रविवार, 14 सितंबर 2025

UP K Varanasi Main TET के विरोध में बना Teachers का टेट मुक्ति संयुक्त मोर्चा

समस्त शिक्षक संगठनों के पदाधिकारी हुए एकजुट, किया संघर्ष का ऐलान

Varanasi (dil india live). वाराणसीमें रविवार को टेट की अनिवार्यता के मुद्दे पर समस्त शिक्षक संगठनों के पदाधिकारी एकजुट हुए, और इस मुद्दे पर संघर्ष का न सिर्फ ऐलान किया बल्कि "टेट मुक्ति संयुक्त मोर्चा" का भी गठन किया गया। 

इससे पहले कंपोजिट स्कूल अर्दली बाजार में टेट (TET) अनिवार्यता लागू होने से पूर्व के नियुक्त शिक्षकों को टेट से मुक्ति के संदर्भ में एक विशाल ज्ञापन / चरणबद्ध आंदोलन के लिए बैठक कर रणनीति तैयार की गई। बैठक में आम सहमति से यह निर्णय लिया गया कि टेट की अनिवार्यता सम्बन्धी काले क़ानून के खिलाफ उक्त मोर्चा के नेतृत्व में निर्णायक संघर्ष होगा। इस क्रम में आंदोलन के प्रथम चरण में आगामी 20 सितंबर को समय 2.30 बजे वाराणसी जनपद के समस्त शिक्षक/ शिक्षिकायें जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय वाराणसी परिसर में एकत्र होकर वहां से एक भारी जलूस के रूप में प्रधानमंत्री व मानव संसाधन विकास मंत्री भारत साकार को संबोधित ज्ञापन जिला अधिकारी वाराणसी को सौंपेंगे।      


बैठक में दावा किया गया की किन्ही कारणों से उपस्थित न हो सकने वाले संगठनों के जनपदीय अध्यक्ष /मंत्री यथा, उ प्र महिला शिक्षक संघ, विशिष्ठ बी टी सी शिक्षक वेलफेयर शिक्षक संघ, राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ सहित अन्य संगठनों ने अपनी सहमति व्यक्त की है तथा मोर्चा के साथ इस संघर्ष में तन -मन -धन से आंदोलन को अंजाम तक पहुंचाने का संकल्प दुहराया है और प्रधानमंत्री का संसदीय क्षेत्र होने के कारण जनपद की भूमिका अहम् होने की सभी ने संकल्प लिया l 

   


 बैठक में जिला अध्यक्ष उत्तर प्रदेशीय पूर्व माध्यमिक शिक्षक संघ विनोद कुमार उपाध्याय, जिला अध्यक्ष उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ सकलदेव सिंह, जिला महामंत्री मंत्री उत्तर प्रदेशीय जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ रविंद्र नाथ यादव, जिला मंत्री उ प्र प्राथमिक शिक्षक संघ डा. शैलेन्द्र बिक्रम सिंह, मंडल महामंत्री आनंद कुमार सिंह, जिला उपाध्यक्ष प्राथमिक शिक्षक संघ विनोद कुमार सिंह, बी एन यादव (जिलामंत्री  अटेंवा),  सुरेश कुमार सिंह (जिलाध्यक्ष t s c t), एहतेशामुल हक (जिलाध्यक्ष उर्दू बीटीसी शिक्षक संघ), राजीव सिंह (जिला संयुक्त मंत्री), शिवजतन यादव (जिला मंत्री), संतोष कुमार सिंह (अध्यक्ष सेवापुरी), शशिकांत दुबे (मंत्री सेवापुरी), राजेश कुमार सिंह (जिला कोषाध्यक्ष), डा. राजेश्वर सिंह (अध्यक्ष हरहुआ), संजय कुमार श्रीवास्तव (अध्यक्ष पूर्व माध्यमिक शिक्षक संघ हरहुआ), अजय कुमार श्रीवास्तव (उपाध्यक्ष),  बृजेश कुमार यादव (t s c t), अमित कुमार सिंह (t s c t),  अनन्त प्रकाश रस्तोगी (t s c t),  मोहनलाल (मंत्री बड़ागांव),  शैलेन्द्र कुमार पांडे (संयुक्त मंत्री), प्रशांत कुमार उपाध्याय उपाध्यक्ष (चिरईगांव),  श्रीपति राम (संयुक्त मंत्री), जितेंद्र कुमार सिंह (अध्यक्ष चोलापुर), बाबूलाल (नगर अध्यक्ष) आदि पदाधिकारी उपस्थित रहे। बैठक की अध्यक्षता सकलदेव सिंह तथा संचालन रविन्द्र नाथ यादव ने की।

शनिवार, 13 सितंबर 2025

UP K Varanasi Main Hazrat Bahadur शहीद बाबा का उर्स अकीदत के साथ मना

हज़रत बहादुर शहीद के दर से फ़ैज़ उठाकर लौटें जायरीन 

फिर आएंगे अगली बार, तब तक अलविदा बहादुर शहीद बाबा...






Mohd Rizwan 
Varanasi (dil India live). किसी शायर ने क्या खूब लिखा है ''कोई हिंदू न मुसलमां न ईसाई है, गुलशन-ए-हिंद में मिलजुल कर बहार आई है...'' शायर के अशरार की तस्दीक हुई हज़रत बाबा बहादुर शहीद रहमतुल्लाह अलैह के उर्स में के दौरान। हजरत सैयद बाबा बहादुर शहीद रहमतुल्लाह अलैह के कैंटोनमेंट स्थित आस्ताने पर उर्स के दौरान धर्म और मजहब की दीवारे टूटती दिखाई दी। क्या हिंदू क्या मुस्लिम, सभी मजहब के लोग बाबा के दर पर मन्नते और मुराद मांगते दिखाई दिए। दो दिनी उर्स में पहले रोज़ उलेमाओं ने नबी की जिंदगी और औलिया-ए- कराम के करामत पर रोशनी डाली, बाबा का दर नज़्म और हमदो सना से गूंज रहा था, नातिया शायर कलाम पेश करते नजर आए. इस दौरान चादर गागर का नजराना पेश किया गया। शाम में मगरिब की नमाज के बाद समीउल्लाह बाबू भाई के आवास से सरकारी चादर का जुलूस निकला जो अपने परम्परागत रास्तों से होते हुए बाबा के दर पर पहुंचा, जहां लोगों ने अकीदत और एहतराम के साथ बाबा की चादरपोशी की। इस दौरान दोनों मज़हब के लोग इस तरह घुले मिले थे कि यह पहचान करना मुश्किल था कि कौन हिन्दू है और कौन मुसलमान? शनिवार को उर्स सम्पन्न होने का ऐलान अम्न और सौहार्द की सदाओं के साथ हुआ। इस दौरान तमाम जायरीन अलविदा हज़रत बहादुर शहीद...कहकर अपने घरों को लौट गए।

फैज और सुकुन पाने आते हैं अकीदतमंद

छावनी स्थित हजरत बाबा बहादुर शहीद रहमतुल्लाह अलैह का दर लोगों की अकीदत का मरकज है। यह दर लोगों की बिगड़ी बनाने के लिए मशहूर है। जो परेशानहाल है या फिर भूत प्रेत ने जिन्हें घेर रखा है, या फिर जिसे औलाद नहीं हो रही है ऐसे लोग बाबा के सद्भावना पार्क स्थित आस्ताने पर दस्तक देते हैं और यहां से फैज और सुकुन पाकर वापस लौटते हैं। 

गद्दीनशी मो. सग़ोरुल्लाह खां बाबू व समीउल्लाह खां दावा करते हैं कि यह आस्ताना मिल्लत का मरकज है यहां सभी मजहब के लोग बिना किसी भेदभाव के हाजिरी लगाने उमड़ते हैं। 

VKM Varanasi Main राष्ट्रीय पोषण माह के तहत हुआ व्याख्यान

आहार, पोषण पर हुआ व्याख्यान

पढ़ाई के साथ-साथ पोषण के प्रति जागरूक रहने पर दिया गया ज़ोर


Varanasi (dil india live). वसंत कन्या महाविद्यालय के गृह विज्ञान विभाग द्वारा राष्ट्रीय पोषण माह 2025 के अन्तर्गत  शनिवार (13.09.2025) को छात्राओं के लिए आहार एवं पोषण विषय पर व्याख्यान एवं डायट काउंसलिंग कैंप का आयोजन किया गया। सत्र के प्रारंभ में महाविद्यालय की प्राचार्या प्रोफेसर रचना श्रीवास्तव ने छात्राओं को पढ़ाई के साथ-साथ पोषण के प्रति भी जागरूक रहने का आह्वाहन किया। कार्यक्रम के तहत महाविद्यालय के फैकल्टी एवं स्टाफ द्वारा ” कुक स्मार्ट ईट स्मार्ट ” थीम के तहत तैयार किए गए रेसिपी का भी प्रदर्शन किया गया। प्रतिभागियों में प्रोफेसर निहारिकाल लाल, प्रोफेसर संगीता देवड़िया, प्रोफेसर इंदु उपाध्याय, प्रोफेसर ममता मिश्रा, डाॅ. कल्पना आनंद, डाॅ. सपना भूषण, डाॅ. सुनीता दीक्षित, डाॅ. सिमरन, डाॅ. सुप्रिया सिंह, डाॅ. सरोज उपाध्याय एवं श्रीमती प्रविशा की सहभागिता रही। 



निर्णायक के तौर पर ओरियाना हाॅस्पिटल की मुख्य आहार विशेषज्ञ मंशा सिंह एवं प्राचार्या प्रो. रचना श्रीवास्तव की महत्वपूर्ण भूमिका थी। कुकिंग कंपटीशन के विजेताओं को प्रथम द्वितीय एवं तृतीय पुरस्कार से सुशोभित किया गया। काउंसलिंग कैंप के तहत मनसा एवं उनकी टीम के द्वारा काॅलेज की छात्राओं के पोषण स्तर का मूल्यांकन, शारीरिक भार एवं मापन एवं क्लीनिकल परीक्षण भी किया गया । कार्यक्रम का आयोजन डाॅ. संगीता देवड़िया के संरक्षण एवं संयोजन डाॅ. गरिमा उपाध्याय एवं डाॅ. प्रियंका द्वारा किया गया। कार्यक्रम को सफल बनाने मे कार्यक्रम मे गैरशैक्षणिक कर्मचारी योगिता, पद्मा एवं सोनी का भी सहयोग रहा।

Ai केवल आंकड़ो पर निर्भर जबकि मनुष्य संवेदनशील- Professor Rakhi Garg

DAV PG College Main Ai पर खुली परिचर्चा

Varanasi (dil india live). Ai (एआई) का मानव जीवन पर प्रभाव विषय पर शनिवार को डीएवी पीजी कॉलेज में परिचर्चा का आयोजन हुआ। अंग्रेजी विभाग के तत्वावधान में आयोजित  परिचर्चा में महिला महाविद्यालय, काशी हिन्दू विश्वविद्यालय के कंप्यूटर साइंस विभाग की प्रमुख प्रो. राखी गर्ग ने कहा कि एआई कितना भी उन्नत क्यों न हो जाए, वह मनुष्य की संवेदनशीलता, रचनात्मकता और भावनात्मकता की बराबरी नहीं कर सकता। इंसान अपने अनुभव और नैतिक मूल्यों के आधार पर निर्णय लेता है, जबकि एआई केवल आंकड़ो पर निर्भर है। उन्होंने कहा कि जहाँ गणना, तर्क और गति की आवश्यकता होती है, वहाँ एआई मानव से आगे निकल सकता है। लेकिन जहाँ नैतिकता, सहानुभूति, कल्पना और मानवीय मूल्यों की जरूरत होती है, वहाँ एआई मनुष्य का स्थान नहीं ले सकता। उन्होंने यह भी कहा कि एआई जीवन को सुविधाजनक और आसान बनाने का साधन है, लेकिन वह मानव जीवन का विकल्प कभी नहीं बन सकती। भविष्य का सही मार्ग इंसान और एआई के बीच सहयोग ही है।

       


कार्यक्रम संयोजक एवं उपाचार्य प्रो. संगीता जैन ने कहा कि एआई कभी भी मानव ज्ञान की जगह नहीं ले सकता है, क्योंकि एआई को हमने बनाया है और मानव को ईश्वर ने बनाया है। उन्होंने डिजिटल डिमेंशिया की बात भी कही और बताया कि एआई का ज्यादा प्रयोग हमें डिजिटली डिमेंशिया का शिकार भी बना सकता है। परिचर्चा में बड़ी संख्या में विद्यार्थियों ने भी विचार रखे।

      अतिथियों का स्वागत प्रबंधक अजीत कुमार सिंह यादव ने स्मृति चिन्ह एवं बुके प्रदान कर किया। अध्यक्षता कार्यवाहक प्राचार्य प्रो. मिश्रीलाल ने किया। कार्यक्रम का संचालन डॉ. वन्दना बालचंदनानी एवं धन्यवाद ज्ञापन डॉ. पारुल जैन ने दिया। इस मौके पर डॉ. इंद्रजीत मिश्रा, डॉ. नजमुल हसन, डॉ. महिमा सिंह, खितेश विराट शर्मा, प्रज्ञा अग्रवाल आदि उपस्थित रहें। परिचर्चा में स्वर्णिल भट्टाचार्य, अखण्ड, ऐश्वर्य रंजन, सोनू, राजश्री बोस, अंकुर, तनिष्क आदि विद्यार्थियों ने विचार रखें। 

शुक्रवार, 12 सितंबर 2025

Education: VKM Varanasi Main नव प्रवेशित छात्राओं के लिए हुआ अभिमुखीकरण कार्यक्रम

वीकेएम के गौरवपूर्ण शैक्षिक और सांस्कृतिक उपलब्धियों से नयी छात्राएं हुई परिचित

Varanasi (dil india live). वसन्त कन्या महाविद्यालय में आन्तरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ (आइक्यूएसी) के तत्त्वावधान में छात्रा सलाहकार एवं अनुशासन समिति द्वारा  सत्र  2025-26 में महाविद्यालय के स्नातक प्रथम वर्ष कला, सामाजिक विज्ञान और वाणिज्य वर्ग में नव प्रवेशित छात्राओं के लिए अभिमुखीकरण कार्यक्रम आयोजित हुआ। आयोजन का मुख्य उद्देश्य छात्राओं को महाविद्यालय की शैक्षणिक, सह-पाठ्यक्रमीय, अनुशासन सम्बन्धी एवं प्रशासनिक संरचना तथा छात्र गतिविधियों में छात्राओं की सक्रिय भागीदारी को बढ़ावा देना था। 

इस दौरान प्राचार्या प्रो. रचना श्रीवास्तव ने नवागतों का स्वागत करते हुए उन्हें महाविद्यालय के गौरवपूर्ण शैक्षिक और सांस्कृतिक उपलब्धियों से परिचित कराते हुए अपने व्यक्तित्व के समुचित विकास करने के लिए प्रेरित किया। छात्र सलाहकार डॉ.मंजू कुमारी ने महाविद्यालय की कार्यप्रणाली, अनुशासन व नीति तथा छात्र विकास कार्यक्रमों की विस्तृत जानकारी दी।इसके बाद डॉ. विजय कुमार ने पाठ्य विषय सम्बन्धी  जिज्ञासाओं का समाधान किया। इस मौके पर डॉ.शुभ्रा सिन्हा ने महाविद्यालयीय छात्रवृत्तियों की जानकारी दी। 



आईक्यूएसी समन्वयक द्वय डॉ. नैरंजना श्रीवास्तव एवं डॉ. शशिकला सहित प्रो.ममता मिश्रा, प्रो. पूनम पाण्डेय, प्रो. सीमा वर्मा, डॉ.सुमन सिंह, डॉ.सुनीता दीक्षित, डॉ.आरती कुमारी, डॉ. आरती चैधरी, डाॅ. पूनम वर्मा आदि प्राध्यापकगण उपस्थित थे।

इसी के साथ एनी बेसेन्ट सभागार में ‘वैल्यू एडेड कोर्स’ के अन्तर्गत काशी हिन्दू विश्वविद्यालय द्वारा इस सत्र में जोड़े गये Understanding the Principles of Theosophy  पाठ्यक्रम के अंतर्गत आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि डाॅ0 विभा सक्सेना ने अपने उद्बोधन में महाविद्यालय की स्थापना में एनी बेसेन्ट की भूमिका को रेखांकित करते हुए उन्होंने भारतीय सभ्यता, संस्कृति एवं आधुनिकता के मध्य सामंजस्य के लिए ‘वैल्यू एडेड कोर्स’ की महत्ता को रूपायित किया। उन्होनेे थियोसाॅफी के तीन आधार स्तम्भ सेवा, अध्ययन और ध्यान के साथ थियोसाॅफिकल सोसाइटी के उद्देश्य, ‘मानवता की सेवा’ पर भी प्रकाश डाला। 

कार्यक्रम का संचालन डाॅ. प्रतिमा सिंह एवं कोर्स की समन्वयक प्रो. ममता मिश्रा ने धन्यवाद ज्ञापन किया। इस अवसर पर महाविद्यालय के शिक्षक/शिक्षिकाएं एवं थियोसाॅफिकल सोसाइटी के सदस्य उपस्थित थे।

Hazrat Baba Bahadur शहीद रहमतुल्लाह अलैह का Urs शुरू

आस्था और अकीदत का मरकज़ है हज़रत बहादुर शहीद का आस्ताना 

हज़रत बहादुर शहीद के दर पर उमड़ा जनसैलाब


 

Varanasi (dil India live). वाराणसी में कैंटोंमेंट के सद्भावना पार्क स्थित हजरत बाबा बहादुर शहीद रहमतुल्लाह अलैह का दर लोगों की अकीदत का मरकज़ है। यह दर लोगों की बिगड़ी बनाने के लिए मशहूर है। जो परेशानहाल हैं या फिर भूत प्रेत ने जिन्हें घेर रखा है, या जिसे औलाद नहीं हो रही है ऐसे लोग बाबा के आस्ताने पर दस्तक देते हैं और यहां से सुकुन पाकर, अपनी झोली भर कर वापस लौटते हैं। गद्दीनशीं मो. सग़ीरुल्लाह खां दावा करते हैं कि यह आस्ताना मिल्लत का मरकज़ है यहां सभी मज़हब के लोग बिना किसी भेदभाव के हाजिरी लगाने उमड़ते हैं। वो दिखाते हैं कि ये देखिये भूतों से छुटकारा पाने के लिए झूमती औरतें, पुरुष और बुजुर्ग दिन भर यहां आते हैं और बाबा के फैज़ से ठीक हो कर यहां से जाते हैं। यहां आने वालों का भरोसा बाबा में है जो उन्हें इस आधुनिक युग में भी जिसमें साइंस भूत-प्रेत जैसी बातों को नहीं मानता, फिर भी तमाम लोग हज़ारों की संख्या में यहां से फ़ैज़ उठाने आते हैं। पूर्वांचल के साथ ही बिहार, दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, मुंबई तक से लोग यहां अपनी परेशानी दूर करने पहुंचते है। बाबा के उर्स में तो यहां जैसे मेला लगता है। आम दिनों में भी यहां काफी भीड़ होती है। हर जुमेरात व नवचंदी जुमेरात को भूत, प्रेत से छुटकारे के लिए जायरीन आते हैं। लोगों का दावा है कि शैतान (भूत) कितना भी शक्तिशाली हो बाबा के गुस्ल का पानी पड़ते ही वो पनाह मांगता है। यहां चार दशक से आ रहे बुजुर्ग शिव प्रसाद की माने तो बाबा के अंदर बहुत शक्ति है। वह भूत प्रेत सब खत्म कर देते है। बिहार के पटना से आए सुब्हान ने बताया पत्नी कई सालों से अस्वस्थ्य थी। यहां आने के बाद अब वह पूरी तरह ठीक हो गई है। पप्पू दरगाह पर हाजिरी लगाने आएं थे बताया बेगम की मानिसक स्थिति ठीक नहीं थी, काफी इलाज भी करवाया था, वह चार साल पहले मजार पर दुआ करने आई थी, अब वह धीरे-धीरे ठीक हो गयी। मज़ार के सज्जादानशीन बाबू भाई ने बड़ी सहजता से इसे गंगा जमुनी तहज़ीब का नायाब उदाहरण बताया। उन्होंने इस दरगाह के बारे में बताया कि जो लोग नजिस और नापाक होते है और हराम मौत मारे जाते है, उनकी रूह भटकती रहती है। वह लोगों को अपना शिकार बनाती है। साथ ही आज की दुनिया में लोग हसद और बदला लेने के लिए तमाम लोग जादू टोना करवाते है। ऐसे लोगों को इन बिमारियों व जादू टोने से छुटकारा मिलता है। 


हज़रत बाबा बहादुर शहीद का उर्स शुरू 

हज़रत बाबा बहादुर शहीद रहमतुल्लाह अलैह का उर्स गुस्ल के साथ जुमेरात की मध्यरात्रि शुरू हो गया । इस मौके पर गुस्ल का पानी सभी जायरीन में तकसीम किया गया। इसे लेने के लिए लोग दूर दराज़ से बाबा के दर पर जुटे हुए थे। माना जाता है कि गुस्ल के पानी से तमाम लोगों को अचूक फायदा होता है। इस दौरान सदर काजी ए शहर मौलाना हसीन अहमद हबीबी की सदारत में पहले रोज़ जश्ने ईद मिलादुन्नबी का जलसा हुआ । उन्होंने औलिया कराम की ज़िंदगी और उनकी रहनुमाई की चर्चा की। मौलाना ने कहा कि नबी और सहाबा के मिशन को औलिया-ए-कराम ने आगे बढ़ाया। हज़रत बहादुर शहीद के रास्ते पर उन्होंने लोगों से चलने की वकालत की तो मशहूर शायरों ने अपने कलाम से लोगों को देर रात तक बांधे रखा। 



हाफिज नौशाद आज़मी के लिए दुआएं 

इस मौके पर मौलाना हसीन अहमद हबीबी ने सेंट्रल हज कमेटी के पूर्व सदस्य हाफिज नौशाद आज़मी के इंतकाल का बाबा बहादुर शहीद रहमतुल्लाह के उर्स में आए हजारों लोगों के बीच ऐलान किया। उनकी हज की खिदमात पर उन्होंने रौशनी डाली। मरहूम हाफिज नौशाद आज़मी के लिए इस दौरान हजारों हाथों ने रब से दुआएं मगफिरत मांगी।

आज चढ़ेगी चादर

उर्स के दूसरे रोज़ जुमा की शाम चादर गागर का जुलूस बाबू भाई के दौलतखाने से निकलेगा जो मगरिब की नमाज़ के बाद बाबा के दर पर पहुंचेगा जहां बाबा की चादरपोशी की जायेगी व देर रात महफिले समां का आयोजन होगा।

गुरुवार, 11 सितंबर 2025

Central Hajj Committee के पूर्व सदस्य हाफिज नौशाद आज़मी का इंतकाल

भुलाई नहीं जा सकती हाफिज नौशाद आज़मी की खिदमात 

बनारस में भी अफसोस में डूबे हज से जुड़े खिदमतगार 

Varanasi (dil India live). हज सेवा समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष व सेंट्रल हज कमेटी के पूर्व निर्वाचित सदस्य हाफिज नौशाद आज़मी का लम्बी बीमारी के बाद आज इंतकाल हो गया है। वो अपने पीछे भरा पूरा परिवार छोड़ गए हैं। उन्हें कब सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा इसका ऐलान अभी बाकी है। संभावना जुमा की नमाज के बाद की जताईं जा रही है। 

गौरतलब हो कि हाफिज नौशाद आज़मी मऊ जिले के मोहम्मदाबाद गोहना थाना क्षेत्र के बंदी कला नगरी पार के रहने वाले हैं। वो तकरीबन तीन दशक से भी ज्यादा समय से हज यात्रियों की समस्याओं और उनकी सहूलियतों को लेकर संघर्ष करते रहे और कामयाब भी हुए। उनके प्रयास से ही लखनऊ और बनारस से हज की उड़ान शुरू हुई थी। बनारस से उड़ान बंद होने से वो काफी दुखी थे। बनारस से पुनः उड़ान और हज सब्सिडी जैसे मुद्दों पर उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में वाद दाखिल किया था जिसमें बीमारी के बावजूद तारीखों पर वो लगातार जाते थे। मदनपुरा के हाजी एखलाख ने उनके इंतकाल पर अफसोस जाहिर किया और कहा कि वो भले ही नगरी पार के थे मगर उनका एक पैर मुम्बई, तो दूसरा लखनऊ और बनारस में हुआ करता था। हज के काम से वो दिल्ली में भी लम्बे समय तक डटे रहा करते थे। उनका जाना बड़ा नुक़सान है। हाजी अबु जफर ने कहा कि इधर वो लगातार बीमार थे इसके बावजूद हज के काम में लगे हुए थे। उनकी कमी पूरी नहीं की जा सकती। पूर्वांचल हज सेवा समिति के हाजी रेयाज कादरी ने कहा कि उनसे मेरी ताल्लुकात बनारस से हज की उड़ान शुरू होने से पहले से थी। वो हमेशा हज के लिए दिन रात लगे रहते थे। इसरा के जनरल सेक्रेटरी हाजी फारुख खां ने कहा कि हाफिज नौशाद आज़मी साहब की झीनी ख़िदमात कभी भुलाई नहीं जा सकती। वो हमेशा हज यात्रा और हाजियों के लिए संघर्ष करते रहे। 

बता दें कि अगस्त में उनकी तबीयत बिगड़ी और वो गोरखपुर में एडमिट हुए वहां से उन्हें लखनऊ रेफर कर दिया गया। आज जुमेरात के मुबारक दिन वो दुनिया से रुखसत हो गयें। इसी के साथ बनारस से पुनः उड़ान का उनका ख़्वाब अधूरा ही रह गया।