मंगलवार, 20 अप्रैल 2021

जमीयत उलेमा देखिये क्या कर रही है आमजन से अपील


भयानक त्रासदी का दौर, घर पर करें इबादत

वाराणसी(दिल इंडिया लाइव)। समय हमारा देश, प्रदेश और विशेष रूप से हमारा प्रदेश जिस भयानक त्रासदी के दौर से गुज़र रहा है, उससे हम सब भली भांति परिचित हैं। अस्पतालों में बेड खाली नहीं, आईसीयू में जगह नहीं, वेंटीलेटर और ऑक्सीजन के अभाव में मरीज़ अपने चहेतों की गोद में तड़प तड़प कर दम तोड़ दे रहे हैं। खुदा किसी को ऐसा दिन ना दिखाए। इन हालात में आम जनता की क्या जिम्मेदारियां हैं, इस संबंध में जमीयत उलेमा पूर्वी उत्तर प्रदेश के जनरल सेक्रेटरी हाफिज ओबैदुल्लाह ने आमजन और विशेष रूप से मुस्लिम बंधुओं से कुछ अपील की है कि घर से बाहर अतिआवश्यक होने पर ही, मास्क पहन कर निकलें, बिना मास्क के हम कहीं भी न जाएं चाहे वो मार्केट हो या धर्मस्थल, भीड़ भाड़ वाले स्थानों पर कत्तई ना जाए। छोटे बच्चे एवं बूढ़े व्यक्ति नमाज़ के लिए मस्जिद में ना जाएं। जिन व्यक्तियों को सर्दी, बुखार या नज़ला वगैरह हो वो मस्जिद में कत्तई ना जाए। ज़िला प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग की गाइडलाइन का हर हाल में पालन करें। यदि किसी व्यक्ति के अंदर कोरोना के लक्षण दिखाई दें तो वह तुरंत किसी डॉक्टर से परामर्श ले और खुद को परिवार के अन्य सदस्यों से अलग कर ले।

हाफिज ओबैदुल्लाह ने कहा की यदि उपर्युक्त बातों का हम ध्यान रखें तो स्थिति पर काबू पाया जा सकता है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वो अपना और अपने चहेतों का स्वयं ध्यान रखे, क्योंकि इस संबंध में सरकार की क्या तैयारी है उससे सभी वाकिफ हैं। साथ ही किसी व्यक्ति को कोरोना हो जाए तो उसे घबराने की आवश्यकता नहीं है, यदि समय रहते इसका सही इलाज किया गया तो इसे खत्म किया जा सकता है। अंत में सभी लोगों से ये अपील है की इस वक्त रमज़ान का मुबारक महीना चल रहा है, सभी लोग अपने घर पर रहकर ही ज़्यादा से ज़्यादा इबादत और दुआ करें की अल्लाह ताला इस मुबारक महीने की बरकत से पूरी इंसानियत को इस मर्ज़ से निजात आता फरमाए। नमाज़, रोज़ा, तरावीह इत्यादि के सिलसिले में उलमा इकराम से शरई रहनुमाई हासिल करने के लिए जमीयत उलमा ए बनारस से रहनुमाई हासिल की जा सकती है।

कोरोना के बनारस में 1887 नये पॉजिटिव मरीज

कोरोना महामारी से राहत नहीं, बनारस में 7 की मौत

वाराणसी (दिल इंडिया लाइव)। वाराणसी में कोरोना महामारी से फौरी राहत मिलती नहीं दिख रही है। हर रोज़ कोरोना के मरीजों का आंकड़ा दो हजार के इर्द-गिर्द ही रह रहा है, कभी दो दो हजार से नीचे तो कभी कुछ ऊपर यही आंकड़ा प्रतिदिन देखने को मिल रहा है। उधर वाराणसी के प्रभारी मुख्य चिकित्साधिकारी ने बताया कि आज 20 अप्रैल को कोरोना के 1887 पॉजिटिव मरीज मिले हैं। जबकि 1859 मरीज स्वस्थ होने के बाद डिस्चार्ज कर दिये गये। बनारस में कुल 15853 एक्टिव मरीज हैं। आज 7 मरीज की मौत हुई। जबाकि कोरोना से अब तक कुल 451 मरीज की मौत हो चुकी है।

रमज़ान का पैगाम-8 (20-04-2021)


 खुद पर कंट्रोल रखने का नाम रमज़ान

वाराणसी (दिल इंडिया लाइव) रब ने हम सबको रमज़ान के महीने में अपने बंदों के लिए जो-जो रहमतें नाज़िल की हैंहम सब उसका तसव्वुर भी नहीं कर सकते। रमज़ान में एक माह का रोज़ा हम पर फ़र्ज़ कि़या गया है। आईये जाने कि रोज़ा क्या है। रोज़े के माने यह हैं कि खूब खाने पीने से दूर रहना साथ ही साथ अपने अन्दर बदलाव लानाखुद पर नियंत्रण या कन्ट्रोल रखना। रोज़े में तीन चीज़ों से दूरी बनाए रखना ज़रूरी है। अब यह देखे कि यह तीनों चीजें ऐसी हैं जो हमारे लिए जाएज़ और हलाल हैंअब रोज़े के दौरान आप इन हलाल और जाएज़ चीज़ों से तो परहेज़ कर रहे हैंन खां रहे हैं न पी रहे हैलेकिन जो चीज़ें पहले से हमारे लिए हराम थीं यानी झूठ बोलनाग़ीबत करनाबदनिगाही करना यह सब चीज़ें पहले से हमारे लिए जाएज़ नही थींहराम थींवह सब रोज़े के दौरान हो रही है। रोज़ा रखा है और झूठ बोल रहे हैंरोज़ा रखा है और ग़ीबत कर रहे हैंरोज़ा रखा है और बदनिगाही कर रहे हैंरोज़ा रखा है और वक्त पास करने के लिए फि़ल्में देख रहे हैंक्या यह रोज़ा हुआहरगिज़ नहींक्यों कि रोज़े के दौरान हलाल चीज़ों से तो परहेज़ कर रहे हैं लेकिन हराम चीज़ों को अपनाए हुए हैं। हदीस शरीफ़ में नबी-ए-करीम सल्लल्लाहु अलैहे वसलम ने इरशाद फ़रमाया है कि अल्लाह तआला फ़रमाता है कि जो शख्स रोज़े की हालत में झूठ बोलना न छोड़े तो मुझे ऐसे शख्स का भूखा और प्यासा रहने की कोई ज़रूरत नहीं है। रमज़ान नाम सब्र का हैसच का हैजकात का हैअमन और नेकी का है,

 रमज़ान में वो सारे काम होते है जिससे रब और उसका रसूल खुश होता है। इसलिए ऐ रोज़ेदारों अल्लाह और उसके रब को राज़ी करना चाहते हो तो हराम चीज़ो से, दुनियावी चीज़ो से बचते हुए तकवा आखितयार करो, नकी के रास्ते पर चलो और रोज़ा रखो। बहरहाल अल्लाह तआला हम सबको सही माने में रोज़ा रखने की तौफ़ीक़ अता फ़रमाए, नेकी की राह दिखाये।..आमीन।

      मौलाना अबु सईद क़ासमी

{सदस्य जमियत उलेमा बनारस}

सोमवार, 19 अप्रैल 2021

देखिये मोदी जी क्या सलाह दे रहे हैं कांग्रेसी

सरकार को देशहित में विपक्ष की मदद लेना चाहिए 

वाराणसी(दिल इंडिया लाइव)। वर्तमान समय में पूरे देश में कोरोना जैसे महामारी से देश के हालात काफी खराब हो चुके हैं और सरकारी तंत्र पूरी तरह से फेल हो चुका है।
अस्पतालों में ऑक्सीजन, बेड ,दवाइयों का अकाल पड़ा हुआ है ऐसी स्थिति में सरकार को विपक्ष से भी बात कर विपक्ष की मदद लेना चाहिए देश हित में। उक्त बात महानगर कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष फसाहत हुसैन बाबू ,उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी अल्पसंख्यक विभाग के प्रदेश महासचिव हसन मेहंदी कब्बन ने एक संयुक्त विज्ञप्ति में कही। दोनों ने कहा कि स्थिति यह हो गई है कि प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में सरकार के जनप्रतिनिधि हालात से कैसे निपटा जाए इसका कोई जवाब नहीं दे पा रहे हैं और उन्हें मुंह छुपा के भागना पड़ रहा है ऐसी स्थिति में आम जनमानस के सामने जटिल  समस्या उत्पन्न हो गई है।
उक्त नेताओं ने कहा कि सरकार को चाहिए कि संपूर्ण विपक्ष के साथ एक आपात बैठक कर हालात से निपटने की तैयारी करना चाहिए और संपूर्ण विपक्ष की मदद लेना चाहिए। उक्त नेताओं ने कहा कि सभी बड़े बड़े होटलों, अतिथि गृह, वेंकट हॉल विद्यालय को अभिलंब अस्थाई अस्पताल बनाकर मरीजों का इलाज तत्काल  शुरू कर देना चाहिए। वाराणसी के हालात को देखते हुए मरीज बेड, ऑक्सीजन ना मिलने की वजह से दम तोड़ रहा है जो काफी दुखद है। अब हालात इतने नाजुक हो चुके हैं कि इसी से अंदाजा लगाया जा सकता है कि श्मशान में लकड़ी का अभाव हो गया है। उक्त नेताओं ने काशी की जनता से विनम्र प्रार्थना की है कि अपने अपने घरों में ही रहे बाहर कतई ना निकले और इस हालात से निपटने के लिए अपना सहयोग और अपना सुझाव अवश्य दें।

प्रदेश में लाकडाउन नहीं

लॉकडाउन लगाने से गरीबों पर पड़ती है मार

वाराणसी ( इंडिया लाइव)। उत्तर प्रदेश के कोरोना प्रभावित पांच प्रमुख शहरों में पूरी तरह लॉकडाउन लगाने के हाईकोर्ट के निर्देश मानने से फिलहाल यूपी सरकार ने इनकार कर दिया है। सरकार की तरफ से कहा गया है कि लॉकडाउन लगाने से गरीबों पर मार पड़ती है। हाईकोर्ट ने कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए सरकार को यूपी के पांच शहरों लखनऊ, वाराणसी, प्रयागराज, कानपुर और गोरखपुर में 26 अप्रैल तक लॉकडाउन लगाने का आदेश दिया था। इसके बाद यूपी सरकार की तरफ से कहा गया कि एसीएस सूचना नवनीत सहगल ने कहा कि आज माननीय उच्च न्यायालय के आदेश के क्रम में यूपी सरकार के प्रवक्ता ने अवगत कराया है कि प्रदेश में कोरोना के मामले बढ़े है, और सख्ती कोरोना के नियंत्रण के लिए आवश्यक है। सरकार ने कई कदम उठाए हैं, आगे भी सख्त कदम उठाए जा रहे हैं। जीवन बचाने के साथ गरीबों की आजीविका भी बचानी है। इसलिए इन पांचों शहरों मे सम्पूर्ण लॉकडाउन अभी नहीं लगेगा। लोग स्वतः स्फूर्ति से भाव से कई जगह बंदी कर रहे हैं।

हाईकोर्ट ने यह दिया निर्देश

इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने सोमवार को उत्तर प्रदेश सरकार को राज्य के पांच जिलों में सभी प्रतिष्ठानों को बंद करने का आदेश दिया। हाईकोर्ट ने कहा कि चाहे निजी हो या सरकारी सभी प्रतिष्ठानों को 26 अप्रैल तक बंद कर दें। कोर्ट ने कहा कि केवल आवश्यक सेवाओं को छूट दी जाए। हाईकोर्ट ने कोरोना के बढ़ते मामलों के देखते हुए प्रयागराज, वाराणसी, लखनऊ, कानपुर और गोरखपुर के लिए यह निर्देश दिया। हाईकोर्ट ने कहा कि वित्तीय संस्थानों के विभागों, चिकित्सा और स्वास्थ्य सेवाओं, औद्योगिक और वैज्ञानिक प्रतिष्ठानों, नगरपालिका के कार्यों और सार्वजनिक परिवहन सहित आवश्यक सेवाओं को इस दौरान केवल छूट दी जाये मगर प्रदेश सरकार दो साफ कर दिया कि बंदी विकलप नहीं है। कड़े कदम उठाये जायेंगे मगर लाकडाउन नहीं होगा।


ब्रेकिंग न्यूज़: 26अप्रैल तक सम्पूर्ण लॉकडाउन

उच्च न्यायालय लखनऊ ने इलाहाबाद, लखनऊ, वाराणसी, कानपुर नगर, सहित गोरखपुर में लगाया 26 अप्रैल 2021 तक का सम्पूर्ण लॉकडाउन?

वाराणसी (दिल इंडिया लाइव)। उच्च न्यायालय ने स्वतः संज्ञान वाली याचिका पर आज पुनः सुनवाई करते हुए राज्य सरकार को निम्न आदेश का सख्ती से पालन करने के लिए आदेशित किया-

 इसमें न्यायालय ने अपने आदेश में कहा कि हम प्रयागराज, लखनऊ, वाराणसी, कानपुर नगर और गोरखपुर शहरों के संबंध में निम्नलिखित दिशा-निर्देश पारित कर रहे हैं, और हम सरकार को उन्हें सख्ती से लागू करने का निर्देश देते हैं:

 1. वित्तीय संस्थानों और वित्तीय विभागों, चिकित्सा और स्वास्थ्य सेवाओं, औद्योगिक और वैज्ञानिक प्रतिष्ठानों, नगर निगम के कार्यों और सार्वजनिक परिवहन सहित आवश्यक सेवाओं को छोड़कर सभी प्रतिष्ठान सरकारी या निजी हों, 26 अप्रैल, 2021 तक बंद रहेंगे। न्यायपालिका हालांकि  , अपने स्वयं के विवेक पर कार्य करें।

 2. सभी शॉपिंग कॉम्प्लेक्स और मॉल 26 अप्रैल, 2021 तक बंद रहेंगे।

 3. सभी किराने की दुकानें और अन्य वाणिज्यिक दुकानें मेडिकल दुकानों को छोड़कर, (जहां तीन से अधिक श्रमिक हों) 26 अप्रैल, 2021 तक बंद रहेंगे।

 4. सभी होटल, रेस्तरां और यहां तक ​​की ठेले आदि पर खाने के छोटे बिंदु 26 अप्रैल, 2021 तक बंद रहेंगे।

 5. सभी संस्थान जैसे कि अन्य विषयों और गतिविधियों से संबंधित शिक्षण संस्थान और अन्य संस्थाएँ यह सरकारी हों, अर्ध सरकारी या निजी उनके शिक्षकों और प्रशिक्षकों और अन्य कर्मचारियों के लिए 26 अप्रैल, 2021 तक बंद रहेंगे (यह दिशानिर्देश पूरे उत्तर प्रदेश के लिए है )।

 6. 26 अप्रैल, 2021 तक विवाह समारोहों सहित किसी भी सामाजिक समारोह और समारोहों की अनुमति नहीं होगी। हालाँकि, पहले से तय विवाह के मामले में संबंधित जिले के जिला मजिस्ट्रेट से आवश्यक अनुमति लेनी होगी। और अनुमति केवल  25 लोगों तक ही सीमित होगी और संबंधित जिला मजिस्ट्रेट कोविद 19 के प्रभाव की मौजूदा स्थिति पर गहन विचार करने के बाद निर्णय लेंगे, जिसमें उस क्षेत्र में नियंत्रण क्षेत्र की अधिसूचना भी शामिल है, जहां इस तरह की शादी होनी है।

 7. किसी भी तरह की सार्वजनिक एवं धार्मिक गतिविधियों को 26 अप्रैल, 2021 तक निलंबित रखने का निर्देश दिया गया है।

 8. सभी प्रकार के धार्मिक प्रतिष्ठानों को 26 अप्रैल, 2021 तक बंद रहने के लिए निर्देशित किया जाता है।

 9. फल और सब्जी विक्रेताओं, दूध विक्रेताओं और रोटी विक्रेताओं सहित सभी फेरीवाले 26 अप्रैल, 2021 तक हर दिन सुबह 11 बजे तक सड़क पर उतरेंगे।

 10. प्रयागराज, लखनऊ, वाराणसी, कानपुर नगर / देहात और गोरखपुर जिलों में व्यापक प्रसार वाले दो प्रमुख हिंदी और अंग्रेजी समाचार पत्रों में हर दिन कंटेनमेन्ट जोन अधिसूचित किए जाएंगे।

 11. सड़कों पर सभी सार्वजनिक आवागमन को पूरी तरह से प्रतिबंधित रखा जाएगा, जो उपरोक्त निर्देशों के अधीन है।  चिकित्सा सहायता और आपात स्थिति के मामले में आवागमन को अनुमति दी जाएगी।

 12. उपरोक्त निर्देशों के अलावा, हम राज्य सरकार को वर्तमान टीकाकरण कार्यक्रम को लागू करने के लिए मजबूती लाने का निर्देश देते हैं।

20. इस आदेश की एक प्रति आज ही उत्तर प्रदेश सरकार के मुख्य सचिव को भेजी जाए, जो 19.04.2021 की रात से प्रयागराज, लखनऊ, वाराणसी, कानपुर नगर, गोरखपुर जैसे शहरों में हमारे उपरोक्त निर्देशों को लागू करने में सक्षम हो और इस आदेश की प्रतियां संबंधित जिलों के जिलाधिकारियों के समक्ष भी उपलब्ध कराई जाएंगी। 

उधर प्रदेश सरकार ने इन सभी जिलो में सम्पूर्ण लॉकडाउन करने से मना कर दिया। सरकार का कहना है कि जीवन के साथ जीविका भी बेहद ज़रूरी है। फिलहाल इस मामले में सरकार जवाब दाखिल करेगी।

रमज़ान हेल्पलाइन : सवाल आपके जवाब दे रहे हैं मुफ्ती साहब

रमज़ान का रोज़ा मुसलमानों पर कब हुआ था फर्ज़ ?

वाराणसी (दिल इंंडिया लाइव)। रमज़ान का रोज़ा उम्मते मोहम्मदिया पर कब फर्ज़ हुआ यह सवाल बही बाज़ार से मो. शमीम ने रमज़ान हेल्प लाइन में किया। इस पर उलेमा ने कुरान और हदीस की रौशनी में जवाब देते हुए कहा कि 10 शाबान सन् 2 हिजरी को कुरान की आयते नाज़िल हुईजिसमें हुक्म हुआ कि ऐ मुसलमानों तुम पर रोज़ा फर्ज़ हो गया है। तभी से मुसलमान रोज़ा रख रहे हैं।

 रेवड़ीतालाब से मो. ज़फर ने फोन किया कि सहरी में नींद नहीं खुलीसुबह उठे तो भूलकर ब्रश कर लिया जब याद आया कि रोज़ा हैं तो ब्रश निकाल कर मुंह धो लियाइस पर रोज़ा होगा या नहींमुफ्ती बोर्ड के सदर मुफ्ती मौलाना अब्दुल हादी खां हबीबी व सेक्रेटरी मौलाना हसीन अहमद हबीबी एवं मौलाना अज़हरूल क़ादरी ने जवाब दिया रोज़ा हो जायेगा क्यों कि आपको याद नहीं था और आपने फौरन ब्रश निकाल कर मुंह धो लिया। अगर आप याद आने के बाद भी ब्रश करते रहते तो रोज़ा नहीं होता। पिण्डा से वसीम

ने फोन किया कि रोज़ा क्या खाकर खोला जाये
इस पर उलेमा ने कहा कि इफ्तार यूं तो कुछ भी खाकर किया जा सकता है मगर नबी की सुन्नत खजूर है इसलिए खजूर या पानी से रोज़ा इफ्तार करना अफजल है। उसके बाद कोई भी इफ्तारी करें।

इन नम्बरों पर होगी आपकी रहनुमाई

इन नम्बरों पर बात करके आप अपनी दुश्वारी का हल निकाल सकते हैं। मोबाइल नम्बर ये है- 9415996307, 9450349400, 9026118428,  9554107483