रविवार, 20 नवंबर 2022

Medical news: प्रदेशभर से चयनित हुईं 1354 स्टाफ नर्स

वाराणसी से 43 स्टाफ नर्सों का हुआ चयन

राज्यमंत्री दयाशंकर मिश्र ‘दयालु’ व एमएलसी लक्ष्मण आचार्य के हाथों मिला नियुक्ति पत्र

स्टाफ नर्स मरीजों की सेवा तथा बेहतर आचरण के साथ बनाती हैं हृदय में जगह – राज्यमंत्री दयालु

चिकित्सा क्षेत्र को ही बनाएं अपना सेवा धर्म, निःस्वार्थ भाव से करें मरीजों की सेवा – एमएलसी लक्ष्मण आचार्य 






Varanasi (dil india live). मरीजों की सेवा करना और अपना मानवता धर्म निभाने वाली स्टाफ नर्स के लिए रविवार का दिन बहुत ही खुशी भरा रहा । लोक सेवा आयोग के जरिये वाराणसी सहित पूरे प्रदेश से चयनित 1354 स्टाफ नर्सों को रविवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ के हाथों नियुक्त पत्र प्रदान किया गया । लखनऊ में आयोजित इस समारोह का शुभारंभ मुख्यमंत्री के उद्भोदन से हुआ । इस मौके पर मुख्यमंत्री ने वाराणसी से आए दो स्टाफ नर्स सोनू सोनकर और प्रियंका पांडे को भी नियुक्ति पत्र प्रदान किया।  

मुख्यमंत्री के शुभारंभ के उपरांत प्रदेश के सभी 75 जनपदों में कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया । वाराणसी में मंडलायुक्त कार्यालय में नव नियुक्त स्टाफ नर्स कार्यक्रम का आयोजन हुआ । वाराणसी से 43 स्टाफ नर्सों का चयन किया गया है जिन्हें रविवार को दयाशंकर मिश्र ‘दयालु’, राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार), आयुष, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन, उत्तर प्रदेश, लक्ष्मण आचार्य, विधान परिषद सदस्य उत्तर प्रदेश, हिमांशु नागपाल मुख्य विकास अधिकारी, पूनम मौर्य जिला पंचायत अध्यक्ष, डॉ अंशु सिंह, मंडलीय अपर निदेशक, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य, वाराणसी मण्डल और डॉ संदीप चौधरी, मुख्य चिकित्सा अधिकारी की ओर से नियुक्ति पत्र प्रदान किया गया । इस मौके पर आयुष मंत्री दयाशंकर मिश्र ‘दयालु’ ने कहा कि युवाओं को रोजगार के अवसर देने के लिए लोक सेवा आयोग बेहद अहम भूमिका निभा रहा है जिसमें स्टाफ नर्स सहित अन्य पदों के लिए नौकरियों प्रदान की जा रही हैं। स्वास्थ्य और आयुष विभाग के साथ-साथ शिक्षा व अन्य विभागों में पिछले चार वर्षों में लाखों भर्तियाँ की जा चुकी हैं। उन्होने कहा कि इंग्लैंड में ज़्यादातर स्टाफ नर्स केरल की निवासी हैं । इससे पता चलता है कि हमारे देश में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है । स्टाफ नर्स मरीजों की सेवा और बेहतर आचरण के साथ उनके हृदय में जगह बनाती हैं जिससे मरीज उन्हें हमेशा स्मरण करते हैं। अंत में उन्होने सभी स्टाफ नर्सों को शुभकमनाएं दी और बेहतर कार्य निर्वहन के लिए प्रोत्साहित किया।       

इस दौरान एमएलसी लक्ष्मण आचार्य ने कहा कि सभी स्वस्थ रहें, खुश रहें और प्रदेश का विकास इसी तरह होता रहे, यही देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संकल्प है। इसी दिशा में सरकार निरंतर प्रयास कर रही है। प्रधानमंत्री की प्रेरणा से प्रदेश सरकार गरीब और कमजोर वर्ग के लोगों को सभी योजनाओं का लाभ पहुंचा रही है। साथ ही युवाओं को रोजगार के विभिन्न अवसर दिये जा रहे है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार लगातार रोजगार प्रदान कर रही है । अंत में उन्होने वाराणसी जनपद से चयनित हुई नव नियुक्त सभी स्टाफ नर्सों को शुभकामनाएं दी। साथ ही चिकित्सा क्षेत्र को ही अपना सेवा धर्म का संदेश देते हुये निःस्वार्थ भाव से कार्य करने के लिए प्रेरित भी किया । जिला पंचायत अध्यक्ष पूनम मौर्य और सीडीओ हिमांशु नागपाल ने भी स्टाफ नर्सों को शुभकामनाएँ दी और अपना मानवता धर्म निभाने के लिए प्रेरित किया । 

समारोह में सीएमओ ने सभी गणमान्य व्यक्तियों का स्वागत व आभार व्यक्त किया । कार्यक्रम का संचालन जिला स्वास्थ्य शिक्षा एवं सूचना अधिकारी हरिवंश यादव ने किया । इस मौके पर समस्त एसीएमओ, डिप्टी सीएमओ सहित अन्य अधिकारी एवं स्वास्थ्यकर्मी मौजूद रहे।

शुक्रवार, 18 नवंबर 2022

Ya allah is mulk me millat khayam rahe... aamin




मुर्री बंद कर बुनकरों ने अदा की अगहनी जुमे की नमाज 

Varanasi (dil india live). ईदगाह पुरानापुल में जुटे को ईदगाह सरीखा माहौल नज़र आया। सभी खूब सजधज कर नमाज अदा करने पहुंचे हुए थे। मौका था बुनकर बिरादराना तंज़ीम बाईसी के सरदार हाजी मोइनुद्दीन उर्फ कल्लू हाफिज की सदारत में अगहनी जुमे की नमाज का। वहां नमाज पूरी अकीदत के साथ अदा की गयी। इस मौके पर सरदार हाजी मोइनुद्दीन  ने बताया की अगहन के इस पवित्र महीने में पूरा बुनकर समाज अगहनी जुमे की नमाज हर साल ईदगाह में अदा करता है। ये सिलसिला सैकड़ों साल कदीमी है। उस वक़्त देश के हालात ठीक नहीं थे। किसान परेशन थे। बारिश न होने की वजह से खेती नहीं हो रही थी। देश में अकाल पड़ा था। तब बुनकर समाज ने अपना कारोबार बंद कर इकठ्ठा हो कर अगहन के महीने में ईदगाह में नमाज़ अदा किया था। इसके बाद अल्लाह का करम हुआ और खूब बारिश हुई। इससे किसानो में खुशी की लहर दौड़ गयी। तब से इस परंपरा को बुनकर बिरादरी निभा रही है।  बनारस की सबसे बड़ी तंज़ीम बुनकर बिरादराना तनजी बावनी के सद्र हाजी मुख़्तार महतो ने बताया की ये अगहनी जुमा की नमाज़ गंगा जमुनी तहज़ब की एक जीवंत मिसाल है कि सदियो पहले जब मुल्क के हालात ख़राब थे सभी वर्ग के लोग परेशन और बदहाल थे तब उस बदहाली और परेशनी को दूर करने के लिए बुनकर समाज के लोग अपने अपने कारोबार (मुर्री बंद) कर ईदगाह में नमाज़ अदा कर दुआए की और उस दुआ को असर हुआ चारो तरफ खुशाली आई। किसान और बुनकर दोनों के कारोबार में बरकत हुई। ये परंपरा आज भी हम सब निभा रहे है। आज के दिन हमारे किसान द्वारा उगाई गयी गन्ने को जिसकी दुकान हमारे हिन्दू भाई लगाते है उन तमाम दुकानों से मुसलमान अगहनी जुमे की नमाज़ अदा कर दुकानों से गन्ना खरीद कर घर ले जाते है। यही हमारे हिंदुस्तान की गंगा जमुनी तहजीब है। 

इस मौके पर तक़रीर मौलाना जाहिर ने की। तक़रीर में मौलाना ने सभी से मिल्लत और भाई चारगी बनाये रखने की अपील की और कहा की सभी लोग आपस में मोहब्बत रखिये, मोहब्बत एक ऐसी चीज है जो सभी को एक धागे में पिरो कर एक साथ ले कर चलती है। आज हम सबको इसकी जरुरत है। अगहनी जुमे की नमाज़ मौलाना जाहिर ने पढाई और नमाज़ के बाद दुआखानी कर मौलाना ने मुल्क की तरक्की के लिए दुआये की। मुल्क में आपस में भाईचारगी व मिल्लत बनी रहे उसके लिए सभी ने दुआ में हाथ उठाया। बुनकर कारोबार में बरकत की भी  दुआएं हुई।

सादगी से बेटों कि शादी कर ने दिया पैग़ाम 

सादगी से शादी हो, बिना खर्च के शादी ब्याह हो उसके लिए अगहनी जुमा कि नमाज के बाद बाईसी के सरदार हाजी मोइनुद्दीन ने अपने दो बेटे मकबूल आलम और मंजूर आलम का निकाह सादगी के साथ ईदगाह में नमाज के बाद कराया और समाज को एक संदेश दिया की कम से कम खर्च में अपने बच्चो की शादी सादगी के साथ करे। 

आज अगहनी जूमे की नमाज में  मौजूद पूर्व सरदार गुलाम मोहम्मद उर्फ दरोगा, हैदर महतो, हाशिम सरदार, हाजी बाबू, हाजी तुफैल, हाफिज नसीर, बाबूलाल किंग, हाजी इस्तियाक, पार्षद गुलशन अली, मौलाना शकील, पार्षद हाजी ओकास अंसारी, डा. इम्तियाजुद्दीन, हाजी गुलाब, हाजी अब्दुल रहीम, हाजी स्वालेह, मो. अहमद, हाजी महबूब अली, सरदार नसीर, हाजी मतिउल्ला, मो. हारून, हाजी मोइनुद्दीन, फैसल महतो, अतीक अंसारी, शमीम अंसारी, वाजीहुद्दीन, हाजी समसुद्दीन, हाजी मुमताज, हाजी नईम आदि लोग मोजूद थे

Ayushmaan Bharat: फ्री उपचार में आनाकानी पर निजी अस्पताल से जवाब तलब

CMO के आदेश पर निजी अस्पताल ने किया इलाज 

सीएमओ के हस्तक्षेप पर ब्रेनहेमरेज पीड़ित पत्रकार का निःशुल्क उपचार 

सीएमओ ने चेताया आयुष्मान कार्डधारी का मुफ्त इलाज न करने  पर होगी कार्रवाई



Varanasi (dil india live). मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डा. संदीप चौधरी के हस्तक्षेप पर बुधवार देर रात ब्रेनहेमरेज से पीड़ित पत्रकार का निःशुल्क उपचार आयुष्मान भारत – प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना की मदद से पूरा हो सका । आयुष्मान कार्ड होने के बाद भी निजी चिकित्सालय उनका निःशुल्क उपचार करने में आनाकानी कर रहा था । इस मामले को गंभीरता से लेते हुए सीएमओ ने सम्बन्धित अस्पताल से जवाब तलब किया है साथ ही अन्य निजी अस्पतालों को भी चेतावनी दी है कि आयुष्मान कार्ड होने के बाद भी किसी अस्पताल ने यदि निःशुल्क उपचार की सुविधा प्रदान नहीं की तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जायेगी ।

पलामू (झारखंड) के वरिष्ठ पत्रकार परमानंद चौधरी का ब्रेनहेमरेज हो गया । हालत नाजुक देख परिजन उन्हें लेकर वाराणसी आये और यहां अस्सी स्थित ओरियाना अस्पताल में भर्ती कराया गया । परमानंद चौधरी के परिजनों के अनुसार अस्पताल में परमानंद चौधरी के उपचार के लिए पैसा जमा करने के लिए कहा गया । परमानंद चौधरी का आयुष्मान कार्ड दिखाने के बाद भी उनके निःशुल्क उपचार में आनाकानी की जाती रही । तब परिजनों ने ट्विटर व अन्य सोशल मीडिया प्लेटफार्म के जरिये मामले की शिकायत सीएमओ व अन्य अधिकारियों से की । मामला संज्ञान में आते ही सीएमओ ने तत्काल ओरियाना अस्पताल से सम्पर्क कर पत्रकार परमानंद चौधरी का आयुष्मान कार्ड के जरिये निःशुल्क उपचार करने का निर्देश दिया । सीएमओ के हस्तक्षेप पर निजी अस्पताल ने तत्काल उपचार शुरू कर दिया । साथ ही उन्होने त्वरित कार्रवाई की पत्रकार परमानंद चौधरी के परिजनों के अलावा पलामू के पत्रकार संगठनों ने सराहना की ।

इस बीच सीएमओ ने इस मामले में निजी अस्पताल ओरियाना से जवाब तलब किया है । उन्होंने ओरियाना अस्पताल को पत्र भेज कर कहा है कि आयुष्मान भारत - प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के अंतर्गत पात्र लाभार्थियों को नियमानुसार मुफ्त इलाज/सुविधा न मिलने की उक्त चिकित्सालय के विरुद्ध लगातार शिकायते प्राप्त हो रही है जो कि अत्यंत ही खेद का विषय है। लिहाजा इस संबंध मे दो कार्य दिवस के अंदर अपना स्पस्टीकरण दें । पत्र में सीएमओ ने यह भी निर्देश दिया है कि आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जनआरोग्य योजना के अंतर्गत  चिकित्सालय में भर्ती किसी भी मरीज का निःशुल्क उपचार करने की बजाय यदि उससे  इलाज में कोई खर्च लिया गया है तो उसे तत्काल लौटाया जाय वर्ना अस्पताल का पंजीयन निरस्त करने के साथ ही मामले में कड़ी कार्रवाई की जायेगी । सीएमओ ने जिले के अन्य अस्पतालों को भी चेताया है कि आयुष्मान भारत - प्रधानमंत्री जनआरोग्य योजना के अंतर्गत आयुष्मान कार्डधारक के मुफ्त उपचार में यदि किसी भी निजी चिकित्सालय ने हीलाहवाली की तो वह कड़ी कार्रवाई के लिए तैयार रहें ।

दूसरी ओर गुरुवार को योजना के नोडल अधिकारी डॉ आरके सिंह और जिला कार्यान्वयन इकाई की टीम के साथ ओरियाना अस्पताल पहुंची और वहां भर्ती आयुष्मान कार्डधारक परमानंद चौधरी के उपचार के सम्बन्ध में जानकारी ली । टीम में डा. पूजा जायसवाल, ईं. नवेन्द्र सिंह व सागर गुप्ता शामिल  थे ।

बुधवार, 16 नवंबर 2022

Art craft पर आधारित प्रदेश स्तरीय प्रतियोगिता में ये करेंगे शिरकत



Varanasi (dil india live). जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान सारनाथ वाराणसी में आर्ट, क्राफ्ट पर आधारित जनपद स्तरीय TLM निर्माण एवं कक्षा शिक्षण में उसका उपयोग पर आधारित प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इसमें प्राथमिक स्तर पर भाषा विषय में छवि अग्रवाल सहायक अध्यापिका प्रा. वि. बनपुरवा काशी विद्यापीठ एवं गणित विषय में अब्दुर्रहमान सहायक अध्यापक प्रा. वि. ठटरा (1) सेवापुरी वहीं उच्च प्राथमिक स्तर पर गणित विषय में तूबा आसिम  सहायक अध्यापिका कंपोजिट विद्यालय गंगापुर आराजी लाइंस एवं विज्ञान विषय में श्रवण कुमार गुप्ता कमपोजिट विद्यालय देहलीविनायक, सेवापुरी का चयन हुआ। 

सभी चयनित शिक्षक अब एनसीईआरटी लखनऊ में प्रदेश स्तरीय प्रतियोगिता में जनपद की ओर से प्रतिभाग करेंगे । प्राचार्य जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान उमेश कुमार शुक्ला एवं निर्णायक मंडल में शामिल प्रवक्ता हर गोविन्द पुरी, नगमा परवीन, प्रवीण कुमार श्रीवास्तव, अरविन्द कुमार सिंह ने चयनित सभी प्रतिभागियों को शुभकामनाएं दी।

मंगलवार, 15 नवंबर 2022

Junior teacher association ने प्रोन्नति सहित विभिन्न समस्याओं को उठाया

एसोसिएशन की एलटी कालेज में हुई बैठक


Varanasi (dil india live)। उत्तर प्रदेशिय जूनियर हाईस्कूल (पू.मा.) शिक्षक संघ जनपद शाखा वाराणसी की एक मासिक बैठक कम्पोजिट स्कूल अर्दली बाजार (एल टी कालेज) में विनोद कुमार उपाध्याय जिलाध्यक्ष की अध्यक्षता में हुई। बैठक का संचालन जिला महामंत्री रविन्द्र नाथ यादव ने किया। बैठक में जनपदीय पदाधिकारी, मण्डल व प्रान्तीय पदाधिकारी क्रमश:आनंद कुमार सिंह, रवीन्द्र कुमार सिंह सहित कुमारी प्रतिभा भी उपस्थित रही। बैठक में शिक्षकों से सम्बन्धित विभिन्न समस्याएं, जैसे-बकामा एरियर, चयन वेतनमान, उपार्जित अवकाश, जी. पी. एफ, लेखा पर्ची, निलंबित चल रहे शिक्षकों की बहाली, पदोन्नति, चयन/ पदोन्नति के फल स्वरूप मिलने वाली वेतन वृद्धि, प्रोन्नति बेतनमान आदि विभिन्न समस्याए जो ब्लाकों के अध्यक्ष मंत्री द्वारा बैठक में अवगत कराया गया पर सभी सदस्यों द्वारा आपस में गहन चर्चा करते हुए उसके समाधान/निराकरण हेतु सुझाव दिये गये कि सम्बन्धित अधिकारी से मिलकर तत्काल निराकरण कराया जाय। जिससे शिक्षकों को न्याय मिल सके एवं इधर-उधर भटकना न पड़े। बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि ब्लाक के अध्यक्ष मंत्री बराबर शिक्षकों के समर्पक में रहकर यह सुनिश्चित करें कि आपके ब्लाक में किसी भी शिक्षक को किसी तरह के शोषण का शिकार न होन पड़े। बैठक में संगठन को और मजबूत कैसे किया जाय इस पर भी सभी सदस्यों से सुझाब मांगा गया। ब्लॉक तथा जनपद की मासिक बैठक हेतु निर्धारित तिथियों में बैठके होती रहे, यह भी सुनिश्चित किया जाय। ब्लाकों के चुनाव / अधिवेशन कराये जाने पर भी चर्चा किया गया। बैठक में लगातार तीन बार अनुपस्थित रहने की स्थिति में नोटिस देकर संगठन से निष्कासित कर दिया जायेगा, जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी सम्बंधित की होगी l

Dengue : प्लेटलेट कम होने से कहीं ज्यादा खरनाक है डिहाइड्रेशन

शरीर को हाइड्रेंट रखने के लिए हर दो घंटे पर लें ओआरएस घोल 

नीबू पानी, छांछ, नारियल पानी जैसे तरल पदार्थो का सेवन भी है मददगार


Varanasi (dil india live). डेंगू में प्लेटलेट कम होने से कहीं ज्यादा खतरनाक होता है मरीज को डिहाइड्रेशन। शरीर में पानी की कमी यानी डिहाइड्रेशन से मरीज का ब्लड प्रेशर और हार्ट रेट असामान्य होने लगता है। साथ ही वह अचेत हो सकता है। ऐसे में अगर सही समय पर शरीर को हाइड्रेट न किया जाए, तो डिहाइड्रेशन की यह स्थिति उसके लिए जानलेवा भी हो सकती है।

 पंडित दीन दयाल उपाध्याय चिकित्सालय के फिजिशियन डॉ. श्रीतेश मिश्र कहते हैं कि डेंगू होने के बाद प्लेटलेट्स कम होने पर आमतौर पर लोग घबरा जाते हैं। ध्यान रखने वाली बात है कि मरीज के प्लेटलेट्स पर नजर रखें। 30 हजार से कम होने पर प्लेटलेट्स चढ़ाने की आवश्यकता पड़ सकती है। उन्होंने बताया कि डेंगू के मरीज को स्वस्थ व्यक्ति की तुलना में भूख, प्यास कम लगती है। इससे शरीर में कमजोरी आना सामान्य बात है। इसके अलावा तेज बुखार, डायरिया और उल्टी आदि से भी शरीर से पानी और इलेक्ट्रोलाइट्स काफी मात्रा में बाहर निकल जाते हैं। इससे भी डिहाइड्रेशन होना शुरू हो जाता है। वह बताते हैं कि आमतौर पर डेंगू के सभी मरीजों में प्लेटलेट्स थोड़े बहुत कम होते हैं। इसकी रिकवरी 8-10 दिन बाद स्वतः होने लगती है।

डेंगू होने पर शरीर को इस तरह रखें हाइड्रेंट

डा. श्रीतेश कहते है डेंगू के बुखार के दौरान शरीर को हाइड्रेट रखना बहुत जरूरी है। इसके लिए मरीज को हर दो घंटे पर एक गिलास ओआरएस घोल जरूर देना चाहिए साथ ही समय-समय पर लिक्विड वाली चीजें जैसे नींबू पानी, नारियल पानी, छांछ आदि पिलाते रहना चाहिए, जिससे उनके शरीर में सोडियम, पोटैशियम, मैग्नीशियम आदि का संतुलन बना रहे।

 घरेलू नुस्खों की बजाय डॉक्टर की मानें सलाह

 डा. श्रीतेश कहते है तेज बुखार, सिर दर्द, मसल्स, हड्डियों और जोड़ों में दर्द, जी मिचलाना उल्टी होना, आंखों के पीछे दर्द, ग्रंथियों में सूजन, त्वचा पर लाल चकत्ते होना, अधिक थकान प्लेटलेट्स कम डेंगू के सामान्य लक्षण होते है। बुखार से पीड़ित मरीज को डेंगू है या नहीं इसकी पुष्टि के लिए एलाइजा जांच करानी चाहिए। इस जांच में यदि डेंगू होने की रिपोर्ट आती है तो किसी चिकित्सक से सलाह लेकर फौरन उपचार शुरू करा देना चाहिए। कुछ लोग चिकित्सक से सलाह लेने की बचाय घरेलू उपचार करने लगते है। यह मरीज के लिए घातक हो जाता है। 

 डेंगू से बचाव के उपाय

डेंगू एक संक्रामक रोग है जो एडीज मच्छर के काटने से फैलता है। यह मरीज को छूने, उसके पास बैठने से नहीं होता। डेंगू से बचने के लिए मच्छरों से बचना बहुत जरूरी है। लिहाजा अपने आसपास मच्छरों को पनपने से रोकें।

ऐसी जगह जहां मच्छर पनप सकते हैं वहां पानी न जमा होने दें , पुराने टायर, नारियल की खोल, प्लास्टिक बैग, गमले, कूलर में भी पानी जमा न होनें दें। इतना ही नहीं मच्छरों से बचने का हर सम्भव प्रयास करना चाहिए जैसे मच्छरदानी लगाना,पूरी बांह के कपड़े पहनना आदि का प्रयोग करें।

रविवार, 13 नवंबर 2022

World diabetes day कल, आहार-विहार पर दें ध्यान

करें योग और व्यायाम, डायबिटीज़ में मिलेगा आराम 

नियम-सयंम से रहने के साथ ही सही दवाओं का उपयोग भी जरुरी 

 



Varanasi (dil india live). यदि आप को डायबिटीज है तो आप अपने आहार-विहार और योग व व्यायाम पर विशेष ध्यान दें। इससे आप इस बीमारी पर लगाम लगा सकते हैं। नियम-संयम से रहने से सही दवाओं के उपयोग करने से डायबिटीज के चलते होने वाली अन्य गंभीर बीमारियों से भी आप बच सकते हैं। यह कहना है राजकीय स्नातकोत्तर आयुर्वेद महाविद्यालय एवं चिकित्सालय में कायचिकित्सा एवं पंचकर्म विभाग के डॉ अजय कुमार का। 

डॉ अजय बताते हैं कि डायबिटीज यानी मधुमेह या प्रमेह चयापचय संबंधी बीमारियों का एक समूह है। इसमें लंबे समय तक रक्त में शर्करा का स्तर अधिक बना रहता है। इस रोग को आयुर्वेद में महारोग भी कहा जाता है। इस रोग में शरीर के हर अंग-प्रत्यंग और शरीर की हर कोशिका पर बुरा प्रभाव पड़ता है। आयुर्वेद के अनुसार प्रमेह के 20 प्रकार होते हैं। इसमें से 10 प्रकार कफ की विकृति से उत्पन्न होते हैं। 6 पित्त की विकृति से एवं 4 वात दोष की विकृति से उत्पन्न होते हैं। प्रमेह का जो मुख्य कारण है वह है जीवन शैली में व्यायाम की कमी, स्निग्ध और मधुर भोजन का आवश्यकता से अधिक सेवन के साथ ही अनुवांशिक कारणों से भी प्रमेह का रोग होता है। इस रोग में अग्न्याशय पर्याप्त इंसुलिन का उत्पादन नहीं कर पाता है तथा शरीर की कोशिकाएं इस इंसुलिन को ठीक से ग्रहण नहीं कर पाती है। इससे शर्करा का स्तर लगातार बढ़ता चला जाता है। इस रोग का समय पर इलाज नहीं करने पर आंखों की रोशनी पर बुरा प्रभाव पड़ता है, उच्च रक्तचाप हो जाता है और किडनी पर बहुत हानिकारक प्रभाव पड़ता है।

मधुमेह के लक्षण 

अत्यधिक प्यास लगना, अत्यधिक भूख लगना, नजर का धुंधलापन, बार-बार पेशाब होना, थकान (खासकर खाना खाने के बाद) एवं चिड़चिडापन, शरीर में हुए घाव का न भरना या धीरे-धीरे भरना।

मधुमेह नियंत्रण के तीन मूलमंत्र

डा. अजय बताते है कि  मधुमेह के सफल नियंत्रण के तीन मूलमंत्र हैं। सही आहार, सही विहार यानी योग और व्यायाम व सही औषधि। सही आहार के सेवन के लिए जरूरी है कि मधुमेह रोगी अपने चिकित्सक से मिलकर अपना डाइट चार्ट बनाकर उसके अनुसार आहार ले।  ऐसा कच्चा भोजन अधिक मात्र में खाए  जिनमें फाइबर अधिक होता है। इससे शरीर में ब्लड शुगर का लेवल संतुलित रहता है। केवल आहार संतुलित मात्र में लेकर भी बिना औषधियों के रक्त शर्करा को नियंत्रित किया जा सकता है। एक बार में बहुत सारा खाना खाने की बजाय थोड़ा-थोड़ा खाना चाहिए। खाना समय पर और रात को सोने से एक घंटा पहले खायें। रात के खाने के बाद जरुर टहलना चाहिए। मधुमेह रोगी को व्यायाम जरूर करना चाहिए जब आप शारीरिक व्यायाम करते हैं, तो आपकी मांसपेशियों को वह ग्लूकोज मिल जाता है जिसकी उन्हें जरुरत होती है। और बदले में, आपके ब्लड शुगर का स्तर नीचे चला जाता है। व्यायाम इंसुलिन संवेदनशीलता और ग्लूकोज मेटाबोलिज्म में वृद्धि करता है। इसके साथ ही मधुमेह रोगियों को सही उपचार की जरूरत होती है। आयुर्वेद में मधुमेह रोगियों के लिए करेला, जामुन,मेथी, हल्दी, विजयसार, आंवला,गुडमार का प्रयोग बेहद कारगर साबित हुआ हैं। इसके अलावा वसंतकुसुमाकर रस, शिलाजत्वादी वटी, प्रमेहगज केसरी रस, चन्द्रप्रभा वटी, हरिशंकर रस आदि शास्त्रोक्त औषधियो का प्रयोग चिकित्सक की सलाह पर करके मधुमेह पर अंकुश लगाया जा सकता है।

 यहां मिलता है योग का निःशुल्क प्रशिक्षण

क्षेत्रीय आयुर्वेद एवं यूनानी अधिकारी डा. भावना द्विवेदी बताती है कि मधुमेह रोगियों को योग- प्रणायाम से काफी लाभ मिलता है। इसमें मंडूकासन, धनुरासन, कपालभाति, अर्धमत्स्येन्द्रासन, पश्चिमोत्तानासन, शवासन शामिल है, लेकिन योग-प्रणायाम कुशल प्रशिक्षक की सलाह पर ही करना चाहिए। वह बताती हैं जिले के आठ हेल्थ एण्ड वेलनेस सेंटर पर योग-प्रणायाम का निःशुल्क प्रशिक्षण दिया जाता है। इसमें हेल्थ एण्ड वेलनेस सेंटर रामनगर, रामेश्वर, भद्रासी, कठिरांव,मंगारी, पलहीपट्टी,सिंधौरा,आयर शामिल है। इसके अलावा शहरी क्षेत्र में सीएचसी शिवपुर व स्वामी विवेकानंद अस्पताल भेलूपुर में योग वेलनेस सेंटर संचालित होते है। मधुमेह रोगी वहां योग-प्रणायाम का निःशुल्क प्रशिक्षण प्राप्त कर सकते हैं।