बुधवार, 7 दिसंबर 2022

Indian government ने 'डाक जीवन बीमा' के दायरे में किया विस्तार

स्नातक/डिप्लोमा धारक भी हुए इस योजना के पात्र

अब विश्वविद्यालय/संस्था के सभी स्नातक/डिप्लोमा धारक करवा सकेंगे डाक जीवन बीमा 

पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव ने दी यह महत्वपूर्ण जानकारी 


Varanasi (dil india live). सरकारी और अर्द्ध सरकारी कर्मियों के लिए सामाजिक सुरक्षा के कवच के रूप में आरंभ डाक जीवन बीमा का दायरा भारत सरकार ने अब बढ़ा दिया है। उक्त जानकारी देते हुए वाराणसी परिक्षेत्र के पोस्टमास्टर जनरल श्री कृष्ण कुमार यादव ने बताया कि, अब केंद्र सरकार व राज्य सरकारों से मान्यता प्राप्त किसी भी विश्वविद्यालय/संस्था के सभी स्नातक/डिप्लोमा धारक भी डाक जीवन बीमा का लाभ उठा सकेंगे। डाक जीवन बीमा के तहत 20 हजार से 50 लाख रुपए तक का बीमा करवाने की सुविधा देश भर के डाकघरों में उपलब्ध है। बोनस की दर आकर्षक होने के कारण यह योजना बेहद लोकप्रिय है। पॉलिसी पर बोनस की दर रुपये 52 प्रति हजार से लेकर रुपए 76 प्रति हजार के मध्य है। वाराणसी परिक्षेत्र में वर्तमान में डाक जीवन बीमा और ग्रामीण डाक जीवन बीमा की कुल 1.50 लाख से ज्यादा पॉलिसियाँ हैं।

पोस्टमास्टर जनरल श्री कृष्ण कुमार यादव ने कहा कि जीवन बीमा आज के दौर की एक अनिवार्य आवश्यकता होने के साथ-साथ बचत और निवेश का एक सुरक्षित माध्यम है। डाक जीवन बीमा देश की सबसे पुरानी बीमा योजना है, जिसकी शुरुआत 1884 में हुई थी। डाक जीवन बीमा हेतु पात्रता में अभी तक केंद्र व राज्य सरकारों के कर्मचारी, सार्वजनिक उपक्रमों, सरकारी सहायता प्राप्त शिक्षण संस्थानों, राष्ट्रीयकृत बैंकों, रक्षा सेवाओं, अर्ध-सैन्य बलों तथा निजी क्षेत्र के पेशेवरों जैसे इंजीनियर, डॉक्टर, बैंकर, वकील, आर्किटेक्ट, पत्रकार और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) तथा बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) में सूचीबद्ध कंपनियों के कर्मचारी ही शामिल थे। डाक जीवन बीमा में सुरक्षा (आजीवन बीमा), संतोष (स्थायी निधि जमा), सुविधा, सुमंगल, युगल सुरक्षा और बच्चों की पॉलिसी शामिल हैं। इसमें निवेश की सुरक्षा पर सरकार की गांरटी, धारा 80-सी के तहत आयकर में छूट, कम प्रीमियम व अधिक बोनस, पालिसी पर लोन की सुविधा, ऑनलाइन प्रीमियम जमा के अलावा देश के किसी भी डाकघर में प्रीमियम जमा करने की सुविधा और अग्रिम प्रीमियम पर छूट दी जाती है।

पोस्टमास्टर जनरल श्री कृष्ण कुमार यादव ने कहा कि डाक जीवन बीमा सेवा को नवीन टेक्नोलॉजी अपनाते हुए ऑनलाइन बनाया गया है। पॉलिसीधारकों के लिए ई-पीएलआई बॉण्ड की सुविधा प्रारंभ की गयी है जो डिजिलॉकर पर उपलब्ध है। अब डाक विभाग द्वारा पॉलिसी बांड जारी करने के तुरंत बाद पॉलिसी बॉण्ड को डाउनलोड किया जा सकता है। नवाचार करते हुए जहाँ अब प्रीमियम के ऑनलाइन जमा की सुविधा है, वहीं अब प्रीमियम को आई.पी.पी.बी. मोबाइल ऐप से भी जमा किया जा सकता है।

मंगलवार, 6 दिसंबर 2022

6 December :बरसी पर बंद रहा मुसिलम कारोबार

बाबरी मस्जिद की शहादत पर नहीं खुले दुकानों के शटर

बाबरी मस्जिद की बरसी पर मंगलवार को मुस्लिम करोबार पूरी तरह बंद रहा। इससे करोड़ो के टर्न ओवर प्रभावित होने का अनुमान है। बता दे कि 1992 से लगातार बरसी मनाने का सिलसिला जारी है। इस बंदी से करोड़ो का टर्न ओवर प्रभावित होता है। सरफराज अहमद की एक रिर्पोट....





Varanasi (dil india live)। बाबरी मस्जिद की शहादत पर मंगलवार  को शहर के मुस्लिमों ने अपना कारोबार बंद रखा। इस दौरान प्रमुख मुस्लिम बाजार दालमंडी नई सड़क, कपड़ा मार्किट, बेनिया, सरायहड़हा, भीखाशाह गली, नारियल बाजार, छत्तातले, घुघरानी गली, कच्ची सराय, चाहमामा, कोदई चौकी व चौक आदि इलाके की दुकानों के शटर भी नही उठें। इन इलाकों में लोग वर्ष 1992 से लगातार मस्जिद शहीद किये जाने के गम में अपना- अपना करोबार बंद रखते है। पहले इसके लिए बाकायदा आलमीन सोसायटी बंद की अपील करती थी। शिवाला में अध्यक्ष परवेज कादिर खाँ की अगुवाई में धरना दिया जाता था। घरों और मस्जिदों में दुअख्वानी होती थी। हालॉकि अब इसके लिए न तो कोई अपील होती है और न ही कोई ऐलान बावजूद इसके स्वेच्छा से सभी अपने करोबार को बंद रखते है। 

लग जाती हैं बंद की तख्तिया 

प्रमुख मुस्लिम इलाको में बंदी की अपील वाली तख्तिया लगी हुई है। जिस पर लिखा है कि आज काला दिवस है दुकाने नहीं खुलेंगी। एक अनुमान के मुताबिक बंदी से तकरीबन 25 करोड़ से ज्यादा का टर्न ओवर प्रभावित होता है। 

तब इसलिए बंद हुआ था धरना

कुछ वर्ष पूर्व तक आलमीन सोसायटी की ओर से शिवाला पर धरना प्रदर्शन किया जाता था और मगर बनारस बंद की अपील जाती थी, मगर कुछ वर्ष पूर्व अमनो-मिल्लत बनाये रखने के लिए यह आयोजन बंद हो गया, मगर बनारस के मुस्लिम अपना कारोबार बंद करके अपने गम का शांतिपूर्ण इजहार करते है। बंदी के चलते हड़हा सराय का बिसातबाने का कारोबार बेनिया का प्लास्टिक, नई सड़क का कपड़ा व्यवसाय, दालमंडी का इलेक्ट्रनिक पार्ट्स रेडीमेट होजरी समेत तमाम करोबार बंद रहता है।

शुक्रवार, 2 दिसंबर 2022

Dr. Faisal up nima यूनानी फोरम के संगठनात्मक सचिव

Varanasi (dil india live)। जनपद वाराणसी अर्दलीबाजार के रहने वाले वरिष्ठ यूनानी चिकित्सक, नेशनल इंटीग्रेटेड मेडिकल एसोसिएशन(नीमा) वाराणसी के ज्वाइन सेक्रेट्री डॉ फैसल रहमान को उत्तर प्रदेश के नीमा यूनानी फोरम का संगठनात्मक सचिव बनाया गया है। डॉक्टर फैसल रहमान लोगों की सेवा में बढ़ चढ़ कर हिस्सा लेते हैं, डॉ फैसल वाराणसी के पूर्व प्रामर्शदाता (क्यू ए)पद पर रह चुके हैं जिन्होंने बड़े ही अच्छे ढंग से कार्य को अंजाम दिया है, इस समय आप नेशनल एसेसर(NQAS), एन एच एस आर सी, नई दिल्ली के पद पर रहकर कार्य कर रहे हैं। एनआईएमए वाराणसी के सदस्यों ने डॉ फैसल रहमान को  मुबारकबाद पेश की,और इनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।

Bjp पर congress नेताओं ने लगाया यह गम्भीर आरोप

परिसीमन व आरक्षण में bjp ने किया सत्ता का दुरुपयोग




Varanasi (dil india live). वाराणसी आगामी नगर निकाय चुनाव के लिए वार्ड परिसीमन एवं वार्ड आरक्षण में भारतीय जनता पार्टी ने पूरी तरह से सत्ता का दुरुपयोग किया है।

उक्त बातें महानगर कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष (प्रशासनिक) फसाहत हुसैन बाबू, कांग्रेस अल्पसंख्यक विभाग के प्रदेश महासचिव हसन मेहंदी कब्बन, कांग्रेस विधि विभाग के प्रदेश उपाध्यक्ष अशोक सिंह एडवोकेट ने एक संयुक्त विज्ञप्ति में कहा कि है जिस तरह से वार्ड परिसीमन और वार्ड आरक्षण में मनमानी की गई है उससे साफ जाहिर हो रहा  है कि सत्ता का पूरा दुरुपयोग किया गया है। उक्त नेताओं ने भाजपा पर आरोप लगाते हुए कहा कि जिन जिन वार्डों में भाजपा कमजोर रही है और हारने का डर है ,उन वार्डो को आरक्षित कर दिया गया है यही नहीं 100 वार्डों में से लगभग 50 वार्डों को आरक्षित किया गया है। वाह रे सत्ता का खेल आधा नगर निगम आरक्षित हो गया। जबकि नगर निगम अधिनियम 1959 के अनुसार किसी भी शहर  की आबादी 18 लाख हो तो उस नगर निगम में 100 वार्ड बनाए जा सकते है। प्रत्येक वार्ड की आबादी बराबर विभाजित की जाती है, इस हिसाब से नगर निगम के प्रत्येक वार्ड की जनसंख्या 18000 होनी चाहिए। 

उत्तर प्रदेश सरकार के शासनादेश संख्या 625/9-1-2022 निर्वाचन 2922 के अनुसार सभी वार्डों की आबादी बराबर की होनी चाहिए। किसी विशेष परिस्थिति में आबादी 15% कम या 15% अधिक की जा सकती है, लेकिन सत्ता का पूरी तरह से दुरुपयोग करते हुए भाजपा ने किसी वार्ड में 7000 किसी वार्ड मे 9000 किसी वार्ड में 27000 आधी आबादी को रखकर अपने हिसाब से वार्ड को बनाया गया है। इससे साफ प्रतीत होता है कि सत्ता के बल पर भाजपा की मंशा साफ नहीं लगती है और वह हर हाल में नगर निगम पर कब्जा करना चाहती हैं। जो निंदनीय है। यही नहीं इस पर निर्वाचित पार्षदों ने आपत्ति भी जताई लेकिन उनकी आपत्ति को निरस्त कर दिया गया।

बुधवार, 30 नवंबर 2022

World hiv day/एड्स दिवस (01 दिसम्बर ) पर विशेष

एचआईवी संक्रमितों को नई जिंदगी दे रहा एआरटी सेंटर

• निःशुल्क उपचार के साथ ही उनका बढ़ा रहा हौसला 

• एड्स के खतरे से भी लोगों को कर रहा जागरूक




Varanasi (dil india live). प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी करने दिल्ली गये रामनगर निवासी शशांक, 23 वर्ष (परिवर्तित नाम ) की वहां एक युवती से शारीरिक संबंध बन गए। घर वापसी के कुछ महीनो बाद शशांक अक्सर बीमार रहने लगा। उसका शरीर कमजोर होता जा रहा था। बुखार पीछा छोड़ने का नाम ही नहीं ले रहा था। जांच में जब पता चला कि वह एचआईवी संक्रमित है तो शशांक के होश उड़ गये। लगा कि उसके सारे सपने टूट चुके हैं। उस वक्त एंटी रेट्रोवायरल ट्रीटमेंट (एआरटी) सेंटर ने उसको एक नई जिंदगी दी। नतीजन एचआइवी पॉजीटिव होते हुए भी शशांक खुशहाल जिंदगी जी रहा है।

यह कहानी सिर्फ शशांक की नहीं बल्कि पंडित दीनदयाल राजकीय चिकित्सालय स्थित एआरटी सेंटर शशांक जैसे उन तमाम युवाओं को वर्षों से नई जिंदगी दे रहा है जो एचआईवी संक्रमित होने के कारण जीवन से निराश हो चुके थे। एआरटी सेंटर की वरिष्ठ चिकित्साधिकारी डा. प्रीति अग्रवाल बताती है कि इस सेंटर की स्थापना वर्ष 2011 में हुई। मकसद एचआईवी संक्रमितों को उचित उपचार देने के साथ उनके हौसले को बढ़ाना है । इसके अलावा एचआईवी व एड्स के खतरे के प्रति लोगों को जागरूक करने का भी काम एआरटी सेंटर करता है। वह बताती है़ कि 10 वर्ष के भीतर इस केन्द्र में एचआईवी संक्रमित लगभग 4500  लोगों का पंजीकरण हुआ जिनका निःशुल्क उपचार किया जा रहा है।

 क्या है एचआईवी वायरस 

डॉ प्रीति अग्रवाल ने बताया कि एचआईवी का वायरस मनुष्य की रोग प्रतिरोधक क्षमता को कमजोर करता है, जिसका समय से उपचार न करने पर उसे अनेक बीमारियां घेर लेती हैं। इस स्थिति को एड्स कहते हैं। उपचार से वायरस को पूरी तरह खत्म तो नहीं किया जा सकता, लेकिन रोककर रखा जा सकता है। अच्छे खानपान और उपचार से मनुष्य की रोग प्रतिरोधक क्षमता बनी रहती है। इसलिए मरीज रोग को छिपाए न, समय पर और नियमित उपचार करे तो वह अपनी सामान्य आयु पूरी कर सकता है। डा.  प्रीति बताती है कि एआरटी सेंटर में एचआईवी की निःशुल्क जांच होती है। एचआईवी पॉजीटिव होने पर मरीज का फौरन निःशुल्क उपचार शुरू किया जाता है। एआरटी सेंटर के अलावा जिले के सभी सरकारी चिकित्सालयों यहां तक कि सभी सीएचसी-पीएचसी में भी एचआईवी जांच की निःशुल्क व्यवस्था उपलब्ध है।

 प्रमुख लक्षण

वजन का घटना, लगातार दस्त होना, लम्बे समय तक बुखार का होना, शरीर पर खाज, खुजली, त्वचा में संक्रमण होना, मुंह में छाले, जीभ पर फफूंदी का आना, गले या बगल में सूजन भरी गिल्टियों का होना एचआईवी पॉजीटिव होने के लक्षण हो सकते है।

इन्हें हो सकता है संक्रमण

 एचआईवी संक्रमित के साथ यौन सम्पर्क, इंजेक्शन से नशीली दवा लेने वाला व्यक्ति को,माता-पिता के एचआईवी संक्रमण के बाद पैदा होने वाले बच्चे को, बिना जांच किया हुआ रक्त चढ़वाने वाले व्यक्ति को एचआईवी संक्रमण का खतरा रहता है।

मंगलवार, 29 नवंबर 2022

Vaccine को सुरक्षित रखने में cold chain management अहम

Cold chain हैंडलर्स को दी गई vaccine रख-रखाव की ट्रेनिंग



Varanasi (dil india live) । राष्ट्रीय नियमित टीकाकरण कार्यक्रम के अंतर्गत मंगलवार को कोल्ड चैन हैंडलर्स का दो दिवसीय प्रशिक्षण संपन्न हुआ। सीएमओ कार्यालय परिसर स्थित शहरी सीएचसी दुर्गाकुंड के प्रशिक्षण केंद्र में जनपद के ग्रामीण व शहरी क्षेत्र के सभी कोल्ड चैन हैंडलर्स को कोल्ड चैन पॉइंट में वैक्सीन के रखरखाव, ई-विन पोर्टल, तापमान नियंत्रण, निगरानी, आईएलआर, डीप फ्रीजर, वैक्सीन वायल मॉनिटर, ओपन वायल पॉलिसी आदि के बारे में प्रशिक्षित किया गया । इसके साथ ही अपर शोध अधिकारी (एआरओ) को भी समय से रिपोर्टिंग करने के संबंध में प्रशिक्षण दिया गया।     

मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ संदीप चौधरी के नेतृत्व में जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ निकुंज कुमार वर्मा, वरिष्ठ चिकित्साधिकारी डॉ एके पाण्डेय, उप जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ यतीश भुवन पाठक, यूएनडीपी के क्षेत्रीय समन्वयक डॉ आशुतोष मिश्रा व रीना वर्मा ने सभी कोल्ड चैन हैंडलर्स को प्रशिक्षण दिया। डॉ निकुंज ने बताया कि इस प्रशिक्षण का उद्देश्य कोल्ड चैन हेंडलर्स को आईस लाइन रेफ्रीजरेटर (आईएलआर), डीप फ्रीजर, डी फ़्रोस्टर आदि के रखरखाव व प्रबंधन के बारे में प्रशिक्षित करना, नियमित दस्तावेज़ और पोर्टल पर अंकित करना है। वैक्सीन को व्यवस्थित और सुरक्षित रखने में कोल्ड चैन की महत्वपूर्ण भूमिका होती है और इसका संचालन करने वालों की जिम्मेदारी भी बढ़ जाती है। वैक्सीन को जिस तापमान की जरूरत है, उस तापमान पर रखा जाए और इसकी निरंतर निगरानी की जाए। साथ ही वैक्सीन को जितने समय तक सुरक्षित रखना है, उसे उसी अनुसार व्यवस्थित करने की जरूरत है । जो वैक्सीन क्षेत्र में भेजा जा रहा है, उसे आइसपैक करके वैक्सीन कैरियर में भेजा जाए। 

वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी डॉ एके पाण्डेय व उप जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ यतीश भुवन पाठक ने बताया कि वैक्सीन का नियमित तापमान दिन में दो से तीन बार चेक किया जाना चाहिए । वैक्सीन का निर्धारित तापमान के सापेक्ष कम या ज्यादा न  हो पाये इस बात का विशेष ध्यान रखा जाए । इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए । यदि किसी कोल्ड चैन उपकरण में खराबी आती है तो कोल्ड चैन हैंडलर्स की जिम्मेदारी है कि इसे तत्काल अपने अधिकारियों को अवगत कराए जिससे वैक्सीन पूर्ण रूप से सुरक्षित रहे।  

यूएनडीपी के डॉ आशुतोष मिश्रा ने ई विन एडवांस पोर्टल के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने बताया कि आईएलआर का तापमान 2 से 8 डिग्री सेल्सियस रखा जाना चाहिए। डीप फ्रीजर का तापमान माइनस 15 से 25 डिग्री सेल्सियस होना चाहिए । एएनएम को सभी दिशा-निर्देशों, नियमों को विस्तार से बताएं । वैक्सीन का वेस्टेज न हो इसके लिए उनकी टैली शीट को नियमित रूप से देखें । वैक्सीन के ट्रांसपोर्ट के लिए आईस पैक और वैक्सीन कैरियर के बीच समन्वय होना जरूरी है। साथ ही माइक्रोप्लानिंग और वैक्सीन को ले जाने की व्यवस्था के बारे में समझाया। शासन की ओर से भेजे गए प्रोफार्मा को उसी के अनुसार भरा जाए। 

प्रशिक्षण में एआरओ, सीएचसी व पीएचसी के कोल्ड चैन हैंडलर्स, यूएनडीपी व यूनिसेफ के प्रतिनिधि एवं अन्य स्वास्थ्यकर्मी शामिल रहे।

सोमवार, 28 नवंबर 2022

First Sunday of advent:गिरजाघरो में गूंजे यीशु की स्तूति के गीत


Varanasi (dil india live)। क्रिसमस का ग्लोबल पर्व भले ही 25 दिसंबर को मनाया जायेगा मगर क्रिसमस सीजन का आगाज इतवार को प्रभु यीशु आगमन (First Sunday of advent) के साथ हो गया। इस दौरान गिरजाघरो में यीशु की स्तूति के गीत गूंजे, आराधना और प्रार्थना का दौर अलग अलग चर्चेज में सुबह से शाम तक चलता रहा। इसी के साथ अब क्रिसमस अपने रंग में रंगता चला जायेगा। 25 दिसंबर यानी प्रभु यीशु के जन्म पर क्रिसमस अपने शबाब पर होगा।

दरअसल आगमन काल प्रभु यीशु के आगमन की आध्यात्मिक तैयारी को कहते है जो आज से 2022 वर्ष पूर्व ईसा मसीह के जन्म के साथ पूरा हुआ था। उसी ईसा मसीह की जयंती के लिए खुद को हृदय से तैयार करने का समय आगमन काल या Sunday of advent कहलाता है। चर्च आफ बनारस में पादरी बेन जान ने आराधना कराते हुए कहा कि हम मसीही है इसका हमें गर्व है, हमें अपने सांसारिक जीवन पर चिंतन-मनन कर यह आकलन करना हैं कि मसीही होने के नाते हमने अब तक के जीवन में प्रभु यीशु के आदर्शों पर कितना अमल किया। रामकटोरा चर्च के पादरी आदित्य कुमार ने कहा कि प्रभु यीशु ने हमें जो जिन्दगी दी है उसके सदा हम आभारी है, हमारा फर्ज हैं कि हम भी प्रभु यीशु की सदा स्तूति करें। बताया कि क्रिसमस भले ही 25 दिसंबर को दुनिया भर में मनाया जाता हो मगर क्रिसमस की तैयारियां क्रिसमस के पूर्व पड़ने वाले उन चार इतवारों में से पहले इतवार से ही शुरू हो जाती है। आगमन का पहला इतवार है। वाराणसी धर्मप्रांत के बिशप यूजीन जोसेफ की अगुवाई में सभी चर्चेज में आराधना व प्रार्थना एक साथ शुरू हुई। सभी ने अमन के राज कुमार की स्तूति की। सेंट मैरीज महागिरजा में पल्ली पुरोहित फादर विजय शांतिराज ने प्रार्थना करायी। लाल गिरजाघर के सेक्रेटरी विजय दयाल ने बताया कि यह क्रिसमस के पूर्व आगमन का पहला इतवार था। इसके साथ ही 4 दिसंबर, 11 दिसंबर और 18 दिसंबर आगमन का दूसरा, तीसरा और चौथा इतवार होगा। इसके बाद 25 दिसंबर को क्रिसमस आयेगा। ख़ास बात यह भी है कि इस बार क्रिसमस भी इतवार को ही पड़ेगा।