सोमवार, 18 नवंबर 2024

Hazrat Imam Zainul abedin इस्लाम की पहचान, इबादतों की शान

हज़रत जैनुल आबेदीन की जयंती पर सजी महफिलें, गूंजे कलाम


Varanasi (dil India live). शाहीदाने कर्बला इमाम हुसैन के बेटे, इबादतों की शान चौथे हज़रत इमाम जैनुल आबेदीन की १४०८ वी जयंती देश और दुनिया के साथ ही अपने शहर बनारस में भी शिया समुदाय ने खुशियों के माहौल में इमाम का जश्न ए विलायत मनाया। महफिलों का सिलसिला सुबह की नमाज के बाद शुरू हो गया। मस्जिद कायम भेलूपुर में पहली महफिल का आयोजन हुआ। शाम को सदर इमामबाड़ा लाट सरैया में खुशियों के चिराग रौशन हुए।

इस अवसर पर तकरीर करते हुए शिया जामा मस्जिद के प्रवक्ता हाजी फरमान हैदर ने कहा कि इमाम जैनुल आबेदीन ने सारी दुनिया को दुआ मांगने का सलीका सिखाया और सब्र से हर जंग जीतने का तरीका बताया। रसूल के चौथे जानशीन ने अपने दादा हजरत अली, अपने पिता इमाम हुसैन के पैगाम को सारी दुनिया तक पहुंचाया और सबको सही तरीके से जिंदगी गुजरने का सलीका सिखाया। 


इमाम जैनुल आबेदीन का जन्म १४०८ साल पहले १५ जमादी उल अव्वल  ३८ हिजरी को मदीने में हुआ था। शिया बहुल इलाको की २८ अंजुमनों ने रामनगर , बजरडीहा, मदनपुरा, दालमंडी, नयी सड़क, लल्लापुरा, शिवपुर, अर्दली बाजार, नकखी घाट, दोषीपुरा, कच्चीबाग, राजपुरा, पठानीटोला, मुकीमगंज, प्रहलाद घाट, पड़ाव, दुल्हाईपुर, आदि क्षेत्रों में शिया हजरात ने महफिल सजाई और इमाम की जयंती का जश्न मनाया। इस अवसर पर कलाम पेश करने वालों में रेहान बनारसी, अतश बनारसी, अंसार बनारसी, वफ़ा बुतराबी, रोशन बनारसी आदि शामिल रहे। तकरीर करने वाले उलमा में मौलाना ज़मीरुल हसन, मौलाना अकील हुसैनी, हैदर अब्बास, तौसीफ अली, अज़ादार हुसैन, गुलज़ार मौलाई आदि लोग शामिल रहे।

रविवार, 17 नवंबर 2024

मझवा से पहले SP मुखिया अखिलेश यादव का बनारस में जोरदार स्वागत


Varanasi (dil India live). सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव रविवार को बनारस पहुंचे। बनारस के लाल बहादुर शास्त्री अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर कार्यकर्ताओं ने उनका स्वागत किया। वहां से अखिलेश यादव मझवां विधानसभा उपचुनाव में जनसभा को संबोधित करने के लिए रवाना हो गए। अखिलेश रविवार की शाम लगभग पौने पांच बजे वाराणसी एयरपोर्ट पहुंचे। वहां सपा कार्यकर्ताओं और समर्थकों का हुजूम उमड़ा। मोहम्मद ज़ुबैर की अगुवाई में सपा पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं ने अखिलेश यादव का फूल-मालाओं से स्वागत किया। उनके आगमन को लेकर कार्यकर्ताओं में खासा उत्साह रहा। अखिलेश यादव बाबतपुर एयरपोर्ट से मझवा के लिए रवाना हो गए। मझवा में अखिलेश की शाम छह बजे से जनसभा हुई। अखिलेश मझवा में जनसभा के दौरान आगामी चुनावी रणनीतियों और समाजवादी पार्टी के एजेंडे पर चर्चा की। इसके बाद अखिलेश मुंबई के लिए रवाना हो गए।

लखनऊ में नई सियासी पैतरेबाजी

भाजपा कार्यालय पर सपा संस्थापक मुलायम सिंह यादव की तस्वीर 


Lucknow (dil India live)। लखनऊ से नई सियासी पैतरेबाजी की खबर है। दरअसल भाजपा कार्यालय पर सपा संस्थापक मुलायम सिंह यादव की तस्वीर लगाई गई है। ये वही मुलायम सिंह यादव हैं जिन्हें भाजपा राम विरोधी और कारसेवकों पर गोली चलाए जाने का दोषी मानती रही है। फिर ये कैसी सियासी पैतरेबाजी है कि बीजेपी कार्यालय पर सपा संस्थापक रहे मुलायम सिंह यादव की तस्वीर लगाई गई है। बताया जा रहा है कि मुलायम सिंह यादव की तस्वीर उनकी ही बहू भाजपा नेता अपर्णा यादव ने लगवाई है। दरअसल नेताजी मुलायम सिंह की जयंती पर तस्वीर लगाकर श्रद्धांजलि दी गई है। हालांकि भाजपा कार्यालय पर नेताजी की तस्वीर देख बहुत से भाजपाई भी हैरत में पड़ गए हैं।

SOS Hermann माइनर की टीम टेनिस बाल क्रिकेट टूर्नामेन्ट में चैम्पियन


Varanasi (dil India live)। टेनिस बाल क्रिकेट टूर्नामेन्ट 2024 सीजन प्रथम का आयोजन टेथ्रीपॉन ओवरसीज और मिलन इण्टरप्राइजेज के तत्वाधान में एच० एस० एकेडमी, टीसौरा, चोलापुर कैम्पस में किया गया। जिसमें वाराणसी जिले के 14 विद्यालयों की टीमों ने हिस्सा लिया। इस टूर्नामेन्ट के सेमीफाईनल में पहुँचने वाली टीमें क्रमशः एचएस एकेडमी, चोलापुर, यूनिवर्सल पब्लिक स्कूल, जागरण पब्लिक स्कूल और एसओएस हर्मन माइनर थी। फाईनल मुकाबला एसओएस हर्मन माइनर और यूनिवर्सल पब्लिक स्कूल, चन्दौली के बीच खेला गया, इस टुर्नामेन्ट में तृतीय स्थान पर जागरण पब्लिक स्कूल, द्वितीय स्थान पर यूनिवर्सल पब्लिक स्कूल और प्रथम स्थान पर एसओएस हर्मन माइनर स्कूल की टीम रही। टूर्नामेन्ट के समापन समारोह में एचएस एकेडमी के प्रधानाचार्य मो. आमिर, खेल प्रशिक्षक करुणाकर राय, कोच रवि मौर्य, आशीष सिंह, चन्द्रिका मौर्य मौजूद रहे। साथ में एसओएस हर्मन माइनर स्कूल के खेल प्रशिक्षक गुलाम मुस्तफा, जागरण पब्लिक स्कूल के खेल प्रशिक्षक प्रियेश और शेखर दूबे, डीपीएस काशी के उपप्रधानाचार्य तन्मय पाठक और यूनिवर्सल पब्लिक स्कूल के खेल प्रशिक्षक मिथलेश सुन्दरम मौजूद ने आयोजन की सफलता पर बधाई दी।

शनिवार, 16 नवंबर 2024

'हमारी फिक्र पर पहरा लगा नहीं सकते, हम इंकलाब है हमको दबा नहीं सकते'

'बेटियां है तो घर निराला है, घर में इनसे ही तो उजाला है....'

डीएवी कॉलेज में मुशायरे में शायरों ने दिया मोहब्बत का पैगाम


Varanasi (dil India live)। डीएवी पीजी कॉलेज के उर्दू विभाग के तत्वावधान में शनिवार को मुशायरे का आयोजन किया गया। कॉलेज के स्व. पीएन सिंह यादव स्मृति सभागार में आयोजित मुशायरे में शायरों ने उर्दू अदब की जुबान में राष्ट्रीय एकता, आपसी सौहार्द एवं मोहब्बत की शायरी सुनाकर मिसाल पेश की। प्रदेश के विभिन्न जनपदों से आये शायरों ने एक से एक शायरी प्रस्तुत कर श्रोताओं का दिल जीत लिया। 


मशहूर शायर समर गाजीपुरी ने सबसे पहले 'जहाँ हिन्दू मुसलमां सिख ईसाई रहते है मिलकर, जहाँ वालों उसी धरती को हिन्दुस्तान कहते है' सुनाया तो समूचा सभागार तालियों की गड़गड़ाहट से गूँज उठा। सुहैल उस्मानी ने 'अब मुझे तुम बुरा नही कहते, आईना देखने लगे हो क्या' सुनाया। मिर्जापुर से आये डॉ. शाद मशरीकी ने 'वही करता है खुशहाली की इज्जत, मज़ा चखा है जिसने मुफलिसी का' सुनाया। शमीम गाजीपुरी ने 'जरूर हाथ किसी का तो इसमें होता है चिराग खुद से कभी भी बुझा नहीं करते' सुनाया।

 


डॉ. नसीमा निशा ने 'बेटियां है तो घर निराला है, घर में इनसे ही तो उजाला है' सुनाया, प्रोफेसर इशरत जहां ने 'हम एक थे अपना यह भारत महान था, कश्मीर, पाक, वर्मा भी हिंदुस्तान था, आपस में एकता थी बड़ा इत्मीनान था, जन्नत नुमा हमारा तुम्हारा मकान था' सुनाया। अहमद आज़मी ने 'हमारी फिक्र पर पहरा लगा नहीं सकते, हम इंकलाब है हमको दबा नहीं सकते' सुनाकर खूब वाहवाही लूटी। बादशाह राही ने 'हक बयानी पर जब आ गया मुझको दुनिया सताने लगी' सुनाया, डॉक्टर कमालुद्दीन शेख उर्फ कमाल जौनपुरी ने 'अहले गुलशन के जख्मी बदन हो गए, अच्छे मौसम भी अब बदचलन हो गए' सुना कर महफ़िल का समापन किया। अध्यक्षता बसन्ता कॉलेज की पूर्व विभागाध्यक्ष प्रो. नफीस बानो ने किया।


इसके पूर्व महाविद्यालय के प्रबंधक अजीत कुमार सिंह यादव ने शुभकामनाएं दी, कार्यकारी प्राचार्य प्रो. राहुल ने शायरों का स्वागत किया। संयोजन उर्दू विभागाध्यक्ष डॉ. हबीबुल्लाह ने किया। इस मौके पर मुख्य रूप से प्रो. सतीश कुमार सिंह, प्रो. इंद्रजीत मिश्रा, प्रो. मधु सिसोदिया, प्रो. प्रशांत कश्यप, डॉ. संजय सिंह, प्रो. संजय शाह, डॉ. नजमुल हसन आदि सहित बड़ी संख्या में प्राध्यापक एवं विद्यार्थी शामिल रहे।

Road Show के दौरान अचानक बिगड़ी Govinda की तबीयत

महाराष्ट्र चुनाव में कर रहे थे प्रचार, बीच में ही छोड़ा रोड शो 


Varanasi (dil India live)। फिल्म अभिनेता गोविंदा फिर मुश्किल में हैं। इस बार वो चुनाव प्रचार के दौरान अचानक तबीयत बिगड़ने से मुश्किल में आ गए और अपना रोड शो छोड़ना पड़ा। शनिवार को जलगांव जिले में विधानसभा चुनाव में महायुति के लिए प्रचार करने आये थे। जहां पचोरा में उनका भव्य स्वागत किया गया। इसके बाद वो रोड शो कर रहे थे। इस दौरान कुछ देर बाद उनकी तबीयत खराब होने लगी। उनके सीने में तेज दर्द होने लगा और गोविंदा ने अपने पैर में भी दर्द होने की पुष्टि की। इसके बाद उन्होंने अपना रोड शोड बीच में ही छोड़ कर वापस मुंबई के लिए रवाना हो गए। उनके अचानक रोड शो छोड़ने और तबीयत ख़राब होने से फैंस में मायूसी देखी गई।

38000 Students को राहत देने की टीचर्स एसोसिएशन मदारिसे अरबिया की मांग

कामिल व फाज़िल मदरसा छात्रों को ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती विश्वविद्यालय से सम्बद्ध किया जाए-हाजी दीवान साहेब ज़मा

-मदरसा नियमावली से अगे बढ़कर फैसले ले रहे हैं अधिकारी, इससे हो रहा शिक्षकों का शोषण


Varanasi (dil India live)। टीचर्स एसोसिएशन मदारिसे अरबिया उत्तर प्रदेश ने कामिल व फाज़िल को ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती भाषा विश्वविद्यालय लखनऊ से सम्बद्ध कर 38000 छात्र-छात्राओं को राहत देने की मांग की है। मदरसों के साथ अब तक जारी सरकारी आदेश के अनुसार पालन न होने से शिक्षकों का शोषण बढ़ता जा रहा है। अधिकारी मदरसा नियमावली से अगे बढ़कर फैसले ले रहे हैं। सरकार हर महीने मदरसों के जांच के आदेश तो जारी कर दे रही है लेकिन इस के लिए कोई दिशा-निर्देश नहीं बना रही जिसका परिणाम यह है कि अधिकारी मदरसों की जांच कर रिपोर्ट नहीं जारी करते बल्कि कमियां बता कर शिक्षकों व कर्मचारियों का शोषण कर रहे हैं। माननीय सर्वोच्च न्यायालाय ने अपने फैसले में मदरसों पर हो रहे हर आपत्ति पर अपनी राय व्यक्त कर दी है। मदरसा बोर्ड को सविधान के अनुसार वैध मानते हुए माननीय सर्वोच्च न्यायालाय मदरसों में धार्मिक शिक्षा की अर्थ, महत्व और आवश्यकता पर प्रकाश डाला है। न्यायालय ने इसे एक बच्चे के सर्वांगीण विकास का माध्यम बताया है इस के बावजूद डर व खौफ का माहौल बनाया जा रहा है। इसे समाप्त किया जाना आवश्यक है। एसोसीएशन के महामंत्री दिवान साहेब ज़माँ ने यह मांग पराड़कर स्मृति भवन वाराणसी के ज़िला सम्मेलन में की। 


उन्होंने कहा कि इस कठिन व विपरीत परिस्थिति में भी शिक्षकों से जबरन त्याग पत्र लिये जा रहें हैं। उन्हें रीटायरमेंट लेने को मजबूर किया जा रहा है। जो नियम विरुद्ध है। इससे मदरसों की बदनामी हो रही है। शासनादेश का पालन न करते हुए शिक्षकों का वेतन मनमाने ढंग से रोका जा रहा है फिर सौदेबाजी कर इसे जारी कर दिया जा रहा है। नौकरी जाने के डर से डरा-सहमा शिक्षक हर शर्त पर जीने को मजबूर है। शिक्षकों को इस स्थिति से निकालने के लिए नियमावली 2016 में निलम्बन, निष्कासन, दंड और अपील का विस्तृत नियम सम्मीलित किया जाना अनिवार्य है।

मुख्य अतिथि विजय कुमार सिंह ने कहा कि अरबी मदारिस के छात्र-छात्राओं के लिये कामिल व फाज़िल कक्षाओं का होना आवश्यक है। इस सम्बन्ध में जो भी कानूनी सहायता होगी हर सम्भव की जायेगी। पूर्व एमएलसी डा. प्रमोद कुमार मिश्र ने अपने संबोधन में कहा कि हम सबके प्रिय नेता स्व० ओम प्रकाश शर्मा ने शिक्षकों एवं कर्मचारियों को ऐसी समस्याओं से निपटने के लिये शिक्षक महासंघ एवं शिक्षक-कर्मचारी समन्वय समिति बनाकर माध्यमिक, बेसिक, अरबी मदारिस और संस्कृत पाठशाला जैसी अन्य संगठनों को एक साथ चलने का संदेश दिया। जिसकी आवश्यकता एवं महत्व हम सब अच्छी तरह समझ रहे हैं। आज उसी की देन है कि हम सब एक स्थान पर बैठ कर अपनी समस्याओं के समाधान की चर्चा करते हैं। ज़िला सिक्रेटरी डा. नबीजान ने कहा कि 22 मार्च 2024 को हाईकोर्ट के निर्णय के बाद से अरबी मदारिस पर एक तुफान आ गया था। जिसका मुकाबला एसोसीएशन ने आप सभी लोगों के सहयोग से किया और कामयाबी हासिल की। एसोसीएशन हमारी और आपकी ताकत है। जिससे हम अपनी सेवा और अधिकारों की सुरक्षा कर सकते हैं। जिसकी मौजूदा मिसाल सर्वोच्च न्यायालय का निर्णय है। इसलिये संगठन को जितना ही मज़बूत व ताकतवर करेंगे उतनी आसानी से समस्याओं का समाधान होगा। अरबी मदारिस में आज भी हर मोड़ पर कई कठिन समस्यायें बाधा बनी है। जिसका हल एकता और निरन्तर प्रयास में है। मौलाना रियाजुद्दीन नोमानी ने अपने अध्यक्षीय भाषण में कहा कि अरबी मदरसों की शिक्षा के बारे में यह कहा जाता है कि इसमें वर्तमान समय के अनुसार शिक्षा नहीं दी जाती है। जबकि अरबी मदारिस में उर्दू अरबी के अतिरिक्त हिन्दी, अंग्रेजी, गणित, सामाजिक विषय, साइंस और कम्प्यूटर आदि की शिक्षा दी जाती है। यहाँ से शिक्षा ग्रहण करने वाले बच्चे विश्वविद्यालयों में प्रवेश लेते हैं और वहाँ से नुमायां कामयावी हासिल करके मुल्क का नाम रौशन करते हैं। हम लोगों ने हमेशा यह मांग की है कि अरबी मदारिस को किसी विश्वविद्यालय से सम्बद्ध कर दिया जाय ताकि कामिल व फाजिल की डिग्रियों अन्य स्नातक व स्नातकोत्तर डिग्रियों की तरह मान ली जायें और उसे कानूनी दर्जा हासिल हो सके।

ज़िला सम्मेलन में उच्च न्यायालय के एडवोकेट मुहम्मद अली औसाफ व संकल्प नारायण सिंह, एसोसीएशन के संयुक्त महासचिव हकीम अब्दुल हक (जौनपुर), हाफिज़ सलाहुद्दीन (जिलाध्यक्ष भदोही) प्रान्तीय कार्यकारिणी सदस्य मौलाना नज़म अली खाँ (मीरजापुर), मौलाना शाहनवाज (प्रधानाचार्य, मऊ) मौलाना मकसूद आलम आदि ने विचार व्यक्त किये। कान्फ्रेन्स की अध्यक्षता मौलान रियाजुद्दीन नोमानी और संचालन डा० नबीजान ने की। कारी मुहम्मद मसूद अली ने तेलावते कलामे पाक से सम्मेलन का आगाज़ किया और मौलाना फैजुल्लाह प्रधानाचार्य जामिया फारुकिया ने सम्मेलन में आये सभी अतिथियों का धन्यवाद प्रस्तुत किया। मौलाना मुहम्मद ज़ाहिद हुसैन ने एकता, अमन व शान्ति तथा शिक्षकों एवं कर्मचारियों की समस्याओं के अतिशीघ्र समाधान और सेवा सुरक्षा के लिये दुआ की। सम्मेलन में अरबी मदारिस के ओलमा (धर्मगुरु), शिक्षक एवं शिक्षणेत्तर कर्मचारी अधिक संख्या में उपस्थित रहे।