रविवार, 2 मार्च 2025

VKM Varanasi News: एनएसएस का सात दिवसीय विशेष शिविर कल से

राजकीय प्राथमिक विद्यालय व पंचायत भवन में जुटेंगे एनएसएस स्वयंसेवी

Varanasi (dil India live)। वसंत कन्या महाविद्यालय द्वारा एनएसएस का सात दिवसीय विशेष शिविर का आयोजन एनएसएस की कार्यक्रम अधिकारी, (यूनिटः 014 A) डॉ. शशि प्रभा कश्यप, द्वारा 3 मार्च से 9 मार्च 2025 तक राजकीय प्राथमिक विद्यालय एवं पंचायत भवन, अंबेडकर ग्राम, छित्तूपुर खास, बीएचयू में किया जाएगा। डा. शशि प्रभा कश्यप ने बताया कि राष्ट्रीय सेवा योजना शैक्षणिक विस्तार में एक महान प्रयोग है। यह निरंतर सामुदायिक संपर्क के माध्यम से छात्र-छात्राओं और शिक्षकों में स्वैच्छिक कार्य की भावना पैदा करता है। यह हमारे शैक्षणिक संस्थानों को समाज के करीब लाता है। यह दिखाता है कि ज्ञान और कार्रवाई को कैसे जोड़ा जाए ताकि ऐसे परिणाम प्राप्त किए जा सकें जो सामुदायिक विकास के लिए वांछनीय हों। इस एनएसएस सात दिवसीय विशेष शिविर के आयोजन का उद्देश्य स्वयंसेवकों और समुदाय के बीच जागरूकता और सामाजिक जिम्मेदारी को बढ़ावा देना है। प्रत्येक दिन एक विशिष्ट विषय को समर्पित है, जिसका उद्देश्य शिक्षित करना, सशक्त बनाना और सकारात्मक बदलाव लाना होगा। विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों को अपनी अंतर्दृष्टि साझा करने के लिए आमंत्रित किया जायेगा और प्रतिभागियों को शामिल करने के लिए विभिन्न विषयों पर रैलियां, स्किट, भाषण, पोस्टर प्रतियोगिताएं और सांस्कृतिक कार्यक्रम जैसी इंटरैक्टिव गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। सात दिवसीय एनएसएस कार्यक्रम के पहले दिन 3 मार्च को सत्र 1 में दैनिक जीवन में बुनियादी योग अभ्यास अतिथि वक्ताः डॉ. योगेश कुमार भट्ट, वरिष्ठ योग प्रशिक्षक, योग साधना केंद्र, बीएचयू होंगे तो सत्र 2 में मेरा भारत आउटरीच कार्यक्रम के अतिथि वक्ताः डॉ. कृष्णानंद आचार्य होंगे। इस सत्र का उद्देश्य प्रतिभागियों को बेहतर स्वस्थ जीवन के लिए दैनिक जीवन में बुनियादी योग अभ्यासों को शामिल करने के बारे में शिक्षित करना होगा। दूसरे सत्र में मेरा भारत आउटरीच कार्यक्रम पर ध्यान केंद्रित किया जायेगा। यह युवाओं के लिए एक मंच है, जो भारत की समृद्ध विरासत, सांस्कृतिक मूल्यों, नौकरी के अवसरों और राष्ट्र निर्माण में युवाओं की जिम्मेदारियों पर जोर देता है।

Ramzan Mubarak (1) - हक़ की जिन्दगी जीने का रास्ता दिखाता है रमज़ान

रमजान आते ही फिज़ा में होती है नूर की बारिश 

Varanasi (dil India live)। हिजरी कलैंडर का 9 वां महीना रमज़ान है। ये वो महीना है जिसके आते ही फिज़ा में नूर छा जाता है। चोर चोरी से दूर होता है, बेहया अपनी बेहयाई से रिश्ता तोड़ लेता है, मस्जिदें नमाज़ियों से भर जाती हैं। लोगों के दिलों दिमाग में बस एक ही बात रहती है कि कैसे ज्यादा से ज्यादा इबादत की जाये। फर्ज़ नमाज़ों के साथ ही नफ्ल और तहज्जुद पर भी लोगों का ज़ोर रहता है, अमीर गरीबों का हक़ अदा करते हैं, पास वाले अपने पड़ोसियों का, कोई भूखा न रहे, कोई नंगा न रहे इस महीने में इस बात का खास ख्याल रखा जाता है। पता ये चला कि हक़ की जिन्दगी जीने की रमज़ान हमे जहां तौफीक देता है। वहीं गरीबो, मिसकीनों, लाचारों, बेवा, और बेसहरा वगैरह की ईद कैसे हो, कैसे उन्हें उनका हक़ और अधिकार मिले यह रमज़ान ने पूरी दुनिया को दिखा दिया, सिखा दिया। यही वजह है कि रमज़ान का आखिरी अशरा आते आते हर साहिबे निसाब अपनी आमदनी की बचत का ढ़ाई फीसदी जक़ात निकालता है। और दो किलों 45 ग्राम वो गेंहू जो वो खाता है उसका फितरा।

सदका-ए-फित्र ईद की नमाज़ से पहले हर हाल में मोमिनीन अदा कर देता है ताकि उसका रोज़ा रब की बारगाह में कुबुल हो जाये, अगर नहीं दिया तो तब तक उसका रोज़ा ज़मीन और आसमान के दरमियान लटका रहेगा जब तक सदका-ए-फित्र अदा नहीं कर देता। रब कहता है कि 11 महीना बंदा अपने तरीक़े से तो गुज़ारता ही हैतो एक महीना माहे रमज़ान को वो मेरे लिए वक्फ कर दे। परवरदिगारे आलम इरशाद फरमाते है कि माहे रमज़ान कितना अज़ीम बरकतों और रहमतो का महीना है इसे ऐसे भी समझा जा सकता है कि इस पाक महीने में कुरान नाज़िल हुआ। इस महीने में बंदा दुनिया की तमाम ख्वाहिशात को मिटा कर अपने रब के लिए पूरे दिन भूखा-प्यासा रहकर रोज़ा रखता है। नमाज़े अदा करता है। फ़र्ज़ Namaaz के अलावा तहज्जुद, चाश्त, नफ्ल अदा करता है। इस महीने में वो मज़हबी टैक्स ज़कात और फितरा देकर गरीबों-मिसकीनों की ईद कराता है। 

अल्लाह फ़रमाता है कि सिवाए रोज़े के कि रोज़ा मेरे लिये है इसकी जज़ा मैं खुद दूंगा। बंदा अपनी ख्वाहिश और खाने को सिर्फ मेरी वजह से तर्क करता है। यह महीना नेकी का महीना है इस महीने से इंसान नेकी करके अपनी बुनियाद मजबूत करता है। ऐ मेरे पाक परवर दिगारे आलम, तू अपने हबीब के सदके में हम सबको रोज़ा रखने, दीगर इबादत करने, और हक की जिंदगी जीने की तौफीक दे ..आमीन।


शनिवार, 1 मार्च 2025

लो आ गई इबादत की घड़ी, Chand k दीदार संग Ramzan का welcome

मस्जिदों में शुरू हुई तरावीह, कल से रखा जाएगा रोज़ा 

बाजार हुए गुलजार, मुस्लिम बाहुल इलाकों में लौटी रौनक 



मोहम्मद रिजवान 

Varanasi (dil India live)। जिस घड़ी का इंतजार था वो इबादत की घड़ी आखिर आ ही गई। शनिवार की शाम सवा 6 बजे मुस्लिमों ने घरों की छतों, मस्जिदों, मदरसों और मैदानों से चांद का दीदार का रमज़ान का वेलकम किया। पटाखे फोड़े गए और खुशियों का इजहार किया गया। लोगों ने एक दूसरे को रमज़ान की मुबारकबाद दी। रात में तरावीह की ख़ास नमाज अदा की गई। माह ए रमजान का चांद देखने के साथ ही रविवार को पहला रोजा रखा जाएगा। मुस्लिम पूरे दिन नीरा जल उपवास रखकर इबादत करेंगे। इस बार रोजा तकरीबन सवा 13 घंटे से अधिक का है। शहर की सैकड़ों मस्जिदों में तरावीह की नमाज अदा की गई। लोगों ने दुआ के लिए हाथ उठाए और सजदे में अपने सर झुकाएं। दूसरी ओर शिया समुदाय ने अपने शहर की 32 मस्जिदों में इमामबारगाह में दरगाहों में मजलिस और दुआख्वानी के साथ रमजान उल मुबारक का इस्तकबाल किया। बाजार गुलजार हो गये, मुस्लिम बाहुल्य इलाकों में रौनक लौट आयी। इस दौरान लोगों ने सेहरी और इफ्तार के लिए देर रात तक खरीदारी की। मुस्लिम बहुल इलाको में देर रात तक चहल पहल देखी गई। शिया जामा मस्जिद के प्रवक्ता सैयद फरमान हैदर ने बताया कि रमजान एक ऐसा महीना है जिसमें हर मुसलमान अपने रब की ज्यादा से ज्यादा इबादत करता है। गरीबों और यतीमो की भरसक मदद करता है। मस्जिदें रोज़ादारो से छलकती रहती है। खुशगवार मौसम में रोज़े का आगाज हो रहा है। इस बार रोजा तकरीबन 13.15 घंटे का होगा। आनेवाले दिनों में गर्मी बढ़ेगी तो इबादत का जज्बा भी बुलंदियों पर होगा। ये वो पाक महीना है जिसमें पवित्र कुरान भी नाजिल हुई। इस माह की 15 तारीख को इमाम हसन की विलादत की खुशी जहां मनाई जाएगी वहीं 21 रमजान को मौला अली की शहादत का ग़म भी शिया वर्ग ताज़ा करेंगे।

उन्नत शोध विधियों के विश्लेषण की आधुनिक तकनीकों पर हुई कार्यशाला

VKM Varanasi main हुआ कार्यशाला का समापन



Varanasi (dil India live). वसन्त कन्या महाविद्यालय के प्रांगण में वी.वी.गिरि नेशनल लेबर इंस्टीट्यूट के सहयोग से उन्नत शोध विधियों तथा आँकड़ों के विश्लेषण की आधुनिक तकनीकों पर एक दस-दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का उद्घाटन दिनांक 20 फरवरी, 2025 को प्रो. आनंदवर्द्धन शर्मा, निदेशक, मदन मोहन टीचर ट्रेनिंग सेण्टर, काशी हिन्दू विश्वविद्यालय के द्वारा किया गया। अपने वक्तव्य में विशिष्ट अतिथि ने सामाजिक विज्ञान एवं मानविकी में उच्च गुणवत्तायुक्त शोध कार्यों की आवश्यकता पर बल दिया तथा इस प्रकार की कार्यशालाओं के आयोजन के महत्व को रेखांकित किया। महाविद्यालय की ओर से प्रो. आशा यादव, हिन्दी विभाग ने अतिथियों का स्वागत किया। कार्यशाला के विषय का प्रवर्तन करते हुए समन्वयक डाॅ. शुभ्रा सिन्हा ने कार्यक्रम की रूपरेखा तथा उद्देश्य का विवरण दिया। सत्र का संचालन डाॅ. अंशु शुक्ला, गृह विज्ञान विभाग ने तथा धन्यवाद ज्ञापन सह-समन्वयक डाॅ. कल्पना आनन्द ने किया।

उद्घाटन सत्र के पश्चात् तकनीकी सत्रों का आयोजन किया गया। प्रतिदिन दो अध्ययन सत्र तथा एक अभ्यास सत्र का आयोजन किया गया था। 20 फरवरी, 2025 को प्रो. राकेश रमन, अर्थशास्त्र विभाग, काशी हिन्दू विश्वविद्यालय ने मात्रात्मक शोध विधियों पर विस्तृत व्याख्यान दिया। दूसरे दिन 21 फरवरी को गुणात्मक शोध विधियों पर तीन सत्रों का आयोजन किया गया था। प्रथम सत्र में डाॅ. रूमा घोष, सीनियर फेलो, वी.वी.गिरि नेशनल लेबर इंस्टीट्यूट ने गुणात्मक शोध की अवधारणा तथा चरणों पर प्रकाश डाला। द्वितीय सत्र में डाॅ. राजीव दूबे, समाजशास्त्र विभाग, काशी हिन्दू विश्वविद्यालय ने एथ्नोग्राफी (नृवंश विज्ञान) पर भाषण दिया। तृतीय सत्र में प्रो. तुषार सिंह, मनोविज्ञान विभाग, काशी हिन्दू विश्वविद्यालय ने गुणात्मक डाटा के विश्लेषण के गुर सिखाएं। 22 फरवरी को प्रो. ज्ञान प्रकाश सिंह, सांख्यिकी विभाग, काशी हिन्दू विश्वविद्यालय ने मात्रात्मक डाटा के विश्लेषण के संबंध में आवश्यक जानकारियां दी जिसमें विवरणात्मक तथा अनुमानिक दोनों प्रकार की विधियां शामिल थी। तत्पश्चात् 24 एवं 25 फरवरी को प्रो. शैलेष कौशल, प्रबंध शास्त्र संकाय, लखनऊ विश्वविद्यालय ने अनेक प्रकार की  अंतर तथा सह संबंध निकालने की तकनीकों के विषय में जानकारी दी। 27 एवं 28 फरवरी को प्रो. राकेश पाण्डेय, मनोविज्ञान विभाग, काशी हिन्दू विश्वविद्यालय ने अनेक चरों के सह संबंध का एक साथ विश्लेषण करने वाली जटिल सांख्यिकी को सरल रूप से समझाया तथा माॅडल टेस्टिंग से संबंधित आवश्यक जानकारियाँ प्रदान की। साथ ही शोध डेटा को विभिन्न अंतर्राष्ट्रीय रिपोज़िटरीज़ में अपलोड करने के नियम भी सिखाए। सभी सत्र महाविद्यालय के अत्याधुनिक कम्प्यूटर लैब में आयोजित किए गए। प्रतिदिन अभ्यास सत्र के दौरान प्रतिभागियों ने सिखाई गयी तकनीकों का वास्तविक डेटा पर परीक्षण किया तथा अपनी समस्याओं का निस्तारण करवाया।

कार्यशाला के समापन सत्र का आयोजन 01 मार्च, 2025 को महाविद्यालय के सभागार में किया गया। कार्यक्रम में प्रो. रीता सिंह, प्राचार्या, महिला महाविद्यालय, काशी हिन्दू विश्वविद्यालय तथा प्रो. मोहम्मद आरिफ, निदेशक, हर प्रसाद गुप्त इन्क्यूबेशन सेण्टर, महात्मा गाँधी काशी विद्यापीठ, विशिष्ट अतिथियों के रूप में उपस्थित रहे।

अपने विशिष्ट उद्बोधन में प्रो. रीता सिंह ने शोध विधियों की गहन जानकारी तथा शोध समस्या के विषय के अनुरूप शोध विधि के चयन पर बल दिया। प्रो. आरिफ ने भी प्रतिभागियों का उत्साहवर्द्धन करते हुए शोध में अपनी रूचि को बढ़ाने तथा स्वयं शोध क्षेत्र का चुनाव करने पर बल दिया। कार्यक्रम की अध्यक्षता तथा स्वागत भाषण महाविद्यालय की प्राचार्या प्रो. रचना श्रीवास्तव ने किया। अपने सारगर्भित उद्बोधन में प्राचार्या ने शोध क्षेत्र में उचित प्रविधियों के चुनाव एवं सटीक क्रियान्वयन पर बल दिया। कार्यशाला की समन्वयक डाॅ. शुभ्रा सिन्हा ने दस-दिवसीय कार्यशाला में आयोजित सभी सत्रों की रिपोर्ट प्रस्तुत की।

सत्र का संचालन डाॅ. शशिकेश कुमार गोंड ने तथा धन्यवाद ज्ञापन डाॅ. अंशु शुक्ला ने किया। अनेक प्रतिभागियों ने अपने विचार साझा करते हुए कार्यशाला की विषय वस्तु तथा अतिथि वक्ताओं की शैली की हार्दिक प्रशंसा की। आयोजन समिति की ओर से सह-संयोजक डाॅं. कल्पना आनंद, डाॅ. विजय कुमार, डाॅ. आशीष सोनकर, डाॅ. सरोज उपाध्याय तथा डाॅ. प्रतिभा कार्यक्रम में उपस्थित रहीं।

Varanasi main Ramzan का रोज़ा रखेंगे तो ये खबर आपके लिए है खास

रमज़ान का पूरे महीने का है ये टाइम टेबल, अभी इसे कर लें सेव

Varanasi (dil India live). माहे रमज़ान का मुक़द्दस महीना आज नमाजे तरावीह के साथ शुरू हो रहा है। अगर आप 
Varanasi main है और Ramzan का रोज़ा रखेंगे, तो ये खबर वास्तव में आपके लिए खास है। न सिर्फ इसे आप पढ़ें बल्कि इसे अपने मोबाइल फोन में सेव कर लें। जी हां इस रमजान कितने बजे आपको सहरी करना है कितने बजे रोज़ा खोलना है इसकी पूरी डिटेल है वो भी पूरे महीने की। है न खास खबर। रमज़ान कार्ड तो आप भूल भी सकते हैं मगर रोज़ा रखना है और इफ्तार व सहरी वक्त पर ही करना है इसलिए सेलफोन में सेव यह खबर बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

देखिए पूरे महीने का रमज़ान कार्ड 

1- रोजा इफ्तार 5:59 बजे, सहरी 5:04 बजे
2-रोजा इफ्तार 6.00 बजे, सहरी 5:03 बजे 
3-रोजा इफ्तार-6.00 बजे, सहरी 5:02 बजे
4-रोजा इफ्तार-6:01 बजे, सहरी 5:01 बजे
5-रोजा इफ्तार-6:01 बजे, सहरी 5.00बजे
6-रोजा इफ्तार-6:02 बजे, सहरी 5.00बजे
7-रोजा इफ्तार-6:02 बजे, सहरी 4:49 बजे
8-रोजा इफ्तार-6:03 बजे, सहरी 4:58 बजे
9-रोजा इफ्तार-6:03 बजे, सहरी 4:57 बजे
10-रोजा इफ्तार -6:04 बजे, सहरी 4:55 बजे
11-रोजा इफ्तार-6:04 बजे, सहरी 4:54 बजे
12-रोजा इफ्तार-6:05 बजे, सहरी 4:53 बजे
13-रोजा इफ्तार-6:05 बजे, सहरी 4:52 बजे
14-रोजा इफ्तार-6:06 बजे, सहरी 4:51 बजे
15-रोजा इफ्तार-6:06 बजे, सहरी 4:50 बजे
16-रोजा इफ्तार-6:07 बजे, सहरी 4:49 बजे
17-रोजा इफ्तार-6:07 बजे, सहरी 4:48 बजे
18-रोजा इफ्तार-6:08 बजे, सहरी 4:47 बजे
19-रोजा इफ्तार-6:08 बजे, सहरी 4: 46 बजे
20-रोजा इफ्तार-6:09 बजे, सहरी 4:45 बजे
21-रोजा इफ्तार-6:09 बजे, सहरी 4:44 बजे
22-रोजा इफ्तार-6:10 बजे, सहरी 4:43 बजे
23-रोजा इफ्तार-6:10 बजे, सहरी 4:42 बजे
24-रोजा इफ्तार-6:10 बजे, सहरी 4:41 बजे
25-रोजा इफ्तार-6:11 बजे, सहरी 4:40 बजे
26-रोजा इफ्तार-6:11 बजे, सहरी 4:39 बजे
27-रोजा इफ्तार-6:12 बजे, सहरी 4:37 बजे
28-रोजा इफ्तार-6:12 बजे, सहरी 4:36 बजे
29-रोजा इफ्तार-6:13 बजे, सहरी 4:35 बजे
30-रोजा इफ्तार-6:13 बजे, सहरी 4:34 बजे।

शुक्रवार, 28 फ़रवरी 2025

Ramzan का पहला रोजा अब इतवार को, कल से शुरू होगी तरावीह

धुंध में छुपा चांद, नहीं हुआ दीदार


Mohd Rizwan 

Varanasi (dil India live). मुक़द्दस Ramzan का Chand जुमे को धुंध और बादल के चलते नहीं दिखाई दिया। इसलिए अब कल चांद रात होगी, चांद देखकर मस्जिदों में नमाजे तरावीह अदा की जाएगी वहीं पहला रोजा इतवार को रखा जाएगा। चांद ने देखें जाने का ऐलान इश्तेमाई रुइयते हेलाल कमेटी व इश्तेमाई रुइयते हेलाल कमेटी समेत पूर्वांचल की विभिन्न चांद कमेटियों ने की है। इससे पहले मगरिब की नमाज के बाद मस्जिदों, मदरसों, घरों व मैदानों में लोगों का हुजूम चांद देखने के लिए उमड़ा लोगों ने बहुत कोशिश की मगर कहीं भी चांद नज़र नहीं आया। 






मस्जिदों से तरावीह का ऐलान 

जुमे को मस्जिदों में जहां रमज़ान टाइम टेबल कार्ड बांटा गया वहीं तरावीह की नमाज का भी ऐलान किया गया। तरावीह की नमाज सबसे पहले तीन दिन में मुकम्मल होगी।  ऐसे ही कहीं 5 दिन, कहीं 7 दिन तो कहीं 15 व 20 दिन में तरावीह मुकम्मल होती है।

चांद देखकर शुरू होगी तरावीह 

हर मोमिन को चांद देखकर नमाजे तरावीह शुरू करना होता है और ईद का चांद देखकर ही तरावीह खत्म करना सुन्नत है। मस्जिदों में तरावीह मुकम्मल होने के बाद सुरे तरावीह शुरू होती है जो ईद का चांद होने के बाद खत्म होती है। 

जानिए क्या है तरावीह का टाइम 

नूरी रिजवी मस्जिद नरिया में हाफ़िज़ जियाउल हक 15 दिन में तरावीह मुकम्मल कराएंगे तो काली मस्जिद, सलेमपुरा में हाफिज अब्दुल वहाब 15 दिन में तरावीह पढ़ाएंगे, ऐसे ही मस्जिद इमाम अबू हनीफा अमानुल्लाहपुरा में हाफ़िज़ मोहम्मद असलम 15 दिन, बीचली मस्जिद गोलघर कचहरी में हाफिज गुलज़ार अहमद 10 दिन, मस्जिद कच्ची, कच्ची बाग, हाफिज बिलाल अहमद, 10 दिन, मस्जिद रहीमुल्लाह चोगा, जमालुद्दीनपुरा, बड़ी बाज़ार, मौलाना हाफ़िज़ अरशद महमूद, 15 दिन, मस्जिद पाकर तल्ले, मोहम्मद शहीद, पीलीकोठी, मौलाना हाफ़िज़ वफ़ाउल ग़फ़्फ़ार, 15 दिन, छोटी मस्जिद कटेहर, पीलीकोठी, मौलाना हाफ़िज़ महमूदुल हसन, 6 दिन, चमेली की मस्जिद कच्ची बाग़ 10 दिन, हाफिज़ मोहम्मद दानिश, मस्जिद खारियान, छित्तनपुरा, मौलाना हाफ़िज़ मोहम्मद ज़ुबैर, 6 दिन। ऐसे ही इब्राहिम की मस्जिद मदनपुरा ताड़तले 12 रमज़ान, मस्जिद बरतल्ला, मदनपुरा 15 रमज़ान,मस्जिद डोमन, मानसरोवर 10 रमज़ान, मस्जिद मतवाने 7 रमज़ान, मस्जिद अल कुरैश (हंकार टोला 6 दिन), मस्जिद रंग ढलवा, शेख सलीम फाटक, 15 दिन, चिरकुट वाली मस्जिद, पितरकुण्डा में 10 दिन में तरावीह मुकम्मल होगी।

DAV PG College में सोमा घोष के सुरों से चहकी उड़ान की दूसरी शाम

डीएवी में युवा महोत्सव उड़ान-2025

'जाने क्यों आज तेरे अंजाम पर रोना आया...'




Varanasi (dil India live)। डीएवी पीजी कॉलेज में तीन दिनी युवा महोत्सव का दूसरा दिन पद्मश्री डॉ. सोमा घोष के नाम रहा। सोमा की कानों में मिश्री घोलने वाली मधुर आवाज़ ने सुर मिलाया,  'तुम्हे देखकर लगता है जैसे, बहारों का मौसम आया हो...तो सभागार में मौजूद हर शख्स झूमता और वाह वाही  देता नजर आया। कॉलेज के स्व. पीएन सिंह यादव स्मृति सभागार में आयोजित मुख्य कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि मुम्बई से आई प्रख्यात शास्त्रीय गायिका एवं पद्मश्री डॉ. सोमा घोष ने अपने सुरों से सबका मन मोह लिया। इस दौरान डॉ. सोमा घोष, प्रबंधक अजीत कुमार सिंह यादव, कार्यकारी प्राचार्य प्रो. मिश्री लाल सहित अन्य गणमान्य जनों ने दीप प्रज्ज्वलित कर उड़ान का शुभारंभ किया। इसके उपरांत डॉ. सोमा घोष ने गजलों और गीतों के जरिये युवाओं से सीधा संवाद किया। उन्होंने सुनाया 'किसी की मुस्कुराहटों पर हो निसार, जीना इसी का नाम है'। इसके बाद 'हमरी अटरिया पर आजा रे सांवरिया' सुनाया तो समूचा सभागार तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। इसके पश्चात उन्होंने 'जाने क्यों आज तेरे अंजाम पर रोना आया' सुनाकर लोगों का मूड थोड़ा चेंज किया। अंत में 'आज जाने की जिद ना करो' सुनाया तो फिर लोग चहक उठें। उनके साथ तबले पर उदय शंकर, की बोर्ड पर संतोष मौर्य एवं साइड रिदम पर रवि त्रिपाठी ने संगत किया। 

सफर में धूप तो होगी, अगर चल सको तो चलो 

 युवा महोत्सव उड़ान में युवाओं को बतौर मुख्य अतिथि सम्बोधित करते हुए डॉ. सोमा घोष ने कहा कि जीवन के सफर में कठिनाईयां बहुत आती है, सफर में धूप तो होगी ही, अगर चल सको तो चलो। उन्होंने कहा कि यह महोत्सव नारी शक्ति को समर्पित किया गया है जो अत्यंत सराहनीय है, स्त्री के बिना सृष्टि की कल्पना ही नही है। साक्षात शिव बिना शक्ति के शव समान है, जब माँ गौरी रूप में उनके साथ विराजती है तब वे शिव बनते है। उन्होंने कहा कि शब्द ही ब्रह्म है और शिव नाद ब्रह्म के उपासक है। सभी को संगीत सीखना चाहिए, संगीत संस्कार सिखलाती है। बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ की ब्रांड एम्बेसडर डॉ. सोमा।घोष ने कोलकाता के आरजिकर कॉलेज की घटना का उल्लेख करते हुए कहा कि जिसने इस जघन्य कृत्य को अंजाम दिया, उसे वह संस्कार नही मिला, उसे वह शिक्षा नही मिली। 

इस मौके पर महाविद्यालय के मंत्री / प्रबंधक अजीत कुमार सिंह यादव ने अंगवस्त्र, पुष्पगुच्छ एवं स्मृति चिन्ह प्रदान कर उनका अभिनंदन किया। अध्यक्षता प्रो. मिश्रीलाल ने किया। स्वागत उद्धबोधन उपाचार्य प्रो. संगीता जैन ने किया। विषय स्थापना डॉ. तरु सिंह, संचालन डॉ. दीपक शर्मा एवं धन्यवाद ज्ञापन डॉ. साक्षी चौधरी ने किया। इस मौके पर उपाचार्य प्रो. राहुल, आइक्यूएसी की समन्वयक डॉ. पारुल जैन भी मंच पर उपस्थित रहे। इसके पूर्व पाणिनि कन्या महाविद्यालय की छात्राओं द्वारा वेद पाठ किया गया। छात्रों ने कुलगीत प्रस्तुत किया। 

नृत्य में छात्राओं में मचाया धमाल

सांस्कृतिक कार्यक्रमों के क्रम में दूसरे दिन छात्र-छात्राओं ने नृत्य संगीत से जमकर धमाल मचाया, सबसे पहले एकल गायन में ऋषभ शंकर सिंह ने दमा दम मस्त कलंदर, मनीष पाण्डेय ने डिमक डिमक डमरू बाजे, सत्यम पाण्डेय ने ओ री चिरैया, गरिमा गुप्ता ने 'मिथिला नगरिया निहाल सखिया' आदि ने गीतों की प्रस्तुति दी। वहीं वेस्टर्न वोकल सोलो में ऐमन नाज़ ने 'लाइक माय फादर', पौरुष नेगवान ने 'ब्लू', श्रुति थापा ने 'फीलिंग गुड' सुनाया। इसके अलावा ग्रुप डांस में श्रेया एवं समूह, खुशी सिंह एवं समूह, ऋषिता शर्मा एवं समूह, प्रियंका कुमारी एवं समूह शामिल रहे। एकल नृत्य में श्रिया पाण्डेय, अदिति केशरी, गार्गी शर्मा आदि शामिल रहे। 

निर्णायक मण्डल में डॉ. स्वाति सुचरिता नंदा, डॉ. प्रतिभा मिश्रा, डॉ. बंदना बालचंदनानी, डॉ. ओम प्रकाश कुमार, डॉ. आहुति सिंह, डॉ. शालिनी सिंह, नजम उज्ज जमान, रुचि भाटिया, डॉ. नजमुल हसन, डॉ. रश्मि त्रिपाठी, डॉ. श्रुति अग्रवाल, डॉ. शान्तनु सौरभ आदि शामिल रही। वहीं चीफ प्रॉक्टर डॉ. संजय कुमार सिंह सहित सांस्कृतिक समिति की ओर से डॉ. हसन बानो, डॉ. विजयनाथ दुबे, डॉ. ऋचा गुप्ता, डॉ. प्रियंका बहल, डॉ. त्रिपुर सुन्दरी, डॉ. गोपाल चौरसिया आदि शामिल रहे।