शनिवार, 9 अप्रैल 2022

रोज़ा रखकर भी मां बच्चे को दूध पिला सकती है

रमज़ान हेल्प लाइन में हो रहे हैं रोचक सवाल जवाब 

मुफ्ती साहब दे रहे हैं सवालों के जवाब

 


वाराणसी ०९ अप्रैल (दिल इंडिया लाइव)। रोज़े की हालत में मां अपने बच्चे को दूध पिला सकती है या नहीं? यह सवाल शकील अंसारी ने बजरडीहा से रमज़ान हेल्प लाइन में किया। जवाब में हेल्प लाईन से कहा गया कि बच्चे को दूध पिलाने से रोज़ेदार मां का रोज़ा नहीं टूटता है। बेशक ख्वातीन अपने बच्चे को रोज़े की हालत में दूध पिला सकती हैं। 

रमज़ान में रोज़ा रखकर सोना ठीक है या नहीं? मुनीर ने यह सवाल किया कोयला बाजार से, इस सवाल पर, मुफ्ती बोर्ड के सदर मुफ्ती मौलाना अब्दुल हादी खां हबीबी व सेक्रेटरी मौलाना हसीन अहमद हबीबी व मौलाना अजहरूल कादरी ने जवाब में कहा कि रोज़ेदार का रमज़ान में सोना भी इबादत में शुमार है, मगर इसका ये मतलब नहीं निकाला जाना चाहिए कि फर्ज़ छोड़कर नमाज़ के वक्त भी लगातार रोज़ेदार सोया रहे और अपनी नमाज़े कज़ा करें। इसलिए वक्त से सोये और नमाज़ के वक्त बेदार होकर नमाज़े अदा करें। 

रमज़ान के लिए अगर आपके ज़ेहन में कोई सवाल है तो आपकी रहनुमाई के लिए उलेमा मौजूद है, इन नम्बरों पर करे सम्पर्क: 9415996307, 9450349400, 9026118428, 9554107483

शुक्रवार, 8 अप्रैल 2022

भाई बहनों को भी ज़कात दे सकते हैं या नहीं?

रमज़ान हेल्प लाईन में आए सवालों का ये है खास जवाब

दालमंडी में एक दुकान पर रोज़ा इफ्तार के लिए जुटे

वाराणसी 08 अप्रैल (दिल इंडिया लाइव)। रमज़ान हेल्प लाइन में जावेद ने दालमंडी से फोन किया कि ज़कात किसे दिया जा सकता है? क्या भाई को ज़कात दिया जा सकता है? इसके जवाब में उलेमा ने कहा कि अगर भाई साहिबे निसाब नहीं है (इस्लाम के नज़रिये से गरीब है) तो जकात भाई को दिया जा सकता है। "ज़कात" में अफ़ज़ल यह है कि इसे पहले अपने भाई-बहनों को दें, फ़िर उनकी औलाद को, फ़िर चचा और फुफीयों को, फ़िर उनकी औलाद को, फ़िर मामू और ख़ाला को, फ़िर उनकी औलाद को, बाद में दूसरे रिश्तेदारों को, फ़िर पड़ोसियों को, फ़िर अपने पेशे वालों को। वसीम ने पठानी टोला से फोन कि क्या स्टूडेंट को ज़कात दिया जा सकता है? मुफ्ती बोर्ड के सदर मौलाना अब्दुल हादी खां हबीबी, सेक्रेटरी मौलाना हसीन अहमद हबीबी व मौलाना अजहरूल कादरी ने जवाब दिया, ऐसे छात्र को "ज़कात" देना अफ़ज़ल है, जो "इल्मे दीन" हासिल कर रहा हो। जकात तभी दी जायेगी जब वो गरीब हो, मालिके निसाब न हो।

रमज़ान के लिए अगर आपके ज़ेहन में कोई सवाल है तो आपकी रहनुमाई के लिए उलेमा मौजूद है, इन नम्बरों पर करे सम्पर्क: 9415996307, 9450349400, 9026118428, 9554107483

सवाब और बरकत वाला महीना रमज़ान

रमज़ान का पैग़ाम: नेकी की दावत हो आम

वाराणसी 08 अप्रैल (दिल इंडिया लाइव)। जिस महीने में सवाब ही सवाब और बरकतें ही बरकत अल्लाह बंदे पर निछावर करता है। उस मुकद्दस बेशुमार खूबियों वाले महीने को रमज़ान कहा जाता है। रमज़ान महीने का एक और सुन्नतों भरा तोहफा खुदा ने हमें सहरी के रूप में अता किया है। रोज़े में सहरी का बड़ा सवाब है। सहरी उस गिज़ा को कहते हैं जो सुब्ह सादिक से पहले रोज़ेदार खाता है। सैय्यदना अनस बिन मालिक फरमाते हैं कि ‘‘नबी-ए-करीम (स.) सहरी के वक्त मुझसे फरमाते कि मेरा रोज़ा रखने का इरादा है मुझे कुछ खिलाओ। मैं कुछ खजूरें और एक बर्तन में पानी पेश करता।’ इससे पता यह चला कि सहरी करना बज़ाते खुद सुन्नत है और खजूर व पानी से सहरी करना दूसरी सुन्नत है। नबी ने यहां तक फरमाया कि खजूर बेहतरीन सहरी है। नबी-ए-करीम (स.) इस महीने में सहाबियों को सहरी खाने के लिए खुद आवाज़ देते थे। अल्लाह और उसके रसूल से हमें यही दर्स मिलता है कि सहरी हमारे लिए एक अज़ीम नेमत है। इससे बेशुमार जिस्मानी और रुहानी फायदा हासिल होता है। इसलिए ही इसे मुबारक नाश्ता कहा जाता है। किसी को यह गलतफहमी न हो कि सहरी रोज़े के लिए शर्त है। ऐसा नहीं है सहरी के बिना भी रोज़ा हो सकता है मगर जानबूझ कर सहरी न करना मुनासिब नहीं है क्यों कि इससे रोज़ेदार एक अज़ीम सुन्नत से महरूम हो जायेगा। यह भी याद रहे कि सहरी में खूब डटकर खाना भी जरूरी नहीं है। कुछ खजूर और पानी ही अगर बानियते सहरी इस्तेमाल कर लें तो भी काफी है। रमज़ान वो मुकदद्स महीना है जो लोगों को यह सीख देता है कि जैसे तुमने एक महीना अल्लाह के लिए वक्फ कर दिया सुन्नतों और नफ़्ल पर ग़्ाौर कियाउस पर अमल करते रहे वैसे ही बचे पूरे साल नेकी और पाकीज़गी जारी रखो। नबी-ए-करीम (स.) ने फरमाया ‘‘तीन चीज़ों को अल्लाह रब्बुल इज्ज़त महबूब रखता है। एक इफ्तार में जल्दीसहरी में ताखीर और नमाज़ के कि़याम में हाथ पर हाथ रखना।’ नबी फरमाते हैं कि इस पाक महीने को जिसने अपना लियाजो अल्लाह के बताये हुए तरीकों व नबी की सुन्नतों पर चल कर इस महीने में इबादत करेगा उसे जन्नत में खुदावंद करीम आला मुक़ाम अता करेगा। यह महीना नेकी का महीना है। इबादत के साथ ही इस महीने में रोज़ेदार की सेहत दुरुस्त हो जाती है। रोज़ेदार अपनी नफ्स पर कंट्रोल करके बुरे कामों से बचा रहता है। ये महीना नेकी और मोहब्बत का महीना है। इस पाक महीने में जितनी भी इबादत की जाये वो कम है क्यों कि इसका सवाब 70 गुना तक अल्लाहतआला बढ़ा देता हैइसलिए कि रब ने इस महीने को अपना महीना कहा है। ऐ पाक परवरदिगार तू अपने हबीब के सदके में हम सबको रमज़ान की इबादतनबी की सुन्नतों पर चलने की व रोज़ा रखने की तौफीक अता फरमा..आमीन।
     हाफिज मौलाना शफी अहमद
{सदरअंजुमन जमात रजाए मुस्तफाबनारस}

गुरुवार, 7 अप्रैल 2022

युवा हौसलों को पंख लगा गया उड़ान -22

युवा महोत्सव ‘उड़ान - 22‘ का भव्य समापन

पुरस्कार पाकर खिले छात्रों के चेहरे



वाराणसी, 07 अप्रैल (दिल इंडिया लाइव)। डीएवी पीजी कॉलेज के त्रिदिवसीय युवा महोत्सव ‘उड़ान - 22‘ के अन्तिम दिन गुरूवार को युवाओं ने जमकर धमाल मचाया। मंचकला की गायन, वादन एवं नृत्य की विधाओं में युवाओं की प्रस्तुतियों हर किसी के दिल में उतर आई। हर कोई उनके हौसले की उड़ान को सलाम करता नजर आया। समापन समारोह के मुख्य अतिथि प्रख्यात रंगकर्मी व्योमेश शुक्ला ने कहा कि युवाओं की उम्र रूकने की नही बल्कि कदम दर कदम आगे बढ़ने की है। युवाओं को उत्साह के साथ साथ बौद्धिकता में भी वृद्धि पर जोर देना चाहिए। विशिष्ट अतिथि कवि चन्द्रशेखर गोस्वामी ने प्रसिद्ध गीत ‘ जिन्दा शहर बनारस हूॅ‘ सुनाकर सबको मंत्रमुग्ध कर दिया। विशिष्ट अतिथि कलाकार सतीश मिश्रा ने जैसे ही मंच से ‘छाप तिलक सब छीनी रे मुझसे नैना मिलायके‘ सुनाया तो समूचा प्रांगण तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। इसके अलावा उन्होंने मै नदी हूॅ बह रही हॅू ...भी सुनाकर सबकी वाहवाही लूटी।

इससे पूर्व महोत्सव का शुभारंभ मॉ सरस्वती की प्रतिमा पर मार्ल्यापण एवं दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। कार्यक्रम समन्वयक प्रो. अनूप कुमार मिश्रा ने अतिथियों को पुष्पगुच्छ, अंगवस्त्र एवं स्मृति चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया। स्वागत प्रो. ऋचारानी यादव, डॉ. पूनम सिंह, डॉ. मीनू लकड़ा ने किया। धन्यवाद ज्ञापन डॉ. संगीता जैन ने दिया।

 इस अवसर पर मुख्य रूप से प्रो. सत्यगोपाल जी, प्रो. मधु सिसौदिया, डॉ. प्रतिभा मिश्रा, डॉ. इन्द्रजीत मिश्रा, डॉ. समीर कुमार पाठक, डॉ. वीएन दूबे, डॉ. शोभनाथ पाठक, डॉ. प्रियंका सिंह, डॉ. प्रतिमाा गुप्ता, डॉ. आहूति सिंह, डॉ. ओमप्रकाश आदि रहे। छात्रों में अनुश्री अग्रवाल, रतिकेश पूर्णोदय, अनीशा आदि ने संचालन किया। व्यवस्था में राजन कुमार, रोहन राज, नीतिश कुमार, शुभम आदि रहे।

सांस्कृतिक कार्यक्रम की रही धूम

उड़ान - 22 के अन्तिम दिन सांस्कृतिक कार्यक्रमों की धूम रही। सर्वप्रथम गायन के क्रम में अश्विनी बरनवाल ने ‘ये दोस्ती हम नही छोड़ेंगे‘, संदीप कुमार ने काव्यपाठ किया। प्रगति जायसवाल ने शास्त्रीय नृत्य किया। इसके अलावा माइम, नृत्य एवं नाटक की भी प्रस्तुति हुई। वहीं संस्कृत संभाषण में भी प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया।

ये प्रतिभागी रहे विजेता- उड़ान -22 में आयोजित विभिन्न प्रतियोगिता में विजयी प्रतिभागियों को अतिथियों द्वारा पुरस्कृत किया गया। क्विज में श्रवण श्रीवास्तव एवं अविनाश शुक्ला प्रथम, उज्ज्वल शर्मा एवं रोहित राज गुप्ता द्वितीय तथा श्रीकान्त यति एवं सुधांशु रंजन तृतीय रहे। हिन्दी सुभाषण में राहुल राज अर्जुन, अंग्रेजी सुभाषण में अभिषेक प्रद्योत, एवं संस्कृत सुभाषण में अमरजीत श्रीवास्तव प्रथम रहे। काव्य पाठ हिन्दी में रोशन मौर्या, अंग्रेजी में शुभम कुमार तथा संस्कृत में अनुराग चतुर्वेदी प्रथम रहे। शार्ट प्ले में आकाश वर्मा एवं समूह प्रथम रहा तोे माइम में निकिता सिंह एवं समूह प्रथम रहे। मिमिक्री में संतोष कुमार, एवं मोनो एक्टिंग में आकाश सिंह प्रथम रहे। कॉमेडी में राधेकृष्ण राम प्रथम रहे। पोस्टर निर्माण में आंचल वर्मा, स्केचिंग में रीना कन्नौजिया, मेंहदी में शिवानी मौर्या, रंगोली में अर्शिका जायसवाल प्रथम रही। फोटोग्राफी में राजन कुमार प्रथम रहे। एकल गायन में अभ्युदय नारायण सिंह प्रथम, नृत्य में शार्ली सिंह प्रथम रही। समुह नृत्य में रोहित राज एवं समूह तथा कोरियोग्राफी में श्रेया प्रथम रही। सभी विजयी प्रतिभागियों को स्मृति चिन्ह एवं प्रमाण पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम का संयोजन प्रो. अनूप कुमार मिश्रा ने किया। इस अवसर पर सांस्कृतिक समिति के समस्त सदस्यों सहित बड़ी संख्या में अध्यापक, कर्मचारी एवं छात्र - छात्राएं शामिल थे।  

पैगामे रमज़ान: दुआओ की कुबुलियत का महीना है रमज़ान

वाराणसी ०७ अप्रैल (दिल इंडिया लाइव)। मुकद्दस रमज़ान नेकी और दुआओ की कुबुलियत का महीना है रमज़ान में रब रहमत, बरकतों की जहां बारिश करता है वहीं गुनाहों से हम सबको दूर करता है। यह महीना हमें पाक और पवित्र बना कर एक बेहतरीन जिंदगी जीने का रास्ता दिखात। है।

रमज़ान का महीना हर मुसलमान के लिए अज़ीज़ और बेहद ख़ास होता है। रमज़ान को तीन भागों में बाटा गया है। दस दस दिन के रमज़ान के तीन अशरे होते है। पहला अशरा रहमत का जिसमे अल्लाह की रोज़ादारो पर रहमत बरसती है। दूसरा अशरा मगफिरत का होता है। जिसमें अल्लाह रोज़ेदारों की हर गुनाहों को माफ कर देता है। तीसरे और आखिरी अशरे में रब रोज़ा रखने वाले को जहन्नम की आग से बचाता है। इस महीने में हर गरीब जरूरतमंदों मदद का इस्लाम ने बेहद खूबसूरत सिस्टम बनाया है। जिसे जकात कहा जाता है। जकात का मतलब अपनी कमाई हुई दौलत का ढाई प्रतिशत गरीबों को बांटना होता है।इस्लाम में नमाज, रोजा, हज, जकात फर्ज है।

रमज़ान बरकतो वाला पवित्र महीना हैं इस माह के शुरू होते ही अल्लाह शैतान को कैद कर लेता है। बुरे काम रमज़ान में बंद हो जाता है। यह वही महीना है जिसमें मुसलमानो की सबसे पवित्र किताब कुरान नाजिल हुई थी।

खाते हम सब अल्लाह का शुक्र अदा करें की पिछले 2 वर्ष कोरोना की वजह से हम सब कोई त्यौहार ठीक से नहीं मना पाए थे। रब ने इस वर्ष हम सभी को पूर्व की भांति आपसी भाईचारे के साथ सभी त्यौहार मना रहे हैं। या अल्लाह तू अपने हबीब के सदके में हमारे रोज़ा, नमाज और इबादतों को कुबुल कर ले... आमीन।


 फरहत परवीन सिद्दीकी हनी एडवोकेट

भूल कर ब्रश करने से नहीं टूटेगा रोज़ा

रमज़ान हेल्प लाइन: मुफ्ती साहब रमज़ान का रोज़ा कब हुआ था फर्ज़ ?

वाराणसी (दिल इंंडिया लाइव)। रमज़ान का रोज़ा उम्मते मोहम्मदिया पर कब फर्ज़ हुआ ? यह सवाल बही बाज़ार से मो. शमीम ने रमज़ान हेल्प लाइन में किया। इस पर उलेमा ने कुरान और हदीस की रौशनी में जवाब देते हुए कहा कि 10 शाबान सन् 2 हिजरी को कुरान की आयते नाज़िल हुई, जिसमें हुक्म हुआ कि ऐ मुसलमानों तुम पर रोज़ा फर्ज़ हो गया है। तभी से मुसलमान रोज़ा रख रहे हैं।

 रेवड़ीतालाब से मो. ज़फर ने फोन किया कि सहरी में नींद नहीं खुली, सुबह उठे तो भूलकर ब्रश कर लिया जब याद आया कि रोज़ा हैं तो ब्रश निकाल कर मुंह धो लिया, इस पर रोज़ा होगा या नहीं? मुफ्ती बोर्ड के सदर मुफ्ती मौलाना अब्दुल हादी खां हबीबी व सेक्रेटरी मौलाना हसीन अहमद हबीबी एवं मौलाना अज़हरूल क़ादरी ने जवाब दिया रोज़ा हो जायेगा क्यों कि आपको याद नहीं था और आपने फौरन ब्रश निकाल कर मुंह धो लिया। अगर आप याद आने के बाद भी ब्रश करते रहते तो रोज़ा नहीं होता। बजरडीहा से सलीम ने फोन किया कि रोज़ा क्या खाकर खोला जाये? इस पर उलेमा ने कहा कि इफ्तार यूं तो कुछ भी खाकर किया जा सकता है मगर नबी की सुन्नत खजूर है इसलिए खजूर या पानी से रोज़ा इफ्तार करना अफजल है। उसके बाद कोई भी इफ्तारी करें।

इन नम्बरों पर होगी आपकी रहनुमाई

इन नम्बरों पर बात करके आप अपनी दुश्वारी का हल निकाल सकते हैं। मोबाइल नम्बर ये है- 9415996307, 9450349400, 9026118428,  9554107483

बुधवार, 6 अप्रैल 2022

वाराणसी में बिजली विभाग की विजिलेंस टीम ने भोर में की छापे मारी, मचा हड़कंप


वाराणसी ०६ अप्रैल (दिल इंडिया लाइव)। बिजली चोरी करने वालों के लिए ‘खास खबर’। विजिलेंस की टीम अब भोर में छापेमारी कर रही है। अगर आप बिजली चोरी कर रहे हैं तो सुधर जाएं, नहीं तो पता चलेगा की आप नींद में हैं और आपके घर छापा पड़ गया। ऐसा हम नहीं कहते, बिजली विभाग ने इस तरह की कार्रवाई अब शुरू कर दी है। छापेमारी करने वाली टीम में शामिल लोगों का कहना है कि यह अभियान आगे भी जारी रहेगा।

दरअसल, बेनिया, भूलेटन, छोटी पियारी में बुधवार को भोर में बिजली विभाग की विजिलेंस टीम ने छापा मारा। छापेमारी में करीब एक दर्जन लोग गलत तरीके से बिजली का इस्तेमाल करते हुए पकड़े गए। भोर में पहुंची विजिलेंस टीम और फोर्स को देखकर मोहल्ले में हड़कंप मच गया। टीम में शामिल लोगों ने वीडियो रिकॉर्डिंग के साथ एविडेंस के लिए फोटोग्राफी भी कराई।

छापेमारी करने वाली टीम में शामिल बेनिया पावर हाउस के जेई- पिन्टू कुमार सिंह ने बताया कि पिछले कई दिनों शिकायत मिल रही थी और भोर में छापे मारी कर दर्जनों लोग अवैध रूप से डारेक्टर कटिया कनेक्शन करते पकड़े गए इन लोगो पर बिजली चोरी के आरोप में एफआईआर दर्ज कराई गई साथ ही बताये की आगे भी करवाई जारी रहेगी।