सोमवार, 10 मार्च 2025

मस्जिद 'दाल' कच्चीबाग में तरावीह मुकम्मल, इमामे तरावीह का इस्तकबाल

कल मुकम्मल होगा रमज़ान का पहला अशरा

ककरमत्ता में भी मुकम्मल हुई तरावीह, हुआ शबीना 



Varanasi (dil India live). मस्जिद ‘दाल’ कच्चीबाग में तरावीह मुकम्मल हो गई। इस दौरान जहां इमामे तरावीह का नमाजियों ने जोरदार इस्तकबाल किया वहीं उनकी गुलपोशी भी की गई। कल मंगलवार को रमज़ान का पहला अशरा रहमत का मुकम्मल हो जाएगा। हाफिज ताहिर (इमामे जुमा मस्जिद हज़रत याकूब शहीद) ने बताया कि मस्जिद याकूब शहीद समेत कई जगहों पर दस रमज़ान को तरा़वीह मुकम्मल होगी।

दरअसल मुक़द्दस रमजान महीने को तीन अशरे (10-10 दिन के तीन) में बांटा गया है। पहला अशरा रहमत का कल शाम में मुकम्मल हो जाएगा और दूसरा अशरा मगफिरत का शुरू होगा। आखिर में दस दिन का अशरा जहन्नम से आजादी का है।

रहमत का अशरा शुरू होने के साथ मस्जिदों में तरावीह मुकम्मल होने का सिलसिला भी तेज़ हो जाता है। इस दौरान मस्जिद दाल कच्ची बाग में हाफिज़ इरशाद अहमद ने तरावीह मुकम्मल करायी। तरावीह के बाद लोगों में इमामे तरावीह से मुसाफा करने की होड़ सी मच गई। इस दौरान सैकड़ों लोगो ने तरावीह की नमाज अदा की। उधर ककरमत्ता उत्तरी में जिरगम अंसारी की अगुवाई में हाफ़िज़ अब्दुल हमीद ने तरावीह मुकम्मल करायी। तरावीह के साथ ही वहां शबीना भी पढ़ा गया।आरिफ अंसारी, हफीज़ अहमद अंसारी, हाफिज अलीमुद्दीन,मुनीश व इरफान अहमद आदि शामिल थे।

महिलाओं के सशक्तिकरण में निवेश करें, प्रगति को बढ़ावा दें- प्रो. रचना श्रीवास्तव

फ़ैशन डिजाइनिंग की छात्राओं के हुनर को सभी ने सराहा 


Varanasi (dil India live). वसन्त कन्या महाविद्याय के गृहविज्ञान विभाग में सत्र 2012-13 से यूजीसी ऐड ऑन कोर्स मे तहत फैशन डिजाइनिंग में सर्टिफिकेट कोर्स चलाया जा रहा है। यह कोर्स छात्राओं को फैशन उद्योग में रोजगार के लिये तैयार करता है। इसी कोर्स की छात्राओं द्वारा तैयार उत्पादों की प्रदर्शनी एवं बिक्री हेतु महाविद्यालय परिसर में स्टॉल लगाये गये।

इस दौरान प्राचार्या प्रो. रचना श्रीवास्तव ने कहा की आज अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के थीम “इन्वेस्ट इन वुमन: एक्सेलेरेट प्रोग्रेस” को चरितार्थ करते हुये विभाग का यह प्रयास सराहनीय है। महिलाओं के सशक्तिकरण में निवेश एक सुरक्षित और फलदायी निवेश है। विभागाध्यक्ष प्रो. संगीता देवड़िया ने कहा कि महिलाओं के सशक्तिकरण में निवेश करना समाज का नैतिक और सामाजिक दायित्व है जब हम महिलाओ में निवेश करते है तो हम न केवल उनके भविष्य को सुरक्षित करते है बल्कि हम समाज की प्रगति को भी बढ़ावा देते है। इसी सोच के साथ छात्राओ को आत्मनिर्भर बनाने तथा बाजार की अवधारणा और संरचना का प्रयोगात्मक अनुभव प्रदान करने के लिये इस कार्यक्रम का आयोजन किया गया है ।

इसमें इस कोर्स की 16 छात्राओं द्वारा 13 श्रेणियो के उत्पादों की प्रदर्शनी लगायी गयी। जिसमें हस्त निर्मित उत्पादों द्वारा कपड़ो और गृहोपयोगी वस्त्रो के साथ-साथ नये रचनात्मक प्रयोगो द्वारा ज्वेलरी, कीरिंग, बैग इन्यादि प्रदर्शित किये गये। इस आर्थिकोपार्जन प्रयोग में प्रो0 गरिमा उपाध्याय, डॉ० अंशु शुक्ला, डॉ० सुनीता दीक्षित, योगिता विश्वकर्मा एवं पद्मा के साथ जाहन्वी (शोध छात्रा) ने सहयोग किया।

झांसी की रानी कविता स्त्री के शौर्य और बल को करती है रेखांकित

उत्तर प्रदेश भाषा संस्थान ने मनाया महिला दिवस 



Lucknow (dil India live). उत्तर प्रदेश भाषा संस्थान द्वारा आयोजित एक दिवसीय संगोष्ठी आज 9 मार्च 2025 को उद्गगार सभागार में अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित की गई। संगोष्ठी में पद्म भूषण सुभद्रा कुमारी चौहान की रचनाओं में स्त्री विमर्श पर विस्तृत चर्चा हुई। पंडित छतीश द्विवेदी कुंठित ने कहा कि सुभद्रा जी ने झांसी की रानी कविता के माध्यम से स्त्री के शौर्य और बल को रेखांकित करते हुए उनके अंदर उत्साह और ऊर्जा का संचार पैदा किया। प्रोफेसर अशोक राय ने कहा की खूब लड़ी मर्दानी वह तो झांसी वाली रानी थी ऐसी वीरांगना चरित्र को कविता के माध्यम से विश्व पटल पर नारी के स्वावलंबी एवं उनमें आत्म बल के साथ संघर्ष करने की सोच को विकसित करती है 

सुनील सेठ ने कहा कि आज आवश्यकता है कि नारी को अपने आत्म सम्मान और गौरव की रक्षा करने का समय है जिसकी नसीहत सुभद्रा कुमारी चौहान की कविताओं से लोगों को प्रेरित करती है। रचना तिवारी एवं अंचला पांडे साथ ही प्रज्ञा श्री ने अपने विचारों को विस्तार पूर्वक रखा। कार्यक्रम का संयोजन एवं संचालन जाने-माने हास्य कवि डॉक्टर अशोक राय अज्ञान ने किया और अंत में सभागार में उपस्थित सभी जनमानस के प्रति आभार व्यक्त किया।

Ramzan mubarak (9) खुद पर कंट्रोल रखने का नाम रमज़ान

खाने पीने से दूर रहें, अपने अंदर लाएं बदलाव 

Varanasi (dil India live). रब ने हम सबको रमज़ान के महीने में जो-जो रहमतें नाज़िल की हैं, हम सब उसका तसव्वुर भी नहीं कर सकते। रमज़ान में एक माह का रोज़ा हम पर फ़र्ज़ कि़या गया है। आईये जाने कि रोज़ा क्या है। रोज़े के माने यह हैं कि खाने पीने से दूर रहना साथ ही साथ अपने अन्दर बदलाव लाना, खुद पर नियंत्रण या कन्ट्रोल रखना। रोज़े में तीन चीज़ों से दूरी बनाए रखना ज़रूरी है। अब यह देखे कि यह तीनों चीजें ऐसी हैं जो हमारे लिए जाएज़ और हलाल हैं, अब रोज़े के दौरान आप इन हलाल और जाएज़ चीज़ों से तो परहेज़ कर रहे हैं, न खां रहे हैं न पी रहे है, लेकिन जो चीज़ें पहले से हमारे लिए हराम थीं यानी झूठ बोलना, ग़ीबत करना, बदनिगाही करना यह सब चीज़ें पहले से हमारे लिए जाएज़ नही थीं, हराम थीं, वह सब रोज़े के दौरान हो रही है। रोज़ा रखा है और झूठ बोल रहे हैं, रोज़ा रखा है और ग़ीबत कर रहे हैं, रोज़ा रखा है और बदनिगाही कर रहे हैं, रोज़ा रखा है और वक्त पास करने के लिए फि़ल्में देख रहे हैं, क्या यह रोज़ा हुआ, हरगिज़ नहीं, क्यों कि रोज़े के दौरान हलाल चीज़ों से तो परहेज़ कर रहे हैं लेकिन हराम चीज़ों को अपनाए हुए हैं। हदीस शरीफ़ में नबी-ए-करीम सल्लल्लाहु अलैहे वसलम ने इरशाद फ़रमाया है कि अल्लाह तआला फ़रमाता है कि जो शख्स रोज़े की हालत में झूठ बोलना न छोड़े तो मुझे ऐसे शख्स का भूखा और प्यासा रहने की कोई ज़रूरत नहीं है। रमज़ान नाम सब्र का है, सच का है, जकात का है, अमन और नेकी का है,

 रमज़ान में वो सारे काम होते है जिससे रब और उसका रसूल खुश होता है। इसलिए ऐ रोज़ेदारों अल्लाह और उसके रब को राज़ी करना चाहते हो तो हराम चीज़ो से, दुनियावी चीज़ो से बचते हुए तकवा आखितयार करो, नकी के रास्ते पर चलो और रोज़ा रखो। बहरहाल अल्लाह तआला हम सबको सही माने में रोज़ा रखने की तौफ़ीक़ अता फ़रमाए, नेकी की राह दिखाये।..आमीन।

      मौलाना अबु सईद क़ासमी

रविवार, 9 मार्च 2025

Ramzan ka 8 roza मुकम्मल, मंगल को पूरा होगा अशरा

मस्जिद बुद्धू छैला समेत कई मस्जिदों में तरावीह मुकम्मल 


मोहम्मद रिजवान 

Varanasi (dil India live). मुक़द्दस रमजान का पहला अशरा रहमतों का अपनी रफ़्तार में है। रहमत का पहला अशरा मंगलवार को शाम में मुकम्मल होगा। इसी के साथ मस्जिदों में नमाजे तरावीह मुकम्मल होने का दौर भी तेज़ हो चला है। इतवार को मस्जिद बुद्धू छैला में हाफ़िज़ कुददूस ने तरावीह मुकम्मल करायी। इस दौरान लोगों ने उनका जोरदार खैरमकदम किया। गुलपोशी का भी दौर देखने को मिला। नमाजे तरावीह मुकम्मल होने के कुछ ही देर बाद सोशल मीडिया पर फोटो भी तरावीह मुकम्मल होने का वायरल हो गया। 

ऐसे ही 6 रमज़ान को छोटी मस्जिद डिठोरी महाल में तरावीह हाफिज शाहरुख ने मुकम्मल करायी। उनकी तमाम नमाजियों ने मुसाफा और गुलपोशी कर हौसला अफजाई की। मस्जिद याकूब शहीद नगवा में हाफिज मोहम्मद ताहिर की अगुवाई में हाफ़िज़ आसिफ दस रमज़ान को तरा़वीह खत्म होगी। ऐसे ही दस रमज़ान को शहर बनारस में एक दर्जन मस्जिदों में तरावीह मुकम्मल होगी।

Aman or Millat की पहल, होली पर जुमे की नमाज़ का बदला वक्त

शहर काजी का ऐलान : होली पर जुमे की नमाज़ दो बजे से होगी अदा



Varanasi (dil India live). बनारस शहर हमेशा से अमन और मिल्लत की कद्र करता रहा है। शहर के अमन और मिल्लत को आंच न आए इसके लिए सदा दोनों कौमें पहल करती रही हैं। ताज़ा खबर होली और जुमे की नमाज़ को लेकर है। होली पर जुमे की नमाज़ दो बजे अदा करने का फैसला लिया गया है। शहर काजी बनारस ने यह ऐलान किया है। उन्होंने प्रेस नोट जारी करते हुए लिखा है कि इंतेज़ामिया मसाजिद से अपील किया गया है कि 14 मार्च 2025 को जुमा व होली का त्योहार एक साथ पड़ जाने के कारण वाराणसी ज़िला प्रशासन की गुज़ारिश पर ओलमा ए किराम व मुफ्तियान ए एज़ाम से मशवरे के बाद यह फैसला लिया गया है कि उक्त आने वाले जुमा को जिन मस्जिदों में जुमे की नमाज़ दिन में 2 बजे से पहले अदा की जाती है उन मस्जिदों में जुमे की नमाज़ दिन में 2 बजे कर दी जाए और जिन मस्जिदों में दिन में 2 बजे या 2 बजे के बाद जुमा की नमाज़ अदा की जाती है वहां अपने समय अनुसार अदा की जाए ताकि ज़िला प्रशासन को सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग मिल सके। और दोनों अमन और मिल्लत के साथ सम्पन्न हो जाए। शहर काजी मौलाना जमील अहमद रिज़वी ने मस्जिद इंतेज़ामिया कमेटी से गुज़ारिश किया है कि अपनी अपनी मस्जिद में आने वाले 14 मार्च को जुमा के वक्त का पहले से ऐलान कर दें ताकि अवाम को मालूम हो जाए। किसी को कोई दिक्कत न हो।

सात दिवसीय विशेष एनएसएस शिविर स्वच्छता जागरूकता संग सम्पन्न

एनएसएस स्वयंसेवको ने किया पौधरोपण 



Varanasi (dil India live). राजकीय प्राथमिक विद्यालय, छित्तूपुर खास में विशेष एनएसएस शिविर के सातवें दिन 'स्वास्थ्य और स्वच्छता जागरूकता' कार्यक्रम चलाया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य “स्वास्थ्य और स्वच्छता “ के बारे में जागरूकता के लिए सभी को प्रेरित करना तथा स्वच्छता के सही तरीकों को बढ़ावा देना था। कार्यक्रम अधिकारी, डॉ. शशि प्रभा कश्यप की अगुवाई में, सूचनात्मक वार्ता और सांस्कृतिक प्रदर्शनों के माध्यम से एक महत्वपूर्ण प्रभाव पैदा करने के लिए कार्यक्रम की योजना बनाई गई थी।

इस दौरान मेहमानों का गर्मजोशी से स्वागत किया गया और आधिकारिक तौर पर सत्र शुरू किया। कार्यक्रम का समन्वय एनएसएस स्वयंसेवक भाविका मोहिनानी ने किया I

सत्र एक "पौधा रोपण अभियान" पर आधारित था। इस सत्र में कार्यक्रम अधिकारी, डॉ. शशि प्रभा कश्यप ने आम, नीम और  अगले सत्र की अतिथि वक्ता प्रो. सरिता मिश्रा, एमएस (आयुर्वेद), पीएचडी, पूर्व एसआर आईएमएस, बीएचयू और संस्थापक ब्लिसवेदस, वाराणसी थीं। डॉ मिश्रा ने स्वास्थ्य, आयुर्वेद और महिलाओं के स्वास्थ्य पर चर्चा की। उन्होंने कहा, आयुर्वेद स्वास्थ्य की भविष्यवाणी है। उन्होंने स्वास्थ्य, पाचन संबंधी समस्याओं, त्वचा और बालों के झड़ने जैसे कॉस्मेटिक स्वास्थ्य मुद्दों पर जोर दिया है। उन्होंने भूख, भूख के प्रकार और विभिन्न पाचन संबंधी समस्याओं, उनके कारण और रोकथाम पर चर्चा की है। उन्होंने कहा कि पाचन तंत्र हमारे शरीर का दूसरा मस्तिष्क है और हमारा प्रजनन स्वास्थ्य पाचन तंत्र द्वारा नियंत्रित होता है। उन्होंने हमारे अच्छे स्वास्थ्य से संबंधित कई टिप्स दिए।  मैडम ने शरीर के वजन और उम्र के हिसाब से शरीर की पानी की क्षमता के बारे में बात की और रोजाना त्वचा में तेल लगाने, नाक खींचने और कई अन्य तथ्यों जैसे स्वस्थ सुझाव साझा किए।

व्याख्यान के बाद एक जानकारीपूर्ण सत्र आयोजित किया गया। स्वयंसेवकों ने अपने स्वास्थ्य और दिन-प्रतिदिन की जीवन शैली के बारे में सवाल पूछे। इसके बाद एनएसएस स्वयंसेवकों द्वारा एक नाटक प्रस्तुत किया गया, जिनके नाम भूमि कुमारी, लक्ष्मी कुमारी, संजना भंडारी, तनिष्क भगत, अर्पिता राय हैं और ओजस्वी यादव द्वारा "स्वास्थ्य संबंधी मुद्दों" के विषय पर एक नाटक सुनाया गया। हमारे अतिथि वक्ता ने नाटक की सराहना की। एनएसएस शिविर के अंतिम दिन दूसरा सत्र सांस्कृतिक कार्यक्रम पर आधारित था। इस सत्र में हमारे एनएसएस स्वयंसेवकों अवनि वर्मा, मेघा प्रजापति, नवनीता भक्त, कुमारी द्वारा एक समूह नृत्य तैयार किया गया और प्रस्तुत किया गया, एनएसएस स्वयंसेवक ओजस्वी यादव द्वारा एक सुंदर स्वलिखित कविता सुनाई गई, अवनि वर्मा और कुमारी सना यादव नामक एनएसएस स्वयंसेवकों द्वारा युगल नृत्य किया गया, भाविका मोहिनानी और संजना यादव नामक एनएसएस स्वयंसेवकों द्वारा युगल गीत गाया गया और उसके बाद स्मृति सुधा सत्पथी नामक एनएसएस स्वयंसेवक द्वारा भारत की एक संस्कृति की खोज पर एक एकल नृत्य प्रस्तुत किया गया जो पश्चिमी ओडिशा है जो संबलपुरी पर आधारित था। सत्र बहुत जानकारीपूर्ण और तथ्यों से भरा था जो हमारे दैनिक जीवन में मदद करेगा। एक सम्मानित अतिथि और उत्साही स्वयंसेवकों की उपस्थिति ने दिन को अविस्मरणीय और परिवर्तनकारी बना दिया। कार्यक्रम का समापन कार्यक्रम अधिकारी डॉ शशि प्रभा कश्यप  अंत में, कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ, जिससे वातावरण देशभक्ति, एकता और गौरव की गहरी भावना से भर गया।