शुक्रवार, 31 मार्च 2023
Lkg के Aamir Hamza बने नन्हें रोजेदार
Varanasi (dil india live). जलालीपुरा के बिस्मिल्लाह अंसारी के साहबजादे ने रोज़ा रख कर मिसाल कायम किया है। इसी के साथ Lkg k Aamir Hamza नन्हें रोजेदार कि फेहरिस्त में शामिल हो गए हैं। आमिर की वालिदा (मां) रौशन जहां बतातीं हैं कि आमिर हम्ज़ा दबिशता स्कूल अंसाराबाद में एलकेजी में तालीम ले रही है। मना करने के बाद भी वो जबरदस्ती तीन रोज़ा अब तक मुकम्मल कर चुकी है। उसकी देखा देखी पास पड़ोस के और भी बच्चों ने रोज़ा रखने का मन बनाया है। सभी आमीर से खासा प्रभावित हुए हैं।
Ukg की Zufishan Arshi ने रखा रोज़ा
ये है नन्हीं रोजेदार, सब दे रहे मुबारकबाद
Varanasi (dil india live). मदनपुरा के कमालुद्दीन कि साहबजादी ने अपनी जिंदगी का दूसरा रोज़ा जुमे को जब मुकम्मल किया तो उसके अजीज़ो ने घर पहुंच कर मुबारकबाद दिया। मदनपुरा स्थित जामिया रहमानिया में क्लास यूकेजी की student Zufishan Arshi जुमेरात व जुमे के मुबारक दिन रोज़ा रखकर बच्चों के बीच चर्चा में है। हर कोई इस नन्हें रोजेदार को मुबारकबाद दे रहा है।
Ramadan Mubarak-8
पढ़ो दुरुद, जन्नत कि राह होगी आसान
Varanasi (dil india live)। रमज़ान की अज़मतों का क्या कहना, अल्लाह रब्बुल इज्ज़त ने तमाम रहमतों और बरकतों को इस मुकद्दस महीने में नाज़िल फरमाया। माहे रमज़ान नफ्स पर नियंत्रण का महीना है। ऐसे तो हर दिन-हर रात दुरुद शरीफ पढ़ने का बेहद सवाब है मगर नबी-ए-करीम (स.) ने फरमाया है कि जो इंसान कसरत से इस पाक महीने में दुरुद शरीफ पढ़ेगा उसे बरोज़ कयामत पुलसिरात पर से आसानी से जन्नत में दाखिल कर दिया जायेगा। इसलिए इस महीने में दुरुद कसरत से पढ़ने वालों की तादाद बढ़ जाती है। इस महीने की 21, 23, 25, 27 व 29 तारीख शबे कद्र कहलाती है जो हज़ार महीनों की इबादत से भी बेहतर है। इन रातों में तमाम मुस्लिम खूब इबादत करते हैं। मोमिन 20 तरीख से ईद का चांद होने तक एतेकाफ पर बैठता है। पैगम्बरे इस्लाम नबी-ए-करीम हज़रत मोहम्मद मुस्तफा (स.) फरमाते हैं कि जिसने रमज़ान का रोज़ा रखा और उसकी हुदूद को पहचाना और जिन गुनाहों से बचना चाहिये, उससे वो बचता रहा तो उसकी वो गुनाह जो उसने पहले की है उसका कफ़्फ़ारा हो जायेगा रमज़ान का रोज़ा। अल्लाह हदीस में फरमाता है कि सिवाए रोज़े के कि रोज़ा मेरे लिये है इसकी जज़ा मैं खुद दूंगा। अल्लाह का मज़ीद इरशाद है, बंदा अपनी ख्वाहिश और खाने को सिर्फ मेरी वजह से तर्क करता है। जब रोज़ा का दिन हो तो बेहूदा बातों से दूर रहें और बुराईयों से बचे। रोज़ा चूंकि अल्लाह के लिए हैतो रोज़ा रखकर बंदा अल्लाह को ही पा लेता है। तो फिर जानबुझ कर कोई बंदा क्यों अपना नुकसान करेगा। इस महीने में इंसान नेकी करके अपनी बुनियाद मजबूत करता है। ऐ मेरे पाक परवरदिगार तू नबी-ए-करीम के सदके में हम सबको बक्श दे और रोज़ेदारों को ईद की खुशियों के साथ नेक इंसान बनने की तौफीक दे..आमीन।
हाजी इम्तियाज़
{हज खिदमतगार, वाराणसी}
Ravi Singh Patel रासपा में शामिल
सुभासपा का मजबूत स्तंभ थे रवि सिंह पटेल
Varanasi (dil india live). रासपा कि राष्ट्रीय अध्यक्ष वंदना सिंह के आवास मातापुरम कालोनी पहाड़ी रोहनिया वाराणसी पर सुभासपा में 8 साल तक रहने वाले दिग्गज नेता, पटेल समाज में अपनी मजबूत पकड़ रखने वाले रवि सिंह पटेल सुभासपा से पद और प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा देकर रासपा (NEP) में शामिल हो गए। राष्ट्रीय अध्यक्ष वंदना सिंह ने साफा ओढ़ाकर उन्हें पार्टी में शामिल करया। इस दौरान अनुपम पांडेय, धर्मा वर्मा, रवि सिंह पटेल ने सदस्यता ग्रहण की। रवि सिंह पटेल ने ओमप्रकाश राजभर पर पुत्रवाद, पुत्रमोह, पूंजीवाद, झुठेवाद का आरोप लगया तथा कहा कि सुभासपा में अन्य जाति के लोगो को लोडर कहा जाने लगा था अन्य जातियों को केवल यूज़ करने के लिये रखा गया है उनसे धन लेने और काम करने का दबाब दिया जाता है जब सम्मान की बात आती है तो तीन लोगों बाप और 2 बेटो को ही आगे किया जाता है। इस लिए मुझे उस दल को तलाक देने पड़ा। वंदना सिंह ने कहा कि रवि सिंह पटेल के आने से पार्टी को और मजबूती मिलेगी। इस मौके पर संयोजक शशि प्रताप सिंह ने कहा कि ओमप्रकाश राजभर पुत्रवाद, पुत्र मोह पूंजीवादी, झूठिवादी, लोगो से घिर गए है। सुभासपा का अर्थ अब सुरुवात+भष्म+समाप्त+पतन हो गया है।
उपस्थित रासपा नेता दिनेश सिंह पटेल, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रंजू देवी, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष जयनाथ यादव, सुमन सिंह, दीपा सिंह, राजबहादुर पटेल आदि लोग उपस्थित रहे।
गुरुवार, 30 मार्च 2023
Ramadan Mubarak -7
zakaat Jo नहीं देते, वो दर्दनाक azaab में गिरफ्तार होंगे
ज़कात हर साहिबे निसाब के लिए वाजिब
Varanasi (dil india live). ज़कात देना हर साहिबे नेसाब पर वाजिब है। साहबे नेसाब वो है जिसके पास साढ़े सात तोला सोना या साढ़े बावन तोला चांदी में से कोई एक हो, या फिर बैंक, बीमा, पीएफ या घर में इतने के बराबर साल भर से रकम रखी हो तो उस पर मोमिन को ज़कात देना वाजिब है। ज़कात शरीयत में उसे कहते हैं कि अल्लाह के लिए माल के एक हिस्से को जो शरीयत ने मुकर्रर किया है मुसलमान फक़़ीर को मालिक बना दे। ज़कात की नीयत से किसी फक़़ीर को खाना खिला दिया तो ज़कात अदा न होगी, क्योंकि यह मालिक बनाना न हुआ। हां अगर खाना दे दे कि चाहे खाये या ले जाये तो अदा हो गई। यूं ही ज़कात की नियत से कपड़ा दे दिया तो अदा हो गई।
ज़कात वाजिब के लिए चंद शर्ते
मुसलमान होना, बालिग होना, आकि़ल होना, आज़ाद होना, मालिके नेसाब होना, पूरे तौर पर मालिक होना, नेसाब का दैन से फारिग होना, नेसाब का हाजते असलिया से फारिग होना, माल का नामी होना व साल गुज़रना। आदतन दैन महर का मोतालबा नहीं होता लेहाज़ा शौहर के जिम्मे कितना दैन महर हो जब वह मालिके नेसाब है तो ज़कात वाजिब है। ज़कात देने के लिए यह जरूरत नहीं है कि फक़़ीर को कह कर दे बल्कि ज़कात की नीयत ही काफी है।
फलाह पाते हैं वो जो ज़कात देते है
नबी-ए-करीम ने फरमाया जो माल बर्बाद होता है वह ज़कात न देने से बर्बाद होता है और फरमाया कि ज़कात देकर अपने मालों को मज़बूत किलों में कर लो और अपने बीमारों को इलाज सदक़ा से करो और बला नाज़िल होने पर दुआ करो। रब फरमाता है कि फलाह पाते हैं वो लोग जो ज़कात अदा करते है। जो कुछ रोज़ेदार खर्च करेंगे अल्लाह ताला उसकी जगह और दौलत देगा, अल्लाह बेहतर रोज़ी देने वाला है। आज हम और आप रोज़ी तो मांगते है रब से मगर खाने कि, इफ्तार कि खूब बर्बादी करके गुनाह भी बटौरते है, इससे हम सबको बाज़ आना चाहिए।
उन्हे दर्दनाक अज़ाब की खुशखबरी सुना दो
अल्लाह रब्बुल इज्जत फरमाता है जो लोग सोना, चांदी जमा करते हैं और उसे अल्लाह की राह में खर्च नहीं करते उन्हें दर्दनाक अज़ाब की खुशखबरी सुना दो। जिस दिन जहन्नुम की आग में वो तपाये जायेंगे और इनसे उनकी पेशानियां, करवटें और पीठें दागी जायेगी और उनसे कहा जायेगा यह वो दौलत हैं जो तुमने अपने नफ्स के लिए जमा किया था। ऐ अल्लाह तू अपने हबीब के सदके में हम सबका रोज़ा कुबुल कर ले और हम सबको ज़कात देने की तौफीक दे..आमीन।
मौलाना शमशुद्दीन साहब
{इमाम, जामा मस्जिद कम्मू खान, डिठोरी महाल, वाराणसी}
Ramadan help line : सवाल आपके, जवाब उलेमा के
Varanasi (dil india live)। अगर रोजेदार बीमार हो या रोज़े की हालत में उसे खून की ज़रूरत हो तो क्या खून उसे चढ़ाया जा सकता है? है। यह सवाल बजरडीहा से राजू ने किया? इसके जवाब में उलेमा ने कहा कि खून चढ़ाया जा सकता है। खून चढाये जाने से रोज़ा नहीं टूटेगा। ऐसे ही बीमार रोजेदार को पानी भी चढ़ाया जा सकता है। पानी चढ़ाये जाने से उसका रोजा नहीं टूटेगा। हॉ पानी पी लिया तो रोज़ा टूट जायेगा।
रमज़ान हेल्प लाइन में आये इन सवालों का जवाब मुफ्ती बोर्ड के सदर मुफ्ती मौलाना अब्दुल हादी खां हबीबी, सेक्रेटरी मौलाना हसीन अहमद हबीबी व मदरसा खानमजान के उस्ताद मौलाना अज़हरुल कादरी ने दिया।
आपकी रहनुमाई करें उलेमा
रमज़ान के लिए अगर आपके ज़ेहन में कोई सवाल है तो आपकी रहनुमाईके लिए उलेमा मौजूद हैं। मोबाइल नम्बर-: 9415996307, 9450349400, 9026118428, 9554107483
Ramadan ka roza रख पेश की मिसाल
मो. अर्सलान हैं नन्हें रोजेदार
Varanasi (dil india live). बजरडीहा निवासी mohd Shahid akhtar के साहबज़ादे mohd Arsalan इस शिद्दत की गर्मी में भी रोज़ा रखकर अपने दोस्तों व अजीज़ के दिलों मे जगह बना ली है। एक साल पहले क़ुरआन शरीफ मुकम्मल करने वाले इस नन्हें रोजेदार ने अपने इलाके में अलग पहचान बनाई है। वह पाबन्दी के साथ नमाज़, रोज़ा और क़ुरआन की तिलावत करता है। बजरडीहा पुलिस चौकी के नज़दीक मदरसा उस्मानिया में क्लास 3 के इस स्टूडेंट पर मुहल्ले वाले फ़ख्र करते हैं।





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