सोमवार, 30 दिसंबर 2024

MS Memorial क्रिकेट टूर्नामेंट में ग्राम बैरी की टीम चैम्पियन

लालगंज विधायक बेचई सरोज ने आयोजन को सराहा, 

प्रिंसिपल सी. खान ने पढ़ाई के साथ खेल को बताया महत्वपूर्ण 


Azamgarh (dil India live) सेंट मेरीज इंग्लिश स्कूल बरौना के प्रांगण में चार दिवसीय  एमएस मेमोरियल क्रिकेट टूर्नामेंट का समापन बेहद खूबसूरत माहौल में सम्पन्न हुआ। आयोजन में ग्राम बैरी की टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए चैम्पियन बनी। इस मौके पर उपविजेता दुबरा की टीम ने भी बेहतर खेल भावना का प्रदर्शन किया। आयोजन के समापन समारोह में मुख्य अतिथि लालगंज के लोकप्रिय विधायक बेचई सरोज ने आयोजन की सराहना करते हुए कहा की इस सफल आयोजन के लिए मैं सभी खिलाड़ियों और आयोजक मंडल को बधाई देता हूं।



इस मौके पर विशिष्ट अतिथि डा. निशांत सिंह (चैयरमेन नेटबाल फेडरेशन आफ इंडिया व मेंटर एशियन यूथ नेट बाल चैम्पियनशिप, साऊथ कोरिया), अलाउद्दीन खान (भूतपूर्व सैनिक व राष्ट्रीय हाकी खिलाड़ी), ब्लाक प्रमुख सौरभ सिंह "बीनू", जिला पंचायत सदस्य अशोक राजभर, पूर्व प्रधान सीताराम यादव इत्यादि उपस्थित थे। धन्यवाद ज्ञापन संस्था के प्रधानाचार्य सी. खान ने देते हुए कहा कि बच्चों के विकास के लिए पढ़ाई के साथ ही साथ खेल भी बेहद ज़रूरी है। विद्यालय ने इसीलिए क्लासेज के साथ ही साथ एक बड़ा खेल मैदान भी बनवाया है ताकि बच्चे न सिर्फ पढ़ सकें बल्कि खेल भी सकें।




10 वें पातशाह Guru Govind singh के प्रकाश पर्व के आगमन पर निकली शोभायात्रा

“देहि शिवा वर मोहे इहे शुभ करमन ते कबहूं न टरों...” 

भव्य शोभायात्रा में शस्त्र कला का हुआ अनूठा प्रदर्शन

  • Mohd Rizwan 

Varanasi (dil India live). सिख धर्म के दसवें पातशाह, खालसा पंथ के संस्थापक श्री गुरु गोविंद सिंह महाराज के 358वें प्रकाशोत्सव के आगमन के उपलक्ष्य में रविवार को एक विशाल शोभायात्रा-नगर कीर्तन के साथ निकाली गयी। यह यात्रा गुरुद्वारा बड़ीसंगत, नीचीबाग से आरंभ होकर शाम में वहीं पहुंच कर संपन्न हुई। इस दौरान गतका पार्टी ने विभिन्न स्थानों पर शस्त्र कला का अनूठा प्रदर्शन कर संगत को निहाल कर दिया।

इससे पहले श्री गुरु ग्रंथ साहिब की अगुवाई में दोपहर 12:30 बजे यह यात्रा शहर के प्रमुख मार्गों आसभैरव, चौक, गोदौलिया, गिरजाघर चौराहा, नईसड़क, लहुराबीर, कबीरचौरा, मैदागिन से होते हुए अपने समापन स्थल गुरुद्वारा बड़ीसंगत पहुंची। श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की सवारी फूलों और बिजली के झालरों से भव्य तरीके से सजाई गई थी। शोभायात्रा में आगे आगे पंच प्यारे, कुछ घोड़ों पर और कुछ पैदल, धार्मिक गरिमा के साथ शामिल हुए। महिलाएं और पुरुष गुरुवाणी का शबद कीर्तन करते हुए शोभायात्रा की शोभा बढ़ा रहे थे।

जयपुर से आए भाई जितेंद्र सिंह की गतका पार्टी ने विभिन्न स्थानों पर शस्त्र कला का प्रदर्शन कर संगत को निहाल किया। चंडीगढ़ से आए पंजाब पाइप बैंड और स्थानीय बैंड ने भक्ति धुनें बजाईं, जिनमें “देहि शिवा वर मोहे इहे शुभ करमन ते कबहूं न टरों” की धुन प्रमुख रही। गुरु नानक इंग्लिश मीडियम स्कूल, गुरु नानक खालसा बालिका इंटर कॉलेज, और गुरु नानक स्कूल शिवपुर के विद्यार्थियों ने विशेष परिधान पहनकर शबद गायन और स्वच्छता का संदेश देते हुए सहभागिता की। काफी लोग "स्वच्छ काशी, सुंदर काशी" का बैनर लेकर यात्रा के मार्ग को झाड़ू लगाकर साफ कर रहे थे।


शोभायात्रा के मार्ग पर काशीवासियों ने पुष्प वर्षा कर श्रद्धा व्यक्त की। जगह-जगह संगत के लिए अल्पाहार और स्वागत की व्यवस्था की गई। शाम में गुरुद्वारा नीचीबाग पहुंचने पर श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की आरती और अरदास की गई। शोभायात्रा में शामिल श्रद्धालुओं को धन्यवाद ज्ञापित किया गया। कार्यक्रम का समापन गुरु का अटूट लंगर के साथ हुआ।






रविवार, 29 दिसंबर 2024

Khwaja Garib Nawaz के 813 वें उर्स का आगाज, बुलंद दरवाजे पर फहरा झंडा


  • Mohd Rizwan 
Ajmer (dil India live).अजमेर में ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती की दरगाह पर झंडा फहराने के साथ ही ख़्वाजा के 813 वें उर्स का आगाज हो गया। भीलवाड़ा के लाल मोहम्मद गौरी के परिवार ने ख्वाजा गरीब नवाज की दरगाह स्थित ऐतिहासिक बुलंद दरवाजे पर झंडे की रस्म पूरी की। झंडे की रस्म के दौरान हजारों की संख्या में अकीदतमंद मौजूद रहे।

दरगाह के खादिम हसन हाशमी ने बताया कि सरकार गरीब नवाज की दरगाह में सदियों से झंडा चढ़ाए जाने की रस्म अदा की जा रही है। इसी के तहत आज भी बुलंद दरवाजे पर झंडा फहराया गया इसे गौरी परिवार ने पूरा किया है। उन्होंने आगे कहा, यह मन्नत का झंडा है जो लंबे समय से ख्वाजा गरीब नवाज की दरगाह में हर साल चढ़ाया जाता है। आज से उर्स की शुरुआत हो चुकी है। हम ख्वाजा गरीब नवाज की दरगाह से यही संदेश देते हैं कि चाहे वह किसी भी धर्म से क्यों न हो। हमारा यही मानना है कि वह यहां आए अपनी मुराद पूरी करे।

दरअसल, ख्वाजा गरीब नवाज की दरगाह पर झंडे की रस्म को भीलवाड़ा का गौरी परिवार पूरा करता है। गौरी परिवार के अनुसार, यह परंपरा काफी साल से चली आ रही है। साल 1928 से फखरुद्दीन गौरी के पीर-मुर्शिद अब्दुल सत्तार बादशाह ने झंडे की रस्म को शुरु किया था। इसके बाद 1944 से उनके दादा लाल मोहम्मद गौरी को यह जिम्मेदारी सौंपी गई। उनके निधन के बाद साल 1991 से उनके बेटे मोईनुद्दीन गौरी ने इस रस्म को निभाया। हालांकि, साल 2007 से फखरुद्दीन गौरी इस रस्म को अदा कर रहे हैं।

बताया जाता है कि वर्षों पहले जब बुलंद दरवाजे पर झंडा चढ़ाया जाता था तो यह झंडा आस-पास के गांवों तक नजर आता था। हालांकि, वक्त के साथ आबादी बढ़ती चली गई मकानों के बनने से यह नजारा कम ही दिखाई देता है।

शनिवार, 28 दिसंबर 2024

सारनाथ में किसने मौत को लगाया गले जानिए आखिर युवती ने क्यों उठाया सख्त कदम

पुलिस पहुंची तो घर में फंदे से लटक रही थी युवती की लाश

  • Mohd Rizwan 


Varanasi (dil India live)। सारनाथ में एक युवती ने मौत को गले लगाकर अपनी जान दे दी जिससे वहां सनसनी फ़ैल गई। आखिर युवती ने क्यों उठाया यह सख्त कदम? पुलिस इस मामले के तहत में जाकर छानबीन कर रही है।

समाचार के संबंध में बताया गया है कि सारनाथ के छाहीं गांव में कमरे में फंदा लगाकर युवती ने आत्महत्या कर ली। घटना से परिजनों में कोहराम मच गया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। बता दें कि घटना शनिवार की सुबह लगभग करीब नाै बजे की है। छाहीं गांव में सारनाथ स्थित महाबोधि इंटर कॉलेज के कर्मचारी स्वर्गीय गोपाल वाल्मीकि की पुत्री छाया (24 साल) ने अपने कमरे में पंखे पर गमछा और दुपट्टे का फंदा लगा आत्महत्या कर ली। मृतका के भाई कृष्ण वाल्मीकि ने पुलिस को बताया कि मैं अपने फुफेरे भाई सत्यम को सुबह लगभग पाैने आठ बजे बीएचयू छोड़ने गया था। उससे पहले छाया दीदी ने हम लोग के लिए नाश्ता बनाया था। साथ में नाश्ता खाया भी था। नाश्ता करने के बाद मैं और कृष्णा घर से निकल गए थे। घर पर दीदी व छोटा भाई शांतनु था।

शांतनु ने बताया कि सुबह चाय पीने के बाद दीदी ने मुझे छत पर नहाने के लिए भेज दिया और खुद बोली कि मैं नीचे वाले बाथरूम में नहाऊंगी। लगभग 15 मिनट के बाद जब मैं नीचे आया तो दीदी को पुकार लगाने लगा लेकिन वह किसी कमरे में नहीं मिली। सामने वाले कमरे में खिड़की से देखा तो दीदी फंदे से लटकी हुई थी। दरवाजे का कुंडी बाहर से बंद थी। मैं कुंडी खोलकर कमरे में गया। उसके बाद अपने भाइयों को इस घटना की सूचना दी। आखिर युवती ने आत्महत्या क्यों की यह एक रहस्य बना हुआ है जिसकी जांच में पुलिस लगी हुई है।

मनमोहन सिंह को श्रद्धांजलि दे याद आयी उनकी उपलब्धि



Chandoli (dil India live). स्थानीय रिक्शा स्टैंड मुगलसराय चंदौली में हुई बैठक में पूर्व प्रधानमंत्री डॉ मनमोहन सिंह को श्रद्धांजलि दी गई। बैठक में सभी दलों के नेताओं ने उनके चित्र पर माल्यार्पण कर दो मिनट मौन धारण किया। इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा की स्वर्गीय मनमोहन सिंह के पांच फैसले बहुत महत्वपूर्ण लिए थे जो सदैव याद रखा जाएगा। शिक्षा का अधिकार कानून 2009 में, सूचना का अधिकार 2005 में, मनरेगा 2005, राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा कानून 2013 व भूमि अधिग्रहण कानून 2013। वक्ताओं ने कहा कि बहुत ही सरल व ईमानदार, कम बोलने वाले प्रधानमंत्री के रूप में सदैव वो याद किए जाएंगे।


इस अवसर पर मुख्य रूप से पूर्व जिला परिषद सदस्य अरविंद सिंह, मुगलसराय नगर पालिका अध्यक्ष सोनू किन्नर, पूर्व अध्यक्ष मुसाफिर चौहान, किसान न्याय मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष महेंद्र प्रसाद एडवोकेट, प्रदेश अध्यक्ष शमीम अहमद मिल्की, अकील अहमद बाबू, गुरु पुराण पटेल, तिलकधारी बिंद, मेवा लाल गुप्ता, सियाराम तिवारी, वंशलोचन सिंह, दाताराम बिंद, अंजू चौहान, बिजेंदर राम, दिलीप एडवोकेट, धर्मदेव कुशवाहा एडवोकेट, सुशील कुमार, पंकज यादव,कयामुद्दीन अंसारी, वंशलोचन, लक्ष्मण चौहान, सुरेंद्र चौरसियाआदि लोग उपस्थित थे।

Khwaja k Urs की शुरुआत आज झंडा की रस्म के साथ

अजमेर में झंडे की रस्म निभाएगा गौरी का परिवार

मोहम्मद रिजवान 
Ajmer (dil India live). अजमेर शरीफ में ख्वाजा गरीब नवाज के 813 वें सालाना उर्स के लिए 'झंडे की धार्मिक रस्म' निभाने भीलवाड़ा के लाल मोहम्मद गौरी का परिवार दो दिन से पहुंचा हुआ है। झंडे की रस्म लाल मोहम्मद गौरी के पोते फखरुद्दीन गौरी एवं सैय्यद मारूफ अहमद आज शाम निभाएंगे।

अजमेर दरगाह कमेटी के गरीब नवाज गेस्ट हाऊस में ठहरे गौरी परिवार के पास अजमेर में ही तैयार कराया गया झंडा पहुंच गया है, जिसे आज 28 दिसंबर को असर की नमाज के बाद जुलूस की शक्ल में ले जाकर दरगाह के बुलंद दरवाजे पर रोशनी से पहले चढ़ाया जाएगा। यहां 21 तोपों की सलामी भी दी जाएगी। इसी के साथ 813 वें सालाना उर्स की अनौपचारिक शुरुआत होगी।

इस दौरान दरगाह गेस्ट हाऊस से झंडे का जुलूस निकाला जाएगा। गौरी परिवार झंडे को थामे रहेगा। पुलिस बैंड की मधुर धुन तथा शाही कव्वाल का सूफियाना कलाम पेश होगा। झंडे के जुलूस में मोटे रस्सों की घेराबंदी की जाएगी ताकि झंडे को 'चूमने' के लिए उमड़ने वाले हुजूम से कोई अनहोनी न हो। इस दौरान झंडे की एक झलक पाने के लिए सड़कों, मकानों एवं होटलों की छतों तथा दरगाह परिसर में भारी भीड़ को देखते हुए दरगाह कमेटी का अमला तथा पुलिस मुस्तैद रहेगी। 

शुक्रवार, 27 दिसंबर 2024

Ex PM Manmohan Singh का जाना देश की क्षति, देश ने अनमोल सितारा खो दिया


Varanasi (dil India live). पूर्व प्रधानमंत्री डॉ मनमोहन सिंह के निधन से पूरा देश मर्माहत है। शोक संवेदना प्रकट करते हुए उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के निवर्तमान प्रदेश सचिव फसाहत हुसैन बाबू, उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी अल्पसंख्यक विभाग के प्रदेश महासचिव हसन मेहंदी कब्बन ने प्रेस रिलीज में कहा कि भारत के पूर्व प्रधानमंत्री डॉ मनमोहन सिंह विचारक और विद्वान के रूप में जाने जाते थे। उक्त नेताओं ने कहा कि1991में आर्थिक संकट के समय वित्त मंत्री के रूप में मनमोहम सिंह ने उदारीकरण की राह पर वैश्विक मंच पर नई पहचान बनाई, उनके योगदान को याद करते हुए उक्त नेताओं ने कहा कि भूमि अधिकरण कानून, वन अधिकार कानून, मनरेगा, सूचना का अधिकार, राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा कानून, ये सभी योजनाएं मनमोहन सिंह की देन है। मोहन मनमोहन सिंह के रूप में देश की बहुत बड़ी क्षति हुई है, देश ने महान अर्थशास्त्री के साथ साथ देश ने नायब अनमोल हीरा, अनमोल सितारा खो दिया l