलंद दरवाजे पर रोशनी से पहले चढ़ाया जाएगा। यहां 21 तोपों की सलामी भी दी जाएगी। इसी के साथ 813 वें सालाना उर्स की अनौपचारिक शुरुआत होगी।

इस दौरान दरगाह गेस्ट हाऊस से झंडे का जुलूस निकाला जाएगा। गौरी परिवार झंडे को थामे रहेगा। पुलिस बैंड की मधुर धुन तथा शाही कव्वाल का सूफियाना कलाम पेश होगा। झंडे के जुलूस में मोटे रस्सों की घेराबंदी की जाएगी ताकि झंडे को 'चूमने' के लिए उमड़ने वाले हुजूम से कोई अनहोनी न हो। इस दौरान झंडे की एक झलक पाने के लिए सड़कों, मकानों एवं होटलों की छतों तथा दरगाह परिसर में भारी भीड़ को देखते हुए दरगाह कमेटी का अमला तथा पुलिस मुस्तैद रहेगी। 

शुक्रवार, 27 दिसंबर 2024

Ex PM Manmohan Singh का जाना देश की क्षति, देश ने अनमोल सितारा खो दिया


Varanasi (dil India live). पूर्व प्रधानमंत्री डॉ मनमोहन सिंह के निधन से पूरा देश मर्माहत है। शोक संवेदना प्रकट करते हुए उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के निवर्तमान प्रदेश सचिव फसाहत हुसैन बाबू, उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी अल्पसंख्यक विभाग के प्रदेश महासचिव हसन मेहंदी कब्बन ने प्रेस रिलीज में कहा कि भारत के पूर्व प्रधानमंत्री डॉ मनमोहन सिंह विचारक और विद्वान के रूप में जाने जाते थे। उक्त नेताओं ने कहा कि1991में आर्थिक संकट के समय वित्त मंत्री के रूप में मनमोहम सिंह ने उदारीकरण की राह पर वैश्विक मंच पर नई पहचान बनाई, उनके योगदान को याद करते हुए उक्त नेताओं ने कहा कि भूमि अधिकरण कानून, वन अधिकार कानून, मनरेगा, सूचना का अधिकार, राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा कानून, ये सभी योजनाएं मनमोहन सिंह की देन है। मोहन मनमोहन सिंह के रूप में देश की बहुत बड़ी क्षति हुई है, देश ने महान अर्थशास्त्री के साथ साथ देश ने नायब अनमोल हीरा, अनमोल सितारा खो दिया l

Brilliant Oriantal School की पूर्व छात्रा रिफत जहां ने जीती जिला भाषण प्रतियोगिता

प्रभारी मंत्री अजीत सिंह व डीएम रविंद्र सिंह ने किया सम्मानित


Fatehpur (dil India live)। ब्रिलियंट ओरियंटल स्कूल की पूर्व छात्रा रिफत जहां ने भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की स्वर्ण जयंती के अवसर पर गांधी सभागार में हुई भाषण प्रतियोगिता में पहला स्थान प्राप्त किया।  इस उपलब्धि पर स्कूल में छात्रा को सम्मानित किया गया। इस मौके पर उसने कहा कि ब्रिलियंट ओरियंटल स्कूल प्रबंधन और टीचर्स ने प्रतिभा निखारने में मदद की थी। स्कूल में शिक्षा ग्रहण करने के दौरान काफी सीखने को मिला। इसकी वजह से ही जिला स्तर पर भाषण प्रतियोगिता में पहला स्थान मिला। 

 

प्रबंधक सैयद वासिफ हुसैन ने कहा कि स्कूल में उच्च शिक्षा के साथ डिबेट, क्विज, योगा के साथ खेल गतिविधियों में फोकस किया जाता है। इसी का नतीजा है कि ब्रिलियंट के छात्र हर क्षेत्र में नाम रोशन कर रहे हैं। इसी का नतीजा है कि रिफत ने भाषण प्रतियोगिता में पहला स्थान प्राप्त किया। उन्होंने उसके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। 

प्रधानाचार्य वकील अहमद ने कहा कि रिफत ने जिले में अपना ही नाम नहीं स्कूल का भी नाम रोशन किया है। 25 दिसंबर को मुख्य अतिथि प्रभारी मंत्री अजीत सिंह पाल व जिलाधिकारी रविंद्र सिंह ने छात्रा रिफत जहां को दस हजार का चेक देकर सम्मानित किया। छात्रा की माता शबनम भी स्कूल में टीचर हैं। रिफत की इस उपलब्धि पर ताहिर हुसैन, सैयद ताहा, अरशद नूर , सूफिया अशफाक, नायरा नूर, ताहिर हसन, अफजल, अजहर, अबैद, आसफा, अर्शी, अर्शिया आदि ने खुशी जताई।

दुनिया के प्रमुख अर्थशास्त्री, देश के पूर्व प्रधानमंत्री Manmohan Singh का निधन

पीएम मोदी, सोनिया गांधी, राहुल, प्रियंका गांधी समेत तमाम लोगों ने शोक जताया

देश में सात दिन का राजकीय शोक 


New Delhi (dil India live)। दुनिया के प्रमुख अर्थशास्त्री देश के पूर्व प्रधानमंत्री श्री मनमोहन सिंह अब इस दुनिया में नहीं रहे, उनका निधन हो गया है। उनके निधन की खबर से देश भर में शोक की लहर दौड़ गई है। खासकर कांग्रेस पार्टी के साथ ही देश दुनिया की यह बड़ी क्षति है। इस दौरान सोनिया गांधी, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, प्रियंका गांधी, राहुल गांधी, अरविंद केजरीवाल, मायावती आदि ने शोक व्यक्त किया। समाचार लिखे जाने तक शोक संवेदना व्यक्त करने का दौर जारी था। सोशल मीडिया पर यह खबर तेजी से देश दुनिया में फैल गई। इस दौरान देश में सात दिन का राजकीय शोक रहेगा। गांधी परिवार के बेहद नजदीकी रहे मनमोहन सिंह के निधन पर राहुल गांधी ने कहा कि हमने अपना मार्गदर्शक को दिया।

मनमोहन सिंह ने बदली देश की दशा-दिशा

भारत के पूर्व प्रधानमंत्री डॉ मनमोहन सिंह ने एक अर्थशास्त्री के रूप में अपने जीवन की शुरुआत की थी.योजना आयोग से लेकर वित्त मंत्री के पद पर रहे डॉ मनमोहन सिंह ने साल 2004 से 2014 तक देश के प्रधानमंत्री रहे। रिजर्व बैंक के गवर्नर जैसे पद पर रहे डॉ मनमोहन सिंह केंद्रीय वित्त मंत्री के रूप में आर्थिक संकट से जूझते देश को नई आर्थिक नीति का उपहार दिया। प्रधानमंत्री के पद पर रहते हुए उदारवादी आर्थिक नीति को बढ़ावा दिया और देश की अर्थव्यवस्था को नई उड़ान दी।

दरअसल डॉ मनमोहन सिंह का जन्म 26 सितंबर 1932 को गाह, पंजाब, ब्रिटिश भारत (अब पंजाब, पाकिस्तान) में एक सिख परिवार में गुरमुख सिंह और अमृत कौर के घर हुआ था.जब वह बहुत छोटे थे, तब उनकी मां की मृत्यु हो गई थी. उनकी नानी ने उनका पालन-पोषण किया और वह उनसे बहुत करीब थी. साल 1947 में विभाजन के समय उनका परिवार भारत आ गया था. भारत के विभाजन के बाद, उनका परिवार हल्द्वानी में निवास करने लगा।1948 में वे अमृतसर चले गए, जहां उन्होंने हिंदू कॉलेज, अमृतसर में अध्ययन किया. उन्होंने पंजाब विश्वविद्यालय, फिर होशियारपुर में अर्थशास्त्र का अध्ययन किया और 1952 और 1954 में क्रमशः स्नातक और मास्टर डिग्री प्राप्त की। वो अपने शैक्षणिक जीवन में हमेशा प्रथम स्थान पर रहे। मनमोहन सिंह ने 1958 में गुरशरण कौर से शादी की. उनकी तीन बेटियां हैं, उपिंदर सिंह, दमन सिंह और अमृत सिंह.

मनमोहन सिंह ने 1957 में कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय में अपना अर्थशास्त्र ट्रिपोस पूरा किया.वे सेंट जॉन्स कॉलेज के सदस्य थे। डी फिल. पूरा करने के बाद सिंह भारत लौट आए. वे 1957 से 1959 तक पंजाब विश्वविद्यालय में अर्थशास्त्र के वरिष्ठ व्याख्याता रहे। साल 1959 और 1963 के दौरान, उन्होंने पंजाब विश्वविद्यालय में अर्थशास्त्र में रीडर के रूप में काम किया और 1963 से 1965 तक वे वहाँ अर्थशास्त्र के प्रोफेसर रहे। ऑक्सफोर्ड से अर्थशास्त्र में डॉक्टरेट की उपाधि प्राप्त करने के बाद डॉ मनमोहन सिंह ने 1966-1969 के दौरान संयुक्त राष्ट्र के लिए काम किया।

मनमोहन सिंह की नई पारी

उन्होंने अपना नौकरशाही करियर तब शुरू किया जब ललित नारायण मिश्रा ने उन्हें वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय में सलाहकार के रूप में नियुक्त किया।1970 और 1980 के दशक के दौरान मनमोहन सिंह ने भारत सरकार में कई प्रमुख पदों पर कार्य किया, जैसे कि मुख्य आर्थिक सलाहकार (1972-1976), रिजर्व बैंक के गवर्नर (1982-1985) और योजना आयोग के प्रमुख (1985-1987).1982 में, उन्हें तत्कालीन वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी के अधीन भारतीय रिजर्व बैंक का गवर्नर नियुक्त किया गया और 1985 तक इस पद पर रहे.1985 से 1987 तक योजना आयोग (भारत) के उपाध्यक्ष बने. योजना आयोग में अपने कार्यकाल के बाद, वे 1987 से नवंबर 1990 तक जिनेवा, स्विट्जरलैंड में मुख्यालय वाले एक स्वतंत्र आर्थिक नीति थिंक टैंक, साउथ कमीशन के महासचिव थे. मनमोहन सिंह सिंह नवंबर 1990 में जिनेवा से भारत लौट आए और चंद्रशेखर के कार्यकाल के दौरान आर्थिक मामलों पर भारत के प्रधान मंत्री के सलाहकार के रूप में पद संभाला. मार्च 1991 में, वे विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के अध्यक्ष बने. साल 1991 में, जब भारत एक गंभीर आर्थिक संकट का सामना कर रहा था, नव निर्वाचित प्रधान मंत्री पीवी नरसिम्हा राव ने गैर-राजनीतिक मनमोहन सिंह को वित्त मंत्री के रूप में अपने मंत्रिमंडल में शामिल किया. हालांकि ये उपाय संकट को टालने में सफल साबित हुए और वैश्विक स्तर पर सुधारवादी अर्थशास्त्री के रूप में मनमोहन सिंह की प्रतिष्ठा को बढ़ाया, जून 1991 में, तत्कालीन भारत के प्रधानमंत्री पी. वी. नरसिंह राव ने सिंह को अपना वित्त मंत्री चुना। 2004 में जब कांग्रेस के नेतृत्व वाली संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन सत्ता में आई, तो इसकी अध्यक्ष सोनिया गांधी ने अप्रत्याशित रूप से प्रधानमंत्री पद मनमोहन सिंह को सौंप कर सभी को चौका दिया।

उनके पहले मंत्रालय ने राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन, विशिष्ट पहचान प्राधिकरण, ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना और सूचना का अधिकार अधिनियम सहित कई प्रमुख कानून और परियोजनाएं क्रियान्वित कीं.अपना कार्यकाल समाप्त होने के बाद, उन्होंने 2014 के भारतीय आम चुनाव के दौरान प्रधानमंत्री पद की दौड़ से बाहर होने का विकल्प चुना. मनमोहन सिंह कभी भी लोकसभा के सदस्य नहीं रहे, लेकिन उन्होंने 1991 से 2019 तक असम राज्य और 2019 से 2024 तक राजस्थान का प्रतिनिधित्व करते हुए राज्यसभा के सदस्य के रूप में कार्य किया।

गुरुवार, 26 दिसंबर 2024

Police Commissioner Varanasi मोहित अग्रवाल ने किया दालमंडी का पैदल भ्रमण

सीपी द्वारा भ्रमण कर, बाजार, सार्राफा बाजार व भीड़-भाड़ वाले क्षेत्रों में की गयी पैदल गश्त  

पर्यटकों व श्रद्धालुओं के लिए सुगम यातायात के दिये आवश्यक निर्देश

-प्रमुख मार्गों में बेतरतीव खड़े वाहनों की पार्किंग पर दी चेतावनी, कार्यवाही के निर्देश

  • सरफराज अहमद 

Varanasi (dil India live). पुलिस आयुक्त कमिश्नरेट वाराणसी मोहित अग्रवाल द्वारा दालमण्डी क्षेत्र का भ्रमण किया गया। भ्रमण के दौरान पुलिस आयुक्त द्वारा यातायात संचालन व्यवस्था व अतिक्रमण के विरूद्ध चलाये जा रहे अभियान का निरीक्षण किया गया। वर्ष की समाप्ति/छुट्टियों के दृष्टिगत काशी में बढ़े श्रद्धालुओं/पर्यटकों के आवागमन दृष्टिगत श्री काशी विश्वनाथ मंदिर व अन्य प्रमुख मंदिर व पर्यटक स्थलों में सुगम दर्शन व भीड़ नियंत्रण हेतु आवश्यक व्यस्थाओं को किये जाने के लिए सम्बन्धित लोगों को निर्देशित किया गया। निरीक्षण के दौरान श्रीकाशी विश्वनाथ धाम क्षेत्र, दालमण्डी बाजार, सर्राफा बाजार, भीड़-भाड़ वाले स्थानों पर पैदल गश्त की गयी। इस दौरान यातायात नियमों का कड़ाई से पालन कराने और अवैध पार्किंग जैसी समस्याओं पर विशेष ध्यान दिये जाने हेतु सम्बन्धित को आवश्यक दिशा-निर्देश दिये गये। इस दौरान पुलिस उपायुक्त काशी गौरव वंशवाल, सम्बन्धित सहायक पुलिस आयुक्त व थाना प्रभारी मौजूद रहें ।