मंगलवार, 17 अगस्त 2021

विदेशों में भी राखी का क्रेज

डाकघरों से अमेरिका, ब्रिटेन, सिंगापुर आदि जा रही राखियाँ

देश-विदेशों में भी भाईयों की कलाई पर सजेगी राखिया

राखी त्यौहार के मद्देनजर रविवार को भी होगा राखी डाक का वितरण



वाराणसी 17 अगस्त (दिल इंडिया लाइव)। रेशम के धागों ने सोशल मीडिया पर चल रही वर्चुअल राखियों को बौना साबित कर दिया है। वाट्सएप, फेसबुक, स्काइप, टेलीग्राम जैसे बड़े सोशल प्लेटफॉर्म को छोडकर बहनें, भाईयों की कलाइयाँ सजाने के लिए डाक से रंग-बिरंगी राखियाँ भेजना पसंद कर रही हैं । डाक विभाग भी इसके लिए मुस्तैद है और तमाम तैयारियाँ किए हुये है। वाराणसी परिक्षेत्र के पोस्टमास्टर जनरल श्री कृष्ण कुमार यादव ने बताया कि वाराणसी परिक्षेत्र से अब तक 50 हजार से ज्यादा राखियॉं विभिन्न डाकघरों से बुक होकर देश-विदेश में भेजी गईं। 

राखी का क्रेज देश से बाहर विदेशों में भी खूब है। पोस्टमास्टर जनरल  श्री कृष्ण कुमार यादव ने कहा कि वाराणसी से विदेशों के लिए भी स्पीड पोस्ट और रजिस्टर्ड डाक द्वारा राखियाँ भेजी जा रही हैं।  इस माह में 500 से अधिक राखियाँ वाराणसी के डाकघरों द्वारा विदेशों के लिए बुक की गईं। इनमें ज्यादातर राखियाँ संयुक्त राज्य अमेरिका, ब्रिटेन, सिंगापुर, संयुक्त अरब अमीरात, जर्मनी, फ़्रांस, न्यूजीलैंड, ऑस्ट्रेलिया, दक्षिण अफ्रीका इत्यादि देशों में भेजी गई हैं। वहीं विदेशों में रह रही बहनें भी वाराणसी में अपने भाईयों को राखी भेज रही हैं, जो डाक विभाग के माध्यम से तुरंत वितरित हो रही हैं। विदेशों में राखियाँ भेजने के लिए बहनें पहले से ही तैयारी करने लगती हैं, ताकि सही समय पर भाईयों को राखी पहुँच जाये और उनकी कलाई सूनी न रहे। 

पोस्टमास्टर जनरल श्री कृष्ण कुमार यादव ने कहा कि राखी डाक की बुकिंग के साथ-साथ स्पेशल सॉर्टिंग और इनके त्वरित वितरण हेतु डाकघरों से लेकर रेलवे मेल सर्विस और नेशनल सॉर्टिंग हब तक में विशेष प्रबंध किये गए हैं। राखी त्यौहार के मद्देनजर रविवार (22 अगस्त) को भी डाकियों द्वारा राखी डाक का वितरण किया जायेगा, ताकि किसी भाई की कलाई सूनी न रहे।

...हे नारी

हे नारी,तू सबकी आशा है, अभिलाषा है

भावों को मुझे रूप देती, ऐसी तू मधुभाषा है ,

कभी बनी माता जब तो, कहलाती तब तू जननी है,

जब बन गई प्रेयसी किसी की कहलाती मृगनैनी है

जब बन गई किसी की बहू, तो तू भाग्यलक्ष्मी है कहलाती

राखी में किसी का प्यार संजोए, बहन भगिनी बन जाती है

तब भी इस निर्दयी समाज ने पल पल तुझे सताया है

जब भी जन्म हो बेटी का कहते मनहूस ये साया है:

हे समाज, सुन ले आज तू , नारी ही अभिमान सभी का नारी ही जग जननी है, थोड़ा सा सम्मान कर 

तू इसका, यही महिला सशक्तिकरण है।



दीपशिखा

ज़ारा बुटिक की शुरुआत

फैशन के सभी रेंज यहां है मौजूद: ज़की

वाराणसी 16 अगस्त (दिल इंडिया लाइव)। फैशन के नये दौर में लोगों को बेहतर सुविधा प्रोवाइड करने के लिए अर्दली बाज़ार में बाम्बे फैशन के समीप ज़ारा बुटिक के नये शो रूम का उदघाटन सोमवार को हुआ। इस मौके पर बुटिक के संचालक मो. ज़की ने बताया कि एक ही छत के नीचे फैशन की दुनिया के सभी रेंल उनकी बुटिक में मौजूद है। इस मौके पर हाजी सुहैल, मो. नईम, बाबू, फिरोज खां, सेराज खां आदि काफी लोग मौजूद थे। 

सोमवार, 16 अगस्त 2021

अर्दली बाज़ार में हुई मजलिस



दुनिया के लिए इंसानियत का पैगाम लेकर आता है मोहर्रम

वाराणसी16 अगस्त (दिल इंडिया लाइव)। मोहर्रम का महीना तमाम आलम के लिए इंसानियत का पैगाम लेकर आता है। यह कौम और मुल्क के लिए तरक्की का पैगाम ही नहीं देता बल्कि सच्चाई पर मिट मरने वालों को हौसला भी देता है।

उक्त बातें मजलिस को खिताब करते हुए सैयद नबील हैदर ने कही। उन्होंने कहा कि नवासे रसूल ने हक की राह में ऐसी कुर्बानी पेश की जो आज तक इंसानियत व मोहब्बत का पैगाम देती है। मोहर्रम का गम हमें ठहर कर सोचने की ताकत देता है कि कहीं किसी मौके पर हमसे सच्चाई का दामन झूठ तो नहीं गया। मोहर्रम का चांद दिखाई देते ही इमाम हुसैन का गम नई ताकत के साथ छा जाता है यही गम हमारे दिलों पर सच्चाई और इश्क की लौ लगाता है। नबील ने कहा कहा की मुहर्रम पर सजाई जाने वाली मीनारों पर जाने वाले लोगों का यह फर्ज़ बनता है कि वह मजहबी नफरतों को शिकस्त देकर गमे हुसैन में बहने वाले आंसुओं के मरहम से इंसानियत के ज़ख्मों को इलाज करे। बाद मजलिस औने मोहम्मद का ताबूत व अलम निकला नौहा व मातम शन्ने जौनपुरी ने किया।

शुक्रवार, 13 अगस्त 2021

नागपंचमी पर हुआ अखाड़े का भूमिपूजन


समारोह में मनोहर लाल पहलवान का सम्मान

वाराणसी13 अगस्त(दिल इंडिया लाइव)।  तेलियाना फाटक स्थित गुरु गया सेठ अखाड़ा पर नाग पंचमी पर अखाड़े की भूमि पूजन पंडित कमलेश दुबे द्वारा संपन्न किया गया। इस दौरान अखाड़े के अंतरराष्ट्रीय पहलवान मनोहर लाल यादव गुरुजी का सम्मान समाजसेवी किशन जयसवाल ने किया। इस मौके पर किशन जयसवाल ने कहा कि कुश्ती कला हमारी बनारस की संस्कृति और धरोहर है।

कार्यक्रम में मेवा पहलवान व मुनेश्वर आश्रम के महंत वैभव गिरी, गोवर्धन पूजा के संस्थापक इंजीनियर गणेश यादव, मदन लाल यादव, अनूप चौबे, राजेश यादव, सागर यादव, नंदलाल प्रजापति, छोटेलाल जयसवाल पूर्व पार्षद इत्यादि क्षेत्रवासियों के सहयोग से यह कार्यक्रम संपन्न हुआ।

गुरुवार, 12 अगस्त 2021

बुनकर सरदार के सिर सजा दस्तार का ताज



सरदार मकबूल हसन की हुई दस्तारबंदी

वाराणसी 12 अगस्त (दिल इंडिया लाइव)। छित्तनपुरा इमलिया तले में बुनकर बिरादराना तंजीम में मुहल्ले के सरदार की जगह ख़ाली थी, उस ख़ाली जगह को भरने के लिए मोहल्ले वालों की सहमति से पूर्व सरदार मरहूम मुर्तज़ा सरदार के पुत्र मक़बूल हसन की दस्तारबंदी कर मुहल्ले की जिम्मेदारी आज दी गई। नए सरदार को बुनकर बिरादराना तंजीम पांचो के सरदार जियाउलहसन साहब ने अपने हाथो से दस्तार बांध कर जिम्मेदारी दी। इस मौके पर पांचो के सरदार जियाउलहसन ने कहा की मोहल्ले की अवाम ने आप को सरदार की जिम्मेदारी दी है इस जिम्मेदारी को बहुत ही ईमानदारी से बिना किसी भेद भाव के चाहे वो छोटा हो या बड़ा हो सभी के साथ इंसाफ आपको करना है। ताकि जिस उम्मीद के साथ आवाम ने आपको सरदार चुना है वो उसपर पूरी तरह से खरे उतर सके ।

 सदारत सरदार जियाउल हसन ने की तो निजामत रेयाज़ अहमद नोमानी ने की। तक़रीर हाफिज जमाल अहमद नोमानी व मौलाना अब्दुल मलिक मिस्बाह ने की। इस मौके पर सरदार अ. गनी, सरदार शमसुल आरफिन,  सरदार अब्दुल हामिद, सरदार अ. मतीन, सरदार मोईनुद्दीन, पार्षद साज़िद अंसारी, पार्षद तुफैल अहमद सहित काफी लोग मौजूद थे।

शनिवार, 7 अगस्त 2021

बच्चों के अधिकारों का ख्याल रखेगी गांव की सरकार

बाल कल्याण के मुद्दे पर हो सकेगी चर्चा और समस्याओं का निदान



वाराणसी 7 अगस्त (दिल इंडिया लाइव)। गांव की ‘सरकार’ बनने के साथ ही बच्चों को भी उनके अधिकार मिलने का रास्ता साफ हो जाएगा। ग्राम पंचायत की खुली बैठकों में उनकी शिक्षा, स्वास्थय के साथ ही खेल सम्बन्धी मुद्दों पर खुलकर चर्चा होगी और इससे सम्बन्धित समस्याओं का निदान हो सकेगा। उनकी पढ़ाई किस तरह से होगी, स्वास्थ्य सुविधाएं कैसे मिलेंगी, खेल का मैदान कैसे हासिल होगा? जैसी मूलभूत आवश्यक्ताओं को पूरा करने की जिम्मेदारी अब ‘गांव की सरकार’ की होगी।इस नयी व्यवस्था के लागू होने से वाराणसी के 694 ग्राम पंचायतों में भी इसका सीधा लाभ मिलेगा।

प्रदेश की योगी सरकार सभी 58,189 ग्राम पंचायतों में सिटिजन चार्टर लागू करने जा रही है, इसमें संबंधित सुविधा का समयबद्ध निस्तारण हो सकेगा। शासन ने माडल सिटिजन चार्टर जारी कर दिया है। ग्राम पंचायतों को इसमें कुछ सुविधाओं का चयन करके 15 अगस्त तक लागू करना होगा। इसके तहत प्रदेश सरकार अब ’मेरी पंचायत, मेरा अधिकार जन सेवाएं हमारे द्वार’ अभियान शुरू कर रही है। इसमें गांव की सरकार को आम लोगों के प्रति जवाबदेह बनाने की योजना है। यह पहल सिटिजन चार्टर के तहत हो रहा है। ग्रामीणों को जन्म और मृत्यु प्रमाणपत्र बनवाने, परिवार रजिस्टर की नकल लेने, मनरेगा का जॉबकार्ड बनवाने जैसी जरूरतों के लिए अब शहर का चक्कर नहीं लगाना होगा। उन्हें यह सब सुविधाएं गांव में ही मिलेंगी। वह भी निर्धारित समय सीमा और तय शुल्क पर।

बच्चों को भी होगा खासा लाभ

अभी तक योजनाओं के गांव में न बनने से आम तौर पर बच्चों के मुद्दे उपेक्षित ही रह जाते थे। विभागों की रस्साकस्सी में उनकी जरूरतें योजनाओं में शामिल नहीं हो पाती थी लेकिन अब ऐसा नहीं हो सकेगा क्योंकि गांव की सरकार न सिर्फ बड़ों के ही लिए बल्कि बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य और खेल जैसी जरूरतों को पूरा करने के लिए भी जिम्मेदार होंगी। इसमें आ रहीं दिक्कतों को ग्राम पंचायतें पूरा करेंगी। प्राथमिक विद्यालयों में दाखिले से सम्बन्धित मुद्दों, सरकारी स्कूलों में मध्याह्न भोजन, स्कूलों में बच्चों के स्वास्थ्य की जांच, आंगनबाड़ी केन्द्रों पर आहार, टीकाकरण जैसी व्यवस्था की जिम्मेदारी ‘गांव के सरकार’ की ही होगी। गांव में लाइब्रेरी और उसमें प्र्याप्त पुस्तके होने का जिम्मा भी गांव की सरकार को ही दिया गया है। काशी विद्यापीठ ब्लाक के रमना गांव की प्रधान आरती पटेल कहती हंै कि ‘ नर्इ व्यवस्था में हम बच्चों का अधिक भला कर सकेंगे। हमें पता है कि हमारे गांव में बच्चों की क्या समस्या है। बच्चों की समस्या हमारी प्रथमिकता में है। ग्राम समाज की पहली बैठक में ही हम इस मुद्दे को उठायेंगे और उसका हल निकाल लेंगे। पिण्डरा ब्लाक के लल्लापुर गांव के प्रधान राजेन्द्र का भी कहना है कि गांव की सरकार बनने से बच्चों की समस्या पर अधिक ध्यान दिया जा सकेगा। अब चूंकि सब स्थानीय स्तर पर होना है लिहाजा हम समस्या का समाधान भी खोज लेंगे। बच्चों की शिक्षा के साथ-साथ उनके खेल, स्वास्थ्य पर हमारा विशेष ध्यान होगा।

तिवारीपुर गांव के प्रधान उमाकांत तिवारी कहते है अब वह समय आ गया है जब हम बालश्रम, बाल तस्करी और बाल विवाह जैसी समस्याओं पर एकजुट होकर प्रहार कर सकेंगे। अपनी ऐसी ही कोशिशों से हमने अपने गांव को बालश्रम से मुक्त कर रखा है। नर्इ व्यस्था में हम प्रयास करेंगे कि आसपास के गावों में भी इसके लिए अलग से बजट बनाकर काम हो और यह बुरार्इ जड़ से खत्म हो जाए।

बालश्रम, बालतस्करी और बालविवाह रोकने की कर्इ घटनाओं में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले चाइल्ड लाइन के जिला परियोजना समन्वयक शिशिर श्रीवास्तव कहते है ग्राम पंचायतों की नर्इ व्यवस्था बच्चों से सम्बन्धित ऐसे मुद्दों पर अत्यन्त कारगर होगी। गांवों में सजगता बढ़ेगी और बालश्रम, बाल विवाह व बाल तस्करी की सूचनाएं हमें फौरन प्राप्त होंगी और हम तत्काल कार्रवार्इ कर सकेंगे।

तेजी से  संवरेगा बच्चों का भविष्य

जिला पंचायतराज अधिकारी उपेन्द्र पाण्डेय कहते है-‘गांव की ‘‘सरकार’ बनने से बच्चों का भी काफी भला होगा। अब गांव में बच्चों के भी अनुरूप योजनाएं बन सकेंगी और उन्हें अमल में लाने की जिम्मेदारी ‘गांव की सरकार’ की होगी।  प्रदेश सरकार का पूरा प्रयास है कि वह वर्तमान के साथ-साथ भविष्य के पीढ़ी का भी पूरा ध्यान रखे। यही कारण है कि हम बच्चों के भविष्य को संवारने से सम्बन्धित योजनाओं पर ज्यादा जोर दे रहे है।’’

गांव की सरकार”  इन मुद्दों पर भी रखेंगी विशेष ख्याल 

-खेल के मैदान/सार्वजनिक पाकों में रखरखाव व सुधार

-सरकारी प्राथमिक विद्यालयों में दाखिला से संबंधित मुद्दे

- सरकारी स्कूलों में छात्रों के लिए मध्याह्न भोजन की व्यवस्था से संबंधित मुद्दे

-सरकारी स्कूलों में छात्रों के स्वाथ्य की जांच की व्यवस्था के लिए अनुरोध

-आंगनवाड़ी केंद्र में आहार कार्यक्रमों से संबंधित मुद्दे

-आंगनबाडी पर बच्चों का टीकाकरण

-सार्वजनिक पुस्तकालय और उसमें पर्याप्त संख्या में पुस्तकों, पत्र-पत्रिकाओं की व्यवस्था।