सोमवार, 22 जून 2026

Varanasi K वरिष्ठ पत्रकार Salim सुहरवर्दी का इंतकाल

हरदिल अज़ीज़ थे सलीम सुहरवर्दी, छोड़ गए भरा पूरा परिवार 

नज़ीर बनारसी के थे खास शागिर्द, नबी की शान में अंजुमनों के लिए लिखते थे कलाम 



dil india live (Varanasi). काशी पत्रकार संघ के सदस्य व वरिष्ठ पत्रकार, उस्ताद शायर सलीम सुहरवर्दी का आज सोमवार को इंतकाल हो गया। वो तकरीबन 85 साल के थे। वो अपने पीछे एक लड़का, तीन बेटियों व पत्नी समेत पूरा भरा परिवार छोड़ गए हैं। कर अलविदा कह गये, ह्रदय गति रुकने से शिव प्रसाद गुप्त अस्पताल कबीरचौरा में उन्होंने आज अंतिम सांस ली। 

उनके इंतकाल की खबर जैसे ही मीडिया जगत में फैली हर तरफ अफसोस की लहर देखी गई। तकरीबन 6 दशक से भी ज्यादा समय तक उन्होंने आजाद, हिंदोस्तां, आवाजें मुल्क, क़ौमी मोर्चा समेत विभिन्न पत्र पत्रिकाओं में पत्रकारिता की। काशी पत्रकार संघ के वो वरिष्ठ सदस्यों में थे। हिंदी, उर्दू, अंग्रेजी पर उनकी अच्छी पकड़ थी। हाल ही में उनका मोहर्रम पर एक इंटरव्यू गांडीव डिजिटल में जारी हुआ था। 

हरदिल अज़ीज़ सलीम सुहरवर्दी की लेखनी लोगों के लिए मिसाल थी। उनके परिवार से जुड़े आमीर ने बताया कि फरदू शहीद कब्रिस्तान में मगरिब बाद उन्हें सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा। उनके इंतकाल से विभिन्न नातिया तंजीमो में मायूसी देखी गई। रेयाज अहमद नूर ने भरे गले से बताया कि गंगा जमुनी तहज़ीब लिए मशहूर नज़ीर बनारसी के वो खास शागिर्द थे। यही वजह है कि उनकी उर्दू अदब में अच्छी पकड़ थी। दर्जनों तंजीम नबी की पैदाइश पर सलीम सुहरवर्दी के लिखे अशरार पढ़ा करती थीं। सादगी और ईमानदारी की पत्रकारिता करने की वजह से वो सदैव सादा जीवन उच्च विचार के रास्ते पर चलते रहे। उनका जाना पत्रकारिता और उर्दू अदब की बड़ी क्षति मानी जा रही है। सन्मार्ग के पूर्व संपादक डाक्टर आनंद बहादुर सिंह के खास मित्रों में सलीम सुहरवर्दी भी थे। 

रविवार, 21 जून 2026

5 Muharram के जुलूस में Ustad Bismillah Khan के परिजनों ने शहनाई पर पेश की मातमी धुन

गोविंदपुरा से निकला अलम का कदीमी जुलूस, दर्द भरे नौहों पर हुआ मातम

भारत रत्न उस्ताद मरहूम बिस्मिल्लाह खान पेश करते थे जुलूस में आंसुओं का नज़राना 


dil india live (Varanasi). वाराणसी में 21 जून को माहे मोहर्रम की पांचवीं तारीखें को अज़ादारी का सिलसिला और तेज़ हो गया है। रविवार को शहर का शिया बहुल क्षेत्र इमाम हुसैन और कर्बला के शहीदों के ग़म में डूबा रहा। हज़रत अली समिति के सदस्य सलमान हैदर ने बताया कि जैसे-जैसे दिन गुज़र रहे हैं, अज़ादारों का जोश और मजलिसों व जुलूसों की तादाद बढ़ती जा रही है। इसी क्रम में पांचवे दिन शहर के विभिन्न ऐतिहासिक और पारंपरिक रास्तों से कई कदीमी जुलूस पूरी अक़ीदत और एहतराम के साथ उठाए गए।


इसमें मुख्य और ऐतिहासिक कदीमी जुलूस गोविंदपुरा स्थित 'वक्फ मस्जिद व इमामबाड़ा मौलाना मीर इमाम अली' से अंजुमन हैदरी के ज़ेरे-इंतज़ाम पूरी अक़ीदत के साथ उठाया गया। जुलूस के पारंपरिक इतिहास के अनुसार, यहां मुजफ्फरपुर के मशहूर मरहूम वज्जन ख़ान के परिवार के सदस्यों (बेटों) ने बेहद पुरदर्द अंदाज़ में पारंपरिक मर्सिया (सवारी) पढी, इसके बाद, कदीमी परंपरा को निभाते हुए भारत रत्न मरहूम उस्ताद बिस्मिल्लाह ख़ान के परिजनों ने शहनाई पर आंसुओं का नज़राना पेश करते हुए दिल को झकझोर देने वाली मातमी धुन बजाई। भारत रत्न उस्ताद मरहूम बिस्मिल्लाह खान जब हयात में थे तो इसी जुलूस में आंसुओं का नज़राना पेश किया करते थे। उनकी शहनाई से निकलने वाली मातमी धुन पर तमाम लोगों की आंखें नम हो जाती थी। उस्ताद तो नहीं है पर उनकी यादें और रवायतों को परिजन जिंदा रखें हुए हैं। समाचार लिखे जाने तक जुलूस अपने शबाब पर था।

पांचवीं मोहर्रम को दूसरा प्रमुख जुलूस अर्दली बाज़ार स्थित हाजी अबुल हसन के निवास से निकाला गया। यहां कर्बला के सबसे छोटे 6 महीने के मासूम शहीद शहजादे, हज़रत अली असगर का झूले का जुलूस निकाला गया। इस भावुक कर देने वाले जुलूस में अंजुमन इमामिया के नौजवानों और अज़ादारों ने नौहाख़्वानी की और मातम कर मासूम अज़ादार को खिराजे-अक़ीदत पेश किया।

ऐसे ही तीसरा जुलूस रामनगर क्षेत्र से निकाला गया। यह ऐतिहासिक 'मन्नत का जुलूस' है, जिसे महाराजा बनारस द्वारा स्थापित किया गया था। गंगा-जमुनी तहज़ीब की मिसाल पेश करते हुए इस जुलूस में शिया समुदाय के साथ-साथ अहले-सुन्नत (सुन्नी समुदाय) के हज़रात और अन्य लोग भी पूरी अक़ीदत व श्रद्धा के साथ शामिल होते हैं और ताज़िया उठाते हैं। 

6 मोहर्रम को निकलेगा 40 घंटे चलने वाला प्रसिद्ध जुलूस 

हज़रत अली समिति के सदस्य सलमान हैदर ने आगामी कार्यक्रमों की जानकारी साझा करते हुए बताया कि सोमवार को 6 मोहर्रम पर 40 घंटे का ऐतिहासिक दुलदुल जुलूस (दालमंडी) स्थित इमामबाड़े से निकलेगा। विश्व प्रसिद्ध 40 घंटे तक लगातार चलने वाला दुलदुल का जुलूस पूरी शान-ओ-शौकत और ग़मगीन माहौल में उठेगा। इस जुलूस का इतिहास बेहद पुराना है, जिसमें हाथी, घोड़े, ऊँट और कई नामी बैंड शामिल रहते हैं, जो पूरे रास्ते मातमी धुन बजाते हैं। यह जुलूस कच्ची सराय से उठकर लल्लापुरा स्थित दरगाह फातमान जाएगा। वहां से वापस आकर चौक, मुकीमगंज, प्रह्लादघाट, कोयला बाज़ार और चौहट्टा होते हुए लाट सरैया पहुंचेगा। यह कदीमी जुलूस लगातार दो दिनों तक चलते हुए 8 वीं मोहर्रम (24 जून) की सुबह वापस कच्ची सराय के इमामबाड़े में आकर संपन्न होगा।

World Yoga Day: विभिन्न संस्थाओं और संगठनों ने किया सामूहिक योग

वाराणसी टूरिज्म गिल्ड (VTG) ने  होटल क्लार्क्स में मनाया योग दिवस

dil india live (Varanasi). 21 Jun यानी world yoga day आज वाराणसी की विभिन्न संस्थाओं और संगठनों ने सामूहिक योग का आयोजन किया। इस क्रम में वाराणसी टूरिज्म गिल्ड एवं होटल क्लार्क्स के संयुक्त तत्वावधान में 12 वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस का भव्य आयोजन छावनी क्षेत्र स्थित होटल क्लार्क्स के प्रांगण में संपन्न हुआ।

इस अवसर पर पर्यटन उद्योग से जुड़े लगभग 200 लोगों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। कार्यक्रम में ट्रैवल एजेंट, टूर ऑपरेटर, होटल व्यवसायी एवं उनके स्टाफ, टूर गाइड, एस्कॉर्ट, ड्राइवर तथा नाविक (बोटमैन) बड़ी संख्या में शामिल हुए।


कार्यक्रम के दौरान न्यूरोसिटी हॉस्पिटल द्वारा एक निःशुल्क स्वास्थ्य एवं योग शिविर भी आयोजित किया गया, जिसमें उपस्थित सदस्यों ने अपने स्वास्थ्य की नियमित जांच कराई। शिविर में ब्लड शुगर, ब्लड प्रेशर, कैल्शियम एवं बोन डेंसिटी सहित विभिन्न स्वास्थ्य परीक्षण किए गए। इस अवसर पर वाराणसी टूरिज्म गिल्ड  (VTG)

के अध्यक्ष सुभाष कपूर ने कहा कि स्वस्थ शरीर और स्वस्थ मन प्रत्येक व्यक्ति की सबसे बड़ी पूंजी है। गिल्ड के सचिव सौरभ पाण्डेय ने कहा कि वाराणसी टूरिज्म गिल्ड (VTG) सदैव अपने सदस्यों के स्वास्थ्य और कल्याण के प्रति सजग रहती है। 


इनकी रही खास मौजूदगी 

कार्यक्रम में संस्था के अध्यक्ष सुभाष कपूर, सचिव सौरभ पाण्डेय, वरिष्ठ सदस्य रंजीत श्रीवास्तव, प्रमोद सिंह, माजिद खान, नौनिहाल सिंह, अनिल त्रिपाठी, राजन सिंह, अरविंद मिश्रा ‘गोकुल’, परमानंद सिंह, गजेन्द्र चौबे, दिनेश मिश्रा, विनय सिंह, रवि तिवारी, अजय सिंह सहित अनेक गणमान्य सदस्य उपस्थित रहे। गिल्ड के उपाध्यक्ष एवं योग गुरु बृजेश सिंह ने योगाभ्यास का संचालन किया तथा उपस्थित लोगों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए अनेक महत्वपूर्ण सुझाव भी दिए।

विश्व संगीत दिवस पर ओम शिवा फाउंडेशन ने किया "शिवा स्वरांजलि" टाइटल सॉन्ग लॉन्च

शिवा स्वरांजलि" सुर, सेवा, समर्पण और संरक्षण का है संगम

dil india live (Varanasi). संगीत केवल एक कला नहीं, यह आत्मा की भाषा है जो बिना शब्दों के सीधे हृदय को स्पर्श करती है। संगीत हमारे जीवन में आनंद, शांति और सकारात्मक ऊर्जा का संचार करता है। विश्व संगीत दिवस के इस सुरम्य अवसर पर ओम शिवा फाउंडेशन, वाराणसी गर्व के साथ अपनी राग आधारित फिल्मी गीत- संगीत यात्रा के टाइटल सॉन्ग "शिवा स्वरांजलि" को लॉन्च करने की घोषणा करता है।

"शिवा स्वरांजलि" सुर, सेवा, समर्पण और संरक्षण का संगम है। यह गीत भगवान शिव की स्तुति के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी देता है - "एक वृक्ष लगाएं, शिव सेवा निभाएं"।

ओम शिवा फाउंडेशन के संरक्षक कौशलपति शर्मा जी ने बताया "इस गीत के माध्यम से हमारा उद्देश्य है कि हर भक्त के हृदय में शिव भक्ति जगे और हर नागरिक पर्यावरण के प्रति अपने कर्तव्य को समझे। हम सभी से अनुरोध करते हैं कि आज विश्व संगीत दिवस पर इस गीत को सुनें और शिव भक्ति की लहर से जुड़ें।"

शनिवार, 20 जून 2026

4 muharram: मजलिस के बाद सदर इमामबाड़े पहुंचा चौथी muharram का कदीमी जुलूस,

शिवाला के जुलूस में हुई जमकर अजादारी, हबीब इब्ने मजाहिर की याद हुई ताज़ा 

Varanasi (dil India live). 20 जून यानी चार मोहर्रम पर शनिवार को हर तरफ मजलिसों में इमाम हुसैन के अज़ीज़ दोस्त हबीब इब्ने मज़हिर की जिंदगी पर रौशनी डाली गई। कालीमहल में तकरीर करते हुए शिया जामा मस्जिद के प्रवक्ता सलमान हैदर ने बताया कि इमाम हुसैन ने अपने 80 साल के अजीज दोस्त को खत लिखकर कूफे से बुलाया था। उनकी दोस्ती आज भी सारी दुनिया के लिए मील का पत्थर है। इस दौरान पहला जुलूस इम्तियाज हुसैन नकवी के चौहट्टालाल खान स्थित इमामबाड़े से निकला। जुलूस में अलम, ताबूत शामिल था जिसकी जियारत करने लोगों का हुजूम उमड़ा। जुलूस मस्जिद और इमामबाड़ा चौहट्टा लाल खान में जाकर समाप्त हुआ। अंजुमन आबिदिया ने जुलूस की अगवाई की।


वहीं दूसरा जुलूस शिवाला के मोहल्ला क्रीमकुंड से सैयद आलिम हुसैन रिज़वी के संयोजन में उठाया गया। जुलूस अपने कदीमी रास्तों से होता हुआ गौरीगंज में वरिष्ठ पत्रकार काजिम रिज़वी के इमामबाड़े पर जाकर समाप्त हुआ। इस मौके पर अंजुमन गुलज़ारे अब्बासिया, समेत कई अंजुमनों ने नौहाखवानी व मातम का नज़राना पेश किया। वहीं अंतिम जुलूस चौहट्टा लाल खान मस्जिद से अलम दुलदुल व ताबूत का उठाया गया। जुलूस में अंजुमन आबिदिया, अंजुमन सज्जादिया तथा अंजुमन हाशिमिया ने नोहा ख्वानी व मातम के साथ शहीदाने कर्बला को खेराजे अकीदत पेश किया। मौलाना बाकर बलियावी, डा. शफीक हैदर, मंजर नकवी ने मजलिसों को खिताब किया।

 पांचवीं मोहर्रम को निकलेगा अलम

हज़रत अली समिति के सदस्य सैयद सलमान हैदर ने बताया कि पांचवीं मोहर्रम को छत्तातले से अलम का जुलूस अंजुमन हैदरी के जेरे इंतजाम उठाया जाएगा। स्वर्गीय wajjan खान के परिवार के सदस्य मर्सिया पढ़ेंगे। शहनाई पर आंसुओं का नजराना पेश होगा। वहीं अर्दली बाजार में हाजी अबुल हसन के निवास से छह महीने के शहीद अली असगर का झूला उठाया जाएगा। अंजुमन इमामिया नोहा मातम करेगी। पांच मोहर्रम को ही रामनगर से महाराज बनारस के द्वारा स्थापित किया गया मन्नत का जुलूस भी उठाया जाएगा। ये जुलूस अहले सुन्नत हजरत भी उठते हैं।

Yoga for Healthy Ageing थीम पर वसंत कन्या महाविद्यालय में हुआ योगाभ्यास

व्यायाम-योगासन एवं प्राणायाम की बारीकियों को जानने का मिला अवसर


dil india live (Varanasi). वाराणसी के वसंत कन्या महाविद्यालय (VKM Varanasi) कमच्छा की राष्ट्रीय सेवा योजना- इकाई -V की कार्यक्रम अधिकारी डाॅ. वर्षा सिंह के द्वारा महाविद्यालय प्रांगण में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के उपलक्ष्य में “स्वस्थ वृद्धावस्था के लिए योग” (Yoga for Healthy Ageing) थीम पर योगाभ्यास कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम प्राचार्या प्रो. रचना श्रीवास्तव की प्रेरणा से आयोजित किया गया। 



योग-प्रशिक्षक डाॅ. आनन्द कर्ण के निर्देशन में महाविद्यालय के सभी शिक्षक और गैर-शैक्षणिक कर्मचारियों को योगाभ्यास कराया गया। बढ़ती उम्र और वर्तमान आधुनिक जीवन शैली को ध्यान में रखकर विभिन्न प्रकार के व्यायाम-योगासन एवं प्राणायाम की बारीकियों को जानने का अवसर मिला। इस कार्यक्रम में प्रो. रचना श्रीवास्तव, डाॅ. अन्नपूर्णा, राष्ट्रीय सेवा योजना कार्यक्रम अधिकारी डाॅ. वर्षा सिंह, एनएसएस की स्वयंसेविकाएं एवं महाविद्यालय के सभी कर्मचारियों की उपस्थिति थी।

Happy birthday Rahul Gandhi: Varanasi k पीली कोठी में कांग्रेस ने मनाया राहुल गांधी का जन्म दिन

राहुल गांधी को कांग्रेस ने बताया भविष्य का प्रधानमंत्री 

कांटा गया बीस किलो का केक, जुटे कांग्रेसी 


dil india live (Varanasi). पालीकोठी में महानगर कांग्रेस कमेटी द्वारा उपाध्यक्ष सैयद हसन अंसारी और अफरोज अंसारी के नेतृत्व में जननायक कांग्रेस पार्टी के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं सांसद राहुल गांधी जी का 56 वां जन्मदिन 20 किलो का केक काट कर कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ मनाया गया।

इस अवसर पर दोनों उपाध्यक्षों ने कहा कि आज हम सभी कांग्रेस जनों ने अपने महबूब नेता युवा दिलों की धड़कन  देश के भविष्य के प्रधानमंत्री राहुल गांधी का 56 वां जन्मदिन 20 किलो का केक काट कर मनाया गया। राहुल गांधी ऐसे व्यक्तित्व के धनी है जो बहुत ही कम राजनेताओं में होती है । राहुल गांधी का जन्म नई दिल्ली में हुआ उन्होंने अपनी शुरुआती शिक्षा नई दिल्ली और दो स्कूल से की उच्च शिक्षा हॉवर्ड युनिवर्सिटी से और M fil की डिग्री कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी से की। राजनीति में आने से पहले उन्होंने लंदन के एक मैनेजमेंट काउंसलिंग फर्म में और भारत में अपनी खुद की टेक्नोलॉजी कंपनी में काम किया। उनका व्यक्तित्व यह दर्शाता है कि वो एक आम आदमी की तरह देश की जनता से घुल मिल कर देश के लिए काम करते है । 2004 में वो पहली बार अमेठी से सांसद हुए उसके बाद से कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष के साथ साथ कई पदों पर रह कर पार्टी की और देश की जनता की सेवा कर रहे है । हम सब सौभाग्य शाली है कि हम सब को राहुल गांधी जी के रूप में एक शानदार नेता मिला है जो हम सब का नेतृत्व कर रहे है। जन्म दिन कि कार्यक्रम की अध्यक्षता शहर अध्यक्ष राघवेंद्र चौबे ने किया।



इनकी रही खास मौजूदगी 
सेवा दल के प्रदेश अध्यक्ष प्रमोद पांडेय, अफरोज अंसारी, हसन अंसारी, गुलशन अली पार्षद, रमज़ान अली पार्षद, हाजी ओकास अंसारी पार्षद पति, बेलाल अंसारी पार्षद, तुफैल अंसारी पार्षद, राज खान पार्षद, साजिद अंसारी पूर्व पार्षद, शौकत पप्पू, शाहिद सलीम, वसीम अंसारी, महमूदुल हई, फसाहत हुसैन बाबू, सतनाम सिंह, विनीत चौबे, मेराज, अंजुम इस्लाम, हाजी सोहेल, जलालुद्दीन बाबा, बदरे आलम, अनवार अहमद पप्पू, मनीष मलेरिया, ओमप्रकाश ओझा, यासीन, सलीम उस्ताद, आजम अंसारी, सुरेन्द्र कन्नौजिया, इरफान सहित काफी लोग मौजूद थे। 

 


उधर शिवाला में अफसर खां की अगुवाई में कांग्रेस सांसद राहुल गांधी का जन्म दिन जोरदार तरीके से मनाया गया। इस मौके पर तमाम लोगों को केक काटने के बाद मिठाई बांटी गई, लोगों को शर्बत पिलाया गया। वक्ताओं ने राहुल गांधी को प्रधानमंत्री बनाए जाने की दुआएं और प्रार्थना किया। इस मौके पर शिवाला वार्ड अध्यक्ष सैयद महफूज अली चंदन, इमाम रज़ा, प्रमोद वर्मा, अफसर खां, महफूज खां, अरुण सोनी, आलोक राय, दिलशाद अली, लियाकत, बाबू, कासिफ, अल्ताफ आदि व्यवस्था संभाले हुए थे।