मंगलवार, 7 दिसंबर 2021

मुकेश पांडेय बुंदेलखंड विवि के नये कुलपति


लखनऊ 07दिसंबर (dil india live) उत्तर प्रदेश की राज्यपाल एवं विश्वविद्यालयों की कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल ने प्रोफेसर मुकेश पाण्डेय को झांसी स्थित बुंदेलखंड विश्वविद्यालय का नया कुलपति नियुक्त किया है। राज्यपाल के अपर मुख्य सचिव महेश कुमार गुप्ता ने उक्त खबर की पुष्टि की। बताया कि राजीव गांधी प्रौद्यौगिकी विश्वविद्यालय, भोपाल के निदेशक प्रोफेसर मुकेश पाण्डेय को कार्यभार ग्रहण करने की तिथि से तीन वर्ष की अवधि के लिए बुन्देलखण्ड विश्वविद्यालय, झांसी का कुलपति नियुक्त किया गया है।

सोमवार, 6 दिसंबर 2021

स्वच्छता स्वास्थ्य के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण

अग्रसेन में इलीट ने लगवायी सैनेटरी मशीन

वाराणसी 06 (dil india live)। श्री अग्रसेन कन्या पी. जी. कालेज, बुलानाला में वाराणसी इलीट लेडीज़ सर्किल 178 और वाराणसी इलीट राउंड टेबल 278 द्वारा सैनिटेरी नैप्किन वेंडिंग मशीन लगाई गई। इस दौरान लेडीज सर्किल की अध्यक्ष वेणु नागर व सचिव सुरभि मोदी ने महाविद्यालय की छात्राओ को माहवारी के सम्बन्ध में जानकारी देते हुए कहा कि इन दिनों में स्वच्छता का विशेष ध्यान दिया जाता है, और स्वच्छता स्वास्थ्य के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। क्लब द्वारा वेन्डिग मशीन के साथ-साथ 1000 सैनेटरी नैपकिन भी प्रदान की गई। 

इस अवसर पर श्री अग्रसेन कन्या पी. जी. कालेज  की डॉ. सुमन मिश्रा, डॉ. विनीता, डॉ. मीना अग्रवाल और लेडीज़ सर्कल की  स्नेहा लखवानी , ज्योति माहेश्वरी , श्वेता पाठक, अनुश्री अग्रवाल एवं राउंड टेबल के अमित मोदी,  रजत अग्रवाल, अंशुमन अग्रवाल उपस्थिति रहे।



वसीम हो गए हरबीर

शिया वक्फ बोर्ड के पूर्व चेयरमैन हैं वसीम रिज़वी

लखनऊ 06 दिसंबर(dil india live)। शिया वक्फ बोर्ड के पूर्व चेयरमैन वसीम रिजवी ने सोमवार को इस्लाम को अलविदा कहकर हिंदू धर्म अपना लिया है। इसके साथ ही उन्होंने अपना नाम रखा है हरबीर नारायण सिंह त्यागी।सोमवार सुबह गाजियाबाद में यति नरसिंहानंद सरस्वती ने सनातन धर्म में उनकी वापसी करवाई। इस मौके पर वसीम रिजवी ने कहा कि मुझे इस्लाम से बाहर कर दिया गया है, हमारे सिर पर हर शुक्रवार को इनाम बढ़ा दिया जाता है, ऐसे में मैं सनातन धर्म अपना रहा हूं। देश की राजधानी दिल्ली से सटे गाजियाबाद में स्थित शिव शक्ति धाम डसना के पीठाधीश्वर महंत नरसिंहानंद गिरी ने वसीम रिजवी का डासना मंदिर में ही विधि विधान से संस्कार किया। बताया जा रहा है कि धर्म परिवर्तन के बाद वह त्यागी बिरादरी से जुड़ गए हैं और उनका नाम हरबीर नारायण सिंह त्यागी होगा। हाल ही में वसीम रिजवी डासना मंदिर में महंत नरसिंहानंद गिरी से मिले थे और उन्होंने धर्म से जुड़ी विभिन्न बातों पर चर्चा की थी। कट्टरपंथी विचार रखने वाले लोगों से लगातार वसीम रिजवी को धमकी मिल रही थी। पिछले दिनों उन्होंने अपनी वसीयत में भी लिख दिया था

बाबरी मसजिद की बरसी पर बंद रहा मुसलिम कारोबार

6 दिसंबर: दालमंडी कपड़ा मार्केट में पसरा सन्नाटा

बाबरी मस्जिद की बरसी पर सोमवार को मुस्लिम करोबार पूरी तरह बंद रहा। इससे करोड़ो के टर्न ओवर प्रभावित होने का अनुमान है। बता दे कि 1992 से लगातार बरसी मनाने का सिलसिला जारी है। इस बंदी से करोड़ो का टर्न ओवर प्रभावित होता है। एक रिर्पोट....

 



सरफराज अहमद

वाराणसी 6 दिसंबर (dil india live)। बाबरी मस्जिद की शहादत पर सोमवार को शहर के मुस्लिमों ने अपना कारोबार बंद रखा। इस दौरान प्रमुख मुस्लिम बाजार दालमंडी नई सड़क, कपड़ा मार्किट, बेनिया, सरायहड़हा, भीखाशाह गली, नारियल बाजार, छत्तातले, घुघरानी गली, कच्ची सराय, चाहमामा, कोदई चौकी व चौक आदि इलाके की दुकानों के शटर भी नही उठें। इन इलाकों में लोग वर्ष 1992 से लगातार मस्जिद शहीद किये जाने के गम में अपना- अपना करोबार बंद रखते है। पहले इसके लिए आलमीन सोसायटी बंद की अपील करती थी शिवाला में अध्यक्ष परवेज कादिर खाँ की अगुवाई में धरना दिया जाता था। घरों और मस्जिदों में दुअख्वानी होती थी।हालॉकि अब इसके लिए न तो कोई अपील होती है और न ही कोई एलान बावजूद इसके स्वेच्छा से सभी अपने करोबार को बंद रखते है। 

लग जाती हैं बंद की तख्तिया 

प्रमुख मुस्लिम इलाको में बंदी की अपील वाली तख्तिया लगी हुई है। जिस पर लिखा है कि आज काला दिवस है दुकाने नहीं खुलेंगी। एक अनुमान के मुताबिक बंदी से तकरीबन 5 से 10 करोड़ से ज्यादा का टर्न ओवर प्रभावित होता है। 

अमन के लिए बंद हुआ धरना

कुछ वर्ष पूर्व तक आलमीन सोसायटी की ओर से शिवाला पर धरना प्रदर्शन किया जाता था और मगर बनारस बंद की अपील जाती थी, मगर कुछ वर्ष पूर्व अमनो-मिल्लत बनाये रखने के लिए यह आयोजन बंद हो गया। मगर बनारस के मुस्लिम अपना कारोबार बंद करके अपने गम का इजहार करते है बंदी के चलते हड़हा सराय का बिसातबाने का कारोबार बेनिया का प्लास्टिक, नई सड़क का कपड़ा व्यवसाय, दालमंडी का इलेक्ट्रनिक पार्ट्स रेडीमेट होजरी समेत तमाम करोबार बंद रहता है।

यीशु आया ज़मी पे नाचे सारा आसमान....

आगमन के दूसरे संडे को कैरोल सिंगिंग संग सजे चर्च



 

वाराणसी 06 दिसंबर (dil india live)। प्रभु यीशु के आगमन के दूसरे संडे को कैरोल सिंगिंग संग चर्च सज गए। इस दौरान शहर भर के गिरजाघरों में गीत, यीशु आया जमी परे नाचे सारा आसमान-आसमान...। की गूंज फिज़ा में सुनाई देने लगी तो कहीं, अमन के राजकुमार तेरा हो अभिषेक...गाया गया।दरअसल क्रिसमस 25 दिसंबर को मनाया जायेगा मगर क्रिसमस सीजन का आगाज पिछले इतवार को ही हो गया था। इस संडे प्रभु यीशु आगमन का दूसरा संडे था। इस दौरान गिरजाघरो में यीशु की स्तूति के गीत देर रात तक गूंजते रहे। आराधना और प्रार्थना का दौर अलग अलग चर्चेज में सुबह से शाम तक चलता रहा। इसी के साथ अब क्रिसमस अपने रंग में रंगता चला जायेगा। 25 दिसंबर यानी प्रभु यीशु के जन्म पर क्रिसमस अपने शबाब पर होगा।

 आगमन काल प्रभु यीशु के आगमन की आध्यात्मिक तैयारी को कहते है जो आज से 2021 वर्ष पूर्व ईसा मसीह के जन्म के साथ पूरा हुआ था। उसी ईसा मसीह की जयंती के लिए खुद को हृदय से तैयार करने का समय आगमन काल कहलाता है। महागिरजा घर में फादर विजय शांतिराज, चर्च आफ बनारस में पादरी बेन जान, रामकटोरा चर्च में पादरी आदित्य कुमार, लाल चर्च में पादरी संजय दान, सेंट पाल चर्च में पादरी सैम जोशुआ सिंह, यीभु माता चर्च में फादर राजा, सेंट बेटलफुल गॉस्पल में पास्टर एंड्रू शामस व ईसीआई चर्च में नवीन ज्वाय व दशरथ पवार ने प्रार्थना कराई।

प्रभु यीशु का धन्यवाद

क्रिसमस भले ही 25 को दुनिया भर में मनाया जाता हो मगर क्रिसमस की तैयारियां क्रिसमस के पूर्व पड़ने वाले चार इतवारों में से पहले इतवार से ही शुरू हो जाती है। यह आगमन का दूसरा इतवार था। पास्टर एसपी सिंह ने कहा कि प्रभु यीशु ने हमें जो जिन्दगी दी है उसके सदा हम आभारी है, हमारा फर्ज हैं कि हम भी प्रभु यीशु की सदा स्तूति करें।

 

रविवार, 5 दिसंबर 2021

दीन की दावत दे गये मुफ्ती शमशाद

गौस़े आज़म की सजी महफिल, बंटी रात भर नेकी 



वाराणसी 05 दिसंबर(dil india live)। सरैयां नीबू की बाग़ में तंजीम फैजाने गौसे आजम कमेटी की ओर से सालाना जलसे का आयोजन किया गया। जलसे की सदारत मौलाना महबूब आलम साहब ने किया। घोसी से आये मशहूर आलिमे दीन मौलाना मुफ़्ती शमशाद आलम साहब ने अपनी तकरीर में  कहा की दीन के बताये हुए रास्ते पर अगर इंसान चले तो दुनिया और आखिरत दोनों संवर सकती है। आप सब ईमान के पक्के बनिए, पांचो वक्त नमाज अदा करिये और अपने बच्चों को दिनी और दुनियावी दोनों तालीम दें। तालीम से बढ़ कर कुछ नहीं है। आपस में मिल्लत बनाये रखिये, गरीबो की मदद करिए। मुफ्ती शमशाद साहब की नेकी की दावत के बाद नातिया मुशायरा हुआ। जिसमें टांडा से आये मशहूर शायर मुमताज़ टांडवी ने रूहानी नातिया कलाम पेश किया तो लोग, सुब्हान अल्लाह...की सदाएं बुलंद करते दिखें। 

सकलैंन वजाहत बनारसी और दानिश इलाहाबादवी ने भी उम्दा कलाम से लोगों को देर रात तक बांधे रखा। इस मौके पर मेहमाने खुसूसी पार्षद हाजी ओकास अंसारी, पार्षद शफीकुज़्ज़मा भी शामिल हुए। सरदार शोएब, सरदार मतिउर्रहमान, सिराजुद्दीन महतो, डॉ. अफ़ज़ाल, हफीजुर्रहमान अंसारी, नफीस कुरैशी, लाल, असीम अहमद आदि लोग मौजूद थे।

गंगा घाट पर जारी किया पिक्चर पोस्टकार्ड और विशेष विरूपण

काशी के वैभव को सहेजते हैं गंगा के घाट: पीएमजी

गंगा घाट पर प्राचीन काल से विकसित हुई भारतीय संस्कृति : कृष्ण कुमार यादव



वाराणसी 05 दिसंबर(dil india live)। काशी के गंगा घाटों की जगप्रसिद्ध महिमा है। यहां जीवन से लेकर मृत्यु तक का राग सुना जा सकता है। सिर्फ धर्म और अध्यात्म ही नहीं बल्कि ज्ञान की गंगा भी यहाँ बहती है। उक्त उद्गार वाराणसी परिक्षेत्र के पोस्टमास्टर जनरल श्री कृष्ण कुमार यादव ने आजादी का अमृत महोत्सव के क्रम में 'वाराणसी के घाट' पर डाक विभाग द्वारा पिक्चर पोस्टकार्ड का अनावरण और विशेष विरूपण जारी करते हुए व्यक्त किये। प्रयाग फिलेटलिक सोसाइटी, इलाहाबाद के तत्वावधान में वाराणसी प्रधान डाकघर में आयोजित कार्यक्रम में पोस्टमास्टर जनरल ने प्रवर डाक अधीक्षक राजन राव, गंगा सेवा निधि ट्रस्ट बोर्ड के सचिव हनुमान यादव, सीनियर पोस्टमास्टर चंद्रशेखर सिंह बरुआ, प्रयाग फिलेटलिक सोसाइटी के संयोजक राहुल गांगुली संग उक्त पिक्चर पोस्टकार्ड का अनावरण किया।

पोस्टमास्टर जनरल श्री कृष्ण कुमार यादव ने कहा कि काशी में जीवनदायिनी गंगा नदी के किनारे अर्द्धचन्द्राकार में फैले हुए इन घाटों पर प्राचीन काल से ही भारतीय संस्कृति विकसित हुई है। ये घाट काशी के वैभव और विरासत को सहेजते हैं। ऐसे में डाक विभाग द्वारा इन पर जारी पिक्चर पोस्टकार्ड राष्ट्रीय -अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर इसे नए आयाम देंगे। श्रद्धालुओं, फिलेटलिस्ट, पर्यटकों, युवाओं, आमजन के साथ-साथ वाराणसी की विरासत को सहेजने वाले शोधार्थी भी इसे महत्वपूर्ण पाएंगे।

गंगा सेवा निधि ट्रस्ट बोर्ड के सचिव हनुमान यादव ने कहा कि गंगा घाट पर नित्य शाम होने वाली गंगा आरती की आकर्षक छटा इसे दिव्यता प्रदान करती है। देश-दुनिया से लोग आकर इसके मनोहारी दृश्य का साक्षी बनना चाहते हैं। ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष आशीष तिवारी ने कहा कि डाक विभाग और प्रयाग फिलेटलिक सोसाइटी की यह पहल सराहनीय है। 

वाराणसी पूर्वी मण्डल के प्रवर डाकघर अधीक्षक राजन राव ने कहा कि गंगा के किनारे कुल 88 घाट इसे जीवंतता प्रदान करते हैं। ₹ 26 में ये पोस्टकार्ड वाराणसी फिलेटलिक ब्यूरो सहित देश के अन्य ब्यूरो में भी उपलब्ध कराए जाएंगे। प्रयाग फिलेटलिक सोसाइटी के संयोजक राहुल गांगुली ने अतिथियों का स्वागत, सीनियर पोस्टमास्टर चंद्रशेखर बरुआ ने आभार ज्ञापन और गणेश गंभीर ने संचालन किया।