शुक्रवार, 25 जुलाई 2025

UP: Varanasi के Dalmandi ध्वस्तीकरण प्रकरण पर बचाव में उतरे मुफ्ती-ए-बनारस

मुफ्ती अब्दुल बातिन नोमानी ने राष्ट्रपति को भेजा पत्र 

बोलें:10 हजार की रोजी-रोटी का है सवाल, हाथ जोड़कर किया गुज़ारिश और सुझाया विकल्प

मोहम्मद रिजवान

Varanasi (dil India live)। दालमंडी व्यापारिक क्षेत्र में सड़क चौड़ीकरण को लेकर शुरू हो चुकी सरकारी कवायद के बीच मुफ्ती-ए-बनारस मौलाना अब्दुल बातिन नोमानी ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु को मार्मिक पत्र लिख भेजा है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी, सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव सहित अन्य बड़े नेताओं को पत्र लिखकर निवेदन किया है कि दालमंडी में बुलडोजर कार्रवाई न की जाए।

मुफ्ती बातिन ने लिखा है कि दालमंडी को उजाड़ने से कम से कम 10 हजार नागरिकों की आजीविका पर संकट आ जाएगा। उन्होंने पत्र में कहा है कि दालमंडी वाराणसी का ऐतिहासिक और जीवंत क्षेत्र है। यह पूर्वांचल का प्रमुख व्यापारिक क्षेत्र भी है। जहां वर्षों से विविध सामाजिक, सांस्कृतिक एवं धार्मिक पृष्ठभूमि के लोग परस्पर सौहार्द के साथ व्यापारिक गतिविधियों में शामिल हैं। 

उन्होंने कहा है कि यूपी सरकार द्वारा दालमंडी में लगभग 13 फीट चौड़ी गली को 56 फीट तक विस्तारित करने का निर्णय लिया गया है, जिसके लिए 220 करोड़ रुपए का बजटीय प्रावधान किया गया है। इसके फलस्वरूप सैकड़ों दुकानें, मकान और धार्मिक स्थलों को तोड़ा जाना है। ऐसे में जब देश पहले से ही आर्थिक मंदी, बढ़ती बेरोजगारी और सामाजिक असंतुलन से जूझ रहा है, इस निर्णय से क्षेत्र के नागरिकों पर गहरा सामाजिक और आर्थिक आघात पहुंच सकता है। 


मुफ्ती-ए-शहर के अनुसार दालमंडी का क्षेत्र सामाजिक सद्भाव का उत्कृष्ट उदाहरण रहा है। यह क्षेत्र न केवल व्यापारिक रूप से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह भारत के साहित्य, कला और संस्कृति की महान विभूतियों की जन्मस्थली एवं कर्मभूमि भी रहा है। 

उन्होंने सुझाव दिया है कि इस गली के लगभग 600 मीटर लंबे मार्ग के विकल्पस्वरूप मात्र 40 मीटर के वैकल्पिक मार्ग भी उपलब्ध है, जिस पर कार्य किये जाने से कम लागत, न्यूनतम तोड़फोड़ और व्यापक जनहित संभव है। 


उन्होंने बताया कि इस मार्ग में इस्लाम धर्म से संबंधित 6 प्राचीन पंजीकृत वक्फ मस्जिदें स्थित हैं, जिनका विध्वंस न केवल संवैधानिक और धार्मिक भावनाओं का उल्लंघन होगा, बल्कि यह देश के अल्पसंख्यक समुदायों में गहरी उसुरक्षा और आक्रोश उत्पन्न कर सकता है। उन्होंने आशंका जताई है कि यह पूरी कार्ययोजना एक विशेष समुदाय के खिलाफ पूर्वाग्रहपूर्ण निर्णय हो सकती है। 

उन्होंने कहा कि इलाहाबाद उच्च न्यायालय द्वारा इस परियोजना के खिलाफ संबंधित मस्जिदों और भवन स्वामियों को अस्थायी स्थगन आदेश (स्टे ऑर्डर) प्रदान किया गया है, जिससे स्पष्ट होता है कि इस परियोजना में विधिक जटिलताएं भी अंतर्निहित हैं। मुफ्ती-ए-बनारस ने राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री सहित अन्य नेताओं से करबद्ध निवेदन करते हुए कहा कि इस विषय की गंभीरता को संज्ञान में लेते हुए इस परियोजना को तत्काल प्रभाव से स्थगित करने और इसके वैकल्पिक मार्गों की तलाश करने के लिए संबंधित लोगों को निर्देश दिया जाए। 

उन्होंने राष्ट्रपति से कहा है कि आपकी दया, संवेदनशीलता और न्यायप्रियता ही इस ऐतिहासिक क्षेत्र के नागरिकों की आजीविका, धार्मिक स्थलों और सामाजिक सौहार्द की रक्षा कर सकती है।

Crime: UP K Bhadohi में भीषण सड़क हादसा

दो ट्रकों की जोरदार टक्कर में मौके पर ही दो की मौत, मचा कोहराम 

सरफराज अहमद 

Bhadohi (dil India live)। पूर्वांचल में वाराणसी सटी कालीन नगरी भदोही में ऊंज थाना क्षेत्र के नौधन गांव के पास हाईवे पर दो ट्रकों की आमने-सामने टक्कर में दो लोगों की मौत हो गई। पुलिस के मुताबिक, वाराणसी से कानपुर जा रहे ट्रक चालक देवेंद्र और खलासी इंद्रजीत की मौके पर ही जान चली गई।

समाचार में बताया गया है कि ऊंज थाना के नौधन गांव के पास हाईवे की दक्षिणी लेन पर बीती मध्यरात्रि यह हादसा हुआ। इसमें एक ट्रक के चालक को झपकी आने से दो ट्रकों की आमने सामने टक्कर हो गई। हादसे के बाद दूसरे ट्रक के चालक और खलासी कूदकर भाग निकले। इस घटना के चलते हाईवे पर भीषण जाम लग गया। जाम का आलम यह था कि प्रयागराज की ओर भीटी तक व वाराणसी की ओर गोपीगंज तक वाहनों की लाइन लग गई। सूचना पाकर पहुंची पुलिस ने मृतकों के शवों को कब्जे में लिया। क्रेन मंगाकर लगे ट्रकों को सड़क के किनारे किया। इस बीच वाहनों की इतनी लंबी लाइन लग गईं की जाम छुड़ाने में 6 घंटे लग गए। सुबह 6.45 बजे यातायात बहाल हुआ।


घटना का ब्योरा देते हुए भदोही पुलिस ने बताया कि वाराणसी से खराब छोटी बड़ी बैटरी ट्रक में लादकर चालक देवेंद्र यादव कानपुर जा रहा था। नौधन गांव के पास पहुंचा था कि चालक को झपकी लगी और सामने प्रयागराज की ओर से प्याज लेकर आ रहे ट्रक में भिड़ गया।

UP: CBSE ईस्ट जोन ताइक्वांडो चैंपियनशिप में vanita PUBLIC SCHOOL Varanasi चैंपियन

नानक पब्लिक स्कूल में जुटे थे 175 विद्यालयों के 1040 खिलाड़ी 

Varanasi (dil India live). चार दिवसीय सीबीएसई ईस्ट जोन ताइक्वांडो चैंपियनशिप  20 से 23 जुलाई तक नानक पब्लिक स्कूल, जौनपुर के प्रांगण में आयोजित की गई थी। इस प्रतियोगिता में वनिता पब्लिक स्कूल लहुराबीर, वाराणसी के विद्यार्थियों में नमन पांडेय, गौरव शुक्ला, अथर्व सोनी, विनायक यादव ने स्वर्ण पदक एवं शौर्या यादव, शौर्य सिंह, रिद्धिमा सिंह, याशिता सोनी ने रजत पदक तथा आर्यन यादव, सिद्धिमा सिंह, रिद्धिमा दुबे, रौनक गुप्ता, रिद्धि गुप्ता व आदित्रि गुप्ता ने कांस्य पदक सहित कुल चौदह पदक प्राप्त कर चैम्पियन्स ट्रॉफी पर कब्जा कर लिया। इस तरह इन स्टूडेंट्स ने प्रथम स्थान प्राप्त कर विद्यालय को गौरवान्वित किया है।

 प्रतियोगिता में 175 विद्यालयों के 1040 खिलाड़ियों ने प्रतिभाग किया था। द्वितीय स्थान दिल्ली पब्लिक स्कूल गया, बिहार, और तृतीय स्थान दिल्ली पब्लिक स्कूल, इटावा का रहा। इस उपलब्धि के लिए विद्यालय की प्रधानाचार्या संगीता तिवारी ने सभी प्रतिभागियों, खेल प्रभारी एवं टीम प्रशिक्षक को बधाई दी एवं उनके उज्जवल भविष्य की कामना की। उन्होंने बताया कि आगामी 3 सितंबर से 7 सितंबर 2025 को माउंट लिटेरा ज़ी स्कूल,अमनीव विजन स्कूल, साई सिटी, इटावा, यूपी में होने वाली राष्ट्रीय ताइक्वाण्डो प्रतियोगिता के लिये आठ विद्यार्थियों का चयन हुआ हैं। टीम प्रशिक्षक नन्दलाल जायसवाल एवं टीम मैनेजर प्रीति द्विवेदी रहेंगी।

गुरुवार, 24 जुलाई 2025

UP K Barabanki Main Haji waris Ali Shah के उर्स में गूंजा सूफियाना कलाम

फिज़ा में शहद सी मिठास घोल रहे सुफियाना कलाम

उर्स के दूसरे रोज़ उमड़ा अकीदतमंदों का हुजूम

 

  • Mohd Rizwan 

Barabanki (dil India live). बाराबंकी में सूफी संत हज़रत वारिस अली शाह (रहमतुल्लाह अलैह) की दरगाह पर आयोजित तीन दिवसीय सालाना उर्स जिसे देवा मेला भी कहा जाता है यूं तो बुधवार से ही प्रारंभ हो गया था। इस उर्स में सूफी संत हजरत सैयद हाजी वारिस अली शाह रहमतुल्लाह के हजारों मुरीद और जायरीन हाजिरी लगाने उमड़े।


उर्स के दूसरे रोज सूफी संत हाजी सैय्यद वारिस अली शाह की दरगाह पर दूर दराज से जायरीन ने पहुंच कर मन्नतें व मुरादें मांगीं। तीन दिन के सालाना उर्स में सबसे पहला कार्तिक उर्स है। जो देवा मेले के रूप में देश-विदेश में प्रख्यात है। यह उर्स स्वयं हाजी वारिस अली शाह रहमतुल्लाह अलैह ने अपने वालिद सैयद कुर्बान अली शाह की याद में शुरू किया था। इसके बाद सफर का उर्स होता है। यह उर्स सूफी संत हाजी वारिस अली की याद में आयोजित होता है। चार दिवसीय इस उर्स में भी देश-विदेश के काफी जायरीन सूफी संत की दरगाह पर अपनी हाजिरी लगाते हैं। इसमें इस्लामी माह की पहली सफर को हाजी वारिस अली शाह का कुलशरीफ होगा। इसके बाद आयोजित होने वाला चैत्र उर्स मूलत: बाबा के एहरामपोश फुकरा द्वारा आयोजित किया जाता है।


इस उर्स में देश-विदेश में फैले बाबा के एहरामपोश मुरीद अपने पीर को अकीदत पेश करने आते हैं। देश भर में फैले बाबा के मुरीद वारसी संस्कृति के इस मरकज पर मौजूद रहकर अपने पीर को खिराजे अकीदत पेश करते हैं। सफर उर्स इस बार 23 जुलाई एवं इस्लामी तिथि 27 मुहर्रम से प्रारंभ होकर एक सफर की तिथि अंग्रेजी तारीख 26 जुलाई तक चलेगा। समाचार लिखे जाने तक हज़रत का उर्स जारी था। आपकी दरगाह पर गूंज रहा सुफियाना कलाम फिजा में शहद सी मिठास घोल रहे थे।

Bihar : Vidhan sabha Main सम्राट से Tejasvi की तीखी नोंकझोंक

तेजस्वी बोलें: सरकार मुझे मरवाना चाहती है, हथियार दे रहा हूं, मरवा दे 


Patna (dil India live)। बिहार विधानसभा में गुरुवार को वोटर सूची पुनरीक्षण को लेकर नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव और डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी, उनके समर्थक विधायकों - मंत्री से तीखी नोंक-झोंक के साथ बहस हुई। इस दौरान नेता प्रतिपक्ष पर अशालीन शब्दों का इस्तेमाल भी हुआ।

बाद में विस परिसर में मीडिया से मुखातिब होते हुए तेजस्वी यादव ने आरोप लगाया कि सत्तारूढ़ दल उन्हें मरवाना चाहता है। उन्होंने कहा कि विधायक जनक सिंह ने उन्हें मां-बहन की गालियां दीं। तेजस्वी ने कहा कि उन्होंने कभी अपशब्द नहीं बोला जबकि भाजपा के विधायक और डिप्टी सीएम भी उन्हें गालियां देते हैं।

विधायक जनक सिंह ने मां-बहन की गालियां दी

तेजस्वी बोले - 'सरकार मुझे मरवाना चाहती है तो मैं अपना लाइसेंसी हथियार देता हूं वह मुझे मरवा दे। विधायक जनक सिंह ने मां-बहन की गालियां दी, जबकि मैंने कोई अपशब्द नहीं बोला। राजनीतिक जीवन में मैंने कभी अपशब्द नहीं बोला, जबकि मुझे सदन में मां-बहन की गालियां दी गई। जब हम जोर से बोलेंगे तो गीला हो जाएगा...। भाजपा सारी सीमाएं लांघ रही है। भाजपा के विधायक ने जिस तरह मुझे गालियां दी हैं, वो कभी भी आज तक सदन में नहीं हुआ। भाजपा के डिप्टी सीएम भी मुझे गालियां देते हैं। सरकार में हिम्मत है तो मुझे जेल भेज दे गोली मार दे, क्योंकि आज माइक तोड़कर मेरी तरफ मारने की कोशिश की गई।'

सदन में तेजस्वी संग सत्ता पक्ष की गर्म बहस

सदन में वोटर सूची गहन पुनरीक्षण का फॉर्म दिखाते हुए तेजस्वी यादव ने कहा कि '11 तरह के डॉक्यूमेंट मांगे हैं, लेकिन कितने तरह के डॉक्यूमेंट आम आदमी के पास हैं, यह आप बताईये। फिर जब कोई पत्रकार दिल्ली से आकर सच दिखा रहे हैं कि कैसे फर्जीवाड़ा हो रहा है, कैसे फर्जी साईन हो रहे हैं, कैसे फॉर्म को बिना किसी डॉक्यूमेंट के अपलोड किया जा रहा है तो उस पर आप लोगों ने एफआईआर करा दी।' आप कौन होते हैं यह तय करने वाले...? इसी बात पर सम्राट चौधरी उठ खड़े हुए और उन्होंने कहा कि -'जिसका बाप खुद अपराधी हो, लूटेरा हो उसका बेटा क्या बोलेगा?' इसी बात पर हंगामा होने लगा और फिर विधान सभा अध्यक्ष ने सदन की कार्रवाई को 4 मिनट के लिए स्थगित कर दिया। इस दौरान भाजपा के जनक सिंह ने गाली गलौज की। 


अब अशोक चौधरी फिर उठ खड़े हुए और तेजस्वी यादव पर पलटवार करते हुए कहा कि अपने विभाग में एक भी योजना अगर दी हो तो कहिये। तेजस्वी यादव ने कहा कि - 'सरकार हमारी योजना को पीछे पीछे घोषणा कर रही है। यह सरकार मेरे द्वारा घोषित माय-बहन योजना का भी नक़ल करेंगे। यह सरकार नकलची है।

हम सारा क्रेडिट नीतीश कुमार को देने के लिए तैयार हैं लेकिन यह विजन किसका है? यह विजन मेरा था। प्रधानमंत्री नीतीश कुमार कब चीनी की मिल खुलवायेंगे और लोगों को चाय पिलायेंगे? मुख्यमंत्री ऐसा चाहिए जो अचेत अवस्था में न हो। नीतीश कुमार जी, अपने आप के आसपास बैठे लोगों को पहचानिए। आपका जदयू जदयू नहीं बल्कि भाजपा हो गया है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को हाईजैक कर लिया है।' इसके जवाब में विजय चौधरी ने जवाब देते हुए कहा कि आप भी मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को हाइजैक करने की कोशिश किये थे, लेकिन आप नहीं कर पाए।

सम्राट और विजय चौधरी यह बोले...

एसआईआर पर सम्राट चौधरी बोले- "जो प्रवासी बाहर जाते हैं, ऐसे 26 लाख लोगों को चिह्नित किया गया है। 2005 में 11 प्रतिशत बिहार से बाहर जाते थे। आज का रिपोर्ट है कि यह दो प्रतिशत से भी कम है। अभी 26 लाख लोग चिह्नित हुए हैं।

चुनाव आयोग में कल नेता विरोधी दल यह कह रहे थे कि भारत निर्वाचन आयोग कोई आंकड़ा नहीं जारी कर रहा है, जबकि यह कागज और आंकड़े सामने हैं। किसी का भी वोट नहीं कट रहा, यह मंत्री विजय चौधरी बता चुके हैं।"

इससे पहले मंत्री विजय कुमार चौधरी ने कहा- "सभी नेता, विधायक अपना नाम तो अपडेट करा रहे हैं और जनता को भ्रमित कर रहे हैं कि पुनरीक्षण बंद करा दिया जाना चाहिए। 95 प्रतिशत वोटरों की जांच के बाद इसे रोकने की इस तरह की जिद करना गलत है। चुनाव आयोग ने अबतक कोई ऐसा काम नहीं किया है कि उसकी मंशा पर सवाल उठाया जाए।

संविधान में लिखा है कि जिसे नागरिकता मिली हुई है, वही मताधिकार रख सकता है। बिहार का कोई सही नागरिक मतदाता सूची से बाहर नहीं रहे, यही हमलोग भी चाहते हैं। गहन पुनरीक्षण भी संविधान और लोक प्रतिनिधित्व कानून के तहत है। पुनरीक्षण हर चुनाव के पहले होता है। गहन पुनरीक्षण इतने समय बाद हो रहा है। इसमें फर्क है।

सामान्य पुनरीक्षण में सिर्फ दावे देखे जाते हैं। किसी का नाम जुड़ता या हटाया जाता है, उसमें। अब 22 वर्षों बाद यह जो विशेष गहन पुनरीक्षण हो रहा है। एसआईआर में एक-एक घर में जाकर देखा जाता है कि वह मतदाता घर में हैं कि नहीं।

पिछली बार, 2003 में भी एक महीने में यह काम हुआ था, इस बार भी लगभग उतने ही समय में हो रहा है। फिर दिक्कत क्यों है? मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण पर विभिन्न दलों की राय आपने सुनी है।

उच्चतम न्यायालय में मामला है, फिर भी सदन संचालन की सहूलियत के लिए एसआईआर पर आपने चर्चा की अनुमति दी। सत्ता ने आपत्ति नहीं की। अच्छा लगा कि विपक्ष के नेता ने भी पहली पंक्ति में कहा कि एसआईआर के विरोध में नहीं हैं, लेकिन अंतिम पंक्ति में कहा कि बिहार सरकार गारंटी दे कि कोई मतदाता छूटेगा नहीं।

तो, महोदय सरकार की तरफ से सदन और सभी मतदाताओं को आश्वास्त करना चाहते हैं कि बिहार सरकार भी यही चाहती है कि कोई भी सही मतदाता, मतदाता सूची बाहर नहीं जाए। मतदान का अधिकार सिर्फ नागरिक की करता है। हर व्यक्ति जो यहां रह रहा है, वह मताधिकार नहीं रखता।"

UP Police के सिपाहियों को भी मिलेगा India Post Bima लाभ

पोस्ट मास्टर जनरल कर्नल विनोद कुमार ने Police Commissioner को दी योजनाओं की जानकारी 


Varanasi (dil India live). बनारस परिक्षेत्र के पोस्ट मास्टर जनरल कर्नल विनोद कुमार ने वाराणसी पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल से मुलाक़ात की और उन्हें इंडिया पोस्ट की बचत योजनाओं तथा बीमा योजनाओं के संबंध में विस्तार से जानकारी दी । 

कर्नल विनोद के अनुसार पुलिस विभाग के अधिकारी और कर्मचारी बहुत तनाव में कार्य करते हैं जिससे वह अपने परिवार के सदस्यों के लिए सुरक्षित निवेश नहीं कर पाते उनकी सेवा के लिए भारतीय डाक विभाग ने एक नई पहले करते हुए उनके पुलिस थानों और कार्यालयों में तथा ट्रेनिंग सेंटर में जा कर योजनाओं का प्रचार करने की व्यवस्था की है । इस अभियान में डाक अधीक्षक और अन्य अधिकारी शामिल होंगे जो पुलिस महकमें में जा कर कैम्प लगायेंगे ताकि ज़्यादा से ज़्यादा पुलिस कर्मियों को बीमा कवर उपलब्ध कराया जा सके।

कर्नल विनोद ने बताया कि ये अभियान वाराणसी के सभी उपमंडलों में शुरू किया जाएगा और डाककर्मी अपने साथ संबंधित फॉर्म भी ले जाएँगे और वीडियो तथा प्रेजेंटेशन से जानकारी उपलब्ध कराएंगे।

पुलिस कमिश्नर ने जवानों के कल्याण के लिए अभियान में सहयोग करने का भरोसा दिलाया और कहा कि इस अभियान से सभी पुलिस कर्मियों को प्रेरणा मिलेगी। उन्होंने भारतीय डाक विभाग की सराहना करते हुए उत्कृष्ट सेवा कार्य के प्रति आभार व्यक्त किया। कर्नल विनोद ने बताया कि डाक विभाग में प्रधान मंत्री सुरक्षा बीमा योजना के तहत सिर्फ दो रूपये सालाना खर्च पर दो लाख रुपए का एक्सीडेंटल डेथ और डिसेबिलिटी का बीमा सुविधा उपलब्ध है, यह सुविधा बनारस के सभी डाकघरों में आसानी से ली जा सकती है। उन्होंने कहा कि यह  बीमा सुविधा राशि प्रति माह दो रुपए से भी कम पर मिल रही है। इसके लिए पोस्ट ऑफिस में एक बचत खाता खुलवाना होगा और इसके बाद स्थायी निदेश देने पर इंडिया पोस्ट हर साल अकाउंट से बीस रुपए निकाल कर बीमा कवर को निरंतरता प्रदान करता रहेगा। यह बीमा पॉलिसी एक साल के भीतर रिन्यू होती रहेगी।


कर्नल विनोद ने बताया कि अगर कोई विभाग , कार्यालय , कंपनी और संस्थान इस योजना में अपने कर्मचारियों का बीमा करवाने के लिए तैयार है तो इंडिया पोस्ट उनके कार्यालय में कैम्प आयोजित करने के लिए तैयार है, इसके लिए डाक विभाग के अधीक्षक और बनारस कैंट स्थित परिमंडल कार्यालय में संपर्क किया जा सकता है।

कर्नल विनोद ने पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल को इंडिया पोस्ट द्वारा जारी किए गए डाक टिकटों का खूबसूरत सेट भेंट किया। उनके साथ डॉ वीरेंद्र सिंह तथा विपिन सिंह सहायक अधीक्षक ने भी जवानों के बीच पहुंचकर जानकारी विस्तार करने की बात कही।

बुधवार, 23 जुलाई 2025

Politics: Delhi Main गरजे जलालुद्दीन, जानिए कौन हैं और क्या है माजरा?

मुसलमानों को डरने की ज़रूरत नहीं, पार्टी उनके साथ- आदिक

हम किसी भी हाल में समाज के साथ अन्याय नहीं होने देंगे-जलालुद्दीन एडवोकेट 

राकांपा अल्पसंख्यक विंग की राष्ट्रीय परिषद की बैठक में फ़िलिस्तीनियों के प्रति सहानुभूति


  • सरफराज अहमद 

New Delhi (dil India live). दिल्ली में राकांपा अल्पसंख्यक विंग की राष्ट्रीय परिषद की बैठक हुई, जिसकी अध्यक्षता पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव और अल्पसंख्यक विंग के अध्यक्ष सैयद जलालुद्दीन एडवोकेट ने की। पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अविनाश गोविंदराव आदिक ने कहा कि अजित पवार दादा का चेहरा धर्मनिरपेक्षता के लिए जाना जाता है। उन्होंने कहा कि अल्पसंख्यकों को डरने की ज़रूरत नहीं है। हमें समाज के सामने जाना होगा और उनके अंदर बैठे डर को बाहर निकालना हमारी ज़िम्मेदारी है। पार्टी पूरी ताकत से उनके साथ खड़ी है और उनका विश्वास बहाल करना है। उन्होंने कहा कि वे संख्या में अल्पसंख्यक हैं लेकिन विचारों में बहुसंख्यक हैं और हमें विचारों के साथ चलना होगा। उन्होंने फ़िलिस्तीन और इज़राइल पर पार्टी का रुख़ स्पष्ट करते हुए कहा कि अत्याचार और उत्पीड़न बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और हम अत्याचार के ख़िलाफ़ हैं और उत्पीड़ितों के साथ हैं।

पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव और अल्पसंख्यक विंग के अध्यक्ष एडवोकेट सैयद जलालुद्दीन ने कहा कि उर्दू अकादमी का बजट एक करोड़ रुपये से बढ़ाकर 10 करोड़ रुपये करने का काम उपमुख्यमंत्री और वित्त मंत्री अजीत दादा पवार ने किया है, जिन्हें हम सलाम करते हैं। मौलाना आज़ाद के बजट को 100 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 1000 करोड़ रुपये किया गया और अगर पूरी ताकत दी जाए तो हम मुसलमानों को पांच प्रतिशत आरक्षण देंगे, यह हमारा वादा है। उन्होंने कहा कि पार्टी पूरी ताकत से मुसलमानों और फिलिस्तीनियों के साथ खड़ी है। उन्होंने कहा कि पार्टी न केवल राष्ट्रीय स्तर पर मुसलमानों की समस्याओं को उठाएगी बल्कि उसका समाधान भी ढूंढेगी। उन्होंने कहा कि आज धर्मनिरपेक्ष और सांप्रदायिकता पर बहस खत्म हो गई है और शिवसेना, जिसके लोग मुसलमानों से वोट का अधिकार छीनना चाहते थे, उनका कांग्रेस के साथ गठबंधन है। 

कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए सैयद जलालुद्दीन ने कहा कि हम किसी भी हालत में समाज के साथ अन्याय नहीं होने देंगे। कार्यक्रम का संचालन अल्पसंख्यक विंग के राष्ट्रीय महासचिव प्रमुख पत्रकार मुमताज आलम रिजवी ने किया। इस अवसर पर अल्पसंख्यक क्षेत्र के नेता नूर-उन-नबी खान, रूही सलीम, जावेद हबीब, धनंजय शर्मा और देश भर से आए अन्य पार्टी नेताओं ने भाग लिया और पार्टी को देश भर में आगे ले जाने का संकल्प लिया।