मंगलवार, 14 सितंबर 2021

कांग्रेस की पूर्व पार्षद बिल्किस बेगम का निधन

कुशल समाजसेविका की थी बिल्किस बेगम की छवि

वाराणसी 14 सितंबर (दिल इंडिया लाइव)। महानगर कांग्रेस कमेटी की पूर्व महासचिव व कांग्रेस की पूर्व पार्षद बिल्किस बेगम का आज सुबह कोनिया आवास पर निधन हो गया। निधन का समाचार सुनते ही कांग्रेस जनों का उनके आवास पर श्रद्धांजलि देने का ताता लगा रहा। बिल्कीस बेगम 1995 से 2000 तक सरैया में कांग्रेस की पार्षद रही। उनकी छवि एक कुशल समाज सेविका के रूप में थी। 

श्रद्धांजलि देने वालों ने एवं शव यात्रा में महानगर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष राघवेंद्र चौबे, कांग्रेस पार्षद दल के नेता सीताराम केशरी,  पूर्व विधायक अजय राय, उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी अल्पसंख्यक विभाग के प्रदेश महासचिव हसन मेहंदी कब्बन, फसाहत हुसैन बाबू, , पार्षद अफजाल अंसारी , दुर्गा प्रसाद गुप्ता, हरीश मिश्रा, महिलाकांग्रेस के शहर अध्यक्ष रितु पांडे पार्षद वकास अंसारी, पार्षद साजिद अंसारी, सहित सैकड़ों कांग्रेस जन शामिल रहे।

सर्वेक्षण पूर्ण, सरकार की 87 योजनाओं का इन्हे मिलेगा


सेवापुरी विकास अभियान की कार्यशाला


 

10 हजार घरों का हुआ सर्वेक्षण 

 वाराणसी 14 सितंबर (दिल इंडिया लाइव)। सेवापुरी विकास अभियान के तहत मंगलवार को विकास भवन में जिला स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया, जिसमें क्षेत्र के 10 हजार घरों के सर्वेक्षण की रिपोर्ट इंडस एक्शन ने प्रस्तुत की। नीति आयोग के सेवापुरी विकास के तहत सिस्को  सीएसआर के वित्तीय सहयोग से इंडस को सेवापुरी ब्लाक के 10 हजार घरों के सर्वेक्षण की जिम्मेदारी दी गई थी। इसका उद्देश्य उन घरों और परिवारों के सामाजिक व आर्थिक स्थिति का अध्ययन करना था, जिसके अनुसार केंद्र व राज्य सरकार की विभिन्न 87 योजनाओं से उन्हें लाभान्वित कराया जा सके। आज हुई कार्यशाला में इंडस ने अपनी सर्वेक्षण रिपोर्ट प्रस्तुत की। रिपोर्ट में बताया गया कि वह योजनाएं इलाके में ज्यादा लोकप्रिय हैं जिनके आवेदन पत्र ऑनलाइन भरे जाते हैं। ऐसी योजनाएं भी जनता के बीच ज्यादा चर्चा में है जिनको क्षेत्र के ग्राम प्रधान बढ़ावा देते हैं। कार्यशाला में मुख्य विकास अधिकारी अभिषेक गोयल ने निर्देश दिया कि हर हाल में सभी विभागों को अपने लक्ष्य के अनुसार स्कीम का सैचुरेशन करना है   इस वर्ष के अंत तक  कार्यशाला में इंडस एक्शन के नैनीष टिक्कू, शुभ्रा त्रिवेदी, लक्षित जैन, लोकेश, सार्थक संस्था से मधुश्री, माइक्रोवेव के अतुल्य, रवि भी शामिल रहे। धन्यवाद ज्ञापन इंडस एक्शन की सीनियर लीड स्टेट आपरेशन शुभ्रा त्रिवेदी ने दिया |

जानिये मुनि विशद सागर ने अपने प्रवचन में क्या दिया संदेश

दूसरों के सुख का कारण बनो और दुख में भागीदार  

  • पर्यूषण महापर्व का पंचम दिवस
  • उत्तम सत्य धर्म पुष्पदन्त भगवान का मोक्ष कल्याणक मना

वाराणसी 14 दिसंबर (दिल इंडिया लाइव)। श्री दिगंबर जैन समाज काशी के तत्वावधान में मंगलवार को प्रातः भगवान पार्श्वनाथ जी की तीर्थस्थली भेलुपूर में जैन पर्युषण पर्व के विशेष अवसर पर धर्म के १० लक्षणों पर व्याख्यान माला का आयोजन किया जा रहा है ।



 शृंखला के अंतर्गत दशलक्षण पर्व के पांचवें दिन “उत्तम सत्य धर्म “ पर व्याख्यान प्रवचन देते हुए आचार्य मुनि  १०८ विशद सागर जी महाराज ने कहा -“ सत्य धर्म से तात्पर्य सिर्फ़ सत्य वचन बोलना ही नहीं है , सत्य धर्म और सत्य वचन दोनों भिन्न भिन्न है । झूठ नहीं बोलना , जैसा देखा - सुना- जाना वैसा बोलने को सत्य कहा जाता है ।सत्य स्वभावी आत्मा के अनुभव से , आत्मा में जो शांति स्वरूप वीतराग परिणति उत्पन्न होती है उसे सत्य धर्म कहते हैं ।” आचार्य श्री ने कहा -“ मेरे भगवान कहते हैं - किसी के सुख का कारण बनो , भागीदार नहीं और दुख में भागीदार बनो , कारण नहीं ।अतीत के बारे में अधिक मत सोचो , यह आँसू लाता है । भविष्य के बारे में भी अधिक मत सोचो यह भय लाता है । आज के पल को मुस्कुराहट के साथ जीए , यह आनंद लाता है। हमेशा सत्य के रास्ते पर चलें , सत्य को परेशान ज़रूर होना पड़ता है लेकिन सत्य कभी पराजित नहीं होता । सत्य ही ईश्वर है। जो सत्य की राह पर चलता है वह हमेशा निर्भीक रहता है । सत्य हमेशा विजयी होता है ।सत्यवान की गाथा युगों-युगों तक गयी जाती है । 



मंगलवार को प्रातः मंदिरों में श्री 1008 पुष्पदन्त भगवान का मोक्ष कल्याणक मनाकर श्रीजी की शान्ति धारा की गई। नौवें तीर्थंकर पुष्पदन्त जी के मोक्ष कल्याणक पर निर्वाण लड्डू भी अर्पित किया गया। प्रातः नगर की अन्य जैन मंदिरों में प्रक्षाल, महा मंत्र का जाप, जिनवाणी स्तुति की गई। सायंकाल शास्त्र प्रवचन, तीर्थंकरो की आरती के साथ जिनवाणी या आरती थाल सजाओ प्रतियोगिता भी आयोजित हुई। 

आयोजन में प्रमुख रूप से दीपक जैन,  राजेश जैन, विनय जैन,  प्रताप चंद जैन, अरुण जैन, रत्नेश जैन, विनोद जैन, तरुण जैन, विजय जैन आदि उपस्थित थे।

सोमवार, 13 सितंबर 2021

पर्वाधिराज 10 लक्षण पर्व का चौथा दिन

भारत वसुंधरा धार्मिक विविधताओं का देश

वाराणसी । श्री दिगंबर जैन समाज काशी के तत्वावधान में चल रहे 10 दिवसीय पर्युषण पर्व की चतुर्थ दिवस सोमवार को प्रातः चौथे अध्याय “उत्तम शौच धर्म “ पर भगवान पार्श्वनाथ जी की जन्म स्थली भेलुपूर में प्रवचन व्याख्यान देते हुए जैन मुनि विशद सागर जी महाराज ने कहा-“उत्तम शौच का अर्थ है मन को मांजना ।पहले दिन क्रोध को भगाया ,दूसरे दिन मान को मारा,  तीसरे दिन मन को बच्चे की तरह सरल किया और आज मन को मांजने की बात हो रही है । किसी ने पूछा संसार छोटा है या बड़ा ? हमने कहा संसार न छोटा है ना बड़ा । जिसकी कामना ,वासनाएँ बढ़ी है ,उसका संसार बड़ा है और जिसकी कामना , वासना कम है उसका संसार छोटा है । संतों का संसार का संसार इच्छाए सीमित है ।”मुनिश्री ने कहा -“पर्युषण शुद्ध रूप से आध्यात्मिक पर्व है ,इसमें आत्मचिंतन ही नहीं , आत्ममंथन की प्रक्रियाए भी निहित है ।सभी जीवों में मनुष्य ही सर्वश्रेष्ठ जीव है ।श्रेष्ठता बनाए रखने के लिए पर्यूषण पर्व का तोहफ़ा मिला है ।इन दिनों जैन धर्मावलंबी १० वृत्तियों का व्रत लेकर उपवास ,साधना, पूजा आदि क्रियाएं कर अपनी आत्मा को शुद्ध करते हैं ।इन दिनों सांसारिक क्रियाएं छोड़कर , इन्द्रियों को संयमित कर त्याग-तपस्या , आत्मा भावना , धर्मग्रंथों का अध्ययन कर तीर्थंकरों का पूजन अभिषेक करते हैं मुनि श्री ने कहा -“भारत वसुंधरा धार्मिक विविधताओं का देश है ,यह पर्व मानव के कल्याण के लिए हैं । यह मनुष्य को क्षमा वान बनाता है । यह पर्व लोक और परलोक में सुख देने वाला है । आत्म शुद्धि के साथ जैन धर्म में अहिंसा का सर्वोच्च स्थान है ।

4-4  तीर्थंकरों की नगरी होने से वाराणसी जैनों की बहुत बड़ी तीर्थ स्थली कही जाती है।

सोमवार को प्रातः सारनाथ में भगवान श्रेयांसनाथ जी , भदैनी में भगवान सुपार्श्वनाथ मंदिर, भेलुपूर  में भगवान पार्श्वनाथ जी, चंद्रपुरी में चंद्रप्रभु भगवान की मंदिरो में श्रावकों ने तीर्थंकरों का अभिषेक कर मंत्रोच्चारण के साथ पूजन किया। सायंकाल खोजवा स्थित जैन मंदिर में पंडित फूलचंद प्रेमी ने भी शास्त्र प्रवचन किया ।भगवंतो की आरती , प्रश्नोत्तरी , जिनवाणी पूजन एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम हुए।

आयोजन में प्रमुख रूप से दीपक जैन , राजेश जैन , अरुण जैन , तरुण जैन , विनोद जैन , आलोक जैन , विजय जैन , ललित पोद्दार उपस्थित थे।

                                      

हिंदी दिवस विशेष: तीन पीढ़ियों संग हिंदी के विकास में जुटे हैं वाराणसी क्षेत्र के पोस्टमास्टर जनरल

राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मिले हैं हिंदी के लिए कई सम्मान




वाराणसी 13 सितंबर (दिल इंडिया लाइव)। देश में प्रतिवर्ष 14 सितंबर को हिंदी दिवस मनाया जाता है। 14 सितंबर 1949 को ही संविधान सभा में एक मत से हिंदी को राजभाषा घोषित किया गया था, इसके बाद से हर साल इसे 'हिंदी दिवस' के रूप में मनाया जाने लगा। हिंदी को लेकर तमाम विद्वान, संस्थाएँ, सरकारी विभाग अपने स्तर पर कार्य कर रहे हैं। इन सबके बीच एक परिवार ऐसा भी है, जिसकी तीन पीढ़ियाँ हिंदी और हिंदी साहित्य की अभिवृद्धि के लिए निरंतर अपने लेखन के माध्यम से प्रयासरत हैं।

भारतीय डाक सेवा के वरिष्ठ अधिकारी एवं सम्प्रति वाराणसी परिक्षेत्र के पोस्टमास्टर जनरल श्री कृष्ण कुमार यादव के परिवार में उनके पिता श्री राम शिव मूर्ति यादव के साथ-साथ पत्नी सुश्री आकांक्षा यादव और दोनों बेटियाँ अक्षिता व अपूर्वा भी हिंदी को अपने लेखन से लगातार नए आयाम दे रहे हैं। देश-विदेश में तमाम सम्मानों से अलंकृत यादव परिवार की रचनाएं प्रतिष्ठित पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशन के साथ रेडियो और दूरदर्शन पर भी प्रसारित होती रहती हैं। हिंदी ब्लॉगिंग के क्षेत्र में इस परिवार का नाम अग्रणी है।

इलाहाबाद विश्वविद्यालय में अध्ययन पश्चात वर्ष 2001 में हिंदी माध्यम से अपने प्रथम प्रयास में ही भारत की प्रतिष्ठित ‘सिविल सेवा’ में चयन पश्चात श्री कृष्ण कुमार यादव सूरत, कानपुर, अंडमान-निकोबार द्वीप समूह, प्रयागराज, जोधपुर, लखनऊ व वाराणसी में विभिन्न पदों पर पदस्थ रहे हैं। 

प्रशासनिक सेवा के दायित्वों के निर्वहन के साथ श्री कृष्ण कुमार यादव की अभिलाषा (काव्य संग्रह), अभिव्यक्तियों के बहाने, अनुभूतियाँ और विमर्श (निबंध संग्रह), क्रांति यज्ञ : 1857-1947 की गाथा, जंगल में क्रिकेट (बाल गीत संग्रह) एवं 16 आने - 16 लोग सहित कुल सात पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं। विभिन्न प्रतिष्ठित सामाजिक - साहित्यिक संस्थाओं द्वारा विशिष्ट कृतित्व, रचनाधर्मिता व प्रशासन के साथ-साथ सतत् साहित्य सृजनशीलता हेतु शताधिक सम्मान प्राप्त श्री यादव को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री, पश्चिम बंगाल और छत्तीसगढ़ के राज्यपाल भी सम्मानित कर चुके हैं।

श्री कृष्ण कुमार यादव के पिता श्री राम शिव मूर्ति यादव हिंदी में निरंतर लेखन कार्य कर रहे हैं। वहीं पत्नी सुश्री आकांक्षा यादव की भी तीन पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं। हिंदुस्तानी एकेडमी, प्रयागराज द्वारा प्रकाशित "आधी आबादी के सरोकार" इनकी चर्चित पुस्तक है। 'दशक के श्रेष्ठ ब्लॉगर दम्पति' सम्मान से विभूषित यादव दम्पति को नेपाल, भूटान व श्रीलंका में आयोजित 'अंतर्राष्ट्रीय हिंदी ब्लॉगर सम्मेलन' में “परिकल्पना ब्लॉगिंग सार्क शिखर सम्मान” सहित अन्य सम्मानों से नवाजा जा चुका है। जर्मनी के बॉन शहर में ग्लोबल मीडिया फोरम (2015) के दौरान 'पीपुल्स चॉइस अवॉर्ड' श्रेणी में सुश्री आकांक्षा यादव के ब्लॉग 'शब्द-शिखर' को हिंदी के सबसे लोकप्रिय ब्लॉग के रूप में भी सम्मानित किया जा चुका है। 

सनबीम स्कूल, वरुणा, वाराणसी में अध्ययनरत इनकी दोनों बेटियाँ अक्षिता (पाखी) और अपूर्वा भी इसी राह पर चलते हुए अंग्रेजी माध्यम की पढाई के बावजूद हिंदी में सृजनरत हैं। अपने ब्लॉग 'पाखी की दुनिया' हेतु अक्षिता को भारत सरकार द्वारा सबसे कम उम्र में 'राष्ट्रीय बाल पुरस्कार' से सम्मानित किया जा चुका है। अक्षिता को प्रथम अंतर्राष्ट्रीय हिंदी ब्लॉगर सम्मेलन, नई दिल्ली (2011) में भारत के पूर्व मानव संसाधन विकास मंत्री डा. रमेश पोखरियाल 'निशंक' ने ‘श्रेष्ठ नन्ही ब्लॉगर‘ सम्मान से अलंकृत किया, तो अंतर्राष्ट्रीय हिंदी ब्लॉगर सम्मेलन, श्रीलंका (2015) में भी अक्षिता को “परिकल्पना कनिष्ठ सार्क ब्लॉगर सम्मान” से सम्मानित किया गया। अपूर्वा ने भी कोरोना महामारी के दौर में अपनी कविताओं से लोगों को सचेत किया।

पोस्टमास्टर जनरल श्री कृष्ण कुमार यादव का कहना है कि, सृजन एवं अभिव्यक्ति की दृष्टि से हिंदी दुनिया की अग्रणी भाषाओं में से एक है।हिन्दी सिर्फ एक भाषा ही नहीं बल्कि हम सबकी पहचान है, यह हर हिंदुस्तानी का हृदय है। डिजिटल क्रान्ति के इस युग में हिन्दी में विश्व भाषा बनने की क्षमता है। वहीं, सुश्री आकांक्षा यादव का मानना है कि, आज परिवर्तन और विकास की भाषा के रूप में हिन्दी के महत्व को नये सिरे से रेखांकित किया जा रहा है। नई शिक्षा नीति में भी हिंदी को महत्ता दी गई है।

डाक विभाग मनायेगा 14 से 28 सितंबर तक हिंदी पखवाड़ा

वाराणसी 13 सितंबर (दिल इंडिया लाइव)। डाक विभाग द्वारा 14 से 28 सितंबर, 2021 तक 'हिंदी पखवाड़ा' का आयोजन किया जाएगा। क्षेत्रीय कार्यालय, वाराणसी में 14 सितंबर को शाम 3 बजे वाराणसी परिक्षेत्र के पोस्टमास्टर जनरल श्री कृष्ण कुमार यादव द्वारा इसका शुभारंभ किया जाएगा। सहायक निदेशक (राजभाषा) राम मिलन ने बताया कि इस दौरान विभिन्न प्रतियोगिताओं  का आयोजन किया जाएगा। 15 सितंबर को हिंदी निबंध लेखन प्रतियोगिता (विषय-आजादी का अमृत महोत्सव), 16 को हिंदी टंकण प्रतियोगिता, 17 को हिंदी काव्य पाठ प्रतियोगिता, 20 को हिंदी टिप्पण एवं आलेखन प्रतियोगिता, 21 को हिंदी पत्र लेखन प्रतियोगिता (विषय - कोविड-19 के दौर में डाक विभाग की भूमिका पर मित्र को पत्र), 22 को हिंदी श्रुतलेखन प्रतियोगिता, 23 को हिंदी कार्यशाला और 28 सितंबर को समापन समारोह और पुरस्कार वितरण होगा। सभी प्रतियोगिताओं में प्रथम तीन स्थान प्राप्त करने वालों को पुरस्कृत किया जाएगा।

रविवार, 12 सितंबर 2021

पर्युषण पर्व के तीसरे दिन जैन मंदिर में दर्शन,पूजन व पूजन

छल से प्राप्त लक्ष्मी शाश्वत नहीं रहती नष्ट हो जाती है: मुनि विशद सागर



वाराणसी 12 सितंबर (दिल इंडिया लाइव)| पर्युषण पर्व के तीसरे दिन जैन मंदिर भेलूपुर में प्रातः से विविध धार्मिक कृत्य प्रारंभ हुए। योग , ध्यान , सामायिक , भगवंतो का जलाभिषेक ,शांति धारा मुनिश्री के मंत्रोच्चारण के साथ किया गया ।रवि व्रत के साथ भगवान सुपार्श्वनाथ जी के गर्भ कल्याणक पूजा भी संपन्न हुई ।श्री दिगंबर जैन समाज काशी के तत्वावधान में चल रहे दस दिवसीय दशलक्षण पर्व के तृतीय दिवस पर रविवार को प्रातः आचार्य मुनि 108 विशद  सागर जी तृतीय अध्याय “ *उत्तम* *आर्जव* *धर्म* “ पर व्याख्यान देते हुए कहा -“हम सब को सरल स्वभाव रखना चाहिए ,कपट का त्याग करना चाहिए ।कपट के भ्रम में जीना , दुखी होने का मूल कारण है ।आत्मा ज्ञान,  ख़ुशी , प्रयास ,विश्वास जैसे असंख्य गुणों से सिंचित है । सीधा-सादा सरल होना ही सहजता है और सहजता ही जीवन में आ जाना ही सरलता है ।”मुनि श्री ने कहा -“जो मनुष्य अपने मन से कपट करना ,धोखा देना ,चोरी करना ,ऐसी भावों को निकाल देता है व अपने स्वभाव को सरल व विनय से युक्त बना लेता है ।उसे ही उत्तम आर्जव धर्म कहते हैं ।कपटी व्यक्ति स्वयं ही अपने को धोखा देता है , वह दूसरे की अपेक्षा स्वयं अपनी ही हानि अधिक करता है ।मनुष्य अगर छल कर लक्ष्मी प्राप्त कर लेता है तो वह लक्ष्मी शाश्वत नहीं रह पाती है ,नष्ट हो जाती है । मुनि जी ने कहा तन उजला किस काम का जब तक मन में मैल , मन का मैल ही करें शुरू मन मुटाव का खेल । “कपट नरक का द्वार है मत कर माया चारी ,  आर्जव धर्म को धार चपल मन हो निज सुख तैयारी ।” 

रविवार को प्रातः भगवान सुपार्श्वनाथ जी की जन्म स्थली भदैनी (जैन घाट ) में भगवान के गर्भ कल्याणक की विशेष पूजा की गई ।प्रातः सारनाथ ,चंद्रपुरी , नरिया ,  भदैनी  मैदागिन  एवं ग्वालदास  साहूलेन में प्रातः 10 लक्षण पूजन अभिषेक किया गया ।सायंकाल मंदिरों में प्रतिक्रमण , सामयिक ,शास्त्र प्रवचन , जिनवाणी पूजन , तीर्थंकरो एवं देवी पद्मावती जी की आरती की गई । सायंकाल भेलुपूर मंदिर जी में महिला मंडल द्वारा स्वर्ग सोपान का मंचन किया गया। आयोजन में प्रमुख रूप से दीपक जैन, राजेश जैन, अरुण जैन, विजय जैन, अजित जैन, सौरभ जैन, विनोद जैन, पंकज जैन उपस्थित थे।