गुरुवार, 20 अक्टूबर 2022

NRC ने बचा ली बच्चे की जान, कुपोषण के खतरे से थे अंजान

पोषक आहार बच्चे को खिलायें, इसका महत्व दूसरों को बतायें


Varanasi (dil india live). कुपोषण क्या बला होती है, इससे हम पूरी तरह अनजान थे। हमें यह भी नहीं पता था कि इससे हमारे बच्चे की जान भी खतरे में पड़ सकती है। यह तो अच्छा हुआ कि बच्चे को लेकर हम समय रहते एनआरसी (पोषण एवं पुनर्वास केन्द्र पहुंच गये और हमारे बच्चे की जान बच गयी। आज हमारे आंगन में किलकारी गूंज रही है तो वह एनआरसी की देन है। यूं कहे कि एनआरसी ने हमारे बच्चे को दूसरा जीवन दिया है तो यह कहीं से गलत नहीं होगा। अब पोषक आहार अपने बच्चे को खिलाने के साथ ही इसके महत्व के बारे में दूसरों को भी बतायेंगे।‘’

यह कहना है उन अभिभावकों का जिनके अति कुपोषित बच्चों को एनआरसी ने मौत के मुंह में जाने से बचाया। धूरीपुर-हरहुआ निवासी रामललित पेशे से मजदूर है। रामललित की पत्नी निशा बताती हैं कि 11 माह का उनका बेटा शीनू हमेशा बीमार ही रहता था। उसे कुछ भी नहीं पचता था और शरीर सूखता जा रहा था। हालत बिगड़ी तो गांव में इलाज कर रहे डाक्टर ने भी जवाब दे दिया। हम लोग रोने लगे, तभी वहां पहुंची आशा दीदी ने उन्हें सहारा दिया। सरकारी अस्पताल ले गयीं तब पता चला कि शीनू अति कुपोषित (सैम) हो चुका है। आशा दीदी ने ही शीनू को एनआरसी में भर्ती कराया। एनआरसी की ही देन है कि अब शीनू पूरी तरह स्वस्थ है। यहां बच्चे के भर्ती रहने के दौरान ही हमने पोषक आहारों के महत्व के बारे में भी जाना। अब हम बच्चे को पोषक आहार ही खिलायेंगे। पोषक आहार हम सब के लिए कितना महत्वपूर्ण है यह दूसरों को भी बतायेंगे ताकि हमारे शीनू की तरह किसी और बच्चे की जान पर संकट न आये। नगवा की रहने वाली सरोज बताती है कि उसकी बेटी सात माह की होने के बाद भी वजन महज तीन किलो था। उल्टी-दस्त से परेशान बेटी का उपचार कराने सरकारी अस्पताल पहुंची तब पता चला कि बेटी अति कुपोषित (सैम) हो चुकी है। एनआरसी में भर्ती होने के बाद उसकी बेटी को नई जिंदगी मिली है। साथ ही पोषक आहार कितना जरूरी होता है, इसका भी पता चला। सरोज कहती है कि बेटी को अब भरपूर पोषक आहार खिलायेंगे ताकि वह हमेशा स्वस्थ रहे।  एनआरसी में भर्ती होने के बाद स्वस्थ हुए शिवपुर निवासी एक वर्षीय आकाश की मां शीला और 11 माह के रमेश की मां निशा का भी यही कहना है कि हम लोग कुपोषण के खतरे से पूरी तरह अनजान थे। बच्चों पर आयी मुसीबत ने हमें पोषक आहार के महत्व से भी परिचित कराया।

 क्या होता है कुपोषण

 पं.दीन दयाल चिकित्सालय के चिकित्सा अधीक्षक व बाल रोग विशेषज्ञ डा. आरके सिंह कहते है ‘आहार में पोषक तत्वों का ठीक ढंग से शामिल न होना ही कुपोषण की समस्या को जन्म देता है। कुपोषण के कारण बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता कम हो जाती है, जिससे वे आसानी से कई तरह की बीमारियों के शिकार हो जाते हैं। कुपोषण के कारण बच्चे में एनीमिया, मानसिक विकलांगता जैसी बीमारियां भी होती है। कुपोषण बच्चे की लंबाई और वजन के विकास को बाधित कर उसके बढ़ने क्षमता को सीमित कर देता है। यदि इसका इलाज समय पर नहीं कराया गया तो इसे बाद में ठीक कर पाना मुश्किल होता है। इससे बच्चे की मृत्यु भी हो सकती है।

 बच्चे को कुपोषित होने से इस तरह बचाये

पोषण एवं पुनर्वास केन्द्र की आहार सलाहकार विदिशा शर्मा कहती हैं- पोषक तत्वों से भरपूर आहार का सेवन और उचित देखभाल ही बच्चे को कुपोषित होने से बचाता है। शिशुओं के लिए इस बात कर खास तौर पर ध्यान दिया जाना चाहिए कि उसे छह माह तक मां के दूध के अलावा कुछ भी न दिया जाय। छह माह से दो वर्ष तक के बच्चे को स्तनपान कराने के साथ-साथ ऊपरी पोषक आहार दिया जाना चाहिए। शुरू में उसे फलों का जूस या दाल का पानी चावल का माड़ दिया जा सकता है। चूकि इस समय उसे दांत नहीं निकला होता लिहाजा उसे उबला या भांप में पकाया हुआ सेब, गाजर, लौकी, आलू या पालक आदि मसल कर दे सकते हैं। बाद में उसे दलिया, खिचड़ी, बेसन या आटे का हलुआ भी दिया जा सकता हैै। शिशु को पोषक आहार मिले, इसके लिए एक बेहतर और संतुलित आहार योजना का पालन करना चाहिए। इतना ही नहीं बच्चे के खाने की आदतों पर नजर रखना चाहिए। यदि बच्चा कुपोषण का शिकार होता नजर आता है तो उसका तत्काल उपचार शुरु कराना चाहिए।

बुधवार, 19 अक्टूबर 2022

JP की जन्मभूमि से निकली तिरंगा साइकिल यात्रा पहुंची काशी

  • 11 नवम्बर को प्रधानमंत्री कार्यालय दिल्ली पहुंचेगी साइकिल यात्रा 
  • 18 सदस्यीय साइकिल यात्रा दल का कैथी में हुआ अभिनंदन 
  • सभी के लिए समान शिक्षा की उपलब्धता की मांग को लेकर निकाली गयी है समान शिक्षा तिरंगा साइकिल यात्रा 


Varanasi (dil india live). देश में सभी के लिए गुणवत्ता पूर्ण समान शिक्षा की नीति पूरे देश में व्यावहारिक रूप से लागू किये जाने की मांग को लेकर बलिया से दिल्ली तक की समान शिक्षा तिरंगा साइकिल यात्रा के मंगलवार को गाजीपुर से वाराणसी जनपद में प्रवेश करने पर भंदहा कला कैथी स्थित आशा ट्रस्ट के प्रशिक्षण केंद्र पर अभिनंदन किया गया।

साइकिल यात्रा एवं समान शिक्षा संघर्ष मोर्चा के संयोजक राधेश्याम यादव ने बताया कि लोकनायक जय प्रकाश की जन्मस्थली सिताबदियारा बलिया से जेपी जयंती 11 अक्टूबर को यात्रा प्रारंभ हुयी है, रास्ते में जनसम्पर्क और परचा वितरण करने के साथ ही प्रत्येक जिला मुख्यालय पर ज्ञापन दिया जा रहा है. यात्रा में 18 सदस्य शामिल हैं . 11 नवंबर को दिल्ली पहुंच कर प्रधानमंत्री कार्यालय में इस मुद्दे पर ज्ञापन दिया जाएगा।

यात्रा दल का स्वागत करते हुए आशा ट्रस्ट के समन्वयक वल्लभाचार्य पाण्डेय ने कहा कि देश में सभी को एक जैसी शिक्षा का अवसर मिलना चाहिए चाहे वह राष्ट्रपति की संतान हो अथवा किसान की. सरकारी स्कूलों की गुणवत्ता बढ़ाने से ही यह संभव हो सकेगा. जिस प्रकार नवोदय विद्यालयों और केन्द्रीय विद्यालयों में प्रवेश के लिए अभिभावक उत्सुकता दिखाते हैं उसी प्रकार सरकारी प्राथमिक स्कूलों की भी गुणवत्ता में अपेक्षित सुधार होने पर बच्चों के प्रवेश के लिए लोगों का झुकाव होगा।

यात्रा दल के सदस्यों को संस्था की तरफ से संविधान की उद्देशिका देकर विदा किया गया। यात्रा में प्रमुख रूप से श्रवण कुमार, अवनीश, मोहम्मद अरशद, संजय सिंह, कृष्ण चन्द्र पाण्डेय, विनोद मानव, बिट्टू तिवारी, धर्मेन्द्र यादव, राधेश्याम वर्मा, हरी जी आदि शामिल है. अभिनंदन कार्यक्रम में प्रदीप सिंह, सूरज पाण्डेय, नर नाहर पाण्डेय, त्रिभुवन आदि की प्रमुख भूमिका रही।

सोमवार, 17 अक्टूबर 2022

Kisaan union करेगा किसानों के सम्मान के लिए संघर्ष






Chandoli (dil india live). किसान न्याय मोर्चा, किसान यूनियन और विभिन्न किसान संगठनों की महापंचायत ग्रामसभा फेसुड़ाक के कम्पोजिट विद्यालय में हुई। पंचायत में फैसला लिया गया कि किसानों के सम्मान के लिए संघर्ष किया जाएगा। इस अवसर पर किसान मोर्चा के प्रदेश संयोजक महेंद्र प्रसाद एडवोकेट ने कहा कि कोई भी ऐसा कानून नहीं है जिसके तहत किसानों की जमीन को हड़पी जा सके। उन्होंने कहा कि किसानों की लड़ाई लंबी चलेगी इसलिए सबको कमर कसकर तैयार रहना होगा, तभी शासन, प्रशासन पर दबाव बनाया जा सकता है। इस अवसर पर विधायक प्रभु नारायण यादव ने कहा कि हम और हमारी पार्टी किसानों के आंदोलन के साथ हैं और जो भी निर्णय आप लोग करेंगे हम सदैव खड़े रहेंगे।

इस अवसर पर इंद्रजीत  शर्मा ने कहा कि जब तक किसान आपसी भाईचारा बनाकर लंबी लड़ाई नहीं लड़ेंगे तब तक किसान का हित नहीं होगा किसान मोर्चा के उपाध्यक्ष शमीम मिल्की ने कहा कि किसानों ने दिल्ली में आंदोलन कर सरकार को किसान बिल वापस लेने के लिए बाध्य कर दिया था। उसी तर्ज पर हमें भी लड़ाई लड़ना होगा। इस अवसर पर संतोष यादव, रजनीकांत पांडे, रामानंद यादव, किस्मत यादव, सुशील यादव ,राम अवतार यादव, भोजू राम ,पारसनाथ तिवारी सहित अनेक किसान नेता मौजूद रहे। बैठक की अध्यक्षता अशोक सिंह एवं संचालन राजबहादुर सिंह ने किया। सभा के अंत में उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय मुलायम सिंह यादव को 2 मिनट मौन रहकर सभी ने श्रद्धांजलि अर्पित की ।

रविवार, 16 अक्टूबर 2022

Gharib Nawaz relief फाउंडेशन ने इस तरह मनाया नबी का जश्न

दावते इस्लामी इंडिया पहुंची कबीरचौरा अस्पताल, मरीजों में बांटा फल





Varanasi (dil india live). देश दुनिया के तमाम मुस्लिम इन दिनों पैगंबरे इस्लाम हजरत मोहम्मद सल्लल्लाहो ताला अलैहि वसल्लम की यौमे पैदाइश की खुशियों में डूबे हुए है। जगह जगह दीनी जलसे, नातिया मुशायरों व अन्य ईद मिलादुन्नबी की महफ़िले सजायी जा रही है। ऐसे ही दावते इस्लामी इंडिया की गरीब नवाज रिलीफ फाउंडेशन की ओर से कबीरचौरा के श्री शिव प्रसाद गुप्त अस्पताल में भर्ती मरीजों को फल बांट कर पैगम्बरे इस्लाम की यौमे पैदाइश की खुशियां मनाई गई। डाक्टर साजिद के संयोजन में हुए इस आयोजन में मो. शाहिद अततारी, अफरोज अततारी, मुबारक, अनवर अततारी, सरफराज अततारी, फारुक अततारी व मो. मोहसिन अततारी आदि मौजूद थे। वक्ताओं ने कहा कि दीन के साथ ही समाज सेवा के क्षेत्र में भी दावते इस्लामी इंडिया बढ़ चढ़ कर हिस्सा ले रही है। इसके लिए ही गरीब नवाज रिलीफ फाउंडेशन पूरी तरह समर्पित है।

गुरुवार, 13 अक्टूबर 2022

dav pg college में आईक्यूएसी का वित्तीय ज्ञान एवं विनिवेश जागरूकता कार्यक्रम

म्यूचल फण्ड में निवेश से पूर्व जोखिम की कर ले जानकारी




Varanasi (dil india live)। डीएवी पीजी कॉलेज में आईक्यूएसी के तत्वावधान में गुरूवार को वित्तीय ज्ञान एवं विनिवेश जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। मुख्य वक्ता सेबी के प्रमुख प्रशिक्षणकर्ता मेराज अहमद ने अध्यापकों एवं कर्मचारियों को वित्तीय जोखिम के बाबत जानकारीयॉ प्रदान की। उन्होंने कहा कि किसी भी म्यूचल फण्ड में विनिवेश से पूर्व निवेशकों को फण्ड मैनेजर की सम्पूर्ण जानकारी होना आवश्यक है। निवेशक का पैसा कम्पनी कहा प्रयोग कर रही है यह जानना प्रत्येक निवेशक का अधिकार है। यह इस बात से भी अवगत कराता है कि म्यूचल फण्ड में किया गया उनका निवेश कितना सुरक्षित है और कितना जोखिम पूर्ण है। मेराज अहमद ने यह भी बताया कि निवेश से पूर्व सबसे पहले यह जनना बेहद जरूरी है कि हम सही म्यूचल फण्ड खरीद रहे है या नही। इसके अलावा उन्होंने बताया कि म्यूचल फण्ड पूरी तरह से शेयर बाजार से ही जुड़ा है यह पूरी तरह से मिथक पर आधारित तथ्य है। म्यूचल फण्ड में अब रिटायरमेन्ट बेनिफिट स्कीम भी उपलब्ध हो चुकी है जिसका लाभ कर्मचारी उठा सकते है।

कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय के मंत्री/प्रबन्धक अजीत कुमार सिंह यादव ने किया। इससे पूर्व कार्यक्रम का शुभारंभ मॉ सरस्वती की प्रतिमा पर मार्ल्यापण एवं दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। अतिथि का स्वागत पुष्पगुच्छ एवं स्मृति चिन्ह प्रदान कर किया गया। संचालन आईक्यूएसी की समन्वयक डॉ. पारूल जैन ने किया। इस अवसर पर मुख्य रूप से डॉ. पी.के सेन, प्रो. सत्यगोपाल जी, प्रो. अनूप कुमार मिश्रा, प्रो. मधु सिसौदिया, प्रो. विनोद कुमार चौधरी, डॉ. विजय नाथ दूबे, डॉ. राहुल, डॉ. मुकेश कुमार सिंह, डॉ. हबीबुल्लाह, डॉ. मीनू लकड़ा, कुॅवर शशांक शेखर, सुनन्दन भट्टाचार्य, सुरजीत आदि अध्यापक एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।  

Art competition में सोनू, निखिल, गौरव का जलवा

कला शिक्षक आतिफ ने किया छात्रों को पुरस्कृत 



Varanasi (dil india live). कमलापति त्रिपाठी बॉयज इंटर कॉलेज कैंट में चित्रकला कंपटीशन का आयोजन कॉलेज के प्रिंसिपल विपुल श्रीवास्तव के निर्देश पर कला टीचर आतिफ मोहम्मद खालिद की अगुवाई में किया गया। गांधी जयंती के अवसर पर हुए इस आयोजन में सोनू कुमार को प्रथम तो निखिल कनौजिया को दूसरा व गौरव प्रजापति तीसरे स्थान पर रहे।

इस दौरान बेहतर कार्य करने वाले तीनों छात्रों को कला अध्यापक आतिफ मोहम्मद खालिद ने पुरस्कृत किया।

बुधवार, 12 अक्टूबर 2022

Government hospital में लापरवाही का आरोप

लापरवाही के कारण डेंगू मरीजों को हो रही परेशानी 
Varanasi (dil india live). शहरी, देहाती इलाकों में तेज़ी से डेंगू पाव पसार रहा है। सरकारी अस्पतालों की दुर्दशा काफी दयनीय  होने के कारण मरीजों को इलाज में भारी दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है।

सरकारी मशीनरी पर यह आरोप कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष फसाहत हुसैन बाबू, उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी अल्पसंख्यक विभाग के प्रदेश महासचिव हसन मेहंदी कब्बन व विधि विभाग के प्रदेश उपाध्यक्ष अशोक सिंह एडवोकेट ने लगाया है।

एक विज्ञप्ति में तीनों ने कहा की डेंगू, टाईफाइड, मलेरिया, जैसे रोग आम जनमानस को जकड़े हुए हैं, सरकारी अस्पतालों की दुर्दशा से मरीज काफी परेशान हो रहे हैं, अस्पतालों में बेड कि कमी बताकर मरीजों को वापस कर दिया जा रहा है। जिससे मजबूर होकर मरीज प्राइवेट अस्पतालों की शरण ले रहे हैं, जहां खूब जमकर उनका खून चूसा जा रहा है। लेकिन स्वास्थ्य विभाग नगर निगम के कान पर जूं नहीं रेंग रही है।

उक्त नेताओं ने मांग की है अविलंब नगर निगम स्वास्थ्य विभाग की टीम प्रत्येक वार्ड प्रत्येक मोहल्ले प्रत्येक गलियों में दवा का छिड़काव कराते, सफाई व्यवस्था चुस्त-दुरुस्त कराए, साथ ही सभी सरकारी अस्पतालों में पर्याप्त मात्रा में बेड की व्यवस्था की जाए और सही ढंग से मरीजों को दवा वितरण किया जाए।

उक्त नेताओं ने विधायक, नगर प्रमुख व सभासदों से अपने-अपने वार्डों में प्रत्येक गली में दवा का छिड़काव, सफाई व्यवस्था चुस्त एवं मच्छर मारने की दवा फागिंग कराने की मांग की। साथ ही जिला प्रशासन से मांग की इस विषम परिस्थितियों में प्राइवेट अस्पतालों के लूट घसोट पर अंकुश लगाने की मांग दोहराई। ताकि मरीज अपना सुलभ तरीके से इलाज करा सकें।