शनिवार, 29 अक्टूबर 2022

Fast food liver को करता है खराब: डाक्टर जी डी गुप्ता


Varanasi (dil india live)। बड़ी बाजार स्थित द मॉडर्न पब्लिक स्कूल के प्रांगण में एक दिवसीय निः शुल्क हेल्थ चेकअप, खून जांच व निः शुल्क दवा वितरण का आयोजन किया गया। कैम्प में 235 मरीजों को देखा गया। इस शिविर में वाराणसी के प्रसिद्ध चिकित्सक डाक्टर जी डी गुप्ता (एम डी), डॉक्टर राकेश पटेल, डॉक्टर सुनील गुप्ता, डॉक्टर सफीना, डाक्टर जाहिद, डाक्टर प्रशांत ने रोगी का चेकअप करते हुए उसके निवारण का हल बतलाया।

 डॉक्टर जी डी गुप्ता ने शिविर में आए सभी मरीजों को संबोधित हुए कहा कि हमें फास्टफूड, तंबाकू, पान मसाला इत्यादि से बहुत दूर रहना चाहिए। आज समाज में 70 प्रतिशत लोग फास्ट फूड खा कर बीमार हो रहे है, और अपने लीवर किडनी, आंतो को खुद से खत्म कर रहे हैं। शुगर संबंधित  मरीजों को उचित सलाह देते हुए कहा कि फल और सलाद का सेवन अधिक मात्रा में करें जिससे शुगर लेवल अच्छा रहता है।

 इस निः शुल्क शिविर का आयोजन संस्था के प्रधानाचार्य अब्दुल वफा अंसारी ने किया और आए हुए चिकित्सकों को धन्यवाद भी दिया। इस मौके पर चिकित्सकों के अलावा फैयाज़ अहमद, शिक्षक फैजानुल हक, सोफिया अहमद, रोजीना,  अंकित, रहमतुल्लाह, जुबैदा इत्यादि उपस्थित थे। 

          

              प्रधानाचार्य

       श्री अब्दुल वफा अंसारी

Varanasi की नौ fr u पर मना ‘सुरक्षित मातृत्व क्लीनिक’ दिवस

354 गर्भवती की हुई प्रसव पूर्व जांच, मिला पोषण व परिवार नियोजन सम्बन्धी  परामर्श

एचआरपी वाली  महिलाओं को सुरक्षित संस्थागत प्रसव के लिए किया प्रेरित

हर माह 24 तारीख को मनाया जाता है ‘प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व क्लीनिक’

दीपावली के अवकाश के चलते शुक्रवार को मनाया गया दिवस

Varanasi (dil india live).


जनपद  की नौ प्रथम संदर्भन इकाइयों (एफ़आरयू) पर शुक्रवार को  ‘प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व क्लीनिक दिवस' मनाया गया । यह दिवस हर माह की 24 तारीख को मनाया जाता है लेकिन दीपावली के अवकाश के कारण इसका आयोजन शुक्रवार को किया गया। इसके तहत जिले की चार नई एफआरयू सहित नौ इकाइयों पर 354 गर्भवती की निःशुल्क प्रसव पूर्व जाँच (एएनसी) की गई । इसके साथ ही गर्भावस्था के दौरान बरती जाने वाली जरूरी सावधानियों के बारे में बताया गया ।

    मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ संदीप चौधरी ने बताया कि महीने में अब दो बार “प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान (पीएमएसएमए) दिवस” मनाया जाता है । हर माह की नौ तारीख को पहले से पीएमएसएमए दिवस मनाया जा रहा है और जनपद की सभी एफ़आरयू पर 24 तारीख को ‘प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व क्लीनिक दिवस के रूप में पीएमएसएमए दिवस मनाया जा रहा है।

सीएमओ ने बताया कि मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाने के लिए जनपद की स्वास्थ्य इकाइयों पर प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान दिवस का आयोजन किया जाता  है। गर्भवती के प्रसव पूर्व जाँच के लिए सरकार ने प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान को महीने में दो दिवस पर आयोजित करने का निर्णय लिया है। अभियान को सफल बनाने के लिए  एफआरयू जिला महिला चिकित्सालय कबीरचौरा, एलबीएस चिकित्सालय रामनगर, सीएचसी चोलापुर, सीएचसी आराजीलाइन, सीएचसी गंगापुर (पिंडरा) पर मनाया जा रहा है एवं चार नई एफआरयू डीडीयू चिकित्सालय स्थित एमसीएच विंग, सीएचसी हाथी (सेवापुरी), शहरी सीएचसी चौकाघाट एवं सीएचसी दुर्गाकुंड पर इस दिवस का आयोजन शुरू हुआ है।

    उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी (आरसीएच) डॉ. एच.सी. मौर्य ने बताया कि स्वास्थ्य केंद्र पर नियमित जांच व उच्च जोखिम  गर्भावस्था वाली महिलाओं  को प्रसव पूर्व जाँच (एएनसी) कर मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लायी जा सकती है। गर्भवती की नियमित नि:शुल्क जांच एवं प्रसव पश्चात उचित देखभाल की सुविधा देने के लिए आयोजन का विस्तार किया गया है। इस दौरान गर्भवती के ब्लड ग्रुप, हीमोग्लोबिन, यूरिन, मधुमेह, सिफलिस, एचआईवी आदि की जांच की जाती है। जांच के दौरान ही उच्च जोखिम गर्भावस्था (एचआरपी) वाली महिलाएं चिह्नित की जाती हैं और उनके सुरक्षित प्रसव की व्यवस्था कराई जाती है। इसके लिए उन्हें प्रसव के दौरान उच्च चिकित्सा इकाइयों पर  रेफर भी किया जाता है। उच्च जोखिम गर्भावस्था वाली महिलाओं को गंभीर रक्त अल्पता, उच्च रक्तचाप, कम वजन, डायबिटीज, एचआईवी पाजिटिव तथा 35 साल से अधिक की उम्र में गर्भधारण आदि श्रेणियों में पहचान की जाती है।

    जिला कार्यक्रम प्रबंधक (डीपीएम) संतोष सिंह ने बताया कि इस अभियान का उद्देश्य गर्भवती की प्रसव पूर्व विधिवत जांच विशेषज्ञ व महिला डॉक्टर की निगरानी में कराना है । मातृत्व स्वास्थ्य परामर्शदाता पूनम गुप्ता ने बताया कि इस दिवस पर जिले में करीब 354 गर्भवती  की जांच हुई, जिसमें लगभग 69 एचआरपी की श्रेणी में चिह्नित की गईं।  

यह सेवाएँ निःशुल्क दी गईं 

 इस दिवस पर समस्त गर्भवती की प्रसव पूर्व जाँचे (एएनसी) जैसे हीमोग्लोबिन, शुगर, यूरिन जांच, ब्लड ग्रुप, एचआईवी, सिफ़लिस, वजन, ब्लड प्रेशर एवं अन्य जाँचों की निःशुल्क सुविधा दी गईं। इसके साथ ही आयरन, कैल्शियम, एलबेंडाजॉल एवं आवश्यक दवाएं मुफ्त दी गईं। एचआरपी युक्त महिलाओं की पहचान, प्रबंधन एवं सुरक्षित संस्थागत प्रसव के लिए प्रेरित किया गया। इसके अलावा पोषण, परिवार नियोजन तथा प्रसव स्थान के चयन के बारे में भी उचित सलाह दी गई। 

       सीएचसी आराजीलाइन पहुंची पिंकी (22) की महिला डॉक्टर ने सभी प्रसव पूर्व जांच की। उन्होंने कहा कि हीमोग्लोबिन का स्तर सामान्य से कम पाये जाने पर डॉक्टर ने हरी साग सब्जियाँ, मौसमी फल, दूध, गुड़ आदि खाने की सलाह दी। इसके साथ ही नियमित लाल आयरन की गोली खाने की सलाह भी दी। वहीं मंजू यादव (22) ने बताया कि वह पहली बार माँ बनने जा रही हैं इसलिए सभी सावधानी बरत रही हैं। हीमोग्लोबिन का स्तर कम होने से डॉक्टर ने उन्हें पौष्टिक आहार लेने  की सलाह दी। यह भी बताया गया कि क्षेत्र की आशा कार्यकर्ता से नियमित सलाह लेती रहें।

बुधवार, 26 अक्टूबर 2022

Dengue के मरीज बढ़ने से स्वास्थ्य विभाग एलर्ट

निर्धारित प्रोटोकॉल से ही करें डेंगू का इलाज : सीएमओ

सरकारी व निजी चिकित्सालयों को दिये आवश्यक निर्देश

Varanasi (dil india live)। जनपद में डेंगू प्रभावित मरीजों के इलाज को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने सरकारी एवं निजी चिकित्सालयों को निर्देश दिया है कि उपरोक्त मरीजों को विभाग की ओर से तय प्रोटोकाल के अनुसार ही उपचार करें। संभावित मरीजों का ब्लड सैंपल माइक्रोबायोलॉजी विभाग बीएचयू और पंडित दीनदायल उपाध्याय राजकीय चिकित्सालय में जांच के लिए अवश्य भेजें। वहां से डेंगू रोग की पुष्टि होने के बाद उसकी सूचना जिला मलेरिया अधिकारी शरद चंद पांडे को अवश्य दें ।

मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय में बुधवार को हुई बैठक में सीएमओ डॉ संदीप चौधरी ने कहा कि जिले में डेंगू के मरीजों पर स्वास्थ्य विभाग अपनी नज़र बनाए हुए है।संचारी व मच्छर जनित रोगों डेंगू, मलेरिया, टाइफाइड आदि से प्रभावित क्षेत्रों में रोकथाम व नियंत्रण के लिए कार्रवाई की जा रही है। गंदगी, जलभराव, गंदी नालियां, जगह-जगह बिखरे पड़े कचरे, चोक पड़ी नालियां, पीने के पानी में गंदगी आदि पर के नियमित साफ-सफाई के निर्देश हैं। नगरीय इलाकों के लिए स्वास्थ्य विभाग ने नगर स्वास्थ्य अधिकारी को उचित कार्रवाई करने के लिए सुनिश्चित किया है । एंटी लार्वल टीमों को निर्देशित किया गया है कि प्रभावित इलाकों में एंटी लार्वल स्प्रे का छिड़काव और फोगिंग किया जाए । इस दौरान स्थानीय लोगों को भ्रमण के दौरान स्थानीय लोगों को डेंगू लक्षण, बचाव आदि के बारे में जानकारी दी जाये । चिकित्सालयों को निर्देशित किया कि संभावित रोगियों का इलाज एक अलग वार्ड या कमरे में किया जाए और मच्छरदानी का उपयोग अनिवार्य रूप से किया जाए। जनपद व ब्लॉक स्तरीय सभी सरकारी चिकित्सालयों में अलग से वार्ड स्थापित करते हुए उपचार की सम्पूर्ण व्यवस्था निःशुल्क है।

जिला मलेरिया अधिकारी शरद चंद पांडे ने बताया कि इस वर्ष जनपद में अभी तक 189 डेंगू के मरीज पाये जा चुके हैं जिसमें शहरी इलाकों में 127 और ग्रामीण में 62 मरीज हैं । इसके अलावा मलेरिया के अभी तक 67 मरीज पाये गए । उन्होने बताया कि तेज बुखार, सिरदर्द, पीठदर्द, आँखों को हिलाने में दर्द, त्वचा पर लाल चकत्ते, मसूड़ों/नाखूनों में दर्द आदि लक्षण दिखाई देने पर अपने नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में संपर्क करें, बिना चिकित्सीय सलाह के कोई भी दवा न लें । डेंगू की पुष्टि हो हो जाने पर घबराएँ नहीं, धैर्य रखें और चिकित्सीय सलाह के अनुसार अपना इलाज कराएं । सोते समय मच्छरदानी का प्रयोग करें । सुबह शाम बाहर निकलते समय फुल आस्तीन के कपड़े और मोजे पहनें । सोने से पहले नीम का धुआँ करें । अपने घर के आसपास जलजमाव और गंदगी की स्थिति पैदा न होने दें । मरीज प्रचुर मात्रा पानी और तरल पदार्थ जरूर लें । ओआरएस घोल, नारियल पानी, फलों का रस आदि प्रचुर मात्रा में लें । शरीर का तापमान कम करने के लिए ठंडे पानी की पट्टी रखें ।

बैठक में समस्त एसीएमओ, डिप्टी सीएमओ, वरिष्ठ चिकित्साधिकारी एवं अन्य अधिकारी मौजूद रहे ।

रविवार, 23 अक्टूबर 2022

Queen's ने Dipawali की माताओं संग बांटी खुशियां




Varanasi (dil india live). क्वींस क्लब की महिलाओं ने रविवार को वृद्ध माताओं के साथ दीपोत्सव की खुशियां बांटी। मौका था क्लब की ओर से मनाए गए छोटी दीपावली उत्सव का। दुर्गाकुंड सिथत वृद्धाश्रम में क्लब की संस्थापक तनुश्री अग्रवाल की मौजूदगी व अध्यक्ष हीना वह सेक्रेटरी प्रियंका की अगुवाई में सभी ने खूब मस्ती की। माताएं क्लब मेम्बर्स को अपने बीच पाकर काफी खुश थी। इस मौके पर क्लब मेम्बर्स ने मिठाईयां, नमकीन, फल समेत खाने-पीने के काफी सामान माताओं को प्रदान किया। इस मौके पर तनु, प्रियंका, सपना, तरना, निहारिका, विनिता, ज्योति, पूजा, हनी, मिसकात, काजल, सोनम आदि ने रंगोली सजाकर गीत गाया और खूब मस्ती की।

शनिवार, 22 अक्टूबर 2022

Dengue पीड़ितों की मौत प्लेटलेट की कमी से नहीं : सीएमओ

अनावश्यक प्लेटलेट चढ़ाने से मरीज की तबीयत और हो सकती है खराब

 •निजी चिकित्सकों, नर्सिंगहोम संचालकों के साथ वर्चुवल मीटिंग सम्पन्न

 •डेंगू पीड़ित मरीजों के बेहतर उपचार पर हुई चर्चा

Varanasi (dil india live).प्लेटलेट की कमी डेंगू पीड़ित मरीजों की मौत का कारण नहीं होता। निजी चिकित्सकों नर्सिंग होम संचालकों के साथ शनिवार को हुई वर्चुवल मीटिंग में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. संदीप चौधरी ने उक्त विचार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय मानकों के अनुसार, जब तक किसी मरीज का प्लेटलेट काउंट दस हजार से कम न हो और  सक्रिय रक्तस्राव न हो रहा हो तब तक उसे प्लेटलेट ट्रांसफ्यूजन की आवश्यकता नहीं होती है। डेंगू के इलाज में  प्लेटलेट ट्रांसफ्यूजन प्राथमिक इलाज नहीं है। वास्तव में, प्लेटलेट ट्रांसफ्यूजन मरीज को लाभ पहुंचाने की जगह नुकसान ही करता है यदि इसका उपयोग ऐसे रोगी में किया जाता है जिसमे प्लेटलेट्स की गिनती दस हजार से अधिक है।

 मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. संदीप चौधरी ने कहा डेंगू से पीड़ित रोगियों में मृत्यु का प्राथमिक कारण केशिका रिसाव है, जो इंट्रावास्कुलर कंपार्टमेंट में रक्त की कमी का कारण बनता है और जिसके फलस्वरूप बहु-अंग ( मल्टी ऑर्गन फेल्योर) विफलता होती है। इंट्रावास्कुलर कंपार्टमेंट से एक्स्ट्रावास्कुलर कंपार्टमेंट में प्लाज्मा रिसाव की स्थिति में, मरीज को प्रति घंटे 20 मिलीलीटर प्रति किलो शरीर के वजन की मात्रा में फ्लूड चढ़ाया  जाना चाहिए। इसे तब तक जारी रखना चाहिए जब तक कि ऊपरी और निचले रक्तचाप के बीच का अंतर 40 mmHg से अधिक न हो जाए, या रोगी को पर्याप्त मात्रा में पेशाब न हो जाए। यह वह सब है जो रोगी के इलाज के लिए आवश्यक है, अनावश्यक प्लेटलेट चढ़ाने से मरीज की तबीयत और खराब हो सकती है। डेंगू रोगियों का इलाज करते समय, चिकित्सकों को '20 का फॉर्मूला' याद रखना चाहिए यानी 20 से अधिक की पल्स रेट में वृद्धि, बीपी का 20 से अधिक गिरना, 20 से कम के निचले और ऊपरी बीपी के बीच का अंतर और 20 से अधिक रक्तस्रावी धब्बे की उपस्थिति टूर्निकेट परीक्षण के बाद हाथ पर दिखें, तो यह स्थिति एक उच्च जोखिम वाली स्थिति का सुझाव देते हैं, और व्यक्ति को तत्काल चिकित्सा ध्यान देने की आवश्यकता होती है।"

 सीएमओ ने कहा कि डेंगू बुखार एक दर्दनाक मच्छर जनित रोग है। यह चार प्रकार के डेंगू वायरस में से किसी एक के कारण होता है, जो एक संक्रमित मादा एडीज एजिप्टी मच्छर के काटने से फैलता है।डेंगू के सामान्य लक्षणों में तेज बुखार, नाक बहना, त्वचा पर हल्के लाल चकत्ते, खांसी और आंखों के पीछे और जोड़ों में दर्द शामिल हैं। हालांकि, कुछ लोगों को लाल और सफेद धब्बेदार चकत्ते विकसित हो सकते हैं, जिसके बाद भूख में कमी, मतली, उल्टी आदि हो सकती है। डेंगू से पीड़ित मरीजों को चिकित्सकीय सलाह लेनी चाहिए, आराम करना चाहिए और बहुत सारे तरल पदार्थ पीना चाहिए। बुखार को कम करने और जोड़ों के दर्द को कम करने के लिए पैरासिटामोल लिया जा सकता है। हालांकि, एस्पिरिन या इबुप्रोफेन नहीं लिया जाना चाहिए क्योंकि वे रक्तस्राव के जोखिम को बढ़ा सकते हैं। 

 जटिलताओं का जोखिम

 डेंगू के 1% से भी कम मामलों में जटिलताओं का जोखिम होता है, यदि जनता को चेतावनी के संकेत ज्ञात हों, तो डेंगू से होने वाली सभी मौतों से बचा जा सकता है। डेंगू  के परीक्षणों में डेंगू NS1-सर्वश्रेष्ठ परीक्षण है। NS1 आदर्श रूप से दिन 1 से 7 तक पॉजिटिव रीडिंग होता है। यह फॉल्स पॉजिटिव रीडिंग नही देता। यदि पहले दिन -ve है, तो इसे अगले दिन दोहराएं। हमेशा एलिसा आधारित NS1 परीक्षण के लिए कहें क्योंकि कार्ड परीक्षण भ्रामक हैं।

आईजीजी और आईजीएम डेंगू का महत्व

 कम प्लेटलेट्स संख्या वाले और बीमारी के तीसरे या चौथे दिन "बीमार" दिखने वाले मरीज में, आईजीएम स्तर में सीमा रेखा वृद्धि और आईजीजी का एक बहुत ही उच्च स्तर सेकेंडरी डेंगू का प्रतीक है। इन मरीजों में जटिलता की संभावनाएं अधिक होती हैं। प्राथमिक डेंगू में आईजीजी 7 दिनों के अंत में + हो जाता है, जबकि आईजीएम दिन 4 के बाद + हो जाता है। अपरिपक्व प्लेटलेट अंश/आईपीएफ, थ्रोम्बोसाइटोपेनिया वाले मरीज के लिए डेंगू में एक बहुत ही उपयोगी परीक्षण है। यदि ऐसे मरीज में आईपीएफ> 10% है, तो अगर प्लेटलेट काउंट 20,000 भी है तो भी वह खतरे से बाहर है और 24 घंटे में प्लेटलेट्स बढ़ जाएंगे। यदि आईपीएफ 6% है, तो इसे अगले दिन फिर दोहराएं। अब अगर आईपीएफ बढ़कर 8% हो गया है तो उसके प्लेटलेट्स निश्चित रूप से 48 घंटे के भीतर बढ़ जाएंगे। यदि यह 5% से कम है, तो उसका अस्थि मज्जा 3-4 दिनों तक प्रतिक्रिया नहीं करेगा और वह मरीज प्लेटलेट चढ़ाने के लिए संभावित उम्मीदवार हो सकता है। बॉर्डरलाइन कम प्लेटलेट काउंट के साथ भी आईपीएफ परीक्षण करना बेहतर है। लो मीन प्लेटलेट वॉल्यूम या एमपीवी का मतलब है कि प्लेटलेट्स कार्यात्मक रूप से अक्षम हैं और ऐसे मरीज पर अधिक ध्यान देने की आवश्यकता है।

गुरुवार, 20 अक्टूबर 2022

Panjab national bank में ग्राहक सेवा समिति की बैठक

 


Varanasi (dil india live). पंजाब नेशनल बैंक मंडल कार्यालय सभागार में ग्राहक सेवा समिति की बैठक सम्पन्न हुई। समिति की अध्यक्षता मंडल प्रमुख राजेश कुमार ने की, साथ ही उप मंडल प्रमुख बिमन कुमार, मुख्य प्रबंधक अमरजीत सिंह एवं समिति के नामित सदस्य अमिताभ भौमिक (शाखा प्रमुख, अर्दली बाज़ार शाखा), एस के चतुर्वेदी, एस पी सिंह (शाखा प्रमुख, नदेसर शाखा) , वरिष्ठ नागरिक प्रतिनिधि के रूप में महेंद्र नाथ शर्मा एवं महिला ग्राहक प्रतिनिधि के रूप में अंजना गुप्ता की गरिमापूर्ण उपस्थिति बैठक में हुई। 

ज्ञात हो कि कोरोना काल के बाद ग्राहक सेवा समिति की बैठक के नियमित संचालन का आज शुभारंभ भी हुआ। बैठक में ग्राहक सेवा से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर सभी सम्मानित सदस्यों ने अपने बहुमूल्य सुझाव दिए एवं समस्याओं के निराकरण के लिए किए जाने वाले उपायों पर चर्चा की। पंजाब नैशनल बैंक ग्राहकों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता के लिए हमेशा जागरूक रहा है और यह बैठक इसी उद्देश्य की पूर्ति का एक हिस्सा है। मंडल प्रमुख ने हमारा प्रभूत मार्गदर्शन किया तथा इसके प्रतिमाह नियमित आयोजन एवं प्रत्येक बैठक में अलग अलग शाखाओं से ग्राहक प्रतिनिधियों को बुलाने का बहुमूल्य सुझाव दिया।

Jamiyat ullema की सीरत कान्फ्रेंस आज से, जुटेंगे उलेमा

दो दिन तक चलेगी सीरत कांफ्रेन्स, लोहता में होगी कई मुद्दों पर चर्चा 

Varanasi (dil india live). समाज में फैल रही भिन्न प्रकार की कुरीतियों एवं बुराइयों को रोकने, अच्छी बातों का संदेश देने, समाज के सभी वर्गों विशेष रूप से युवाओं को सही राह दिखाने एवं देश में अमन व अमान का माहौल बनाने के उद्देश्य से जमीयत उलमा ए बनारस के द्वारा विगत 29 वर्षों से आयोजित होने वाली दो दिवसीय सीरत कांफ्रेंस इस वर्ष 20, 21 अक्टूबर को लोहता में आयोजित हो रही है। इस वर्ष तीसवीं कांफ्रेंस आयोजित की जा रही है। दारुल उलूम देवबंद के कुलपति मुफ्ती अबुल क़ासिम नोमानी की अध्यक्षता में होने वाली इस कांफ्रेंस के मुख्य अतिथि जमीयत उलमा ए हिंद के अध्यक्ष एवं पूर्व राज्यसभा सदस्य मौलाना महमूद मदनी शिरकत फरमाएंगे। इसके अतिरिक्त कार्यक्रम में मौलाना हकीमुद्दीन क़ासमी महासचिव जमीयत उलमा ए हिंद, मौलाना सलमान बिजनौरी उपाध्यक्ष जमीयत उलेमा ए हिंद, मुफ्ती राशिद आज़मी उपकुलपति दारुल उलूम देवबंद, मुफ्ती हुज़ैफा क़ासमी महाराष्ट्र, मुफ्ती अफ़फान मंसूरपुरी अमरोहा, मौलाना अब्दुर्रब आज़मी अध्यक्ष जमीयत उलेमा ए उत्तर प्रदेश, मौलाना तौफीक अहमद जौनपुर, मुफ्ती अब्दुल बातिन नोमानी मुफ्ती शहर बनारस और  कारी अहमद अब्दुल्लाह सेक्रेटरी जमीयत यूथ क्लब कार्यक्रम में शिरकत फरमाएंगे और इस जनसभा को संबोधित करेंगे।