आज किसकी आमद से हर तरफ उजाला है...
- हर तरफ नूर की बारिश
- नबी की शान में पेश हुए कलाम
वाराणसी (dil india)। आमदे मुस्तफा की खुशी में सोमवार की शाम और फिर रात मुसालिम इलाके रौशनी और सजावट से इतराते नज़र आये। इस दौरान सारा जहां नबी की मोहब्बत और अकीदत लुटाता नज़र आया। हर तरफ नूर की बारिश और डायसो से नबी की शान में कलाम पेश करते शायरों का जज्बा और जुनून देखते ही बन रहा था। यह नज़ारा था अर्दली बाज़ार मुख्य रोड का। मौलाना शमशुद्दीन साहब की अंगुवाई में यहां देर रात तक शायरों ने जहां कलाम पेश किया वही उलेमा की तकरीर से भी अकीदतमंद फैज़याब हुए। मध्यरात्रि तक शायरों के कलाम यहां गूंज रहे थे।
उधर मरकजी यौमुन्नबी कमेटी की ओर से ईद मिलादुन्नबी पर, आज किसकी आमद से हर तरफ उजाला है, आखिरी पैयंबर है और नूर वाला है... व, आमीना का लाल देखो जगमग जगमग करता है...। जैसे कलाम पेश करते हुए सोमवार की रात जुलूस निकाला गया। जुलूस बेनियाबाग के पूर्वी छोर हड़हा मैदान से निकला। इसके बाद सराय हाड़हा, छत्तातले, नारियल बाजार, दालमंडी, नई सड़क, मस्जिद खुदा बख्श, कुरैशबाग मस्जिद, उस्ताद बिसमिल्लाह खान मार्ग होकर भीखा शाह गेट पर पहुंचकर समाप्त हुआ।
जुलूस की अगुवाई कमेटी के अध्यक्ष शकील अहमद बबलू,पूर्व चेयरमैन अल्पसंख्यक आयोग व महामंत्री जियाउद्दीन खां कर रहे थे। जुलूस के बाद मौलाना ज़कीउल्लाह असदुल कादरी ने नबी की सीरत पर रौशनी डाली। कहा कि इस्लाम (Islam) धर्म के अंतिम पैगम्बर Hazrat मोहम्मद (स.) किसी एक के लिए नहीं बाल्कि सारी दुनिया के लिए रहमत बनकर आए थे। अगर नबी को मानते हो तो उनके बताये हुए रास्तो पर चलों।इस दौरान आगा कमाल अहमद, रेयाज़ अहमद नूर, मोहम्मद अबरार खान, शकील अहमद सिद्दीकी, अब्दुल अलीम, इमरान अहमद, शकील, दिलशाद अहमद आदि मौजूद थे।
जगमगा उठा मुसलिम इलाका
इस दौरान अर्दली बाजार, पक्की बाजार, मकबूल आलम रोड, नदेसर, लल्लापुरा, हबीबपुरा, नई सड़क, दालमंडी, सराय हड़हा, रेवड़ी तालाब, मदनपुरा, गौरीगंज, शिवाला, बजरडीहा, शक्कर तालाब, जलालीपुरा, कोयला बाजार, पीली कोठी, बड़ी बाजार आदि इलाकों में विद्युतीय सजावट देखने को मिली।















